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MG कारें होंगी महंगी, JSW MG Motor India ने की सभी मॉडलों में मूल्य वृद्धि की घोषणा

मुंबई  साल 2025 खत्म होने की कगार पर है और वाहन निर्माता कंपनियां अपने उत्पादों की कीमतों में संशोधन करने वाली हैं. इसी क्रम में कार निर्माता कंपनी JSW MG Motor India ने अपने सभी मॉडलों की कीमतों में बढ़ोतरी करने की घोषणा की है. कंपनी ने बताया है कि वह जनवरी 2026 से अपनी कारों की कीमतों में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने जा रही है. MG Motor का कहना है कि यह कीमत बढ़ोतरी 1 जनवरी, 2026 से लागू होगी और यह बढ़ती इनपुट लागत और अन्य मैक्रोइकोनॉमिक कारणों से हुई है. उदाहरण के लिए, MG के सबसे ज़्यादा बिकने वाले मॉडल, MG Windsor EV की कीमत में लगभग 30,000-37,000 रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे इसकी एक्स-शोरूम कीमत 14.27 लाख रुपये से 18.76 लाख रुपये के बीच हो जाएगी. इसी तरह, MG Motor के सबसे किफायती ईवी मॉडल, MG Comet EV की कीमत में 10,000 रुपये से 20,000 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे इसकी एक्स-शोरूम कीमत 7.64 लाख रुपये से 10.19 लाख रुपये के बीच हो जाएगी. हाल ही में लॉन्च हुई MG Hector फेसलिफ्ट बता दें कि MG ने हाल ही में अपनी फेसलिफ़्टेड MG Hector को नए डिज़ाइन के साथ लॉन्च किया है, जिसमें नई फ्रंट ग्रिल, नए इंटीरियर कलर थीम, और नए अलॉय व्हील डिज़ाइन के साथ पेश किया है. इसके इंटीरियर की बात करें, तो इसमें 14-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम के साथ Apple CarPlay और Android Auto दिया गया है. इसके अलावा इसमें स्वाइप जेस्चर, 7-इंच डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले, पैनोरमिक सनरूफ, वायरलेस फोन चार्जर, ऑटो AC और वेंटिलेटेड और पावर्ड फ्रंट सीटें जैसे फीचर्स मिलते हैं. हेक्टर फेसलिफ्ट की कीमतें 11.99 लाख रुपये से शुरू होकर 18.99 लाख रुपये तक जाती हैं. हाल ही में अपडेटेड 7-सीटर MG Hector Plus की कीमत 17.29 लाख रुपये से 19.49 लाख रुपये के बीच आती है. हालांकि MG Hector के डीज़ल और 6-सीटर वेरिएंट की कीमतों की घोषणा साल 2026 में की जाएगी. MG की कीमतों में बढ़ोतरी लगातार चल रही मार्केट की स्थितियों को देखते हुए की गई है, जैसा कि दूसरे ब्रांड्स ने भी इसी तरह की घोषणाएं की हैं. इसी तरह, Mercedes-Benz और BYD जैसी कंपनियों ने भी करेंसी के दबाव और बढ़ते ऑपरेशनल खर्चों के कारण अपने-अपने पोर्टफोलियो में कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा की है, जो जनवरी 2026 से लागू होगी.

MT-15 की बढ़ी मुश्किलें! लॉन्च हुई नई KTM 160 Duke, कीमत ने चौंकाया

नई दिल्ली ऑस्ट्रियाई कंपनी KTM ने भारतीय बाजार में अपनी 160 Duke का टॉप मॉडल लॉन्च कर दिया है। इस नए वेरिएंट की सबसे बड़ी खासियत इसका 5-इंच का टीएफटी (TFT) डिस्प्ले है, जो आमतौर पर महंगी 390 ड्यूक में देखने को मिलता है। इस बाइक का सीधा मुकाबला Yamaha MT-15 V2 से है। नई KTM 160 Duke में नया 5-इंच टीएफटी डिस्प्ले बॉन्डेड ग्लास प्रोटेक्शन के साथ मिलेगा है, जो दिन की तेज रोशनी में भी स्पष्ट दिखाई देता है। इसमें स्पीड, फ्यूल गेज, ओडोमीटर और 'डिस्टेंस टू एम्प्टी' (DTE) जैसे स्मार्ट फीचर्स मिलते हैं। इसे कंट्रोल करने के लिए हैंडल पर 4-वे स्विच गियर दिया गया है। इंजन इस बाइक में 164.2cc का लिक्विड-कूल्ड इंजन दिया है, जो 19 PS की पावर और 15.5 Nm का टॉर्क जेनरेट करता है। यामाहा MT-15 (18.4 PS) की तुलना में ये इंजन ज्यादा दमदार है। इसमें 6-स्पीड गियरबॉक्स दिया गया है जो स्मूथ राइडिंग का अनुभव कराता है। मिलेंगे ये एडवांस्ड सेफ्टी फीचर्स केटीएम ने इस एंट्री-लेवल स्पोर्ट्स बाइक में हाई-एंड सस्पेंशन और ब्रेकिंग का इस्तेमाल किया है। इसमें WP USD फ्रंट फोर्क्स, WP एपेक्स मोनोशॉक और सुपरमोटो एबीएस जैसे फीचर्स शामिल हैं, जो राइडर को ऑफ-रोड और ऑन-रोड दोनों जगह बेहतर कंट्रोल प्रदान करते हैं।

Exynos 2600: Samsung का सबसे बड़ा मोबाइल चिप अपग्रेड, AI और गेमिंग में दमदार प्रदर्शन

नई दिल्ली  सैमसंग ने शुक्रवार यानी आज 19 दिसंबर 2025 का अपना एक लेटेस्ट फ्लैगशिप-ग्रेड मोबाइल प्रोसेसर Exynos 2600 को ऑफिशियल तौर पर पेश कर दिया है. यह चिप सैमसंग की इन-हाउस सिलिकॉन स्ट्रैटेजी का हिस्सा है. कंपनी का दावा है कि यह सिर्फ सैमसंग ही नहीं, बल्कि दुनिया का पहला ऐसा मोबाइल SoC है जो 2 नैनोमीटर GAA टेक्नोलॉजी पर बना है. सैमसंग के मुताबिक, Exynos 2600 में CPU, GPU और NPU को एक ही कॉम्पैक्ट चिप में जोड़ा गया है, जिससे AI और गेमिंग परफॉर्मेंस काफी बेहतर होती है. कंपनी ने संकेत दिए हैं कि यह प्रोसेसर अगले साल की शुरुआत में Galaxy S26 सीरीज़ के साथ डेब्यू कर सकता है. Exynos 2600 में क्या खास है सैमसंग पोस्ट के अनुसार, Exynos 2600 उसकी अब तक की सबसे पावरफुल मोबाइल चिप है, जो Exynos 2500 से ऊपर पोजिशन की गई है. यह Samsung Foundry के 2nm GAA फैब्रिकेशन प्रोसेस पर तैयार की गई है. इसमें सैमसंग का कस्टम आठ-कोर CPU दिया गया है, जिसमें:     एक C1 Ultra कोर जिसकी क्लॉक स्पीड 3.8GHz है     तीन C1 Pro कोर 3.25GHz पर काम करते हैं     चार C1 Pro कोर 2.75GHz तक क्लॉक किए गए हैं सैमसंग का कहना है कि इस चिप पर चलने वाले गैलेक्सी डिवाइस में LPDDR5x RAM और UFS 4.1 स्टोरेज का सपोर्ट मिलेगा. GPU और AI में बड़ा अपग्रेड Exynos 2600 में Xclipse 960 डेका-कोर GPU दिया गया है, जो ARMv9.3 आर्किटेक्चर पर बेस्ड है. इसके साथ इसमें 32K MAC वाला NPU दिया गया है, जो ऑन-डिवाइस AI प्रोसेसिंग को और तेज बनाता है. सैमसंग के मुताबिक, इसमें ARM की SME 2 टेक्नोलॉजी का सपोर्ट भी है, जिससे AI और मशीन लर्निंग ऐप्स ज्यादा तेजी से काम करते हैं. कंपनी का दावा है कि इस चिप से सीपीयू का परफॉर्मेंस करीब 39 प्रतिशत तक बेहतर होगा और पावर एफिशिएंसी भी बेहतर होगी. परफॉर्मेंस और थर्मल कंट्रोल सैमसंग का कहना है कि Exynos 2600, Exynos 2500 के मुकाबले जनरेटिव AI परफॉर्मेंस में 113 प्रतिशत तक बेहतर है. Ray tracing में 50 प्रतिशत तक का सुधार करता है. गेमिंग के लिए इसमें Exynos Neural Super Sampling टेक्नोलॉजी दी गई है, जो AI के जरिए रिजॉल्यूशन अपस्केलिंग और फ्रेम जेनरेशन करती है. थर्मल इश्यू को कंट्रोल करने के लिए सैमसंग ने Heat Pass Block टेक्नोलॉजी इस्तेमाल की है, जो कंपनी के मुताबिक हीट सिंक जितनी असरदार है और थर्मल रेजिस्टेंस को 16 प्रतिशत तक कम करती है. कैमरा, डिस्प्ले और सिक्योरिटी सैमसंग के अनुसार, यह चिप 4K या WQUXGA डिस्प्ले को 120Hz रिफ्रेश रेट तक सपोर्ट करती है. इस चिप के साथ फोन में निम्नलिखित कैमरा सपोर्ट मिल सकते हैं:     320MP सिंगल कैमरा     64MP + 32MP ड्यूल कैमरा सेटअप     108MP वीडियो रिकॉर्डिंग 30fps पर     8K वीडियो 30fps पर एन्कोड और डिकोड इसके अलावा, Exynos 2600 में हार्डवेयर-बेस्ड Post Quantum Cryptography दी गई है, जो ROM-लेवल सिक्योरिटी के साथ फ्यूचर-प्रूफ प्रोटेक्शन देती है. Exynos 2600 की मुख्य खूबियां फीचर    डिटेल प्रोसेसर    टेक्नोलॉजी 2nm GAA CPU    8-कोर कस्टम GPU    Xclipse 960 AI    32K MAC NPU डिस्प्ले    4K, 120Hz कैमरा    320MP तक किस फोन में सबसे पहले मिलेगा नया चिप अब मन में सवाल उठ रहा होगा कि सैमसंग का यह नया और फ्लैगशिप चिप, सबसे पहले किस फोन में मिलेगा. सैमसंग ने अभी तक इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी है, लेकिन कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, सैमसंग Exynos 2600 को जनवरी 2026 में लॉन्च कर सकती है और उसी दौरान सैमसंग का अगला फ्लैगशिप स्मार्टफोन यानी Samsung Galaxy S26 Series भी लॉन्च होगी. ऐसे में शायद कंपनी अपने इस अपकमिंग फ्लैगशिप फोन को Exynos 2600 चिप के साथ लॉन्च कर सकती है. ऐसे में हो सकता है कि सैमसंग अपने अगले फ्लैगशिप स्मार्टफोन सीरीज यानी Galaxy S26 Series को कंपनी अलग-अलग देशों में अलग-अलग चिप यानी किसी देश में Exynos और किसी देश में Snapdragon चिप के साथ लॉन्च कर सकती है. ऐसा भी हो सकता है कि कंपनी कुछ देशों में अपने इस फोन सीरीज को दोनों चिप्स के साथ लॉन्च करें.

रिपोर्ट: जीएसटी सुधारों के असर से भारत में कार और अन्य वाहन की बिक्री में 22% इजाफा

नई दिल्ली  भारत के यात्री वाहन (पैसेंजर व्हीकल) उद्योग में नवंबर 2025 में भारी बढ़ोतरी देखने को मिली। त्योहारी सीजन के बाद भी लगातार मांग, जीएसटी दरों में कटौती और सर्दियों में शादी के सीजन के शुरू होने से गाड़ियों की मांग में वृद्धि देखी गई। इससे बिक्री और उत्पादन दोनों में सालाना आधार पर अच्छा इजाफा हुआ। आईसीआरए की रिपोर्ट के मुताबिक, नवंबर में गाड़ियों की रिटेल बिक्री पिछले साल के मुकाबले 22 प्रतिशत बढ़ी। हालांकि, अक्टूबर में त्योहारों के कारण हुई बिक्री के मुकाबले नवंबर में यह 29 प्रतिशत कम रही।  वहीं, होलसेल बिक्री (कंपनियों से डीलरों को गाड़ियां भेजना) 19 प्रतिशत बढ़कर 4.1 लाख गाड़ियों तक पहुंच गई, क्योंकि कंपनियों ने मांग को पूरा करने के लिए उत्पादन जारी रखा। रेटिंग एजेंसी का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025-26 में होलसेल बिक्री में 1 से 4 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इसका कारण स्थिर मांग, जीएसटी में कटौती, नए मॉडल्स की लॉन्चिंग और बाजार में बनी सकारात्मक स्थिति है। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 के पहले 8 महीनों में होलसेल बिक्री 3.6 प्रतिशत बढ़ी, जबकि रिटेल बिक्री 6.1 प्रतिशत बढ़ी है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार, गाड़ियों की बिक्री बढ़ने से डीलरों के पास रखा स्टॉक भी संतुलित हुआ है। सितंबर के अंत में जहां गाड़ियों का स्टॉक करीब 60 दिनों का था, नवंबर तक घटकर 44–46 दिन रह गया। नवंबर में यात्री वाहनों की कुल बिक्री में यूटिलिटी वाहनों की हिस्सेदारी 67 प्रतिशत रही, जो अक्टूबर में 69 प्रतिशत थी, जबकि जीएसटी में कटौती के बाद मिनी, कॉम्पैक्ट और सुपर-कॉम्पैक्ट सेगमेंट में बिक्री से सुधार देखा गया। रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर महीने के दौरान भारत में तीन पहिया वाहनों की बिक्री में 21.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 71,999 यूनिट तक पहुंच गई, जबकि दो पहिया वाहनों की बिक्री में 21.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जो 19,44,475 यूनिट तक पहुंच गई है। यही नहीं, शहरी क्षेत्रों में ज्यादा मांग के चलते स्कूटरों की बिक्री में 29 प्रतिशत की शानदार वृद्धि हुई और इनकी बिक्री 7,35,753 यूनिट तक पहुंच गई। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्थिर मांग के चलते मोटरसाइकिलों की बिक्री में 17.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 11,63,751 यूनिट तक पहुंच गई। यात्री वाहनों की बढ़ती मांग के कारण नवंबर में तीन पहिया वाहनों की बिक्री में 24.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 59,446 यूनिट तक पहुंच गई। तो वहीं मालवाहक वाहनों की बिक्री में 10.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 10,874 यूनिट तक पहुंच गई। रिपोर्ट में बताया गया कि भारत से यात्री वाहनों का निर्यात भी बढ़ा है। मध्य पूर्व और लैटिन अमेरिका जैसे देशों से मजबूत मांग के कारण भारतीय गाड़ियों की विदेशों में अच्छी बिक्री हो रही है। 

जापान का बड़ा कदम: सेंट्रल बैंक ने महंगाई पर काबू के लिए ब्याज दरें 30 साल के उच्चतम स्तर पर बढ़ाईं

टोक्यो जापान से बड़ा खबर आई है, यहां के सेंट्रल बैंक (Bank Of Japan) ने ब्याज दरों में तगड़ा इजाफा किया है इसे एक चौथाई फीसदी बढ़ाते हुए 0.75% (Japan Hikes Interest Rate) कर दिया है. ये देश में ब्याज दरों का 30 साल का सबसे उच्चतम स्तर है. जापानी बैंक के फैसले पर सभी की नजर थी और अनुमान के मुताबिक ही शुक्रवार को केंद्रीय बैंक की ओर से बड़ा ऐलान किया गया. बढ़ती महंगाई (Japan Inflation) के दबाव में देश में ब्याज दरों में ये बढ़ोतरी की गई है.   अब 'जीरो' ब्याज पर कर्ज का दौर खत्म  जापान के गवर्नर काज़ुओ उएदा (Kazuo Ueda) के नेतृत्व में बैंक ऑफ जापान (Bank Of Japan) के मॉनिटरी बोर्ड ने शुक्रवार को एक व्यापक रूप से अपेक्षित निर्णय में अपनी बेंचमार्क दर को एक चौथाई फीसदी बढ़ाकर 0.75% कर दी है. शुक्रवार को इंटरेस्ट रेट बढ़ाकर तीन दशकों या 1995 के बाद सबसे हाई पर पहुंच गया. अब ये देश में पहले कभी नहीं देखे गए लेवल पर पहुंच गया है. इस फैसले से जापान में दशकों से मिल रहे भारी मॉनेटरी सपोर्ट और लगभग ज़ीरो फीसदी पर उधार लेने की लागत का दौर खत्म हो गया है.  पहले से जताई जा रही थी उम्मीद गौरतलब है कि बैंक ऑफ जापान की ओर से Rate Hike का ये फैसला पहले से जताई जा रही उम्मीदों के अनुरूप ही है. एक्सपर्टस शॉर्ट-टर्म Japan Interest Rate में सेंट्रल बैंक की ओर से 0.5% से बढ़ाकर 0.75% करने का अनुमान जाहिर कर रहे थे. यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब नई प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची देश में महंगाई को कम करने के लिए प्रयास कर रही हैं.  ताकाइची और उएदा दोनों के अपने वर्तमान पदों को संभालने के बाद यह पहली वृद्धि (First Rate Hike) है, अब Bank Of Japan के गवर्नर उएडा दोपहर 3:30 बजे (0630 GMT) इस फैसले के बारे में अधिका जानकारी देने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. जापान में महंगाई घटाने के लिए कदम बता दें कि जब कोई केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ाता है, तो इसका सीधा प्रभाव देश की करेंसी के मूल्य में वृद्धि के रूप में देखने को मिलता है. जापान के मामले में ये कदम देश में महंगाई को कम करने की क्षमता रखता है,  क्योंकि अमेरिकी डॉलर (US Dollar) और यूरो जैसी अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले येन के कम मूल्य ने आयात लागत को बढ़ाकर महंगाई को बढ़ावा देने में मदद की है. अभी ब्याज दर में और इजाफा संभव! Japan Inflation Rate पर एक नजर डालें, तो शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जापान में खाद्य और ईंधन को छोड़कर महंगाई दर नवंबर में 2.9% की दर से बढ़ी है. मंहगाई का ये आकंड़ा बैंक ऑफ जापान के तय 2% के टारगेट से अधिक है. अधिकांश अर्थशास्त्रियों को उम्मीद है कि बैंक ऑफ जापान अगले साल एक बार फिर अपनी बेंचमार्क ब्याज दर बढ़ाकर 1% कर देगा. क्या है जापान के शेयर बाजार का हाल?  जापान में लिए गए Rate Hike के बड़े फैसले से पहले जापानी शेयर बाजार ग्रीन जोन में कारोबार कर रहा था. वहीं इस खबर के आने के बाद भी इसमें तेज उछाल देखने को मिल रहा है. Japan Nikkei 560 अंक या 1.14% की बढ़त के साथ 49,602.98 के लेवल पर ट्रेड कर रहा था. हालांकि, ब्याज दरों में इजाफा किए जाने के फैसले के बाद दुनियाभर के शेयर बाजार सकर्त मोड में नजर आ रहे हैं. भारतीय बाजार की बात करें, तो इसमें तेजी देखने को मिली है. BSE Sensex 450 अंक, तो NSE Nifty 140 अंक की तेजी लेकर कारोबार कर रहा था.  

निसान की नई लाइनअप: टेक्टॉन और ग्रेविट सहित 3 गाड़ियां जल्द भारत में

मुंबई  निसान मोटर इंडिया भारतीय बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए एक बड़े मिशन पर काम कर रही है. कंपनी ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वह अगले 12 से 15 महीनों के भीतर भारत में तीन नए शानदार प्रोडक्ट्स लॉन्च करेगी. इस योजना में एक कॉम्पैक्ट MPV, एक मिड-साइज SUV और एक प्रीमियम 7-सीटर SUV शामिल है. नए मॉडल्स की लाइनअप और टाइमलाइन निसान का यह आक्रामक अभियान जनवरी 2026 से शुरू होगा और 2027 की शुरुआत तक चलेगा: निसान ग्रेविट (Gravite): यह एक B-सेगमेंट कॉम्पैक्ट MPV है, जिसे जनवरी 2026 में पेश किया जाएगा और मार्च 2026 से यह शोरूम में उपलब्ध होगी. निसान टेक्टॉन (Tekton): ग्रेविट के लॉन्च के कुछ ही महीनों बाद कंपनी अपनी मिड-साइज SUV 'टेक्टॉन' को बाजार में उतारेगी. 7-सीटर SUV (C-सेगमेंट): इस सीरीज का आखिरी धमाका 2027 की शुरुआत में एक बड़ी सात-सीटर SUV के रूप में होगा. चार अलग-अलग सेगमेंट में होगी मौजूदगी अब तक निसान भारतीय बाजार में केवल 'मैग्नाइट' के जरिए एक ही सेगमेंट में सीमित थी. लेकिन इन तीन नए मॉडल्स के आने के बाद कंपनी कुल चार अलग-अलग सेगमेंट में अपनी मौजूदगी दर्ज कराएगी. अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए निसान देशभर में अपने डीलरशिप नेटवर्क का भी विस्तार करने की योजना बना रही है. ग्रेविट और टेक्टॉन निसान ग्रेविट (MPV): उम्मीद है कि इसमें 1.0-लीटर का पेट्रोल इंजन मिलेगा, जो 76 hp की पावर और 95 Nm का टॉर्क जनरेट करेगा. इसमें मैनुअल और AMT गियरबॉक्स के विकल्प मिलेंगे. यह काफी हद तक रेनॉल्ट ट्राइबर के प्लेटफॉर्म पर आधारित हो सकती है. निसान टेक्टॉन (SUV): यह मॉडल निसान के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है. इसका मुकाबला भारतीय बाजार की सबसे प्रतिस्पर्धी कारों— Hyundai Creta, Kia Seltos, Maruti Grand Vitara और Tata Curvv जैसी दिग्गज गाड़ियों से होगा. क्या है आगे का प्लान  निसान की इस घोषणा से साफ है कि कंपनी अब 'सिंगल-प्रोडक्ट ब्रांड' की छवि से बाहर निकलक एक दमदार कार निर्माता बनना चाहती है. जहां ग्रेविट बजट सेगमेंट के परिवारों को टारगेट करेगी, वहीं टेक्टॉन और आगामी 7-सीटर SUV उन ग्राहकों को लुभाएगी जो प्रीमियम फीचर्स और दमदार परफॉर्मेंस की तलाश में हैं.   

SBI रिपोर्ट: डॉलर मजबूती के बावजूद रुपये में अगले 6 महीनों में होगा बदलाव

नई दिल्‍ली भारतीय रुपये की लगातार गिरावट ने एक्‍सपर्ट्स के बीच एक बहस छेड़ दी है कि आखिर ये कितना गिरेगा. SBI रिसर्च ने अपनी नई रिपोर्ट में एक बड़ा दावा किया है. एसबीआई ने 'इन रूपी वी ट्रस्‍ट' में कहा है कि भारतीय रुपया अभी डीवैल्‍यूवेशन के तीसरे चरण से गुजर रही है, जो रुपया और अमेरिकी डॉलर दोनों में एक साथ कमजोरी का दौर है.  एसबीआई ने कहा कि रुपये में गिरावट घरेलू व्यापक आर्थिक तनाव और वैश्विक अनिश्चितता, विशेष रूप से भू-राजनीतिक तनाव और व्यापार व्यवधानों के कारण हो रही है. रिपोर्ट में कहा गया है कि मार्कोव रिजीम-स्विचिंग मॉडल का उपयोग करते हुए, एसबीआई रिसर्च का अनुमान है कि रुपया लगभग छह महीने तक दबाव में रह सकता है. लेकिन इसके बाद इसमें शानदार तेजी आएगी. इसके बाद इसमें करीब 6.5 फीसदी की उछाल आ सकती है और संभावित तौर से  2026 में यह वापस 87 रुपये प्रति डॉलर की ओर बढ़ सकता है.  आरबीआई के एक्‍शन से उछला रुपया भारतीय रुपया मंगलवार को 91 प्रति डॉलर के स्तर को पार कर गया और सर्वकालिक निम्न स्तर पर पहुंच गया, लेकिन अगले दिन इसमें तेजी से सुधार हुआ.  बुधवार को मुद्रा 90.3475 प्रति अमेरिकी डॉलर पर कारोबार कर रही थी, जो इसके पिछले बंद भाव 91.0275 से 1 फीसदी  से ज्‍यादा की उछाल है. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के मजबूत हस्तक्षेप ने 17 दिसंबर को रुपये में सात महीनों में सबसे मजबूत तेजी आई, जिससे अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लंबे समय से चली आ लगातार गिरावट पर ब्रेक लग गई.  सरकारी बैंकों द्वारा डॉलर की लगातार बिक्री के बाद शुरुआती कारोबार में घरेलू मुद्रा में उछाल आया है. माना जा रहा है कि सरकारी बैंक ने केंद्रीय बैंक के हस्‍तक्षेप के बाद ऐसा फैसला किया है. इस हस्तक्षेप से अस्थिरता को कम करने और बाजार की भावना को स्थिर करने में मदद मिली. रुपये में 1.03% की वृद्धि हुई, जो 23 मई, 2025 के बाद से एक दिन में सबसे बड़ी तेजी है.  रुपये में गिरावट क्यों? एक्‍सपर्ट्स के अनुसार रुपये को प्रभावित करने वाला सबसे बड़ा संरचनात्मक परिवर्तन 2014 से पहले की अवधि की तुलना में विदेशी पोर्टफोलियो निवेश में आई भारी गिरावट है. 2007 से 2014 के बीच, नेट पोर्टफोलियो निवेश औसतन 162.8 अरब डॉलर प्रति वर्ष था, जिससे करेंसी को मजबूती मिली थी. हालांकि, 2015 से 2025 तक, औसत निवेश घटकर 87.7 अरब डॉलर रह गया है, जिससे वैश्विक झटकों को झेलने की क्षमता कम हो गई है. अकेले 2025 में, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) का निवेश 10 अरब डॉलर से अधिक हो गया, जिससे रुपये पर लगातार दबाव बना रहा.  एसबीआई रिसर्च ने अपनी रिपोर्ट में भू-राजनीतिक तनाव और टैरिफ को भी रुपये में गिरावट की वजह बताई है.रिपोर्ट के मुताबिक, टैरिफ ऐलान के बाद से ही रुपये में 5.7 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है.   डॉलर की डिमांड रिपोर्ट में विदेशी मुद्रा बाजार के व्‍यापारी क्षेत्र में डॉलर की बढ़ती मांग पर भी प्रकाश डाला गया है. जुलाई 2025 से, अनिश्चितता के बीच आयातकों और निर्यातकों द्वारा हेजिंग बढ़ाने के कारण फॉरवर्ड बाजार में अतिरिक्त मांग में तेजी से वृद्धि हुई है. व्यापारी बाजार में कुल अतिरिक्त मांग 145 अरब डॉलर तक पहुंच गई, जिसके चलते भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को हस्तक्षेप करना पड़ा. क्या 2026 में रुपया 87 पर होगा? इस गिरावट के बाद भी एसबीआई रिसर्च रुपया पर पॉजिटिव बना हुआ है. इसके मार्कोव-स्विचिंग विश्लेषण से पता चलता है कि रुपया लगभग छह महीने बाद मौजूदा गिरावट के दौर से बाहर निकल सकता है. ऐतिहासिक रुझान बताते हैं कि एक बार ऐसा होने पर मुद्रा में उल्लेखनीय सुधार होता है. इसी आधार पर, रिपोर्ट भू-राजनीतिक जोखिमों में कमी और पूंजी प्रवाह में स्थिरता आने की स्थिति में, 2026 में लगभग 6.5% की संभावित वृद्धि का अनुमान है, जो 87 लेवल पर रुपया को पहुंचा देगा. 

Tata Motors की Tata Sierra के दीवाने हुए लोग, एडवांस बुकिंग का धमाका

नई दिल्ली  स्वदेशी कार निर्माता कंपनी Tata Motors ने हाल ही में अपनी नई Tata Sierra एसयूवी को पेश किया, और कंपनी ने 16 दिसंबर से इस कार की प्री-बुकिंग लेना शुरू किया. अब Tata Motors ने जानकारी दी है कि बुकिंग शुरू होने के पहले दिन ही नई Tata Sierra के लिए 70,000 से ज़्यादा कन्फर्म बुकिंग मिल चुकी हैं. Tata Motors ने यह भी बताया कि 1.35 लाख से ज़्यादा कस्टमर्स ने अपनी पसंदीदा कॉन्फ़िगरेशन सबमिट कर दी है, और वे बाकी फॉर्मेलिटीज़ पूरी होने का इंतज़ार कर रहे हैं. डीलर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अब तक हुई बुकिंग में से 50 प्रतिशत से ज़्यादा बुकिंग Tata Sierra के डीज़ल वेरिएंट के लिए हुई हैं. Tata Sierra डीजल वेरिएंट की ताबड़तोड़ बुकिंग नई Tata Sierra मिड-साइज़ SUV सेगमेंट में चार मॉडलों में से एक है, जो डीज़ल इंजन का ऑप्शन प्रदान करती है. अन्य तीन कारों में Hyundai Creta, Kia Seltos और Tata की अपनी Curvv हैं. यह बात कि ज़्यादातर खरीदारों ने डीज़ल वेरिएंट को चुना है, इस बात का सबूत है कि जब SUV खरीदारों को डीज़ल का ऑप्शन मिलता है, तो वे इसे ही खरीदना ज्यादा पसंद करते हैं. यहां तक ​​कि सेगमेंट-चैंपियन Hyundai Creta के लिए भी, डीज़ल वेरिएंट की डिमांड ज्यादा ही रहती है, खासकर ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन वाले वेरिएंट के लिए. Tata Sierra के पावरट्रेन विकल्प नई Tata Sierra में मिलने वाले इंजन विकल्पों की बात करें तो इसमें तीन इंजन ऑप्शन के साथ दिए गए हैं, जिनमें 1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल (106hp पावर), 1.5-लीटर डीज़ल इंजन (116hp पावर) और 1.5-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन (160hp पावर) शामिल हैं. गियरबॉक्स विकल्पों पर नजर डालें तो इसके नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन के साथ 6-स्पीड मैनुअल और 7-speed DCT गियरबॉक्स, डीज़ल इंजन के साथ 6-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स और टर्बो-पेट्रोल इंजन के साथ 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स ही मिलता है. Tata Sierra के वेरिएंट्स और कीमत Tata Motors ने नई Sierra को कुल सात ट्रिम्स में पेश किया है, जिनमें Smart Plus, Pure, Pure Plus, Adventure, Adventure Plus, Accomplished और Accomplished Plus शामिल हैं. कीमत की बात करें तो Tata Sierra की शुरुआती कीमतें अभी 11.49 लाख रुपये से 21.29 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) के बीच हैं, और इसकी डिलीवरी 15 जनवरी, 2026 से शुरू होने वाली है.

देशभर में बदल रहे सोने-चांदी के दाम, आज है खरीदने का सही मौका

भोपाल   देशभर में आज सोने-चांदी के बाजारों में हलचल तेज है. इसी बीच राजधानी भोपाल के सराफा में आज सोने का भाव 260 रुपए नीचे गिरा है तो वहीं चांदी 930 रुपए सस्ती हुई है. एमपी की राजधानी भोपाल में आज गुरुवार (18 December 2025) को भारतीय बाजार के मुताबिक, बाजार शुरू होने तक सोने और चांदी के भाव कुछ इस प्रकार हैं: – भोपाल में 24 कैरेट सोने के दाम आज: 134,750 रुपए/10 ग्राम बीते दिन: 134,990 रुपए प्रति 10 ग्राम – भोपाल में चांदी का भाव आज: 206,110 रुपए/1 किलो बीते दिन: 207,050 रुपए प्रति किलो रिकॉर्ड बढ़त के बाद गिरा सोना-चांदी देशभर में सोने के भाव में एक बार भारी बढ़त के बाद गिरावट दर्ज हुई है. जिसके बाद सोना 310 रुपए सस्ता हुआ है. वहीं चांदी 910 रुपए सस्ता हुआ है. इसी बीच आज येलो मेटल कहे जाने वाले सोने के शुरुआती कारोबार में कितनी तेजी आई है यहां जाने. वहीं देश में आज गोल्ड-सिल्वर रेट कुछ इस प्रकार से हैं: – भारत में 24 कैरेट गोल्ड रेट आज: 134,800 रुपए प्रति 10 ग्राम बीते दिन: 135,110 रुपए प्रति 10 ग्राम – भारत में चांदी का भाव आज: 206,270 रुपए प्रति 1 किलो बीते दिन: 207,180 रुपए/किलो हॉलमार्क ही है असली सोने की पहचान अगर आप सोने के गहने खरीदने जा रहे हैं तो कभी भी क्वालिटी से समझौता न करें. हॉलमार्क देखकर ही गहने खरीदें, क्योंकि यही सोने की सरकारी गारंटी है. भारत में ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) हॉलमार्क का निर्धारण करता है. हर कैरेट के हॉलमार्क अंक अलग होते हैं, जिसे ध्यान से रखकर ही सोना खरीदें. अगर आप ऐसा नही करते हैं तो आपके सोने में मिलावट भी हो सकती है तो हमेशा जांच परख कर ही खरीदी करें.

महंगाई से राहत: नए साल पर घटे CNG और PNG के दाम, आम लोगों को फायदा

नई दिल्ली  भारत भर के उपभोक्ताओं को कम्प्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) और घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की कम कीमतों का फायदा मिलने वाला है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) ने टैरिफ में बदलाव (रैशनलाइजेशन) का ऐलान किया है, जो 1 जनवरी 2026 से लागू होगा. एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में PNG RB के मेंबर AK तिवारी ने कहा कि नया यूनिफाइड टैरिफ स्ट्रक्चर लागू होने से उपभोक्ताओं को राज्य और लागू टैक्स के अनुसार प्रति यूनिट ₹2 से ₹3 तक की बचत होगी. नया यूनिफाइड टैरिफ स्ट्रक्चर PNGRB ने टैरिफ सिस्टम को आसान बनाते हुए जोन की संख्या तीन से घटाकर दो कर दी है. 2023 में लागू पुराने सिस्टम के तहत दूरी के आधार पर तीन जोन बनाए गए थे. इसमें 200 किलोमीटर तक ₹42, 300 से 1,200 किलोमीटर तक ₹80 और 1,200 किलोमीटर से ज्यादा दूरी के लिए ₹107 टैरिफ था. तिवारी ने बताया, हमने टैरिफ को रैशनलाइज किया है. अब तीन की जगह दो जोन होंगे और पहला जोन पूरे भारत में CNG और घरेलू PNG ग्राहकों पर लागू होगा. अब जोन-1 के लिए यूनिफाइड दर ₹54 तय की गई है, जो पहले ₹80 और ₹107 थी. इन लोगों को होगा फायदा नया टैरिफ स्ट्रक्चर भारत में काम कर रही 40 सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों के तहत आने वाले 312 भौगोलिक क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को फायदा देगा. तिवारी ने कहा, इससे CNG इस्तेमाल करने वाले ट्रांसपोर्ट सेक्टर और रसोई में PNG इस्तेमाल करने वाले घरों को लाभ मिलेगा. PNGRB ने निर्देश दिया है कि इस रैशनलाइज्ड टैरिफ का पूरा फायदा उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए और इसकी नियमित निगरानी भी की जाएगी. तिवारी ने कहा, हमारी भूमिका उपभोक्ताओं और इस बिजनेस से जुड़े ऑपरेटरों, दोनों के हितों में संतुलन बनाए रखने की है. गैस इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार CNG और PNG इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर बात करते हुए तिवारी ने बताया कि पूरे देश को कवर करने के लिए लाइसेंस दिए जा चुके हैं, जिनमें सरकारी कंपनियां (PSU), निजी कंपनियां और जॉइंट वेंचर शामिल हैं. PNGRB, CGD कंपनियों को राज्य सरकारों से समन्वय कराने में मदद कर रहा है, जिसके चलते कई राज्यों ने VAT कम किया है और अनुमतियों की प्रक्रिया को आसान बनाया है. तिवारी ने कहा, हम सिर्फ रेगुलेटर ही नहीं, बल्कि एक फैसिलिटेटर की भूमिका भी निभा रहे हैं. सरकार की ओर से CNG और घरेलू PNG के लिए सस्ती और रैशनलाइज्ड गैस देने की पहल से देशभर में नेचुरल गैस के इस्तेमाल में तेजी आने की उम्मीद है. भारत में CGD सेक्टर को नेचुरल गैस खपत बढ़ाने वाला मुख्य सेक्टर माना गया है.