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क्रूज हादसे से दहला देश: 37 शव बरामद, लापता यात्रियों की तलाश जारी

वियतनाम  वियतनाम में एक भीषण हादसे में पर्यटकों से भरा एक क्रूज जहाज समुद्र में पलट गया है जिससे अब तक 37 लोगों की मौत हो चुकी है। यह दुखद घटना शनिवार को क्वांग निन्ह प्रांत के प्रसिद्ध हा लॉन्ग खाड़ी में तब हुई जब जहाज एक भयंकर तूफान की चपेट में आ गया। बचाव अभियान अभी भी बड़े पैमाने पर जारी है क्योंकि दर्जनों लोग अभी भी लापता हैं। यह घटना शनिवार को दोपहर लगभग 1:30 बजे (स्थानीय समयानुसार) हुई। अधिकारियों ने बताया कि जहाज का सामना एक शक्तिशाली तूफान से हुआ और दोपहर 2:05 बजे तक जहाज का अधिकारियों से संपर्क टूट गया और वह खाड़ी के पानी में डूब गया। जहाज में सवार थे 48 यात्री, अधिकतर युवा और बच्चे हादसे के समय क्रूज जहाज में 48 यात्री सवार थे जिनमें 24 पुरुष और 24 महिलाएँ थीं। बताया जा रहा है कि इनमें से कई यात्री युवा और बच्चे थे। ज़्यादातर यात्री वियतनाम से ही थे जो राजधानी हनोई से यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हा लॉन्ग खाड़ी घूमने आए थे। चुनौतीपूर्ण मौसम और भारी बारिश के बावजूद बचाव दल 11 लोगों को पानी से ज़िंदा निकालने में कामयाब रहे। हालांकि दर्जनों लोग अभी भी लापता हैं जिसके चलते बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने जताया शोक, जांच के आदेश इस दुर्घटना और पर्यटकों की मौत के बाद देश भर में शोक का माहौल है। वियतनाम के प्रधानमंत्री फाम मिन्ह चिन्ह ने भी इस घटना को लेकर अपना बयान जारी किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने दुर्घटना की विस्तृत जांच का आह्वान किया है। सरकार की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि इस घटना में हुई किसी भी चूक या लापरवाही से सख्ती से निपटा जाएगा। बता दें कि हा लॉन्ग बे वियतनाम के सबसे प्रमुख पर्यटक स्थलों में से एक है। साल 2019 में यहां देश और विदेश से 40 लाख से ज़्यादा पर्यटक घूमने आए थे। इस हादसे ने वियतनाम के पर्यटन उद्योग और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।  

मॉनसून सत्र का एजेंडा तय: सर्वदलीय बैठक में उठा पहलगाम हमला, SIR विवाद और सुरक्षा अभियान का मुद्दा

नई दिल्ली  संसद के मॉनसून सत्र से पहले सरकार की ओर से रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई। इसमें विपक्ष ने बिहार में मतदाता सूची के पुनरीक्षण और पहलगाम आतंकवादी हमले सहित विभिन्न मुद्दे उठाए। सरकार ने सदन के सुचारू संचालन के लिए विपक्षी दलों से सहयोग मांगा। आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने कहा कि उन्होंने बैठक में बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के कथित चुनावी घोटाले और भारत व पाकिस्तान के बीच युद्धविराम की मध्यस्थता को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे का मुद्दा उठाया। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि इंडिया गठबंधन केवल लोकसभा चुनावों के लिए है और आप विधानसभा चुनाव अपने दम पर लड़ रही है। समाजवादी पार्टी सांसद रामगोपाल यादव ने कहा, 'देश अब मुद्दों से भरा हुआ है लेकिन मैंने 4 बहुत महत्वपूर्ण मुद्दे उठाने की बात की है। पहला- पहलगाम में जो आतंकवादी हमला हुआ और जिस तरह से उपराज्यपाल ने कहा कि इसमें इंटेलिजेंस फेलियर था, यह बहुत गंभीर मामला है और इस पर चर्चा होनी चाहिए। दूसरा- जब ऑपरेशन सिंदूर चल रहा था, उस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि मैंने युद्ध बंद करवा दिया है। कल उन्होंने यह भी कहा कि 5 जेट गिराए गए थे। तीसरा- हिंदुस्तान की विदेश नीति पूरी तरह से विफल हो गई है। विदेश नीति तब सफल होती है जब हमारे मित्र देशों की संख्या बढ़ती है और दुश्मन देशों की संख्या घटती है। ऑपरेशन सिंदूर या पहलगाम की घटना पर दुनिया के किसी भी देश ने हमारा साथ नहीं दिया। अब कोई भी हमारे साथ नहीं है। इसपर चर्चा होना जरूरी है। सबसे खतरनाक बात यह है कि लोकतंत्र पूरी तरह से खत्म होने जा रहा है। जिस तरह से बिहार में वोटर लिस्ट का SIR हो रहा है, वो सब देख रहे हैं। बिहार में करोड़ों लोगों के नाम काटे जा रहे हैं। यह कुछ गंभीर बाते हैं और मुझे नहीं लगता कि सरकार इसपर चर्चा कराएगी।' बीजद सांसद ने कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाया सर्वदलीय बैठक में भाग लेने के बाद बीजद सांसद सस्मित पात्रा ने कहा, 'ओडिशा में स्थिति बेहद गंभीर है। महिलाओं और बच्चियों पर लगातार हमले हो रहे हैं। सच तो यह है कि आज ओडिशा की भाजपा सरकार पूरी तरह से अक्षम, विफल है और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर उसका कोई नियंत्रण नहीं है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था चरमरा रही है। महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ जघन्य अपराध दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे हैं। इसलिए हम राज्य के अन्य मुद्दों के अलावा, इन सभी मुद्दों को संसद में उठाएंगे। हम सभी मुद्दों पर विपक्ष के साथ हैं, विपक्ष जो भी चर्चा चाहता है उसके लिए हम उनके साथ हैं।' सर्वदलीय बैठक में कौन-कौन शामिल केंद्रीय मंत्री व राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू और उनके जूनियर मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सरकार का प्रतिनिधित्व किया। कांग्रेस के गौरव गोगोई व जयराम रमेश, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी)-शरदचंद्र पवार की सुप्रिया सुले, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के टीआर बालू और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI-A) के नेता व केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले बैठक में भाग लेने वाले सांसदों में शामिल रहे। ऑपरेशन सिंदूर अचानक रोकने पर सवाल विपक्षी गठबंधन इंडिया के 24 दलों के प्रमुख नेताओं ने संसद का मॉनसून सत्र शुरू होने से पहले शनिवार को ऑनलाइन मीटिंग की थी। इसमें फैसला किया था कि वे पहलगाम आतंकवादी हमले, ऑपरेशन सिंदूर को अचानक रोके जाने, भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव के बीच मध्यस्थता संबंधी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे, बिहार में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कई अन्य मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे।  

कोरोना के बाद नया खतरा! तेजी से फैल रहा वायरस, बजी वैश्विक अलार्म बेल

नई दिल्ली  चीन जहां से कोरोना वायरस फैला था अब एक और नए वायरस के प्रकोप से जूझ रहा है। इस बार मच्छर से फैलने वाले 'CHIKV वायरस' (चिकनगुनिया) ने चीन के कई जिलों में हजारों लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है जिसके बाद चीन के स्वास्थ्य मंत्रालय को आपातकालीन अभियान जारी करना पड़ा है। इस वायरस के कारण तेज बुखार और जोड़ों में दर्द जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। हॉन्गकॉन्ग में भी अलर्ट जारी इस वायरस के तेजी से फैलाव के कारण चीन के कई जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को इस बीमारी को रोकने में मदद करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। चीन के पड़ोसी देश हॉन्गकॉन्ग में भी इस वायरस को लेकर अलर्ट जारी किया गया है जिससे क्षेत्र में चिंता बढ़ गई है।   फोशन में तेज़ी से फैल रहा चिकनगुनिया चीन की मीडिया scmp.com की खबर के मुताबिक दक्षिण चीन के फोशन शहर में चिकनगुनिया बुखार तेज़ी से फैल रहा है। चीन के शुंडे की लोकल हेल्थ बॉडी ने जानकारी दी कि यहां चिकनगुनिया के मामले पाए गए हैं। केवल इसी इलाके में शुक्रवार तक चिकनगुनिया के पुष्टि किए गए मामलों की संख्या 1,161 तक पहुंच चुकी है। चीन के अन्य शहरों जैसे शुंडे, लेशॉन्ग, बिजीओ, चेनकून, नन्हई और चानचेंग में भी इस वायरस के मामले रिपोर्ट किए गए हैं। दुनिया भर में 2 लाख से अधिक चिकनगुनिया केस अगर चिकनगुनिया बुखार के दुनिया भर के मामलों की बात करें तो साल 2025 में अब तक 2,20,000 से अधिक केस दर्ज हो चुके हैं। ये आंकड़े भी चिकनगुनिया बुखार को लेकर वैश्विक स्तर पर सावधानी बरतने का संकेत दे रहे हैं। क्या है CHIKV वायरस? विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार चिकनगुनिया एक CHIKV वायरस है जो मच्छर के ज़रिए फैलता है। इसके कारण शरीर के जोड़ों में दर्द और तेज़ बुखार की शिकायत होती है। बुखार और दर्द काफी अधिक होता है और कई बार मरीज की स्थिति गंभीर हो जाती है। बारिश के मौसम में इसके फैलने की संभावना अधिक होती है। बता दें CHIKV वायरस मुख्य रूप से मादा मच्छर के ज़रिए फैलता है।  

कोरोना के बाद नया खतरा! तेजी से फैल रहा वायरस, बजी वैश्विक अलार्म बेल

नई दिल्ली  चीन जहां से कोरोना वायरस फैला था अब एक और नए वायरस के प्रकोप से जूझ रहा है। इस बार मच्छर से फैलने वाले 'CHIKV वायरस' (चिकनगुनिया) ने चीन के कई जिलों में हजारों लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है जिसके बाद चीन के स्वास्थ्य मंत्रालय को आपातकालीन अभियान जारी करना पड़ा है। इस वायरस के कारण तेज बुखार और जोड़ों में दर्द जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। हॉन्गकॉन्ग में भी अलर्ट जारी इस वायरस के तेजी से फैलाव के कारण चीन के कई जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को इस बीमारी को रोकने में मदद करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। चीन के पड़ोसी देश हॉन्गकॉन्ग में भी इस वायरस को लेकर अलर्ट जारी किया गया है जिससे क्षेत्र में चिंता बढ़ गई है।   फोशन में तेज़ी से फैल रहा चिकनगुनिया चीन की मीडिया scmp.com की खबर के मुताबिक दक्षिण चीन के फोशन शहर में चिकनगुनिया बुखार तेज़ी से फैल रहा है। चीन के शुंडे की लोकल हेल्थ बॉडी ने जानकारी दी कि यहां चिकनगुनिया के मामले पाए गए हैं। केवल इसी इलाके में शुक्रवार तक चिकनगुनिया के पुष्टि किए गए मामलों की संख्या 1,161 तक पहुंच चुकी है। चीन के अन्य शहरों जैसे शुंडे, लेशॉन्ग, बिजीओ, चेनकून, नन्हई और चानचेंग में भी इस वायरस के मामले रिपोर्ट किए गए हैं। दुनिया भर में 2 लाख से अधिक चिकनगुनिया केस अगर चिकनगुनिया बुखार के दुनिया भर के मामलों की बात करें तो साल 2025 में अब तक 2,20,000 से अधिक केस दर्ज हो चुके हैं। ये आंकड़े भी चिकनगुनिया बुखार को लेकर वैश्विक स्तर पर सावधानी बरतने का संकेत दे रहे हैं। क्या है CHIKV वायरस? विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार चिकनगुनिया एक CHIKV वायरस है जो मच्छर के ज़रिए फैलता है। इसके कारण शरीर के जोड़ों में दर्द और तेज़ बुखार की शिकायत होती है। बुखार और दर्द काफी अधिक होता है और कई बार मरीज की स्थिति गंभीर हो जाती है। बारिश के मौसम में इसके फैलने की संभावना अधिक होती है। बता दें CHIKV वायरस मुख्य रूप से मादा मच्छर के ज़रिए फैलता है।  

हर समस्या का हल ढूंढना हमारा दायित्व है: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल

मुंबई  केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के लोककल्याण कार्यालय में रविवार को आयोजित जनता दरबार में नागरिकों की विभिन्न शिकायतें सुनी गईं और 15 शिकायतों का तत्काल निपटारा किया गया। सांसद पीयूष गोयल ने कहा कि हमारा प्रयास नागरिकों की समस्याओं को हल करना है। इस दौरान नगर निगम, म्हाडा, हाउसिंग सोसाइटी और पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतें सामने आईं। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने दिल्ली से ऑनलाइन माध्यम से नागरिकों से सीधे संवाद किया और स्थानीय मुद्दों पर चर्चा की। इस मौके पर सांसद गोयल ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को नागरिकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने के स्पष्ट निर्देश दिए। कांदिवली स्थित लोककल्याण कार्यालय में आयोजित इस जनता दरबार में कई नागरिकों ने अपनी शिकायतें और निवेदन प्रस्तुत किए। कुछ मामलों में तत्काल कार्रवाई कर राहत प्रदान की गई। बाणडोंगरी क्षेत्र की महिलाओं ने पानी की आपूर्ति के समय में बदलाव को लेकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि वे घरों में काम करके अपनी जीविका चलाती हैं और नगरपालिका द्वारा पानी की आपूर्ति का समय बदल दिए जाने से उन्हें गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस पर गोयल ने आश्वासन दिया कि पानी विभाग से संपर्क कर पुराने समय को बहाल करने का प्रयास किया जाएगा। इस बीच, दहिसर के पुनर्विकास परियोजना से प्रभावित निवासियों ने भी अपनी समस्याएं साझा कीं। उनका कहना था कि वे पिछले 14 वर्षों से किराये के मकानों में रह रहे हैं, जबकि डेवलपर्स ने उनके मूल मकान दूसरों को किराये पर दे दिए हैं। इस पर गोयल ने स्पष्ट रूप से कहा कि आपके साथ धोखाधड़ी हुई है, आप पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा, सहकारी हाउसिंग सोसाइटी, अस्पताल, सड़क मरम्मत, पीने का पानी, खेल के मैदान, मुआवजा आदि से जुड़ी शिकायतें भी दर्ज की गईं। कई संस्थाओं और संगठनों के पदाधिकारी भी अपनी मांगों के साथ जनता दरबार में शामिल हुए। एक विशेष प्रसंग में चारकोप सेक्टर-8 निवासी मनसुख जाधव ने जनता दरबार में आकर सांसद गोयल का व्यक्तिगत रूप से आभार प्रकट किया। उन्हें हृदय शल्य चिकित्सा के लिए अस्पताल द्वारा अधिक खर्च बताया गया था, जिससे वह परेशान थे, लेकिन लोककल्याण कार्यालय के हस्तक्षेप से उन्हें मुफ्त इलाज प्राप्त हुआ। इसके लिए उन्होंने दरबार में आकर दिल से धन्यवाद दिया। जनता दरबार में उत्तर मुंबई भाजपा के जिलाध्यक्ष दीपक तावड़े, पूर्व नगरसेवक गणेश खणकर सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे। सांसद पीयूष गोयल ने कहा, "हमारा प्रयास नागरिकों की समस्याओं को हल करना है। लोककल्याण कार्यालय में आने वाली हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाता है और संबंधित विभागों से समन्वय कर निर्णय लिए जाते हैं। मेरी टीम भी लगातार फॉलोअप करती रहती है।"

हर समस्या का हल ढूंढना हमारा दायित्व है: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल

मुंबई  केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के लोककल्याण कार्यालय में रविवार को आयोजित जनता दरबार में नागरिकों की विभिन्न शिकायतें सुनी गईं और 15 शिकायतों का तत्काल निपटारा किया गया। सांसद पीयूष गोयल ने कहा कि हमारा प्रयास नागरिकों की समस्याओं को हल करना है। इस दौरान नगर निगम, म्हाडा, हाउसिंग सोसाइटी और पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतें सामने आईं। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने दिल्ली से ऑनलाइन माध्यम से नागरिकों से सीधे संवाद किया और स्थानीय मुद्दों पर चर्चा की। इस मौके पर सांसद गोयल ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को नागरिकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने के स्पष्ट निर्देश दिए। कांदिवली स्थित लोककल्याण कार्यालय में आयोजित इस जनता दरबार में कई नागरिकों ने अपनी शिकायतें और निवेदन प्रस्तुत किए। कुछ मामलों में तत्काल कार्रवाई कर राहत प्रदान की गई। बाणडोंगरी क्षेत्र की महिलाओं ने पानी की आपूर्ति के समय में बदलाव को लेकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि वे घरों में काम करके अपनी जीविका चलाती हैं और नगरपालिका द्वारा पानी की आपूर्ति का समय बदल दिए जाने से उन्हें गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस पर गोयल ने आश्वासन दिया कि पानी विभाग से संपर्क कर पुराने समय को बहाल करने का प्रयास किया जाएगा। इस बीच, दहिसर के पुनर्विकास परियोजना से प्रभावित निवासियों ने भी अपनी समस्याएं साझा कीं। उनका कहना था कि वे पिछले 14 वर्षों से किराये के मकानों में रह रहे हैं, जबकि डेवलपर्स ने उनके मूल मकान दूसरों को किराये पर दे दिए हैं। इस पर गोयल ने स्पष्ट रूप से कहा कि आपके साथ धोखाधड़ी हुई है, आप पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा, सहकारी हाउसिंग सोसाइटी, अस्पताल, सड़क मरम्मत, पीने का पानी, खेल के मैदान, मुआवजा आदि से जुड़ी शिकायतें भी दर्ज की गईं। कई संस्थाओं और संगठनों के पदाधिकारी भी अपनी मांगों के साथ जनता दरबार में शामिल हुए। एक विशेष प्रसंग में चारकोप सेक्टर-8 निवासी मनसुख जाधव ने जनता दरबार में आकर सांसद गोयल का व्यक्तिगत रूप से आभार प्रकट किया। उन्हें हृदय शल्य चिकित्सा के लिए अस्पताल द्वारा अधिक खर्च बताया गया था, जिससे वह परेशान थे, लेकिन लोककल्याण कार्यालय के हस्तक्षेप से उन्हें मुफ्त इलाज प्राप्त हुआ। इसके लिए उन्होंने दरबार में आकर दिल से धन्यवाद दिया। जनता दरबार में उत्तर मुंबई भाजपा के जिलाध्यक्ष दीपक तावड़े, पूर्व नगरसेवक गणेश खणकर सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे। सांसद पीयूष गोयल ने कहा, "हमारा प्रयास नागरिकों की समस्याओं को हल करना है। लोककल्याण कार्यालय में आने वाली हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाता है और संबंधित विभागों से समन्वय कर निर्णय लिए जाते हैं। मेरी टीम भी लगातार फॉलोअप करती रहती है।"

अमरनाथ यात्रा का 18वां दिन: भारी सुरक्षा घेरे में 4 हजार श्रद्धालु निकले बाबा बर्फानी के दर्शन को

श्रीनगर, अमरनाथ यात्रा के 18वें दिन श्रद्धालुओं की संख्या तीन लाख के पार पहुंचने की संभावना है। रविवार को 4,388 तीर्थयात्रियों का एक और जत्था जम्मू से कश्मीर के लिए रवाना हुआ। यह यात्रा अभूतपूर्व सुरक्षा के बीच हो रही है। अब तक 2.75 लाख से ज्यादा तीर्थयात्री बाबा बर्फानी का दर्शन कर चुके हैं। जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से 4,388 तीर्थयात्री कश्मीर पहुंचते हैं, जबकि इससे चार गुना ज्यादा तीर्थयात्री रोजाना सीधे यहां पहुंचते हैं और या तो ट्रांजिट कैंपों में या दोनों आधार शिविरों में, वहीं पंजीकरण कराते हैं। रविवार को यह संख्या तीन लाख को पार कर जाने की संभावना है। जम्मू से बालटाल और पहलगाम के दो आधार शिविरों तक और बालटाल व पहलगाम से अमरनाथ गुफा तक के दो मार्गों पर सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी, सीआईएसएफ और अन्य सुरक्षाकर्मी चौबीसों घंटे पहरा दे रहे हैं। सेना ने यात्रा ड्यूटी पर पहले से तैनात सीएपीएफ की 180 अतिरिक्त कंपनियों के अतिरिक्त 8,000 से ज्यादा विशेष बल तैनात किए हैं। यात्रा मार्ग पर हर पांच मीटर पर विभिन्न सीएपीएफ इकाइयों के पूरी तरह से सशस्त्र जवान तैनात हैं, और इस असाधारण सतर्कता के कारण इस साल हिमालयी अमरनाथ गुफा मंदिर की तीर्थयात्रा के लिए तीर्थयात्रियों का विश्वास और भी मजबूत हुआ है। इस साल की अमरनाथ यात्रा के लिए अधिकारियों ने व्यापक बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की है, क्योंकि यह यात्रा 22 अप्रैल के कायराना हमले के बाद हो रही है, जिसमें पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने पहलगाम के बैसरन घाटी में आस्था के आधार पर 26 बेगुनाहों की हत्या कर दी थी। एक अधिकारी ने बताया, “आज 4,388 यात्रियों का एक और जत्था भगवती नगर यात्री निवास से दो सुरक्षा काफिलों में घाटी के लिए रवाना हुआ। 64 वाहनों का पहला सुरक्षा काफिला 1,573 यात्रियों को लेकर सुबह 3.30 बजे बालटाल आधार शिविर के लिए रवाना हुआ, जबकि 115 वाहनों का दूसरा सुरक्षा काफिला 2,815 यात्रियों को लेकर सुबह 4 बजे नुनवान (पहलगाम) आधार शिविर के लिए रवाना हुआ।” 10 जुलाई को पहलगाम में ‘छड़ी मुबारक’ (भगवान शिव की पवित्र गदा) का पूजन किया गया। छड़ी मुबारक के एकमात्र संरक्षक महंत स्वामी दीपेंद्र गिरि के नेतृत्व में संतों के एक समूह द्वारा छड़ी मुबारक को श्रीनगर के दशनामी अखाड़ा भवन स्थित उसके स्थान से पहलगाम ले जाया गया। पहलगाम में, छड़ी मुबारक को गौरी शंकर मंदिर ले जाया गया, जहां भूमि पूजन हुआ। इसके बाद छड़ी मुबारक को दशनामी अखाड़ा भवन में वापस उसके स्थान पर ले जाया गया। यह छड़ी मुबारक 4 अगस्त को श्रीनगर स्थित दशनामी अखाड़ा मंदिर से गुफा मंदिर की ओर अपनी अंतिम यात्रा शुरू करेगी और 9 अगस्त को पवित्र गुफा मंदिर पहुँचेगी, जो यात्रा का आधिकारिक समापन होगा। इस वर्ष, यह यात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई और 38 दिनों के बाद 9 अगस्त को समाप्त होगी, जो श्रावण पूर्णिमा और रक्षा बंधन का संयोग है। यात्री कश्मीर हिमालय में समुद्र तल से 3888 मीटर ऊपर स्थित पवित्र गुफा मंदिर तक या तो पारंपरिक पहलगाम मार्ग से या छोटे बालटाल मार्ग से पहुँचते हैं। पहलगाम मार्ग का उपयोग करने वाले लोग चंदनवाड़ी, शेषनाग और पंचतरणी से होकर गुफा मंदिर तक पहुंचते हैं, और 46 किलोमीटर की पैदल दूरी तय करते हैं। इस यात्रा में तीर्थयात्री को गुफा मंदिर तक पहुंचने में चार दिन लगते हैं। और, छोटे बालटाल मार्ग का उपयोग करने वालों को गुफा मंदिर तक पहुँचने के लिए 14 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी पड़ती है और दर्शन करने के बाद उसी दिन आधार शिविर लौटना पड़ता है। सुरक्षा कारणों से इस वर्ष यात्रियों के लिए कोई हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं है।  

नाइजर में भारतीय बंधक संकट, उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की

नाइजर पश्चिमी अफ्रीकी देश नाइजर के डोसो क्षेत्र में बीती 15 जुलाई को बड़ा आतंकी हमला हुआ था। आतंकियों ने दो भारतीयों की भी हत्या कर दी थी। वहीं जम्मू-कश्मीर के रामबन के रहने वाले रंजीत सिंह को किडनैप कर लिया गया था। अब उनका परिवार मोदी सरकार से मदद की गुहार लगा रहा है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी मोदी सरकार से उन्हें वापस लाने के प्रयास करने की अपील की है। जानकारी के मुताबिक रंजीत सिंह एक कंस्ट्रक्शन साइट पर काम कर रहे थे, तभी हथियारबंद आतंकियों ने हमला कर दिया। उमर अब्दुल्ला के कार्यालय ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, रंजीत सिंह की किडनैपिंग को लेकर सीएम अब्दुल्ला बेहद चिंतित हैं। उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर से मामले में दखल देने की गुजारिश की है ताकि रंजीत सिंह को सुरक्षित वापस लाया जा सके। कौन हैं रंजीत सिंह? रंजीत सिंह की पत्नी शीला देवी ने शनिवार को मोदी सरकार से पति की सुरक्षित वापसी के लिए गुहार लगाई थी। उन्होंने बताया कि रंजीत ट्रांसरेल लाइटिंग लिमिटेड में सेफ्टी ऑफिसर थे। रामबन के चक्काकुंडी गांव में उनका परिवार रहता है। रंजीत सिंह के तीन बच्चे हैं। 15 जुलाई के बाद शीला देवी की पति से बात नहीं हो पाई। शीला ने कहा, 15 जुलाई को उनसे वॉट्सऐप पर बात हुई थी। मैनेजमेंट को फोन किया तो उन्होंने बताया कि साइट पर नेटवर्क नहीं रहते हैं। शीला देवी को पति की किडनैपिंग की जानकारी अगले दिन मिली। उनके एक दोस्त ने आतंकी हमले के बारे में बताया। वहीं मैनेजमेंट का कहना है कि आतंकियों से डरकर वह जंगल में भाग गए हैं। शीला देवी ने कहा, ऐसा लगता है कि उनके पति को बचाने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस कंपनी में रंजीत सिंह काम करते थे, उसकी तरफ से भी कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है। शीला देवी ने कहा, अगर विदेश मंत्रालय चाहेगा तभी उनके पति की सकुशल वापसी हो सकती है।  

भारत की संप्रभुता पर कोई समझौता नहीं: ट्रंप के बयान पर धनखड़ ने रखी स्पष्ट राय

नई दिल्ली अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार दावा कर रहे हैं कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर कराया है। अब इसको लेकर भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने जवाब दिया है। धनखड़ ने कहा कि दुनिया की कोई ताकत भारत को निर्देश नहीं दे सकती। उन्होंने कहा कि लोगों को किसी नैरेटिव से प्रभावित नहीं होना चाहिए। धनखड़ ने कहा कि भारत को पता है कि उसे अपने मामलों को कैसे संभालना है। शीर्ष नेतृत्व लेता है फैसला उपराष्ट्रपति ने कहा कि इस देश में सभी निर्णय इसके नेतृत्व द्वारा लिए जाते हैं। उपराष्ट्रपति ने रेखांकित किया कि भारत आपसी सहयोग से काम करता है, परस्पर सम्मान रखता है और अन्य देशों के साथ कूटनीतिक संवाद करता है। उन्होंने कहा कि लेकिन अंततः हम संप्रभु हैं, हम अपने फैसले खुद लेते हैं। विपक्ष मांग रहा है जवाब धनखड़ की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब विपक्ष अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया भारत-पाकिस्तान झड़प में ‘संघर्ष विराम’ कराने के दावे पर सरकार से स्पष्टीकरण की मांग कर रहा है। उन्होंने यहां भारतीय रक्षा संपदा सेवा के प्रशिक्षुओं के एक समूह को संबोधित करते हुए कहा कि बाहरी नैरेटिव्स से निर्देशित न हों। इस देश में, एक संप्रभु राष्ट्र में, सभी निर्णय इसके नेतृत्व द्वारा लिए जाते हैं। दुनिया में ऐसी कोई ताकत नहीं है जो भारत को यह निर्देश दे कि उसे अपने मामलों को कैसे संभालना है। क्रिकेट का दिया उदाहरण उपराष्ट्रपति ने क्रिकेट की शब्दावली में कहा कि हर खराब गेंद को खेलना जरूरी नहीं है। उन्होंने कहा कि क्या इस बात पर माथापच्ची करने की जरूरत है कि किसने क्या कहा? जो क्रिकेट पिच पर अच्छे रन बनाता है, वह हमेशा खराब गेंदें छोड़ता है। वे लुभाने वाली होती हैं, लेकिन कोशिश नहीं की जातीं। और जो कोशिश करते हैं, उनके लिए आपके पास विकेटकीपर और गली में किसी के दस्ताने होते हैं।  

‘हमने उसे फिर से जिंदा कर दिया’ – ईरान ने इजरायल को दी खुली चुनौती, डिफेंस सिस्टम को लेकर बड़ा दावा

दुबई  पिछले महीने 12 दिनों के ईरान-इजरायल संघर्ष के दौरान इजरायली सुरक्षा बलों के हमले में ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। अब ईरान ने इजरायल को ललकारते हुए कहा है कि उसने एक महीने के अंदर अपनी वायु वायु रक्षा प्रणालियों को दुरुस्त कर लिया है। ईरान की डेफा प्रेस समाचार एजेंसी ने रविवार को सेना के नियमित संचालन उप प्रमुख महमूद मौसवी के हवाले से बताया है कि ईरान ने पिछले महीने इजरायल के साथ हुए संघर्ष के दौरान क्षतिग्रस्त हुई वायु रक्षा प्रणालियों को बदल दिया है। जून में हुए संघर्ष के दौरान, इजरायली वायु सेना ने ईरान के हवाई क्षेत्र पर अपना दबदबा बनाते हुए ईरान की वायु रक्षा प्रणालियों को भारी नुकसान पहुँचाया था। जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरानी सशस्त्र बलों ने भी इजरायली क्षेत्र पर लगातार मिसाइलों और ड्रोनों की बौछार की थी। ईरान के हमलों में भी इजरायल की वायु रक्षा प्रणाली आयरन डोम को भी नुकसान पहुंचा था। इसी वजह से ईरान ने इजरायल के हाइफा और तेल अवीव में सैन्य अड्डों पर मिसाइलों और ड्रोनों से हमले किए थे। घरेलू संसाधनों का इस्तेमाल कर किया ठीक बहरहाल, मौसवी ने कहा, “हमारी कुछ वायु रक्षा प्रणालियाँ क्षतिग्रस्त हो गई थीं, यह ऐसी बात नहीं है जिसे हम छिपा सकें, लेकिन हमारे सहयोगियों ने घरेलू संसाधनों का उपयोग करके उन्हें पूर्व-निर्धारित प्रणालियों से बदल दिया है जिन्हें हवाई क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए उपयुक्त स्थानों पर रखा गया था।” ईरान के पास रूस निर्मित एस-300 प्रणाली युद्ध से पहले, ईरान के पास रूस निर्मित एस-300 प्रणाली के अलावा, स्वदेश निर्मित लंबी दूरी की वायु रक्षा प्रणाली बावर-373 भी थी। डेफा प्रेस की रिपोर्ट में पिछले हफ़्तों में ईरान को किसी भी विदेशी वायु रक्षा प्रणाली के आयात का ज़िक्र नहीं है। पिछले अक्टूबर में ईरानी मिसाइल कारखानों पर इज़रायल के सीमित हमलों के बाद, ईरान ने बाद में एक सैन्य अभ्यास में रूस निर्मित वायु रक्षा प्रणालियों का प्रदर्शन किया था ताकि यह दिखाया जा सके कि वह हमले से उबर चुका है।