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क्या क्रिकेट का सिस्टम तैयार है ऐसे हादसों के लिए? पंत की चोट ने किया खुलासा, विवादों में घिरा सब्स्टीट्यूट नियम

मैनचेस्टर भारत और इंग्लैंड के बीच मैनचेस्टर के ओल ट्रैफर्ड में खेले जा रहे टेस्ट मैच में विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को गंभीर चोट लगी. ऋषभ पंत को यह चोट पहले दिन के खेल के दौरान दाएं पैर के अंगूठे में लगी थी, तब वो क्रिस वोक्स की गेंद पर रिवर्स स्वीप मारने की कोशिश कर रहे थे. ऋषभ काफी दर्द में दिखे और उन्हें रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा. हालांकि ऋषभ पंत ने अगले दिन फिर से बल्लेबाजी की और अर्धशतक जड़ने भी कामयाब रहे. हालांकि पंत इस मैच में विकेटकीपिंग करने की हालत में नहीं हैं. ऐसे में उनकी जगह विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी ध्रुव जुरेल निभा रहे हैं. एक बात गौर करने वाली है कि जुरेल सिर्फ कीपिंग कर सकते हैं, वो आईसीसी (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल) के नियमानुसार बल्लेबाजी या गेंदबाजी नहीं कर पाएंगे. मौजूदा नियमों के तहत अगर कोई खिलाड़ी चोटिल हो जाए तो उसकी जगह आने वाला सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी सिर्फ फील्डिंग कर सकता है, लेकिन वो खिलाड़ी बैटिंग या बॉलिंग नहीं कर सकता. लेकिन यदि खिलाड़ी को सिर या आंख में चोट लगती है और वो कन्कशन टेस्ट में फेल हो जाता है, तो कन्कशन सब्स्टीट्यूट का इस्तेमाल किया जा सकता है. कन्कशन सब्स्टीट्यूट गेंदबाजी, बल्लेबाजी या फील्डिंग कर सकता है. पंत की चोट ने खोल दी क्रिकेट के सिस्टम की पोल, सब्स्टीट्यूट रूल बना व‍िवाद  भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट में टूटे पैर के साथ बल्लेबाजी कर अद्भुत साहस दिखाया और अर्धशतक पूरा किया. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में मेडिकल सब्स्टीट्यूट (चोटिल खिलाड़ियों की जगह किसी और को लाने की अनुमति) की इजाजत न देना दिखाता है कि क्रिकेट अब भी पुराने जमाने के नियमों में फंसा है. दरअसल, मैनचेस्टर टेस्ट मैच में ऋषभ पंत ने टूटे पैर के साथ बहादुरी दिखाते हुए बल्लेबाजी की. पहले दिन चोटिल होकर रिटायर होने के बाद अगले दिन वह फिर मैदान पर उतरे… 37 रनों से अपनी पारी आगे बढ़ाई और अर्धशतक पूरा किया. उन्होंने इस दौरान 28 गेंदों का सामना किया और 17 रन बनाए. वॉन ने ‘द टेलीग्राफ’ में अपने कॉलम में लिखा, 'टूटा पैर लेकर बल्लेबाजी करते देखना जबरदस्त था. उन्होंने हिम्मत और स्किल दोनों दिखाई, लेकिन वे ठीक नहीं थे. दौड़ नहीं पा रहे थे, और इससे उनकी चोट और बढ़ सकती थी.' उन्होंने कहा कि विकेटकीपर की जगह तो सब्स्टीट्यूट खेलने आता है, लेकिन बैटिंग या बॉलिंग के लिए नहीं- यह नियम बिल्कुल अजीब और गलत है. क्रिकेट ही अकेला खेल है जिसमें ऐसी स्थिति में खिलाड़ी नहीं बदला जा सकता. इससे यह पता चलता है कि क्रिकेट अब भी अंधकार युग में जी रहा है. वॉन का मानना है कि चोट लगने पर खिलाड़ी को हटाकर किसी समान स्तर के खिलाड़ी को लाने की अनुमति मिलनी चाहिए- जैसे बल्लेबाज के बदले बल्लेबाज या स्पिनर के बदले स्पिनर.अगर किसी खिलाड़ी को हड्डी टूटने जैसी गंभीर चोट लगे और डॉक्टर या स्कैन से वह साबित हो जाए, तो उस खिलाड़ी की जगह किसी और को आने देना चाहिए.' उन्होंने सुझाव दिया कि मैच से पहले हर खिलाड़ी के लिए एक बैकअप प्लेयर तय कर लिया जाए. दोनों टीमें उसे मंजूरी दें. मैच रेफरी इसकी निगरानी करे. वॉन ने यह भी कहा, 'कंन्कशन (सिर की चोट) के लिए तो सब्स्टीट्यूट मिल जाता है, लेकिन बाकी चोटों के लिए नहीं- यह समझ से बाहर है.'  उनका मानना है कि पुराने नियमों पर अड़े रहने से जानबूझकर खेल का प्रभाव कम किया जा रहा है क्योंकि एक टीम को इसके कारण मैच के चार दिनों तक 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ रहा है.' वॉन ने पंत के पहले दिन क्रिस वोक्स के खिलाफ खेले गए रिवर्स स्वीप शॉट को 'मूर्खतापूर्ण' बताया, और कहा कि पंत को इसे अधिक पारंपरिक ढंग से खेलना चाहिए था. वॉन ने कहा, 'पंत जैसा खिलाड़ी कभी देखा नहीं गया. वे अलग हैं. चोट खुद की गलती हो सकती है, लेकिन फिर भी उन्होंने जो साहस दिखाया, वो काबिल-ए-तारीफ था.वे लंगड़ाते हुए मैदान पर आए, उनका एक जूता बड़ा और मोटा था, फिर भी उन्होंने बेन स्टोक्स की तेज गेंदबाजी में बल्लेबाजी की- आम खिलाड़ी ऐसा करने से डर जाते. इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर टेस्ट के दूसरे दिन, टूटी हुई पैर की हड्डी (फ्रैक्चर) के बावजूद ऋषभ पंत ने जो जुझारू पारी खेली, उसने पूरे क्रिकेट जगत को भावुक कर दिया. उनके इस जज्बे की रवि शास्त्री, चेतेश्वर पुजारा, दिनेश कार्तिक समेत कई पूर्व खिलाड़ियों ने खुलकर सराहना की. रवि शास्त्री (पूर्व कोच) – ऐसा करने के लिए सिर्फ जज्बा नहीं, उससे कहीं ज्यादा हिम्मत चाहिए. जिसने कभी सोचा कि पंत 'टीम मैन' नहीं हैं, उन्हें अब जवाब मिल गया है. चेतेश्वर पुजारा (पूर्व बल्लेबाज) – इतना दर्द सहकर भी पंत ने जो साहस दिखाया, वह असाधारण है. हमें ऐसे खिलाड़ी चाहिए जो कठिन समय में आगे आएं. दिनेश कार्तिक (पूर्व विकेटकीपर) – जब वह मैदान पर थे, लगा कि यह लम्हा हमेशा के लिए यादगार बन गया. इंग्लैंड को पंत से लगाव है और अब वजह भी है. इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर नासिर हुसैन ने 'स्काई स्पोर्ट्स' पर कहा, ‘उन्होंने बहुत जोखिम उठाया. उनमें प्रतिभा तो है ही, साथ ही उनका दिल भी बहुत बड़ा है.’ इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल आथर्टन ने कहा, ‘पंत ने इस सीरीज में बहुत कुछ दिया है. लीड्स में दो शतक, शानदार जश्न, लेग साइड में शॉट लगाने के लिए बल्ला फेंकना और अब एक पैर में फ्रैक्चर होने के बावजूद अर्धशतक बनाना. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह किसी उद्देश्य के साथ बल्लेबाजी कर रहे थे.’ आईसीसी करेगी नियमों में बदलाव? अब ऋषभ पंत की इंजरी के बाद आईसीसी सब्स्टीट्यूट नियमों में बदलाव कर सकता है. TOI की रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले समय में बाहरी चोटों के लिए भी टीमों को रिप्लेसमेंट की अनुमति दी जा सकती है. रिपोर्ट में कहा गया है कि आईसीसी इसे लेकर पहले से ही चर्चा कर रहा है. आईसीसी की क्रिकेट समिति की अगली बैठक में इस पर मुहर लग सकती है. आईसीसी के एक सूत्र ने कहा, 'इस बात की संभावना है कि गंभीर बाहरी चोटों लगने की स्थिति में टीमों … Read more

क्या क्रिकेट का सिस्टम तैयार है ऐसे हादसों के लिए? पंत की चोट ने किया खुलासा, विवादों में घिरा सब्स्टीट्यूट नियम

मैनचेस्टर भारत और इंग्लैंड के बीच मैनचेस्टर के ओल ट्रैफर्ड में खेले जा रहे टेस्ट मैच में विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को गंभीर चोट लगी. ऋषभ पंत को यह चोट पहले दिन के खेल के दौरान दाएं पैर के अंगूठे में लगी थी, तब वो क्रिस वोक्स की गेंद पर रिवर्स स्वीप मारने की कोशिश कर रहे थे. ऋषभ काफी दर्द में दिखे और उन्हें रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा. हालांकि ऋषभ पंत ने अगले दिन फिर से बल्लेबाजी की और अर्धशतक जड़ने भी कामयाब रहे. हालांकि पंत इस मैच में विकेटकीपिंग करने की हालत में नहीं हैं. ऐसे में उनकी जगह विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी ध्रुव जुरेल निभा रहे हैं. एक बात गौर करने वाली है कि जुरेल सिर्फ कीपिंग कर सकते हैं, वो आईसीसी (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल) के नियमानुसार बल्लेबाजी या गेंदबाजी नहीं कर पाएंगे. मौजूदा नियमों के तहत अगर कोई खिलाड़ी चोटिल हो जाए तो उसकी जगह आने वाला सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी सिर्फ फील्डिंग कर सकता है, लेकिन वो खिलाड़ी बैटिंग या बॉलिंग नहीं कर सकता. लेकिन यदि खिलाड़ी को सिर या आंख में चोट लगती है और वो कन्कशन टेस्ट में फेल हो जाता है, तो कन्कशन सब्स्टीट्यूट का इस्तेमाल किया जा सकता है. कन्कशन सब्स्टीट्यूट गेंदबाजी, बल्लेबाजी या फील्डिंग कर सकता है. पंत की चोट ने खोल दी क्रिकेट के सिस्टम की पोल, सब्स्टीट्यूट रूल बना व‍िवाद  भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट में टूटे पैर के साथ बल्लेबाजी कर अद्भुत साहस दिखाया और अर्धशतक पूरा किया. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में मेडिकल सब्स्टीट्यूट (चोटिल खिलाड़ियों की जगह किसी और को लाने की अनुमति) की इजाजत न देना दिखाता है कि क्रिकेट अब भी पुराने जमाने के नियमों में फंसा है. दरअसल, मैनचेस्टर टेस्ट मैच में ऋषभ पंत ने टूटे पैर के साथ बहादुरी दिखाते हुए बल्लेबाजी की. पहले दिन चोटिल होकर रिटायर होने के बाद अगले दिन वह फिर मैदान पर उतरे… 37 रनों से अपनी पारी आगे बढ़ाई और अर्धशतक पूरा किया. उन्होंने इस दौरान 28 गेंदों का सामना किया और 17 रन बनाए. वॉन ने ‘द टेलीग्राफ’ में अपने कॉलम में लिखा, 'टूटा पैर लेकर बल्लेबाजी करते देखना जबरदस्त था. उन्होंने हिम्मत और स्किल दोनों दिखाई, लेकिन वे ठीक नहीं थे. दौड़ नहीं पा रहे थे, और इससे उनकी चोट और बढ़ सकती थी.' उन्होंने कहा कि विकेटकीपर की जगह तो सब्स्टीट्यूट खेलने आता है, लेकिन बैटिंग या बॉलिंग के लिए नहीं- यह नियम बिल्कुल अजीब और गलत है. क्रिकेट ही अकेला खेल है जिसमें ऐसी स्थिति में खिलाड़ी नहीं बदला जा सकता. इससे यह पता चलता है कि क्रिकेट अब भी अंधकार युग में जी रहा है. वॉन का मानना है कि चोट लगने पर खिलाड़ी को हटाकर किसी समान स्तर के खिलाड़ी को लाने की अनुमति मिलनी चाहिए- जैसे बल्लेबाज के बदले बल्लेबाज या स्पिनर के बदले स्पिनर.अगर किसी खिलाड़ी को हड्डी टूटने जैसी गंभीर चोट लगे और डॉक्टर या स्कैन से वह साबित हो जाए, तो उस खिलाड़ी की जगह किसी और को आने देना चाहिए.' उन्होंने सुझाव दिया कि मैच से पहले हर खिलाड़ी के लिए एक बैकअप प्लेयर तय कर लिया जाए. दोनों टीमें उसे मंजूरी दें. मैच रेफरी इसकी निगरानी करे. वॉन ने यह भी कहा, 'कंन्कशन (सिर की चोट) के लिए तो सब्स्टीट्यूट मिल जाता है, लेकिन बाकी चोटों के लिए नहीं- यह समझ से बाहर है.'  उनका मानना है कि पुराने नियमों पर अड़े रहने से जानबूझकर खेल का प्रभाव कम किया जा रहा है क्योंकि एक टीम को इसके कारण मैच के चार दिनों तक 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ रहा है.' वॉन ने पंत के पहले दिन क्रिस वोक्स के खिलाफ खेले गए रिवर्स स्वीप शॉट को 'मूर्खतापूर्ण' बताया, और कहा कि पंत को इसे अधिक पारंपरिक ढंग से खेलना चाहिए था. वॉन ने कहा, 'पंत जैसा खिलाड़ी कभी देखा नहीं गया. वे अलग हैं. चोट खुद की गलती हो सकती है, लेकिन फिर भी उन्होंने जो साहस दिखाया, वो काबिल-ए-तारीफ था.वे लंगड़ाते हुए मैदान पर आए, उनका एक जूता बड़ा और मोटा था, फिर भी उन्होंने बेन स्टोक्स की तेज गेंदबाजी में बल्लेबाजी की- आम खिलाड़ी ऐसा करने से डर जाते. इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर टेस्ट के दूसरे दिन, टूटी हुई पैर की हड्डी (फ्रैक्चर) के बावजूद ऋषभ पंत ने जो जुझारू पारी खेली, उसने पूरे क्रिकेट जगत को भावुक कर दिया. उनके इस जज्बे की रवि शास्त्री, चेतेश्वर पुजारा, दिनेश कार्तिक समेत कई पूर्व खिलाड़ियों ने खुलकर सराहना की. रवि शास्त्री (पूर्व कोच) – ऐसा करने के लिए सिर्फ जज्बा नहीं, उससे कहीं ज्यादा हिम्मत चाहिए. जिसने कभी सोचा कि पंत 'टीम मैन' नहीं हैं, उन्हें अब जवाब मिल गया है. चेतेश्वर पुजारा (पूर्व बल्लेबाज) – इतना दर्द सहकर भी पंत ने जो साहस दिखाया, वह असाधारण है. हमें ऐसे खिलाड़ी चाहिए जो कठिन समय में आगे आएं. दिनेश कार्तिक (पूर्व विकेटकीपर) – जब वह मैदान पर थे, लगा कि यह लम्हा हमेशा के लिए यादगार बन गया. इंग्लैंड को पंत से लगाव है और अब वजह भी है. इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर नासिर हुसैन ने 'स्काई स्पोर्ट्स' पर कहा, ‘उन्होंने बहुत जोखिम उठाया. उनमें प्रतिभा तो है ही, साथ ही उनका दिल भी बहुत बड़ा है.’ इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल आथर्टन ने कहा, ‘पंत ने इस सीरीज में बहुत कुछ दिया है. लीड्स में दो शतक, शानदार जश्न, लेग साइड में शॉट लगाने के लिए बल्ला फेंकना और अब एक पैर में फ्रैक्चर होने के बावजूद अर्धशतक बनाना. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह किसी उद्देश्य के साथ बल्लेबाजी कर रहे थे.’ आईसीसी करेगी नियमों में बदलाव? अब ऋषभ पंत की इंजरी के बाद आईसीसी सब्स्टीट्यूट नियमों में बदलाव कर सकता है. TOI की रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले समय में बाहरी चोटों के लिए भी टीमों को रिप्लेसमेंट की अनुमति दी जा सकती है. रिपोर्ट में कहा गया है कि आईसीसी इसे लेकर पहले से ही चर्चा कर रहा है. आईसीसी की क्रिकेट समिति की अगली बैठक में इस पर मुहर लग सकती है. आईसीसी के एक सूत्र ने कहा, 'इस बात की संभावना है कि गंभीर बाहरी चोटों लगने की स्थिति में टीमों … Read more

जो रूट ने मचाया धमाल, द्रविड़-कैलिस को पीछे छोड़ा – अब इतिहास रचने से एक कदम दूर

मैनचेस्टर भारत के खिलाफ मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेले जा रहे टेस्ट मैच के दूसरे दिन (25 जुलाई) जो रूट ने शानदार बैटिंग की है. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जो रूट ने इस दौरान एक बड़ी उपलब्धि हासिल की. रूट अब टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में तीसरे नंबर पर आ गए हैं. इस मुकाबले से पहले जो रूट पांचवें स्थान पर थे, लेकिन अब उन्होंने राहुल द्रविड़ और जैक्स कैलिस को पछाड़ दिया है. भारत के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ ने टेस्ट क्रिकेट में 13288 रन बनाए थे. इस दौरान द्रविड़ 164 टेस्ट मैच खेले थे और उनका औसत 52.31 रहा था. वहीं साउथ अफ्रीकी दिग्गज जैक्स कैलिस के बल्ले से टेस्ट क्रिकेट में 13289 रन निकले थे. कैलिस ने 166 टेस्ट मैच खेले और उनका एवरेज 55.37 रहा. अब जो रूट के पास ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग से आगे निकलने का शानदार मौका है. पोंटिग ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 168 टेस्ट मैच खेले, जिसमें उन्होंने 51.85 की औसत से 13378 रन बनाए. टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने बनाए. सचिन ने भारतीय टीम के लिए 200 टेस्ट मैच खेले, जिसमें उनके नाम पर 53.78 के एवरेज से 15921 रन दर्ज हैं. सचिन ने टेस्ट क्रिकेट में 51 शतक और 68 अर्धशतक लगाए. टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक रन 15921- सचिन तेंदुलकर (भारत) 13378- रिकी पोंटिंग (ऑस्ट्रेलिया) 13290*- जो रूट (इंग्लैंड) 13289- जैक्स कैलिस (साउथ अफ्रीका) 13288- राहुल द्रविड़ (भारत) 12472- एलिस्टेयर कुक (इंग्लैंड) 12400- कुमार संगकारा (श्रीलंका) 11953- ब्रायन लारा (वेस्टइंडीज) 11867- शिवनारायण चंद्रपॉल (वेस्टइंडीज) 11814- महेला जयवर्धने (श्रीलंका) 34 साल के जो रूट का ये इंग्लैंड के लिए 157वां टेस्ट मैच है. इस मुकाबले से पहले तक जो रूट ने 156 टेस्ट मैचों में 50.80 की औसत से 13259 रन बनाए थे, जिसमें 37 शतक और 66 अर्धशतक शामिल रहे. जो रूट भारत के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में 3000 हजार से ज्यादा रन बना चुके हैं. वो ऐसे पहले बल्लेबाज हैं जिन्होंने भारत के विरुद्ध क्रिकेट के सबसे बड़े फॉर्मेट में 3 हजार या उससे ज्यादा रन बनाए हैं. भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टेस्ट सीरीज का चौथा मुकाबला मैनचेस्टर में खेला जा रहा है. मैच के तीसरे दिन भारतीय टीम मेजबान को जल्दी से जल्दी आउट करना चाहेंगे. दूसरे दिन भारत की पहली पारी 358 रन पर सिमट गई थी. जवाब में दिन का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड ने 2 विकेट पर 225 रन बनाए थे. भारत के पहली पारी से अब मेजबान 133 रन पीछे हैं. तीसरे दिन नजर स्टार गेंदबाज जसप्रीत बुमराह पर रहेगी. पहला सेशन इंग्लैंड के नाम ओली पोप और जो रूट ने तीसरे दिन का पहला सेशन इंग्लैंड के नाम कर दिया है. इन दोनों बैटर्स ने शुक्रवार को पहले सेशन में 107 रन बनाए और एक भी विकेट नहीं गिरने दिया है. लंचब्रेक के समय ओली पोप 70 और जो रूट 63 रन बनाकर नाबाद हैं. इंग्लैंड: 332/2 जो रूट की फिफ्टी ओली पोप के बाद जो रूट ने भी अपना अर्धशतक पूरा कर लिया है. रूट ने रवींद्र जडेजा की गेंद पर एक रन लेकर फिफ्टी बनाई. यह उनका 67वां टेस्ट अर्धशतक है. ओली पोप का अर्धशतक ओली पोप ने बेहतरीन बैटिंग करते हुए अपना अर्धशतक पूरा कर लिया है. उन्होंने रवींद्र जडेजा की गेंद पर सिंगल लेकर 50 रन का आंकड़ा पूरा किया. पोप का यह 16वां टेस्ट अर्धशतक है. पहले घंटे में बने 41 रन चौथे टेस्ट मैच के तीसरे दिन पहले सेशन में भारतीय गेंदबाजों ने अच्छी गेंदबाजी की लेकिन विकेट नहीं ले सके. भारत ने इस सेशन में 13 ओवर गेंदबाजी की, जिसमें इंग्लैंड ने 41 रन बनाए. यकीनन आंकड़े इंग्लैंड के पक्ष में है लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने इस दौरान जो रूट और ओली पोप को बार-बार बीट किया. यह बात आंकड़े नहीं बताते. जो रूट ने राहुल द्रविड़ का रिकॉर्ड तोड़ा जो रूट ने टेस्ट मैचों में सबसे अधिक रन बनाने के मामले में राहुल द्रविड़ और जैक कैलिस को पीछे छोड़ दिया है. जो रूट चौथे टेस्ट में 30वां रन लेते ही राहुल द्रविड़ (13288) से आगे निकल गए. रूट ने इसके बाद जैसे ही एक रन और बनाया तो जैक कैलिस (13289) उनसे पीछे छूट गए. अब रूट से आगे सिर्फ सचिन तेंदुलकर (13378) और रिकी पोंटिंग (13289) ही बचे हैं. इंग्लैंड के 250 रन पूरे इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 250 रन पूरे कर लिए हैं. तीसरे दिन के पहले सेशन में जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज ने अच्छी गेंदबाजी की है. इन दोनों ने जो रूट और ओली पोप को खूब परेशान किया लेकिन विकेट नहीं ले सके. इंग्लैंड ने तीसरे दिन 2 विकेट पर 225 रन से आगे खेलना शुरू किया है. शार्दुल ठाकुर ने शुरू किया दिन का पहला ओवर चौथे दिन टेस्ट के तीसरे दिन का खेल शुरू हो गया है. भारत ने गेंदबाजी की शुरुआत शार्दुल ठाकुर से कराई है. दिन का दूसरा ओवर मोहम्मद सिराज ने किया. पूर्व क्रिकेटर आशीष नेहरा को यह बात पसंद नहीं आई. उन्होंने कहा कि यह निगेटिव स्ट्रेटजी है. नेहरा ने कहा कि आप पहला ओवर शार्दुल ठाकुर को नहीं दे सकते. ऐसा नहीं है कि वे विकेट नहीं ले सकते लेकिन यह सोच खराब है. मैनचेस्टर टेस्ट में टॉस जीतकर इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया. ओपनर यशस्वी जायसवाल ने शानदार फिफ्टी जमाई लेकिन वो इसे शतक में नहीं बदल पाए. केएल राहुल 41 रन पर आउट हुए और अर्धशतक से चूक गए. करुण नायर की जगह प्लेइंग इलेवन में शामिल किए गए साई सुदर्शन ने 61 रन की पारी खेली. चोटिल होकर मैदान से बाहर गए ऋषभ पंत ने वापसी की और दर्द में भी फिफ्टी जमाकर टीम को 358 रन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई.  

ईश सोढ़ी का नया कारनामा, T20I में हासिल किया विकेट किंग का ताज

नई दिल्ली न्यूजीलैंड के स्पिनर ईश सोढ़ी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले में करियर बेस्टर परफॉर्मेंस देते हुए 4 विकेट चटकाए। इन 4 विकेट के साथ उन्होंने T20I में 150 विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में अपनी जगह बनाई। सोढ़ी टिम साउथी और राशिद खान के बाद क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट में ऐसा करने वाले मात्र तीसरे और न्यूजीलैंड के दूसरे गेंदबाज बने हैं। सोढ़ी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले में 4 ओवर में मात्र 12 रन खर्च कर 4 विकेट चटकाए। उनके इस उम्दा प्रदर्शन के दम पर न्यूजीलैंड की टीम 60 रनों से मैच जीतने में कामयाब रही। सोढ़ी को उनकी लाजवाब परफॉर्मेंस के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया। T20I क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने का वर्ल्ड रिकॉर्ड टिम साउथी के नाम है। इस कीवी तेज गेंदबाज ने 126 मैचों में 164 शिकार किए हैं। वहीं लिस्ट में दूसरे नंबर पर अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर राशिद खान हैं। दाएं हाथ के इस कलाई स्पिनर ने मात्र 96 मैचों में 161 विकेट चटकाए हैं। वह टिम साउथी को पछाड़ने से मात्र 4 विकेट दूर हैं। भारत का कोई गेंदबाज टॉप-5 या 10 में तो छोड़ो टॉप-20 में भी नहीं है। दो बार के चैंपियन भारत के लिए T20I में सर्वाधिक 99 विकेट अर्शदीप ने चटकाए हैं। वह लिस्ट में 23वें पायदान पर हैं। T20I में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज- टिम साउथी- 164 राशिद खान- 161 ईश सोढ़ी- 150 शाकिब अल हसन- 149 मुस्तफिजुर रहमान- 139 बता दें, न्यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे के बीच ट्रॉई सीरीज खेली जा रही है। कीवी टीम ने लीग स्टेज के सभी चार मैच जीते हैं। वहीं उनके साथ फाइनल में पहुंचने वाली साउथ अफ्रीका की टीम 4 में से दो मैच जीती है और जिम्बाब्वे को अपने सभी चारों मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है। 26 जुलाई को न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के बीच ट्रॉई सीरीज का फाइनल खेला जाएगा।

कोनेरू हम्पी ने फाइनल में पहुंचकर रचा इतिहास, दिव्या देशमुख से होगी टक्कर

मुंबई   ग्रैंडमास्टर कोनेरू हम्पी ने  फिडे महिला विश्व कप सेमीफाइनल में चीन की टिंगजी लेई को टाईब्रेकर में पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए हरा दिया और अब फाइनल उनका सामना हमवतन भारतीय दिव्या देशमुख से होगा। शनिवार से होने वाले फाइनल में जगह बनाने वाली हम्पी और दिव्या दोनों ने अगले साल होने वाले महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई कर लिया है। सामान्य समय नियंत्रण में पहली दो बाजी ड्रॉ होने के बाद हम्पी को टाईब्रेकर में 1-1 से ड्रॉ के साथ संतोष करना पड़ा जिसमें दोनों खिलाड़ियों के लिए 15-15 मिनट की दो बाजी अतिरिक्त समय के साथ थी। अगली दो टाईब्रेक बाजी 10-10 मिनट की थी। लेई ने पहली बाजी जीतकर बढ़त बनाई लेकिन हम्पी ने मुश्किल स्थिति में होने के बावजूद दूसरी बाजी जीतकर मुकाबला फिर बराबर कर दिया। टाईब्रेक बाजी के तीसरे सेट में हम्पी ने पहली बाजी में सफेद मोहरों से शुरुआत की और खेल के सभी विभागों में लेई को परास्त करते हुए इसे जीत लिया। पहली बाजी जीतने के बाद फाइनल में पहुंचने के लिए हम्पी को बस एक ड्रॉ की जरूरत थी और उन्होंने जीत हासिल करके खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। यह पहली बार है जब किसी चेस वर्ल्ड कप के फाइनल में भारत बनाम भारत मुकाबला होगा। दिव्या देशमुख के साथ होगा फाइनल? ग्रैंडमास्टर कोनेरू हम्पी का फाइनल मुकाबला भारत की ही खिलाड़ी दिव्या देशमुख के साथ होगा. दिव्या FIDE वूमेंस शतरंज वर्ल्ड कप में पहुंचने वाली पहली भारतीय बनी थीं. वहीं अब कोनेरू हम्पी ने भी इतिहास के पन्नों पर अपना नाम दर्ज करा लिया है. जिस टूर्नामेंट के फाइनल तक आज तक कोई भारतीय महिला नहीं पहुंची थीं, वहीं इस बार FIDE चेस वर्ल्ड कप की दोनों फाइनलिस्ट भारत की ही प्लेयर हैं. दिव्या देशमुख ने भी चीन की खिलाड़ी को हराया इंटरनेशनल मास्टर दिव्या देशमुख ने बुधवार, 23 जुलाई को खेले गए फाइनल मुकाबले में ही चीन की टैन झोंग्यी को हराकर फाइनल का टिकट पक्का कर लिया. नागपुर की रहने वाली ये लड़की FIDE शतरंज वर्ल्ड कप में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला है. दिव्या देशमुख और कोनेरू हम्पी के फाइनल में पहुंचने से ये तो तय है कि इस बार चेस का विश्व विजेता भारत बनने जा रहा है.   दिव्या पहली बार खेल रहीं वर्ल्ड कप इससे पहले अंतरराष्ट्रीय मास्टर 19 साल की दिव्या देशमुख ने फिडे महिला विश्व शतरंज कप के सेमीफाइनल के दूसरे गेम में पूर्व विश्व चैंपियन चीन की झोंगयी टैन को हरा दिया था और मिनी मैच 1.5-0.5 से जीतकर फाइनल में प्रवेश किया था। इस प्रक्रिया में दिव्या कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में जगह बनाने वाली पहली भारतीय बन गईं थीं। महिला कैंडिडेट्स शतरंज टूर्नामेंट अगले साल होना है और उस टूर्नामेंट से मौजूदा महिला विश्व चैंपियन वेनजुन जू के प्रतिद्वंदी का फैसला होगा। दिलचस्प बात यह है कि दिव्या पहली बार विश्व कप में हिस्सा ले रही हैं। चीन की दूसरी वरीयता प्राप्त जोनर झू और तत्कालीन हमवतन ग्रैंडमास्टर डी हरिका को क्वार्टर फाइनल में हराने के बाद दिव्या ने इस प्रतियोगिता में अपना दबदबा बरकरार रखा और टैन के खिलाफ 101 चाल में जीत उनके बढ़ते शतरंज कौशल का प्रमाण था।   

कोनेरू हम्पी ने फाइनल में पहुंचकर रचा इतिहास, दिव्या देशमुख से होगी टक्कर

मुंबई   ग्रैंडमास्टर कोनेरू हम्पी ने  फिडे महिला विश्व कप सेमीफाइनल में चीन की टिंगजी लेई को टाईब्रेकर में पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए हरा दिया और अब फाइनल उनका सामना हमवतन भारतीय दिव्या देशमुख से होगा। शनिवार से होने वाले फाइनल में जगह बनाने वाली हम्पी और दिव्या दोनों ने अगले साल होने वाले महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई कर लिया है। सामान्य समय नियंत्रण में पहली दो बाजी ड्रॉ होने के बाद हम्पी को टाईब्रेकर में 1-1 से ड्रॉ के साथ संतोष करना पड़ा जिसमें दोनों खिलाड़ियों के लिए 15-15 मिनट की दो बाजी अतिरिक्त समय के साथ थी। अगली दो टाईब्रेक बाजी 10-10 मिनट की थी। लेई ने पहली बाजी जीतकर बढ़त बनाई लेकिन हम्पी ने मुश्किल स्थिति में होने के बावजूद दूसरी बाजी जीतकर मुकाबला फिर बराबर कर दिया। टाईब्रेक बाजी के तीसरे सेट में हम्पी ने पहली बाजी में सफेद मोहरों से शुरुआत की और खेल के सभी विभागों में लेई को परास्त करते हुए इसे जीत लिया। पहली बाजी जीतने के बाद फाइनल में पहुंचने के लिए हम्पी को बस एक ड्रॉ की जरूरत थी और उन्होंने जीत हासिल करके खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। यह पहली बार है जब किसी चेस वर्ल्ड कप के फाइनल में भारत बनाम भारत मुकाबला होगा। दिव्या देशमुख के साथ होगा फाइनल? ग्रैंडमास्टर कोनेरू हम्पी का फाइनल मुकाबला भारत की ही खिलाड़ी दिव्या देशमुख के साथ होगा. दिव्या FIDE वूमेंस शतरंज वर्ल्ड कप में पहुंचने वाली पहली भारतीय बनी थीं. वहीं अब कोनेरू हम्पी ने भी इतिहास के पन्नों पर अपना नाम दर्ज करा लिया है. जिस टूर्नामेंट के फाइनल तक आज तक कोई भारतीय महिला नहीं पहुंची थीं, वहीं इस बार FIDE चेस वर्ल्ड कप की दोनों फाइनलिस्ट भारत की ही प्लेयर हैं. दिव्या देशमुख ने भी चीन की खिलाड़ी को हराया इंटरनेशनल मास्टर दिव्या देशमुख ने बुधवार, 23 जुलाई को खेले गए फाइनल मुकाबले में ही चीन की टैन झोंग्यी को हराकर फाइनल का टिकट पक्का कर लिया. नागपुर की रहने वाली ये लड़की FIDE शतरंज वर्ल्ड कप में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला है. दिव्या देशमुख और कोनेरू हम्पी के फाइनल में पहुंचने से ये तो तय है कि इस बार चेस का विश्व विजेता भारत बनने जा रहा है.   दिव्या पहली बार खेल रहीं वर्ल्ड कप इससे पहले अंतरराष्ट्रीय मास्टर 19 साल की दिव्या देशमुख ने फिडे महिला विश्व शतरंज कप के सेमीफाइनल के दूसरे गेम में पूर्व विश्व चैंपियन चीन की झोंगयी टैन को हरा दिया था और मिनी मैच 1.5-0.5 से जीतकर फाइनल में प्रवेश किया था। इस प्रक्रिया में दिव्या कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में जगह बनाने वाली पहली भारतीय बन गईं थीं। महिला कैंडिडेट्स शतरंज टूर्नामेंट अगले साल होना है और उस टूर्नामेंट से मौजूदा महिला विश्व चैंपियन वेनजुन जू के प्रतिद्वंदी का फैसला होगा। दिलचस्प बात यह है कि दिव्या पहली बार विश्व कप में हिस्सा ले रही हैं। चीन की दूसरी वरीयता प्राप्त जोनर झू और तत्कालीन हमवतन ग्रैंडमास्टर डी हरिका को क्वार्टर फाइनल में हराने के बाद दिव्या ने इस प्रतियोगिता में अपना दबदबा बरकरार रखा और टैन के खिलाफ 101 चाल में जीत उनके बढ़ते शतरंज कौशल का प्रमाण था।   

रेसलिंग आइकन हल्क होगन का निधन, 71 की उम्र में हृदय गति रुकने से गई जान

फ्लोरिडा WWE सुपरस्टार हल्क होगन का 24 जुलाई (गुरुवार) को 71 साल की उम्र में निधन हो गया है. होल्क होगन का निधन कार्डियक अरेस्ट के चलते हुआ. टीएमजेड स्पोर्ट्स के अनुसार गुरुवार की सुबह फ्लोरिडा के क्लियरवॉटर स्थित हल्क होगन के घर पर डॉक्टर्स को बुलाया गया. कुश्ती के इस दिग्गज के घर के बाहर पुलिस की कई गाड़ियां और आपातकालीन चिकित्साकर्मी मौजूद थे. हल्क होगन को स्ट्रेचर पर लादकर एम्बुलेंस के जरिए हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका. कुछ ही सप्ताह पहले हल्क होगन की पत्नी स्काई (Sky) ने उन अफवाहों का खंडन किया था कि वह बेहोश हैं. हल्क होगन की वाइफ ने कहा था कि उनका दिल मजबूत है और वह सर्जरी से उबर रहे हैं. Hulk Hogan सिर्फ एक रेसलर नहीं थे, वो 80 के दशक में फैन्स के लिए 'रियल लाइफ सुपरहीरो' बन चुके थे. दमदार शरीर, पीला-लाल रंग का कॉस्ट्यूम और उनका स्लोगन (Say your prayers, eat your vitamins) उनकी खास पहचान थी. हल्क होगन ने अपने अदम्य साहस और काबिलियत के चलते 'हल्कमैनिया' का निर्माण किया. शुरुआती दिनों में वो विंस मैकमैहन की राष्ट्रीय विस्तार योजना का चेहरा बने. रेसलमेनिया 3 में आंद्रे द जाइंट के खिलाफ उनका मैच आज भी ऐतिहासिक माना जाता है, जिसे 93,000 से अधिक लोगों ने लाइव देखा था. अमेरिकी रेसलिंग को नया आयाम दिया हल्क होगन कई बार WWF चैम्पियन रहे. शुरुआती आठ रेसलमेनिया में से सात के आयोजन में हल्क होगन ने मुख्य भूमिका निभाई. इस दौरान फैन्स की नजरें उनपर ही रहती थीं. उनकी अपार लोकप्रियता ने पेशेवर कुश्ती को कॉर्निवल सर्किट से अमेरिकी एंटरटेनमेंट की मुख्यधारा में ला खड़ा किया. 1996 में वर्ल्ड चैम्पियनशिप रेसलिंग (WCW) में वापसी करके हल्क होगन ने दुनिया को चौंका दिया. हल्क होगन अबकी बार पुराने लाल-पीले रंग के कॉस्ट्यूम को छोड़कर काले-सफेद गियर में 'हॉलीवुड होगन' के रूप में सामने आए. वो nWo (न्यू वर्ल्ड ऑर्डर) के तीसरे सदस्य बने और रेसलिंग के इतिहास का सबसे बड़ा 'हील टर्न' कर दिया. उनका ये अवतार आज भी रेसलिंग के सबसे चर्चित चेप्टर्स में से एक माना जाता है. पेशेवर कुश्ती पर हल्क होगन का प्रभाव काफी व्यापक है. उन्हें WWE हॉल ऑफ फेम में दो बार शामिल किया गया, एक बार 2005 में एकल प्रतिभागी के रूप में और फिर 2020 में nWo के सदस्य के रूप में. 

यश दयाल की कानूनी मुश्किलें बढ़ीं, रेप के दूसरे केस में नामजद

मुंबई  इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाड़ी यश दयाल की मुश्किलें बढ़ गई है. तेज गेंदबाज यश दयाल पर एक महीने में दूसरी बार बलात्कार का आरोप लगाया गया है. यश दयाल पर अब जयपुर की युवती ने रेप केस का आरोप लगाते हुए केस दर्ज करवाया है. इससे पहले यूपी के गाजियाबाद की एक लड़की ने भी यश पर शादी का झांसा देकर रेप करने का आरोप लगाया था. इस मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट से यश को राहत मिली थी. लेकिन अब दूसरे मामले से यश दयाल की मुश्किलें बढ़ने वाली है. जयपुर के सांगानेर में दर्ज हुआ FIR इंडियन प्रीमियर लीग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के तेज गेंदबाज यश दयाल एक बार फिर यौन शोषण के आरोपों में घिर गए हैं. जयपुर की एक युवती ने सांगानेर सदर थाने में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है. युवती ने आरोप लगाया है कि यश दयाल ने क्रिकेट में करियर बनाने का झांसा देकर और भावनात्मक दबाव बनाकर करीब दो साल तक उसका शोषण किया. पीड़िता के अनुसार उस वक्त वह नाबालिग 17 वर्ष की थी. POCSO केस में दर्ज हुआ मामला पुलिस ने इस मामले में यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया है. एफआईआर में यह भी बताया गया है कि आईपीएल 2025 के दौरान जब यश दयाल जयपुर आए थे तब उन्होंने सीतापुरा के एक होटल में बुलाकर युवती के साथ दोबारा दुष्कर्म किया. पीड़िता ने 23 जुलाई को मामला दर्ज कराया. यूपी की लड़की से 5 साल तक यौन शोषण इससे पहले 8 जुलाई को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में भी एक महिला ने यश दयाल पर शादी का झांसा देकर पांच साल तक शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया था. उस मामले में BNS की धारा 69 धोखे से यौन संबंध बनाना के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उस प्रकरण में उनकी गिरफ्तारी पर फिलहाल अंतरिम रोक लगा दी है.

मैनचेस्टर टेस्ट में दूसरे दिन का खेल खत्म, इंग्लैंड का स्कोर 225/2, क्राउली-डकेट शतक से चूके

मैनचेस्टर भारत और इंग्लैंड के बीच एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2025 का चौथा मुकाबला मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेला जा रहा है. इस मुकाबले में दूसरा दिन (24 जुलाई) का खेल समाप्त हो चुका है. इंग्लैंड का स्कोर स्टम्प तक दो विकेट के नुकसान पर 225 रन है. ओली पोप 20 और जो रूट 11 रन पर नाबाद हैं. इंग्लैंड की टीम पहली पारी के आधार पर 133 रन पीछे है और उसके 8 विकेट शेष हैं. मुकाबले में भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 358 रन बनाए. भारत के लिए पहली पारी में ऋषभ पंत अर्धशतक (54 रन) जड़ने में सफल रहे. इंग्लैंड के लिए कप्तान बेन स्टोक्स ने पांच विकेट झटके. 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में फिलहाल इंग्लिश टीम 2-1 से आगे है. ऐसे में शुभमन गिल की अगुवाई वाली टीम इंडिया के लिए यह मुकाबला 'करो या मरो' जैसा है. अगर भारतीय टीम यह टेस्ट हारती है तो इंग्लैंड सीरीज अपने नाम कर लेगा. भारत की तरह मेजबान इंग्लैंड की भी पहली पारी में शुरुआत शानदार रही. बेन डकेट और जैक क्राउली ने जबरदस्त बैटिंग करते हुए पहले विकेट के लिए 166 रनों की पार्टनरशिप की. डकेट ने इस दौरान 7 चौके की मदद से 46 गेंदों पर अपनी फिफ्टी पूरी कर ली. वहीं क्राउली ने 73 गेंदों पर अपनी फिफ्टी पूरी की, जिसमें 9 चौके शामिल रहे. इस शतकीय पार्टनरशिप को रवींद्र जडेजा ने तोड़ा. जडेजा ने जैक क्राउली को चलता किया, जिन्होंने 84 रन बनाए. फिर अंशुल कम्बोज ने डकेट को 94 रनों के निजी स्कोर पर आउट करके अपने टेस्ट करियर का पहला विकेट लिया. यहां से जो रूट और ओली पोप ने दूसरे दिन के खेल में भारत को कोई और नुकसान नहीं होने दिया. जख्मी ऋषभ पंत की एंट्री पर मैदान में जमकर बजीं तालियां भारत-इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का चौथा मुकाबला मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेला जा रहा है. इस मुकाबले के दूसरे दिन विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत चोट के बावजूद भारत की पहली पारी में दोबारा बैटिंग के लिए उतरे. ऋषभ को टेस्ट मैच के पहले दिन दाहिने पैर में चोट लग गई थी. तब उन्हें मैदान छोड़कर जाना पड़ा था. अब ऋषभ इंजरी के बावजूद जैसा हौसला दिखाया है, वो काबिले तारीफ है. ऋषभ पंत जब दोबारा बैटिंग करने उतरे तो उन्होंने मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान को चूमा. वो थोड़ा इमोशनल भी नजर आए. दूसरी ओर मैदान पर मौजूद दोनों टीमों के ही सपोर्ट्स ने तालियां बजाकर इस स्टार बल्लेबाज का स्वागत किया. ऋषभ पंत की ग्रैंड एंट्री से दर्शक खुशी से झूम उठे. ऋषभ पंत को लेकर भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने अपडेट दिया था कि वो अब इस मुकाबले में विकेटकीपिंग करते नजर नहीं आएंगे. वो जरूरत पड़ने पर ही बैटिंग करने उतरेंगे. अब पंत ने पहली पारी में शार्दुल ठाकुर का विकेट गिरने के बाद मैदान पर उतरने का फैसला किया. बीसीसीआई ने क्या कहा? बीसीसीआई की ओर से कहा गया, 'मैनचेस्टर टेस्ट के पहले दिन दाहिने पैर में चोट लगने के बाद ऋषभ पंत इस मैच में विकेटकीपिंग नहीं करेंगे. ध्रुव जुरेल विकेटकीपर की जिम्मेदारी निभाने जा रहे हैं. चोट के बावजूद ऋषभ पंत दूसरे दिन टीम से जुड़ गए हैं और टीम की जरूरतों के मुताबिक बल्लेबाजी के लिए उपलब्ध रहेंगे.' ऋषभ पंत को मैनचेस्टर टेस्ट मैच के पहले दिन क्रिस वोक्स की गेंद पर चोट लग गई थी. तब पंत 37 रन पर बैटिंग कर रहे थे और वो गेंद पर रिवर्स स्वीप मारने की कोशिश कर रहे थे. चोट इतनी गंभीर थी कि पंत को मैदान छोड़कर बाहर जाना पड़ा. पंत अब 6 हफ्ते के लिए क्रिकेटिंग एक्शन से दूर रह सकते हैं.

फैंस के लिए खुशखबरी: एशिया कप में हो सकती है भारत-पाक टक्कर, जानिए वेन्यू की डिटेल

मुंबई  एशिया कप क्रिकेट 2025 सितंबर के महीने में आयोजित हो सकता है. सूत्रों के मुताबिक भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) इस टूर्नामेंट को दुबई और अबू धाबी में कराने पर सहमत हो गया है. BCCI के वाइस प्रेसिडेंट राजीव शुक्ला और एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के चेयरमैन मोहसिन नकवी अगले कुछ दिनों में टूर्नामेंट की फाइनल डेट्स तय करेंगे. स्पॉन्सर्स से भी बातचीत की जाएगी क्योंकि मार्केटिंग प्लान्स बनाने के लिए उन्हें अधिक समय चाहिए. टूर्नामेंट का आगाज 7 सितंबर को होने की संभावना है और इसकी समाप्ति तीसरे या चौथे हफ्ते में होगी. BCCI ने ECB (एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड) के साथ 3 वेन्यू के लिए करार किया है, लेकिन एशिया कप के लिए केवल 2 स्टेडियमों का उपयोग होगा. बीसीसीआई टूर्नामेंट के लिए सरकार की मंजूरी का भी इंतजार कर दिया है. इस टूर्नामेंट के लिए संभावित वेन्यू दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम और जायद क्रिकेट स्टेडियम (अबू धाबी) हैं. सूत्रों के मुताबिक इस टूर्नामेंट में भारत-पाकिस्तान दोनों को एक ही ग्रुप में रखा जाएगा. यानी दोनों का मुकाबला ग्रुप स्टेज में होना तय दिख रहा है. एशियन क्रिकेट काउंसिल की बैठक 24 जुलाई को ढाका में हुई, जिसमें ये निर्णय लिए गए है. बैठक में BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने वर्चुअली भाग लिया. न्यूट्रल वेन्यू पर क्यों होगा ये टूर्नामेंट? बीसीसीआई के पास आठ टीमों के इस टूर्नामेंट की मेजबानी का अधिकार है, लेकिन भारत-पाकिस्तान के संबंधों में तल्खी के कारण टूर्नामेंट को न्यूट्रल वेन्यू पर कराया जाएगा. यह पहली बार है जब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने एक उच्च-स्तरीय एसीसी बैठक की मेजबानी की. बीसीबी के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम ने कहा था कि बीसीबी केवल एसीसी को लॉजिस्टिक्स सहायता प्रदान कर रहा है. एशिया कप के आगामी संस्करण में आठ टीमें भाग लेंगीं. इसमें भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, हॉन्ग कॉन्ग, ओमान और संयुक्त अरब अमीरात का नाम शामिल है. टूर्नामेंट में आठ टीमों को चार-चार के दो ग्रुपों में विभाजित किया जाएगा. फिर प्रत्येक ग्रुप से टॉप-2 टीमें सुपर-4 स्टेज के लिए क्वालिफाई करेंगी. ग्रुप-ए में भारत, पाकिस्तान, यूएई और हॉन्ग कॉन्ग को रखा जा सकता है. वहीं ग्रुप-बी में अफगानिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश और ओमान को जगह मिल सकती है.