samacharsecretary.com

कम कीमत, जबरदस्त माइलेज! ₹4.99 लाख वाली इस कार के आगे फेल हुईं बड़ी हैचबैक कारें

मुंबई  भारतीय मार्केट में हैचबैक कारों का जलवा हमेशा की तरह बरकरार है। अगर बीते महीने यानी अप्रैल, 2026 में हुई इस सेगमेंट की बिक्री की बात करें तो मारुति सुजुकी वैगनआर (Maruti Suzuki WagonR) ने एक बार फिर नंबर-1 की पोजीशन हासिल कर ली है। मारुति वैगनआर को बीते महीने कुल 18,648 नए ग्राहक मिले। इस दौरान सालाना आधार पर वैगनआर की बिक्री में 39.03 पर्सेंट की शानदार बढ़ोतरी देखी गई है। जबकि ठीक एक साल पहले यानी अप्रैल, 2025 में यह आंकड़ा 13,413 यूनिट्स था। आइए जानते हैं देश की 10 सबसे ज्यादा बिकने वाली हैचबैक कारों की बिक्री के बारे में विस्तार से। दूसरे नंबर पर रही बलेनो बिक्री की इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर मारुति सुजुकी बलेनो रही। मारुति बलेनो ने इस दौरान 38.89 पर्सेंट की सालाना बढ़ोतरी के साथ कुल 18,306 यूनिट कारों की बिक्री की है। जबकि तीसरे नंबर पर बिक्री की इस लिस्ट में मारुति सुजुकी स्विफ्ट रही। मारुति स्विफ्ट ने इस दौरान सालाना आधार पर 22.18 पर्सेंट की बढ़ोतरी के साथ कुल 17,829 यूनिट कारों की बिक्री की। चौथे नंबर पर रही मारुति ऑल्टो दूसरी ओर बिक्री की इस लिस्ट में चौथे नंबर पर मारुति सुजुकी ऑल्टो रही है। मारुति ऑल्टो ने इस दौरान 93.65 पर्सेंट की सालाना बढ़ोतरी के साथ कुल 10,856 यूनिट कारों की बिक्री की। जबकि पांचवें नंबर पर बिक्री की इस लिस्ट में हुंडई i20 रही। हुंडई i20 ने इस दौरान 59.55 पर्सेंट की सालाना बढ़ोतरी के साथ कुल 5,624 यूनिट कारों की बिक्री की है। टाटा टियागो को लगा झटका बिक्री की इस लिस्ट में छठे नंबर पर टाटा टियागो रही। टाटा टियागो ने इस दौरान 33.70 पर्सेंट की सालाना गिरावट के साथ 5,488 यूनिट कारों की बिक्री की। जबकि सातवें नंबर पर बिक्री की इस लिस्ट में मारुति एस-प्रेसो रही। मारुति एस-प्रेसो ने इस दौरान 617.63 पर्सेंट की रिकॉर्ड तोड़ सालाना बढ़ोतरी के साथ कुल 5,210 यूनिट कारों की बिक्री की है। आखिरी पोजिशन पर रही अल्ट्रोज बिक्री की इस लिस्ट में आठवें नंबर पर हुंडई i10 नियोस रही। हुंडई i10 नियोस ने 0.29 पर्सेंट की सालाना बढ़ोतरी के साथ कुल 4,149 यूनिट कारों की बिक्री की। वहीं, नौवें नंबर पर बिक्री की इस लिस्ट में टोयोटा ग्लैंजा रही। ग्लैंजा ने इस दौरान 18.68 पर्सेंट की सालाना गिरावट के साथ कुल 3,360 यूनिट कारों की बिक्री की है। इसके अलावा, दसवें नंबर पर बिक्री की इस लिस्ट में टाटा अल्ट्रोज रही। अल्ट्रोज ने इस दौरान 19.06 पर्सेंट की सालाना बढ़ोतरी के साथ कुल 2,586 यूनिट कारों की बिक्री दर्ज की है। इतनी है कार की कीमत मारुति सुजुकी वैगनआर में 1.0-लीटर K-सीरीज इंजन और दूसरा 1.2-लीटर इंजन दिया गया है। यह कार 5-स्पीड मैनुअल और ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ उपलब्ध है। माइलेज के लिए मशहूर यह कार पेट्रोल में लगभग 23.56 से 25.19 किमी/लीटर और CNG वैरिएंट में 33.47 किमी/किग्रा तक का जबरदस्त औसत देती है। भारतीय मार्केट में इसकी एक्स-शोरूम कीमत लगभग 4.99 लाख से शुरू होकर 7.45 लाख रुपये तक जाती है।

April 2026 Car Sales: Hyundai, Tata और Mahindra की बिक्री में उछाल, Kia ने भी बढ़ाया ग्राफ

मुंबई  अप्रैल 2026 के खत्म होने के साथ ही कार बनाने वाली कंपनियों ने वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत के साथ बिक्री में एक पॉज़िटिव नोट हासिल किया है. बीते माह के दौरान, लगभग सभी कार ब्रांड्स ने वित्त वर्ष 2026 की तुलना में बिक्री में साल-दर-साल अच्छी बढ़त दर्ज की है. घरेलू बाज़ार में Tata Motors और Mahindra दूसरे और तीसरे स्थान पर मज़बूती से बने रहे।  हालांकि Hyundai ने इस महीने अपने अब तक के सबसे बेहतरीन प्रदर्शन के साथ Mahindra के साथ का फ़ासला कम कर दिया. वहीं Kia India की बात करें तो दूसरी जनरेस की Kia Seltos और Sonet की ज़बरदस्त मांग के चलते अप्रैल महीने में कंपनी ने अपने अब तक के सबसे अच्छे होलसेल आंकड़े को छू लिया. यहां हम टॉप-6 कार निर्माताओं की बिक्री के बारे में बता रहे हैं।  1. Maruti Suzuki की बिक्री सबसे पहले Maruti Suzuki की बात करें तो अप्रैल 2026 में कंपनी ने 1,87,704 यूनिट्स की घरेलू बिक्री दर्ज की, जो इसकी अब तक की सबसे ज़्यादा मासिक बिक्री है. यह कार निर्माता कंपनी हैचबैक, सेडान और SUV के विस्तृत मिश्रण की बदौलत बिक्री के मामले में बाज़ार में काफ़ी बड़े अंतर से अपनी बढ़त बनाए हुए है।  कंपनी के कॉम्पैक्ट और मिड-साइज़ सेगमेंट की बिक्री 80,659 यूनिट्स की रही, जबकि Maruti Alto K10, WagonR और S-Presso जैसी छोटी कारों का योगदान 16,066 यूनिट्स का रहा. वहीं, इस महीने Maruti eVitara का योगदान भी 2,006 यूनिट्स का रहा, जिसमें से लगभग 85 प्रतिशत बिक्री इसकी बड़ी 61kWh बैटरी वाले वेरिएंट से हुई।  2. Tata Motors की बिक्री स्वदेशी कार निर्माता Tata Motors की बात करें तो अप्रैल 2026 में यह कंपनी दूसरे स्थान पर बनी रही. इस दौरान कंपनी के वाहनों की बिक्री में साल-दर-साल 30.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह अप्रैल 2025 के 45,199 यूनिट्स से बढ़कर लगभग 59,000 यूनिट्स तक पहुंच गई।  Tata Motors की बिक्री को Nexon और Punch जैसे मॉडल्स की मज़बूत मांग के साथ लगातार समर्थन मिल रहा है, जो इसकी बिक्री में अहम योगदान दे रहे हैं. इसके अलावा, कंपनी के इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बिक्री में भी ज़बरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसमें साल-दर-साल 72.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई।  3. Mahindra & Mahindra की बिक्री Mahindra & Mahindra ने अप्रैल 2026 में 56,331 यूनिट्स की घरेलू बिक्री दर्ज की, जो अप्रैल 2025 की 52,330 यूनिट्स की तुलना में साल-दर-साल 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. हालांकि, मार्च 2026 की 60,272 यूनिट्स की तुलना में कंपनी की बिक्री में 6.5 प्रतिशत की गिरावट आई है।  बीते माह भी कार निर्माता कंपनी ने अपना तीसरा स्थान बरकरार रखा है, और Tata Motors के साथ उसका अंतर कम बना हुआ है, जिससे हाल के महीनों में देखने को मिली कड़ी टक्कर जारी है. कंपनी की बिक्री मुख्य रूप से उसकी SUV लाइन-अप से ही बढ़ रही है, जिसमें Mahindra Scorpio, Thar और XUV रेंज जैसे मॉडल्स बिक्री को आगे बढ़ा रहे हैं।  4. Hyundai Motors की बिक्री साउथ कोरियन कार निर्माता कंपनी Hyundai ने अप्रैल 2026 में 51,902 यूनिट्स की घरेलू बिक्री दर्ज की, और चौथे स्थान पर बनी रही. कंपनी की इस बिक्री में मुख्य योगदान Hyundai Creta, Venue और Exter जैसे मुख्य मॉडल्स का रहा. इसके साथ ही Hyundai Grand i10 Nios और i20 जैसी हैचबैक कारों की मांग भी लगातार बनी रही।  बाते माह Hyundai Venue का प्रदर्शन खास तौर पर अच्छा रहा, और कंपनी ने 12,420 यूनिट्स की बिक्री के साथ अपनी अब तक की सबसे ज़्यादा मासिक घरेलू बिक्री दर्ज की. Hyundai Motor ने इस बेहतरीन प्रदर्शन का श्रेय काफी हद तक इस मॉडल को हाल ही में मिली पांच-स्टार Bharat NCAP सुरक्षा रेटिंग को दिया है।  5. Toyota Kirloskar Motor की बिक्री Toyota की बिक्री पर नजर डालें तो कंपनी ने अप्रैल 2026 में 30,159 यूनिट्स की घरेलू बिक्री दर्ज की, जिससे यह पांचवें स्थान पर रही. अप्रैल 2025 में 24,833 यूनिट्स की तुलना में बिक्री में साल-दर-साल 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई. इसकी मुख्य वजह Innova HyCross, Urban Cruiser Hyryder और Fortuner जैसे मॉडल्स की लगातार बनी रही मांग थी।  इस महीने की एक अहम उपलब्धि कंपनी की Innova HyCross का 2 लाख यूनिट्स की कुल बिक्री का आंकड़ा पार करना रही. Toyota Kirloskar ने भारत के लिए अपनी पहली EV, Urban Cruiser EBella से भी पर्दा उठा दिया है, और इसकी कीमत की घोषणा जल्द ही की जा सकती है।  6. Kia India की बिक्री Hyundai के स्मामित्व वाली कंपनी Kia India ने अप्रैल 2026 में 27,286 यूनिट्स की घरेलू बिक्री दर्ज की, और Toyota के बाद अपनी दूसरी जगह बनाए रखी. कार बनाने वाली इस कंपनी ने अप्रैल महीने में अपनी अब तक की सबसे ज़्यादा बिक्री भी दर्ज की, जिसमें उसके मुख्य मॉडल्स की ज़बरदस्त मांग का अहम योगदान रहा।  कंपनी की Kia Seltos और Sonet इस बिक्री में मुख्य योगदान देने वाले मॉडल्स रहे. इस महीने के दौरान दोनों ही मॉडल्स ने 10,000 यूनिट्स की बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया, जबकि Kia Carens Clavis ने भी कुल बिक्री को बढ़ाने में अपना योगदान जारी रखा। 

शादी सीजन में ग्वालियर में विंटेज कारों का किराया बढ़ा, 11 हजार से 35 हजार तक पहुंचा

ग्वालियर शहर में शादी सीजन शुरू होते ही बारात के अंदाज में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां पहले दूल्हे पारंपरिक घोड़ी पर सवार होकर बारात लेकर निकलते थे। अब उनकी जगह ओपन रूफ, कन्वर्टिबल और रॉयल लुक वाली विंटेज कारों ने ले ली है। आधुनिक दौर में शादी को खास और यादगार बनाने की चाहत ने इस ट्रेंड को तेजी से बढ़ावा दिया है। खासकर युवा दूल्हे अब शाही अंदाज में एंट्री करना पसंद कर रहे हैं, जिससे उनकी बारात मेहमानों के बीच आकर्षण का केंद्र बन रही है। सोशल मीडिया ट्रेंड से बढ़ी मांग वेडिंग इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया का इस ट्रेंड को बढ़ाने में बड़ा योगदान है। आजकल प्री-वेडिंग शूट, सिनेमैटिक वीडियोग्राफी और रील्स का चलन बढ़ गया है। ऐसे में ओपन रूफ और कन्वर्टिबल कारें फोटो और वीडियो में रॉयल फील देती हैं। यही कारण है कि दूल्हे अब स्टाइलिश और क्लासिक एंट्री के लिए विंटेज कारों को प्राथमिकता दे रहे हैं। सजावट से बनती है खास पहचान विंटेज कारों को फूलों, एलईडी लाइट्स, रिबन और थीम डेकोरेशन से सजाया जाता है, जिससे उनका लुक और भी आकर्षक हो जाता है। कई परिवार दूल्हा-दुल्हन की ग्रैंड एंट्री, जयमाला स्टेज और फोटोशूट के लिए अलग से पैकेज भी बुक कर रहे हैं। इससे शादी का पूरा माहौल शाही और भव्य नजर आता है। 11 हजार से 35 हजार तक किराया शहर के वेडिंग कारोबारियों के अनुसार, विंटेज कारों का किराया 11 हजार रुपये से शुरू होकर 35 हजार रुपये तक पहुंच जाता है। किराया कार के मॉडल, ब्रांड, समय, सजावट और उपयोग के आधार पर तय होता है। ओपन रूफ और कन्वर्टिबल कारों का चार्ज सामान्य कारों की तुलना में अधिक होता है। वहीं पीक सीजन में एडवांस बुकिंग के चलते कीमतों में और बढ़ोतरी हो जाती है। शहर से बाहर अलग पैकेज अगर बारात शहर से बाहर या रिसॉर्ट वेडिंग में जानी हो, तो किराया अलग से तय किया जाता है। दूरी, समय और लोकेशन के आधार पर अतिरिक्त शुल्क लिया जाता है। ड्राइवर चार्ज, फ्यूल, नाइट स्टे और टाइम एक्सटेंशन जैसी सुविधाएं भी इसमें शामिल होती हैं। डेस्टिनेशन वेडिंग में भी बढ़ी मांग इस बार शादी सीजन में विंटेज कारें सिर्फ शहर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि डेस्टिनेशन वेडिंग और आउटडोर रिसेप्शन में भी पहली पसंद बन रही हैं। शाही एंट्री के इस ट्रेंड ने बारात के पारंपरिक अंदाज को पूरी तरह बदल दिया है।

BYD की सबसे छोटी कार: 4.9 सेकंड में तेज़ी, 380Km की रेंज के साथ

 नई दिल्ली BYD ने अपनी सबसे छोटी कार को लॉन्च कर दिया है. हम बात कर रहे हैं बीवाईडी एटो 1 (BYD Atto 1) की, जिसे कंपनी ने बैंकॉक मोटर शो के दौरान थाईलैंड में लॉन्च किया है. वैसे तो ये कार ग्लोबल मार्केट में पहले से मौजूद थी. कुछ मार्केट में कंपनी इसे सीगल (Seagull) या डॉल्फिन सर्फ के नाम से बेचती है।   ये कंपनी की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक कार है, जिसका फोकस शहरों के लिए एक किफायती और सुविधाजनक साधन ऑफर करता है. कंपनी ने इसे चार कलर ऑप्शन- शेल वॉइट, क्वांटम ब्लैक, पॉप ग्रीन और वेलोसिटी ब्लू में लॉन्च किया है. आइए जानते हैं इस कार की कीमतें और दूसरी खास बातें.  कितनी है कीमत?  कंपनी ने इस कार को थाईलैंड में लॉन्च किया है. जहां इसकी कीमत 4,29,900 बात (थाईलैंड की करेंसी) से शुरू होती है. भारतीय रुपयों में ये कीमत लगभग 12.32 लाख रुपये हो जाती है. वहीं टॉप वेरिएंट की कीमत 4,59,900 बात (लगभग 13.18 लाख रुपये) है।  कार चार एक्सटीरियर कलर में उपलब्ध है. इसमें ब्लैक और ग्रे कलर का इंटीरियर मिलता है. ग्लोबल लाइनअप में ये कार बीवाईडी डॉल्फिन से नीचे है और ब्रांड की थाईलैंड में सबसे छोटी कार है. इसकी लंबाई 3925 एमएम, चौड़ाई 1720 एमएम और ऊंचाई 1590 एमएम है. इसका व्हीलबेस 2500 एमएम का है।  थाईलैंड में कंपनी ने इस कार को दो वेरिएंट- डायनैमिक और प्रीमियम में लॉन्च किया है. कार में एलईडी हेडलैम्प्स, एलईडी डीआरएलएस और टेल लैम्प्स दिए गए हैं. साथ ही कार में स्पोर्टी रियर स्पॉयलर, फ्लोटिंग रूफ डिजाइन, रेन सेंसिंग वाइपर और 15-इंच के एलॉय व्हील्स हैं।  इंटीरियर की बात करें, तो इसमें 7-इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंटल क्ल्सटर और 10.1 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम दिया गया है. ये सिस्टम एंड्रॉयड ऑटो और ऐपल कारप्ले के साथ आता है. कार में ऑटोमेटिक क्लाइमेट कंट्रोल, लेदर सीट्स, रियर व्यू कैमरा और कई दूसरे फीचर्स मिलते हैं।  बीवाईडी एटो 1 को शहरों के लिए खासतौर पर डिजाइन किया गया है. इसमें फ्रंट माउंटेड इलेक्ट्रिक मोटर दिया गया है, जो 74 एचपी की पावर और 135 एनएम का टॉर्क प्रोड्यूस करता है. ये कार 4.9 सेकंड में 0 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ लेती है. इसमें तीन ड्राइविंग मोड्स- ईको, नॉर्मल और स्पोर्ट मिलते हैं।  कार में 30.08kWh की बैटरी दी गई है, जो 300 किलोमीटर की रेंज ऑफर करती है. इसमें 6.6kW की एसी चार्जिंग और 30kW तक की फास्ट डीसी चार्जिंग मिलती है. इसके प्रीमियम वेरिएंट में 38.88kWh की बैटरी दी गई है, जो 380 किलोमीटर की रेंज ऑफर करती है। 

11 मिनट में फुल चार्ज, चीनी कंपनी ने पेश की गजब की बैटरी, बैटरी संकट का समाधान

 नई दिल्ली इलेक्ट्रिक कार्स को दुनिया भर में बढ़ावा दिया जा रहा है. हालांकि, अभी भी बड़ी संख्या में इन्हें ग्राहक नहीं मिल रहे हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह बैटरी को चार्ज होने में लगने वाला वक्त और ईवी की रेंज है. जहां पेट्रोल या डीजल कार में कहीं भी फ्यूल डलवाया जा सकता है. वहीं ईवी के चार्जिंग स्टेशन कम है।  इसके अलावा ईवी को चार्ज होने में भी वक्त लगता है. इसका समाधान चीनी ऑटोमोबाइल कंपनी BAIC (बीजिंग ऑटोमोटिव ग्रुप कंपनी लिमिटेड) ने खोज लिया है. बीएआईसी ने सोडियम-आयन बैटरी टेक्नोलॉजी के डेवलपमेंट में एक महत्वपूर्ण सफलता का ऐलान किया है. BAIC चीन का एक प्रमुख कार निर्माता है. कंपनी इलेक्ट्रिक और ICE दोनों तरह की कार्स बनाती है।  कंपनी के रिसर्च डिविजन के मुताबिक, एक प्रोटोटाइप सोडियम-आयन बैटरी विकसित की गई है, जिसकी एनर्जी डेंसिटी 170 Wh/kg है. ये बैटरी 4C फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करती है. इसे फुल चार्ज होने में सिर्फ 11 मिनट का वक्त लगेगा. ये चार्जिंग टाइम टेस्टिंग कंडीशन का है. रियल वर्ल्ड में चार्जिंग का वक्त ज्यादा हो सकता है. इस सिस्टम को अलग-अलग टेम्परेचर पर काम करने के लिए डिजाइन किया गया है।  लो टेम्परेचर में भी करेगी काम इसे -40 डिग्री सेल्सियस से 60 डिग्री सेल्सियस तक काम करने के लिए डिजाइन किया गया है. कंपनी का दावा है कि -20 डिग्री सेल्सियस पर भी बैटरी रिटेंशन लगभग 92 परसेंट है. ये दिखाता है कि कम तापमान में भी इसे इस्तेमाल किया जा सकता है. कंपनी ने बताया है कि बैटरी ने इंटरनल वैलिडेशन टेस्टिंग को पास कर लिया है।  थर्मल टेस्टिंग में 200 डिग्री सेल्सियस तक के टेम्परेचर पर भी बैटरी स्टेबल थी. ये सोडियम-आयन बैटरी कंपनी की अरोरा बैटरी प्रोग्राम का हिस्सा है. इसमें लिथियम आयन बैटरी, सॉलिड स्टेट और सोडियम आयन बैटरी शामिल हैं. कंपनी ने प्रिजमैटिक सोडियम-आयन सेल्स के लिए मास प्रोडक्शन प्रॉसेस वैलिडेशन भी पूरा कर लिया है.  पूरे चीन में सोडियम आयन बैटरियों को एडिशनल सॉल्यूशन के तौर पर देखा जा रहा है. खासकर कम लागत और ठंडे मौसम वाले यूजेज के लिए. लिथियम-आयन फॉस्फेट बैटरियों की तुलना में, सोडियम-आयन बैटरियों में रॉ मैटेरियल आसानी से मिल जाता है. साथ ही इनकी कोल्ड-वेदर परफॉर्मेंस बेहतर होती है. हालांकि एनर्जी डेंसिटी के मामले में ये अभी पीछे हैं।  कई कंपनियां कर रही हैं काम बीएआईसी (BAIC) ने इस प्रोग्राम से जुड़े लगभग 20 पेटेंट फाइल किए हैं. ये पेटेंट्स मटेरियल, सेल डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग प्रॉसेस और टेस्टिंग से जुड़े हैं. कंपनी चार्जिंग स्ट्रैटेजी, इलेक्ट्रोकेमिकल मॉडलिंग और बैटरी डिग्रेडेशन पर भी काम कर रही है. दूसरी चीनी कंपनियां भी इस टेक्नोलॉजी पर तेजी से काम कर रही हैं।  फरवरी 2026 में चांगान ऑटोमोबाइल और सीएटीएल ने पहली मास-प्रोड्यूस्ड सोडियम-आयन इलेक्ट्रिक कार पेश की. इसमें 45 kWh की बैटरी और 400 किमी से ज्यादा की रेंज का दावा किया गया है. ये कार 2026 मिड तक बाजार में लॉन्च हो सकती है।  BAIC (बीजिंग ऑटोमोटिव ग्रुप कंपनी लिमिटेड) की बात करें, तो कंपनी ने अभी तक अपनी सोडियम-आयन बैटरी के कमर्शियल लॉन्च की जानकारी नहीं दी है. फिलहाल ये टेक्नोलॉजी प्री-कमर्शियल स्टेज में है। 

इलेक्ट्रिक कारों की कीमत जल्द होगी पेट्रोल-डीजल कारों के बराबर, दावा देश की प्रमुख कंपनी का

मुंबई   भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार लगातार तेज़ी से बढ़ रहा है और अब यह ऑटो उद्योग के लिए एक अहम बदलाव का दौर बनता जा रहा है। खासतौर पर चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के सेगमेंट में कुछ कंपनियों ने मजबूत पकड़ बना ली है। इसी कड़ी में देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में इलेक्ट्रिक कारों की कीमतें पेट्रोल और डीजल से चलने वाली पारंपरिक कारों के बराबर पहुंच सकती हैं। यदि ऐसा होता है तो भारतीय ऑटो बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की रफ्तार और तेज हो सकती है।  इलेक्ट्रिक कार बाजार में तेजी से बढ़ती हिस्सेदारी भारत के इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर सेगमेंट में फिलहाल एक प्रमुख कंपनी का दबदबा बना हुआ है, जिसके पास लगभग 40 प्रतिशत तक बाजार हिस्सेदारी बताई जाती है। कंपनी की सफलता के पीछे उसके इलेक्ट्रिक मॉडल्स की लंबी श्रृंखला भी एक बड़ी वजह है। उसके पोर्टफोलियो में नेक्सन EV, पंच EV, टियागो EV, टिगोर EV, कर्व EV और हैरियर EV जैसे कई विकल्प मौजूद हैं। इन मॉडलों के कारण अलग-अलग बजट और जरूरतों वाले ग्राहकों को विकल्प मिल रहे हैं। हालांकि सबसे किफायती इलेक्ट्रिक कार का खिताब अभी किसी अन्य कंपनी के पास है, जबकि इस कंपनी की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक कार टियागो EV मानी जाती है, जिसकी शुरुआती कीमत करीब आठ लाख रुपये के आसपास है। तकनीक में सुधार से घट सकती है लागत कंपनी के इलेक्ट्रिक पैसेंजर वाहनों से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार इलेक्ट्रिक वाहनों की तकनीक तेजी से विकसित हो रही है। उनका कहना है कि बैटरी तकनीक में लगातार सुधार हो रहा है और नई बैटरियां पहले के मुकाबले अधिक ऊर्जा संग्रह करने में सक्षम हैं। इसके साथ ही चार्जिंग की गति भी तेज हुई है और सुरक्षा के लिहाज से भी नई तकनीक अधिक भरोसेमंद मानी जा रही है। इन बदलावों के कारण इलेक्ट्रिक वाहनों की कुल लागत पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। प्रोपल्शन सिस्टम के इंटीग्रेशन से बढ़ेगी दक्षता वाहनों के इलेक्ट्रिक सिस्टम में भी तेजी से बदलाव हो रहे हैं। मोटर, इन्वर्टर, ऑनबोर्ड चार्जर और अन्य पावर इलेक्ट्रॉनिक्स को अब पहले की तरह अलग-अलग यूनिट के रूप में नहीं रखा जा रहा है। इन्हें एकीकृत सिस्टम के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे गाड़ी का कुल वजन कम होता है और डिजाइन अधिक प्रभावी बनता है। पहले जहां इन हिस्सों को अलग-अलग लगाया जाता था, वहीं अब इन्हें एक कॉम्पैक्ट सिस्टम में बदला जा रहा है। इससे वाहन हल्का होने के साथ-साथ बैटरी की क्षमता बढ़ाने की गुंजाइश भी बनती है और बिना बड़े ढांचे में बदलाव किए गाड़ी की ड्राइविंग रेंज को बेहतर बनाया जा सकता है। बैटरी कीमतों में नरमी से मिल सकता है फायदा वैश्विक स्तर पर बैटरी की कीमतों में धीरे-धीरे कमी आने और तकनीक के बेहतर होने से कंपनियों को उम्मीद है कि इलेक्ट्रिक कारें बेहतर रेंज और प्रदर्शन के साथ बाजार में आएंगी। उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ मॉडलों में कीमत का अंतर अब पारंपरिक इंजन वाली कारों से बहुत कम रह गया है। यदि यह अंतर और घटता है तो ग्राहक इलेक्ट्रिक कारों को ज्यादा तेजी से अपनाने लगेंगे। 10 लाख रुपये से कम का सेगमेंट बना फोकस भारतीय यात्री वाहन बाजार में दस लाख रुपये से कम कीमत वाली कारों की मांग काफी अधिक है और यही वजह है कि कंपनियां इस सेगमेंट पर खास ध्यान दे रही हैं। हाल ही में एक लोकप्रिय इलेक्ट्रिक मॉडल को बैटरी-एज-ए-सर्विस विकल्प के साथ पेश किया गया, जिससे उसकी शुरुआती कीमत और कम कर दी गई। इस व्यवस्था में ग्राहक बैटरी को अलग से सेवा के रूप में ले सकते हैं, जिससे शुरुआती लागत कम हो जाती है। हालांकि बैटरी सेल अभी भी विदेशों से मंगाए जाते हैं, लेकिन बैटरी पैक का डिजाइन और असेंबली देश में ही की जा रही है और धीरे-धीरे स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ाने की कोशिश भी जारी है। सस्ती और व्यावहारिक EV से बढ़ेगा अपनाने का चलन ऑटो उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सबसे बड़ा अवसर कम कीमत वाले सेगमेंट में ही है। यदि दस लाख रुपये से कम कीमत में भरोसेमंद और पर्याप्त रेंज देने वाली इलेक्ट्रिक कारें उपलब्ध होती हैं, तो परिवार इन्हें अपनी मुख्य कार के रूप में भी इस्तेमाल करना शुरू कर सकते हैं। जैसे-जैसे इलेक्ट्रिक वाहन सुलभ, किफायती और रोजमर्रा के उपयोग के लिए सुविधाजनक बनेंगे, वैसे-वैसे इनके प्रति लोगों का भरोसा और बाजार में इनकी हिस्सेदारी दोनों बढ़ती जाएंगी।

नई इलेक्ट्रिक हैचबैक से विदेशी कंपनी का धमाका, फीचर्स में होंगे शानदार बदलाव, पंच और टियागो ईवी की टेंशन बढ़ेगी

मुंबई  विनफास्ट (Vinfast) इंडियन मार्केट में अपनी पकड़ को मजबूत कर रही है। कंपनी जल्द ही Limo Green इलेक्ट्रिक को मार्केट में लॉन्च करने वाली है। इसके साथ ही कंपनी इलेक्ट्रिक हैचबैक सेगमेंट में भी नया प्रोडक्ट लाने की सोच रही है। इस इलेक्ट्रिक हैचबैक का नाम VF5 है। विनफास्ट की इस इलेक्ट्रिक हैचबैक की टक्कर टाटा टियागो ईवी और पंच ईवी से होगी। कंपनी इस भारत में लॉन्च होने वाली यह ईवी कई देशों में पहले से सेल हो रही है। आइए डीटेल में जानते हैं इसके बारे में। VF5 की लंबाई 3967 मिमी, चौड़ाई 1723 मिमी, ऊंचाई 1579 मिमी और वीलबेस 2514 मिमी है। यह Punch.EV के मुकाबले जरा सी बड़ी है। हालांकि, इसकी चौड़ाई और ऊंचाई थोड़ी कम है। ग्लोबल मार्केट में ऑफर की जा रही VF5 का ग्राउंड क्लीयरेंस 169 मिमी है। भारतीय वर्जन में यह थोड़ा बढ़ सकता है। बूट स्पेस 260 लीटर है, जिसे 900 लीटर तक बढ़ाया जा सकता है। पीछे की सीटों में 60:40 स्प्लिट-फोल्डिंग फंक्शन दिया गया है। VF5 में ब्रैंड का सिग्नेचर फ्रंट फेसिया, फ्लेयर्ड वील आर्च, ब्लैक बॉडी क्लैडिंग, एलईडी लाइटिंग, 17 इंच के वील (वियतनामी वेरिएंट में) और कई सारे फीचर्स मिलते हैं। कुल मिलाकर इसका डिजाइन एसयूवी जैसा लगता है। ग्लोबल मार्केट में उपलब्ध VF5 पांच सीटों वाली कार है। Vinfast के बाकी मॉडल्स की तरह इसका इंटीरियर भी मॉडर्न और मिनिमलिस्टिक डिजाइन वाला है। इसमें सिल्वर एक्सेंट के साथ ऑल-ब्लैक थीम का यूज किया गया है। स्टीयरिंग वील तीन स्पोक वाला है और इसमें कंट्रोल बटन लगे हुए हैं। कार के ग्लोबल मॉडल में PM 2.5 एयर फिल्टर, 7 इंच का डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले, 4 स्पीकर वाला साउंड सिस्टम, लेदरेट सीट्स, कीलेस एंट्री और गो, ऑटो हेडलाइट्स, वॉइस कमांड सपोर्ट और वायरलेस ऐपल कारप्ले और ऐंड्रॉयड ऑटो के साथ 8 इंच का इंफोटेनमेंट यूनिट दिया गया है। हो सकता है कि इसके इंडियन वेरिएंट को कंपनी कुछ बदलावों के साथ लॉन्च करे। 326 किमी तक की रेंज VF5 में दी जा रही बैटरी का साइज अलग-अलग मार्केट्स में अलग-अलग होता है। कुछ रीजन में यह 29.6 kWh की बैटरी के साथ उपलब्ध है, जिसकी NEDC रेंज प्रति चार्ज 268 किमी है। जबकि, बाकी रीजन में इसमें 37.23 kWh की बड़ी बैटरी मिलती है, जिसकी रेंज 326 किमी (NEDC) है। छोटी बैटरी 33 मिनट से भी कम समय में 10 से 70 पर्सेंट तक चार्ज हो जाती है। छोटे बैटरी वाले वर्जन में 93hp/135Nm की इलेक्ट्रिक मोटर लगी है, जबकि दूसरे वर्जन का आउटपुट 134hp/135Nm है। 93hp (70kW) वाला वर्जन 0 से 100 kmph की स्पीड 14 सेकंड में पकड़ लेता है। 136hp वाला वर्जन यही काम 11 सेकंड से भी कम समय में कर पाता है।

फरवरी 2026 में कारों की बिक्री में तेजी, Tata की बिक्री 34% और Mahindra की 19% बढ़ी

 मुंबई  फरवरी 2026 के खत्म होते ही पैसेंजर व्हीकल्स निर्माता कंपनियों ने डीलरों को बेहतर बिक्री की जानकारी दी है, जिससे यह पता चलता है कि दुनिया भर में चल रही अनिश्चितताओं के बावजूद सभी सेगमेंट में डिमांड स्थिर है. कंपनियों की बिक्री ग्रोथ को काफी हद तक यूटिलिटी व्हीकल्स के माध्यम से सपोर्ट मिला, जो घरेलू मार्केट में छोटी कार सेगमेंट से बेहतर परफॉर्म कर रही हैं. ज़्यादातर बड़े मैन्युफैक्चरर्स ने साल-दर-साल बढ़त दर्ज की है, जिससे यह पता चलता है कि कस्टमर डिमांड मज़बूत बनी हुई है. इंडस्ट्री एग्जीक्यूटिव्स ने महीने के दौरान हेल्दी रिटेल मोमेंटम और कंट्रोल्ड डीलर इन्वेंट्री लेवल की ओर भी इशारा किया. Maruti Suzuki की बिक्री देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki से मिली जानकारी के अनुसार कंपनी ने फरवरी में घरेलू पैसेंजर व्हीकल्स की 1,61,000 यूनिट्स की होलसेल बिक्री की, जो एक साल पहले की 1,60,791 यूनिट से थोड़ी ज़्यादा है. जहां कॉम्पैक्ट कार सेगमेंट में बिक्री कम दर्ज हुई, वहीं यूटिलिटी गाड़ियों की बिक्री पिछले साल के 65,033 यूनिट से बढ़कर 72,756 यूनिट हो गई. इससे कंपनी का ओवरऑल परफॉर्मेंस बेहतर रहा. बिक्री के बारे में कंपनी ने कहा कि इस महीने कुल बिक्री 2.14 लाख यूनिट रही, जिसमें घरेलू होलसेल बिक्री 1.64 लाख यूनिट और रिटेल बिक्री साल-दर-साल 12 प्रतिशत बढ़ी है, जबकि डीलर इन्वेंट्री 12 दिन की रही. कंपनी ने बताया कि मिडिल ईस्ट से इसके एक्सपोर्ट का लगभग 12.5 प्रतिशत हिस्सा आता है, और शिपमेंट लगभग 100 देशों में अलग-अलग तरह के होते हैं. Tata Motors की बिक्री इसके अलावा, Tata Motors Passenger Vehicles की बिक्री पर नजर डालें तो कंपनी ने फरवरी 2026 में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 34 प्रतिशत की ज्यादा बिक्री दर्ज की है, जोकि 62,329 यूनिट्स की रही, जो इसके पोर्टफोलियो में निरंतर मांग को दर्शाता है. Mahindra & Mahindra की बिक्री स्वदेशी एसयूवी निर्माता कंपनी Mahindra & Mahindra की बिक्री की बात करें तो कंपनी ने बताया कि घरेलू यूटिलिटी व्हीकल्स की बिक्री में 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और कंपनी ने 60,018 यूनिट्स की बिक्री की, जो SUV सेगमेंट में लगातार बढ़ोतरी को दिखाता है. Hyundai, Toyota और Kia की बिक्री Hyundai Motor India ने घरेलू बिक्री में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज करते हुए 52,407 यूनिट्स की बिक्री की. वहीं, Toyota Kirloskar Motor की घरेलू बिक्री 16 प्रतिशत बढ़कर 30,737 यूनिट्स हो गई. इसके अलावा, Kia India की बात करें तो कंपनी ने फरवरी 2026 में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हासिल करते हुए, 27,610 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की है, जबकि बीते साल इस समयावधि में यह बिक्री 25,026 यूनिट्स की थी.

बेंगलुरु में बस से तेज रफ्तार कार टकराने से 5 लोगों की मौत

बेंगलुरु. बेंगलुरु के जिंदल फ्लाईओवर के पास देर रात भयानक सड़क दुर्घटना में 5 लोगों की मौत हो गई। तेज रफ्तार से आ रही कार अनियंत्रित होकर पहले रोड डिवाइडर से टकराई और फिर पलटते हुए सामने से आ रही कर्नाटक स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (KSRTC) बस से जोरदार भिड़ंत कर दी। यह दुर्घटना लगभग 11:30 बजे के करीब हुई, जब रात का ट्रैफिक थोड़ा कम था, लेकिन तेज रफ्तार के चलते हादसा हो गया। दुर्घटना स्थल पर मौजूद पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विपरीत दिशा में आ रही बस में कुल लगभग 40 से अधिक यात्री सवार थे, लेकिन कार की गंभीर टक्कर के कारण मौके पर पांच लोगों की मौत हुई और कई बस सवार यात्रियों को मामूली चोटें आईं। मृतकों की पहचान अभी तक पूरी तरह से नहीं हो पाई है, लेकिन शुरुआती घटनाओं के अनुसार उनमें से कुछ डोड्डाबल्लापुर के निवासी युवा थे। पुलिस ने बताया कि हादसे की प्राथमिक वजह तेज गति और नियंत्रण खो देना माना जा रहा है। घायलों का चल रहा इलाज कर्नाटक पुलिस ने घटनास्थल पर फैली तबाही को देखकर कहा कि यह दुर्घटना एक चेतावनी है कि सड़कों पर और वाहन चालकों के लिए गति नियंत्रण कितना महत्वपूर्ण है। बेंगलुरु पुलिस और आपातकालीन सेवाएं तेजी से मौके पर पहुंचीं और घायल यात्रियों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया। साथ ही मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की पहचान व परिवार को सूचना देने का कार्य जारी है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि कार चालक ने डिवाइडर से टकराने के बाद नियंत्रण खो दिया, जिससे वाहन पलट गया और बस से आमने-सामने की टक्कर हुई। बढ़ते सड़क हादसों का क्या कारण इस हादसे ने सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। विशेषज्ञों और यातायात पुलिस ने कहा है कि अगर गति नियमों का पालन, सीट बेल्ट जैसे सुरक्षा उपायों और सड़क स्थितियों का ध्यान रखा जाए तो ऐसे भयावह हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है। राज्य भर में तेजी से बढ़ते वाहनों और बढ़ती गति के कारण सड़क दुर्घटनाएं एक अहम समस्या बन रही हैं। इसलिए सार्वजनिक जागरूकता और कड़ाई से नियमों के पालन की आवश्यकता और भी बढ़ गई है।

करोड़ों की ठगी का खुलासा: इंदौर में लग्जरी कार रेंटल के नाम पर आरोपी गिरफ्तार, 39 कारें जब्त

 इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर में लग्जरी कारों के नाम पर की जा रही करोड़ों रुपए की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है. अन्नपूर्णा थाना पुलिस ने आरोपी संजय कालरा को गिरफ्तार कर अब तक 39 महंगी और लग्जरी कारें बरामद की हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 6 करोड़ रुपए बताई जा रही है. आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज किए गए हैं और जांच लगातार आगे बढ़ रही है. दरअसल, पिछले दिनों एक फरियादी की शिकायत पर आरोपी संजय कालरा के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में पुलिस ने मामला दर्ज किया था. जब आरोपी की गिरफ्तारी हुई तो उसके बाद कई लोग एक के बाद एक थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ आवेदन दिए. इसमें बताया गया कि संजय कालरा उनकी महंगी और लग्जरी कार किराए पर ले लेता था और हर महीने उन्हें मोटा मुनाफा देने का लालच भी देता था लेकिन कई महीनों तक आरोपी द्वारा कार का किराया तक नहीं दिया गया. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अलग-अलग स्थान से 24 लग्जरी कार बरामद कीं.  साथ ही पुलिस ने आरोपी को रिमांड में लिया जिसमें और भी खुलासे हुए. वहीं कालरा पर दो और धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है जिसके बाद पुलिस ने कुल 39 महंगी और लग्जरी कारें बरामद कर ली हैं. फिलहाल आरोपी की रिमांड अवधि और भी बढ़ाई जाएगी जिससे मामले का खुलासा हो सके. वहीं शिकायतकर्ताओं का थाने पहुंचना अब तक जारी है. आरोपी से जब्त की गई कारों की कीमत 6 करोड़ रुपए बताई जा रही है जो उसने किराए पर ली थीं और उन्हें कहीं और  गिरवी रख दिया था.