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महामुकाबला आज! भारत-साउथ अफ्रीका भिड़ेगी खिताब के लिए, तीसरी बार किसका सपना होगा पूरा?

नवी मुंबई भारत और साउथ अफ्रीका के बीच रविवार, 2 नवंबर को आईसीसी वुमेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 का फाइनल मुकाबला नवी मुंबई में खेला जाना है। इस मैच में दोनों टीमों की नजरें अपने-अपने पहले खिताब पर होगी। भारत ट्रॉफी उठाने को बेहद उत्सुक होगा क्योंकि 2005 और 2017 के बाद उनका यह तीसरा वर्ल्ड कप फाइनल है। वहीं साउथ अफ्रीका की वुमेंस टीम पहली बार वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचने में कामयाब रही है। भारत को निराश होने की जरूरत नहीं है क्योंकि इंग्लैंड और न्यूजीलैंड ने महिला वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में अपने तीसरे प्रयास में खिताबी सूखे को खत्म किया था और कुछ ऐसी ही स्थिति भारतीय महिला टीम की है   साल 2005 में दक्षिण अफ्रीका में खेले गये वर्ल्ड कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 98 रन से हराया था जबकि 2017 में इंग्लैंड ने घरेलू सरजमीं पर रोमांचक फाइनल में भारत पर नौ रन से जीत दर्ज की की। वुमेंस वर्ल्ड कप के शुरुआती दो आयोजनों में विजेता का फैसला लीग चरण के अंकों के आधार पर हुआ था। जिसमें 1973 में इंग्लैंड और 1978 में ऑस्ट्रेलिया चैंपियन बना था। वर्ल्ड कप में फाइनल मैच की प्रथा 1982 से शुरू हुई। इंग्लैंड को 1982 और 1988 में फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से शिकस्त का सामना करना पड़ा लेकिन टीम ने 1993 में न्यूजीलैंड को हराकर पहली बार वर्ल्ड कप फाइनल जीता। न्यूजीलैंड इसके बाद 1997 में भारत में खेले गये वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचा लेकिन इस बार उसे ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा। टीम ने हालांकि घरेलू सरजमीं पर साल 2000 में खेले गये वर्ल्ड कप के फाइनल में चिर-प्रतिद्वंद्वी ऑस्ट्रेलिया को हराकर इंग्लैंड की तरह ही अपने तीसरे प्रयास में सफलता हासिल की। भारत वर्ल्ड कप में अपना तीसरा फाइनल साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेलने को तैयार है। दोनों देशों के बीच 33 वनडे मैचों 20 जीत के साथ भारत का पलड़ा भारी है लेकिन वर्ल्ड कप में मुकाबला बराबरी का है। वनडे वर्ल्ड कप के छह मैचों में भारत के नाम तीन जीत हैं लेकिन साउथ अफ्रीका ने पिछले तीनों मैच में भारत को शिकस्त दी है। साउथ अफ्रीका इकलौती ऐसी टीम है जिसे भारत ने 2017 से इस वैश्विक आयोजन में नहीं हराया है। वर्ल्ड कप के इतिहास में इससे ज्यादा बार लगातार मैचों में ऑस्ट्रेलिया (आठ) और न्यूजीलैंड (पांच) ने भारत को हराया है। भारतीय टीम ऐसे में फाइनल में साउथ अफ्रीका से वर्ल्ड कप में मिली लगातार तीन हार का बदला भी चुकता करना चाहेगी। साउथ अफ्रीका ने 2017 वर्ल्ड कप में भारत को 115 जबकि 2022 वर्ल्ड कप में तीन विकेट से हराया था। इस टीम ने मौजूदा वर्ल्ड कप में विशाखापत्तनम में भारत को तीन विकेट से शिकस्त देकर वर्ल्ड कप के मैचों में जीत की हैट्रिक पूरी की थी। इस जीत से साउथ अफ्रीका ने भारतीय महिला टीम के खिलाफ लगातार पांच वनडे मैचों की हार का सिलसिला तोड़ा था। भारत ने फाइनल की मेजबानी कर रहे डीवाई पाटिल स्टेडियम में अपने दो मैचों जीत दर्ज की है जबकि बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया था जबकि साउथ अफ्रीका की टीम पहली बार इस मैदान पर खेलेगी। महिला वर्ल्ड कप के फाइनल में यह पहला मौका है जब खिताबी मुकाबला ऐसी दो टीमों के बीच होगा जो कभी चैंपियन नहीं रही है। महिला वनडे वर्ल्ड कप में यह पांचवां मौका है जब मेजबान टीम खिताबी मुकाबला खेलेगी। ऑस्ट्रेलिया (1988), इंग्लैंड (1993, 2017) और न्यूजीलैंड (2000) ने यह कारनामा किया है। ऑस्ट्रेलिया सात खिताब और नौ फाइनल के साथ वर्ल्ड कप की सबसे सफल टीम है जबकि इंग्लैंड ने तीन और न्यूजीलैंड ने एक खिताब जीता है ऐसे में रविवार का दिन महिला क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक होगा क्योंकि जीतने वाली टीम पहली बार वर्ल्ड विजेता बनेगी।  

अब बेहतर महसूस कर रहे श्रेयस अय्यर, बीसीसीआई ने बताई भारत वापसी की तारीख

नई दिल्ली टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज और वनडे टीम के उप-कप्तान श्रेयस अय्यर को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। बीसीसीआई ने शनिवार, 1 नवंबर को अय्यर की इंजरी पर तीसरा अपडेट जारी कर बताया कि उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज मिल गया है। हालांकि वह अभी भारत नहीं लौटेंगे। श्रेयस अय्यर आगे की जांच के लिए फिलहाल सिडनी में ही रहेंगे और उड़ान भरने के लिए फिट पाए जाने पर भारत लौट आएंगे। श्रेयस अय्यर को 25 अक्टूबर 2025 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे के दौरान फील्डिंग करते समय पेट में गंभीर चोट लगी थी   बीसीसीआई ने रिलीज में लिखा, श्रेयस अय्यर को 25 अक्टूबर 2025 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे के दौरान फील्डिंग करते समय पेट में गंभीर चोट लग गई, जिससे उनकी तिल्ली में चोट लग गई और इंटरनल ब्लीडिंग होने लगी। चोट की तुरंत पहचान कर ली गई और एक मामूली ऑपरेशन के बाद इंटरनल ब्लीडिंग तुरंत बंद कर दिया गया। इसके लिए उनका उचित चिकित्सा उपचार किया गया है। अब उनकी हालत स्थिर है और वे अच्छी तरह से ठीक हो रहे हैं। सिडनी और भारत के विशेषज्ञों के साथ-साथ बीसीसीआई की मेडिकल टीम उनके स्वास्थ्य लाभ से खुश है और उन्हें आज अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। बीसीसीआई सिडनी में डॉ. कौरौश हाघीगी और उनकी टीम के साथ-साथ भारत में डॉ. दिनशॉ पारदीवाला का हार्दिक आभार व्यक्त करता है, जिन्होंने श्रेयस को उनकी चोट का सर्वोत्तम उपचार सुनिश्चित किया। श्रेयस आगे की जांच के लिए सिडनी में ही रहेंगे और उड़ान भरने के लिए फिट पाए जाने पर भारत लौट आएंगे। बता दें, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैच की वनडे सीरीज के दौरान ही अय्यर को टीम इंडिया का उप-कप्तान बनाया गया था। रिपोर्ट्स हैं कि वह इस चोट की वजह से लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रह सकते हैं। ऐसे में वह टी20 वर्ल्ड कप 2026 की दौड़ से भी बाहर माने जा रहे हैं। उम्मीद लगाई जा रही है कि वह अब वह सीधा आईपीएल में ही वापसी करेंगे।  

14 साल का सनसनी वैभव सूर्यवंशी! IPL चीफ बोले- टीम इंडिया का अगला स्टार तैयार

नई दिल्ली  IPL 2025 के जरिए वर्ल्ड क्रिकेट का ध्यान अपनी ओर खींचने वाले वैभव सूर्यवंशी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। वैभव ने आईपीएल के बाद अंडर-19 टीम के लिए खूब रन बनाए, लिमिटेड ओवर क्रिकेट के अलावा उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में भी अपना जलवा बिखेरा। उनके इस लाजवाब प्रदर्शन को देखने के बाद फैंस उत्साहित हैं कि वह कब भारतीय टीम के लिए डेब्यू करेंगे। क्या वैभव सूर्यवंशी टीम इंडिया के लिए तैयार है? आईपीएल चीफ अरुण धूमल ने हाल ही में अपने एक बयान में कहा है कि 14 साल के वैभव सूर्यवंशी टीम इंडिया के लिए दरवाजे खटखटा रहे हैं।   अरुण धूमल ने टीम इंडिया की प्रभावशाली बेंच स्ट्रेंथ की तारीफ की और 14 साल के प्रतिभाशाली खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा को उजागर किया। उन्होंने इस दौरान रोहित शर्मा और विराट कोहली की भी उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन, दृढ़ विश्वास और कार्यशैली के लिए सराहना की। धूमल को भरोसा है कि रोहित और कोहली ODI फॉर्मेट में अभी बहुत आगे हैं, और उन्होंने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ संपन्न तीन मैचों की वनडे सीरीज में रोहित की शानदार बल्लेबाजी की सराहना की, जहां उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया था। अरुण धूमल ने कहा, “हम लंबे समय से भारतीय टीम की इस बेंच स्ट्रेंथ के बारे में बात कर रहे हैं। लेकिन इस टीम को देखिए, एक 14 साल का अद्भुत खिलाड़ी, वैभव सूर्यवंशी, टीम का हिस्सा बनने के लिए दरवाजा खटखटा रहा है। और फिर आपके पास रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे महान खिलाड़ी हैं, जिनके बारे में लोग सोचते हैं कि वे जा रहे हैं, लेकिन वे नहीं जा रहे हैं। वे यहीं रहने वाले हैं।” उन्होंने आगे कहा, "और जिस तरह से रोहित ने इस वनडे सीरीज में अपनी क्लास दिखाई है, उस उम्र में, फाइनल मैच में प्लेयर ऑफ द मैच और फिर प्लेयर ऑफ द सीरीज़ बनकर, यह दर्शाता है कि उनमें किस तरह का दृढ़ विश्वास है, वे किस तरह की कड़ी मेहनत करते हैं। जब टीम इंडिया की बात आती है, तो वे अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहेंगे। और यही एक खिलाड़ी की सच्ची झलक है। और मेरी उन दोनों को शुभकामनाएं। उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट को अपना जीवन दिया है।"  

म्युनिख ओलंपिक 1972 कांस्य पदक विजेता हॉकी गोलकीपर फ्रेडरिक का निधन

नई दिल्ली भारतीय पुरूष हॉकी टीम के पूर्व गोलकीपर और म्युनिख ओलंपिक 1972 की कांस्य पदक विजेता टीम के सदस्य मैनुअल फ्रेडरिक का शुक्रवार को सुबह बेंगलुरू में निधन हो गया। वह 78 वर्ष के थे और उनके परिवार में दो बेटियां हैं। वह पिछले दस महीने से प्रोस्टेट कैंसर से जूझ रहे थे। ⁠ केरल के कन्नूर में 20 अक्टूबर 1947 को जन्मे फ्रेडरिक ओलंपिक पदक जीतने वाले प्रदेश के पहले खिलाड़ी थे। उनके अलावा केरल से पी आर श्रीजेश ने तोक्यो और पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीता है और वह भी हॉकी गोलकीपर रहे हैं। काफी पहले बेंगलुरू में आ बसे फ्रेडरिक एक साल पहले पत्नी शीतला के निधन के बाद से अवसाद में भी थे। उनकी बेटी फ्रेशना ने कहा, ‘‘डैड का सुबह निधन हो गया। वह पिछले दस महीने से कैंसर से जूझ रहे थे और एक साल पहले मां के जाने के बाद से अवसाद में भी थे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने बहुत कोशिश की लेकिन उन्हें पीलिया भी हो गया था जिससे उनका लिवर प्रभावित हुआ और उनकी हालत बिगड़ गई।’ फ्रेडरिक को 2019 में खेलों में आजीवन उपलब्धियों के लिये मेजर ध्यानचंद पुरस्कार भी दिया गया था।  

रतिका सीलान नार्थ कोस्ट ओपन स्क्वाश के क्वार्टर फाइनल में

नई दिल्ली भारत की रतिका एस सीलान आस्ट्रेलिया में नॉर्थ कोस्ट ओपन स्क्वाश के महिला वर्ग के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गई। सातवीं वरीयता प्राप्त तमिलनाडु की इस खिलाड़ी ने 6000 डॉलर ईनामी राशि के टूर्नामेंट में कीवी मैडेन ली को को प्री क्वार्टर फाइनल में 9-11 11-8 11-8 11-2 से हराया। अब वह तीसरी वरीयता प्राप्त हांगकांग की बोबो लैम से खेलेंगी। इस बीच अंडोरा में पीएसए चैलेंजर 12 पियरे और वाकांस टूर्नामेंट में तन्वी खन्ना को तीसरी वरीयता प्राप्त नूर खफागी ने क्वार्टर फाइनल में हराया।   

मेलबर्न में भारत की मुश्किलें बढ़ीं, ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने गेंदबाजों की धोई धुलाई

मेलबर्न  ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम ने शुक्रवार को भारतीय टीम को मेलबर्न में खेले गए दूसरे टी20 मैच में 4 विकेट से हराया। इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों ने दूसरे टी20 मैच में भारत के शीर्ष क्रम को झकझोरते हुए मेहमान टीम को 125 रन पर समेट दिया। भारत की ओर से अभिषेक शर्मा और हर्षित राणा की दहाई के आंकड़े तक पहुंच सके अन्य बल्लेबाज रन बनाने के लिए संघर्ष करते हुए दिखे। ऑस्ट्रेलिया ने 13.2 ओवर में 6 विकेट खोकर 126 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया की ओर से कप्तान मिचेल मार्श ने सर्वाधिक 46 रन बनाए। भारत के लिए वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप ने 2-2 विकेट चटकाए। पहला मैच बारिश के कारण रद्द हो गया था।   126 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया को ट्रेविस हेड और मिचेल मार्श ने बेहतरीन शुरुआत दिलाई। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 51 रन की साझेदारी हुई। सलामी बल्लेबाज ट्रेविस हेड 15 गेंद में 28 रन बनाकर वरुण का शिकार बने। कप्तान मिचेल मार्श 26 गेंद में 46 रन बनाकर पवेलियन लौटे। टिम डेविड एक रन ही बना सके। जोश इंग्लिस ने 20 गेंद में 20 रन बनाए। जसप्रीत बुमराह ने अपने आखिरी ओवर में लगातार गेंदों पर दो विकेट चटकाए। हालांकि वह हैट्रिक से चूक गए। बुमराह ने मिचेल ओवन और मैथ्य शार्ट को आउट किया। हालांकि 14वें ओवर में मार्कस स्टायनिस ने विजयी रन मारे। इससे पहले खचाखच भरे एमसीजी मैदान पर भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव टॉस हार गए। इसके बाद हेजलवुड ने अपनी गेंदों से कहर बरपाया लेकिन फॉर्म में चल रहे अभिषेक एक छोर पर डटे रहे। हेजलवुड ने अपने चार ओवर के स्पेल में 15 डॉट गेंदें फेंकी। उन्हें पिच से अच्छा मूवमेंट मिल रहा था जिससे भारतीय शीर्ष क्रम उलझन में पड़ गया। उन्होंने शुभमन गिल (05) को बाउंसर फेंकी जो उनके सिर पर लगी जिसके लिए अनिवार्य कनकशन जांच करनी पड़ी। इससे पहले गिल उनकी अंदर आती फुल लेंथ गेंद पर पगबाधा की अपील से बचे थे। भारत ने लगातार गंवाए विकेट फिर हेजलवुड ने ऑफ स्टंप के बाहर फुल लेंथ की गेंद फेंकी तो मिड ऑफ पर खड़े मिचेल मार्श ने भारतीय उप कप्तान का आसान कैच लपक लिया। एलिस ने संजू सैमसन (02) को पगबाधा आउट किया। सैमसन ने डीआरएस रिव्यू लिया लेकिन यह बेकार चला गया। इसके बाद हेजलवुड की गेंद पर कप्तान सूर्यकुमार विकेटकीपर जोश इंग्लिस को कैच थमाकर पवेलियन लौट गए। दो गेंद बाद तिलक वर्मा भी हेजलवुड का शिकार हुए। अक्षर पटेल के रन आउट होने के बाद राणा और अभिषेक ने पारी को संभाला। लेकिन राणा के आउट होने के बाद अभिषेक पर दबाव बन गया। सातवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरे ऑलराउंडर हर्षित राणा ने 33 गेंद में 35 रन की पारी खेली और अभिषेक के साथ छठे विकेट के लिए 56 रन जोड़कर भारत को 100 रन का आंकड़ा पार करने में मदद की। भारत के नौ खिलाड़ी दोहरे अंक तक भी नहीं पहुंच सके। ऑस्ट्रेलिया के लिए तेज गेंदबाज हेजलवुड के अलावा जेवियर बार्टलेट और नाथन एलिस ने दो दो विकेट झटके। अभिषेक ने ऑफ-साइड में कुछ बेहतरीन शॉट खेले जिसमें स्लैश, चेक ड्राइव और उठा कर लगाए गए स्ट्रोक शामिल थे। उन्होंने इस प्रतिष्ठित मैदान पर अपने पहले मैच में 23 गेंद में अर्धशतक जड़ दिया लेकिन अन्य बल्लेबाज कोई भागीदारी नहीं निभा सके और पवेलियन लौट गए। इससे टीम आठ गेंद रहते सिमट गई। अभिषेक ने अपनी पारी में आठ चौके और दो छक्के जड़े थे।  

T20 सीरीज की धमाकेदार शुरुआत: ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हराकर बनाई बढ़त

नई दिल्ली  मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड यानी एमसीजी में आज इंडिया वर्सेस ऑस्ट्रेलिया पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज का दूसरा मुकाबला खेला गया। इस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को बुरी तरह हराया। भारत ने सिर्फ 125 रन बनाए थे और ऑस्ट्रेलिया ने 6 विकेट खोकर 126 रनों के लक्ष्य को 14वें ओवर में ही हासिल कर लिया। जोश हेजलवुड ने खतरनाक गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट निकाले और वे प्लेयर ऑफ द मैच चुने जाएंगे। अभिषेक शर्मा ने 68 रनों की पारी खेली। उनको बाकी बल्लेबाजों से साथ नहीं मिला। हर्षित राणा ने जरूर 35 रन बनाए, लेकिन आखिर में अभिषेक अकेले रह गए थे। भारत के लिए वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव और जसप्रीत बुमराह को 2-2 विकेट मिले। सीरीज का तीसरा मुकाबला रविवार 2 नवंबर को होबार्ट में खेला जाएगा। दो मैचों के बाद ऑस्ट्रेलिया सीरीज में 1-0 से आगे है, क्योंकि एक मैच बारिश में धुल गया था। ऑस्ट्रेलिया ने जीता मैच मेलबर्न टी20 मैच को ऑस्ट्रेलिया ने 4 विकेट के अंतर से जीता। भारत ने इस मैच में सिर्फ 125 रन ही बनाए थे। अगर 30 रन और बना लेता भारत तो फिर मैच में जान पड़ सकती थी, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया के ने भी अपने 6 विकेट खो दिए थे। बुमराह को मिले लगातार 2 विकेट जसप्रीत बुमराह ने अपने तीसरे ओवर में पहली सफलता हासिल की, जब भारत को उन्होंने पांचवीं विकेट दिलाई। मिचेल ओवेन को विकेट के पीछे संजू सैमसन के हाथों कैच आउट कराया। अगली गेंद पर उन्होंने मैथ्यू शॉर्ट को क्लीन बोल्ड किया और छठी सफलता भी दिलाई। हालांकि, भारत के हाथ से मैच बाहर है।

जब 2017 में टूटा था भारत का सपना… अब महिला टीम के पास बदला लेने का मौका

नई दिल्ली  हरमनप्रीत कौर की अगुआई में भारतीय टीम महिला एकदिवसीय विश्व कप के फाइनल में पहुंच चुकी है। गुरुवार को सेमीफाइनल में उसने 7 बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को रिकॉर्ड रनों का पीछा करते हुए हराया। अब हरमनप्रीत कौर आर्मी भारतीय महिला क्रिकेट की वो गौरवशाली गाथा लिखने की दहलीज पर खड़ी है जो अतीत में लिखते-लिखते रह गई थी। कौर के जेहन में 2017 की वो दिल तोड़ने वाली फाइनल की हार ताजा होगी और उनकी अगुआई में टीम इस बार वो कसर पूरी करने के लिए जी जान लगाएगी। 2017 में भारत के विश्व कप जीतने का सपना टूटा था। तब सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को ही शिकस्त देकर फाइनल में जगह बनाई थी। सेमी में हरमनप्रीत कौर ने 115 गेंदों में 171 रनों की बेमिसाल तूफानी पारी खेली थी और भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 36 रन से हराया था। उसके बाद लगा कि 2017 महिला क्रिकेट के लिए 1983 बनने वाला है जब पुरुष टीम ने पहली बार विश्व विजय हासिल की थी। लेकिन वो हो न सका। फाइनल में भारत को मेजबान इंग्लैंड के हाथों 9 रन से शिकस्त झेलनी पड़ी। 8 गेंदें बाकी थीं लेकिन पूरी भारतीय टीम आउट हो चुकी थी। तब इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 228 रन का स्कोर खड़ा किया था। जीत के लिए 229 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। 5 रन के टीम स्कोर पर स्मृति मंधाना बिना खाता खोले आउट हो गईं। 43 रन पर भारत को दूसरा झटका लग गया और कप्तान मिताली राज दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से रन आउट हो गईं। उसके बाद हरमनप्रीत कौर और पूनम राउत ने तीसरे विकेट के लिए 95 रनों की साझेदारी की। हरमनप्रीत 51 रन बनाकर आउट हुईं। भारत को चौथा झटका पूनम राउत के रूप में लगा जो शतक की तरफ बढ़ रही थीं। उन्होंने 86 रन की शानदार पारी खेली। भारत तब भी जीत की स्थिति में था। तब भारत का स्कोर 191 रन था और जीत के लिए 43 गेंदों में सिर्फ 38 रन चाहिए थे और हाथ में बचे थे 6 विकेट। स्कोर बोर्ड में अभी 5 रन ही जुड़े थे कि भारत को सुषमा वर्मा के रूप में पांचवां झटका लगा। 45वें ओवर में एक समय भारत का स्कोर 6 विकेट के नुकसान पर 201 रन था। तब भी जीत मुट्ठी में लग रही थी। लेकिन तभी झूलन गोस्वामी के रूप में सातवां झटका लगा। 47.2 ओवर में स्कोर था 7 विकेट के नुकसान पर 218 रन। तब 20 गेंद में सिर्फ 11 रन चाहिए थे। लेकिन 2 रन के अंतराल पर ही भारत के आखिरी 3 विकेट गिर गए और एक नया इतिहास रचते-रचते रह गया। करोड़ों दिल टूट गए। मेजबान इंग्लैंड ने विश्व कप अपने नाम कर लिया था। अब भारत के पास उस टीस को खत्म करने, उस कसर को पूरा करने का सुनहरा मौका है। 2 नवंबर को फाइनल में दक्षिण अफ्रीका के सामने उस अधूरी कहानी को पूरा करने का मौका है। सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने जिस विलक्षण जज्बे, जुनून और हौसले का मुजाहिरा किया है, वो उम्मीद जगाता है- अबकी बार 2017 वाली कसर पूरी होकर रहेगी।  

न्यूजीलैंड ने तीसरे वनडे के लिए मैट हेनरी की जगह इस खिलाड़ी को दी जगह

वेलिंग्टन  न्यूजीलैंड ने मैट हेनरी की जगह नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स के तेज गेंदबाज क्रिस्टियन क्लार्क को इंग्लैंड के खिलाफ चल रही घरेलू सीरीज के तीसरे और आखिरी एकदिवसीय के लिए पहली बार टीम में शामिल किया है।  मैट हेनरी काफ में स्ट्रेन की दिग्गत के कारण बुधवार को इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे वनडे से बाहर हो गए थे। हेनरी हैमिल्टन से वेलिंगटन जाने के बजाय क्राइस्टचर्च अपने घर लौटेंगे। तीसरा मैच शनिवार को वेलिंगटन में खेला जाएगा। क्लार्क अच्छी ऑलराउंड फॉर्म के साथ टीम में आए हैं।  गुरुवार को उन्होंने पहले 107 गेंदों में 100 रन बनाकर नाबाद शतक बनाया, जो रिप्रेजेंटेटिव क्रिकेट में उनका पहला शतक था और फिर न्यू प्लायमाउथ में फोडर् ट्रॉफी मैच में नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स ने सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट्स को 113 रनों से (डीएलएस पद्धति) हरा दिया, जिसमें उन्होंने 57 रन देकर तीन विकेट लिए थे।  क्लार्क ने 31 ए लिस्ट मैचों में 22.13 की औसत से 332 रन बनाए हैं और 26.55 की औसत से 52 विकेट लिए हैं। उन्होंने 25 प्रथम श्रेणी मैच और 19 टी-20 भी खेले हैं। वह इस साल की शुरुआत में बंगलादेश का दौरा करने वाली न्यूजीलैंड ए टीम का भी हिस्सा थे।   

‘एकाग्रता’ खोने के बाद भी नहीं टूटी जेमिमा की हिम्मत — आखिरी ओवर में ऐसे पलटी मैच की दिशा

नवी मुंबई  अपने नाबाद शतक से भारत को वनडे विश्व कप फाइनल में ले जाने के बाद भावनाओं पर काबू पाने की कोशिश करते हुए जेमिमा रौड्रिग्स ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में हरमनप्रीत कौर के आउट होने के बाद उन्हें फिर से फोकस करने में मदद मिली। दबाव में बेहतरीन पारी खेलते हुए जेमिमा ने 134 गेंद में नाबाद 127 रन बनाये जिसकी मदद से भारत ने रिकॉर्ड 339 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए आस्ट्रेलिया को हराया। अब फाइनल में सामना दक्षिण अफ्रीका से होगा।   उन्होंने कहा, ‘‘ जब वह आउट हुई तो मुझे फिर से फोकस करने में मदद मिली क्योंकि थकान के कारण मेरी एकाग्रता टूट रही थी। हरमन के आउट होने के बाद मुझे लगा कि अतिरिक्त जिम्मेदारी से खेलना होगा। मैने खुद से कहा कि वह आउट हो गई है तो उसके लिये मैं ही रन बनाऊंगी , मुझे टिककर खेलना है।’’ जेमिमा ने कहा, ‘‘इससे मेरा फोकस फिर बना और मैं समझदारी से खेलने लगी।’’ प्रेस कांफ्रेंस में बार-बार रो पड़ी जेमिमा ने कहा कि भगवान पर अटूट आस्था से उन्हें बेचैनी से उबरने में मदद मिली। उन्होंने कहा, ‘‘मैं प्रार्थना कर रही थी। मैं खुद से बात कर रही थी क्योंकि काफी ऊर्जा खत्म हो चुकी थी। मैं थक गई थी और इसकी वजह से कुछ पेचीदा शॉट खेले। मैं सोच रही थी कि कैसे खेलूं। आक्रामक रहूं या अंत तक टिकी रहूं और मैने सीखा कि अंत तक डटकर खेलना जरूरी था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं खुदा से बात कर रही थी क्योंकि मेरा मानना है कि मेरा उनसे निजी रिश्ता है और जब मैं खुद नहीं कर पाती तो वह मेरे लिये कर देते हैं।’’ इस पारी से पहले जेमिमा कठिन दौर से गुजर रही थी और टीम से बाहर भी हुई लेकिन उसके साथी खिलाड़ी उसके साथ डटे रहे। उन्होंने कहा, ‘‘कोई अपनी कमजोरियों के बारे में बात नहीं करना चाहता। टूर्नामेंट की शुरूआत में काफी बैचेनी से गुजर रही थी। अपनी मां को फोन करके पूरा समय रोती रहती थी क्योंकि जब आप इन हालात से गुजर रहे होते हैं तो कुछ सूझ नहीं पड़ता।’’ उन्होंने कहा, ‘‘समझ में नहीं आता कि क्या करें। ऐसे समय में मेरे माता पिता ने मेरा खूब साथ दिया। अरूंधति रेड्डी से मैं रोज बात करती थी और उसके सामने रोती थी। स्मृति (मंधाना) ने मेरी काफी मदद की। उसे पता था कि मैं क्या महसूस कर रही हूं। कुछ नेट सत्रों में वह खड़ी रही , कुछ कहा नहीं लेकिन उसे पता था कि उसकी मौजूदगी मेरे लिये अहम है। राधा यादव ने मेरा बहुत ख्याल रखा।’’ जेमिमा ने मैच के बारे में कहा, ‘‘डी वाई पाटिल स्टेडियम पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। मैं यही सोच रही थी कि टिके रहना है तो रन खुद ब खुद मिलेंगे।’’