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आज का राशिफल: 22 अगस्त को किस्मत चमकाएगी इन राशियों के लिए

मेष राशि– आज का दिन आपके लिए अच्छा रहने वाला है। मानसिक शांति मिल सकती है। काम का तनाव आपको परेशान कर सकता है। परिवार और दोस्तों के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। आपके जीवनसाथी की सेहत तनाव और चिंता का कारण बन सकती है। आर्थिक रूप से आप अच्छे रहेंगे। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों को आज आर्थिक लाभ मिलेगा। कार्यस्थल पर आपको स्किल और प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। रोमांटिक लाइफ अच्छी रहेगी। व्यवसायिक सफलता मिल सकती है। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है। मिथुन राशि- आज का दिन आपके लिए मौज-मस्ती भरा रहने वाला है। किसी अटके हुए मामलों को आप पूर्ण कर सकते हैं। करियर में आप नई ऊंचाइयों पर पहुंचेंगे। जीवनसाथी का भरपूर साथ मिलेगा। व्यवसाय में विस्तार के योग हैं। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। कर्क राशि- आज आपको अपने किसी करीबी व्यक्ति का सहयोग मिल सकता है। किसी मित्र की आर्थिक मदद करनी पड़ सकती है। अपनों का साथ मिलेगा। आर्थिक रूप से स्थिति सामान्य रहने वाली है। व्यापारिक विस्तार के योग हैं। आर्थिक रूप से सतर्कता बरतें। सिंह राशि- आज आपको अपनी बातचीत में बैलेंस बनाकर चलने की जरूरत है। परिवार में अपनों में वृद्धि होगी। कुटुंबों में वृद्धि होगी। धन की बचत करके चलें, वरना भविष्य में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। व्यवसाय में उन्नति के संकेत हैं। कन्या राशि- आज आपका मन परेशान रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। नौकरी में बदलाव के साथ तरक्की के अवसर मिलेंगे। आय में वृद्धि होगी, लेकिन स्थान परिवर्तन भी हो सकता है। भौतिक सुख-संपदा बढ़ेगी। कोर्ट-कचहरी में विजय मिलेगी। तुला राशि- आज आपके जीवन में खुशियों का आगमन होगा। माता-पिता का सहयोग मिलेगा। आर्थिक परेशानियां खत्म हो सकती हैं। कार्यस्थल पर आपकी मुलाकात किसी अद्भुत व्यक्ति से हो सकती है। दिन की शुरुआत थोड़ी थकाऊ हो सकती है, लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ेगा आपको अच्छे परिणाम मिलने लगेंगे। वृश्चिक राशि– आज मन में उतार-चढ़ाव हो सकते हैं। पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। बौद्धिक कार्यों से आय में वृद्धि होगी। व्यापारिक स्थिति पहले से अच्छी हो जाएगी। धनु राशि- आज किसी करीबी व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। आपका अपने जीवनसाथी के साथ तनावपूर्ण संबंध रहेगा और गंभीर कलह हो सकती है। आज आपको कार्यस्थल पर कड़ी मेहनत का परिणाम मिलेगा। आपको पदोन्नति मिलने की संभावना है। आर्थिक लाभ के बारे में न सोचें क्योंकि अंत में आप ही लाभार्थी होंगे। मकर राशि– जीवनसाथी के साथ आपको अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। जब आप किसी कंपनी में हों तो आप क्या कहते हैं, इस पर नजर रखें- आपकी आवेगपूर्ण टिप्पणियों के लिए आपकी कड़ी आलोचना हो सकती है। मेहनत का पूरा फल मिल सकता है। व्यापार में तरक्की मिल सकती है। कुंभ राशि– आज आपको किसी टास्क के लिए तुरंत एक्शन लेने की जरूरत पड़ सकती है। निवेश का अच्छा रिटर्न मिल सकता है। आज आर्थिक नुकसान होने की संभावना है। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। व्यवसाय में तरक्की मिल सकती है। मीन राशि- आज आत्मविश्वास भरपूर रहेगा, लेकिन मन में उतार-चढ़ाव भी रहेंगे। शैक्षिक कार्यों में सफल रहेंगे। मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। किसी खास व्यक्ति से सरप्राइज गिफ्ट मिल सकता है।

कब है भाद्रपद अमावस्या? पूजा, स्नान और दान का महत्व व सही मुहूर्त

हिंदू धर्म में अमावस्या को महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इस दिन पितरों की पूजा की जाती है. भाद्रपद माह की अमावस्या को कुशग्रहणी अमावस्या या पिठोरी अमावस्या भी कहा जाता है. इस दिन पितरों का तर्पण, श्राद्ध और दान-पुण्य किया जाता है. इस बार भाद्रपद अमावस्या 23 अगस्त को है क्योंकि यह अमावस्या शनिवार के दिन पड़ रही है इसलिए इसको शनि अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है.  भाद्रपद अमावस्या स्नान-दान मुहूर्त पंचांग के अनुसार, भाद्रपद अमावस्या की तिथि 22 अगस्त, शुक्रवार को सुबह 11 बजकर 55 मिनट पर शुरू होगी और तिथि का समापन 23 अगस्त, शनिवार के दिन सुबह 11 बजकर 35 मिनट पर होगा. उदयातिथि के अनुसार, भाद्रपद अमावस्या 23 अगस्त को ही मनाई जाएगी.  स्नान-दान मुहूर्त- इस दिन स्नान दान का मुहूर्त सुबह 4 बजकर 26 मिनट से शुरू होकर 5 बजकर 10 मिनट पर समाप्त होगा.  भाद्रपद अमावस्या 2025 पूजन विधि  इस दिन किसी पवित्र नदी, तालाब या कुंड में स्नान करें और सूर्य देव को अर्घ्य दें. गायत्री मंत्र का पाठ करें. इसके बाद भगवान शिव की पूजा करें. पितरों का तर्पण करें और उनके मोक्ष की कामना करें. पूजा-पाठ के बाद किसी जरूरतमंद को भोजन और वस्त्र का दान करें. इस दिन देवी लक्ष्मी का पूजन करना भी शुभ माना जाता है. भाद्रपद अमावस्या के दिन सुहागिन स्त्रियां पीपल की पूजा करती हैं. भाद्रपद अमावस्या के दिन भगवान शिव की विशेष पूजा अर्चना करके कमजोर चंद्रमा को बलवान किया जा सकता है.  भाद्रपद अमावस्या के उपाय  1. भाद्रपद अमावस्या पर खीर बनाकर शिवजी को अर्पित करें. कुछ अंश पितरों के नाम से भी निकालें. शिवजी को अर्पित की हुई खीर निर्धनों में बांटें. पितरों की खीर किसी पशु को खिला दें. सफेद चंदन की लकड़ी नीले धागे में बांधकर पहन लें.  2. पारिवारिक समस्या के लिए स्नान करके नारंगी वस्त्र धारण करें. भगवान शिव और माता पार्वती की संयुक्त पूजा करें. उनके समक्ष "ऊं गौरीशंकराय नमः" का जप करें. सात्विक भोजन बनाकर दान करें.

कब है गणपति उत्सव? गणेश चतुर्थी की तिथियां और पूजा विधि

सनातन परंपरा में भगवान गणेश जी एक ऐसे देवता हैं, जिनकी सबसे पहले पूजा होती है. हिंदू मान्यता के अनुसार विघ्न-विनाशक भगवान श्री गणेश का जन्म भाद्रपद मास के शुक्लपक्ष की चतुर्थी तिथि पर मध्यान्ह के समय हुआ था. यही कारण है कि गणपति के भक्त इस पावन तिथि का इंतजार पूरे साल करते हैं और इस दिन बड़ी धूम-धाम से उनकी अपने घर-आंगन आदि में स्थापना करते हैं. इस साल कब बिठाए जाएंगे गणपति? कब और कैसे करें गणेश पूजा? कब होगी उनकी विदाई? आइए इसे विस्तार से जानते हैं. गणेश पूजा से जुड़ी परंपरा सनातन परंपरा में गणेशोत्सव की शुरुआत गणेश चतुर्थी के दिन होती है और वह अनंत चतुर्दशी के दिन जाकर पूर्ण होता है. ऐसे में गणपति बप्पा की कृपा पाने के लिए उनके भक्त हर साल गणेश चतुर्थी के दिन उन्हें अपने घर पर लाते हैं और उनकी विधि-विधान से पूजा करने के बाद एक दिन बाद या फिर दसवें दिन अनंत चतुर्दशी पर किसी नदी, पवित्र सरोवर या फिर समुद्र में ले जाकर विधि-विधान से विसर्जन करते हैं. गणेश चतुर्थी पूजा का शुभ मुहूर्त गणेश चतुर्थी के दिन भगवान श्री गणेश जी को घर में बिठाने के लिए दोपहर का समय चुनें क्योंकि हिंदू मान्यता के अनुसार उनका जन्म इसी समय हुआ था. पंचांग के अनुसार इस साल भगवान श्री गणेश जी की मध्यान्ह पूजा का शुभ मुहूर्त 27 अगस्त 2027, बुधवार के दिन रहेगा। इस दिन गणेश भक्त सुबह 11 बजकर 05 मिनट से लेकर दोपहर 01 बजकर 40 मिनट के बीच श्री गणेश जी की पूजा कर सकेंगे। इस प्रकार गणपति के भक्तों को उनकी पूजा करने के लिए लगभग ढाई घंटे मिलेंगे. कैसे करें गणपति की पूजा हिंदू मान्यता के अनुसार गणेश चतुर्थी के दिन गणेश भक्त को प्रात:काल स्नान-ध्यान करने के बाद सबसे पहले गणेश चतुर्थी व्रत को विधि-विधान से करने का संकल्प लेना चाहिए. इसके बाद घर के ईशान कोण में एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर गणपति की मूर्ति को स्थापित करना चाहिए. इसके बाद गणेश जी पर गंगाजल छिड़कर उनका स्नान कराएं और फिर उसके बाद सिंदूर का तिलक लगाकर पूरे विधि-विधान से पूजा करें. गणेश चतुर्थी की पूजा में गणपति को उनकी प्रिय चीजें जैसे दूर्वा, नैवेद्य, मोतीचूर का लड्डू, मोदक, नारियल, गन्ना, आदि अर्पित करने के बाद उनकी चालीसा या फिर गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करना चाहिए. पूजा के अंत में घंटा, घड़ियाल, शंख, मजीरा आदि के साथ उनकी आरती करना चाहिए. गणेश चतुर्थी के दिन सायंकाल भी विधि-विधान से गणपति की पूजा का यह क्रम दोहराएं और किसी ब्राह्मण या पुजारी को भोजन-प्रसाद कराने के बाद स्वयं भी ग्रहण करें. कब होगा गणपति विसर्जन? हिंदू मान्यता के अनुसार 10 दिनों तक भगवान श्री गणेश जी की विधि-विधान से पूजा करने के बाद जब उनकी विदाई का समय आता है तो वह​ दिन उनकी कृपा पाने का सबसे उत्तम दिन होता है. यही कारण है कि इस दिन गणेश भक्त गाजे-बाजे के साथ उनको शुभ मुहूर्त में विदा करते हैं. पंचांग के अनुसार इस साल गणपति विसर्जन 06 सितंबर 2025 को हागा.

राशिफल 21 अगस्त 2025: गुरुवार का दिन इन 5 राशियों पर बरसाएगा खुशियों की बारिश

मेष राशि- आज आप मानसिक तनाव से मुक्त रहेंगे। आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। बेवजह खर्च करना आपके भविष्य पर कितना नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। वैवाहिक जीवन अच्छा रहेगा। कार्यस्थल पर आपको तरक्की मिल सकती है। वृषभ राशि- आज आपको ऑफिस में उन्नति मिल सकती है। किसी खास व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। अपना आर्थिक पक्ष मजबूत करने के लिए कोई महत्वपूर्ण सलाह दे सकता है। आपका आकर्षण और व्यक्तित्व आपको कुछ नए दोस्त बनाने में मदद करेगा। जीवनसाथी के साथ रिश्ते खराब होने की आशंका है। मिथुन राशि- धन से जुड़े मामलों को लेकर जीवनसाथी के साथ आपकी बहस होने की संभावना है। आपको बेकार के खर्चों से बचे की जरूरत है। आपके आत्मविश्वास में वृद्धि हेगी। अचानक रोमांटिक मुलाकात होने की संभावना है। आपका जीवनसाथी आज काफी रोमांटिक नजर आ रहा है। कर्क राशि- आज आपके विनम्र स्वभाव की तारीफ कर सकता है। आपका जीवनसाथी आपके लिए कुछ खास कर सकता है। कार्यस्थल पर किसी कलीग का सहयोग मिलेगा। आर्थिक रूप से आप अच्छे रहेंगे। संतान पक्ष का साथ मिलेगा। दोस्तों के साथ अच्छा समय बिताएंगे। सिंह राशि- आज आपका मन परेशान रह सकता है। आज फिट रहने के लिए दिन की शुरुआत एक्सरसाइज से करें। वित्तीय प्लानिंग बनाकर चलें, वरना आर्थिक बजट बिगड़ सकता है। यात्रा से बचें। आज कोई व्यक्ति आपके जीवनसाथी में बहुत ज्यादा रुचि ले सकता है, लेकिन दिन के अंत में आपको एहसास होगा कि कुछ भी गलत नहीं हो रहा है। कन्या राशि- आज आपका आत्मविश्वास भरपूर रहेगा, लेकिन धन की स्थिति को लेकर मन में उतार-चढ़ाव भी रहेंगे। शैक्षिक कार्यों में सफल रहेंगे। मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। जीवनसाथी से कोई सरप्राइज गिफ्ट मिल सकता है। तुला राशि- आज आपकी सेहत अच्छी रहेगी। कार्यस्थल पर किसी प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापारिक स्थिति में सुधार होगा। अप्रत्याशित लाभ के संकेत हैं। कोई फैसला बहुत जल्दबाजी में न लें। आपका लवर आपसे कुछ खास करने की उम्मीद कर सकता है। वृश्चिक राशि– मन में उतार-चढ़ाव हो सकते हैं। पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। बौद्धिक कार्यों से आय में वृद्धि होगी। नौकरी में बदलाव के साथ तरक्की के अवसर मिलेंगे। आय में वृद्धि होगी, परंतु स्थान परिवर्तन भी हो सकता है। धनु राशि- आपके सेंसटिव व्यवहार के कारण किसी मित्र को परेशानी हो सकती है। आज आपको परिवार का सहयोग मिलेगा। आर्थिक रूप से आप अच्छे रहेंगे। व्यापार में विस्तार के योग हैं। रोमांस के लिए दिन अच्छा नहीं रहने वाला है। मकर राशि– आज अपने आप को छोटी बातों से परेशान नहीं होने दें। किसी करीबी व्यक्ति से अनबन से संकेत हैं। आज आपका किसी करीबी से झगड़ा हो सकता है और मामला कोर्ट-कचहरी तक पहुंच सकता है। खर्च की अधिकता रहने वाली है। परिवार के साथ यात्रा पर जा सकते हैं। कुंभ राशि- आज आपको अपने व्यवहार में परिवर्तन देखने को मिल सकता है, लेकिन दिन के अंत तक चीजें सामान्य हो जाएंगी। आर्थिक व व्यापारिक स्थिति अच्छी रहने वाली है। कार्यस्थल पर आपको अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे। मीन राशि– क्रोध के अतिरेक से बचें। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। आय में वृद्धि होगी, परंतु खर्चों की अधिकता रहेगी। परिवार का साथ मिलेगा। परिवार की सेहत ध्यान रखें। पिता का साथ मिलेगा। बौद्धिक कार्यों में मान-सम्मान मिलेगा।

सुबह के ये 7 सरल कदम बदल देंगे आपका दिन और जीवन

लाइफ में सफल होने के लिए मन में पॉजिटिव बातों और मोटिवेशन का होना जरूरी है। हमारे आसपास चाहे जितने भी पॉजिटिव लोग हों जो हमें मोटिवेट कर रहे हों लेकिन मन में अगर मोटिवेशन नहीं है तो आप आगे नहीं बढ़ सकते हैं। इसी बात का ठीक उल्टा भी हो सकता है कि अगर मन में आपके मोटिवेशन है तो आप कठिन परिस्थितियों से निकलकर सक्सेज हासिल कर लेंगे। अगर आप लगातार फेलियर का सामना कर रहे हैं या लाइफ में मोटिवेशन की कमी महसूस कर रहे तो सुबह उठने के साथ ही इन 7 कामों को करना शुरू कर दें। कुछ ही दिनों में आपके मन में पॉजिटिव सोच और मोटिवेशन आना शुरू हो जाएंगे। मॉर्निग हैबिट्स का मतलब केवल सुबह उठना ही नहीं बल्कि उसके साथ ये 7 तरह के काम करना भी है। तो चलिए जानें कैसे 7 मॉर्निंग हैबिट्स आपको मोटिवेशन दे सकते हैं। दिन की शुरुआत भगवान को शुक्रिया कहने के साथ अपने दिनभर के काम को याद कर सुबह उठना तो बहुत आसान है। लेकिन ये कामों की लिस्ट आपको बिना बिस्तर से उठे ही आलस और थकान से भर देती है। इसलिए सबसे पहले भगवान को थैंक्यू कहना शुरू करें। भगवान को बहुत छोटी सी बात के लिए भी ग्रेटीट्यूड जाहिर करें और धन्यवाद करें। ऐसा करने से आपके मन में पॉजिटिव एनर्जी का संचार होगा और मन में भारीपन नहीं लगेगा। एक्सरसाइज करना शुरू करें सुबह की शुरुआत एक्सरसाइज के साथ करें। शुरू में मात्र 5 मिनट की एक्सरसाइज भी आपके मन और तन पर असर डालेगी। धीरे-धीरे ये एक्सरसाइज अपने आप बढ़कर 30 मिनट की हो जाएगी और रूटीन बन जाएगा। बॉडी को हाइड्रेट जरूर करें लगातार 7-8 घंटे सोने के बाद जब सुबह उठे तो बॉडी को एनर्जी देने के लिए पानी जरूर पिएं। ऐसा करने से ना केवल मेटाबॉलिज्म बढ़ता है बल्कि टॉक्सिंस भी आसानी से बाहर निकलते हैं। तो सुबह की शुरुआत चाय या कॉफी की बजाय पानी के साथ करें। काम की लिस्ट बनाएं इन सारे कामों से माइंड को रिफ्रेश करने के बाद दिनभर के कामों की लिस्ट बनाएं और उसमे पहले करने वाले काम को भी लिख लें। स्क्रीन से दूरी सुबह उठने के साथ ही टीवी, मोबाइल, लैपटॉप जैसी चीजों से दूर रहें। टाइम देखने के लिए घड़ी का इस्तेमाल करें और कुछ लिखने के लिए पेन-कागज। इससे आप गैरजरूरी मैसेज, मेल्स और सोशल मीडिया पर समय नहीं बर्बाद कर पाएंगे और स्ट्रेस से बचे रहेंगे। ब्रेकफास्ट हो हेल्दी ब्रेकफास्ट लेना जरूरी है और साथ ही ये हेल्दी हो। स्प्राउट्स, फ्रूट्स, नट्स जैसे फूड्स को ब्रेकफास्ट में शामिल करें। ये आपके बॉडी के साथ ब्रेन को एनर्जी देगा और दिनभर काम करना आसान हो जाएगा। एक बार में एक काम करें जब भी किसी काम को करें तो केवल उस काम को करें और दूसरी चीजों को माइंड में ना आने दें। ऐसा करने से आप ना केवल गलतियां करने से बचेंगे बल्कि समय भी बर्बाद नहीं होगा और काम में ज्यादा एक्यूरेसी बनी रहेगी।  

मासिक शिवरात्रि कल : जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और खास उपाय

हिंदू धर्म में मासिक शिवरात्रि का बहुत अधिक महत्व होता है। प्रत्येक माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। इस शुभ दिन पर देवों के देव महादेव की पूजा-अर्चना की जाती है और सुख-सौभाग्य की प्राप्ति के लिए उपवास भी रखा जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से भोलेनाथ अपने भक्तों को सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। इस समय वैशाख माह चल रहा है। इस शुभ दिन पर देवों के देव महादेव की पूजा-अर्चना की जाती है और सुख-सौभाग्य की प्राप्ति के लिए उपवास भी रखा जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से भोलेनाथ अपने भक्तों को सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। इस समय भाद्रपद मास चल रहा है। भाद्रपद मास की मासिक शिवरात्रि 21 अगस्त को है। आइए जानते हैं मासिक शिवरात्रि की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और उपाय- मुहूर्त- भाद्रपद, कृष्ण चतुर्दशी प्रारम्भ – 12:44 पी एम, अगस्त 21 भाद्रपद, कृष्ण चतुर्दशी समाप्त – 11:55 ए एम, अगस्त 22 पूजा का शुभ मुहूर्त- ब्रह्म मुहूर्त 04:26 ए एम से 05:10 ए एम प्रातः सन्ध्या 04:48 ए एम से 05:53 ए एम अभिजित मुहूर्त 11:58 ए एम से 12:50 पी एम विजय मुहूर्त 02:34 पी एम से 03:26 पी एम गोधूलि मुहूर्त 06:54 पी एम से 07:16 पी एम सायाह्न सन्ध्या 06:54 पी एम से 08:00 पी एम अमृत काल 05:49 पी एम से 07:24 पी एम निशिता मुहूर्त 12:02 ए एम, अगस्त 22 से 12:46 ए एम, अगस्त 22 गुरु पुष्य योग 05:53 ए एम से 12:08 ए एम, अगस्त 22 सर्वार्थ सिद्धि योग 05:53 ए एम से 12:08 ए एम, अगस्त 22 अमृत सिद्धि योग 05:53 ए एम से 12:08 ए एम, अगस्त 22 पूजा-विधि: इस पावन दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त होने के बाद साफ-स्वच्छ वस्त्र धारण कर लें। घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें। शिवलिंग का गंगा जल, दूध, आदि से अभिषेक करें। भगवान शिव के साथ ही माता पार्वती की पूजा अर्चना भी करें। भगवान गणेश की पूजा अवश्य करें। किसी भी शुभ कार्य से पहलेभगवान गणेश की पूजा-अर्चना की जाती है। भोलेनाथ का अधिक से अधिक ध्यान करें। ऊॅं नम: शिवाय मंत्र का जप करें। भगवान भोलेनाथ को भोग लगाएं। पूजा सामग्री लिस्ट : मासिक शिवरात्रि की पूजा के लिए पंचामृत के लिए दूध, दही, शहद, घी और गंगाजल,फल,फूल, मिठाई कच्चा दूध, चंदन, धूप-दीप, भांग,धतूरा, बिल्वपत्र, शिव परिवार की प्रतिमा या तस्वीर, पंचमेवा, इत्र, कपूर ,रोली,मौली, जनेऊ समेत पूजा की सभी सामग्री एकत्रित कर लें। शिवजी को प्रसन्न करने के लिए शिवलिंग पर अर्पित करें ये चीजें- जल, दूध, दही, शहद, इत्र, घी, चंदन।  

चंद्र ग्रहण 2025: भाद्रपद पूर्णिमा पर इन राशियों पर पड़ेगा असर, सावधान रहें

नई दिल्ली वैदिक पंचांग के अनुसार, रविवार 07 सितंबर को भाद्रपद पूर्णिमा (Chandra Grahan 2025 Date) है। इस शुभ अवसर पर स्नान-ध्यान कर लक्ष्मी नारायण जी की पूजा की जाती है। साथ ही पूर्णिमा का व्रत रखा जाता है। इस साल भाद्रपद पूर्णिमा पर साल का दूसरा चंद्र ग्रहण लगने वाला है। साल का दूसरा चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा। इसके लिए सूतक भी मान्य होगा। ज्योतिषियों की मानें तो साल के दूसरे चंद्र ग्रहण के दिन 3 राशि के जातकों को सावधान रहने की जरूरत है। अनदेखी करने से जातक पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। आइए, इन राशियों के बारे में जानते हैं।   कुंभ राशि भाद्रपद पूर्णिमा के दिन कुंभ राशि के जातकों को बेहद सावधान रहने की जरूरत है। इस शुभ तिथि पर चंद्र देव कुंभ राशि में विराजमान रहेंगे। हालांकि, पूर्व से राहु कुंभ राशि में उपथित हैं। अतः चंद्र और राहु की युति से कुंभ राशि के जातकों पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। मानसिक तनाव की समस्या होगी। किसी से विवाद हो सकता है। मन भ्रमित रहेगा। चाहकर भी शुभ कामों में सफलता मिलेगी। कुछ करने की सोचेंगे, तो रूकावट आ सकती है। मन में भय बना रहेगा। राहु की कुदृष्टि से बचाव के लिए देवों के देव भगवान शिव के नामों का जप करने की सलाह है। आप चाहे तो महामृत्युंजय मंत्र का भी जप कर सकते हैं। कर्क राशि कर्क राशि के जातकों के लिए भी चंद्र ग्रहण शुभ नहीं रहने वाला है। आपको कई अनचाहे फल प्राप्त होंगे, जिससे आपका मन अशांत रहेगा। कारोबार से जुड़े लोग परेशानी का सामना करेंगे। मन में अकारण बैचेनी रहेगी। इस वजह से किसी से कहासुनी हो सकती है। ज्यादा बोलने से कोई प्रभावित हो सकता है। विषय वासना में मन लिप्त रहेगा। शुभ काम में बाधा आएगी। माता जी की सेहत अच्छी नहीं रह सकती है। किसी प्रकार का शारीरिक कष्ट हो सकता है। आपको ध्यान रखना होगा। चंद्र देव की कृपा पाने के लिए शिव पंचाक्षरी मंत्र का जप करें।  

आज का दिन खास! 20 अगस्त 2025 को इन राशियों पर चमकेगी खुशियों की धूप

मेष राशि- आप अपने दिन की शुरुआत योग से करना आपके लिए अच्छा रहने वाला है। पूरा दिन आर्थिक रूप से अच्छा दिख रहा है। शादीशुदा जिंदगी अच्छी रहने वाली है। मानसिक रूप से आप अच्छे रहने वाले हैं। कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारी मिल सकती है। वृषभ राशि- आज पूरे दिन आपकी ऊर्जा का स्तर बना रहेगा। आपकी कोई पुरानी बीमारी आज आपको परेशान कर सकती है। खर्च की अधिकता मन को परेशान कर सकती है। परिवार के सदस्यों का साथ मिलेगा। ऑफिस में किसी कलीग की मदद की जरूरत पड़ सकती है। मिथुन राशि- आज आपको अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए। आय के नए स्रोत उत्पन्न होंगे। घर के माहौल में पॉजिटिविटी बनी रहेगी। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है। अपनों का साथ मिलेगा। यात्रा का योग है। कार्यस्थल पर कोई उच्चाधिकारी आपके काम से प्रसन्न हो सकता है। कर्क राशि- आज आपको आर्थिक रूप से प्लान बनाने की जरूरत है, वरना बजट बिगड़ सकता है। ऑफिस में पॉलिटिक्स से दूरी बनाए रखें। परिवार की जिम्मेदारियों को अच्छे से निभाएंगे। संतान पक्ष से अच्छी खबर मिल सकती है। व्यापारिक रूप से सुदृढ़ होंगे। सिंह राशि- आज घरेलू मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही न करें। ऑफिस में आपके काम की तारीफ हो सकती है। किसी मित्र के सहयोग से आर्थिक लाभ के संकेत हैं। ऑफिस में आपके काम की तारीफ हो सकती है। जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। कन्या राशि- आज आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जीवनसाथी के साथ बातचीत में संतुलित रहें। कारोबार के लिए माता-पिता से धन मिल सकता है। नौकरी में बदलाव के संकेत हैं। यात्रा लाभप्रद नहीं रहेगी। जीवनसाथी के साथ व स्वास्थ्य पर नजर रखें। तुला राशि- आज का दिन यह उन बेहतरीन दिनों में से एक है जब आप कार्यस्थल पर अच्छा महसूस करेंगे। आज आपके सहकर्मी आपके काम की सराहना करेंगे। वैवाहिक जीवन अच्छा रहेगा। आर्थिक रूप से दिन अच्छा रहने वाला है। वृश्चिक राशि- आज आपके आत्मविश्वास में कमी रहेगी। वाणी में मधुरता रहेगी। किसी मित्र के सहयोग से कारोबार में वृद्धि होगी। लाभ के मौके मिलेंगे। शैक्षिक कार्यों में सफल रहेंगे। अपनों का साथ मिलेगा। किसी खास व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। धनु राशि- आज आपकी सेहत अच्छी रहेगी। अपने भविष्य को समृद्ध बनाने के लिए आपने अतीत में जो भी पैसा निवेश किया था, उसका आज फल मिलेगा। जीवनसाथी के साथ बेहतर समझ घर में सुख-शांति और समृद्धि लाती है। अपने साझेदारों को हल्के में न लें। किसी अनचाही यात्रा पर जाना पड़ सकता है। मकर राशि- आज आपको अपनी फीलिंग्स पर कंट्रोल रखने की जरूरत है। किसी महंगी चीज पर खर्च करने से पहले विचार करें। आप भविष्य की कई परेशानियों से बच सकते हैं। कुछ लोगों के लिए पदोन्नति मिल सकती है। किसी कलीग के साथ मिलकर किसी प्रोजेक्ट में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। कुंभ राशि- आप ऊर्जा से भरपूर रहेंगे और आज कुछ असाधारण करेंगे। धन का मैनेजमेंट करना आपके लिए अच्छा रहने वाला है। वैवाहिक जीवन अच्छा रहेगा। आपके वैवाहिक जीवन का सबसे अच्छा दिन बन सकता है। व्यापारिक स्थिति अच्छी रहेगी। किसी खास व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। मीन राशि- आज मीन राशि वालों के लिए नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। तरक्की के मौके मिलेंगे। आय में वृद्धि होगी। लेकिन कुछ जातकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकता है। परिवार की जिम्मेदारियों को प्राथमिकता दें और आर्थिक रूप से बजट बनाकर चलें।

शनि देव की कृपा पाने और साढ़ेसाती का असर कम करने के लिए पिठोरी अमावस्या पर करें ये उपाय

इस साल शुक्रवार को 22 अगस्त के दिन भाद्रपद मास की पिठोरी अमावस्या है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस समय मेष, कुंभ और मीन राशि वालों पर शनि की साढेसाती चल रही है। वहीं, सिंह और धनु राशि पर शनि की ढैया का प्रभाव है। मान्यता है की पिठोरी अमावस्या पर कुछ उपाय कर लेने से शनि की साढेसाती, महा दशा और ढैया के बुरे प्रभाव को कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं पिठोरी अमावस पर शनि देव के बुरे प्रभावों से राहत पाने के लिए क्या करना चाहिए- शनि साढ़ेसाती का प्रभाव कम करने के लिए पिठोरी अमावस्या पर करें ये उपाय     पिठोरी अमावस्या पर शिव जी की उपासना करने से शनि देव के बुरे प्रभाव को कम कर सकते हैं। इस दिन भगवान शिव का विधिवत पूजन करने से विशेष फल प्राप्ति की होती है।     शिवलिंग का पंचामृत से जलाभिषेक करें।     शिव मंदिर में दीपक जलाएं।     शनि की साढ़ेसाती का बुरा प्रभाव कम करने, पितृ दोष और सर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए शिवलिंग पर धतूरा, बेलपत्र, कच्चा दूध चढ़ाएं। इससे परिवार में सुख-शांति का माहौल बना रहता है।     शिव चालीसा का पाठ करें।     शनि मंदिर में सरसों के तेल में काला तिल डालकर प्रदोष काल में दीपक जलाएं।     सरसों के तेल, काला तिल, कंबल व अन्न का दान करें।     किसी गरीब को भोजन कराएं।     शिवलिंग पर काला तिल अर्पित करें। पढ़ें श्री शनि चालीसा दोहा जय-जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महराज। करहुं कृपा हे रवि तनय, राखहु जन की लाज।। चौपाई जयति-जयति शनिदेव दयाला। करत सदा भक्तन प्रतिपाला।। चारि भुजा तन श्याम विराजै। माथे रतन मुकुट छवि छाजै।। परम विशाल मनोहर भाला। टेढ़ी दृष्टि भृकुटि विकराला।। कुण्डल श्रवण चमाचम चमकै। हिये माल मुक्तन मणि दमकै।। कर में गदा त्रिशूल कुठारा। पल विच करैं अरिहिं संहारा।। पिंगल कृष्णो छाया नन्दन। यम कोणस्थ रौद्र दुःख भंजन।। सौरि मन्द शनी दश नामा। भानु पुत्रा पूजहिं सब कामा।। जापर प्रभु प्रसन्न हों जाहीं। रंकहु राउ करें क्षण माहीं।। पर्वतहूं तृण होई निहारत। तृणहंू को पर्वत करि डारत।। राज मिलत बन रामहि दीन्हा। कैकइहूं की मति हरि लीन्हा।। बनहूं में मृग कपट दिखाई। मात जानकी गई चुराई।। लषणहि शक्ति बिकल करि डारा। मचि गयो दल में हाहाकारा।। दियो कीट करि कंचन लंका। बजि बजरंग वीर को डंका।। नृप विक्रम पर जब पगु धारा। चित्रा मयूर निगलि गै हारा।। हार नौलखा लाग्यो चोरी। हाथ पैर डरवायो तोरी।। भारी दशा निकृष्ट दिखाओ। तेलिहुं घर कोल्हू चलवायौ।। विनय राग दीपक महं कीन्हो। तब प्रसन्न प्रभु ह्नै सुख दीन्हों।। हरिशचन्द्रहुं नृप नारि बिकानी। आपहुं भरे डोम घर पानी।। वैसे नल पर दशा सिरानी। भूंजी मीन कूद गई पानी।। श्री शकंरहि गहो जब जाई। पारवती को सती कराई।। तनि बिलोकत ही करि रीसा। नभ उड़ि गयो गौरि सुत सीसा।। पाण्डव पर ह्नै दशा तुम्हारी। बची द्रोपदी होति उघारी।। कौरव की भी गति मति मारी। युद्ध महाभारत करि डारी।। रवि कहं मुख महं धरि तत्काला। लेकर कूदि पर्यो पाताला।। शेष देव लखि विनती लाई। रवि को मुख ते दियो छुड़ाई।। वाहन प्रभु के सात सुजाना। गज दिग्गज गर्दभ मृग स्वाना।। जम्बुक सिंह आदि नख धारी। सो फल ज्योतिष कहत पुकारी।। गज वाहन लक्ष्मी गृह आवैं। हय ते सुख सम्पत्ति उपजावैं।। गर्दभहानि करै बहु काजा। सिंह सिद्धकर राज समाजा।। जम्बुक बुद्धि नष्ट करि डारै। मृग दे कष्ट प्राण संहारै।। जब आवहिं प्रभु स्वान सवारी। चोरी आदि होय डर भारी।। तैसहिं चारि चरण यह नामा। स्वर्ण लोह चांदी अरु ताम्बा।। लोह चरण पर जब प्रभु आवैं। धन सम्पत्ति नष्ट करावैं।। समता ताम्र रजत शुभकारी। स्वर्ण सर्व सुख मंगल भारी।। जो यह शनि चरित्रा नित गावै। कबहुं न दशा निकृष्ट सतावै।। अद्भुत नाथ दिखावैं लीला। करैं शत्राु के नशि बल ढीला।। जो पंडित सुयोग्य बुलवाई। विधिवत शनि ग्रह शान्ति कराई।। पीपल जल शनि-दिवस चढ़ावत। दीप दान दै बहु सुख पावत।। कहत राम सुन्दर प्रभु दासा। शनि सुमिरत सुख होत प्रकाशा।।

श्राद्ध पक्ष कब से कब तक? देखें पितृपक्ष की सभी महत्वपूर्ण तिथियां

पितृपक्ष का आरंभ सितंबर महीने में हो रहा है। पितृपक्ष में 15 दिनों के लिए पूर्वज स्वर्ग लोक से धरती लोक पर आते हैं। इस बार तिथियों के ऐसा फेर बदल है कि तृतीया और चतुर्थी का श्राद्ध एक ही दिन किया जाएगा। यहां जानें पितृपक्ष की सारी प्रमुख तिथियां। अपने पूर्वजों को याद करने के लिए और उनकी पूजा करने के लिए पितृपक्ष का समय सबसे शुभ माना गया है। ऐसी मान्यता है कि पितृपक्ष के दौरान पितर स्वर्ग लोक से धरती लोक में आते हैं और अपने परिवार के लोगों को आशीर्वाद देते हैं। इस बार पितृ पक्ष का आरंभ 7 सितंबर से होने जा रहा है और इस बार तृतीया और चतुर्थी तिथि का श्राद्ध एक ही दिन किया जाएगा। बता दे कि पितरपक्ष यानी श्राद्ध का आरंभ होने से पहले पिठौरी अमावस्या को कुश ग्रहण किया जाता है। इसके बाद प्रोष्ठपदी पूर्णिमा तिथि को पहले श्राद्ध किया जाता है। पितर पक्ष के पहले दिन अगस्त मुनि का तर्पण और श्राद्ध किया जाता है। आइए जानते हैं पितृपक्ष की सभी प्रमुख तिथियां। पितृपक्ष 2025 की तिथियां और तारीख 1) पूर्णिमा तिथि श्राद्ध – रविवार 7 सितंबर 2025 को किया जाएगा। 2) प्रतिपदा तिथि श्राद्ध – सोमवार 8 सितंबर 2025 को किया जाएगा। 3) द्वितीया तिथि श्राद्ध – मंगलवार 9 सितंबर 2025 को किया जाएगा। 4) तृतीया तिथि श्राद्ध चतुर्थी तिथि श्राद्ध – बुधवार 10 सितंबर को किया जाएगा। 5) भरणी तिथि और पंचमी तिथि श्राद्ध – गुरुवार 11 सितंबर को किया जाएगा। 6) षष्ठी तिथि श्राद्ध – शुक्रवार 12 सितंबर 2025 को किया जाएगा। 7) सप्तमी तिथि श्राद्ध – शनिवार 13 सितंबर 2025 को किया जाएगा। 8) अष्टमी तिथि श्राद्ध – रविवार 14 सितंबर 2025 को किया जाएगा। 9) नवमी तिथि श्राद्ध – सोमवार 15 सितंबर 2025 को किया जाएगा। 10) दशमी तिथि श्राद्ध – मंगलवार 16 सितंबर 2025 को किया जाएगा। 11) एकादशी तिथि श्राद्ध – बुधवार 17 सितंबर 2025 को किया जाएगा। 12) द्वादशी तिथि श्राद्ध – गुरुवार 18 सितंबर 2025 को किया जाएगा। 13) त्रयोदशी तिथिमघा श्राद्ध – शुक्रवार 19 सितंबर 2025 को किया जाएगा। 14) चतुर्दशी तिथि श्राद्ध – शनिवार 20 सितंबर 2025 को किया जाएगा। 15) सर्वपितृ अमावस्या श्राद्ध – रविवार 21 सितंबर 2025 को किया जाएगा पितृपक्ष में रखें इन बातों का विशेष ख्याल पितृपक्ष में अपने पूर्वजों का श्राद्ध तिथि के अनुसार किया जाता है। जिस दिन भी आपके पितरों का निधन हुआ हो उस तिथि के अनुसार, पितृपक्ष में श्राद्ध किया जाता है। श्राद्ध के दिन अपने पितरों का प्रिय भोजन जरुर बनाएं और इस दिन ब्राह्मण, कौए, गाय, बिल्ली और कुत्तों को जरूर खाना खिलाना चाहिए। इससे पंचबलि कहा जाता है। श्राद्ध के दिन सबसे पहले तर्पण करें। तर्पण के लिए काले तिल, जौ, और जल से पितरों को अर्घ्य दें। वैसे तो श्राद्ध पक्ष के दौरान रोजाना तर्पण करना बेहद जरूरी है। वैसे तो पितृपक्ष में दान करने का विशेष महत्व है और आप किसी भी दिन दान कर सकते हैं लेकिन, जिन दिन आपके पितरों का श्राद्ध है उस दिन दान जरुर करना चाहिए।