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ऋषभ पंत के अंगूठे में फ्रैक्चर, मैनचेस्टर में 10 ख‍िलाड़‍ियों के साथ खेलेगी टीम इंड‍िया? सब्स्टीट्यूट रूल पर उठे सवाल

मैनचेस्टर भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को बुधवार को चौथे टेस्ट के पहले दिन इंग्लैंड के तेज गेंदबाज क्रिस वोक्स की गेंद पर रिवर्स स्वीप करने की कोशिश में ‘रिटायर्ड हर्ट’ होकर मैदान से बाहर ले जाया गया. पंत को दाहिने पैर में चोट लगी, उस समय वह 48 गेंदों में 37 रन बनाकर खेल रहे थे. पहले तो उनका मैदान पर ही उपचार किया गया, लेकिन बाद में उन्हें एम्बुलेंस जैसी गाड़ी में बैठाकर मैदान से बाहर ले जाया गया. अब बताया जा रहा है कि ऋषभ पंत के दाहिने पैर के अंगूठे में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है. डॉक्टरों ने उन्हें कम से कम 6 हफ्ते आराम की सलाह दी है.   इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने ऋषभ पंत की पैर की चोट के बाद टेस्ट क्रिकेट के नियमों में बदलाव की मांग की, जबकि एक और पूर्व इंग्लैंड कप्तान एलिस्टेयर कुक इससे सहमत नहीं दिखे. माइकल वॉन ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण चोट अब टेस्ट मैच को असंतुलित बना देगी. पंत के अंगूठे में फ्रैक्चर, 6 हफ्ते के ल‍िए हुए बाहर टीम इंड‍िया को इंग्लैंड दौरे के बीच बड़ा झटका लगा है. स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत के दाहिने पैर के अंगूठे में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है. डॉक्टरों ने उन्हें कम से कम 6 हफ्ते आराम की सलाह दी है. ऐसे में पंत की वापसी पर भी फिलहाल सस्पेंस बना हुआ है. मैनचेस्टर टेस्ट के पहले दिन वो चोटिल होकर रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से वापस लौटे थे.  भारत की पारी के 68वें ओवर में, जब पंत 37 रनों पर बल्लेबाजी कर रहे थे, तो उन्होंने इंग्लैंड के गेंदबाज क्रिस वोक्स के खिलाफ रिवर्स स्वीप खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके जूते पर लग गई. गेंद ने उनके बल्ले का अंदरूनी किनारा लिया और पैर की उंगली पर जा लगी. इसके बाद पंत जमीन पर लेट गए और दर्द में कराहने लगे. उनका पैर सूज गया था और खून भी निकल रहा था. वह चल नहीं पा रहे थे, और फिजियो की मदद से उन्हें मेडिकल टीम की गाड़ी में बैठाकर मैदान से बाहर ले जाया गया. बीसीसीआई सूत्रों ने बताया,'स्कैन में फ्रैक्चर पाया गया है.वह 6 हफ्ते तक नहीं खेल सकेंगे. मेडिकल टीम देख रही है कि क्या वह पेनकिलर लेकर दोबारा बल्लेबाजी कर सकते हैं, लेकिन अभी तो वह चल भी नहीं पा रहे हैं, इसलिए उनके दोबारा खेलने की संभावना बहुत कम है.' इस बीच चयन समिति ने अंतिम टेस्ट (31 जुलाई से 4 अगस्त, ओवल) के लिए ईशान किशन को टीम में जोड़ने का फैसला किया है क्योंकि पंत अब उस मैच में नहीं खेल पाएंगे. भारत पहले से ही चोट की समस्या से जूझ रहा है. ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी (घुटने की चोट) पहले ही बाहर हैं और तेज गेंदबाज आकाश दीप (जांघ की चोट) और अर्शदीप सिंह (अंगूठे की चोट) भी चौथे टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं हैं. वॉन ने टेस्ट मैच स्पेशल पर कहा, 'मुझे यह बात पसंद नहीं कि अब मैच के चार दिन बाकी हैं और इस शानदार सीरीज के अगले चार दिन 10 बनाम 11 खिलाड़ियों के बीच खेले जाएंगे.' उन्होंने सुझाव दिया कि चोट की स्थिति में खिलाड़ी को बदलने की अनुमति दी जानी चाहिए. वॉन ने आगे कहा, 'जब सिर की चोट के लिए सब्स्टीट्यूट की इजाजत दी गई थी, तब भी मैं कह रहा था कि क्यों न पहली पारी में किसी भी स्पष्ट चोट की स्थिति में सब्स्टीट्यूट की अनुमति हो.' उन्होंने सब्स्टीट्यूट मामले में कहा, 'अगर यह दूसरी पारी में होता है, तो टीमों द्वारा नियमों का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है. लेकिन अगर चोट साफ तौर पर दिख रही है- जैसे किसी का हाथ या पैर टूटना या मांसपेशियों में गंभीर खिंचाव..  तो यह साफ है कि खिलाड़ी आगे नहीं खेल सकता. ऐसे में सब्स्टीट्यूट की अनुमति होनी चाहिए.' दूसरी तरफ, एलिस्टेयर कुक ने इस सुझाव पर सवाल उठाए. उन्होंने एक काल्पनिक उदाहरण देकर बात रखी, 'मैं अभी तय नहीं कर पा रहा कि क्या सही है. लेकिन मान लीजिए पंत दर्द में हैं और बाहर चले गए. बाद में स्कैन में कुछ नहीं निकला- बस एक मामूली चोट (bruise) है. तो क्या उसे फिर से खेलना चाहिए?' कुक ने कहा,  'अगर पैर टूट गया होता, तो बात अलग होती…  लेकिन कई बार किसी को गेंद लगती है, हाथ हिलता नहीं और बहुत दर्द होता है. पर असल में सिर्फ सूजन होती है. तो क्या उसे भी सिर्फ तकलीफ के आधार पर बदला जा सकता है, भले ही चोट गंभीर न हो?' दरअसल, वोक्स की फुल लेंथ गेंद पंत के पैर के अंगूठे पर जोर से लगी. इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने एलबीडब्ल्यू की अपील की, लेकिन रिव्यू में देखा गया कि बल्ले का हल्का सा किनारा लगा था, जिससे पंत बच गए. चोट के बाद पंत के पैर से खून निकलता दिखा और उस हिस्से में सूजन भी थी. यह इस सीरीज में पंत की दूसरी चोट है. इससे पहले लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान विकेटकीपिंग करते हुए उनकी उंगली में चोट लगी थी, जिससे वह इंग्लैंड की दूसरी पारी में विकेटकीपिंग नहीं कर सके थे.

ऋषभ पंत के अंगूठे में फ्रैक्चर, मैनचेस्टर में 10 ख‍िलाड़‍ियों के साथ खेलेगी टीम इंड‍िया? सब्स्टीट्यूट रूल पर उठे सवाल

मैनचेस्टर भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को बुधवार को चौथे टेस्ट के पहले दिन इंग्लैंड के तेज गेंदबाज क्रिस वोक्स की गेंद पर रिवर्स स्वीप करने की कोशिश में ‘रिटायर्ड हर्ट’ होकर मैदान से बाहर ले जाया गया. पंत को दाहिने पैर में चोट लगी, उस समय वह 48 गेंदों में 37 रन बनाकर खेल रहे थे. पहले तो उनका मैदान पर ही उपचार किया गया, लेकिन बाद में उन्हें एम्बुलेंस जैसी गाड़ी में बैठाकर मैदान से बाहर ले जाया गया. अब बताया जा रहा है कि ऋषभ पंत के दाहिने पैर के अंगूठे में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है. डॉक्टरों ने उन्हें कम से कम 6 हफ्ते आराम की सलाह दी है.   इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने ऋषभ पंत की पैर की चोट के बाद टेस्ट क्रिकेट के नियमों में बदलाव की मांग की, जबकि एक और पूर्व इंग्लैंड कप्तान एलिस्टेयर कुक इससे सहमत नहीं दिखे. माइकल वॉन ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण चोट अब टेस्ट मैच को असंतुलित बना देगी. पंत के अंगूठे में फ्रैक्चर, 6 हफ्ते के ल‍िए हुए बाहर टीम इंड‍िया को इंग्लैंड दौरे के बीच बड़ा झटका लगा है. स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत के दाहिने पैर के अंगूठे में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है. डॉक्टरों ने उन्हें कम से कम 6 हफ्ते आराम की सलाह दी है. ऐसे में पंत की वापसी पर भी फिलहाल सस्पेंस बना हुआ है. मैनचेस्टर टेस्ट के पहले दिन वो चोटिल होकर रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से वापस लौटे थे.  भारत की पारी के 68वें ओवर में, जब पंत 37 रनों पर बल्लेबाजी कर रहे थे, तो उन्होंने इंग्लैंड के गेंदबाज क्रिस वोक्स के खिलाफ रिवर्स स्वीप खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके जूते पर लग गई. गेंद ने उनके बल्ले का अंदरूनी किनारा लिया और पैर की उंगली पर जा लगी. इसके बाद पंत जमीन पर लेट गए और दर्द में कराहने लगे. उनका पैर सूज गया था और खून भी निकल रहा था. वह चल नहीं पा रहे थे, और फिजियो की मदद से उन्हें मेडिकल टीम की गाड़ी में बैठाकर मैदान से बाहर ले जाया गया. बीसीसीआई सूत्रों ने बताया,'स्कैन में फ्रैक्चर पाया गया है.वह 6 हफ्ते तक नहीं खेल सकेंगे. मेडिकल टीम देख रही है कि क्या वह पेनकिलर लेकर दोबारा बल्लेबाजी कर सकते हैं, लेकिन अभी तो वह चल भी नहीं पा रहे हैं, इसलिए उनके दोबारा खेलने की संभावना बहुत कम है.' इस बीच चयन समिति ने अंतिम टेस्ट (31 जुलाई से 4 अगस्त, ओवल) के लिए ईशान किशन को टीम में जोड़ने का फैसला किया है क्योंकि पंत अब उस मैच में नहीं खेल पाएंगे. भारत पहले से ही चोट की समस्या से जूझ रहा है. ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी (घुटने की चोट) पहले ही बाहर हैं और तेज गेंदबाज आकाश दीप (जांघ की चोट) और अर्शदीप सिंह (अंगूठे की चोट) भी चौथे टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं हैं. वॉन ने टेस्ट मैच स्पेशल पर कहा, 'मुझे यह बात पसंद नहीं कि अब मैच के चार दिन बाकी हैं और इस शानदार सीरीज के अगले चार दिन 10 बनाम 11 खिलाड़ियों के बीच खेले जाएंगे.' उन्होंने सुझाव दिया कि चोट की स्थिति में खिलाड़ी को बदलने की अनुमति दी जानी चाहिए. वॉन ने आगे कहा, 'जब सिर की चोट के लिए सब्स्टीट्यूट की इजाजत दी गई थी, तब भी मैं कह रहा था कि क्यों न पहली पारी में किसी भी स्पष्ट चोट की स्थिति में सब्स्टीट्यूट की अनुमति हो.' उन्होंने सब्स्टीट्यूट मामले में कहा, 'अगर यह दूसरी पारी में होता है, तो टीमों द्वारा नियमों का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है. लेकिन अगर चोट साफ तौर पर दिख रही है- जैसे किसी का हाथ या पैर टूटना या मांसपेशियों में गंभीर खिंचाव..  तो यह साफ है कि खिलाड़ी आगे नहीं खेल सकता. ऐसे में सब्स्टीट्यूट की अनुमति होनी चाहिए.' दूसरी तरफ, एलिस्टेयर कुक ने इस सुझाव पर सवाल उठाए. उन्होंने एक काल्पनिक उदाहरण देकर बात रखी, 'मैं अभी तय नहीं कर पा रहा कि क्या सही है. लेकिन मान लीजिए पंत दर्द में हैं और बाहर चले गए. बाद में स्कैन में कुछ नहीं निकला- बस एक मामूली चोट (bruise) है. तो क्या उसे फिर से खेलना चाहिए?' कुक ने कहा,  'अगर पैर टूट गया होता, तो बात अलग होती…  लेकिन कई बार किसी को गेंद लगती है, हाथ हिलता नहीं और बहुत दर्द होता है. पर असल में सिर्फ सूजन होती है. तो क्या उसे भी सिर्फ तकलीफ के आधार पर बदला जा सकता है, भले ही चोट गंभीर न हो?' दरअसल, वोक्स की फुल लेंथ गेंद पंत के पैर के अंगूठे पर जोर से लगी. इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने एलबीडब्ल्यू की अपील की, लेकिन रिव्यू में देखा गया कि बल्ले का हल्का सा किनारा लगा था, जिससे पंत बच गए. चोट के बाद पंत के पैर से खून निकलता दिखा और उस हिस्से में सूजन भी थी. यह इस सीरीज में पंत की दूसरी चोट है. इससे पहले लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान विकेटकीपिंग करते हुए उनकी उंगली में चोट लगी थी, जिससे वह इंग्लैंड की दूसरी पारी में विकेटकीपिंग नहीं कर सके थे.

BCCI का ACC बैठक में रहना तय, एशिया कप को लेकर असमंजस होगा खत्म?

मुंबई  एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) के संबंध में गतिरोध टूटता हुआ लग रहा है। बीसीसीआई ढाका में होने वाली बैठक में वर्चुअल तौर पर भाग लेने के लिए तैयार है। हालांकि बीसीसीआई ने शुरू में पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक का बहिष्कार किया था लेकिन अब वर्चुअल रूप से बैठक में भाग लेगा। एशिया कप टी20 के आयोजन स्थल को लेकर गतिरोध निश्चित रूप से चर्चा में आएगा क्योंकि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दुबई, अबुधाबी और शारजाह में मैदान होने के कारण यह एक मजबूत दावेदार के रूप में उभर रहा है। मेजबानी की दौड़ में दूसरा देश श्रीलंका है क्योंकि भारत बांग्लादेश की यात्रा नहीं करेगा। एसीसीसी सूत्र ने पीटीआई से कहा, ‘‘बीसीसीआई का प्रतिनिधित्व उसके उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला वर्चुअल रूप से करेंगे जो एसीसी बोर्ड के नामित सदस्य हैं। एशिया कप के आयोजन स्थल पर अंतिम निर्णय लिया जाना है इसलिए बीसीसीआई ने वर्चुअल रूप से बैठक में भाग लेने का फैसला किया है। ’’ बीसीसीआई ने अगस्त में अपने बांग्लादेश दौरे को पहले ही स्थगित कर दिया है। उसने पहले महाद्वीपीय संस्था से आयोजन स्थल बदलने का अनुरोध किया था। राजनीतिक अशांति और स्थिर सरकार के अभाव के कारण भारतीय बोर्ड पड़ोसी देश की यात्रा को लेकर संशय में है।

BCCI का ACC बैठक में रहना तय, एशिया कप को लेकर असमंजस होगा खत्म?

मुंबई  एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) के संबंध में गतिरोध टूटता हुआ लग रहा है। बीसीसीआई ढाका में होने वाली बैठक में वर्चुअल तौर पर भाग लेने के लिए तैयार है। हालांकि बीसीसीआई ने शुरू में पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक का बहिष्कार किया था लेकिन अब वर्चुअल रूप से बैठक में भाग लेगा। एशिया कप टी20 के आयोजन स्थल को लेकर गतिरोध निश्चित रूप से चर्चा में आएगा क्योंकि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दुबई, अबुधाबी और शारजाह में मैदान होने के कारण यह एक मजबूत दावेदार के रूप में उभर रहा है। मेजबानी की दौड़ में दूसरा देश श्रीलंका है क्योंकि भारत बांग्लादेश की यात्रा नहीं करेगा। एसीसीसी सूत्र ने पीटीआई से कहा, ‘‘बीसीसीआई का प्रतिनिधित्व उसके उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला वर्चुअल रूप से करेंगे जो एसीसी बोर्ड के नामित सदस्य हैं। एशिया कप के आयोजन स्थल पर अंतिम निर्णय लिया जाना है इसलिए बीसीसीआई ने वर्चुअल रूप से बैठक में भाग लेने का फैसला किया है। ’’ बीसीसीआई ने अगस्त में अपने बांग्लादेश दौरे को पहले ही स्थगित कर दिया है। उसने पहले महाद्वीपीय संस्था से आयोजन स्थल बदलने का अनुरोध किया था। राजनीतिक अशांति और स्थिर सरकार के अभाव के कारण भारतीय बोर्ड पड़ोसी देश की यात्रा को लेकर संशय में है।

ऋषभ पंत की इंजरी पर BCCI ने द‍िया अपडेट, मैनचेस्टर में जुरेल करेंगे बल्लेबाजी? जानें नियम

मैनचेस्टर टेस्ट में पहले दिन का खेल खत्म, भारत ने 4 विकेट खोकर बनाए 264 रन, पंत रिटायर हर्ट इंग्लैंड में केएल राहुल ने बनाया एक और कीर्तिमान, ऐसा करने वाले 5वें भारतीय बने  ऋषभ पंत की इंजरी पर BCCI ने द‍िया अपडेट, मैनचेस्टर में जुरेल करेंगे बल्लेबाजी? जानें नियम  मैनचेस्टर मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड ग्राउंड में भारत और इंग्लैंड के बीच एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी का चौथा टेस्ट शुरू हो गया है. भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी कर रही है. पहले दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने 4 विकेट खोकर 264 रन बना लिए हैं. लेकिन भारत को एक बड़ा झटका उस वक्त लगा जब ऋषभ पंत वोक्स की गेंद पर चोटिल हो गए. उन्हें मैदान छोड़कर जाना पड़ा.  शार्दुल ठाकुर और रवींद्र जडेजा नाबाद रहे. मैच में टॉस इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने जीता था और भारतीय टीम को पहले बल्लेबाजी के ल‍िए आमंत्र‍ित किया था. पांच मैचों की इस रोमांचक सीरीज में फिलहाल इंग्लैंड की टीम 2-1 से आगे है. टीम इंडिया के लिए यह मुकाबला 'करो या मरो' जैसा है. अगर भारत यह टेस्ट हारता है तो इंग्लैंड सीरीज अपने नाम कर लेगा. इंग्लैंड में केएल राहुल ने बनाया एक और कीर्तिमान, ऐसा करने वाले 5वें भारतीय बने मैनचेस्टर के ऐतिहासिक ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर भारत और इंग्लैंड के बीच चल रहे चौथे टेस्ट मैच के दौरान भारतीय बल्लेबाज केएल राहुल ने एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली. राहुल ने इंग्लैंड की धरती पर अपने 1000 टेस्ट रन पूरे कर लिए हैं. इस खास मुकाम तक पहुंचने वाले वे भारत के पांचवें बल्लेबाज बन गए हैं. उनसे पहले ये कारनामा सिर्फ सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, सुनील गावस्कर और विराट कोहली जैसे दिग्गज बल्लेबाज़ ही कर सके हैं. इंग्लैंड की पिचें जहां सीम और स्विंग गेंदबाज़ों के लिए जानी जाती हैं, वहां टिककर रन बनाना भारतीय बल्लेबाज़ों के लिए हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है. ऐसे में राहुल का यह प्रदर्शन बेहद अहम माना जा रहा है. दिग्गजों की लिस्ट में राहुल केएल राहुल अब उन भारतीय दिग्गजों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं जिन्होंने इंग्लैंड में टेस्ट क्रिकेट में 1000 से अधिक रन बनाए हैं: * सचिन तेंदुलकर – 1575 रन * राहुल द्रविड़ – 1376 रन *सुनील गावस्कर– 1152 रन * विराट कोहली– 1096 रन * केएल राहुल– 1000+ रन इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि राहुल ने खुद को विदेशी सरजमीं पर भारत के भरोसेमंद बल्लेबाज़ के रूप में स्थापित किया है. उन्होंने इंग्लैंड के लॉर्ड्स, ओवल, हेडिंग्ले और अब मैनचेस्टर में भी उपयोगी पारियां खेली हैं. भारत का मैनचेस्टर में टेस्ट रिकॉर्ड कैसा है?  भारत ने मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर अपना पहला टेस्ट मैच साल 1936 में खेला. बीते 89 सालों में इस मैदान पर टीम इंड‍िया ने कुल 9 टेस्ट खेले हैं. इन मैचों में टीम इंड‍िया को कभी भी जीत नहीं मिली है. 4 बार टीम को हार का सामना करना पड़ा, जबकि 5 मुकाबले ड्रॉ पर खत्म हुए. ओल्ड ट्रैफर्ड में कैसा रहेगा पिच का म‍िजाज?  मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान की पिच तेज गेंदबाजों के ल‍िए मददगार है, खासकर जब मौसम बादलों वाला हो जैसा कि अगले 5 दिनों तक रहने की उम्मीद है. साल 2000 के बाद से यहां 20 टेस्ट मैचों में स्पिनरों ने सिर्फ 147 विकेट लिए हैं और उनका एवरेज 39.95 रहा है. वहीं, तेज गेंदबाजों ने 477 विकेट चटकाए हैं और उनका औसत 30 से भी कम रहा है. यहां चौथी पारी में लक्ष्य का पीछा करना आसान नहीं होता.   ऋषभ पंत की चोट पर दिया बड़ा अपडेट, कौन लेगा उनकी जगह और क्या कहता  भारत और इंग्लैंड के बीच चौथा टेस्ट मैच मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में खेला जा रहा है. मैच के पहले ही दिन भारत को बड़ा झटका उस समय लगा जब टीम के धाकड़ विकेटकीपर बल्लेबाज चोटिल होकर मैदान से बाहर चले गए. पंत उस समय 37 के स्कोर पर बल्लेबाजी कर रहे थे तभी भारतीय पारी के 68वें ओवर की चौथी गेंद पर तेज गेंदबाज क्रिस वोक्स की एक गेंद को वो रिवर्स स्वीप मारने की कोशिश में चोटिल हो गए. वोक्स की तेज गेंद पंत के दाएं पैर की उंगलियों पर सीधा लगी, जिससे वो दर्द से कराहने लगे. उसके बाद पंत अपने पैर पर खड़े नहीं हो पा रहे थे क्योंकि जहां चोट लगी थी वहां सूजन आ गई थी और खून भी निकल रहा था. उसके बाद पंत को एंबुलेंस के जरिए मैदान से बाहर जाना पड़ा. जिसके बाद भारतीय फैंस के मन में सवाल पैदा हो रहा है कि क्या पंत अब बल्लेबाजी करने आएंगे या उनकी जगह कोई और खिलाड़ी बल्लेबाजी करने आएगा. इस पर ICC का नियम क्या कहता है? ऋषभ पंत की चोट पर अपडेट इन सभी सवालों का जवाब हम इस कॉपी में देंगे. सबसे पहले तो भारतीय टीम और फैंस ये उम्मीद कर रहे होंगे कि ऋषभ पंत की चोट ज्यादा गंभीर न हो, क्योंकि भारत को उनकी जरूरत है. पंत की चोट को लेकर ताजा अपडेट यह है कि उनके चोटिल पैर का स्कैन किया गया है जिसकी रिपोर्ट का इंतजार है. बीसीसीआई ने अपने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा है कि मैनचेस्टर टेस्ट के पहले दिन बल्लेबाजी करते समय ऋषभ पंत के दाहिने पैर में चोट लग गई. उन्हें स्टेडियम से स्कैन के लिए ले जाया गया. बीसीसीआई की मेडिकल टीम उनकी प्रगति पर नजर रख रही है. ध्रुव जुरेल कर सकते हैं विकेटकीपिंग दूसरे सवाल का जवाब ये है कि अगर ऋषभ पंत ठीक नहीं हो पाते हैं तो उनकी जगह कोई दूसरा खिलाड़ी बल्लेबाजी नहीं कर सकता, लेकिन फील्डिंग कर सकता है. इस का मतलब साफ है कि ऋषभ पंत के न होने की सूरत में ध्रुव जुरेल विकेटकीपिंग करते नजर आ सकते हैं. इससे पहले भी पिछले मैच में ऋषभ पंत चोटिल हुए थे और उस दौरान उनकी उंगलियों में चोट लगी थी, जिसके चलते वह विकेटकीपिंग करने नहीं आए थे. हालांकि, पंत ने दोनों पारियों में बल्लेबाजी जरूर की थी. क्या कहता है ICC का नियम खिलाड़ियों के चोट और रिप्लेसमेंट पर आईसीसी का नियम ये है कि अगर कोई बल्लेबाज कन्कशन (सर में चोट) की वजह से मैच से … Read more

131 रन की नाबाद साझेदारी से ऑस्ट्रेलिया की जीत, रसेल ने अंतिम इंटरनेशनल मैच में दिखाया दम

जमैका एडम जम्पा (तीन विकेट) की बेहतरीन गेंदबाजी के बाद जॉश इंग्लिश नाबाद (78) और कैमरन ग्रीन (56) की तूफानी अर्धशतकीय पारियों की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने बुधवार को दूसरे टी-20 मुकाबले में वेस्टइंडीज को 28 गेंदे शेष रहते आठ विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने पांच मैचों की सीरीज में 2-0 से बढ़त बना ली है। 173 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने दूसरे ही ओवर में मात्र 13 रन के स्कोर पर ग्लेन मैक्सवेल (12) के रूप में अपना पहला विकेट गंवा दिया था। टीम को दूसरा झटका 42 रन के स्कोर पर कप्तान मिशेच मार्श (21) के रूप में लगा, लेकिन इसके बाद जॉश इंग्लिश और कैमरन ग्रीन ने वेस्टइंडीज के गेंदबाजों की जमकर खबर ली। दोनों बल्लेबाजों के बीच तीसरे विकेट के लिए 131 रनों की अविजित साझेदारी हुई। ऑस्ट्रेलिया ने 15.2 ओवर में दो विकेट के नुकसान पर 173 रन बनाकर मुकाबला आठ विकेट से जीत लिया। जॉश इंग्लिश ने 33 गेंद में पांच छक्के और सात चौकों की मदद से नाबाद 78 रनों की पारी खेली। वही कैमरन ग्रीन 32 गेंद में चार छक्के और तीन चौके लगाते हुए नाबाद 56 रन बनाए। वेस्टइंडीज की ओर से जेसेन होल्डर और अल्जारी जोसेफ ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज ने लिए ब्रैंडन किंग और कप्तान शाई होप की सलामी जोड़ी ने अच्छी शुरुआत करते हुए पहले विकेट के लिए 63 रन जोड़े। ब्रैंडन किंग 36 गेंदों में तीन चौके और चार छक्कों की मदद से (51) रनों की पारी खेली। कप्तान होप 13 गेंद में नौ रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद मध्यक्रम के बल्लेबाज ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी आक्रमण का सामना अधिक देर तक नहीं कर सके और एक के बाद एक विकेट गवांते चले गए। इस दौरान वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने भी आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। शिमरोन हेटमायर 10 गेंद में 14 रन, रोस्टन चेज 16 गेंद में 16 रन, रोवमन पॉवेल 14 गेंद में 12 रन और शेरफेन रदरफोर्ड (शून्य) पर पवेलियन लौट गये। अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे आंद्रे रसेल ने 15 गेंद में दो चौके और चार छक्कों की मदद से 36 रन की पारी खेली। होल्डर एक रन बनाकर आउट हुए। आखिर में गुडाकेश मोती ने नौ गेंद में एक चौका और दो छक्कों की मदद से नाबाद 18 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया की ओर से एडम जैम्पा ने तीन विकेट लिए। नाथन एलिस और मैक्सवेल को दो-दो विकेट मिले। वहीं, बेन ड्वारशुइस को एक बल्लेबाज को आउट किया। एडम जम्पा ने लिए 3 विकेट ऑस्ट्रेलिया की ओर से एडम जम्पा सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 4 ओवर में 29 रन देकर 3 विकेट लिए। इनके अलावा ग्लेन मैक्सवेल और नाथन एलिस ने 2-2 विकेट लिए। 13 रन पर ही गिर गया था ऑस्ट्रेलिया का पहला विकेट 173 रन के टारगेट का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। उसका पहला विकेट 13 रन पर गिर गया। ओपनर ग्लेन मैक्सवेल ने 10 गेंदों का सामना कर 12 रन बनाए। कप्तान मिचेल मार्श भी 42 के स्कोर पर पवेलियन लौट गए। उन्होंने 17 गेंदों पर 21 रन बनाए। इंग्लिस और कैमरन ग्रीन की हाफ सेंचुरी तीसरे विकेट के लिए जोश इंग्लिस और कैमरन ग्रीन ने 59 गेंदों पर नाबाद 131 रन की साझेदारी कर टीम को जीत दिला दी। इंग्लिस ने 33 गेंदों पर 78 रन और कैमरन ग्रीन ने 32 गेंदों पर 56 रन बनाए। जोश इंग्लिस प्लेयर ऑफ द मैच भी रहे। उन्होंने अपनी पारी 7 चौके और 5 सिक्स जड़े।

द्रविड़-पोंटिंग को पीछे छोड़ने की तैयारी में रूट, मैनचेस्टर में लिख सकते हैं नया अध्याय

मैनचेस्टर  इंग्लैंड के अनुभवी बल्लेबाज जो रूट इस समय टेस्ट क्रिकेट इतिहास में पांचवें सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं, लेकिन उनके पास अब दूसरे स्थान तक पहुंचने का सुनहरा मौका है. यह अवसर उन्हें आज से भारत के खिलाफ मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में शुरू होने वाले चौथे टेस्ट मैच में मिलेगा. फिलहाल रिकी पोंटिंग, जैक्स कैलिस और राहुल द्रविड़ क्रमशः दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर हैं. रूट को द्रविड़ और कैलिस को पीछे छोड़ने के लिए सिर्फ 31 रन चाहिए, जबकि पोंटिंग को पछाड़कर दूसरे नंबर पर आने के लिए कुल 120 रन बनाने होंगे. हालांकि वह अब भी सचिन तेंदुलकर के 15921 टेस्ट रन के ऑल-टाइम रिकॉर्ड से 2663 रन पीछे हैं, लेकिन मौजूदा फॉर्म को देखते हुए रूट इस टेस्ट में कई मील के पत्थर छू सकते हैं. जो रूट का मैनचेस्टर में शानदार रिकॉर्ड रूट का ओल्ड ट्रैफर्ड में रिकॉर्ड भी शानदार है. उन्होंने यहां 11 मैचों में 65.20 की औसत से 978 रन बनाए हैं, जिसमें 1 शतक और 7 अर्धशतक शामिल हैं. टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक रन (इतिहास में) * सचिन तेंदुलकर (भारत) – 15,921 रन (200 मैच) * रिकी पोंटिंग (ऑस्ट्रेलिया) – 13,378 रन (168 मैच) * जैक्स कैलिस (दक्षिण अफ्रीका) – 13,289 रन (166 मैच) * राहुल द्रविड़ (भारत) – 13,288 रन (164 मैच) * जो रूट (इंग्लैंड) – 13,259 रन (156 मैच) रैंकिंग में फिर नंबर 1 बने रूट रूट ने हाल ही में आईसीसी टेस्ट बल्लेबाज़ी रैंकिंग में नंबर 1 स्थान फिर से हासिल कर लिया है. उन्होंने कुछ समय के लिए यह स्थान हैरी ब्रुक को गंवा दिया था, लेकिन लॉर्ड्स टेस्ट में शानदार 104 और फिर 40 रनों की पारी के बाद उन्होंने टॉप रैंकिंग पर वापसी की. इसी टेस्ट में उनके 37वें टेस्ट शतक ने उन्हें राहुल द्रविड़ से आगे निकालते हुए टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक शतक लगाने वाले खिलाड़ियों की सूची में पांचवें स्थान पर पहुंचा दिया. इसके अलावा, रूट अब केवल चौथे ऐसे बल्लेबाज बन गए हैं जिन्होंने नंबर 4 पर बल्लेबाज़ी करते हुए 8000 से ज्यादा रन बनाए हैं, बाकी तीन नाम हैं: सचिन तेंदुलकर, महेला जयवर्धने, और जैक्स कैलिस.

चाइना ओपन: सिंधु प्री-क्वार्टर में, सात्विक-चिराग की जोड़ी ने भी किया कमाल

चांगझोउ चांगझोउ में खेले जा रहे चाइना ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी-चिराग शेट्टी की जोड़ी और पीवी सिंधु ने जीत के साथ शुरुआत की।रेड्डी और शेट्टी की जोड़ी ने जापान के हिरोकी ओकामुरा और केन्या मित्सुहाशी की जोड़ी को सीधे गेम में 21-13-21-9 से हराया। यह मैच 31 मिनट तक चला। सिंधु ने जापानी खिलाड़ी को हराया पीवी सिंधु ने सिंगल्स में शानदार शुरुआत की। उन्होंने एक घंटे दो मिनट तक चले मुकाबले में जापान की टोमोका मियाजाकी को 21-15, 8-21 और 21-17 से हराकर प्री क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।पहला गेम आसानी से जीतने के बाद सिंधु दूसरे गेम में 8-21 से हार गईं। हालांकि, निर्णायक तीसरे गेम में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए राउंड ऑफ 16 में जगह बनाई। इससे पहले सिंधु जापान ओपन में पहले ही राउंड में बाहर हो गईं थी। इस साल सिंधु 5 टूर्नामेंट में पहले दौर और तीन टूर्नामेंट में दूसरे दौर में बाहर हुई हैं। रुतापर्णा और स्वेतापर्णा पांडा का सफर समाप्त विमेंस डबल्स में भारत की रुतापर्णा और स्वेतापर्णा पांडा बहनों को हॉन्गकॉन्ग की अनुभवी जोड़ी से 12-21, 13-21 से हार का सामना करना पड़ा और उनका सफर समाप्त हो गया। इस मैच में पीवी सिंधु ने शानदार खेल दिखाया. ये मैच तीन सेट तक चला इस दौरान सिंधु को पहले सेट में जीत मिली लेकिन उन्हें दूसरे सेट में हार का सामना करना पड़ गया. इसके बाद मैच तीसरे सेट में पहुंच गया, जिसे जीतकर सिंधु ने मैच अपने नाम कर लिया और इसके साथ ही प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है. प्रणय चाउ टीएन-चेन प्री क्वार्टरफाइनल में भिड़ेंगे एचएस प्रणय ने पहले ही राउंड में जापान के कोकी वतनबे को 8-21, 21-16, 23-21 से हराकर प्री- क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। पहला गेम 8-21 से गंवाने के बाद प्रणय ने दूसरे गेम में जोरदार वापसी की और इसे 21-16 से जीता। तीसरे और निर्णायक गेम में वे 1-7 और फिर 15-20 से पीछे थे, लेकिन शानदार प्रदर्शन करते हुए स्कोर 20-20 पर बराबर किया और अंत में 23-21 से गेम और मैच अपने नाम किया। विश्व की छठे नंबर की खिलाड़ी जापान की तोमोका मियाज़ाकी का सामना करते हुए, सिंधु ने अपनी विशिष्ट दृढ़ता का परिचय देते हुए तीन गेमों के कड़े मुकाबले में 21-15, 8-21, 21-17 से जीत हासिल की. दूसरा गेम हारने के बाद भारतीय खिलाड़ी ने निर्णायक गेम में बढ़त बनाए रखी और जीत पक्की कर ली. इससे पहले सिंधु को जापान ओपन सुपर 750 टूर्नामेंट से के पहले दौर से बाहर हो गईं थीं. सिंधु को कोरिया की शटलर सिम यू-जिन से हार का सामना करना पड़ा. सिम ने लगातार दो सेट जीतकर सिंधु को टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखाया. सिंधु को 15-21, 14-21 से हार मिली थी. अब ये जीत सिंधु के लिए बूस्टर का काम करने वाली है. चाइना ओपन 2025 में पुरुष युगल ड्रॉ में,विश्व की 12वें नंबर की जोड़ी, सात्विक-चिराग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राउंड-ऑफ-16 में प्रवेश किया. इस जोड़ी ने जापान की केन्या मित्सुहाशी और हिरोकी ओकामुरा को सीधे गेम में 21-13, 21-9 से हराकर शानदार जीत हासिल की. इस जोड़ी को भी जापान ओपन में निराशा हाथ लगी थी. इस बीच महिला युगल में पांडा बहनों, रुतपर्णा और श्वेतपर्णा को हांगकांग चीन की अनुभवी जोड़ी के खिलाफ कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा और उनका अभियान समाप्त हो गया. सिंधू को लगातार हार के बाद मिली सफलता निर्णायक गेम में सिंधू ने खुद को संभाला और अधिक धैर्य के साथ खेली. पूरे मैच में लगातार बढ़त बनाए रखी और 62 मिनट में मैच समाप्त कर अपनी पिछली हार का बदला लिया. यह जीत भारतीय स्टार के लिए काफी महत्वपूर्ण है. उनके लिए यह सीजन काफी कठिन रहा है. पिछले हफ्ते उन्हें सुपर 750 जापान ओपन में पहले दौर में ही हार का सामना करना पड़ा था, जहां वे कोरिया की सिम यू जिन से 15-21, 14-21 से हार गई थीं.  यह इस साल उनकी पांचवीं शुरुआती-दौर की हार थी. सिंधू इंडोनेशिया ओपन, सिंगापुर ओपन, मलेशिया मास्टर्स, एशियाई चैंपियनशिप, स्विस ओपन, ऑल इंग्लैंड ओपन और इंडोनेशिया मास्टर्स से भी जल्दी बाहर हो चुकी हैं. पुरुष युगल में सात्विक-चिराग का जलवा पुरुष युगल में विश्व की नंबर 15 जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने भी अपने अभियान की शानदार शुरुआत की. दोनों ने मिलकर जापान के केन्या मित्सुहाशी और हिरोकी ओकामुरा को केवल 31 मिनट में 21-13, 21-9 से हरा दिया. भारतीय जोड़ी ने जबरदस्त तालमेल और आक्रामक तेवर का प्रदर्शन किया. दोनों ने पूरे मैच में अपने विरोधियों को बैकफुट पर रखा. पहले गेम में आसानी से जीतने के बाद उन्होंने दूसरे में और भी तेजी लाई और एक प्रभावशाली जीत दर्ज की. महिला युगल में निराशा भारत को महिला युगल में निराशा हाथ लगी. रुतपर्णा पांडा और श्वेतपर्णा पांडा की भारतीय जोड़ी पहले दौर में ही बाहर हो गई. यह जोड़ी हांगकांग की टिंग येउंग येउंग और पुई लाम येउंग से 31 मिनट में 12-21, 13-21 से हार गई. 

भारत-इंग्लैंड मैच में पाकिस्तानी अंपायर: लाहौर में आतंकी हमले से बचे थे बाल-बाल

  मैनचेस्टर  भारतीय टीम ओल्ड ट्रैफर्ड के मैदान पर इंग्लैंड का सामना कर रही है। 5 मैचों की सीरीज का यह चौथा मुकाबला है। बेन स्टोक्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। इस मैच में पूरा अंपायर पैनल बदल गया है। मैदानी अंपायर की भूमिका में रोड टकर के साथ अहसान रजा हैं। वहीं थर्ड अंपायर की जिम्मेदारी श्रीलंका के कुमार धर्मसेना निभा रहे हैं। वहीं जेफ क्रो मैच रेफरी की भूमिका में हैं। भारत के मैच में पाकिस्तानी अंपायर भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते ठीक नहीं चल रहे हैं। पहलगाम में आंतकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया। वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स में भारत और पाकिस्तान का मैच रद्द कर दिया गया। सोशल मीडिया पर विरोध की वजह से मैच नहीं खेला गया। अब भारत और इंग्लैंड के मैच में पाकिस्तानी अंपायर मैदान पर अंपायरिंग कर रहा है। रोड टकर ऑस्ट्रेलिया तो एहसान रजा पाकिस्तान के हैं। कौन हैं अहसान रजा? आईसीसी एलीट पैनल में अहसान रजा का नाम शामिल है। 2023 में उन्हें इस पैनल में जगह मिली थी। 51 साल के अहसान रजा ने पाकिस्तान में घरेलू क्रिकेट खेले चुके हैं। उन्होंने 21 फर्स्ट क्लास और 4 लिस्ट ए मैच खेले। यह टेस्ट मैच में अंपायर के रूप में उनका 35वां मुकाबला है। इस दौरान 22 बार वह मैदान पर रहे जबकि 13 बार टीवी अंपायर की भूमिका निभाई। इसके अलावा 83 वनडे और 111 टी20 इंटरनेशनल में अंपायरिंग कर चुके हैं। उन्होंने 34 महिला इंटरनेशनल मैचों में भी अंपायरिंग की जिम्मेदारी संभाली है। आतंकी हमले में लगी थी गोल 3 मार्च 2009 को लाहौर में श्रीलंकाई क्रिकेट टीम पर हुए हमले में अहसान रजा घायल हो गए। उन्हें दो गोलियां लगीं और वे लाहौर के एक अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती थे। वह 2010 से इंटरनेशनल क्रिकेट में अंपायरिंग कर रहे हैं। अहसान टी20 इंटरनेशनल में 50 मुकाबलों में मैदानी अंपायर की भूमिका निभाने वाले पहले ऑफिशियल हैं। रजा 2023 विश्व कप और 2024 टी20 विश्व कप में भी अंपायर की भूमिका में थे।

मैनचेस्टर में बड़ा मुकाबला शुरू, अंशुल करेंगे डेब्यू; टीम इंडिया में बदलाव की बयार

मैनचेस्टर  पांच मैच की एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी में 1-2 से पिछड़ रही भारतीय टीम के लिए मैनचेस्टर में आज से ‘करो या मरो’ का मुकाबला शुरू होगा. भारतीय टीम हर हाल में मुकाबला अपना नाम करना चाहेगी क्योंकि अगर ये मैच फिसला तो सीरीज भी हाथ से निकली. इंग्लैंड ने सीरीज में 2-1 से पहले ही बढ़त बना ली है. बेन स्टोक्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया है. 9 ओवर के बाद भारत का स्कोर 25-0 9 ओवर के बाद भारत ने बिना विकेट गंवाए रन बना लिए हैं. भारत के लिए यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं. जायसवाल 8 रन बनाकर खेल रहे हैं तो वहीं, राहुल 15 रन बना चुके हैं. दोनों की नजर टीम इंडिया के लिए बड़े स्कोर बनाने पर है. 9वें ओवर की 5वीं गेंद पर यशस्वी जायसवाल का बैट भी टूट गया. 3 बदलाव के साथ उतरा भारत टीम इंडिया इस मैच में 3 बदलाव के साथ उतरी है. खराब प्रदर्शन के कारण करुण नायर को बाहर किया गया है. उनकी जगह साईं सुदर्शन की एंट्री हुई है. वहीं, चोटिल आकाशदीप और नीतिश रेड्डी की जगह शार्दुल ठाकुर और अंशुल कंबोज को टीम में शामिल किया गया है. अंशुल कंबोज और अनिल कुंबले में गजब कनेक्शन  भारत और इंग्लैंड के बीच मैनचेस्टर में खेला जा रहा चौथा टेस्ट मैच कई मायनों में ऐतिहासिक बन गया है। इस मुकाबले में भारतीय टीम के लिए युवा तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज को टेस्ट डेब्यू करने का मौका मिला, जिसके साथ ही क्रिकेट के मैदान पर 35 साल पुराना इंतजार खत्म हो गए। बता दें कि अंशुल को इस मुकाबले में आकाशदीप सिंह की जगह मौका मिला है। कंबोज ने खत्म किया 35 साल का इंतजार कंबोज का टेस्ट कैप हासिल करना सिर्फ उनके लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिए भी एक खास पल है। इससे पहले, 1990 में इसी मैनचेस्टर के मैदान पर भारतीय टीम के एक और दिग्गज खिलाड़ी अनिल कुंबले ने अपना टेस्ट डेब्यू किया था। कुंबले ने आगे चलकर भारतीय क्रिकेट में एक महान स्पिनर के रूप में अपनी पहचान बनाई और अब अंशुल कंबोज उन्हीं के नक्शेकदम पर चलते हुए अपने टेस्ट करियर की शुरुआत कर रहे हैं।इसके अलावा दोनों खिलाड़ियों के बीच एक और दिलचस्प समानता है। जहां अनिल कुंबले ने 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए एक पारी में सभी 10 विकेट झटके थे, वहीं अंशुल कंबोज ने भी 2024 में केरल के खिलाफ फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में यह दुर्लभ उपलब्धि हासिल की थी। यह आंकड़ा बताता है कि कंबोज में भी कुंबले जैसी मैच-विनिंग क्षमता है और वह लंबी रेस के घोड़े साबित हो सकते हैं। अंशुल से है फैंस को उम्मीदें अंशुल कंबोज के डेब्यू से भारतीय टीम को एक नए तेज गेंदबाजी विकल्प के साथ मजबूती मिली है। मैनचेस्टर की पिच पर तेज गेंदबाजों को मिलने वाली मदद को देखते हुए, कंबोज की उपस्थिति टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। फैंस को उम्मीद है कि वह अपने पहले ही मैच में शानदार प्रदर्शन कर भारतीय टीम को इस मुकाबले में जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाएंगे। भारत की प्लेइंग इलेवन: यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, वॉशिंगटन सुंदर, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, अंशुल कंबोज इंग्लैंड की प्लेइंग इलेवन: जैक क्रॉली, बेन डकेट, ओली पोप, जो रूट, हैरी ब्रुक, बेन स्टोक्स (कप्तान), जेमी स्मिथ (विकेट कीपर), लियाम डॉसन, क्रिस वोक्स, ब्रायडन कार्स, जोफ्रा आर्चर मैनचेस्टर में कैसा है मौसम? ओल्ड ट्रैफर्ड ग्राउंड के ऊपर फिलहाल बादल मंडरा रहे हैं यानी कंडिशन ओवरकास्ट है. मौसम पूर्वानुमान की माने तो आज लगभग 65 फीसदी बारिश की संभावना जताई जा रही है. ऐसे में टॉस की अहमियत काफी ज्यादा बढ़ जाती है. स्थानीय समयानुसार सुबह 11 बजे से मैच की शुरुआत होगी, जिसमें उसके एक घंटे के बाद लगभग बारिश की आशंका है. टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी ही लेगी ताकि पिच की नमी का फायदा उठाया जा सके. इंजरी से जूझ रही भारतीय टीम अर्शदीप सिंह नेट्स में बॉलिंग करते हुए चोटिल होकर इस टेस्ट मैच से बाहर हो गए. आकाशदीप भी अनफिट हैं और नीतीश रेड्डी तो पूरी सीरीज से ही बाहर हो चुके हैं. ऐसे में भारतीय टीम कई बदलावों के साथ मैदान पर उतर सकती है. अंशुल कंबोज का हो सकता है डेब्यू नेट्स में अंशुल कंबोज ने पूरे दमखम के साथ गेंदबाजी की. मैनेजमेंट को जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज के साथ तीसरे तेज गेंदबाज के लिए प्रसिद्ध कृष्णा या अंशुल कंबोज में से किसी एक को चुनना होगा। कंबोज चोटिल अर्शदीप के विकल्प के तौर पर टीम में शामिल हुए है, जिससे उनके अप्रत्याशित पदार्पण की संभावना बढ़ गई है. शुभमन गिल ने भी इशारों-इशारों में उनके डेब्यू की बात बीती रात कही थी. इंग्लैंड ने पहले ही घोषित की प्लेइंग इलेवन जुलाई 2017 में आखिरी टेस्ट मैच खेलने वाले स्पिनर लियाम डॉसन आठ साल बाद टीम में वापसी कर रहे हैं. 11 खिलाड़ी कुछ तरह हैं. जैक क्रॉली, बेन डकेट, ओली पोप (उप-कप्तान), जो रूट, हैरी ब्रुक, बेन स्टोक्स (कप्तान), जेमी स्मिथ (विकेट कीपर), लियाम डॉसन, क्रिस वोक्स, ब्रायडन कार्स, जोफ्रा आर्चर भारत का स्क्वॉड: शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (उपकप्तान और विकेटकीपर), यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, अभिमन्यू ईश्वरन, करुण नायर, रवींद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, कुलदीप यादव, अंशुल कंबोज