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ओवल में पहले दिन का खेल खत्म, करुण के अर्धशतक से भारत 204/6 तक पहुंचा

ओवल भारत और इंग्लैंड के बीच एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के तहत पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जा रही है. इस टेस्ट सीरीज का आखिरी मुकाबला लंदन के ओवल क्रिकेट ग्राउंड पर है. इस मुकाबले में पहले दिन (31 जुलाई) का खेल समाप्त हो चुका है. पहले दिन स्टम्प तक भारतीय टीम ने 6 विकेट पर 204 रन बनाए. करुण नायर 52 और वॉशिंगटन सुंदर 19 रन पर नाबाद हैं. बारिश के चलते पहले दिन सिर्फ 64 ओवर्स का खेल हुआ. करुण नायर ने 98 गेंदों का सामना किया है और सात चौके लगाए हैं. वहीं वॉशिंगटन सुंदर ने 45 गेंदों की पारी में 2 चौके जड़े हैं. यह मुकाबला शुभमन गिल की अगुवाई वाली भारतीय टीम के लिए काफी अहम है. भारतीय टीम तभी सीरीज बराबर कर पाएगी, जब वो ये मुकाबला जीतेगी. अगर ये मैच ड्रॉ रहा या इंग्लैंड ने जीत हासिल की तो भारतीय टीम सीरीज गंवा देगी. भारतीय टीम की शुरुआत खराब रही और उसने मैच के चौथे ही ओवर में यशस्वी जायसवाल का विकेट गंवा दिया. यशस्वी 2 रन बनाकर गस एटकिंसन की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हुए. फिर भारत को दूसरा झटका 38 रनों के स्कोर पर लग गया जब केएल राहुल को क्रिस वोक्स ने बोल्ड कर दिया. राहुल सिर्फ 14 रन बना पाए. राहुल के आउट होने के बाद शुभमन गिल और साई सुदर्शन ने पारी को संभाला. दोनों ने लंच तक भारत को कोई और नुकसान नहीं होने दिया. लंच के बाद का खेल बारिश एवं गीली आउटफील्ड के चलते काफी देरी से शुरू हुआ. जब खेल शुरू हुआ तो भारतीय टीम को जल्द ही तीसरा झटका लग गया. कप्तान शुभमन गिल 21 रनों के निजी स्कोर पर रनआउट हुए. गिल के आउट होने के समय स्कोर तीन विकेट पर 83 रन था. शुभमन के आउट होने के कुछ मिनट बाद ही फिर बारिश आ गई और खेल रोकना पड़ा. दूसरे सेशन में महज 6 ओवर्स का खेल हुआ. तीसरे सेशन में साई सुदर्शन का विकेट भारत ने सबसे पहले गंवाया, जो 38 रनों के निजी स्कोर पर जोश टंग का शिकार बने. फिर जोश टंग ने रवींद्र जडेजा (9 रन) को सस्ते में आउट कर दिया. विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरेल भी 19 रन बनाकर गस एटकिंसन का शिकार बन गए. यहां से करुण नायर और वॉशिंगटन सुंदर ने 51 रनों की नाबाद साझेदारी करके पहले दिन के खेल में भारत को कोई और नुकसान नहीं होने दिया. शुभमन गिल की बड़ी गलती, विकेट गया मुफ्त में; गंभीर बोले– यह ब्लंडर था!  इस मुकाबले में भारतीय टीम टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी. भारतीय टीम की पहली परी में शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने 83 रनों के स्कोर तक अपने तीन विकेट खो दिए. सबसे पहले सलामी यशस्वी जायसवाल 2 रन बनाकर तेज गेंदबाज गस एटकिंसन का शिकार बने. इसके बाद इन फॉर्म बल्लेबाज केएल राहुल को क्रिस वोक्स ने बोल्ड कर दिया. केएल राहुल 14 रन ही बना पाए. भारतीय कप्तान शुभमन गिल से बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वो दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से रन आउट हुए. शुभमन गिल 1 रन लेने के चक्कर में अपना विकेट गंवा बैठे. गिल एक ऐसे रन के लिए दौड़ पड़े, जो निश्चित रूप से वहां था ही नहीं. उन्होंने पारी के 28वें ओवर में गस एटकिंसन की दूसरी गेंद को शॉर्ट कवर की ओर डिफेंड किया. बॉल गस एटकिंसन से ज्यादा दूर नहीं थी. एटकिंसन तेजी से बाईं ओर गए और गेंद को हाथों में लेकर स्ट्राइकर एंड पर मारा. एटकिंसन का निशाना इतना सटीक था कि शुभमन क्रीज से काफी दूर रह गए. गौतम गंभीर हुए खफा साथी बल्लेबाज साई सुदर्शन ने अपने कप्तान को रोकने की कोशिश की, लेकिन शुभम गिल पूरी तरह से गलत आकलन कर बैठे. हालांकि साई सुदर्शन ने भी एक कदम आगे बढ़ाया, लेकिन रन आउट में पूरा दोष कप्तान का ही था. डग आउट में मौजूद भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर भी शुभमन गिल से काफी खफा नजर आए. शुभमन गिल ने 35 गेंदों पर 21 रन बनाए, जिसमें चार चौके शामिल रहे. यह दूसरी बार है जब शुभमन गिल टेस्ट मैचों में रन आउट हुए हैं. पिछले साल इंग्लैंड के खिलाफ राजकोट टेस्ट में भी शुभमन रन आउट हुए थे. शुभमन गिल के पास बड़ी पारी खेलने का बेहतरीन मौका था, लेकिन उन्होंने एक तरह से इंग्लिश टीम को अपना विकेट गिफ्ट कर दिया.

15 अगस्त से बेल्ट एंड रोड बॉक्सिंग टूर्नामेंट, भारत की ओर से चौधरी रिंग में उतरेंगे

15 अगस्त से बेल्ट एंड रोड बॉक्सिंग टूर्नामेंट, भारत की ओर से चौधरी रिंग में उतरेंगे खेल मंत्री सारंग ने दी शुभकामनाएं भोपाल  बेल्ट एण्ड रोड बॉक्सिंग टूर्नामेन्ट का आयोजन जिनजियांग (चीन) में 15 से 30 अगस्त तक किया जाएगा। इस अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में म.प्र. खेल अकादमी के बॉक्सिंग खिलाड़ी भव्य प्रताप चौधरी 75 कि.ग्रा. भार वर्ग में देश का प्रतिनिधित्व करेंगें। टूर्नामेन्ट से पहले 1 से 15 अगस्त तक रोहतक (हरियाणा) स्थित राष्ट्रीय बॉक्सिंग अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगें। बॉक्सिंग प्रशिक्षण के 15 दिवसीय शिविर के बाद खिलाड़ी भव्य प्रताप चीन रवाना होंगे। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने म.प्र. खेल अकादमी के बॉक्सर भव्य प्रताप चौधरी को इस अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेन्ट में चयनित होने पर बधाई देते हुये बेहतर खेल प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाऐं दी है। म.प्र. खेल अकादमी के बॉक्सर भव्य प्रताप चौधरी खेल अकादमी के मुख्य प्रशिक्षक श्री रोशन लाल के मार्गदर्शन में प्रशिक्षणरत् है।  

हैदराबाद में राज्य खेल अकादमी के सेलिंग खिलाड़ियों ने जीते 5 पदक, खेल मंत्री सारंग ने दी बधाई

भोपाल  वॉय.ए.आई. पांचवीं सिकंदराबाद क्लब टिस्कॉन यूथ ओपन रेगाटा 2025 का आयोजन हुसैन सागर झील हैदारबाद में 25 से 30 जुलाई तक किया गया। इस प्रतियोगिता में राज्य खेल अकादमी के खिलाड़ियों ने हुसैन सागर झील में अपने धैर्य, साहस और खेल कौशल के साथ तेज हवाओं के चलते कड़ी स्पर्धाओं को चुनौती देते हुये 1 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य सहित 5 पदक अर्जित कर मध्यप्रदेश को गौरवान्वित किया। सेलिंग की इस प्रतियोगिता में देश के विभिन्न स्थानों से आये प्रतिभावान खिलाड़ियों के बीच कड़ी स्पर्धा देखने को मिली। प्रतियोगिता के इन रोमांचक मुकाबलों में राज्य खेल अकादमी के खिलाड़ियों ने अपने खेल कौशल, धैर्य और शारीरिक दक्षता का शानदार प्रदर्शन कर 5 पदक प्राप्त करने में सफलता अर्जित की। पदक विजेता खिलाड़ियों में कु. आस्था पाण्डेय बालिका वर्ग- ILCA4 स्वर्ण, कु. तुलसी पटले बालिका वर्ग- ILCA4 रजत, कु. समृद्धि बाथम और पार्थ सिंह चौहान 420 International Class रजत, एकलव्य बाथम और कु. वंशिका सिकरवार 420 International Class कांस्य और अंकित सिंह सिसोदिया बालक वर्ग- ILCA4 कांस्य शामिल है। खेल मंत्री सारंग ने दी बधाई खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने हैदराबाद में आयोजित वॉय.ए.आई. पांचवीं सिकंदराबाद क्लब टिस्कॉन यूथ ओपन रेगाटा- 2025 में बेहतर खेल का प्रदर्शन करने वाले सभी पदक विजेता खिलाड़ियों के खेल प्रदर्शन की सराहना करते हुये कहा कि मुकाबले में खेल अकादमी के बालक-बालिका खिलाड़ियों ने अपने धैर्य, साहस और खेल कौशल, शारीरिक दक्षता का श्रेष्ठ परिचय दिया है। सभी खिलाड़ियों को अर्जित खेल उपलब्धि की बधाई दी।  

बेंगलुरु का चिन्नास्वामी स्टेडियम सेफ नहीं! क्या रद्द होंगे बड़े क्रिकेट मुकाबले?

बेंगलुरु इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की खिताबी जीत के बाद बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में विक्ट्री परेड हुई थी. विक्ट्री परेड के दौरान ही चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भगदड़ मच गई थी, जिसमें 11 लोग मारे गए थे. जबिक 50 से अधिक लोग घायल हो गए थे. चिन्नास्वामी भगदड़ की जांच के लिए जस्टिस जॉन माइकल डी'कुन्हा की अध्यक्षता में एक आयोग का गठन किया गया था. इस न्यायिक आयोग की रिपोर्ट को कर्नाटक कैबिनेट ने हाल ही में मंजूरी दी थी. ईएसपीएन क्रिकइंफो के मुताबिक न्यायिक आयोग की रिपोर्ट में कुछ चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. रिपोर्ट में बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम को बुनियादी रूप से असुरक्षित करार दिया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि चिन्नास्वामी स्टेडियम की मौजूदा संरचना बड़े आयोजनों के लिए अनुपयुक्त और खतरनाक है. स्टेडियम में ना तो पर्याप्त एंट्री/एग्जिट गेट्स हैं, ना ही इस स्टेडियम के पास अंतरराष्ट्रीय स्तर का आपातकालीन निकासी प्लान है. स्टेडियम के आसपास की सड़कें काफी व्यस्त हैं. साथ ही पार्किंग के लिए भी सीमित जगह है. वर्ल्ड कप और IPL मैचों पर संशय! चिन्नास्वामी स्टेडियम में महिला वर्ल्ड कप 2025 के कम से कम 4 मुकाबले होने हैं. अगर पाकिस्तानी टीम इस टूर्नामेंट के फाइनल में नहीं पहुंचती है तो खिताबी मुकाबला भी यहीं खेला जाएगा. साथ ही चिन्नास्वामी स्टेडियम अगले साल IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) और WPL (वूमेन्स प्रीमियर लीग) मैचों की मेजबानी करने वाला है. हालांकि इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद अब इस वेन्य पर इंटरनेशनल और अन्य मुकाबलों के आयोजन पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. कर्नाटक सरकार ने चूंकि न्यायिक आयोग की रिपोर्ट को मंजूरी दे दी है, जिसके चलते RCB, KSCA (कर्नाटक क्रिकेट संघ), DNA एंटरटेनमेंट और बेंगलुरु पुलिस के अधिकारियों पर कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है. रिपोर्ट के मुताबिक विक्ट्री परेड के दौरान सिर्फ 79 पुलिसकर्मी मैदान में तैनात थे, बाहरी हिस्से में कोई भी नहीं था. कोई एम्बुलेंस भी नहीं था और संयुक्त पुलिस आयुक्त घटना के 30 मिनट बाद पहुंचे. न्यायिक आयोग ने सिफारिश की है कि बड़े आयोजनों को सिर्फ उन्हीं स्टेडियमों में कराया जाए जो अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हों.

नेकी बेला की वापसी का सच आया सामने, अब कोई राज़ नहीं छिपा

नई दिल्ली  WWE में निक्की बेला की वापसी हुई है। यह वापसी सिर्फ नाम और शोहरत के लिए नहीं है। निक्की सालों बाद फिर से WWE में आई हैं। उन्होंने बताया कि इसके पीछे क्या वजह है। उनकी प्रेरणा उनका बेटा है। एक इंटरव्यू में निक्की ने कहा कि वह अपने बेटे माटेओ को रिंग में देखना चाहती हैं। वह चाहती हैं कि माटेओ देखे कि लोग उनके लिए क्यों चीयर करते थे। वह यह भी चाहती हैं कि माटेओ जाने कि मां बनने से पहले वह क्या थीं। निक्की की यह वापसी सिर्फ एक वापसी नहीं है। निक्की की वापसी के पीछ है बड़ा कारण निक्की ने अपनी सोच की तुलना ट्रिश स्ट्रैटस से की। ट्रिश भी तब WWE में वापस आई थीं जब उनके बच्चे यह समझने लगे थे कि उन्होंने क्या बनाया है। निक्की के लिए भी ऐसा ही है। यह सिर्फ नाम कमाने के बारे में नहीं है। यह अपनी विरासत को दिखाने के बारे में है। वह अपने बेटे को दिखाना चाहती हैं कि वह कहां से आई हैं। वह चाहती हैं कि उनका बेटा उनकी लगन को करीब से देखे।निक्की ने कहा कि वह अपने आप को फिर से खोज रही हैं।  रेसलिंग हमेशा से एक ऐसी जगह रही है जहां उन्होंने खुद को मजबूत, स्वतंत्र और निडर महसूस किया है। परिवार की देखभाल के लिए ब्रेक लेने के बाद, उन्हें एहसास हुआ कि वह अपने उस रूप को मिस करती हैं। यह वापसी सिर्फ शारीरिक नहीं है, यह भावनात्मक भी है। निक्की ने की WWE के इस इवेंट की तारीफ निक्की WWE के Evolution इवेंट को भी सपोर्ट करती हैं। उनका मानना है कि यह हर साल होना चाहिए, सिर्फ एक बार नहीं। रेसलिंग में महिलाओं ने अपनी जगह बनाई है। वह अगली पीढ़ी की महिला रेसलरों के लिए कुछ ऐसा बनाना चाहती हैं जो हमेशा बना रहे। खबरें हैं कि निक्की की बहन ब्री भी वापस आ सकती हैं। निक्की ने अभी तक कुछ भी पक्का नहीं किया है। लेकिन उन्होंने इतना इशारा जरूर किया है कि फैंस बेला ट्विन्स को फिर से साथ देखने की उम्मीद कर सकते हैं।

AUS के लिए चमके टिम डेविड, 37 बॉल में जड़ा शतक, गेंदबाज़ों की उड़ी धज्जियां

नई दिल्ली  ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज टिम डेविड ने अपनी टीम के लिए इतिहास रच दिया है। टिम डेविड ने शुक्रवार की रात वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए टी20 इंटरनेशनल मैच में करिश्माई शतक जड़ा। इसी के साथ ऑस्ट्रेलिया के लिए टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे तेज सेंचुरी जड़ने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने महज 37 गेंदों में वेस्टइंडीज के खिलाफ शतक जड़कर सभी को हैरान कर दिया। इंटरनेशनल क्रिकेट में टिम डेविड का ये पहला शतक है, जो इतनी कम गेंदों में आया। इसी के साथ टी20 सीरीज ऑस्ट्रेलिया ने अपने नाम कर ली। टिम डेविड ने 37 गेंदों में 6 चौके और 11 छक्कों की मदद से अपना शतक पूरा किया। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 275.68 का था। टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के लिए जोश इंग्लिस ने 43 गेंदों में शतक जड़ा था, लेकिन टिम डेविड ने उनसे भी 6 गेंद कम खेलते हुए सेंचुरी पूरी। इतना ही नहीं, किसी भी टेस्ट प्लेइंग नेशन्स के खिलाफ किसी भी बल्लेबाज का ये तीसरा सबसे तेज शतक है। डेविड मिलर और रोहित शर्मा ने 35-35 गेंदों में और अभिषेक शर्मा ने 37 गेंदों में शतक जड़ा है। मैच की बात करें तो ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान मिचेल मार्श ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी थी। वेस्टइंडीज की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 214 बनाए थे, जिसमें कप्तान शाई होप का शतक शामिल था। ब्रैंडन किंग ने 62 रनों की पारी खेली। पहला विकेट 125 रनों पर गिरा था। इसे देखते हुए कहा जा सकता था कि कप्तान मिचेल मार्श का पहले गेंदबाजी करने का फैसला सही नहीं था, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने 215 रनों के लक्ष्य को 17वें ओवर की पहली गेंद पर ही 6 विकेट शेष रहते हासिल कर लिया। इस तरह ऑस्ट्रेलिया ने मुकाबला जीतने के साथ-साथ पांच मैचों की टी20 सीरीज पर भी कब्जा कर लिया, क्योंकि तीन मैच लगातार इस सीरीज में ऑस्ट्रेलिया ने जीत लिए हैं। दो मैच अभी बाकी हैं।

जो रूट का शानदार शतक, इंग्लैंड ने मैनचेस्टर में बनाए 544 रन पर 7 विकेट

मैनचेस्टर   भारत-इंग्लैंड के बीच एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2025 का चौथा मुकाबला मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर जारी है. इस मुकाबले में तीसरे दिन (25 जुलाई) का खेल समाप्त हो चुका है. तीसरे दिन स्टम्प तक इंग्लैंड की टीम ने अपनी पहली पारी में 544 रन बनाए और उसके 7 विकेट गिरे हैं. बेन स्टोक्स 77 और लियाम डॉसन 21 रन बनाकर नॉटआउट हैं. इंग्लैंड की लीड अब 186 रनों की हो चुकी है. मुकाबले में भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 358 रन बनाए थे. इंग्लिश टीम पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-1 से आगे है. ऐसे में शुभमन गिल की अगुवाई वाली भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला 'करो या मरो' बन चुका है. अगर भारतीय टीम यह मुकाबला हार जाती है तो इंग्लैंड सीरीज अपने नाम कर लेगा. इंग्लैंड की पहली पारी में बेन डकेट और जैक क्राउली ने मिलकर अपनी टीम को शानदार शुरुआत दिलाई. दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 166 रनों की पार्टनरशिप हुई. बेन डकेट ने 100 गेंदों पर 94 रन बनाए, जिसमें 13 चौके शामिल रहे. वहीं जैक क्राउली ने 84 रनों का योगदान दिया, जिसमें 13 चौके के आलावा एक सिक्स शामिल रहा. रवींद्र जडेजा ने जैक क्राउली को चलता किया, वहीं अंशुल कम्बोज ने डकेट का विकेट लिया. तीसरे दिन के खेल में भारतीय गेंदबाजों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन पहला सेशन उसके लिए काफी खराब रहा. पहले सेशन में भारतीय गेंदबाज एक भी विकेट नहीं ले पाए. इस दौरान जो रूट और ओली पोप ने भारतीय टीम को कोई मौका ही नहीं दिया. रूट ने जहां 6 चौके की मदद से 99 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया, वहीं पोप ने 50 रनों के आंकड़े तक पहुंचने के लिए 93 गेंदें लीं और 6 चौके लगाए. लंच के बाद वॉशिंगटन सुंदर ने बैक टू बैक दो विकेट झटके. सुंदर ने सबसे पहले ओली पोप को आउट किया, जिन्होंने 71 रन बनाए. पोप और जो रूट के बीच तीसरे विकेट के लिए 144 रनों की पार्टनरशिप हुई. फिर सुंदर ने हैरी ब्रूक को 3 रनों के निजी स्कोर पर स्टम्प आउट कराया. यहां से जो रूट और बेन स्टोक्स ने पारी को आगे बढ़ाया और शतकीय पार्टनरशिप की है.  रूट ने 178 गेंदों पर शतक पूरा किया. 34 वर्षीय रूट के टेस्ट करियर का ये 38वां और भारत के खिलाफ 12वां शतक रहा. उधर बेन स्टोक्स ने भी 97 गेंदों पर अपनी फिफ्टी पूरी की. हालांकि स्टोक्स 66 रनों के निजी स्कोर पर रिटायर्ड हर्ट हुए. स्टोक्स को क्रैम्प आ गया था और वो लंगड़ाते हुए ड्रेसिंग रूम में गए. इंग्लैंड का पांचवां विकेट जो रूट के रूप में गिरा जो 150 रन बनाकर रवींद्र जडेजा की बॉल पर स्टम्प आउट हुए. रूट ने 248 गेंदों की पारी में 14 चौके लगाए. जेमी स्मिथ (9 रन) कुछ खास नहीं कर पाए और जसप्रीत बुमराह का शिकार बने. फिर मोहम्मद सिराज ने क्रिस वोक्स (4 रन) को बोल्ड कर दिया. वोक्स के आउट होने के बाद बेन स्टोक्स फिर से बैटिंग करने उतरे. स्टोक्स और लियाम डॉसन ने मिलकर तीसरे दिन इंग्लैंड को कोई और नुकसान नहीं होने दिया.

क्या क्रिकेट का सिस्टम तैयार है ऐसे हादसों के लिए? पंत की चोट ने किया खुलासा, विवादों में घिरा सब्स्टीट्यूट नियम

मैनचेस्टर भारत और इंग्लैंड के बीच मैनचेस्टर के ओल ट्रैफर्ड में खेले जा रहे टेस्ट मैच में विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को गंभीर चोट लगी. ऋषभ पंत को यह चोट पहले दिन के खेल के दौरान दाएं पैर के अंगूठे में लगी थी, तब वो क्रिस वोक्स की गेंद पर रिवर्स स्वीप मारने की कोशिश कर रहे थे. ऋषभ काफी दर्द में दिखे और उन्हें रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा. हालांकि ऋषभ पंत ने अगले दिन फिर से बल्लेबाजी की और अर्धशतक जड़ने भी कामयाब रहे. हालांकि पंत इस मैच में विकेटकीपिंग करने की हालत में नहीं हैं. ऐसे में उनकी जगह विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी ध्रुव जुरेल निभा रहे हैं. एक बात गौर करने वाली है कि जुरेल सिर्फ कीपिंग कर सकते हैं, वो आईसीसी (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल) के नियमानुसार बल्लेबाजी या गेंदबाजी नहीं कर पाएंगे. मौजूदा नियमों के तहत अगर कोई खिलाड़ी चोटिल हो जाए तो उसकी जगह आने वाला सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी सिर्फ फील्डिंग कर सकता है, लेकिन वो खिलाड़ी बैटिंग या बॉलिंग नहीं कर सकता. लेकिन यदि खिलाड़ी को सिर या आंख में चोट लगती है और वो कन्कशन टेस्ट में फेल हो जाता है, तो कन्कशन सब्स्टीट्यूट का इस्तेमाल किया जा सकता है. कन्कशन सब्स्टीट्यूट गेंदबाजी, बल्लेबाजी या फील्डिंग कर सकता है. पंत की चोट ने खोल दी क्रिकेट के सिस्टम की पोल, सब्स्टीट्यूट रूल बना व‍िवाद  भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट में टूटे पैर के साथ बल्लेबाजी कर अद्भुत साहस दिखाया और अर्धशतक पूरा किया. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में मेडिकल सब्स्टीट्यूट (चोटिल खिलाड़ियों की जगह किसी और को लाने की अनुमति) की इजाजत न देना दिखाता है कि क्रिकेट अब भी पुराने जमाने के नियमों में फंसा है. दरअसल, मैनचेस्टर टेस्ट मैच में ऋषभ पंत ने टूटे पैर के साथ बहादुरी दिखाते हुए बल्लेबाजी की. पहले दिन चोटिल होकर रिटायर होने के बाद अगले दिन वह फिर मैदान पर उतरे… 37 रनों से अपनी पारी आगे बढ़ाई और अर्धशतक पूरा किया. उन्होंने इस दौरान 28 गेंदों का सामना किया और 17 रन बनाए. वॉन ने ‘द टेलीग्राफ’ में अपने कॉलम में लिखा, 'टूटा पैर लेकर बल्लेबाजी करते देखना जबरदस्त था. उन्होंने हिम्मत और स्किल दोनों दिखाई, लेकिन वे ठीक नहीं थे. दौड़ नहीं पा रहे थे, और इससे उनकी चोट और बढ़ सकती थी.' उन्होंने कहा कि विकेटकीपर की जगह तो सब्स्टीट्यूट खेलने आता है, लेकिन बैटिंग या बॉलिंग के लिए नहीं- यह नियम बिल्कुल अजीब और गलत है. क्रिकेट ही अकेला खेल है जिसमें ऐसी स्थिति में खिलाड़ी नहीं बदला जा सकता. इससे यह पता चलता है कि क्रिकेट अब भी अंधकार युग में जी रहा है. वॉन का मानना है कि चोट लगने पर खिलाड़ी को हटाकर किसी समान स्तर के खिलाड़ी को लाने की अनुमति मिलनी चाहिए- जैसे बल्लेबाज के बदले बल्लेबाज या स्पिनर के बदले स्पिनर.अगर किसी खिलाड़ी को हड्डी टूटने जैसी गंभीर चोट लगे और डॉक्टर या स्कैन से वह साबित हो जाए, तो उस खिलाड़ी की जगह किसी और को आने देना चाहिए.' उन्होंने सुझाव दिया कि मैच से पहले हर खिलाड़ी के लिए एक बैकअप प्लेयर तय कर लिया जाए. दोनों टीमें उसे मंजूरी दें. मैच रेफरी इसकी निगरानी करे. वॉन ने यह भी कहा, 'कंन्कशन (सिर की चोट) के लिए तो सब्स्टीट्यूट मिल जाता है, लेकिन बाकी चोटों के लिए नहीं- यह समझ से बाहर है.'  उनका मानना है कि पुराने नियमों पर अड़े रहने से जानबूझकर खेल का प्रभाव कम किया जा रहा है क्योंकि एक टीम को इसके कारण मैच के चार दिनों तक 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ रहा है.' वॉन ने पंत के पहले दिन क्रिस वोक्स के खिलाफ खेले गए रिवर्स स्वीप शॉट को 'मूर्खतापूर्ण' बताया, और कहा कि पंत को इसे अधिक पारंपरिक ढंग से खेलना चाहिए था. वॉन ने कहा, 'पंत जैसा खिलाड़ी कभी देखा नहीं गया. वे अलग हैं. चोट खुद की गलती हो सकती है, लेकिन फिर भी उन्होंने जो साहस दिखाया, वो काबिल-ए-तारीफ था.वे लंगड़ाते हुए मैदान पर आए, उनका एक जूता बड़ा और मोटा था, फिर भी उन्होंने बेन स्टोक्स की तेज गेंदबाजी में बल्लेबाजी की- आम खिलाड़ी ऐसा करने से डर जाते. इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर टेस्ट के दूसरे दिन, टूटी हुई पैर की हड्डी (फ्रैक्चर) के बावजूद ऋषभ पंत ने जो जुझारू पारी खेली, उसने पूरे क्रिकेट जगत को भावुक कर दिया. उनके इस जज्बे की रवि शास्त्री, चेतेश्वर पुजारा, दिनेश कार्तिक समेत कई पूर्व खिलाड़ियों ने खुलकर सराहना की. रवि शास्त्री (पूर्व कोच) – ऐसा करने के लिए सिर्फ जज्बा नहीं, उससे कहीं ज्यादा हिम्मत चाहिए. जिसने कभी सोचा कि पंत 'टीम मैन' नहीं हैं, उन्हें अब जवाब मिल गया है. चेतेश्वर पुजारा (पूर्व बल्लेबाज) – इतना दर्द सहकर भी पंत ने जो साहस दिखाया, वह असाधारण है. हमें ऐसे खिलाड़ी चाहिए जो कठिन समय में आगे आएं. दिनेश कार्तिक (पूर्व विकेटकीपर) – जब वह मैदान पर थे, लगा कि यह लम्हा हमेशा के लिए यादगार बन गया. इंग्लैंड को पंत से लगाव है और अब वजह भी है. इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर नासिर हुसैन ने 'स्काई स्पोर्ट्स' पर कहा, ‘उन्होंने बहुत जोखिम उठाया. उनमें प्रतिभा तो है ही, साथ ही उनका दिल भी बहुत बड़ा है.’ इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल आथर्टन ने कहा, ‘पंत ने इस सीरीज में बहुत कुछ दिया है. लीड्स में दो शतक, शानदार जश्न, लेग साइड में शॉट लगाने के लिए बल्ला फेंकना और अब एक पैर में फ्रैक्चर होने के बावजूद अर्धशतक बनाना. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह किसी उद्देश्य के साथ बल्लेबाजी कर रहे थे.’ आईसीसी करेगी नियमों में बदलाव? अब ऋषभ पंत की इंजरी के बाद आईसीसी सब्स्टीट्यूट नियमों में बदलाव कर सकता है. TOI की रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले समय में बाहरी चोटों के लिए भी टीमों को रिप्लेसमेंट की अनुमति दी जा सकती है. रिपोर्ट में कहा गया है कि आईसीसी इसे लेकर पहले से ही चर्चा कर रहा है. आईसीसी की क्रिकेट समिति की अगली बैठक में इस पर मुहर लग सकती है. आईसीसी के एक सूत्र ने कहा, 'इस बात की संभावना है कि गंभीर बाहरी चोटों लगने की स्थिति में टीमों … Read more

क्या क्रिकेट का सिस्टम तैयार है ऐसे हादसों के लिए? पंत की चोट ने किया खुलासा, विवादों में घिरा सब्स्टीट्यूट नियम

मैनचेस्टर भारत और इंग्लैंड के बीच मैनचेस्टर के ओल ट्रैफर्ड में खेले जा रहे टेस्ट मैच में विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को गंभीर चोट लगी. ऋषभ पंत को यह चोट पहले दिन के खेल के दौरान दाएं पैर के अंगूठे में लगी थी, तब वो क्रिस वोक्स की गेंद पर रिवर्स स्वीप मारने की कोशिश कर रहे थे. ऋषभ काफी दर्द में दिखे और उन्हें रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा. हालांकि ऋषभ पंत ने अगले दिन फिर से बल्लेबाजी की और अर्धशतक जड़ने भी कामयाब रहे. हालांकि पंत इस मैच में विकेटकीपिंग करने की हालत में नहीं हैं. ऐसे में उनकी जगह विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी ध्रुव जुरेल निभा रहे हैं. एक बात गौर करने वाली है कि जुरेल सिर्फ कीपिंग कर सकते हैं, वो आईसीसी (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल) के नियमानुसार बल्लेबाजी या गेंदबाजी नहीं कर पाएंगे. मौजूदा नियमों के तहत अगर कोई खिलाड़ी चोटिल हो जाए तो उसकी जगह आने वाला सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी सिर्फ फील्डिंग कर सकता है, लेकिन वो खिलाड़ी बैटिंग या बॉलिंग नहीं कर सकता. लेकिन यदि खिलाड़ी को सिर या आंख में चोट लगती है और वो कन्कशन टेस्ट में फेल हो जाता है, तो कन्कशन सब्स्टीट्यूट का इस्तेमाल किया जा सकता है. कन्कशन सब्स्टीट्यूट गेंदबाजी, बल्लेबाजी या फील्डिंग कर सकता है. पंत की चोट ने खोल दी क्रिकेट के सिस्टम की पोल, सब्स्टीट्यूट रूल बना व‍िवाद  भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट में टूटे पैर के साथ बल्लेबाजी कर अद्भुत साहस दिखाया और अर्धशतक पूरा किया. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में मेडिकल सब्स्टीट्यूट (चोटिल खिलाड़ियों की जगह किसी और को लाने की अनुमति) की इजाजत न देना दिखाता है कि क्रिकेट अब भी पुराने जमाने के नियमों में फंसा है. दरअसल, मैनचेस्टर टेस्ट मैच में ऋषभ पंत ने टूटे पैर के साथ बहादुरी दिखाते हुए बल्लेबाजी की. पहले दिन चोटिल होकर रिटायर होने के बाद अगले दिन वह फिर मैदान पर उतरे… 37 रनों से अपनी पारी आगे बढ़ाई और अर्धशतक पूरा किया. उन्होंने इस दौरान 28 गेंदों का सामना किया और 17 रन बनाए. वॉन ने ‘द टेलीग्राफ’ में अपने कॉलम में लिखा, 'टूटा पैर लेकर बल्लेबाजी करते देखना जबरदस्त था. उन्होंने हिम्मत और स्किल दोनों दिखाई, लेकिन वे ठीक नहीं थे. दौड़ नहीं पा रहे थे, और इससे उनकी चोट और बढ़ सकती थी.' उन्होंने कहा कि विकेटकीपर की जगह तो सब्स्टीट्यूट खेलने आता है, लेकिन बैटिंग या बॉलिंग के लिए नहीं- यह नियम बिल्कुल अजीब और गलत है. क्रिकेट ही अकेला खेल है जिसमें ऐसी स्थिति में खिलाड़ी नहीं बदला जा सकता. इससे यह पता चलता है कि क्रिकेट अब भी अंधकार युग में जी रहा है. वॉन का मानना है कि चोट लगने पर खिलाड़ी को हटाकर किसी समान स्तर के खिलाड़ी को लाने की अनुमति मिलनी चाहिए- जैसे बल्लेबाज के बदले बल्लेबाज या स्पिनर के बदले स्पिनर.अगर किसी खिलाड़ी को हड्डी टूटने जैसी गंभीर चोट लगे और डॉक्टर या स्कैन से वह साबित हो जाए, तो उस खिलाड़ी की जगह किसी और को आने देना चाहिए.' उन्होंने सुझाव दिया कि मैच से पहले हर खिलाड़ी के लिए एक बैकअप प्लेयर तय कर लिया जाए. दोनों टीमें उसे मंजूरी दें. मैच रेफरी इसकी निगरानी करे. वॉन ने यह भी कहा, 'कंन्कशन (सिर की चोट) के लिए तो सब्स्टीट्यूट मिल जाता है, लेकिन बाकी चोटों के लिए नहीं- यह समझ से बाहर है.'  उनका मानना है कि पुराने नियमों पर अड़े रहने से जानबूझकर खेल का प्रभाव कम किया जा रहा है क्योंकि एक टीम को इसके कारण मैच के चार दिनों तक 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ रहा है.' वॉन ने पंत के पहले दिन क्रिस वोक्स के खिलाफ खेले गए रिवर्स स्वीप शॉट को 'मूर्खतापूर्ण' बताया, और कहा कि पंत को इसे अधिक पारंपरिक ढंग से खेलना चाहिए था. वॉन ने कहा, 'पंत जैसा खिलाड़ी कभी देखा नहीं गया. वे अलग हैं. चोट खुद की गलती हो सकती है, लेकिन फिर भी उन्होंने जो साहस दिखाया, वो काबिल-ए-तारीफ था.वे लंगड़ाते हुए मैदान पर आए, उनका एक जूता बड़ा और मोटा था, फिर भी उन्होंने बेन स्टोक्स की तेज गेंदबाजी में बल्लेबाजी की- आम खिलाड़ी ऐसा करने से डर जाते. इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर टेस्ट के दूसरे दिन, टूटी हुई पैर की हड्डी (फ्रैक्चर) के बावजूद ऋषभ पंत ने जो जुझारू पारी खेली, उसने पूरे क्रिकेट जगत को भावुक कर दिया. उनके इस जज्बे की रवि शास्त्री, चेतेश्वर पुजारा, दिनेश कार्तिक समेत कई पूर्व खिलाड़ियों ने खुलकर सराहना की. रवि शास्त्री (पूर्व कोच) – ऐसा करने के लिए सिर्फ जज्बा नहीं, उससे कहीं ज्यादा हिम्मत चाहिए. जिसने कभी सोचा कि पंत 'टीम मैन' नहीं हैं, उन्हें अब जवाब मिल गया है. चेतेश्वर पुजारा (पूर्व बल्लेबाज) – इतना दर्द सहकर भी पंत ने जो साहस दिखाया, वह असाधारण है. हमें ऐसे खिलाड़ी चाहिए जो कठिन समय में आगे आएं. दिनेश कार्तिक (पूर्व विकेटकीपर) – जब वह मैदान पर थे, लगा कि यह लम्हा हमेशा के लिए यादगार बन गया. इंग्लैंड को पंत से लगाव है और अब वजह भी है. इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर नासिर हुसैन ने 'स्काई स्पोर्ट्स' पर कहा, ‘उन्होंने बहुत जोखिम उठाया. उनमें प्रतिभा तो है ही, साथ ही उनका दिल भी बहुत बड़ा है.’ इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल आथर्टन ने कहा, ‘पंत ने इस सीरीज में बहुत कुछ दिया है. लीड्स में दो शतक, शानदार जश्न, लेग साइड में शॉट लगाने के लिए बल्ला फेंकना और अब एक पैर में फ्रैक्चर होने के बावजूद अर्धशतक बनाना. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह किसी उद्देश्य के साथ बल्लेबाजी कर रहे थे.’ आईसीसी करेगी नियमों में बदलाव? अब ऋषभ पंत की इंजरी के बाद आईसीसी सब्स्टीट्यूट नियमों में बदलाव कर सकता है. TOI की रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले समय में बाहरी चोटों के लिए भी टीमों को रिप्लेसमेंट की अनुमति दी जा सकती है. रिपोर्ट में कहा गया है कि आईसीसी इसे लेकर पहले से ही चर्चा कर रहा है. आईसीसी की क्रिकेट समिति की अगली बैठक में इस पर मुहर लग सकती है. आईसीसी के एक सूत्र ने कहा, 'इस बात की संभावना है कि गंभीर बाहरी चोटों लगने की स्थिति में टीमों … Read more

जो रूट ने मचाया धमाल, द्रविड़-कैलिस को पीछे छोड़ा – अब इतिहास रचने से एक कदम दूर

मैनचेस्टर भारत के खिलाफ मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेले जा रहे टेस्ट मैच के दूसरे दिन (25 जुलाई) जो रूट ने शानदार बैटिंग की है. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जो रूट ने इस दौरान एक बड़ी उपलब्धि हासिल की. रूट अब टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में तीसरे नंबर पर आ गए हैं. इस मुकाबले से पहले जो रूट पांचवें स्थान पर थे, लेकिन अब उन्होंने राहुल द्रविड़ और जैक्स कैलिस को पछाड़ दिया है. भारत के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ ने टेस्ट क्रिकेट में 13288 रन बनाए थे. इस दौरान द्रविड़ 164 टेस्ट मैच खेले थे और उनका औसत 52.31 रहा था. वहीं साउथ अफ्रीकी दिग्गज जैक्स कैलिस के बल्ले से टेस्ट क्रिकेट में 13289 रन निकले थे. कैलिस ने 166 टेस्ट मैच खेले और उनका एवरेज 55.37 रहा. अब जो रूट के पास ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग से आगे निकलने का शानदार मौका है. पोंटिग ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 168 टेस्ट मैच खेले, जिसमें उन्होंने 51.85 की औसत से 13378 रन बनाए. टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने बनाए. सचिन ने भारतीय टीम के लिए 200 टेस्ट मैच खेले, जिसमें उनके नाम पर 53.78 के एवरेज से 15921 रन दर्ज हैं. सचिन ने टेस्ट क्रिकेट में 51 शतक और 68 अर्धशतक लगाए. टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक रन 15921- सचिन तेंदुलकर (भारत) 13378- रिकी पोंटिंग (ऑस्ट्रेलिया) 13290*- जो रूट (इंग्लैंड) 13289- जैक्स कैलिस (साउथ अफ्रीका) 13288- राहुल द्रविड़ (भारत) 12472- एलिस्टेयर कुक (इंग्लैंड) 12400- कुमार संगकारा (श्रीलंका) 11953- ब्रायन लारा (वेस्टइंडीज) 11867- शिवनारायण चंद्रपॉल (वेस्टइंडीज) 11814- महेला जयवर्धने (श्रीलंका) 34 साल के जो रूट का ये इंग्लैंड के लिए 157वां टेस्ट मैच है. इस मुकाबले से पहले तक जो रूट ने 156 टेस्ट मैचों में 50.80 की औसत से 13259 रन बनाए थे, जिसमें 37 शतक और 66 अर्धशतक शामिल रहे. जो रूट भारत के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में 3000 हजार से ज्यादा रन बना चुके हैं. वो ऐसे पहले बल्लेबाज हैं जिन्होंने भारत के विरुद्ध क्रिकेट के सबसे बड़े फॉर्मेट में 3 हजार या उससे ज्यादा रन बनाए हैं. भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टेस्ट सीरीज का चौथा मुकाबला मैनचेस्टर में खेला जा रहा है. मैच के तीसरे दिन भारतीय टीम मेजबान को जल्दी से जल्दी आउट करना चाहेंगे. दूसरे दिन भारत की पहली पारी 358 रन पर सिमट गई थी. जवाब में दिन का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड ने 2 विकेट पर 225 रन बनाए थे. भारत के पहली पारी से अब मेजबान 133 रन पीछे हैं. तीसरे दिन नजर स्टार गेंदबाज जसप्रीत बुमराह पर रहेगी. पहला सेशन इंग्लैंड के नाम ओली पोप और जो रूट ने तीसरे दिन का पहला सेशन इंग्लैंड के नाम कर दिया है. इन दोनों बैटर्स ने शुक्रवार को पहले सेशन में 107 रन बनाए और एक भी विकेट नहीं गिरने दिया है. लंचब्रेक के समय ओली पोप 70 और जो रूट 63 रन बनाकर नाबाद हैं. इंग्लैंड: 332/2 जो रूट की फिफ्टी ओली पोप के बाद जो रूट ने भी अपना अर्धशतक पूरा कर लिया है. रूट ने रवींद्र जडेजा की गेंद पर एक रन लेकर फिफ्टी बनाई. यह उनका 67वां टेस्ट अर्धशतक है. ओली पोप का अर्धशतक ओली पोप ने बेहतरीन बैटिंग करते हुए अपना अर्धशतक पूरा कर लिया है. उन्होंने रवींद्र जडेजा की गेंद पर सिंगल लेकर 50 रन का आंकड़ा पूरा किया. पोप का यह 16वां टेस्ट अर्धशतक है. पहले घंटे में बने 41 रन चौथे टेस्ट मैच के तीसरे दिन पहले सेशन में भारतीय गेंदबाजों ने अच्छी गेंदबाजी की लेकिन विकेट नहीं ले सके. भारत ने इस सेशन में 13 ओवर गेंदबाजी की, जिसमें इंग्लैंड ने 41 रन बनाए. यकीनन आंकड़े इंग्लैंड के पक्ष में है लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने इस दौरान जो रूट और ओली पोप को बार-बार बीट किया. यह बात आंकड़े नहीं बताते. जो रूट ने राहुल द्रविड़ का रिकॉर्ड तोड़ा जो रूट ने टेस्ट मैचों में सबसे अधिक रन बनाने के मामले में राहुल द्रविड़ और जैक कैलिस को पीछे छोड़ दिया है. जो रूट चौथे टेस्ट में 30वां रन लेते ही राहुल द्रविड़ (13288) से आगे निकल गए. रूट ने इसके बाद जैसे ही एक रन और बनाया तो जैक कैलिस (13289) उनसे पीछे छूट गए. अब रूट से आगे सिर्फ सचिन तेंदुलकर (13378) और रिकी पोंटिंग (13289) ही बचे हैं. इंग्लैंड के 250 रन पूरे इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 250 रन पूरे कर लिए हैं. तीसरे दिन के पहले सेशन में जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज ने अच्छी गेंदबाजी की है. इन दोनों ने जो रूट और ओली पोप को खूब परेशान किया लेकिन विकेट नहीं ले सके. इंग्लैंड ने तीसरे दिन 2 विकेट पर 225 रन से आगे खेलना शुरू किया है. शार्दुल ठाकुर ने शुरू किया दिन का पहला ओवर चौथे दिन टेस्ट के तीसरे दिन का खेल शुरू हो गया है. भारत ने गेंदबाजी की शुरुआत शार्दुल ठाकुर से कराई है. दिन का दूसरा ओवर मोहम्मद सिराज ने किया. पूर्व क्रिकेटर आशीष नेहरा को यह बात पसंद नहीं आई. उन्होंने कहा कि यह निगेटिव स्ट्रेटजी है. नेहरा ने कहा कि आप पहला ओवर शार्दुल ठाकुर को नहीं दे सकते. ऐसा नहीं है कि वे विकेट नहीं ले सकते लेकिन यह सोच खराब है. मैनचेस्टर टेस्ट में टॉस जीतकर इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया. ओपनर यशस्वी जायसवाल ने शानदार फिफ्टी जमाई लेकिन वो इसे शतक में नहीं बदल पाए. केएल राहुल 41 रन पर आउट हुए और अर्धशतक से चूक गए. करुण नायर की जगह प्लेइंग इलेवन में शामिल किए गए साई सुदर्शन ने 61 रन की पारी खेली. चोटिल होकर मैदान से बाहर गए ऋषभ पंत ने वापसी की और दर्द में भी फिफ्टी जमाकर टीम को 358 रन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई.