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निवेशकों में उत्साह, ₹102 प्राइस बैंड IPO का GMP चढ़ा, आज से खुलेगा ऑफर

नई दिल्ली  आप भी इनिशियल पब्लिक आफरिंग यानी आईपीओ में पैसे लगाने की सोच रहे हैं तो आपके लिए काम की खबर है। अगले सप्ताह कई कंपनी के आईपीओ निवेश के लिए ओपन हो रहे हैं। इनमें से एक रीगल रिसोर्सेस लिमिटेड का इश्यू भी है। कंपनी का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 12 अगस्त को खुलेगा। यह इश्यू गुरुवार, 14 अगस्त को बंद होगा। आईपीओ के लिए प्रति इक्विटी शेयर 96 रुपये से 102 रुपये के बीच कीमत तय की है। हर शेयर का फेस वैल्यू पांच रुपये है। क्या है डिटेल कंपनी के बयान के मुताबिक, निवेशक कम से कम 144 इक्विटी शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं और इसके बाद 144 शेयरों के मल्टीपल में बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ में फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल दोनों हैं। इसमें कंपनी के प्रवर्तकों और प्रवर्तक समूह के शेयरहोल्डर 94,12,000 इक्विटी शेयर बेचेंगे। नये शेयर जारी करने से प्राप्त 210 करोड़ रुपये में से 159 करोड़ रुपये तक का इस्तेमाल कंपनी के कुछ कर्ज को चुकाने या उसका आंशिक भुगतान करने के लिए होगा। क्या चल रहा GMP? Investorgain.com के मुताबिक, रीगल रिसोर्सेस आईपीओ ग्रे मार्केट में ₹22 के प्रीमियम पर उपलब्ध है। इसका मतलब है कि कंपनी के शेयरों की 124 रुपये पर लिस्टिंग हो सकती है। यानी पहले ही दिन निवेशकों को 22% तक का मुनाफा हो सकता है। बता दें कि पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में मुख्यालय वाली रीगल रिसोर्सेस देश में मक्का आधारित विशेष उत्पादों की सबसे बड़ी विनिर्माताओं में से एक है। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का परिचालन राजस्व 52.52 प्रतिशत बढ़कर 915.16 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष में 600.02 करोड़ रुपये था। आलोच्य वित्त वर्ष में शुद्ध लाभ दोगुना से अधिक होकर 47.67 करोड़ रुपये रहा जो एक साल पहले 2023-24 में 22.14 करोड़ रुपये था।  

शीर्ष दस कंपनियों में से आधे से ज्यादा का बाजार पूंजीकरण 1.36 लाख करोड़ रुपए कम हुआ

मुंबई भारत की शीर्ष दस सबसे मूल्यवान कंपनियों में से छह के बाजार पूंजीकरण में इस हफ्ते 1.361 लाख करोड़ रुपए की गिरावट आई है, जिसमें सबसे अधिक नुकसान रिलायंस इंडस्ट्रीज को हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने की अनुचित घोषणा के बाद शेयर बाजार लगातार छठे हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुआ। निफ्टी और सेंसेक्स लगभग एक प्रतिशत गिरकर क्रमशः 24,363 और 79,857 पर बंद हुए। निफ्टी पैक की शीर्ष दस कंपनियों में से, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, इंफोसिस और हिंदुस्तान यूनिलीवर के बाजार पूंजीकरण में गिरावट आई। रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार मूल्यांकन 34,710 करोड़ रुपए घटकर 18,51,174 करोड़ रुपए रह गया है। एचडीएफसी बैंक का बाजार पूंजीकरण 29,722 करोड़ रुपए घटकर 15,14,303 करोड़ रुपए हो गया है। आईसीआईसीआई बैंक का बाजार पूंजीकरण 24,719 करोड़ रुपए घटकर 10,25,495 करोड़ रुपए और इंफोसिस का बाजार पूंजीकरण 19,504 करोड़ रुपए घटकर 5,91,423 करोड़ रुपए रह गया। भारती एयरटेल का मूल्यांकन 15,053 करोड़ रुपए घटकर 10,59,850 करोड़ रुपए और हिंदुस्तान यूनिलीवर का मूल्यांकन 12,441.09 करोड़ रुपए घटकर 5,87,021.88 करोड़ रुपए हो चुका है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), भारतीय स्टेट बैंक, भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) और बजाज फाइनेंस के बाजार पूंजीकरण में बढ़ोतरी हुई। एलआईसी का बाजार पूंजीकरण 17,678 करोड़ रुपए बढ़कर 5,77,188 करोड़ रुपए पहुंच गया है। टीसीएस का मूल्यांकन 11,361 करोड़ रुपए बढ़कर 10,97,909 करोड़ रुपए हो गया। भारतीय स्टेट बैंक का बाजार मूल्यांकन 9,784 करोड़ रुपए बढ़ा है, जिससे उसका मूल्यांकन 7,42,649 करोड़ रुपए हो गया, और बजाज फाइनेंस का मूल्यांकन 186 करोड़ रुपए बढ़कर 5,45,148 करोड़ रुपए पहुंच गया है। भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला हफ्ता काफी अहम होने वाला है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर अपडेट, तिमाही नतीजे, एफआईआई, महंगाई और आर्थिक आंकड़ों से बाजार की चाल तय होगी। इसके अलावा, 11 से 14 अगस्त तक के कारोबारी सत्र में बजाज कंज्यूमर केयर, बाटा इंडिया, बीईएमएल, सेलो, डॉलर, एबॉट इंडिया, बजाज हिंदुस्तान शुगर, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स, मिंडा कॉरपोरेशन, एमआरएफ, एनएसडीएल,एनएमडीसी, ओएनजीसी और डीबी रियल्टी जैसी कंपनियों की ओर से वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही के नतीजे पेश किए जाएंगे।

क्रेटा को टक्कर देने आई मारुति की स्पेशल एडिशन एसयूवी, फीचर्स जानकर चौंक जाएंगे

नई दिल्ली  मारुति सुजुकी ने अपने नेक्सा रिटेल चैनल के 10 साल पूरे होने के अवसर पर Maruti Suzuki Grand Vitara Phantom Blaq Edition को लॉन्च किया है। नेक्सा की प्रमुख SUV होने के नाते, इस लिमिटेड एडिशन को प्रीमियम स्टाइलिंग और स्पेशल डिजाइन के साथ पेश किया गया है। कंपनी के अनुसार, यह वेरिएंट खासतौर पर उन ग्राहकों के लिए बनाया गया है जो हर ड्राइव में स्टाइल और शानदार लुक्स चाहते हैं। मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के मार्केटिंग और सेल्स के सीनियर एग्जीक्यूटिव अधिकारी पार्थो बनर्जी ने बताया कि ग्रैंड विटारा को ग्राहकों ने बेहद पसंद किया है, जिससे इसने मात्र 32 महीनों में 3 लाख यूनिट्स की बिक्री का माइलस्टोन हासिल किया है। यह लिमिटेड एडिशन भी इसी सफलता को और बढ़ावा देगा। डिजाइन यह मॉडल Alpha Plus स्ट्रॉंग हाइब्रिड वेरिएंट पर आधारित है, जिसमें मिड-साइज़ SUV का मूल डिजाइन बरकरार रखा गया है। इसके साथ ही इसमें कई कॉस्मेटिक बदलाव किए गए हैं। इसमें नया मैट ब्लैक एक्सटीरियर पेंट, स्टैंडर्ड ग्रैंड विटारा जैसा ऑल-ब्लैक इंटीरियर, फॉक्स लेदर की सीटें और शैंपेन गोल्ड एक्सेंट शामिल हैं, जो इसे एक खास लुक देते हैं। फीचर्स Grand Vitara Phantom Blaq Edition में वही फीचर्स मिलते हैं जो Alpha Plus स्ट्रॉंग हाइब्रिड वेरिएंट में उपलब्ध हैं। इसमें वेंटिलेटेड फॉक्स लेदर फ्रंट सीटें, पैनोरमिक सनरूफ, 9 इंच का स्मार्टप्ले प्रो+ इंफोटेनमेंट सिस्टम, वायरलेस एंड्रॉइड ऑटो और एप्पल कारप्ले कनेक्टिविटी शामिल हैं। इसके अलावा क्लेरियन साउंड सिस्टम भी दिया गया है। सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए, इस वेरिएंट में 360 डिग्री व्यू कैमरा, हेड-अप डिस्प्ले (HUD), सुजुकी कनेक्ट के जरिए रिमोट एक्सेस, 6 एयरबैग, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम (ESP), एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS), इलेक्ट्रॉनिक ब्रेक फोर्स डिस्ट्रीब्यूशन (EBD), हिल होल्ड कंट्रोल, रिवर्स पार्किंग सेंसर और 3-पॉइंट सीट बेल्ट रिमाइंडर जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इंजन और प्रदर्शन ग्रैंड विटारा फैंटम ब्लैक में 1.5 लीटर का सेल्फ-चार्जिंग हाइब्रिड पावरट्रेन लगा है, जिसे ‘इंटेलिजेंट हाइब्रिड सिस्टम’ कहा जाता है। इसे ई-सीवीटी गियरबॉक्स से जोड़ा गया है। इस पावरट्रेन का कुल आउटपुट 114 बीएचपी है, जिसमें इंजन 91 बीएचपी और 122 एनएम टॉर्क प्रदान करता है, जबकि मोटर 79 बीएचपी पावर और 141 एनएम टॉर्क जनरेट करती है। मारुति सुजुकी का दावा है कि इस स्ट्रॉंग हाइब्रिड वर्जन का माइलेज 27.97 किमी/लीटर तक है।

क्रेटा को टक्कर देने आई मारुति की स्पेशल एडिशन एसयूवी, फीचर्स जानकर चौंक जाएंगे

नई दिल्ली  मारुति सुजुकी ने अपने नेक्सा रिटेल चैनल के 10 साल पूरे होने के अवसर पर Maruti Suzuki Grand Vitara Phantom Blaq Edition को लॉन्च किया है। नेक्सा की प्रमुख SUV होने के नाते, इस लिमिटेड एडिशन को प्रीमियम स्टाइलिंग और स्पेशल डिजाइन के साथ पेश किया गया है। कंपनी के अनुसार, यह वेरिएंट खासतौर पर उन ग्राहकों के लिए बनाया गया है जो हर ड्राइव में स्टाइल और शानदार लुक्स चाहते हैं। मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के मार्केटिंग और सेल्स के सीनियर एग्जीक्यूटिव अधिकारी पार्थो बनर्जी ने बताया कि ग्रैंड विटारा को ग्राहकों ने बेहद पसंद किया है, जिससे इसने मात्र 32 महीनों में 3 लाख यूनिट्स की बिक्री का माइलस्टोन हासिल किया है। यह लिमिटेड एडिशन भी इसी सफलता को और बढ़ावा देगा। डिजाइन यह मॉडल Alpha Plus स्ट्रॉंग हाइब्रिड वेरिएंट पर आधारित है, जिसमें मिड-साइज़ SUV का मूल डिजाइन बरकरार रखा गया है। इसके साथ ही इसमें कई कॉस्मेटिक बदलाव किए गए हैं। इसमें नया मैट ब्लैक एक्सटीरियर पेंट, स्टैंडर्ड ग्रैंड विटारा जैसा ऑल-ब्लैक इंटीरियर, फॉक्स लेदर की सीटें और शैंपेन गोल्ड एक्सेंट शामिल हैं, जो इसे एक खास लुक देते हैं। फीचर्स Grand Vitara Phantom Blaq Edition में वही फीचर्स मिलते हैं जो Alpha Plus स्ट्रॉंग हाइब्रिड वेरिएंट में उपलब्ध हैं। इसमें वेंटिलेटेड फॉक्स लेदर फ्रंट सीटें, पैनोरमिक सनरूफ, 9 इंच का स्मार्टप्ले प्रो+ इंफोटेनमेंट सिस्टम, वायरलेस एंड्रॉइड ऑटो और एप्पल कारप्ले कनेक्टिविटी शामिल हैं। इसके अलावा क्लेरियन साउंड सिस्टम भी दिया गया है। सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए, इस वेरिएंट में 360 डिग्री व्यू कैमरा, हेड-अप डिस्प्ले (HUD), सुजुकी कनेक्ट के जरिए रिमोट एक्सेस, 6 एयरबैग, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम (ESP), एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS), इलेक्ट्रॉनिक ब्रेक फोर्स डिस्ट्रीब्यूशन (EBD), हिल होल्ड कंट्रोल, रिवर्स पार्किंग सेंसर और 3-पॉइंट सीट बेल्ट रिमाइंडर जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इंजन और प्रदर्शन ग्रैंड विटारा फैंटम ब्लैक में 1.5 लीटर का सेल्फ-चार्जिंग हाइब्रिड पावरट्रेन लगा है, जिसे ‘इंटेलिजेंट हाइब्रिड सिस्टम’ कहा जाता है। इसे ई-सीवीटी गियरबॉक्स से जोड़ा गया है। इस पावरट्रेन का कुल आउटपुट 114 बीएचपी है, जिसमें इंजन 91 बीएचपी और 122 एनएम टॉर्क प्रदान करता है, जबकि मोटर 79 बीएचपी पावर और 141 एनएम टॉर्क जनरेट करती है। मारुति सुजुकी का दावा है कि इस स्ट्रॉंग हाइब्रिड वर्जन का माइलेज 27.97 किमी/लीटर तक है।

ICICI बैंक ग्राहकों के लिए जरूरी खबर, सेविंग अकाउंट में रखना होगा ₹50,000 बैलेंस

मुंबई  अगर आपका भी अकाउंट ICICI बैंक में है तो आपके लिए एक बड़ी खबर है. बैंक ने अपने सेविंग अकाउंट्स के लिए मिनिमम एवरेज अमाउंट में भारी बढ़ोतरी की है. सेविंग अकाउंट में रखने वाले न्‍यूनतम राशि को 5 गुना तक बढ़ा दिया है. मिनिमम बैलेंस में बढ़ोतरी मेट्रो से लेकर गांव तक के कस्‍टमर्स के लिए किया गया है. प्राइवेट सेक्टर लेंडर ICICI बैंक के बचत खाते में अब मिनिमम बैलेंस ₹50000 बनाए रखना होगा. यह नियम 1 अगस्त 2025 से प्रभावी माना जाएगा. पहले यह अमाउंट 10 हजार रुपये था. अगर आप अपने सेविंग अकाउंंट में मिन‍िमम बैलेंस नहीं बनाए रखते हैं तो आपको जुर्माना देना पड़ सकता है.  कहां कितना जरूरी होगा मिनिमम बैलेंस रखना?  मेट्रो और शहरी इलाके में अब कम से कम ₹50 हजार, अर्द्ध-शहरी इलाकों में ₹25 हजार और ग्रामीण क्षेत्र वाले सेविंग अकाउंट में कम से कम ₹10 हजार मेंटेन करना होगा. पहले मेट्रो और शहरी इलाकों वाले सेविंग अकाउंट में कम से कम औसतन 10 हजार रुपये बनाए रखने की आवश्‍यकता थी. इस फैसले के साथ अब घरेलू बैंकों में सबसे अधिक मिनिमम अकाउंट बैलेंस (MAB) ICICI Bank का है.  बाकी बैंकों के बचत खाते में मिनिमम बैलेंस कितना?  अब इस फैसले के बाद ICICI बैंक के बचत खाते में सबसे ज्‍यादा न्यूनतम बैलेंस की सीमा 50 हजार रुपये हो चुकी है. वहीं पब्लिक सेक्‍टर के बैंक SBI ने साल 2020 में ही मिनिमम बैलेंस की लिमिट को हटा दिया था यानी ये नियम ही खत्‍म कर दिया था. दूसरी ओर, बाकी बैंकों ने ऑपरेशन कॉस्‍ट को मैनेज करने के लिए सेविंग अकाउंट में कम से कम 2000 रुपये से 10 हजार रुपये तक के मिन‍िमम बैलेंस की लिमिट रखी है.  HDFC बैंक में कितना है ये लिमिट  बात देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्‍टर बैंक की करें तो मेट्रो और शहरी इलाकों वाले ब्रांचेज के सेविंग अकाउंट में कम से कम 10 हजार रुपये, अर्द्ध शहरी क्षेत्र के बैंकों में 5000 रुपये और गांवों के ब्रांचेज के लिए 2500 रुपये रखने की अनिवार्यता है.  मिन‍िमम बैलेंस नहीं रखने पर क्‍या होगा? बैंक अपने डेली खर्च और निवेशों को पूरा करने के लिए न्यूनतम शेष राशि की आवश्यकता लागू करते हैं और अगर कोई कस्‍टमर न्‍यूनतम शेष राशि (Minimum Amount) बनाए नहीं रखता है तो उसपर जुर्माना लगाया जाता है. बैंक ने अपने ग्राहकों से कहा है कि वे अपने अकाउंट की जांच करें और अनुपालन सुनिश्चित करें.  ब्‍याज भी घटा चुका है बैंक अप्रैल में ICICI बैंक ने अपने बचत खातों पर ब्याज दर में 0.25% की कटौती की थी. यह फैसला एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक द्वारा भी ब्याज दरों में कटौती के तुरंत बाद आया था. ICICI बैंक के सेविंग अकाउंट पर 2.75% ब्याज मिलेगा. 50 लाख रुपये से अधिक के बैलेंस पर भी ब्याज दर में 0.25% की कटौती की गई है, जिससे यह घटकर 3.25% हो गई है. ये बदलाव 16 अप्रैल से प्रभावी है. 

टेक्नोलॉजी की दौड़ में भारत अव्वल होगा: ChatGPT-5 लॉन्च पर OpenAI प्रमुख का ऐलान

नई दिल्ली ChatGPT का लेटेस्ट वर्जल GPT-5, OpenAI ने लॉन्च कर दिया है। यह पेड और फ्री दोनों तरह का वर्जन इस्तेमाल करने वालो के लिए उपलब्ध होगा। कंपनी ने इसे डेवलपर्स के लिए भी API के जरिए उपलब्ध कराया है। OpenAI के अनुसार GPT-5 में रीजनिंग, स्पीड, सटीकता और मैथ्स कैपेबिलिटी में कई बड़े सुधार किए गए हैं। ChatGPT 5 के लॉन्च इवेंट की खास बात यह रही कि इसमें सैम ऑल्टमैन ने भारत को ChatGPT का उभरता हुआ बड़ा बाजार बताया है। चलिए इसके बारे में डिटेल में जानते हैं। नए ChatGPT 5 में क्या है खास? OpenAI का दावा है कि GPT-5 अब तक का सबसे एडवांस AI मॉडल है। यह अब कोडिंग और एजेंटिक जैसे टास्क में पहले से काफी तेज हो गया है। GPT 5 मॉडल तीन वेरिएंट में लॉन्च किया गया है। GPT-5, GPT-5-mini और GPT-5-nano के नाम से लॉन्च हुए तीन वेरिएंट्स से डेवलपर्स को परफॉर्मेंस और लागत के बीच बैलेंस बनाने में आसानी होगी।API में GPT-5 को “reasoning model” के रूप में पेश किया गया है, जबकि एक हल्का वर्जन GPT-5-chat-latest के नाम से भी मौजूद है। GPT-4 से बड़ा अपग्रेड और फ्री में भी उपलब्ध ऑल्टमैन की मानें तो GPT5 अपने पिछले वर्जन GPT 4 की तुलना में एक बड़ा अपग्रेड है। इससे अब एक्सपर्ट लेवल के सवालों को लेकर बेहतर जवाबों की उम्मीद की जा सकती है। ऑल्टमैन की मानें, तो उनका नया GPT 5 मॉडल एक एक PhD लेवल एक्सपर्ट जैसा महसूस होता है। यही वजह है कि इसे फ्री यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया गया है। यानी कि जो लोग ChatGPT का पेड वर्जन इस्तेमाल नहीं करते हैं, वह भी इसका इस्तेमाल करके देख पाएंगे। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस रणनीति से OpenAI को खासा फायदा होगा। Pro और Enterprise यूजर्स को सबसे ज्यादा फायदे ChatGPT के Enterprise और Edu मॉडल अगले हफ्ते से ग्राहकों के लिए उपलब्ध होंगे। इसके अलावा GPT-5 का एक खास वर्जन GPT-5 Pro, जिसमें और ज्यादा एडवांस रीजनिंग है, वह भी जल्द ही इन यूजर्स के लिए लॉन्च किया जाएगा। बता दें कि ChatGPT Plus सब्सक्राइबर्स को महीने के लगभग 1,660 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। इसके Pro-tier यूजर्स को ChatGPT 5 का अनलिमिटेड एक्सेस और GPT-5 Pro मॉडल मिलेगा, जो और भी भरोसेमंद और डीटेल्ड जवाब देने में सक्षम है। इसके लिए यूजर को लगभग 16,600 प्रति महीना खर्च करना पड़ेगा। और क्या हुआ खास? सैम ऑल्टमैन ने यह भी बताया कि ChatGPT 5 को इस तरह बनाया गया है कि यह यूजर के सवालों को बेहतर तरीके से समझ पाए। इसके अलावा अब नया वर्जन इंसानों की तरह ज्यादा बेहतर तरीके से जवाब भी दे पाएगा। इस मॉडल की मल्टीटास्किंग की क्षमताओं को काफी बेहतर किया गया है। इस वजह से यह मुश्किल से मुश्किल कई समस्याओं को एक साथ हल कर पाएगा। इसके अलावा अब ChatGPT 5 कई नई भाषाओं को भी सपोर्ट करेगा। भारत जैसे देश में ज्यादा भाषाओं को सपोर्ट करने वाले फीचर को खास माना जा रहा है। सैम ऑल्टमैन ने यह भी कंफर्म किया कि वह सितंबर में भारत का दौरा करेंगे, जहां वे लोकल पार्टनर्स के साथ मिलकर AI की पहुंच और कीमतों पर चर्चा करेंगे। कंपनी का फोकस भारत में AI को ज्यादा सुलभ और किफायती बनाना है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका फायदा उठा सकें। इससे यह साफ है कि OpenAI भारत को अपने ग्लोबल एक्सपेंशन प्लान का अहम हिस्सा मान रहा है।

आधी रात माल रोकने के आदेश, ऐमजॉन-वॉलमार्ट ने रोकी सप्लाई

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत पर लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ का असर दिखने लगा है। एक झटके में ही अमेरिका की कई दिग्गज कंपनियों ने भारत से सामानों का आयात फिलहाल रोक लिया है। इसका पहला असर कपड़ा उद्योग पर दिखा है। दुनिया भर में किफायती दामों पर कपड़ों की सेल के लिए मशहूर भारतीय कंपनी पर्ल ग्लोबल का कहना है कि ऐमजॉन, वॉलमार्ट जैसी कंपनियों ने उसके साथ डील को रोक दिया है। पर्ल ग्लोबल की ओर से Gap और Kohl’s जैसे नामी ब्रांड्स के लिए कपड़े तैयार किए जाते हैं। कंपनी का कहना है कि उनके पास आधी रात को (अमेरिकी समयानुसार सुबह) ही कॉल आए कि माल सप्लाई फिलहाल रोक दी जाए। कुछ कंपनियों ने ईमेल करके अपने फैसले की जानकारी दी है। अमेरिकी खरीददारों का साफ कहना है कि बढ़े हुए टैरिफ को माल की कीमत में एडजस्ट किया जाए वरना वे सप्लाई नहीं लेंगे। इसकी वजह यह है कि बढ़े हुए टैरिफ को जोड़ने के बाद भारत से खरीदे सामान की कीमत अमेरिका में कहीं अधिक हो जाएगी। ऐसे में उनकी बिक्री की संभावना कम होगी। इसलिए कंपनियां फिलहाल भारतीय सामान के आयात से बच रही हैं। पर्ल ग्लोबल के मैनेजिंग डायरेक्टर पल्लब बनर्जी का कहना है कि हमारे पास कस्टमर कॉल कर रहे हैं। उनका कहना है कि हम भारत की बजाय दूसरे देशों में अपना बेस शिफ्ट करें। अमेरिकी खरीददार बोले- टैरिफ का बोझ आप उठाएं, वरना बिजनेस नहीं रॉयटर्स से बाचतीत में बनर्जी ने कहा कि हमने अमेरिकी साझीदारों से कहा है कि हमें कुछ वक्त दिया जाए। हम बांग्लादेश, इंडोनेशिया, वियतनाम और ग्वातेमाला आदि में अपनी फैक्ट्रियां शिफ्ट करने पर विचार करेंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि इन देशों पर अमेरिका की ओर से लगाया गया टैरिफ काफी कम है। दरअसल अप्रैल से अब तक बाजी पूरी तरह से पलट चुकी है। तब डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने बांग्लादेश, वियतनाम और चीन के मुकाबले भारत पर कम टैरिफ लगाया था। तब भारतीय इंडस्ट्री को फायदे की उम्मीद थी और कहा जा रहा था कि भारतीय माल कम दाम पर बिकेगा तो अमेरिका में डिमांड बढ़ेगी। अप्रैल में आई थी बहार, पर अब पलट गई तस्वीर लेकिन अब तस्वीर पलट गई है। भारत पर अमेरिका ने 50 फीसदी तक टैरिफ लगा दिया है, जबकि बांग्लादेश और वियतनाम पर 20 पर्सेंट ही है। चीन पर 30 पर्सेंट ही टैक्स लग रहा है। पर्ल इंडिया का आधा कारोबार अमेरिका से ही आता है। बनर्जी का कहना है कि कुछ ग्राहक कह रहे हैं कि वे भारत से सामान लेते रहेंगे, लेकिन बढ़ा हुआ टैरिफ कंपनी को ही एडजस्ट करना होगा। लेकिन ऐसा कर पाना संभव ही नहीं है। दरअसल भारत पर लगाए गए 50 पर्सेंट टैरिफ में से 25 फीसदी गुरुवार से लागू हो गया है। अब 28 अगस्त से अगला 25 फीसदी टैरिफ लागू हो सकता है। अमेरिका का कहना है कि भारत से रूसी तेल की खरीद के बदले में यह फैसला लिया गया है।

53 हजार करोड़ की डील! बिहार में अडानी बनाएंगे विशाल थर्मल पावर प्लांट

पटना   गौतम अडानी की कंपनी अडानी पावर लिमिटेड ने गुरुवार को एक बड़ी घोषणा की। कंपनी को बिहार में बिजली सप्लाई करने का एक बड़ा मौका मिला है। बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड (BSPGCL) ने अडानी पावर को एक लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) दिया है। इस LoI के अनुसार, अडानी पावर बिहार को 2274 मेगावाट बिजली देगी। यह बिजली भागलपुर जिले में बनने वाले एक नए थर्मल पावर प्रोजेक्ट से आएगी। यह प्रोजेक्ट 2400 मेगावाट का होगा। कंपनी ने बताया कि यह प्लांट पीरपैंती गांव में बनेगा। इस प्लांट को बनाने में लगभग 3 अरब डॉलर (53 हजार करोड़ रुपये) का निवेश होगा। अडानी पावर ने एक बयान में कहा कि बिजली उत्तरी बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) और दक्षिणी बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) को दी जाएगी। यानी, उत्तरी और दक्षिणी बिहार में इसी प्लांट से बिजली जाएगी। कंपनी को उम्मीद है कि जल्द ही उन्हें औपचारिक लेटर ऑफ अवार्ड (LoA) मिल जाएगा। इसके बाद राज्य सरकार के साथ पावर सप्लाई एग्रीमेंट (PSA) साइन किया जाएगा। लगाई सबसे कम बोली कंपनी ने बताया कि LoI एक बोली प्रक्रिया के बाद जारी किया गया। इस बोली में अडानी पावर सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में उभरी। अडानी पावर ने 6.075 रुपये प्रति किलोवाट आवर (KWh) की दर से बिजली सप्लाई करने की बात कही है।बिजली एक नए 3×800 मेगावाट के अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल प्लांट से आएगी। यह प्लांट डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन और ऑपरेट (DBFOO) मॉडल के तहत बनेगा। DBFOO मॉडल का मतलब है कि अडानी पावर ही इस प्लांट को डिजाइन करेगी, बनाएगी, इसमें पैसा लगाएगी, इसकी मालिक होगी और इसे चलाएगी भी। कंपनी ने कहा- उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा अडानी पावर के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) एस. बी. ख्यालिया ने कहा, 'हमें बिहार में 2,400 मेगावाट का थर्मल पावर प्रोजेक्ट बनाने और चलाने का मौका मिला है, इससे हम बहुत खुश हैं। हम लगभग 3 अरब डॉलर के निवेश से एक नया प्लांट बनाएंगे। इससे बिहार में उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। हमारा प्लांट आधुनिक होगा और कम प्रदूषण करेगा। हम बिहार को भरोसेमंद, सस्ती और अच्छी क्वालिटी की बिजली देंगे।' कम प्रदूषण, ज्यादा नौकरी ख्यालिया ने कहा कि यह प्लांट अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित होगा। यह तकनीक कोयले को जलाने की एक आधुनिक तकनीक है, जिससे कम प्रदूषण होता है और बिजली ज्यादा बनती है। अडानी पावर के अनुसार, इस प्रोजेक्ट से निर्माण के दौरान लगभग 10,000 से 12,000 नौकरियां मिलेंगी। जब प्लांट चालू हो जाएगा तो लगभग 3000 लोगों को रोजगार मिलेगा। कब से होगा शुरू? कंपनी ने बताया कि प्रोजेक्ट की पहली यूनिट तय तारीख से 48 महीनों के अंदर चालू हो जाएगी। वहीं, आखिरी यूनिट 60 महीनों के अंदर चालू हो जाएगी। यानी करीब 4 से 5 साल में पूरा प्लांट काम करने लगेगा। इस पावर प्लांट के लिए कोयला भारत सरकार की SHAKTI (Scheme for Harnessing and Allocating Koyala Transparently in India) पॉलिसी के तहत मिलेगा।  

शेयर बाजार ने दिखाई मजबूती, ट्रंप की धमकियां और टैरिफ भी नहीं डिगा सके भरोसा

मुंबई डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने भारत पर लगाए गए 25 फीसदी के टैरिफ को बुधवार को बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया. इसका कोई बड़ा असर गुरुवार को शेयर बाजार में देखने को नहीं मिला. हालांकि, सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स गिरावट के साथ लाल निशान पर जरूर ओपन हुए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स जहां खुलते ही 250 अंक से ज्यादा टूटा और फिर अचानक रिकवरी मोड में नजर आने लगा, तो निफ्टी ने भी मामूली गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की. हालांकि, ट्रंप के टैरिफ का डर सिर्फ बाजार ही नहीं, बल्कि भारतीय करेंसी रुपया पर भी नहीं दिखा और ये डॉलर के मुकाबले तेजी के साथ ओपन हुआ. Rupee, अमेरिकी डॉलर की तुलना में 3 पैसे की बढ़त के साथ 87.69 पर ओपन हुआ. ट्रंप टैरिफ के डर से बेअसर बाजार ट्रंप के भारत पर टैरिफ बढ़ाने के बाद शेयर बाजार की शुरुआत सुस्ती के साथ हुई. सेंसेक्स अपने पिछले बंद 80,543.99 की तुलना में 80,262 पर ओपन हुआ, लेकिन फिर तेज रिकवरी मोड में नजर आया और कुछ ही मिनटों में ट्रंप के टैरिफ डर को दरकिनार करते हुए 80,421 पर ट्रेड करने लगा. निफ्टी की भी चाल सेंसेक्स की तरह ही रही और ये भी 24574 के अपने पिछले बंद की तुलना में बेहद मामूली गिरावट के साथ 24,464 पर खुला और फिर अचानक 24,542 पर पहुंच गया. इसकी चाल देखकर ऐसा नहीं लगता कि Trump Tarifff का बाजार में कोई डर है.   1433 शेयर गिरावट में खुले शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने पर 751 कंपनियों के शेयरों ने गिरावट के साथ लाल निशान पर कारोबार की शुरुआत की थी, तो वहीं 1433 कंपनियों के स्टॉक्स ने गिरावट के साथ लाल निशान पर कारोबार शुरू किया. इसके अलावा 150 शेयरों की स्थिति में किसी भी तरह का कोई बदलाव देखने को नहीं मिला. शुरुआती कारोबार में जिन शेयरों में तेज गिरावट आई, उनमें Kotak Mahindra Bank, Tata Steel, SBI, Coal India और Jio Financial शामिल रहे. इसके अलावा जो शेयर ट्रंप के टैरिफ के बावजूद उछाल मारते नजर आए, उनमें Hero MotoCorp, Cipla, Bajaj Finserv, Maruti Suzuki, JSW Steel शामिल थे.  एक्सपर्ट भी सीमित असर का जता रहे थे अनुमान शेयर बाजार में एक्सपर्ट्स के अनुमानों के मुताबिक ही 50% टैरिफ का मामूली असर देखने को मिल रहा है. बता दें कि ऐसा अनुमान लगाया जा रहा था कि बाजार अब ट्रंप टैरिफ में उतार-चढ़ाव के असर को पूरी तरह से समझ चुका है और बाजार में यह गिरावट सीमित रहेगी, इसके पीछे की एक बड़ी वजह ये भी है कि भारतीय बाजारों में इससे भी खराब स्थिति का सामना भी किया है और इंडेक्स पहले से ही ओवरसोल्ड स्थिति में हैं. इन 10 शेयरों में तूफानी तेजी बाजार में शेयरों की चाल पर नजर डालें, तो टैरिफ के डर से बेअसर लार्जकैप कंपनियों में शामिल ITC, Titan, Trent जैसे शेयर ग्रीन जोन में ट्रेड कर रहे थे. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में शामिल Lupin Share (4.50%), Tornt Power Share (2%) और Coforge Share (1.95%) की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे. स्मॉलकैप कंपनियों में Rain Share (10.25%), ITI Ltd Share (6.65%), Kirlosker Brothers Share (5.75%), Data Matics Share (5.52%) की उछाल के साथ ट्रेड कर रहे थे. 

भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमत में भारी उछाल, 22 कैरेट गोल्ड का रेट भी 1 लाख के पार

मुंबई  भारतीय सर्राफा बाजार में आज (बुधवार), 6 अगस्त को सोना-चांदी की कीमतों में उछाल देखने को मिला है. 24 कैरेट का 10 ग्राम शुद्ध सोना 98 हजार रुपये के पार है तो वहीं, 999 शुद्धता वाली चांदी की कीमत 1 लाख 13 हजार रुपये किलो से अधिक है. आज क्या है सोने का रेट? इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) की आधिकारिक वेबसाइट ibjarates.com के अनुसार, सर्राफा बाजार में 6 अगस्त 2025 की सुबह 999 शुद्धता वाले 24 कैरेट सोने का रेट 100672 रुपये प्रति 10 ग्राम जबकि 999 शुद्धता वाली चांदी की कीमत 113576 रुपये प्रति किलो है.