samacharsecretary.com

बेन स्टोक्स की जिद पर बोले जो रूट- कप्तान रहते भी नहीं मना पाया!

नई दिल्ली लॉर्ड्स टेस्ट में भारत के खिलाफ इंग्लैंड को मिली 22 रनों की जीत में कप्तान बेन स्टोक्स का अहम रोल रहा। स्टोक्स ने चोट की परवाह किए बिना आखिरी दिन लगभग 10-10 ओवर के दो स्पेल डाल इंग्लैंड की जीत में अहम भूमिका निभाई। जबकि पिछले एक साल में वह दो बार हैमस्ट्रिंग इंजरी का शिकार बन चुके हैं। मैनचेस्टर में होने वाले अगले टेस्ट मैच से पहले जब पूर्व कप्तान जो रूट से बेन स्टोक्स के वर्कलोड के बारे में पूछा तो उन्होंने खुलासा किया कि जब वह कप्तान थे तो भी बेन स्टोक्स उनकी नहीं सुना करते थे। रूट ने कहा, "आप कोशिश कर सकते हैं, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मैंने पाँच साल तक कोशिश की। मैंने उन्हें यह बताया, लेकिन वह हमेशा मेरी बात नहीं सुनते। जब मैं कप्तान था, तब भी उन्होंने मेरी बात नहीं सुनी।" उन्होंने आगे कहा, “अब यह उसका फैसला है। ऐसा कर पाना एक अविश्वसनीय प्रयास था, लेकिन मुझे लगता है कि वह इसी तरह का इंसान है। वह बस एक ऐसा इंसान बनने और चीजों को अंजाम देने के लिए बेताब है। यह हमारे लिए आगे बढ़ने का एक अच्छा संकेत है, सचमुच, क्योंकि वह अपने सर्वश्रेष्ठ रूप में वापस आ गया है।” हालांकि बेन स्टोक्स को इस मेहनत का फल इंग्लैंड की जीत और प्लेयर ऑफ द मैच के रूप में मिला। स्टोक्स ने भारत की आखिरी पारी में सर्वाधिक 24 ओवर डाले थे, वहीं अन्य तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर और ब्रयडन क्रॉस 16-16 ओवर से आगे नहीं बढ़े थे। रूट ने कहा, “उनमें वह मानसिकता और खेल जीतने की इच्छा है और हम भाग्यशाली हैं कि वह हमारे लीडर हैं। मुझे बस यह डर था कि कुछ गंभीर चोटों के बाद वह खेल में आगे नहीं बढ़ पाएंगे, लेकिन अब उन्हें अपने शरीर पर पूरा भरोसा है। वह जानते हैं कि वह क्या कर रहे हैं और उन्हें अपनी शारीरिक स्थिति पर अच्छी पकड़ है।” इंग्लैंड 5 मैच की इस सीरीज में 2-1 से आगे चल रही है। सीरीज का चौथा मैच 23 जुलाई से मैनचेस्टर में खेला जाना है। स्टोक्स की नजरें इस मैच को भी जीतकर सीरीज में अजेय बढ़त बनाने पर होगी। वहीं भारत मैनचेस्टर में जीत दर्ज कर सीरीज में रोमांच का तड़का लगाना चाहेगा।  

ICC का एक्शन: भारत-इंग्लैंड खिलाड़ियों पर जुर्माना, जानें क्या थी वजह

नई दिल्ली भारत और इंग्लैड की महिला टीमों के बीच खेले गए पहले वनडे मैच के बाद आईसीसी ने भारतीय बल्लेबाज और इंग्लैंड की पूरी टीम पर फाइन लगाया है। भारतीय बल्लेबाज प्रतिका रावल को इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे इंटरनेशनल मैच के दौरान आईसीसी की आचार संहिता के लेवल 1 के उल्लंघन का दोषी पाया गया और उन पर मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है। वहीं, इंग्लैंड की महिला टीम को स्लो ओवर रेट का दोषी पाया गया है। ऐसे में इंग्लैंड की टीम पर 5-5 फीसदी मैच का फीस का जुर्माना ठोका गया है।   भारतीय सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल को थोड़े समय के अंतराल में हुई दो अलग-अलग घटनाओं के लिए दंडित किया गया है। 18वें ओवर में सिंगल लेते समय उन्होंने गेंदबाज लॉरेन फाइलर के साथ बॉडी कॉन्टेक्ट किया, जिससे बचना संभव था और अगले ओवर में आउट होने के बाद ड्रेसिंग रूम लौटते समय उन्होंने गेंदबाज सोफी एक्लेस्टोन के साथ भी ऐसा ही बॉडी कॉन्टेक्ट बनाया, जिससे बचना संभव था। 10 फीसदी मैच फीस के अलावा रावल के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट अंक जोड़ दिया गया है। 24 महीने की अवधि में यह उनका पहला अपराध था। वहीं, इंग्लैंड की टीम पर स्लो ओवर रेट के लिए मैच फीस का पांच प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है, क्योंकि समय सीमा का उन्होंने ध्यान नहीं रखा और तय सीमा के बाद उन्होंने एक ओवर देरी से किया। प्लेयर्स एंड प्लेयर्स सपोर्ट स्टाफ के लिए आईसीसी आचार संहिता के आर्टिकल 2.22 के अनुसार, जो न्यूनतम ओवर गति अपराधों से संबंधित है, खिलाड़ियों पर निर्धारित समय में प्रत्येक ओवर कम फेंकने पर उनकी मैच फीस का 5 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाता है। प्रतिका रावल और इंग्लैंड की कप्तान नैट साइवर ब्रंट ने अपने अपराधों को स्वीकार कर लिया है। ऐसे में इसमें सुनवाई की कोई जरूरत नहीं है।  

आंध्र प्रीमियर लीग 2025: नितीश कुमार रेड्डी को भीमावरम बुल्स की कमान

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के युवा ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी को बड़ी सफलता हाथ लगी है. उन्होंने टीम इंडिया के लिए पहले टी20 और फिर टेस्ट में बेहतरीन प्रदर्शन किया है. वो इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए भी उम्दा प्रदर्शन कर चुके हैं. अब उन्हें इसका इनाम मिला है. नीतीश कुमार रेड्डी को आंध्र प्रीमियर लीग 2025 के लिए भीमावरम बुल्स ने अपना कप्तान नियुक्त किया है. नीतीश को सिर्फ 22 साल की उम्र में आंध्र प्रीमियर लीग में कप्तानी करने का जिम्मा मिला है. इसके साथ ही वो आंध्र प्रीमियर लीग में कप्तानी करने वाले सबसे कम उम्र के दूसरे कप्तान बन गए हैं. इस लीग में सबसे कम उम्र में कप्तानी करने की लिस्ट में सबसे ऊपर शेख रशीद का नाम शामिल है. वो 19 साल की उम्र कप्तान नियुक्त किए गए थे. वो चेन्नई सुपर किंग्स का भी हिस्सा रह चुके हैं. आंध्र प्रीमियर लीग 2025 में कुल 7 टीम हिस्सा लेने वाली हैं. इसमें अमरावती रॉयल्स, भीमावरम बुल्स, काकीनाडा किंग्स, रॉयल्स ऑफ रायलसीमा, वाइजैक लायंस, तुंगभद्रा वॉरियर्स और विजयवाड़ा सनशाइनर्स शामिल हैं. इस टूर्नामेंट की शुरुआत 8 अगस्त, 2025 को होगी. ये पूरा टूर्नामेंट लगभग 2 सप्ताह तक खेला जाएगा. इसका फाइनल 24 अगस्त, 2025 को होगा. इसके साथ ही टूर्नामेंट का समापन हो जाएगा. राउंड रॉबिन फॉर्मेट में होने वाले इस टूर्नामेंट में कुल 19 मैच होंगे. ये सभी मैच विशाखापट्टनम के डॉ. वाई.एस. राजशेखर रेड्डी एसीए-वीडीसीए क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे. इस टूर्नामेंट की शुरुआत 2022 में हुई थी. 2023 और 2024 को मिलाकर इसके तीन संस्करण हो चुके हैं. अब तक कोस्टल राइडर्स, रायलसीमा किंग्स और वाइजैग वॉरियर्स ने ही खिताब अपने नाम किया है. इस बार नीतीश की टीम भी चैंपियन बनना चाहेगी. नीतीश रेड्डी के अलावा हनुमा विहारी, केएस भरत, शेख रशीद, रिकी भुई और अश्विन हेब्बार इस सीजन कप्तानी करते हुए नजर आएंगे. नीतीश इन दिनों इंडियन टेस्ट टीम का हिस्सा है जो इंग्लैंड ने एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के तहत पांच मैचों की सीरीज खेल रही है. 

रोहित को नहीं हटाना था’, पूर्व चयनकर्ता का बड़ा खुलासा

नई दिल्ली इंग्लैंड दौरे से पहले ही रोहित शर्मा ने अचानक टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया था। उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न में खेला था। तब वह टीम के कप्तान थे। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी से दौरान वह खराब फॉर्म से जूझ रहे थे और इस वजह से उन्होंने सिडनी में हुए ट्रॉफी के आखिरी टेस्ट में खुद को ही ड्रॉप कर दिया था। पूर्व चयनकर्ता जतिन परांजपे ने अब कहा है कि वह रोहित के फैसले से थोड़ा निराश हुए थे। अगर वह सिडनी टेस्ट खेले होते तो भारत सीरीज बराबर कर सकता था। सायरस ब्रोचा के साथ 'अ सेंचुरी ऑफ स्टोरीज' पॉडकास्ट में परांजपे ने बताया कि रोहित शर्मा को टेस्ट क्रिकेट से खास लगाव है। उन्होंने कहा, 'मुझे याद है वह भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट नहीं खेल रहे थे। जब मैंने उनसे बात की तब उन्होंने कहा- जतिन, मैंने क्रिकेट खेलना ही रेड बॉल से शुरू किया है। आप कैसे कह सकते हैं कि मेरी टेस्ट क्रिकेट में रुचि नहीं हैं?' परांजपे ने आगे कहा, 'उन्होंने कहा कि वह टेस्ट क्रिकेट के लिए जीते हैं। मुझ लगता है कि रोहित शर्मा टेस्ट क्रिकेट में और भी ज्यादा कर सकते थे। मुझे तब थोड़ी बहुत निराशा हुई थी जब उन्होंने सिडनी टेस्ट में खुद को ड्रॉप कर दिया क्योंकि हम सीरीज की बराबरी कर सकते थे।' भारत सिडनी टेस्ट हार गया था और उसे बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में शिकस्त झेलनी पड़ी थी। परांजपे ने कहा कि सिडनी टेस्ट जब चल रहा था तब रोहित शर्मा ने कहा कि वह 'कहीं नहीं जा रहे' लेकिन कुछ ही महीने बाद आखिरकार उन्होंने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा ही कह दिया। परांजपे ने टेस्ट क्रिकेट में रोहित शर्मा के उभार का श्रेय रवि शास्त्री को दिया। उन्होंने खुलासा किया कि जब वह चयन समिति में थे तब शास्त्री ने रोहित को भारत के लिए ओपनिंग करने के बारे में पूछा था। शास्त्री तब हेड कोच थे। रोहित शर्मा ने भारत के लिए 67 टेस्ट खेले जिसमें उन्होंने 40.57 की औसत से 4301 रन बनाए। उन्होंने 2019 में टेस्ट में ओपनिंग शुरू की और तब से वह क्रिकेट के इस सबसे लंबे फॉर्मेट में भारत के अहम बल्लेबाज बन गए। 2020 से 2024 तक वह टेस्ट में भारत के सबसे कंसिस्टेंट परफॉर्मर थे। हालांकि, सितंबर 2024 में उनका मुश्किल वक्त आया और बल्ले से रन बनाने के लिए जूझने लगे। फिर उन्होंने संन्यास ही ले लिया।  

जॉर्डन कॉक्स की हैरतअंगेज पारी: T20 ब्लास्ट में गेंदबाज़ों की उड़ाईं धज्जियाँ

नई दिल्ली T20 ब्लास्ट में इंग्लैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज जॉर्डन कॉक्स का ऐसा तूफान आया कि सामने वाली टीम के परखच्चे उड़ गए। टी20 ब्लास्ट 2025 में एसेक्स और हैम्पशायर के बीच साउथ ग्रुप मैच में जॉर्डन कॉक्स ने अपना पहला टी20 शतक लगाया, जो वाकई में कमाल था। अपनी 139 रनों की पारी में उन्होंने 100 से ज्यादा रन तो चौके-छक्कों से बनाए। जॉर्डन कॉक्स की इसी पारी की बदौलत एसेक्स की टीम ने 221 रनों के लक्ष्य को चार गेंद शेष रहते हासिल कर लिया। एक समय ऐसा लग रहा था कि टीम वहां तक शायद ना पहुंचे, लेकिन जॉर्डन कॉक्स ने ऐसा होने नहीं दिया। 60 गेंदों में 11 चौके और 11 छक्कों की मदद से जॉर्डन कॉक्स ने 139 रनों की तूफानी पारी खेली। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 231.66 का था। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस 221 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी एसेक्स की टीम की ओर से दूसरा सबसे बड़ा निजी स्कोर 23 रन था, जो ओपनर माइकल पेपर ने बनाया था। इस तरह अकेले दम पर जॉर्डन कॉक्स ने टीम को जीत दिलाई। बड़े स्कोर का पीछा करते हुए तीसरे ओवर में ही जॉर्डन कॉक्स को बल्लेबाजी के लिए उतरना पड़ा, क्योंकि पहला विकेट 33 रनों के कुल स्कोर पर गिर गया था। ऐसे में कॉक्स के सामने एक विशाल लक्ष्य था। शुरुआती कुछ गेंदों पर शांत रहने के बाद कॉक्स ने जेम्स फुलर के पहले ओवर में ताबड़तोड़ 19 रन बनाए। उन्होंने बेनी हॉवेल के पहले ओवर में भी इतने ही रन बनाए और आठवें ओवर के अंत तक 22 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिया। जॉर्डन कॉक्स ने दूसरे ओवर में भी हॉवेल पर कोई रहम नहीं दिखाया और लगातार तीन छक्के जड़कर 80 के पार पहुंच गए। उन्होंने 17वें ओवर की पहली गेंद पर अपना शतक पूरा किया। 44 गेंदों में वे टी20 क्रिकेट में अपने पहले शतक तक पहुंचे। एसेक्स को अभी भी तीन ओवरों में 41 रनों की जरूरत थी और उसने छह विकेट खो दिए थे। दूसरे छोर पर कॉक्स के जोड़ीदार साइमन हार्मर ने पारी के 18वें और 19वें ओवर में केवल दो गेंदों का सामना किया। आखिरी ओवर में एसेक्स को जीत के लिए 11 रन चाहिए थे। ऐसे में 24 वर्षीय इस बल्लेबाज ने शुरुआती दो गेंदों पर ही दो गगनचुंबी छक्के जड़कर शानदार अंदाज में मैच को फिनिश किया और एसेक्स को एक यादगार जीत दिलाई। हालांकि, ये सीजन एसेक्स के लिए अच्छा नहीं रहा, क्योंकि 13 मैचों में टीम की ये तीसरी जीत थी। वे 9 मुकाबले बार चुके हैं और एक मुकाबला बेनतीजा रहा था। इस सीजन सिर्फ एक ही मैच अब इस टीम का बाकी है।  

वनडे सीरीज का निर्णायक मुकाबला आज, लॉर्ड्स में भिड़ेंगी भारत और इंग्लैंड की महिलाएं

लॉर्ड्स कई मैच विजेता खिलाड़ियों से सजी भारतीय महिला क्रिकेट टीम अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए इंग्लैंड के खिलाफ शनिवार को लंदन के लॉर्ड्स में होने वाले दूसरे एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में जीत हासिल करके सीरीज में अजेय बढ़त बनाने के साथ ही आगामी विश्व कप के लिए अपनी पुख्ता तैयारी को नए मुकाम पर पहुंचाने की कोशिश करेगी।   भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने साउथैम्प्टन में पहला मैच चार विकेट से जीता था और लॉर्ड्स में जीत से वह तीन मैचों की इस सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर लेगी। इससे हाल के दिनों में इस फॉर्मेट में उसकी जीत का सिलसिला भी जारी रहेगा, जिसमें मई में श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ त्रिकोणीय सीरीज में मिली जीत भी शामिल है। इंग्लैंड के खिलाफ मैच आईसीसी महिला एकदिवसीय विश्व कप की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण हैं, जिसकी मेजबानी भारत इस वर्ष के अंत में करेगा। कई खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के कारण विश्व कप टीम में जगह बनाने के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, जो मुख्य कोच अमोल मजूमदार और कप्तान हरमनप्रीत कौर के लिए अच्छा सिरदर्द है। टीम में कुछ ऐसे स्थान हैं, जिनमें टीम प्रबंधन के पास कई विकल्प हैं। टीम की गहराई और बेंच स्ट्रेंथ पहले कभी इतनी अच्छी नहीं रही। तेज गेंदबाज रेणुका सिंह ठाकुर और पूजा वस्त्राकर चोटिल होने के कारण इस श्रृंखला में नहीं खेल रही हैं। उनकी अनुपस्थिति में टीम ने पहले मैच में थोड़ी अधिक अनुभवी अरुंधति रेड्डी की जगह क्रांति गौड़ को तरजीह दी और इस 21 वर्षीय खिलाड़ी ने दो विकेट लेकर अपना प्रभाव छोड़ा। प्रतीका रावल शीर्ष क्रम में स्मृति मंधाना की जोड़ीदार के लिए पसंदीदा विकल्प के रूप में उभरी हैं, जबकि शैफाली वर्मा भी टी20 अंतरराष्ट्रीय, महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) और घरेलू क्रिकेट में अपने फॉर्म के कारण दावेदार बनी हुई हैं। हरलीन देओल भी अच्छी फॉर्म में हैं और अगर शैफाली निकट भविष्य में अंतिम एकादश में वापसी करती हैं तो रावल को तीसरे नंबर पर उतारा जा सकता है। ऐसी स्थिति में देओल को टीम में शामिल करना मुश्किल होगा, जिसके बल्लेबाजी विभाग में हरमनप्रीत, जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा और ऋचा घोष भी शामिल हैं। स्पिन विभाग भी काफी मजबूत है, जिसमें अब तक शानदार प्रदर्शन करने वाली बाएं हाथ की स्पिनर एन श्री चरणी के अलावा अनुभवी दीप्ति, स्नेहा राणा और राधा यादव भी शामिल हैं। पहले वनडे में नाबाद अर्धशतक जमा कर भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली दीप्ति ने अपनी इस पारी के दौरान ऋषभ पंत की तरह एक हाथ से छक्का लगाया था। शनिवार को होने वाले मैच में उनके प्रदर्शन पर सभी की निगाह टिकी रहेगी। भारतीय महिला टीम ने इससे पहले इंग्लैंड को टी20 सीरीज में हराया था और अब वनडे श्रृंखला जीतने से उसका 30 सितंबर से शुरू होने वाले वनडे विश्व कप के लिए मनोबल और बढ़ेगा। जहां तक इंग्लैंड की टीम का सवाल है तो उसको जीत हासिल करने के लिए खेल के तीनों विभाग में अच्छा प्रदर्शन करना होगा। मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 3:30 बजे शुरू होगा। टीमें इस प्रकार हैं: भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), प्रतीका रावल, हरलीन देयोल, जेमिमा रोड्रिग्स, ऋचा घोष (विकेटकीपर), यास्तिका भाटिया (विकेटकीपर), तेजल हसब्निस, दीप्ति शर्मा, स्नेह राणा, श्री चरणी, शुचि उपाध्याय, अमनजोत कौर, अरुंधति रेड्डी, क्रांति गौड़, सयाली सतघरे। इंग्लैंड: नैट साइवर-ब्रंट (कप्तान), एम अर्लट, टैमी ब्यूमोंट, लॉरेन बेल, माइया बाउचियर, एलिस कैप्सी, केट क्रॉस, एलिस डेविडसन-रिचर्ड्स, चार्ली डीन, सोफिया डंकले, सोफी एक्लेस्टोन, लॉरेन फाइलर, एमी जोन्स, एम्मा लैम्ब, लिंसे स्मिथ।

शतक की जल्दी या बीते पल का डर? राहुल पर क्यों हावी है पंत का रन आउट कांड?

नई दिल्ली लॉर्ड्स टेस्ट में भारत की हार की सबसे बड़ी वजह पहली पारी में ऋषभ पंत के रन आउट को माना जाता है। तीसरे दिन लंच से पहले उनका आउट होना टर्निंग पॉइंट रहा। तब तक भारत ड्राइविंग सीट पर था और उसके पास इंग्लैंड पर पहली पारी के आधार पर ठीक-ठाक बढ़ता का बढ़िया मौका था लेकिन वैसा नहीं हुआ। क्या लंच से पहले केएल राहुल के शतक की हड़बड़ी के चक्कर में ऋषभ पंत आउट हुए? मैच के बाद भारतीय ओपनर खुद यह कबूल चुके हैं इसके बाद भी रन आउट का सवाल उनका पीछा नहीं छोड़ रहा। पूर्व क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा ने सवाल उठाए हैं कि आखिर लंच से पहले ही शतक पूरा करने की ऐसी क्या हड़बड़ी थी। उन्होंने अपने यू-ट्यूब चैनल पर कहा, 'क्या किसी ने उनसे पूछा कि लंच से पहले शतक बनाना उनके लिए क्यों महत्वपूर्ण था? उसकी कोई वजह होनी चाहिए। उन्होंने ऐसा सोचा तो क्यों सोचा? उस पर इतना विचार क्यों किया गया? अगर कोई उनसे पूछे कि क्यों तब हमें असली बात पता चलेगी कि यह सब कुछ उपलब्धि से जुड़ा हुआ है।' रॉबिन उथप्पा ने अपने यू-ट्यूब चैनल पर कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि किसी ऑस्ट्रेलियाई या अंग्रेज खिलाड़ी के लिए ये आंकड़े (व्यक्तिगत उपलब्धियां) खास मायने रखते हैं। लेकिन किसी भारतीय खिलाड़ी के लिए यह मायने रखता है। शतक मायने रखता है। यह बहुत ज्यादा मायने रखता है क्योंकि भारतीय मीडिया और आलोचकों के लिए भी यह उससे भी ज्यादा मतलब रखता है। इसलिए शतक और मील के पत्थर बड़ी बात हैं।’ ऋषभ पंत जब रन आउट हुए तब केएल राहुल तब 99 रन बनाकर खेल रहे थे। मैच में पंत के सिंगल लेने की हड़बड़ी के लिए लंच से पहले पार्टनर के शतक पूरा करने की जल्दबाजी को जिम्मेदार माना गया। खुद केएल राहुल भी मैच के बाद कबूल चुके हैं कि शतक की उनकी हड़बड़ी की वजह से ही पंत रन आउट हुए। इंग्लैंड ने पहली पारी में 387 रन बनाए थे। जवाब में भारत तीसरे दिन लंच से पहले 3 विकेट के नुकसान पर 248 रन बना लिए थे। तब ऋषभ पंत 74 रन और केएल राहुल 99 रन बनाकर खेल रहे थे। 66वां ओवर चल रहा था। स्ट्राइक पर पंत थे। उन्होंने तीसरी गेंद पर काफी जोखिम भरा रन लेने की कोशिश की ताकि केएल राहुल को स्ट्राइक मिल जाए और वह लंच से पहले अपना शतक बना लें। बेन स्ट्रोक्स के शानदार और सटीक थ्रो से पंत रन आउट हो गए। 141 रन की साझेदारी का अंत हो गया। बाद में केएल राहुल भी शतक पूरा करते ही 100 के व्यक्तिगत स्कोर पर आउट हो गए। भारत बढ़त का शानदार मौका गंवा दिया और उसकी भी पहली पारी ठीक 387 रन पर खत्म हो गई। इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी में 192 रन बनाए और भारत को मैच की चौथी पारी में जीत के लिए 193 रन का लक्ष्य मिला। नौवें नंबर तक बल्लेबाज होने के बावजूद भारतीय टीम 17  

कोच गौतम गंभीर ने ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को दिया MVP का तमगा?, जमकर की प्रशंसा

लंदन भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा की प्रशंसा करते हुए इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट में उनके प्रदर्शन को अविश्वसनीय जुझारूपन करार दिया जिसके लिए उन्हें टीम का सबसे मूल्यवान खिलाड़ी (एमवीपी) का तमगा भी दिया गया। जडेजा 181 गेंदों पर 61 रन बनाकर नाबाद रहे लेकिन उनकी इस शानदार पारी के बावजूद भारत तीसरे टेस्ट में 22 रन से हार गया। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने शुक्रवार को अपनी वेबसाइट पर एक वीडियो जारी किया जिसमें गंभीर ने जडेजा की जमकर तारीफ की है।   गंभीर ने 'द एमवीपी फीट रवींद्र जडेजा' शीर्षक वाले वीडियो में कहा, ‘‘यह अविश्वसनीय जुझारूपन था। जड्डू की जुझारू पारी वास्तव में शानदार थी।’’ भारतीय टीम 193 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए लड़खड़ा गई और उसके शीर्ष आठ बल्लेबाज 40 ओवर से भी कम समय तक टिक सके। लेकिन सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए जडेजा ने दृढ़ता से काम किया और पुछल्ले बल्लेबाजों जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज के साथ मिलकर साहस और धैर्य का शानदार परिचय दिया। बुमराह ने 54 गेंदों का सामना करते हुए पांच रन और सिराज ने 30 गेंदों पर चार रन बनाए। भारत 74.5 ओवर में 170 रन पर आउट हो गया और इस तरह से पांच मैचों की श्रृंखला में 1-2 से पीछे हो गया। वीडियो में सहायक कोच रेयान टेन डोएशे ने कहा, ‘‘जडेजा की बल्लेबाजी एक अलग ही स्तर पर पहुंच गई है। पिछले दो टेस्ट मैचों में उन्होंने जो धैर्य दिखाया वह वास्तव में काबिले तारीफ है। मैं उन्हें सालों से खेलते हुए देख रहा हूं। मैंने देखा है कि उन्होंने अपने खेल को कैसे निखारा है। उनका डिफेंस बहुत मजबूत है और वे एक बेहतरीन बल्लेबाज लगते हैं।‘‘ भारत के बल्लेबाजी कोच सीतांशु कोटक ने कहा, ‘‘मुझे हमेशा लगता था कि उनमें दबाव झेलने की क्षमता है। वह आमतौर पर कुछ ऐसा करते हैं जिसकी टीम को किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में ज़रूरत होती है। वह टीम के लिए वाकई बहुत मूल्यवान हैं।’’ तेज गेंदबाज सिराज ने कहा, ‘‘उनके जैसा खिलाड़ी मिलना बहुत मुश्किल है। हम भाग्यशाली हैं कि हमारी टीम में ऐसा खिलाड़ी है।’’  

WWE विवाद: अधिकारी ने की महिला रेसलर से जबरदस्ती, पर्दे के पीछे का डरावना सच आया सामने

नई दिल्ली  WWE में महिला पहलवानों के साथ होने वाले बुरे बर्ताव के बारे में सरया ने खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कैसे एक बड़े अधिकारी ने उनके साथ गलत हरकत की और उसे मजाक बताया। इस घटना ने महिला पहलवानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सरया ने अपने फैंस से माफी भी मांगी क्योंकि वह इवोल्यूशन इवेंट में नहीं आ पाई थीं। उन्होंने फैंस के प्यार और सपोर्ट के लिए धन्यवाद दिया। WWE सिर्फ लाइटिंग और एंटरटेनमेंट नहीं है। इसके पीछे एक डार्क साइड भी है। खासकर महिला पहलवानों के लिए यह और भी डरावना है। विंस मैकमोहन के समय में राइटर्स ने पर्दे के पीछे की सच्चाई देखी थी। कुछ लोग इसे डर का साम्राज्य कहते थे। लेकिन विंस अकेले नहीं थे जो ऐसे डरावने काम करते थे। कई लोग पर्दे पर और पर्दे के पीछे ऐसे काम करते थे और उसे मजाक में उड़ा देते थे। सरया ने WWE में अपने साथ हुए बर्ताव के बारे में जो बताया है, वह पहले से भी ज्यादा डरावना है। सरया ने कही ये बात सरया ने WWE के अधिकारियों पर गलत हरकत करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि रेसलिंग में महिलाओं को सुरक्षित महसूस कराने के लिए कुछ बदलाव करने की जरूरत है। सरया ने Rule Beakers पॉडकास्ट में बताया कि कैसे एक WWE अधिकारी ने उन्हें बैकस्टेज पर परेशान किया था। सरया ने कहा, 'मैं क्राउड को देखने के लिए गई थी। वहां पाइप और ड्रेप लगे हुए थे, जिनसे आप झांक सकते हैं।' तभी एक आदमी पीछे से आया और उसने उनका मुंह बंद कर दिया और उन्हें अंधेरे में खींच ले गया। WWE अधिकारी का यह मजाक नहीं आया पसंद सरया डर गई थीं। फिर उस आदमी ने अपना चेहरा दिखाया। वह WWE का एक बड़ा अधिकारी था। उसने कहा कि वह सिर्फ मजाक कर रहा था। सरया को यह बिल्कुल भी पसंद नहीं आया। सरया ने गुस्से में कहा, 'यह मजाक नहीं है।' सरया हमेशा सच बोलती हैं। वह हमेशा सही के लिए आवाज उठाती हैं। लेकिन वह अपने फैंस से बहुत प्यार करती हैं। इसलिए उन्होंने इवोल्यूशन इवेंट में ना आने के लिए उनसे माफी मांगी।

WWE विवाद: अधिकारी ने की महिला रेसलर से जबरदस्ती, पर्दे के पीछे का डरावना सच आया सामने

नई दिल्ली  WWE में महिला पहलवानों के साथ होने वाले बुरे बर्ताव के बारे में सरया ने खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कैसे एक बड़े अधिकारी ने उनके साथ गलत हरकत की और उसे मजाक बताया। इस घटना ने महिला पहलवानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सरया ने अपने फैंस से माफी भी मांगी क्योंकि वह इवोल्यूशन इवेंट में नहीं आ पाई थीं। उन्होंने फैंस के प्यार और सपोर्ट के लिए धन्यवाद दिया। WWE सिर्फ लाइटिंग और एंटरटेनमेंट नहीं है। इसके पीछे एक डार्क साइड भी है। खासकर महिला पहलवानों के लिए यह और भी डरावना है। विंस मैकमोहन के समय में राइटर्स ने पर्दे के पीछे की सच्चाई देखी थी। कुछ लोग इसे डर का साम्राज्य कहते थे। लेकिन विंस अकेले नहीं थे जो ऐसे डरावने काम करते थे। कई लोग पर्दे पर और पर्दे के पीछे ऐसे काम करते थे और उसे मजाक में उड़ा देते थे। सरया ने WWE में अपने साथ हुए बर्ताव के बारे में जो बताया है, वह पहले से भी ज्यादा डरावना है। सरया ने कही ये बात सरया ने WWE के अधिकारियों पर गलत हरकत करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि रेसलिंग में महिलाओं को सुरक्षित महसूस कराने के लिए कुछ बदलाव करने की जरूरत है। सरया ने Rule Beakers पॉडकास्ट में बताया कि कैसे एक WWE अधिकारी ने उन्हें बैकस्टेज पर परेशान किया था। सरया ने कहा, 'मैं क्राउड को देखने के लिए गई थी। वहां पाइप और ड्रेप लगे हुए थे, जिनसे आप झांक सकते हैं।' तभी एक आदमी पीछे से आया और उसने उनका मुंह बंद कर दिया और उन्हें अंधेरे में खींच ले गया। WWE अधिकारी का यह मजाक नहीं आया पसंद सरया डर गई थीं। फिर उस आदमी ने अपना चेहरा दिखाया। वह WWE का एक बड़ा अधिकारी था। उसने कहा कि वह सिर्फ मजाक कर रहा था। सरया को यह बिल्कुल भी पसंद नहीं आया। सरया ने गुस्से में कहा, 'यह मजाक नहीं है।' सरया हमेशा सच बोलती हैं। वह हमेशा सही के लिए आवाज उठाती हैं। लेकिन वह अपने फैंस से बहुत प्यार करती हैं। इसलिए उन्होंने इवोल्यूशन इवेंट में ना आने के लिए उनसे माफी मांगी।