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BCCI को जल्द मिलेगा नया चीफ सेलेक्टर, अगरकर के बाद इन 2 नामों पर नजर

नई दिल्ली  बीसीसीआई ने मेंस की नेशनल सेलेक्शन कमिटी के नए अध्यक्ष की तलाश शुरू कर दी है. मौजूदा मुख्य चयनकर्ता और पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज अजीत आगरकर का अनुबंध 4 अक्टूबर को समाप्त हो रहा है और. उनके कार्यकाल को बढ़ाने की संभावना बेहद कम है. अगरकर को जुलाई 2023 में इस पद पर नियुक्त किया गया था. माना जा रहा था कि उन्हें 2027 के वनडे विश्व कप तक पद पर बनाए रखा जा सकता है, लेकिन हालिया घटनाओं और बोर्ड के साथ मतभेदों के बाद इस निर्णय में बदलाव आया है।  मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस प्रशासनिक उथल-पुथल के बीच नए अध्यक्ष के रूप में दो प्रमुख नाम सामने आ रहे हैं. बीसीसीआई पूर्व भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज पार्थिव पटेल (Parthiv Patel) और पूर्व स्पिनर प्रज्ञान ओझा (Pragyan Ojha) के नाम पर गंभीरता से विचार कर रहा है. प्रज्ञान ओझा फिलहाल मौजूदा चयन पैनल के सदस्य भी हैं।  रोहित शर्मा की कप्तानी और चयनकर्ताओं का फैसला विवाद का मुख्य कारण भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा (Rohit Sharma) के भविष्य को लेकर बना गतिरोध है. रिपोर्टों के अनुसार, चयन समिति ने रोहित शर्मा से स्पष्ट कह दिया था कि वे भविष्य की योजनाओं में उन्हें शामिल नहीं देख रहे हैं. समिति का मुख्य लक्ष्य आगामी वनडे विश्व कप के लिए युवा खिलाड़ियों को लगातार अवसर देकर एक नई टीम तैयार करना है. हालांकि, चयनकर्ताओं ने टेस्ट और T20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से पहले ही संन्यास ले चुके रोहित शर्मा पर छोड़ दिया था कि वे अपने वनडे करियर का अंतिम फैसला खुद लें।  बीसीसीआई और चयन समिति में तनातनी चयनकर्ताओं के इस रुख से क्रिकेट जगत में हड़कंप मच गया, जिसके बाद बीसीसीआई के सचिव देवाजीत सैकिया (Devajit Saikia) को सार्वजनिक रूप से सफाई देनी पड़ी. सैकिया ने स्पष्ट किया कि बोर्ड की रोहित शर्मा को संन्यास के लिए मजबूर करने की कोई योजना नहीं है और जब तक वे चयन मानदंडों में फिट बैठते हैं, उन्हें टीम में चुना जाएगा. बोर्ड सचिव के इस बयान ने चयनकर्ताओं को असहज स्थिति में डाल दिया. सूत्रों के मुताबिक, चयन समिति ने रोहित शर्मा से बात करने से पहले ही बोर्ड को अपने फैसले से अवगत करा दिया था. इस तरह बोर्ड के रुख में आए अचानक बदलाव और सार्वजनिक बयानबाजी से अजीत आगरकर नाराज बताए जा रहे हैं. इसी खींचतान के बीच, आगरकर की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू वनडे और T20 सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान भी किया।  जीत से भरा रहा अजीत अगरकर का कार्यकाल अजीत अगरकर का कार्यकाल परिणाम और सफलताओं के लिहाज से बेहद शानदार माना जाएगा. जुलाई 2023 में पद संभालने के बाद से उनके नेतृत्व में चयन समिति ने कई ऐतिहासिक फैसले लिए, जिसका असर मैदान पर दिखा. अगरकर के दौर में भारतीय टीम ने लंबे समय से चले आ रहे आईसीसी ट्रॉफी के सूखे को समाप्त किया. भारत ने वर्ष 2024 में शानदार प्रदर्शन करते हुए T20 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया. इसके बाद 2025 में टीम ने चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर अपनी श्रेष्ठता साबित की. भारतीय क्रिकेट टीम का यह विजयी अभियान यहीं नहीं रुका. टीम ने 2026 के T20 विश्व कप में भी अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव करते हुए एक बार फिर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया. लगातार तीन बड़े आईसीसी टूर्नामेंट्स में मिली यह जीत अगरकर के कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी। 

एक साल बाद फिर वही एशिया कप की कहानी, हरमनप्रीत कौर के मामले में BCCI ने नहीं माना नकवी का दबाव

 दुबई भारतीय टीम ने श्रीलंका को 72 रनों से हराकर महिला एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया, लेकिन चैम्पियन बनने के बाद भी हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम इंडिया को ट्रॉफी नहीं मिल सकी. रविवार (13 सितंबर) को दुबई के दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में फाइनल खत्म होने के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में ट्रॉफी को लेकर गतिरोध पैदा हो गया।  खिताबी मुकाबला खत्म होने से कुछ देर पहले एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACB) के मौजूदा चेयरमैन और PCB (पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड) प्रमुख मोहसिन नकवी स्टेडियम पहुंचे. नकवी विजेता भारतीय टीम को ट्रॉफी खुद सौंपना चाहते थे. लेकिन भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) की ओर से इस पर सहमति नहीं बनी. इसके बाद पुरस्कार वितरण समारोह में देरी हुई और पर्दे के पीछे दोनों पक्षों के बीच बातचीत चली. भारतीय पक्ष ने एसीसी के उपाध्यक्ष खालिद अल जरूनी से ट्रॉफी दिलाने का विकल्प रखा था, लेकिन यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं हुआ।  आखिर में मोहसिन नकवी ने श्रीलंकाई टीम को रनरअप चेक सौंपा. उनके साथ खालिद अल जरूनी, श्रीलंका क्रिकेट ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी के प्रमुख एरान विक्रमरत्ने, एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड के महासचिव मुबाशिर उस्मानी और टाइटल स्पॉन्सर DP World की प्रतिनिधि मंच पर मौजूद थीं. बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया और उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला स्टेडियम में थे, लेकिन उन्होंने मंच साझा नहीं किया. दोनों ने मैदान पर भारतीय टीम से मुलाकात की. भारतीय टीम को विजेता ट्रॉफी और मेडल्स दिए बिना ही पुरस्कार वितरण समारोह खत्म हो गया।  2025 में भी इसी मैदान पर हुआ था 'तमाशा' इस मामले ने सितंबर 2025 के मेन्स एशिया कप की यादें ताजा कर दीं. तब सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में ही पाकिस्तान को हराकर खिताब जीता था, लेकिन ट्रॉफी सौंपने को लेकर इसी तरह का गतिरोध सामने आया था. उस समय भी मोहसिन नकवी एसीसी प्रमुख थे और भारतीय टीम ने उनके हाथों ट्रॉफी लेने से मना कर दिया था. करीब एक साल बाद महिला एशिया कप में भी बीसीसीआई ने अपने रुख में बदलाव नहीं किया।  भारतीय महिला टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार से जब इस घटनाक्रम पर सवाल किया गया तो उन्होंने साफ किया कि टीम बीसीसीआई के रुख के साथ है. उन्होंने कहा कि भारत के लिए टूर्नामेंट खत्म हो चुका है और टीम इस बात पर गर्व कर रही है कि उसने एशिया कप जीता. उन्होंने यह भी कहा कि स्टेडियम की बड़ी स्क्रीन पर भारत को चैम्पियन दिखाया गया था. मजूमदार ने दोहराया कि अब टीम का ध्यान अगले बड़े लक्ष्य यानी एशियन गेम्स पर है।  हम अपना स्टैंड नहीं बदल सकते  बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने विस्तार से बताया है कि भारतीय टीम ने यह फैसला क्यों लिया और आखिर बीसीसीआई की मांग क्या थी. देवजीत सैकिया ने स्पोर्ट्स टुडे से बात करते हुए सबसे पहले भारतीय महिला टीम के शानदार प्रदर्शन की तारीफ की. उन्होंने कहा कि श्रीलंका को फाइनल में 72 रनax से हराने वाली टीम पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन रही. भारत ने पाकिस्तान को भी 55 रनों पर ऑलआउट कर एकतरफा जीत दर्ज की थी. सैकिया ने कहा कि सेमीफाइनल और फाइनल समेत पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन शानदार रहा. उन्होंने कोचिंग स्टाफ और खिलाड़ियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और कहा कि अब टीम की नजर एशियन गेम्स में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने पर है।  ट्रॉफी विवाद पर देवजीत सैकिया ने कहा कि भारतीय टीम का फैसला देश के लोगों की भावनाओं और पिछले साल मेन्स टीम द्वारा लिए गए रुख को ध्यान में रखकर किया गया. उन्होंने कहा कि भारत बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट में पाकिस्तान के खिलाफ खेलता है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि हर औपचारिकता को स्वीकार करना जरूरी है।  उन्होंने साफ कहा कि कुछ लोगों से ट्रॉफी स्वीकार करना मौजूदा परिस्थितियों में भारत के लिए स्वीकार्य नहीं है. देवजीत सैकिया ने यह भी याद दिलाया कि करीब एक साल पहले पुरुष एशिया कप जीतने के बाद भी भारतीय टीम को ट्रॉफी नहीं मिली थी और बीसीसीआई अब तक उस ट्रॉफी को वापस पाने की कोशिश कर रहा है. उनके मुताबिक, जब मेन्स टीम के मामले में बोर्ड अपना रुख नहीं बदल रहा है तो महिला टीम के मामले में भी उससे अलग फैसला लेना संभव नहीं था।   'ट्रॉफी चोर' के नारों से गूंजा दुबई का मैदान दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में भारत ने श्रीलंका को 72 रनों से हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार विमेंस एशिया कप का खिताब अपने नाम किया. भारतीय टीम की जीत के बाद पुरस्कार समारोह के दौरान ऐसा घटनाक्रम हुआ, जिसने पिछले साल के विवाद की यादें ताजा कर दीं।  फाइनल खत्म होने के बाद एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी प्रेजेंटेशन स्टेज पर मौजूद थे. हालांकि, भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर और उनकी टीम नकवी से ट्रॉफी लेने के लिए मंच पर नहीं आई. नकवी ने श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू को रनरअप चेक सौंपा और इसके बाद स्टेडियम से निकल गए।  पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी जब दुबई इंटरनेशन क्रिकेट स्टेडियम से बाहर निकल रहे थे, तभी दर्शकों की तरफ से 'ट्रॉफी चोर, ट्रॉफी चोर' के नारे सुनाई दिए. यह वही नारा है, जो 2025 के मेन्स एशिया कप फाइनल के बाद हुए ट्रॉफी विवाद के दौरान नकवी को लेकर चर्चा में आया था। 

BCCI का खिलाड़ियों को नया फरमान, फिटनेस में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त; IND vs AFG से पहले नियम बदले

मुंबई अफगानिस्तान के खिलाफ 3 मैचों की टी-20 सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान कर दिया गया है.हालांकि, खिलाड़ियों के चयन के साथ कुछ शर्तें भी जुड़ी थीं. नितीश कुमार रेड्डी, जसप्रीत बुमराह, वॉशिंगटन सुंदर और हर्षित राणा जैसे खिलाड़ियों को अपनी फिटनेस साबित करनी होगी, तभी उन्हें टी- 20 सीरीज में खेलने का मौका म्लेगा. बोर्ड उनकी फिटनेस को लेकर 100% आश्वस्त नहीं है, हाल ही में चोटिल खिलाड़ियों के मामले को संभालने के तरीके पर हुई आलोचना के बीच, एक रिपोर्ट में BCCI की ओर से खिलाड़ियों के चयन को लेकर अपनाए गए नए तरीके के बारे में बताया गया है. पिछले कुछ महीनों में, चोटिल खिलाड़ियों के खराब मैनेजमेंट को लेकर BCCI के सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस (CoE) की काफी आलोचना हुई है. हर्षित राणा, जसप्रीत बुमराह, वॉशिंगटन सुंदर और यहां तक ​​कि नितिश कुमार रेड्डी जैसे खिलाड़ियों को इंटरनेशनल मैचों के लिए बुलाया गया, लेकिन मैदान पर कुछ समय बिताने के बाद ही वे बाहर हो गए।  क्रिकबज की एक रिपोर्ट के अनुसार बीसीसीआई ने अब यह तय किया है कि जब तक मैनेजमेंट किसी खिलाड़ी की फिटनेस को लेकर 200 प्रतिशत पक्का नहीं हो जाता, तब तक उसे टीम में शामिल नहीं किया जाएगा. इस पॉलिसी की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने कहा, "वे सिर्फ 100 प्रतिशत ही नहीं, बल्कि किसी खिलाड़ी को टीम में शामिल करने से पहले उसकी उपलब्धता को लेकर 200 प्रतिशत आश्वस्त होना चाहते हैं" हाल ही में, CoE के हेड VVS लक्ष्मण ने बोर्ड का रुख साफ करते हुए कहा कि खिलाड़ियों के सेलेक्शन में पूरी पारदर्शिता लाने की कोशिश की जा रही।  बीसीसीआई सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने कुछ खिलाड़ियों के नामों के आगे लगे स्टार (*) के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि चूंकि इंटरनेशनल असाइनमेंट से 3-4 हफ्ते पहले ही खिलाड़ियों को चुना जाता है, इसलिए बोर्ड यह पक्का करना चाहता है कि चुने जाने की शर्तें साफ तौर पर बताई जाएं।  सैकिया ने कहा, "अगर उन्हें उस 21 या 28 दिन के समय में चुन लिया जाता है, तो उन्हें टीम में शामिल कर लिया जाएगा. इसीलिए हम उन्हें सीधे तौर पर रिजेक्ट नहीं करते हैं. क्योंकि जिस दिन सिलेक्शन होता है, उस दिन वे फिट नहीं होते, इसलिए हम उन्हें रिजेक्ट करते हैं. लेकिन, जब तक ट्रैवल करने या मैच खेलने की असल में जरूरत पड़ती है, तब तक वे पूरी तरह फिट हो सकते हैं।  जहां तक ​​अफगानिस्तान सीरीज़ के लिए सिलेक्शन की बात है, तो बुमराह और रेड्डी दोनों ही 13 सितंबर को दिल्ली में होने वाले सीरीज के पहले मैच के लिए पूरी तरह फ़िट और उपलब्ध होने की राह पर हैं। 

BCCI की खास रणनीति में टेस्ट और वनडे पर पूरा फोकस

नई दिल्ली IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) 2026 में बल्ले से धमाल मचाने वाले शुभमन गिल को आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम में जगह नहीं मिली. गुजरात टाइटन्स (GT) के कप्तान ने हालिया आईपीएल सीजन में 732 रन बनाकर खुद को टूर्नामेंट के सबसे सफल बल्लेबाजों में शामिल किया था. ऐसे में माना जा रहा था कि उनकी टी20 टीम में वापसी तय है, लेकिन चयनकर्ताओं ने अलग रास्ता चुना. अब इस फैसले के पीछे की बड़ी वजह सामने आई है. समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) और चयन समिति ने शुभमन गिल के लिए एक लंबी रणनीति तैयार की है, जिसके तहत उन्हें फिलहाल टी20 क्रिकेट से दूर रखकर टेस्ट और वनडे क्रिकेट पर पूरा फोकस करने को कहा गया है. भारतीय टीम का शेड्यूल काफी टाइट शुभमन गिल इस समय भारतीय टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान हैं. अगले डेढ़ साल में भारत को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के तहत नौ अहम मैच खेलने हैं, जबकि वनडे विश्व कप 2027 से पहले टीम करीब 35 ओडीआई मुकाबले भी खेलेगी. ऐसे में चयनकर्ता नहीं चाहते कि गिल तीनों फॉर्मेट लगातार खेलते हुए शारीरिक और मानसिक थकान का शिकार हों. टीम मैनेजमेंट का मानना है कि गिल का फिट और फ्रेश रहना भारत की भविष्य की योजनाओं के लिए बेहद जरूरी है. सूत्र ने कहा, 'चयनकर्ता नहीं चाहते कि शुभमन गिल पर जरूरत से ज्यादा क्रिकेट का बोझ पड़े. उन्हें टेस्ट और वनडे टीम की कप्तानी करनी है. अगले दो वर्षों में भारत के सामने दो बड़े लक्ष्य हैं- डब्ल्यूटीसी फाइनल और 2027 का वनडे विश्व कप. इसलिए गिल की फिटनेस और फॉर्म को प्राथमिकता दी जा रही है.' भारतीय टीम के लिए विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) 2025-27 चक्र बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए भारत को अपने बचे हुए नौ टेस्ट मैचों में से कम से कम सात जीतने होंगे. यानी आने वाले महीनों में शुभमन गिल पर सिर्फ बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि कप्तान के रूप में भी बड़ी जिम्मेदारी रहने वाली है. ऐसे में चयनकर्ता चाहते हैं कि उनका पूरा ध्यान फिलहाल रेड बॉल क्रिकेट पर रहे. बीसीसीआई की नजर सिर्फ WTC पर नहीं है. 2027 वनडे विश्व कप को भी भारतीय क्रिकेट का सबसे बड़ा मिशन माना जा रहा है. पिछले कुछ वर्षों में वनडे क्रिकेट में शुभमन गिल का प्रदर्शन शानदार रहा है और उन्हें भारत के भविष्य का चेहरा माना जाता है. यही वजह है कि बोर्ड उन्हें लंबे समय तक फिट रखने के लिए वर्कलोड मैनेजमेंट की रणनीति पर काम कर रहा है. चयनकर्ताओं का मानना है कि गिल का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भारत को आईसीसी ट्रॉफियां दिलाने में अहम भूमिका निभा सकता है. टी20 इंटरनेशनल टीम से बाहर रहने के बावजूद शुभमन गिल का टी20 क्रिकेट में रिकॉर्ड शानदार रहा है. आईपीएल 2025 में उन्होंने 650 रन बनाए थे, जबकि आईपीएल में 732 रन ठोककर अपनी क्लास साबित की. हालांकि, भारतीय टी20 टीम के लिए 2025 में उनका प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा था. उन्होंने 15 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में सिर्फ 291 रन बनाए थे, जिसके बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया. रिपोर्ट में यह भी साफ किया गया है कि शुभमन गिल के लिए टी20 क्रिकेट के दरवाजे बंद नहीं हुए हैं. बीसीसीआई का मानना है कि 2028 टी20 विश्व कप और लॉस एंजेलिस ओलंपिक अभी काफी दूर हैं. ऐसे में फिलहाल उनकी प्राथमिकता टेस्ट और वनडे क्रिकेट है. सूत्र के अनुसार, 'दो साल बाद कौन खिलाड़ी किस फॉर्म और फिटनेस में होगा, यह अभी कोई नहीं जानता. इसलिए फिलहाल योजना 2027 वनडे विश्व कप तक की है. उसके बाद हालात के अनुसार फैसला लिया जाएगा.'

BCCI के ऐलान से चर्चा में आकिब नबी, क्या अफगानिस्तान के खिलाफ मिलेगा डेब्यू का मौका?

 नई दिल्ली  अफगानिस्तान के खिलाफ 6 जून से मुल्लांपुर में खेले जाने वाले एकमात्र टेस्ट मैच से पहले जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी भारतीय टीम के कैम्प से जुड़ गए हैं. हालांकि उन्हें अभी आधिकारिक टेस्ट स्क्वॉड में शामिल नहीं किया गया है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक वह बैकअप खिलाड़ी के रूप में शुभमन गिल की अगुआई वाली टीम के साथ ट्रेनिंग कर रहे हैं।  आकिब नबी का टीम इंडिया कैम्प में शामिल होना इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि टेस्ट टीम के ऐलान के समय भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की सेलेक्शन कमेटी को उनके नाम को लेकर ट्रोल होना पड़ा था. अजीत अगरकर की अगुआई वाली सेलेक्शन कमेटी ने जसप्रीत बुमराह को आराम दिए जाने के बाद आकिब की जगह गुरनूर बरार को मौका दिया था. इसके बाद कई क्रिकेट विशेषज्ञों और फैन्स ने नबी को नजरअंदाज किए जाने पर सवाल उठाए थे।  अब टीम इंडिया कैम्प में उनकी एंट्री को भविष्य की योजनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है. भले ही अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट में उनका खेलना तय नहीं है, लेकिन भारतीय टीम प्रबंधन उनकी प्रगति पर करीबी नजर बनाए हुए है. श्रीलंका दौरे के लिए उनकी दावेदारी फिलहाल कमजोर मानी जा रही है, लेकिन अक्टूबर में न्यूजीलैंड दौरे पर तेज गेंदबाजों के लिए मददगार परिस्थितियों को देखते हुए वह चयनकर्ताओं के रडार पर हो सकते हैं।  आकिब नबी ने पिछले रणजी ट्रॉफी सीजन में शानदार प्रदर्शन किया था. जम्मू-कश्मीर की ऐतिहासिक रणजी ट्रॉफी जीत में उन्होंने अहम भूमिका निभाई और टीम के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे. नबी ने 10 प्रथम श्रेणी मुकाबलों में 60 विकेट चटकाए. इस दौरान उनका औसत सिर्फ 12.56 का रहा और उन्होंने सात बार पांच विकेट हॉल अपने नाम किए।  रणजी में धमाकेदार प्रदर्शन के दम पर उन्हें IPL 2026 मिनी ऑक्शन में दिल्ली कैपिटल्स ने खरीदा था. वह फ्रेंचाइजी के सबसे महंगे भारतीय खिलाड़ियों में शामिल रहे. द‍िल्ली ने उनको 8.40 करोड़ रुपए में खरीदा था.  हालांकि IPL में उनका पहला सीजन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा. उन्होंने पांच मैच खेले लेकिन एक भी विकेट हासिल नहीं कर सके।  भारत की टेस्ट टीम फिलहाल शुभमन गिल की कप्तानी में अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले की तैयारी कर रही है. टीम में यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, ऋषभ पंत, देवदत्त पडिक्कल, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, मानव सुथार, गुरनूर बरार, हर्ष दुबे और ध्रुव जुरेल जैसे खिलाड़ी शामिल हैं।  आकिब नबी को भले ही अभी आधिकारिक तौर पर टेस्ट कैप नहीं मिली हो, लेकिन टीम इंडिया कैम्प में उनकी मौजूदगी इस बात का संकेत है कि चयनकर्ता और टीम प्रबंधन उन्हें भविष्य के लिए एक गंभीर विकल्प के रूप में देख रहे हैं. अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या कश्मीर का यह तेज गेंदबाज जल्द ही भारतीय टेस्ट टीम में अपनी जगह पक्की कर पाता है।  अफगानिस्तान के ख‍िलाफ कमात्र टेस्ट के लिए भारत की टीम: शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल (उपकप्तान), साई सुदर्शन, ऋषभ पंत (विकेट कीपर), देवदत्त पडिक्कल, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, मानव सुथार, गुरनूर बराड़, हर्ष दुबे, ध्रुव जुरेल (विकेट कीपर) .

BCCI ने राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर रोमी भिंडर पर लगाया जुर्माना, बड़ा फैसला

जयपुर   राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर रोमी भिंडर को आईपीएल के सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल के उल्लंघन के मामले में बीसीसीआई से बड़ी राहत मिली है. गुवाहाटी में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ मुकाबले के दौरान भिंडर को डगआउट में मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए देखा गया था, जो सीधे तौर पर PMOA नियमों का उल्लंघन है. हालांकि, भ्रष्टाचार निरोधक इकाई की जांच के बाद, बोर्ड ने उनके द्वारा बताए गए ‘मेडिकल कारणों’ को स्वीकार कर लिया है. इसके चलते उन पर किसी गंभीर प्रतिबंध के बजाय केवल जुर्माना और चेतावनी देकर मामला सुलझा लिया गया है. इस घटना में युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी की भूमिका पर भी बोर्ड ने उदारता दिखाई है।  यह मामला तब गरमाया जब बीसीसीआई के कड़े नियमों (PMOA प्रोटोकॉल) के उल्लंघन की तस्वीरें सामने आईं. गुवाहाटी में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेले गए मुकाबले के दौरान यह वाकया पेश आया. राजस्थान की पारी के 11वें ओवर में टीवी कैमरों ने टीम मैनेजर रोमी भिंडर को डगआउट में मोबाइल फोन चलाते हुए कैद कर लिया. उनके ठीक बगल में 13 साल के युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी बैठे थे, जो उत्सुकतावश रोमी भिंडर (Romi Bhinder) के फोन की स्क्रीन में झांक रहे थे. क्रिकेट के मैदान पर, विशेष रूप से आईपीएल जैसे हाई-प्रोफाइल टूर्नामेंट में, भ्रष्टाचार को रोकने के लिए खिलाड़ियों और अधिकारियों के क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग सख्त बैन है।  ACSU की जांच और ‘मेडिकल’ राहत बीसीसीआई की भ्रष्टाचार निरोधक इकाई ने इस घटना का तुरंत संज्ञान लिया और रोमी भिंडर को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया. सूत्रों के मुताबिक, भिंडर ने अपनी सफाई में एक ठोस चिकित्सा कारण (Medical Reasoning) पेश किया. उन्होंने बताया कि उनकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति ऐसी थी कि उन्हें आपातकालीन स्थिति या स्वास्थ्य निगरानी के लिए फोन अपने पास रखना अनिवार्य था।  एक वरिष्ठ बीसीसीआई अधिकारी ने बताया, ‘ ACSU ने पूरी जांच की और फ्रेंचाइजी को औपचारिक पत्र भेज दिया गया है. भिंडर पर जुर्माना लगाया गया है और भविष्य के लिए चेतावनी दी गई है. हालांकि, जांचकर्ता उनके मेडिकल कारणों से संतुष्ट थे, इसलिए उन पर कोई गंभीर प्रतिबंध या निलंबन जैसी कड़ी कार्रवाई नहीं की गई.’ बीसीसीआई ने रोमी भिंडर मामले में तोड़ी चुप्पी।  क्या कहता है PMOA प्रोटोकॉल? बीसीसीआई के PMOA (Players and Match Officials Area) प्रोटोकॉल के नियम बहुत स्पष्ट हैं: ड्रेसिंग रूम बनाम डगआउट: टीम मैनेजर को ड्रेसिंग रूम के भीतर फोन रखने की अनुमति तो होती है, लेकिन डगआउट (मैदान के किनारे बैठने की जगह) में इसका उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है।  अनुमति प्राप्त सदस्य: टीम के केवल कुछ चुनिंदा सदस्यों (जैसे मीडिया मैनेजर) को ही पीएमओए क्षेत्र में फोन रखने की अनुमति होती है, लेकिन उनके उपयोग के नियम भी टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही स्पष्ट कर दिए जाते हैं।  उद्देश्य: इन नियमों का मुख्य उद्देश्य सट्टेबाजी और मैच फिक्सिंग जैसी अवैध गतिविधियों की संभावना को शून्य करना है. वैभव सूर्यवंशी पर क्यों नहीं हुई चर्चा? इस पूरे प्रकरण में युवा वैभव सूर्यवंशी की मौजूदगी ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। हालांकि, बीसीसीआई ने उनके खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई या चर्चा से साफ इनकार कर दिया है. अधिकारी ने इस पर स्पष्ट करते हुए कहा, ‘वैभव अभी बच्चा है. वह सिर्फ बगल में बैठा था और फोन की तरफ देख रहा था. उसे डराने-धमकाने का कोई मतलब नहीं है. यह फ्रेंचाइजी की जिम्मेदारी है कि वे अपने युवा खिलाड़ियों को नियमों के बारे में बेहतर ढंग से समझाएं.’ वैभव को केवल एक सीखने वाले अनुभव के तौर पर देखा गया है, न कि किसी साजिश के हिस्से के रूप में। 

मुंबई में होटल में मिला BCCI के ब्रॉडकास्ट इंजीनियर का शव, IPL कवरेज के दौरान था व्यस्त

मुंबई आईपीएल 2026 का रोमांच जारी है. लेकिन इसी बीच एक बुरी खबर सामने आई है. आईपीएल मैचों के लिए बीसीसीआई के साथ ब्रॉडकास्ट इंजीनियर के रूप में काम कर रहे एक ब्रिटिश नागरिक मुंबई के ट्राइडेंट होटल के कमरे में मृत पाए गए. मृतक की पहचान इयान विलियम्स लैंगफोर्ड के रूप में हुई है।  जानकारी के मुताबिक, इयान 24 मार्च से मुंबई के ट्राइडेंट होटल में ठहरे हुए थे और आईपीएल मैच कवरेज से जुड़े काम में लगे थे. 29 मार्च को मैच खत्म होने के बाद वह अपने रूम में लौटे थे. अगले दिन 30 मार्च को होटल रिसेप्शन की ओर से उन्हें कॉल किया गया, लेकिन कमरे से कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद होटल स्टाफ उनके कमरे तक पहुंचा. अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर मास्टर की की मदद से कमरा खोला गया।  कमरे के अंदर इयान फर्श पर पड़े मिले. तुरंत होटल के इन-हाउस डॉक्टर को बुलाया गया, जिन्होंने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. घटना की सूचना मिलने के बाद मरीन ड्राइव पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और मौत के कारणों की जांच की जा रही है. फिलहाल पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके बाद ही मौत की असली वजह साफ हो सकेगी।  बता दें कि 29 मार्च को मुंबई के वानखेड़े मैदान पर मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच मुकाबला खेला गया था. इस मैच में मुंबई इंडियंस ने शानदार जीत हासिल की थी. ये इस मैदान पर इस सीजन का पहला आईपीएल मैच था. जहां भारी संख्या में दर्शक पहुंचे थे। 

BCCI ने जारी किया टीम इंडिया का धमाकेदार होम शेड्यूल, 17 शहरों में होंगे 22 मुकाबले

मुंबई भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड BCCI) ने टीम इंडिया के होम सीजन (2025-26) का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है. यह सीजन बेहद व्यस्त और रोमांचक रहने वाला है, जिसमें भारत चार धुरंधर टीमों वेस्टइंडीज, श्रीलंका, जिम्बाब्वे और ऑस्ट्रेलिया की मेजबानी करेगा. इस पूरे होम सीजन में कुल 22 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले 17 अलग-अलग शहरों में खेले जाएंगे।  सीजन की शुरुआत 27 सितंबर 2026 से वेस्टइंडीज के खिलाफ होगी. वेस्टइंडीज की टीम इस दौरे में तीन वनडे और पांच टी20 मुकाबले खेलेगी. वनडे मैच तिरुवनंतपुरम, गुवाहाटी और न्यू चंडीगढ़ में आयोजित होंगे. जबकि टी20 मुकाबले लखनऊ, रांची, इंदौर, हैदराबाद और बेंगलुरु में खेले जाएंगे।  इसके बाद दिसंबर 2026 में श्रीलंका की टीम भारत दौरे पर आएगी. इस दौरे में तीन वनडे और तीन टी20 मैच खेले जाएंगे. वनडे मुकाबले दिल्ली, बेंगलुरु और अहमदाबाद में होंगे. जबकि टी20 मैच राजकोट, कटक और पुणे में खेले जाएंगे।  जनवरी 2027 में जिम्बाब्वे की टीम भारत दौरे पर आएगी और तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलेगी. ये मुकाबले कोलकाता, हैदराबाद और मुंबई में आयोजित किए जाएंगे।  सीजन का सबसे बड़ा आकर्षण भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जाने वाली बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2027 होगी. पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 21 जनवरी 2027 से नागपुर में होगा, इसके बाद चेन्नई, गुवाहाटी, रांची और अहमदाबाद में मुकाबले खेले जाएंगे।  वेस्टइंडीज का भारत दौरा 27 सितंबर- पहला वनडे, तिरुवनंतपुरम, दोपहर 2:00 बजे 30 सितंबर- दूसरा वनडे, गुवाहाटी, दोपहर 2:00 बजे 3 अक्तूबर- तीसरा वनडे, न्यू चंडीगढ़, दोपहर 2:00 बजे 6 अक्तूबर- पहला टी20, लखनऊ, शाम 7:00 बजे 9 अक्तूबर- दूसरा टी20, रांची, शाम 7:00 बजे 11 अक्तूबर-तीसरा टी20, इंदौर, शाम 7:00 बजे 14 अक्तूबर-चौथा टी20, हैदराबाद, शाम 7:00 बजे 17 अक्तूबर- पांचवां टी20, बेंगलुरु, शाम 7:00 बजे श्रीलंका का भारत दौरा 13 दिसंबर- पहला वनडे, दिल्ली, दोपहर 2:00 बजे 16 दिसंबर-दूसरा वनडे, बेंगलुरु, दोपहर 2:00 बजे 19 दिसंबर- तीसरा वनडे, अहमदाबाद, दोपहर 2:00 बजे 22 दिसंबर- पहला टी20, राजकोट, शाम 7:00 बजे 24 दिसंबर- दूसरा टी20, कटक, शाम 7:00 बजे 27 दिसंबर- तीसरा टी20, पुणे, शाम 7:00 बजे जिम्बाब्वे का भारत दौरा 3 जनवरी- पहला वनडे, कोलकाता, दोपहर 2:00 बजे 6 जनवरी- दूसरा वनडे, हैदराबाद, दोपहर 2:00 बजे 9 जनवरी- तीसरा वनडे, मुंबई, दोपहर 2:00 बजे ऑस्ट्रेलिया का भारत दौरा 21 जनवरी से- पहला टेस्ट, नागपुर, सुबह 9:30 बजे 29 जनवरी से- दूसरा टेस्ट, चेन्नई, सुबह 9:30 बजे 11 फरवरी- तीसरा टेस्ट, गुवाहाटी, सुबह 9:00 बजे 19 फरवरी से- चौथा टेस्ट, रांची, सुबह 9:30 बजे 27 फरवरी से- पांचवां टेस्ट, अहदाबाद, सुबह 9:30 बजे टीम इंडिया का यह होम सीजन हर फॉर्मेट में क्रिकेट का पूरा पैकेज लेकर आएगा. व्हाइट-बॉल सीरीज से लेकर हाई-वोल्टेज टेस्ट तक, क्रिकेट फैन्स को लगातार रोमांच देखने को मिलेगा. खासकर भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज इस पूरे शेड्यूल का सबसे बड़ा आकर्षण रहने वाली है। 

17 शहरों में गूंजेगा क्रिकेट का रोमांच, BCCI ने जारी किया पूरा शेड्यूल

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने गुरुवार को घरेलू सीजन 2026-27 का शेड्यूल का ऐलान कर दिया। भारत घरेलू सीजन में ऑस्ट्रेलिया समेत चार टीमों की मेजबानी करेगा। टीम इंडिया 17 शहरों में 22 इंटरनेशनल मैच खेलेगी। भारत आखिरी बार टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खेला था और चैंपियन बना। भारतीय खिलाड़ी टी20 वर्ल्ड कप के बाद सीधे आईपीएल 2026 में खेलेंगे, जिसकी 28 मार्च से शुरुआत हो रही। आईपीएल का 31 मार्च को समापन होगा, जिसके बाद भारतीय टीम को जून में घर पर एक टेस्ट और तीन वनडे खेलने हैं। भारत को जुलाई में पांच टी20 और तीन वनडे के लिए इंग्लैंड दौरे पर जाना है। इंग्लैंड दौरे से लौटने के बाद भारत के घरेलू सीजन का आगाज होगा। बीसीसीआई के मुताबिक, सीजन की शुरुआत 27 सितंबर को वेस्टइंडीज के भारत दौरे से होगी। भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे और पांच टी20 मैचों की सीरीज आयोजित होगी। वनडे मैच त्रिवेंद्रम, गुवाहाटी और न्यू चंडीगढ़ में खेले जाएंगे जबकि टी20 मुकाबले लखनऊ, रांची, इंदौर, हैदराबाद और बेंगलुरु में होंगे। शुभमन गिल भारत की टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान हैं। भारत दिसंबर 2026 में श्रीलंका की मेजबानी करेगा, जिसमें तीन वनडे और इतने ही टी20 मैच होंगे। वनडे दिल्ली, बेंगलुरु और अहमदाबाद में खेले जाएंगे। वहीं, टी20 मैच राजकोट, कटक और पुणे में होंगे। भारत नए साल की शुरुआत जिम्बाब्वे सीरीज करेगा। जिम्बाब्वे की टीम जनवरी 2027 में तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारत का दौरा करेगी। दोनों की भिड़ंत कोलकाता, हैदराबाद और मुंबई में होगी। सीरीज तीन जनवरी से 9 जनवरी तक चलेगी। सीजन का अंत बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के साथ होगा। भारत और ऑस्ट्रेलिया पांच मैचों की टेस्ट सीरीज टकराएंगे, जो 21 जनवरी को नागपुर में शुरू होगी। इसके बाद चेन्नई, गुवाहाटी, रांची और अहमदाबाद में मुकाबले होंगे। भारत का 2026-27 घरेलू सीजन का फुल शेड्यूल वेस्टइंडीज का भारत दौरा: 27 सितंबर: भारत बनाम वेस्टइंडीज, पहला वनडे, त्रिवेंद्रम 30 सितंबर: भारत बनाम वेस्टइंडीज, दूसरा वनडे, गुवाहाटी 3 अक्टूबर: भारत बनाम वेस्टइंडीज, तीसरा वनडे, मुल्लांपुर 6 अक्टूबर: भारत बनाम वेस्टइंडीज, पहला टी20, लखनऊ 9 अक्टूबर: भारत बनाम वेस्टइंडीज, दूसरा टी20, रांची 11 अक्टूबर: भारत बनाम वेस्टइंडीज, तीसरा टी20, इंदौर 14 अक्टूबर: भारत बनाम वेस्टइंडीज, चौथा टी20, हैदराबाद 17 अक्टूबर: भारत बनाम वेस्टइंडीज, पांचवां टी20, बेंगलुरु श्रीलंका का भारत दौरा: 13 दिसंबर: भारत बनाम श्रीलंका, पहला वनडे, नई दिल्ली 16 दिसंबर: भारत बनाम श्रीलंका, दूसरा वनडे, बेंगलुरु 19 दिसंबर: भारत बनाम श्रीलंका, तीसरा वनडे, अहमदाबाद 22 दिसंबर: भारत बनाम श्रीलंका, पहला टी20, राजकोट 24 दिसंबर: भारत बनाम श्रीलंका, दूसरा टी20, कटक 27 दिसंबर: भारत बनाम श्रीलंका, तीसरा टी20, पुणे जिम्बाब्वे का भारत दौरा: 3 जनवरी: भारत बनाम जिम्बाब्वे, पहला वनडे, कोलकाता 6 जनवरी: भारत बनाम जिम्बाब्वे, दूसरा वनडे, हैदराबाद 9 जनवरी: भारत बनाम जिम्बाब्वे, तीसरा वनडे, मुंबई ऑस्ट्रेलिया का भारत दौरा: 21-25 जनवरी: भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया, पहला टेस्ट, नागपुर 29 जनवरी-2 फरवरी: भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया, दूसरा टेस्ट, चेन्नई 11-15 फरवरी: भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया, तीसरा टेस्ट, गुवाहाटी 19-23 फरवरी: भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया, चौथा टेस्ट, रांची 27 फरवरी-3 मार्च: भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया, पांचवां टेस्ट, अहमदाबाद  

भारतीय टीम का आयरलैंड दौरा तय, जून में होगी IND vs IRE सीरीज – BCCI का ऐलान

नई दिल्ली भारतीय टीम इस साल जून में आयरलैंड दौरे पर जाएगी। बीसीसीआई  ने शनिवार को इस दौरे का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है। इस दौरे पर भारत और आयरलैंड के बीच टी20 इंटरनेशनल सीरीज खेली जाएगी, जिसकी शुरुआत 26 जून से होगी। बेलफास्ट में खेले जाएंगे दोनों मैच भारत और आयरलैंड टीम के बीच दो मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज खेली जाएगी। सीरीज के दोनों मुकाबले बेलफास्ट में खेले जाएंगे। भारतीय टीम 2007 के बाद पहली बार बेलफास्ट में मैच खेलेगी। इससे पहले भारतीय टीम 2018, 2022 और 2023 में आयरलैंड का दौरा कर चुकी है। टी20 सीरीज का शेड्यूल पहला टी20: 26 जून, बेलफास्ट दूसरा टी20: 28 जून, बेलफास्ट हेड टू हेड में भारत का दबदबा भारत और आयरलैंड के बीच टी20 इंटरनेशनल में हेड टू हेड रिकॉर्ड में टीम इंडिया का दबदबा रहा है। दोनों टीमों के बीच 2009 से 2024 के बीच 8 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले गए हैं और सभी मैच भारत ने जीते हैं। आयरलैंड टीम अभी तक भारत को टी20 इंटरनेशनल में हरा नहीं पाई है। आयरलैंड के बाद इंग्लैंड दौरा आयरलैंड दौरे के बाद भारतीय टीम इंग्लैंड दौरे पर जाएगी। इस दौरान भारत और इंग्लैंड के बीच 5 टी20 और 3 वनडे मैचों की सीरीज खेली जाएगी। यानी भारतीय टीम 16 दिनों के अंदर 7 टी20 इंटरनेशनल मैच खेलेगी। इंग्लैंड दौरे का टी20 शेड्यूल पहला टी20: 1 जुलाई दूसरा टी20: 4 जुलाई तीसरा टी20: 7 जुलाई चौथा टी20: 9 जुलाई पांचवां टी20: 11 जुलाई वनडे सीरीज का शेड्यूल पहला वनडे: 14 जुलाई दूसरा वनडे: 16 जुलाई तीसरा वनडे: 19 जुलाई व्यस्त रहेगा भारतीय टीम का शेड्यूल आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे को मिलाकर भारतीय टीम का शेड्यूल काफी व्यस्त रहने वाला है। टीम को कम समय में लगातार मैच खेलने होंगे, जो खिलाड़ियों के लिए बड़ी चुनौती भी होगी।