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भोपाल में 8वीं इंटर स्टेट चैलेंजर्स व 45वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप: अपर लेक 26–30 नवंबर तक होगा खेल का हब

8वीं इंटर स्टेट चैलेंजर्स एवं 45वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप भोपाल में अपर लेक बनेगा खेल का केंद्र : 26 से 30 नवंबर तक कार्यक्रम भोपाल भोपाल में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से 26 से 30 नवंबर 2025 तक दो बड़े राष्ट्रीय रोइंग इवेंट आयोजित किए जा रहे हैं। अपर लेक पर होने वाले इन आयोजनों में 8वीं इंटर स्टेट चैलेंजर्स चैंपियनशिप और 45वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप शामिल हैं। प्रतियोगिताएँ रोइंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के सहयोग से होंगी, जिनमें देशभर के विभिन्न राज्यों के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। 23 राज्यों से 500 प्रतिभागी करेंगे जल क्रीड़ाओं में अपनी क्षमता का प्रदर्शन इस वर्ष चैंपियनशिप में 23 राज्यों से 500 युवा रोअर्स भाग लेंगे। प्रतियोगिता में जूनियर एवं इंटर-स्टेट दोनों श्रेणियों में अत्याधुनिक रोइंग बोट्स के माध्यम से प्रतिभागी अपनी शारीरिक क्षमता, गति, कौशल और अनुशासन का प्रदर्शन करेंगे। ऊपरी झील के प्राकृतिक एवं अनुकूल जल क्षेत्र में प्रतियोगिता का आयोजन रोइंग खेल को नई ऊँचाई प्रदान करेगा। अपर लेक बना प्रमुख खेल स्थल अपर लेक पूर्व में भी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय वाटर स्पोर्ट्स इवेंट्स की सफल मेजबानी कर चुका है। इसी वजह से इसे रोइंग खेल के लिए आदर्श स्थल माना जाता है। इस बार भी बोट हाउस, वार्मअप ज़ोन, सुरक्षा व्यवस्था, मेडिकल टीम और तकनीकी सुविधाओं सहित सभी तैयारियाँ पूरी की जा रही हैं, जिससे खिलाड़ियों और दर्शकों को बेहतर अनुभव मिल सके। खेल क्षमताओं और पर्यटन को बढ़ावा राज्य सरकार का प्रयास है कि इस प्रतियोगिता से खिलाड़ियों को प्रेरित करने के साथ-साथ मध्यप्रदेश की खेल क्षमताओं और आयोजक कौशल का मजबूत संदेश देशभर में जाए। आयोजन से युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच मिलेगा और राज्य में खेल पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की महत्वपूर्ण पहल राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा इस अंतर्राज्यीय व राष्ट्रीय स्तर की चैंपियनशिप की मेजबानी राज्य में जल खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। विभाग का उद्देश्य अधिकतम युवाओं को रोइंग जैसे ओलंपिक खेलों से जोड़ना तथा खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराना है। चैंपियनशिप में रोमांचक मुकाबलों की तैयारी पूरी 26 से 30 नवंबर तक चलने वाली इस चैंपियनशिप में स्पर्धाओं के लिए तकनीकी व्यवस्थाएँ, सुरक्षा इंतजाम, जलपथ चिन्हांकन और प्रतिभागियों की सुविधाएँ पूरी तरह सुनिश्चित की गई हैं। आयोजन समिति ने प्रतियोगिताओं को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया है, जिससे खिलाड़ियों को सर्वोत्तम प्रतिस्पर्धी वातावरण प्रदान किया जा सके।  

गिल की जगह नए खिलाड़ी को मौका, SA की ठोस ओपनिंग से टीम इंडिया दबाव में

गुवाहाटी गुवाहाटी के बारसापारा स्टेड‍ियम में भारत और साउथ अफ्रीका के बीच 2 मैचों की सीरीज का दूसरा टेस्ट  (22 नवंबर) शुरू हो गया है. जहां साउथ अफ्रीकी टीम पहले बल्लेबाजी कर रही है. मैच में टॉस अफ्रीकी कप्तान टेम्बा बावुमा ने जीता था. अफ्रीकी टीम की ओर से एडेन मार्करम, र‍यान रिकेल्टन ओपन‍िंंग करने आए हैं. इस मुकाबले की लाइव कवरेज और स्कोरकार्ड के लिए इस पेज को लगातार र‍िफ्रेश करते रहें.  भाारत और साउथ अफ्रीका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा एवं आखिरी मुकाबला गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में 22 नवंबर (शनिवार) से खेला जा रहा है. इस मुकाबले में साउथ अफ्रीका के कप्तान टेम्बा बावुमा ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी का निर्णय लिया. यानी भारतीय टीम को इस मुकाबले में पहले गेंदबाजी करनी पड़ी है. इस मुकाबले के लिए दोनों टीम्स की प्लेइंग-1 में बदलाव देखने को मिले हैं. मुकाबले में ऋषभ पंत भारतीय टीम की कप्तानी कर रहे हैं क्योंकि नियमित कप्तान शुभमन गिल नेक इंजरी के चलते दूसरे टेस्ट मैच से बाहर हो गए थे. शुभमन की जगह बैटिंग ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी को इस मैच में मौका मिला है. वहीं स्पिन बॉलिंग ऑलराउंडर अक्षर पटेल भी यह मुकाबला नहीं खेल रहे हैं. अक्षर की जगह साई सुदर्शन की प्लेइंग-11 में एंट्री हुई है. साउथ अफ्रीका ने भी अपनी एकादश में एक बदलाव किया है. कॉर्बिन बॉश की जगह भारतवंशी स्पिनर सेनुरन मुथुसामी को मौका मिला है. मुथुसामी बाएं हाथ के स्पिनर हैं, साथ ही वो बाएं हाथ के उपयोगी बल्लेबाज भी हैं. मुथुसामी के परदादा-परदादी तमिलनाडु के वेल्लूर के रहने वाले थे और वो बाद में साउथ अफ्रीका चले आए थे. भारतीय टीम गुवाहाटी टेस्ट मैच में चार स्पेशलिस्ट बल्लेबाज, एक विकेटकीपर, 2 स्पिन बॉलिंग ऑलराउंडर, 1 बैटिंग ऑलराउंडर, एक विशेषज्ञ स्पिनर और दो तेज गेंदबाज के साथ उतरी है. दूसरी ओर मेहमान साउथ अफ्रीकी टीम पांच स्पेशलिस्ट बैटर, तीन ऑलराउंडर, एक स्पिन बॉलिंग ऑलराउंडर और दो विशेषज्ञ स्पिनर के साथ उतरी है. भारत- अफ्रीका की प्लेइंग 11 में कितने बदलाव?  भारतीय टीम ने इस मुकाबले में प्लेइंग 11 में 2 बदलाव किए और साउथ अफ्रीकी टीम ने एक बदलावा किया. शुभमन ग‍िल की जगह नीतीश रेड्डी को मौका दिया गया. वहीं अक्षर पटेल को टीम से बाहर कर साई सुदर्शन को टीम में लाया गया. साउथ अफ्रीकी टीम में भी एक बदलाव हुआ है. वहीं कॉर्बिन बॉश  की जगह अफ्रीकी टीम में स्प‍िनर सेनुरन मुथुसामी को लाया गया है. ऐसे में अफ्रीकी टीम 3 स्प‍िनर्स के साथ उतरी है, उनके पास पहले से ही केशव महाराज और साइमन हार्मर हें.  गुवाहाटी टेस्ट में भारत की प्लेइंग-XI: यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, वॉशिंगटन सुंदर, ध्रुव जुरेल, ऋषभ पंत (कप्तान, विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, नीतीश रेड्डी, साई सुदर्शन, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज गुवाहाटी टेस्ट में साउथ अफ्रीका की प्लेइंग-XI: एडेन मार्करम, र‍यान रिकेल्टन, वियान मुल्डर, टेम्बा बावुमा (कप्तान), टोनी डी जोरजी, ट्रिस्टन स्टब्स, काइल वेरेने (विकेटकीपर), साइमन हार्मर, मार्को जानसेन, सेनुरन मुथुसामी, केशव महाराज गुवाहाटी में नई परंपरा की शुरुआत  गुवाहाटी स्टेडियम में यह पहला टेस्ट मैच है. यहां टॉस सुबह 8:30 बजे हुआ और मैच 9 बजे शुरू होगा. पांचों दिन पहला सत्र 9 से 11 बजे तक होगा. इसके बाद 20 मिनट का टी-ब्रेक लिया जाएगा. फिर दूसरा सत्र 11.20 बजे से 1.20 बजे तक होगा. दूसरे सत्र की समाप्ति के बाद 40 मिनट का लंच ब्रेक निर्धारित किया गया है. फिर दोपहर 2 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक आखिरी सत्र होगा. यदि निर्धारित समय में पूरे ओवर्स नहीं होते हैं तो खेल को आधा घंटा बढ़ाया भी जाएगा. यानी मुकाबला शाम 4.30 बजे तक चल सकता है. कोलकाता टेस्ट में क्या हुआ था टीम इंडिया को साउथ अफ्रीका के हाथों कोलकाता के ईडन गार्डन्स में हुए टेस्ट मैच में 30 रनों से हार झेलनी पड़ी थी. भारतीय टीम को जीत के लिए 124 रनों का टारगेट मिला था, लेकिन शुभमन गिल ब्रिगेड 93 रनों पर ही सिमट गई. साउथ अफ्रीका ने इस तरह भारत में 15 साल बाद कोई टेस्ट मैच जीता था. इस जीत के चलते साउथ अफ्रीकी टीम टेस्ट सीरीज में 1-0 से आगे है. अ माना जा रहा है कि भारत की प्लेइंग 11 में ज्यादा बदलाव नहीं होंगे. केवल शुभमन गिल की जगह किसी ख‍िलाड़ी की एंट्री होगी. वहीं अफ्रीकी टीम की प्लेइंग 11 में ज्यादा बदलाव नहीं होगा.  भारत vs साउथ अफ्रीका टेस्ट (H2H) 45 टेस्ट, 16 भारत जीत, 19 भारत हारा, 10 ड्रॉ भारत-साउथ अफ्रीका टेस्ट (भारत में) कुल मैच 20, भारत जीता: 11, हारा: 6, ड्रॉ: 3  साउथ अफ्रीका सीरीज भारत की टेस्ट टीम: ऋषभ पंत (विकेटकीपर, कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, देवदत्त पडिक्कल, ध्रुव जुरेल, रवींद्र जडेजा, वॉशिंगटन सुंदर, जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल, नीतीश कुमार रेड्डी, मोहम्मद सिराज, कुलदीप यादव, आकाश दीप. भारत दौरे के लिए साउथ अफ्रीका का टेस्ट स्क्वॉड: टेम्बा बावुमा (कप्तान), कॉर्बिन बॉश, डेवाल्ड ब्रेविस, टोनी डी जोरजी, जुबैर हमजा, साइमन हार्मर, मार्को जानसेन, केशव महाराज, एडेन मार्करम, वियान मुल्डर, सेनुरन मुथुसामी, लुंगी एनग‍िडी (कगिसो रबाडा की जगह), रयान रिकेलटन, ट्रिस्टन स्टब्स, काइल वेरेने.  

सबा करीम ने बताया बुमराह का असली असर, कोलकाता में मिली शिकस्त के बाद जायसवाल से की अनोखी अपील

नई दिल्ली  भारत और साउथ अफ्रीका के बीच कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए पहले टेस्ट ने कई सवाल खड़े किए खासकर भारत की बैटिंग असफलता और साउथ अफ्रीका के प्रभावशाली गेंदबाजों को लेकर। हालांकि इस लो-स्कोरिंग मुकाबले में एक बार फिर जसप्रीत बुमराह ने साबित किया कि वह किसी भी कंडीशन, किसी भी सिचुएशन में भारत के सबसे भरोसेमंद बॉलर हैं। पूर्व भारतीय विकेटकीपर सबा करीम ने उनके स्वभाव, फिटनेस और मैच-इंटेलिजेंस की खुलकर तारीफ़ करते हुए कहा कि बुमराह उन गेंदबाजों में से हैं जो सिर्फ अपनी प्रक्रिया पर भरोसा करते हैं और मुश्किल पलों में टीम की ढाल बनते हैं।  बुमराह: हर कंडीशन में भारत के सबसे भरोसेमंद गेंदबाज  सबा करीम का मानना है कि जसप्रीत बुमराह केवल उन चीज़ों पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जिन पर उनका नियंत्रण होता है। चाहे विकेट बल्लेबाज़ों के लिए कितना भी मुश्किल या आसान क्यों न हो, बुमराह अपने नैचुरल स्किल और वेरिएशन्स से असर डालना जानते हैं। करीम के मुताबिक, "बुमराह के लिए पिच कम मायने रखती है। उनके पास वो खासियत है जिससे वे पार्टनरशिप तोड़ते हैं और टीम को सही समय पर सफलता दिलाते हैं। पहली और दूसरी—दोनों इनिंग्स में वो कप्तान के सबसे भरोसेमंद विकल्प हैं।" उन्होंने इस बात की भी सराहना की कि बुमराह ने ईडन टेस्ट में लंबे स्पेल डाले, फिट नजर आए और विकेट लेने की भूख भी साफ दिखाई दी।  पहले टेस्ट की हार, पर बुमराह बने भारत के मजबूत स्तंभ  ईडन गार्डन्स टेस्ट तीन दिनों में समाप्त हो गया जहां दोनों टीमों के बल्लेबाज संघर्ष करते दिखे। भारत 124 रन के छोटे टारगेट तक नहीं पहुंच पाया और 30 रन से हार गया। इसके बावजूद, बुमराह पूरे मैच में लगातार साउथ अफ्रीकी बल्लेबाजों पर दबाव बनाते रहे। करीम ने कहा कि इंडियन मैनेजमेंट ने उनका उपयोग सही तरीके से किया, हालांकि अंतिम दिन उन्हें थोड़ा देर से अटैक पर लाया गया।  यशस्वी जायसवाल की बल्लेबाजी पर सबा करीम की सलाह  सिर्फ गेंदबाजी ही नहीं, सबा करीम ने टीम के युवा ओपनर यशस्वी जायसवाल के एप्रोच पर भी बात की। उन्होंने कहा कि जायसवाल का अटैकिंग माइंडसेट अच्छी बात है, लेकिन शॉट सिलेक्शन परिस्थिति के अनुसार होना चाहिए। करीम के अनुसार, "अप्रोच आक्रामक हो सकता है, लेकिन शॉट चुनने में मैच सिचुएशन और पिच की भूमिका अहम होती है। पहली इनिंग में जायसवाल अधीर दिखे और कंडीशन्स के मुताबिक अप्रोच एडजस्ट नहीं किया।" उन्होंने यह भी कहा कि आगे बढ़ते हुए जायसवाल को अपने स्कोरिंग पैटर्न में लचीलापन लाना होगा। बड़े रन बनाने के लिए कई बार शुरुआत धीमी रखकर इनिंग को सेट करना पड़ता है।  भारत अब गुवाहाटी में वापसी की कोशिश करेगा  पहला टेस्ट गंवाने के बाद भारत की नजर अब गुवाहाटी में होने वाले दूसरे मुकाबले पर है। यह दो मैचों की सीरीज को बराबर करने का आखिरी मौका होगा। साउथ अफ्रीका 2010 के बाद पहली बार भारत में टेस्ट जीत चुका है और आत्मविश्वास से भरी नजर आ रही है।   

एशेज ड्रामा: स्टोक्स और स्टार्क की घातक गेंदबाज़ी, 1 दिन में गिरे 19 विकेट

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच एशेज सीरीज 2025-26 की शुरुआत बेहद रोमांचक रही। मुकाबले के पहले ही दिन 19 विकेट गिरे। इंग्लैंड को 172 रन पर समेटने के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम ने महज 123 रन तक अपने 9 विकेट गंवा दिए हैं। फिलहाल मेजबान टीम इंग्लैंड से 49 रन पीछे है। ऑस्ट्रेलिया की ओर से मिचेल स्टार्क ने सात विकेट हासिल किए, जिसके बाद 5 विकेट के साथ इंग्लिश कप्तान बेन स्टोक्स ने करारा जवाब दिया है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम इस तेज पिच पर महज 32.5 ओवरों का ही सामना कर सकी। मेहमान टीम ने पहली पारी में सिर्फ 172 रन बनाए। इस टीम को छठी गेंद पर जैक क्रॉली (0) के रूप में बड़ा झटका लगा। उस समय तक इंग्लैंड का खाता भी नहीं खुल सका था। इसके बाद टीम ने 39 के स्कोर तक अपने 3 विकेट गंवा दिए। यहां से ओली पोप ने हैरी ब्रूक के साथ चौथे विकेट के लिए 67 गेंदों में 55 रन की पारी खेली। पोप 46 रन बनाकर आउट हुए। ब्रूक ने बेन स्टोक्स के साथ पांचवें विकेट के लिए 21 रन जुटाए, जबकि जेमी स्मिथ के साथ 45 रन की साझेदारी की। इंग्लैंड की इस पारी में हैरी ब्रूक अर्धशतक लगाने वाले इकलौते बल्लेबाज रहे। उन्होंने 61 गेंदों में 1 छक्के और 5 चौकों के साथ 52 रन की पारी खेली, जबकि जेमी स्मिथ ने टीम के खाते में 33 रन जोड़े। मेजबान टीम की ओर से मिचेल स्टार्क ने 12.5 ओवरों में 58 रन देकर 7 विकेट हासिल किए, जबकि ब्रेंडन डोगेट ने 2 विकेट अपने नाम किए। शेष एक विकेट कैमरून ग्रीन ने निकाला। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने पहले दिन की समाप्ति तक 39 ओवरों में 9 विकेट खोकर 123 रन बनाए। इंग्लैंड की तरफ से ऑस्ट्रेलिया ने भी खाता खुलने से पहले ही सलामी बल्लेबाज का विकेट गंवा दिया था। डेब्यूटेंट जैक वेदरलैंड शून्य पर पवेलियन लौटे। कप्तान स्टीव स्मिथ ने मार्नस लाबुशेन के साथ दूसरे विकेट के लिए 28 रन की साझेदारी की। लाबुशेन महज 9 रन बनाकर पवेलियन लौटे, जिसके बाद टीम ने 31 के स्कोर तक 4 विकेट गंवा दिए। यहां से ट्रेविस हेड ने कैमरून ग्रीन के साथ पांचवें विकेट के लिए 45 रन की साझेदारी की। हेड टीम के खाते में 21 रन जोड़कर आउट हुए। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से पहली पारी में एलेक्स कैरी ने सर्वाधिक 26 रन बनाए, जबकि कैमरून ग्रीन ने 24 रन जुटाए। दिन की समाप्ति तक नाथन लियोन (3) और ब्रेंडन डोगेट (0) अंतिम जोड़ी के रूप में नाबाद रहे। इंग्लैंड की तरफ से कप्तान बेन स्टोक्स ने 6 ओवरों में 23 रन देकर 5 विकेट अपने नाम किए हैं। वहीं, जोफ्रा आर्चर और ब्रायडेन कार्स 2-2 विकेट निकाल चुके हैं। 

बावुमा की भारत से बड़ी सीरीज की मांग, कहा– एशेज जैसी प्रतिद्वंद्विता हम भी डिजर्व करते हैं

नई दिल्ली  भारत और साउथ अफ्रीका के बीच चल रही दो-टेस्ट की छोटी सीरीज ने प्रोटियाज कप्तान टेम्बा बावुमा की नाराजगी को खुलकर उजागर कर दिया है। WTC चैंपियन बनने के बावजूद साउथ अफ्रीका को भारत जैसे दिग्गज के खिलाफ सिर्फ दो टेस्ट खेलने पड़ रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ इंग्लैंड–ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमें एशेज़ में पाँच मैचों की लंबी भिड़ंत का आनंद ले रही हैं। बावुमा का मानना है कि दो सबसे मजबूत रेड-बॉल टीमों के बीच इतनी छोटी सीरीज़ न तो खिलाड़ियों के साथ न्याय है, न फैंस के साथ। यह मुद्दा फिर से क्रिकेट शेड्यूलिंग और कमर्शियल प्राथमिकताओं पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। एशेज देखकर बढ़ी ‘जलन’ : बावुमा की साफ टिप्पणी गुवाहाटी में मीडिया से बातचीत के दौरान बावुमा ने बताया कि उन्होंने सुबह ऑस्ट्रेलिया में चल रहा एशेज़ टेस्ट देखा और इस दौरान “थोड़ी जलन” महसूस की। उन्होंने कहा, “आज सुबह उठकर एशेज देखा। पाँच टेस्ट खेलते देख थोड़ा जलन हुई। वे एक-दूसरे पर हावी होंगे, और हमें सिर्फ दो मैच मिले हैं।” यह बयान साफ दिखाता है कि कप्तान इस छोटी सीरीज से खुश नहीं हैं, खासकर तब जब उनकी टीम मौजूदा वर्ल्ड टेस्ट चैंपियन है। “हम इंडिया के खिलाफ बड़ी सीरीज डिजर्व करते हैं”  बावुमा ने उम्मीद जताई कि निकट भविष्य में साउथ अफ्रीका को भारत के खिलाफ चार या 5 टेस्ट की सीरीज मिलेगी। उन्होंने कहा, “उम्मीद है कि जल्द ही हम इंडिया के खिलाफ चार टेस्ट खेलने के लिए लौटेंगे।” बावुमा के अनुसार, मजबूत टीमों के बीच लंबी सीरीज ही फैन्स को असली रोमांच देती है और खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने का मौका भी। शेड्यूल खिलाड़ियों के हाथ में नहीं  प्रोटियाज कप्तान ने स्पष्ट किया कि टेस्ट सीरीज़ के मैचों की संख्या खिलाड़ी तय नहीं करते। यह पूरा मामला बोर्ड्स की कमर्शियल प्राथमिकताओं पर निर्भर करता है। एशेज, बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (भारत–ऑस्ट्रेलिया), एंडरसन–तेंदुलकर ट्रॉफी (भारत–इंग्लैंड) इन सीरीज को 5 टेस्ट इसलिए मिलते हैं क्योंकि वे आर्थिक दृष्टि से सबसे ‘लाभकारी’ मानी जाती हैं। इसके विपरीत भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, वेस्ट इंडीज या बांग्लादेश अधिकतर सीरीज केवल दो टेस्ट की होती हैं। दो-टेस्ट सीरीज क्यों “अधूरी” लगती है? बावुमा ने तर्क दिया कि दो मैचों की सीरीज में अक्सर परिणाम अधूरा रह जाता है, ड्रॉ सीरीज होने के चांस बढ़ते हैं और एक टीम को जीतने का वास्तविक मौका कम मिलता है। उन्होंने कहा, “चाहे सीरीज 1-1 रहे, 2-0 या 0-2, तीन टेस्ट की सीरीज हमेशा बेहतर होती है। एक टीम हावी होती है, दूसरी वापसी करती है—फैंस को असली टेस्ट क्रिकेट मिलता है।” “हम मैदान पर अच्छा खेलेंगे, तभी चीज़ें बदलेंगी” बावुमा ने कहा कि साउथ अफ्रीका अपनी नाराज़गी दर्शा सकता है, लेकिन असली बदलाव तभी आएगा जब वे मैदान पर शीर्ष टीमों को लगातार चुनौती देंगे। उन्होंने कहा, “हम बस अच्छा क्रिकेट खेल सकते हैं। यही दूसरे देशों को हमारे साथ ज्यादा टेस्ट खेलने के लिए आकर्षित करेगा।”

अचानक आए भूकंप झटकों से ठहरा मुकाबला, कुछ देर बाद फिर शुरू हुआ खेल

नई दिल्ली  बांग्लादेश और आयरलैंड के बीच मीरपुर में चल रहे टेस्ट मैच को शुक्रवार सुबह भूकंप की वजह से कुछ देर के लिए रोकना पड़ा। हालांकि झटके बहुत तेज नहीं थे तो जल्द ही मैच बहाल हो गया। शुक्रवार को बांग्लादेश और भारत के पूर्वी हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भारत में पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारतीय समयानुसार सुबह 10:08 पर झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.7 मापी गई है। बांग्लादेश में भूकंप से जान-माल का नुकसान भी हुआ है। अभी तक 6 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।   भूकंप के झटके जब महसूस हुए तब बांग्लादेश में सुबह के 10 बजकर 38 मिनट हो रहे थे। मीरपुर के शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम में हो रहे टेस्ट के तीसरे दिन का पहला सत्र चल रहा था। भूकंप जब आया तब आयरलैंड की पारी का 56वां ओवर चल रहा था। बांग्लादेश के मेहिदी हसन मिराज ने ओवर की दूसरी गेंद फेंकी ही थी कि मैदान पर झटके महसूस हुए। उसके बाद खेल को कुछ देर के लिए रोक दिया गया। ये व्यवधान 1 मिनट भी नहीं चला और सिर्फ 30 सेकंड बाद खेल फिर शुरू हो गया। मीरपुर टेस्ट की बात करें तो बांग्लादेश ने पहली पारी में 476 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया है। दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक उसने आयरलैंड की आधी टीम को आउट भी कर दिया था। हालांकि तीसरे दिन मेहमान टीम ने अच्छी शुरुआत की। स्टीफन डोहिनी और लोरकान टकर ने छठे विकेट के लिए 82 रन की शानदार साझेदारी की। डोहिनी 46 रन बनाकर आउट हुए। उसके बाद एंडी मैकब्रिन बिना खाता खोले आउट हुए। बाद जॉर्डन नील और टकर के बीच आठवें विकेट के लिए 74 रन की साझेदारी हुई। नील सिर्फ एक रन से अर्धशतक से चूक गए। आयरलैंड की पहली पारी 265 रन पर सिमटी। टकर अंत तक आउट नहीं हुए और उन्होंने 75 रन की जबरदस्त पारी खेली।  

भारत को मिला नया विश्व विजेता: जैस्मिन लंबोरिया ने बॉक्सिंग में जीता गोल्ड

भिवानी देश की राजधानी दिल्ली के पास स्थित शहीद विजय सिंह पथिक स्पोर्ट्स काम्पलेक्स में चल रहे विश्व मुक्केबाजी कप में भिवानी की मुक्केबाज जैस्मिन लंबोरिया ने 57 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड मैडल प्राप्त कर एक बार फिर से देश, राज्य व भिवानी जिला का नाम रोशन किया है। उनकी इस जीत को लेकर भिवानी में उनके परिजनों ने खुशी जताते हुए कहा कि यह उनकी इसी वर्ष की लगातार तीसरा गोल्ड मैडल है। उसने एक ही वर्ष में तीन बार विश्व मुक्केबाजी चैंपियन बनने का रिकॉर्ड अपने नाम किया है। जैस्मिन लंबोरिया के पिता जयवीर सिंह, उनके कोच व चाचा संदीप सिंह व प्रविंद्र तथा ताऊ महाबीर ने बताया कि जैस्मिन भारतीय सेना में सूबेदार के पद पर कार्यरत्त है। इससे पहले उसने इंग्लैंड के लीवरपुल तथा कजाकिस्तान में आयोजित विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में भी देश के लिए मैडल लिए थे। यह उनका इसी वर्ष का तीसरा मैडल है। यह उसकी कड़ी मेहनत व प्रशिक्षण का नतीजा है। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व जो भी मैडल लिए है, वे जैस्मिन ने ओलंपिक मैडलिस्ट खिलाडिय़ों को हराकर जीते है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में जैस्मिन का टारगेट 2026 में होने वाली एशियन तथा कॉमनवेल्थ खेलों पर रहेगा। वर्ष 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस में होने वाले ओलंपिक में देश के लिए गोल्ड मैडल लाने के लक्ष्य को लेकर जैस्मिन कड़ी मेहनत से जुटी हुई है। जिसमें उसके परिवार का पूरा सहयोग है। जैस्मिन के परिजनों ने कहा कि जैस्मिन लंबोरिया ने 2016 में बॉक्सिंग की शुरूआत की थी तथा उसने बॉक्सिंग के बेसिक सीखने के बाद ही मात्र डेढ़ वर्ष के खेल में मैडल जीतना शुरू कर दिया था। मात्र 9 साल के अब तक के खेल में उसने वल्र्ड लेवल पर ना केवल भारत देश का नाम रोशन किया है, बल्कि अपने राज्य हरियाणा व गृह जिले भिवानी का नाम भी रोशन करने का कार्य किया है। वह बचपन में अपने चाचा संदीप व प्रविंद्र को मुक्केबाजी करते देखा करती थी, उनके मार्गदर्शन में इसने मुक्केबाजी सीखी तथा आज वह विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में देश के लिए स्वर्ण पदक जीत पाई।

143 साल में पहली बार एशेज में ऐसा शर्मनाक रिकॉर्ड, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड दोनों हैं कटघरे में

नई दिल्ली  ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच क्रिकेट के इतिहास की सबसे पुरानी जंग ‘एशेज’ का आगाज इस साल हो चुका है। पर्थ में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच 5 टेस्ट मैच की सीरीज का पहला मुकाबला खेला जा रहा है। इस मैच में कुछ ऐसा हुआ जो एशेज के 143 साल के इतिहास में कभी नहीं हुआ। बता दें, एशेज की शुरुआत 1882 में हुई थी, तब से लेकर इस मैच से पहले तक कभी ऐसा नहीं हुआ जब दोनों टीमों की पहली पारी में विकेट बिना खाता खोले गिरा हो। मगर इस बार ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की टीम पर यह दाग लग गया है। इंग्लैंड को पहला झटका 0 पर जैक क्रॉली के रूप में लगा था, वहीं ऑस्ट्रेलिया का पहला विकेट जेक वेदराल्ड के रूप में गिरा।   टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी इंग्लैंड की टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। मिचेल स्टार्क ने पहले ओवर की आखिरी गेंद पर जैक क्रॉली को आउट किया। क्रॉली स्टार्क की गेंद पर ड्राइव लगाना चाहते थे, मगर गेंद उनके बल्ले के बाहरी किनारे पर लगकर स्लिप में उस्मान ख्वाजा की गोदी में गई। वहीं ऑस्ट्रेलिया को पहला झटका जोफ्रा आर्चर ने जेक वेदराल्ड को आउट करके दिया। पहले ओवर की दूसरी गेंद पर आर्चर ने वेदराल्ड को LBW आउट किया। हालांकि अंपायर ने वेदराल्ड को आउट नहीं दिया था, बेन स्टोक्स ने DRS का इस्तेमाल कर अंपायर के फैसले को पलटा। बता दें, मिचेल स्टार्क ने 7 विकेट लेकर इंग्लैंड की पहली 172 के स्कोर पर समेटने में अहम भूमिका निभाई। यह स्टार्क के टेस्ट करियर का बेस्ट फिगर है। इसी के साथ उन्होंने एशेज में 100 विकेट भी पूरे किए। स्टार्क एशेज में 100 विकेट लेने वाले 21वें गेंदबाज बने, वहीं पहले बाएं हाथ के ऐसे गेंदबाज बने जिसने विकेटों का शतक पूरा किया है।  

कप्तानी को लेकर ऋषभ पंत का रिएक्शन वायरल: ‘बहुत सम्मानित महसूस कर रहा हूं…’

नई दिल्ली आक्रामक विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने शुक्रवार को स्वीकार किया कि एकमात्र टेस्ट में कप्तानी करना सर्वश्रेष्ठ स्थिति नहीं है लेकिन वह सम्मानित महसूस कर रहे हैं। पंत का कहना है कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शनिवार से गुवाहाटी में शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट मैच की कड़ी चुनौतियों के के बारे में ज्यादा नहीं सोच रहे हैं। गुवाहाटी टेस्ट में नियमित कप्तान शुभमन गिल की गैरमौजूदगी में ऋषभ पंत कप्तानी करेंगे। वह महेंद्र सिंह धोनी के बाद टेस्ट में भारत की कप्तानी संभालने वाले दूसरे विकेटकीपर बल्लेबाज होंगे। इस मैच से पहले नियमित कप्तान शुभमन गिल को चोटिल होने के कारण टीम से रिलीज कर दिया गया था, जिसके बाद पंत को कप्तानी सौंपी गई। पंत ने मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘एक कप्तान के लिए एकमात्र मैच सबसे अच्छा विकल्प नहीं होता, लेकिन मैं बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट बोर्ड) का मुझे यह सम्मान देने के लिए आभार व्यक्त करता हूं। कभी-कभी अगर आप किसी बड़े मौके के बारे में बहुत ज़्यादा सोचते हैं, तो इससे कोई फ़ायदा नहीं होता।’ उन्होंने कहा, ‘मैं ज्यादा सोचना नहीं चाहता। पहला टेस्ट मैच हमारे लिए कठिन था और हमें टेस्ट जीतने के लिए जो भी करना होगा हम वह करेंगे।’ ईडन गार्डन्स में जीत के बाद दक्षिण अफ्रीका दो मैचों की श्रृंखला में 1-0 से आगे है, जहां पहली पारी में बल्लेबाजी करते समय गिल की गर्दन में अकड़न आ गई थी और उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा था। पंत ने कहा कि टीम प्रबंधन ने पहले ही मैच के लिए गिल के स्थान पर खेलने वाले खिलाड़ी के बारे में फैसला कर लिया है, लेकिन उन्होंने नाम का खुलासा नहीं किया। उन्होंने कहा, ‘हमने फैसला कर लिया है कि शुभमन की जगह कौन खेलेगा। जो खिलाड़ी खेलेगा उसे इसके बारे में बता दिया गया है।’ पंत ने कहा, ‘मैं पारंपरिक बने रहना चाहता हूं और साथ ही लीक से हटकर सोचना भी चाहता हूं। मैं अच्छा संतुलन बनाना चाहता हूं। हमें चीजों को सरल रखना होगा और जो टीम बेहतर क्रिकेट खेलेगी, वही जीतेगी।’ पंत ने महत्वपूर्ण मैच के लिए उपलब्ध रहने के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए गिल की सराहना की। उन्होंने कहा, ‘शुभमन मैच खेलने के लिए उत्सुक थे। उन्होंने तब भी लचीलापन दिखाया जब शरीर साथ नहीं दे रहा था और खिलाड़ियों से इसी तरह का रवैया आप देखना चाहते हैं। मैं गिल से रोज़ बात करता हूं। मुझे कल शाम को ही पता चला कि मैं इस मैच में कप्तानी करूंगा।’  

दिल्ली HC ने रद्द किया आपराधिक मुकदमा, गौतम गंभीर को बड़ी राहत

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट टीम के कोच और पूर्व सांसद गौतम गंभीर को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। दिल्ली हाई कोर्ट ने गौतम गंभीर और उनकी फाउंडेशन के खिलाफ कोविड-19 दवाओं के ‘अवैध’ भंडारण और वितरण के लिए आपराधिक शिकायत को खारिज कर दिया।