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प्रो लीग में खराब प्रदर्शन भारतीय टीम के लिए एक चेतावनी : श्रीजेश

नई दिल्ली पूर्व भारतीय कप्तान और गोलकीपर पी आर श्रीजेश का मानना है कि हाल ही में समाप्त हुई एफआईएच प्रो लीग अगले साल होने वाले एशियाई खेलों और विश्व कप से पहले पुरुष राष्ट्रीय हॉकी टीम के लिए अच्छा सबक है। भारत को प्रो लीग के यूरोपीय चरण में संघर्ष करना पड़ा और वह नौ टीमों में से आठवें स्थान पर रहा। तोक्यो और पेरिस ओलंपिक में भारत की कांस्य पदक विजेता टीमों का हिस्सा रहे श्रीजेश का मानना है कि खिलाड़ियों ने बहुत खराब प्रदर्शन नहीं किया, लेकिन दुर्भाग्य से परिणाम टीम के पक्ष में नहीं रहे। श्रीजेश ने यहां बुधवार की रात को एक कार्यक्रम के दौरान कहा, ‘‘मुझे लगता है कि खिलाड़ियों ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया, हमने कई मौके बनाए। हमने कड़ी चुनौती दी लेकिन कभी-कभी ऐसा होता है जब परिणाम आपके पक्ष में नहीं आते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारी तैयारी अच्छी थी लेकिन दुर्भाग्य से परिणाम हमारे लिए अच्छे नहीं रहे लेकिन कोचों के पास एशिया कप के लिए टीम तैयार करने के लिए पर्याप्त समय है और निश्चित रूप से अगले साल एशियाई खेल और विश्व कप भी है।‘‘ श्रीजेश ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इस प्रो लीग ने हमें विश्व कप और एशियाई खेलों की तैयारी के लिए कड़ा सबक सिखाया है।’’ एशियाई खेलों का आयोजन 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक जापान के आइची-नागोया में किया जाएगा। विश्व कप 15 से 30 अगस्त तक नीदरलैंड और बेल्जियम में आयोजित किया जाएगा। पेरिस ओलंपिक खेलों के बाद संन्यास लेने के बाद श्रीजेश अब भारतीय पुरुष जूनियर हॉकी टीम के कोच हैं और वह इसका आनंद ले रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मेरी दिनचर्या पहले जैसी ही है। जब आप सुबह जल्दी उठते हैं तो खिलाड़ियों को तैयार करने के बारे में सोचते हैं। यह सुनिश्चित करते हैं कि वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहे हैं और बाकी दिन अगले सत्र की तैयारी करते हैं। अंतर सिर्फ इतना है कि पहले शारीरिक हिस्से पर अधिक जोर देना पड़ता था लेकिन अब दिमाग पर ज्यादा जोर देना पड़ता है लेकिन मैं इसका पूरा आनंद ले रहा हूं।’’ भारत इस वर्ष 28 नवंबर से 10 दिसंबर तक चेन्नई और मदुरै में एफआईएच जूनियर विश्व कप की मेजबानी करेगा और श्रीजेश अपने खिलाड़ियों को तैयार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘उनके (खिलाड़ियों) लिए सबसे बड़ी चुनौती जूनियर विश्व कप है क्योंकि चार देशों के टूर्नामेंट और इस तरह की अन्य प्रतियोगिताएं उन पर जूनियर विश्व कप जितना दबाव नहीं डालतीं। मेरा काम उन्हें इन टूर्नामेंट के लिए अच्छी तरह से तैयार करना है।’’ जूनियर विश्व कप में भारत को पूल बी में पाकिस्तान, चिली और स्विट्जरलैंड के साथ रखा गया है। हालांकि ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के कारण जूनियर विश्व कप में पाकिस्तान की भागीदारी पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं, लेकिन श्रीजेश किसी एक विशेष टीम पर ध्यान केंद्रित नहीं करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम एक ही पूल (भारत और पाकिस्तान) में हैं, लेकिन मैं नहीं चाहता कि मेरे खिलाड़ी किसी एक विशेष टीम के बारे में सोचें।’’  

मैनचेस्टर में बदल सकती है टीम की तस्वीर, करुण की जगह कौन लेगा?

नई दिल्ली  भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के शुरुआती तीन मैचों में भारत के ज्यादातर बल्लेबाजों ने बड़े रन बटोरे हैं लेकिन करुण नायर अच्छी शुरुआत मिलने के बावजूद उसे बड़ी पारी में नहीं बदल पा रहे हैं। क्रिकेट ने करुण नायर को दूसरा मौका दिया लेकिन इंग्लैंड दौरे पर वह इसका पूरा फायदा नहीं उठा पाए हैं और चौथे टेस्ट के लिए भारत की प्लेइंग इलेवन तय होने पर सिर्फ उन्हीं का नाम हट सकता है। आठ साल बाद अंतिम एकादश में वापसी करने वाले 33 वर्षीय खिलाड़ी को अपनी छह पारियों में से ज्यादातर में अच्छी शुरुआत मिली है लेकिन वह उसे बड़ी पारी में नहीं बदल पाए हैं। वह पिच पर अच्छी लय में दिखे, विशेषकर ड्राइव करते हुए लेकिन लेंथ से आती हुई उछाल लेती गेंदों ने उन्हें परेशान किया है। पूर्व भारतीय विकेटकीपर दीप दासगुप्ता का कहना है कि सुदर्शन को वापस लाने का समय आ गया है। लॉर्ड्स में दूसरी पारी में वह ब्रायडन कार्स की अंदर आती गेंद की लाइन एंव लेंथ का सही अनुमान नहीं लगा पाए और आउट हो गए। तीसरे नंबर पर भारत को नायर से मजबूती दिलाने की उम्मीद थी क्योंकि उन्होंने घरेलू क्रिकेट में रनों का पहाड़ खड़ा करने के बाद राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई। भारत पांच मैचों की सीरीज में 1-2 से पीछे है और अगला मैच अभी एक हफ्ते दूर है, ऐसे में प्रबंधन को फैसला लेना होगा कि नायर के साथ बने रहें या फिर युवा साई सुदर्शन पर दांव लगाएं जिन्हें अपने पहले मैच के बाद अंतिम एकादश से बाहर कर दिया गया था। बाहर किए गए बाएं हाथ के इस शानदार बल्लेबाज कोई बड़ी गलती नहीं की और ऐसा आठवें नंबर पर एक अतिरिक्त बल्लेबाजी विकल्प को शामिल करने के लिए किया गया। भारत 23 जुलाई से शुरू होने वाले मैच में सीरीज बराबर करने की कोशिश करेगा, जिससे ओल्ड ट्रैफर्ड में एकमात्र बदलाव यही हो सकता है कि लगभग एक महीने बाद 23 वर्षीय सुदर्शन नायर की जगह टीम में चुने जाएं। इस सीरीज में कमेंटरी कर रहे पूर्व भारतीय विकेटकीपर दीप दासगुप्ता का कहना है कि सुदर्शन को वापस लाने का समय आ गया है। उन्होंने पीटीआई से कहा, ‘‘आप अब भी सीरीज में बने हुए हैं क्योंकि लॉर्ड्स टेस्ट मैच भी बेहद करीबी था। नतीजा किसी भी तरफ जा सकता था। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मैं तीसरे नंबर को देख रहा हूं। क्या करुण नायर अब भी खेलते रहेंगे या आप साई सुदर्शन जैसे युवा खिलाड़ी को खिलाना चाहेंगे जो पहले टेस्ट मैच की आखिरी पारी में सहज दिखे थे? वह युवा हैं और भविष्य के लिए निवेश हैं। ’’ दासगुप्ता ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि करुण को उनके मौके मिल गए हैं। यह बात मौकों की नहीं है। इससे भी ज्यादा वह क्रीज पर कैसे दिखे। वह टुकड़ियों में सहज दिख रहे हैं लेकिन कुछ सवालों के जवाब अभी नहीं मिले हैं। और यही बात मुझे कुछ और सोचने पर मजबूर करती है। ’’ वह तीसरे नंबर के बल्लेबाज से स्थिरता की उम्मीद करते हैं जब सुदर्शन लीड्स में खेले थे तो नायर ने छठे नंबर पर बल्लेबाजी की थी। दासगुप्ता ने कहा, ‘‘तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने वाले खिलाड़ी के लिए आपको उस दृढ़ता का अहसास होना जरूरी है। और कई बार, मुझे ऐसा नहीं लगा। ’’ शुभमन गिल की टीम घरेलू टीम के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा कर रही है इसलिए सीरीज बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। बल्लेबाजी में एक बदलाव को छोड़कर भारत बड़े बदलाव नहीं चाहेगा। गेंदबाजी विभाग में कुलदीप यादव को और इंतजार करना होगा क्योंकि रविंद्र जडेजा और वाशिंगटन सुंदर अभी अपना काम बखूबी कर रहे हैं। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह बचे हुए दो टेस्ट में से सिर्फ एक में खेलेंगे जिससे उनके मैनचेस्टर में खेलने की उम्मीद है जिसमें भारत को जीतना जरूरी है। दासगुप्ता ने कहा, ‘‘बुमराह को खेलने के लिए तैयार रहना चाहिए। मैचों के बीच में उन्हें काफी आराम मिला है। भारत 1-2 से पीछे है तो आप उनसे खेलने की उम्मीद करेंगे। ’’

भगदड़ कांड में RCB फंसी, कर्नाटक सरकार ने क्रिमिनल केस चलाने की मंजूरी दी

बेंगलुरु  बेंगलुरु भगदड़ मामले में कर्नाटक सरकार ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) और कर्नाटक राज्य क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) के खिलाफ आपराधिक मामले दायर करने की मंजूरी दे दी है. ये फैसला मंत्रिमंडल की बैठक में जस्टिस माइकल डी'कुन्हा आयोग की रिपोर्ट को स्वीकार करने के बाद लिया गया है. आयोग की इस रिपोर्ट में कई अनियमितताओं और गड़बड़ियों का खुलासा किया गया है, जिसके आधार पर ये कार्रवाई की जा रही है. जस्टिस माइकल डी'कुन्हा की अध्यक्षता में गठित आयोग ने आरसीबी और केएससीए से जुड़े विभिन्न मुद्दों की गहन जांच की थी. इस जांच में वित्तीय अनियमितताओं, प्रबंधन में पारदर्शिता की कमी और अन्य गंभीर उल्लंघनों के सबूत सामने आए. आयोग की रिपोर्ट में इन संगठनों द्वारा नियमों के उल्लंघन और संदिग्ध गतिविधियों का उल्लेख किया गया है, जिसे मंत्रिमंडल ने गंभीरता से लिया. मंत्रिमंडल की बैठक में इस रिपोर्ट को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया और इसके आधार पर आरसीबी और केएससीए के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने का फैसला लिया गया है. ये कदम खेल प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. RCB की लापरवाही पर सवाल ट्रिब्यूनल ने आईपीएल फ्रेंचाइजी RCB की कड़ी आलोचना की, क्योंकि उन्होंने पुलिस की मंजूरी के बिना अपनी जीत के जश्न की घोषणा की थी, जिसके बाद भारी भीड़ उमड़ी और ये हादसा हुआ. ट्रिब्यूनल ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विकास कुमार विकास की निलंबन आदेश को रद्द करते हुए कहा कि RCB ने अचानक सोशल मीडिया पर जश्न की घोषणा की, जिसके कारण लगभग तीन से पांच लाख लोग जमा हो गए.ट्रिब्यूनल ने कहा, ‘पहली नजर में ऐसा लगता है कि RCB तीन से पांच लाख लोगों के जमा होने के लिए जिम्मेदार है. RCB ने पुलिस से उचित अनुमति या सहमति नहीं ली. अचानक, उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया और इसके बाद भीड़ जमा हो गई.’ सरकार को झटका, आपराधिक मामला दर्ज ट्रिब्यूनल का ये फैसला कर्नाटक सरकार के लिए भी एक बड़ा झटका है. कर्नाटक सरकार ने इस हादसे के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराया था. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पहले खुफिया विभाग की आलोचना करते हुए कहा था, ‘अगर खुफिया विभाग समय पर और सटीक जानकारी नहीं दे सकता, तो इसका क्या फायदा?’ RCB अधिकारियों, KSCA और डीएनए एंटरटेनमेंट के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया है. कई इवेंट मैनेजर्स को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें अंतरिम जमानत दे दी गई. इस बीच, कर्नाटक हाईकोर्ट इस हादसे की सुनवाई कर रहा है. 

क्रांति गौड़ की गेंदबाज़ी में बुमराह जैसी धार, टीम में धमाकेदार एंट्री

साउथैम्पटन  क्रांति गौड़ ने  साउथैम्पटन के रोज बाउल में खेले गए पहले एकदिवसीय मैच में शानदार गेंदबाजी की। उन्होंने इंग्लैंड के बल्लेबाजों को परेशान कर दिया। अपने सिर्फ दूसरे ODI मैच में खेलते हुए, 21 वर्षीय क्रांति ने एमी जोन्स और खतरनाक टैमी ब्यूमोंट को आउट किया। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। क्रांति ने शुरुआती स्पेल में 5 ओवर में 28 रन देकर 2 विकेट लिए। क्रांति गौड़ को 2025 में WPL में यूपी वॉरियर्ज ने 10 लाख में खरीदा था। क्रांति गौड़ का कमाल टीम इंडिया के लिए अमनजोत कौर के बाद क्रांति गौड़ ने दूसरे छोर से नई गेंद संभाली। उन्हें शुरुआत में लय में आने में थोड़ा समय लगा। उन्होंने लगातार तीन वाइड गेंदें फेंकी। लेकिन उन्होंने जल्दी ही लय पकड़ ली। उन्होंने एमी जोन्स को बोल्ड कर दिया। एमी जोन्स आठ गेंदों में सिर्फ एक रन बना पाईं। उनका स्टंप उखड़ गया। यह क्रांति का वनडे में पहला विकेट था। क्रांति की ये गेंद इतनी खतरनाक थी कि जोन्स को हवा तक नहीं लगी। अमनजीत की ये गेंद टप्पा खाने के बाद काफी अंदर आई थी। अगले ओवर में भी कमाल अपने दूसरे ओवर में क्रांति ने टैमी ब्यूमोंट को आउट किया। टैमी ब्यूमोंट महिला वनडे में सबसे ज्यादा शतक लगाने के मामले में तीसरे नंबर पर हैं। उनसे आगे सिर्फ मेग लैनिंग (15) और सूजी बेट्स (13) हैं। चौथे ओवर की आखिरी गेंद पर, क्रांति की गेंद ब्यूमोंट के पैड पर लगी। अंपायर ने अपील को ठुकरा दिया। भारत ने रिव्यू लेने का फैसला किया। डीआरएस से पता चला कि गेंद लाइन में पिच हुई थी और स्टंप्स पर लगती। इसलिए अंपायर का फैसला बदल दिया गया। ब्यूमोंट सिर्फ पांच रन बनाकर आउट हो गईं। महिला प्रीमियर लीग में किया था कमाल क्रांति गौड़ 2025 महिला प्रीमियर लीग (WPL) के दौरान चर्चा में आईं। उन्हें यूपी वॉरियर्ज ने नीलामी में 10 लाख रुपये में खरीदा था। इस युवा तेज गेंदबाज ने अपनी गति और आक्रामकता से सबको प्रभावित किया। उन्होंने 8 मैचों में 9.45 की इकोनॉमी रेट से 6 विकेट लिए। एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम बेंगलुरु में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ उनका प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने चार ओवर में 25 रन देकर 4 विकेट लिए। बाद में उन्होंने श्रीलंका में त्रिकोणीय वनडे सीरीज में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया।  

जापान ओपन में भारत की चुनौती कमजोर, अब अनुपमा पर टिकी निगाह

नई दिल्ली  भारतीय बैडमिंटन फैंस को तगड़ा झटका लगा है. जापान ओपन से भारत के स्टार शटलर लक्ष्य सेन और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी तथा चिराग शेट्टी की जोड़ी दूसरे दौर के अपने-अपने मैचों में हारकर बाहर हो गई है. इससे पहले  पहले राउंड का अपना मैच हारकर पीवी सिंधु भी बाहर हो गई थीं.अब बीडब्ल्यूएफ सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट, जापान ओपन में केवल एकमात्र भारतीय शटलर अनुपमा उपाध्याय ही बची हैं. लक्ष्य सेन जापानी खिलाड़ी से हराकर हुए बाहर गुरुवार को लक्ष्य सेन को अपने प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में जापान के कोडाई नाराओका से सीधे सेटों में हार का सामना करना पड़ा. नाराओका ने लक्ष्य सेन को 19-21, 11-21 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली जबकि लक्ष्य को टूर्नामेंट से बाहर करा रास्ता दिखा दिया. इससे पहले बुधवार को लक्ष्य सेन ने चीन के वांग झेंग जिंग को 21-11, 21-18 से हराकर दूसरे राउंड में जगह बनाई थी. सात्विक-चिराग को प्री-क्वार्टर फाइनल में मिली हार इसके अलावा जापान ओपन मेंस डबल्स में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी को चीन की जोड़ी लियांग वेई केंग और वांग चांग के हाथों सीधे सेटों में हार का सामना करना पड़ गया. इसके साथ ही भारतीय जोड़ी का सफर खत्म हो गया जबकि चीनी जोड़ी क्वार्टर फाइनल में पहुंच गई. सात्विक-चिराग को वेई केंग और चांग के हाथों 22-24, 14-21 से हार मिली. सात्विक और चिराग ने बुधवार को दक्षिण कोरिया के कांग मिन ह्युक और की डोंग जू को 42 मिनट में 21-18, 21-10 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया. आपको बता दें कि टूर्नामेंट में बुधवार को भी भारत को बड़ा झटका लगा था. तब एचएस प्रणय और पीवी सिंधु जैसे प्रमुख खिलाड़ी पहले ही दौर से ही बाहर हो गए थे. अब भारतीय फैंस के सारी उम्मीदें अनुपमा उपाध्याय के ऊपर टिकी हुई हैं. अनुपमा आज महिला सिंगल्स के राउंड ऑफ 16 में चीन की वांग ज़ी यी से भिड़ेंगी. उनके पास आज इस प्री क्वार्टर फाइनल मैच को जीतकर क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की करने का मौका होगा. उनके मैच पर सभी की निगाहें रहेंगी क्योंकि वो एकमात्र भारतीय शटलर हैं, जो भारत की उम्मीदों को टूर्नामेंट में जिंदा रखे हुईं हैं.

382 दिन बाद कोहली के बिना भारत T20 रैंकिंग में टॉप पर, रिटायरमेंट को हुए एक साल से अधिक

नई दिल्ली इंटरनेशनल क्रिकेट काउसिंल ने बुधवार यानी 16 जुलाई को अपनी साप्ताहिक रैंकिंग चार्ट को अपडेट किया। लॉर्ड्स में शतक लगाने के बाद जो रूट ने नंबर 1 टेस्ट बल्लेबाज का स्थान फिर से हासिल कर लिया, जबकि भारतीय खिलाड़ियों की रैंकिंग में गिरावट आई। इस बीच एक दिलचस्प बात यह है कि विराट कोहली टी20 इंटरनेशनल रेटिंग में बदलाव देखा गया, जो 897 से बढ़कर 909 हो गई। 2024 टी20 विश्व कप के फाइनल में शानदार खिताबी जीत के बाद विराट कोहली ने कप्तान रोहित शर्मा के साथ इस फॉर्मेट को अलविदा कह दिया था। रिटायरमेंट के 382 दिन बाद नंबर वन बनते देख प्रशंसक चौंक गए। विराट कोहली की रेटिंग 897 से 909 तक कैसे उछली? इस तरह वह दुनिया के इकलौते बल्लेबाज बन गए हैं, जिसने अपने करियर में 900 या इससे अधिक रेटिंग पॉइंट हर फॉर्मेट में हासिल की। खास बात यह है कि विराट ने एक साल से अधिक समय से कोई टी20 मैच नहीं खेला है, जिससे प्रशंसकों ने सवाल उठाया कि यह बदलाव कैसे हुआ। अब बात करते हैं कि यह सब कैसे हुआ तो प्रशंसकों को आश्वस्त होना चाहिए कि न तो कोई तकनीकी गलती हुई है और न ही विराट के हालिया किसी ऑनफील्ड प्रदर्शन ने उनकी टी20 इंटरनेशनल रेटिंग को प्रभावित किया है। ICC ने रैंकिंग कार्यप्रणाली को संशोधित किया दरअसल, ऐतिहासिक संशोधन (Historical Revision) आईसीसी की एक नियमित प्रक्रिया है। इसके तहत अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ऐतिहासिक मैच डेटा की समीक्षा करने और व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिए दिए गए रेटिंग अंकों की पुनर्गणना के बाद सभी प्रारूपों में अपने आधिकारिक रिकॉर्ड को अपडेट करती है। ऐसे समायोजन आमतौर पर तब होते हैं जब ICC अपनी रैंकिंग कार्यप्रणाली में बदलाव करता है, स्कोरकार्ड डेटा को सही करता है, या नई रैंकिंग नीतियां लाता है, जिसके परिणामस्वरूप क्रिकेटरों के रेटिंग अंकों में बदलाव होता है। इस प्रकार हाल ही में भी ऐसी ही एक प्रक्रिया होने की उम्मीद है, जहां जय शाह की अगुवाई वाली ICC ने अपनी हालिया नीतियों में संशोधन किया होगा। यह एक नियमित प्रक्रिया है और केवल विराट कोहली ही नहीं, बल्कि कई अन्य खिलाड़ी भी अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ रेटिंग में बढ़ौतरी या गिरावट का सामना करते हैं। हालांकि, विराट की रेटिंग में हालिया बदलाव के परिणामस्वरूप एक बड़ा मील का पत्थर हासिल हुआ, जिससे वह सभी प्रारूपों में 900+ रेटिंग वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं। आईसीसी टी20 रैंकिंग में टॉप-10 बल्लेबाज कौन-कौन हैं? क्रम टीम खिलाड़ी रेटिंग पॉइंट करियर की सर्वश्रेष्ठ रेटिंग 1 ऑस्ट्रेलिया ट्रैविस हेड 856 885 बनाम स्कॉटलैंड एडिनबर्ग 2024 में 2 भारत अभिषेक शर्मा 829 829 बनाम इंग्लैंड मुंबई 2025 में 3 भारत तिलक वर्मा 804 845 बनाम इंग्लैंड चेन्नई 2025 में 4 इंग्लैंड फिल साल्ट 791 881 बनाम वेस्टइंडीज बारबाडोस 2024 में 5 इंग्लैंड जोस बटलर 772 774 बनाम वेस्टइंडीज ब्रिस्टल 2025 में 6 भारत सूर्यकुमार यादव 739 912 बनाम न्यूजीलैंड रांची 2023 में 7 श्रीलंका पथुम निसंका 727 728 बनाम बांग्लादेश पालेकेले 2025 में 8 न्यूजीलैंड टिम सीफर्ट 708 708 बनाम पाकिस्तान वेलिंगटन 2025 में 9 श्रीलंका कुसल परेरा 677 786 बनाम वेस्टइंडीज मीरपुर 2014 में 10 भारत यशस्वी जायसवाल 673 781 बनाम श्रीलंका पालेकेले 2024 में

इंग्लैंड की चाल उलटी पड़ी, गिल की आक्रामक बल्लेबाज़ी पर पूर्व ऑलराउंडर की खुलकर तारीफ

नई दिल्ली लॉर्ड्स टेस्ट में भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने फील्ड पर जिस तरह आक्रामकता दिखाई, इंग्लैंड के खिलाड़ियों से उलझे, उसकी तुलना विराट कोहली की आक्रामकता से की जा रही है। हालांकि, तमाम पूर्व क्रिकेटर गिल की आक्रामकता को गैरजरूरी बता रहे। लॉर्ड्स में टीम की हार के बाद गिल अपनी आक्रामकता के लिए भारत और इंग्लैंड के आलोचकों के निशाने पर आ गए हैं। इस बीच इंग्लैंड के पूर्व ऑलराउंडर मोईन अली ने गिल का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय कप्तान की आक्रामकता में कोई बुराई नहीं है। हालांकि, साथ में उन्होंने यह भी दावा किया कि संभवतः भारतीय कप्तान की आक्रामकता से ही लॉर्ड्स में इंग्लैंड के भीतर का सोया शेर जाग गया। लॉर्ड्स टेस्ट के तीसरे दिन गिल इंग्लैंड के ओपनर्स जैक क्रॉली और बेन डकेट से मैदान में ही उलझ गए थे। दिन का खेल खत्म होने तक भारत को ज्यादा ओवर डालने का मौका न मिले, इसके लिए इंग्लैंड की टीम ने जानबूझकर देरी की रणनीति अपनाई। उनकी इस पैंतरेबाजी से गिल का सब्र जवाब दे गया और वह मैदान में ही अंग्रेज खिलाड़ियों से उलझ पड़े। इस दौरान गुस्से में उनके मुंह से शायद कुछ अपशब्द भी निकल गए थे। उसका नुकसान ये हुआ कि बल्लेबाजी के दौरान उनकी एकाग्रता भंग हुई और वह दूसरी पारी में 9 गेंद पर 6 रन बनाकर आउट हो गए। लॉर्ड्स टेस्ट में भारत को आखिरी पारी में जीत के लिए 193 रन का लक्ष्य मिला था लेकिन पूरी टीम 170 रन पर आउट हो गई। फिलहाल ग्लोबल सुपर लीग में हिस्सा ले रहे मोईन अली ने गिल का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय कप्तान तो बस प्रतिस्पर्धी बनने की कोशिश कर रहे थे। गिल का समर्थन करने के साथ-साथ मोईन ने एक अहम बात भी कही। उन्होंने कहा कि भारतीय कप्तान की आक्रामकता से इंग्लैंड के भीतर की जुझारू प्रवृत्ति जाग गई। मोईन अली ने कहा, 'यह ठीक है। मुझे लगता है कि वह सिर्फ प्रतिस्पर्धी बनने और लड़ने की कोशिश कर रहे थे, बिल्कुल वैसे ही जैसे विराट कोहली करते थे। मुझे लगता है कि ये ठीक है। लेकिन आपने जो किया, उससे इंग्लैंड का बेस्ट बाहर निकल आया। सोया शेर जगा गया। मुझे लगता है कि यह इंग्लैंड का एक अलग तरह का पहलू है जिसे खिलाड़ियों ने दिखाया। यह सीरीज के लिए बहुत अच्छा है, मुझे नहीं पता उनकी (गिल) की आलोचना क्यों हो रही है।'  

मेसी की जर्सी का नया वारिस! बार्सिलोना ने युवा खिलाड़ी को दिया नंबर 10, 2031 तक करेगा जलवा

मेड्रिड   स्पेन के 18 वर्षीय फुटबॉलर लामिन यामल (Lamine Yamal) इन दिनों काफी सुर्खियों में हैं, उनके इस चर्चे की वजह उनका ग्राउंड पर खेल नहीं बल्कि दिग्गज खिलाड़ी लियोनल मेसी के जर्सी नंबर 10 को हासिल करना है. दरअसल बार्सिलोना के सनसनीखेज युवा खिलाड़ी लामिन यामल को आधिकारिक तौर पर क्लब की प्रतिष्ठित नंबर 10 जर्सी सौंप दी है, जिसे कभी दिग्गज लियोनेल मेसी पहना करते थे. इसके अलावा क्लब ने उनका अनुबंध 2031 तक बढ़ा दिया है. लामिन यामल, मेसी और रोनाल्डिन्हो की सूची में शामिल लामिन यामल ने यह जर्सी अंसु फाति से ली है, जो हाल ही में एक सीजन के लिए क्लब में शामिल हुए थे. इसके साथ यमल, मेसी, रोनाल्डिन्हो, रिवाल्डो, रोमारियो और डिएगो माराडोना के बाद, क्लब में नंबर 10 जर्सी पहनने वाले दिग्गज खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं. इससे पहले यमाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करके इस खबर को चर्चा में ला दिया था. पोस्ट में जर्सी नंबर 10 में माराडोना, रोनाल्डिन्हो और मेसी की तस्वीरें थीं. जिसने प्रशंसकों में अटकलों को जन्म दिया था. जिसकी अब पुष्टि हो गई है. मेसी ने 2008 और 2021 के बीच बार्सिलोना के लिए खेला बता दें कि अर्जेंटीना के स्टार खिलाड़ी लियोनेल मेसी ने 2008 और 2021 के बीच क्लब में ये नंबर पहना था, जिस दौरान उन्होंने क्लब के इतिहास में सबसे महान खिलाड़ी के रूप में अपनी विरासत को मजबूत किया. लेकिन उनके जाने के बाद, अंसु फाति को यह शर्ट विरासत में मिली, लेकिन वो चोटों और निरंतरता के कारण संघर्ष करते रहे, जिससे यमल को आगे बढ़ने का मौका मिला. लामिन यमाल ने कई नंबर की जर्सी पहनी है लामिन यमाल ने 2022-23 में 41 नंबर की जर्सी पहनकर क्लब में पदार्पण किया था. वो बार्सिलोना और स्पेनिश राष्ट्रीय टीम, दोनों में तेजी से एक मुख्य खिलाड़ी बनकर उभरे हैं. बाद में उन्होंने 27 नंबर और फिर 19 नंबर की जर्सी पहनी. यमाल ने बार्सिलोना के लिए अब तक 106 मैच खेल चुके हैं. जिसमें उन्होंने 25 गोल किए. जिससे टीम को दो ला लीगा खिताब, एक कोपा डेल रे और स्पेनिश सुपरकोपा जीतने में मदद मिली है. उन्होंने स्पेन की यूईएफए यूरो 2024 जीत में भी अहम भूमिका निभाई थी और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने प्रतिभा का परिचय दिया था.

वेस्टइंडीज की ऐतिहासिक हार पर गहराया विवाद, लारा ने कहा – IPL ने बिगाड़ा क्रिकेट

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे टेस्ट में वेस्टइंडीज की पूरी पारी महज 27 रन पर सिमटने को लेकर कैरेबियन क्रिकेट में तूफान उठ गया है। यह क्रिकेट इतिहास की दूसरी सबसे छोटी टेस्ट पारी है। महान ब्रायन लारा ने इसके लिए इशारों-इशारों में इंडियन प्रीमियर लीग जैसे टूर्नामेंट्स को जिम्मेदार बताया है। वहीं, डेविड लॉयड ने तो वेस्टइंडीज टीम की इस दुर्गति के लिए सीधे-सीधे भारत को ही गुनहगार ठहरा दिया है। सबीना पार्क में हुए डे-नाइट टेस्ट में वेस्टइंडीज की पूरी पारी 87 गेंद में 27 रन पर सिमट गई थी। ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज में वेस्टइंडीज को क्लीन स्वीप कर दिया। इसे लेकर ब्रायन लारा ने 'स्टिक टू क्रिकेट' पॉडकास्ट में इशारों-इशारों में आईपीएल और दूसरे टी20 फ्रेंचाइजी लीग को वेस्टइंडीज क्रिकेट के पतन के लिए जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा, ‘हम वेस्टइंडीज की टीम में शामिल होने की कोशिश के रूप में फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेलते थे और हम में से कुछ काउंटी क्रिकेट भी खेलते थे। अब हम वेस्टर्न ईस्ट टीम का एक ऐसी सीढ़ी के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं कि हमें कहीं कॉन्ट्रैक्ट मिल जाए। और इसमें खिलाड़ी की कोई गलती नहीं है।’ इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर डेविड लॉयड भी पॉडकास्ट में शामिल हुए। उन्होंने तो वेस्टइंडीज क्रिकेट के पतने के लिए सीधे-सीधे भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड को जिम्मेदार ठहरा दिया। लॉयड ने कहा, 'ये बिग थ्री ही सारा पैसा रख लेती हैं। इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और भारत सारा पैसा हजम कर जाते हैं। उन्हें बड़े ब्रॉडकास्ट डील मिलते हैं। आपको वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड और श्रीलंका को भी इस प्रतिस्पर्धा में शामिल करना चाहिए ताकि पैसे का ठीक से वितरण हो।'  

RCB इवेंट की अव्यवस्था पर सरकार सख्त, भगदड़ के लिए विराट और टीम मैनेजमेंट को जिम्मेदार बताया

बेंगलुरु  बेंगलुरु में मची भगदड़ मामले में कर्नाटक सरकार ने RCB यानी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को ही जिम्मेदार बताया है। हाल ही में जारी हुई रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। साथ ही रिपोर्ट में क्रिकेटर विराट कोहली के एक वीडियो का भी जिक्र है। 4 जून को IPL ट्रॉफी जीत के बाद हुए जश्न के दौरान मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, 50 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। रिपोर्ट में बताया गया है कि कार्यक्रम के आयोजक डीएनए एंटरटेनमेंट नेटवर्क्स प्राइवेट लिमिटेड ने पुलिस को 3 जून को सिर्फ परेड के बारे में बताया था, लेकिन औपचारिक अनुमति नहीं मांगी गई थी। अनुमति लेना अनिवार्य है। इसमें कहा गया है कि इस तरह के आयोजन के लिए अनुमति 7 दिन पहले मांगी जाती है। बगैर पुलिस से बात किए लोगों को बुलाया रिपोर्ट में कहा गया है कि RCB ने बगैर पुलिस से विचार विमर्श किए लोगों को न्योता दे दिया। इसमें कहा गया है कि सुबह 7 बजकर 1 मिनट पर एक फोटो पोस्ट किया गया था, जिसमें 'लोगों के लिए फ्री एंट्री' की बात कही गई थी और विजय जुलूस के लिए न्योता दिया गया था। यह जुलूस विधानसभा से शुरू होना था और चिन्नास्वामी स्टेडियम पर खत्म होना था। रिपोर्ट में कहा गया है कि 4 जून को सुबह 8 बजे एक पोस्ट और की गई और 8 बजकर 55 मिनट पर RCB ने एक वीडियो क्लिप पोस्ट किया, जिसमें क्रिकेटर विराट कोहली नजर आ रहे थे। वह कह रहे थे कि टीम बेंगलुरु शहर के लोगों के साथ जीत का जश्न मनाना चाहती है। सरकार का कहना है कि इसके चलते 3 लाख से ज्यादा लोग आ गए और आयोजक या पुलिस इतनी भीड़ के लिए तैयार नहीं थे। इसके अलावा कन्फ्यूजन भी हुआ, क्योंकि दोपहर 3 बजकर 14 मिनट पर आयोजकों ने घोषणा कर दी कि स्टेडियम में आने के लिए पास की जरूरत होगी। खबर है कि इसके चलते लोग पैनिक हुए। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि RCB, DNA एंटरटेनमेंट और KSCA यानी कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन सामंजस्य जमाने में असफल रहे। एंट्री गेट पर उचित प्लानिंग नहीं होना और गेट देरी से खोले जाने के चलते व्यवस्था बिगड़ी और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी। कोर्ट ने दिए थे रिपोर्ट सार्वजनिक करने के आदेश कर्नाटक हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया था कि वह चार जून को हुई भगदड़ की घटना पर अपनी स्थिति रिपोर्ट सार्वजनिक करे। राज्य सरकार ने हाई कोर्ट से इस रिपोर्ट को गोपनीय रखने का अनुरोध किया था, लेकिन कोर्ट ने सोमवार, 14 जुलाई को स्पष्ट रूप से कहा कि इस तरह की गोपनीयता के लिए कोई कानूनी आधार नहीं है।