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विवादित वीडियो से मचा बवाल, कांवड़ यात्रा को लेकर शिक्षक पर दर्ज हुई प्राथमिकी

बरेली बरेली जिले की बहेड़ी थाना पुलिस ने कथित तौर पर कांवड़ यात्रा को लेकर एक विवादित गीत का वीडियो सामने आने पर एक इंटर कॉलेज के शिक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, एमजीएम इंटर कॉलेज के शिक्षक रजनीश गंगवार द्वारा कांवड़ यात्रा को लेकर विवादित गीत गाने पर मामला पंजीकृत कर लिया गया है। सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए वीडियो में शिक्षक गंगवार को कॉलेज में बच्चों के सामने गीत गाकर कांवड़ न लाने और ज्ञान का दीप जलाने की बात कहते सुना जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद हिंदू संगठनों ने इस पर नाराजगी जतायी है। महाकाल सेवा समिति के पदाधिकारियों, एक सभासद और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने पुलिस से मिलकर शिक्षक के ख़िलाफ़ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की, जिस पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली। थाना बहेड़ी के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) संजय तोमर ने बताया कि शिक्षक रजनीश गंगवार के खिलाफ सोमवार की रात भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353 (2) (धार्मिक भावनाओं को आहत करना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। बहेड़ी के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) अरुण कुमार सिंह ने सोमवार को आधी रात जारी एक बयान में कहा कि थाना बहेडी क्षेत्र के तहत आने वाले एमजीएम इंटर कॉलेज के अध्यापक का एक वीडियो सार्वजनिक होने के संबंध में पुलिस ने प्राप्त तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर कार्रवाई शुरू कर दी है। उधर, बरेली के जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अजीत कुमार सिंह ने बताया कि वीडियो के बारे में जांच कराई गई और इसमें शिक्षक से भी स्पष्टीकरण लिया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक की मंशा खराब नहीं है, वीडियो पहले का है और किसी ने तूल देने के लिए जानबूझकर सावन के दिनों में इसे प्रसारित किया है। पुलिस से इस मामले में शिकायत करने वालों में भाजपा नेता राहुल गुप्ता, महाकाल सेवा समिति के अध्यक्ष शक्ति गुप्ता, नगर पालिका सभासद दिनकर गुप्ता, महंत धर्मेंद्र रस्तोगी और कई अन्य लोग शामिल हैं।  

निर्दय हत्या से दहला गांव: घर में घुसकर पुरोहित को मारा, पुलिस जांच में जुटी

देवरिया यूपी के देवरिया में एक पुरोहित की घर में घुसकर निर्मम हत्या कर दी गई है। कमरे में पुरोहित की खून से लथपथ लाश मंगलवार की सुबह मिली। उनके शरीर पर जगह-जगह चाकू के जख्म हैं। माना जा रहा है कि कातिल ने बड़ी बेरहमी से चाकुओं से गोदकर पुरोहित को मार डाला। पुरोहित घर पर अकेले ही रहते थे। उनका इकलौता बेटा इन दिनों पश्चिम बंगाल में रहता है। यह वारदात देवरिया के बरहज थाना क्षेत्र के धौला पंडित गांव में हुई है। सोमवार की रात घर में घुसकर पुरोहित की चाकुओं से गोद कर हत्या कर दी गई। आसपास के लोगों को घटना की जानकारी मंगलवार की सुबह हुई। सूचना मिलते ही एएसपी समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस मामले की जांच-पड़ताल में जुटी है। एसओजी समेत तीन टीमें घटना के पर्दाफाश की कोशिशों में जुटी हैं। धौला पंडित गांव के रहने वाले रामाशीष पांडेय पुत्र स्व.रामनिवास पांडेय पुरोहित थे। घर पर अकेले ही रहते थे, जबकि उनका इकलौता बेटा इन दिनों पश्चिम बंगाल में है। मंगलवार की सुबह वह पड़ोसियों को बाहर नहीं दिखे तो उन्हें कुछ संदेह हुआ। इसके बाद जब वह अंदर जाकर देखे तो अवाक रह गए। कमरे में खून से लथपथ रामाशीष पांडेय का शव पड़ा था। दूर तक खून के छींटे पड़े थे। शरीर पर जगह-जगह चाकू से घाव था। यह देख लोगों ने शोर किया और पुलिस को सूचना दी। सूचना के बाद पुलिस तुरंत ऐक्टिव हो गई। सीओ अंशुमन श्रीवास्तव, एएसपी सुनील कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे और जांच की। डाग स्क्वायड टीम भी आई हत्या जैसे जघन्य अपराध की सूचना मिलते ही एएसपी, सीओ समेत अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। एसओजी, फोरेंसिक और डाग स्क्वायड टीम ने भी मौके पर पहुंच जांच की। पुलिस इलेक्ट्रानिक सर्विलांस का सहारा ले रही है। कमरे में बिखरा पड़ा है सामान जिस कमरे में पुरोहित की हत्या की गई है, उस कमरे में सामान बिखरा पड़ा है। ऐसा लग रहा है कि पहले लूटपाट हुई है और फिर विरोध करने पर उनकी हत्या कर दी गई है। यह भी हो सकता है नीयत हत्या की ही रही हो और पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए सामान बिखेर दिया गया हो। फिलहाल पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है।  

बरेली में 200 से अधिक लोगों का धर्मांतरण कराने का आरोपी गिरफ्तार

बरेली बरेली जिले की फरीदपुर थाना पुलिस ने 200 से अधिक लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर उनका धर्मांतरण कराने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।बरेली दक्षिणी क्षेत्र की अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अंशिका वर्मा ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी की  पहचान लालजी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मऊ जिले का निवासी है। उन्होंने बताया कि लालजी के पास से जो कागजात व पुस्तकें मिली हैं, उनसे लग रहा है कि वह लोगों का धर्म परिवर्तन कर रहा था। एएसपी ने कहा कि आरोपी के संपर्कों और आर्थिक स्रोत की जानकारी के लिए पुलिस सघन जांच कर रही है और जल्द सच्चाई सामने आएगी। पुलिस के अनुसार लालजी योजनाबद्ध तरीके से अब तक 200 से अधिक लोगों का धर्मांतरण करा चुका था, जिनके नाम उसने डायरी में नोट किए थे। इसके अलावा पुलिस ने उसके कमरे से बाइबिल और चार डायरी आदि भी बरामद की है। पुलिस आरोपी के बैंक खातों और मोबाइल पर लोगों से हुई बातचीत की भी जानकारी हासिल कर रही है। एएसपी ने बताया कि सोमवार को पुलिस ने विधिक प्रक्रिया पूरी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार लालजी पर आरोप है कि वह हिंदू धर्म के आर्थिक रूप से कमजोर व अशिक्षित महिलाओं, बच्चों और पुरुषों को रुपये, नौकरी, मकान और विवाह जैसे प्रलोभन देकर उन्हें ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करता था। हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता सुनील कुमार को जब इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने खुद आरोपी की सभा में जाकर इसकी पुष्टि की और पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने इस संबंध में कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार आरोपी के पास से मिली चार डायरी से और भी राज सामने आने की संभावना है। इन डायरियों में क्षेत्र के तमाम लोगों के नाम लिखे हैं और हर नाम के आगे लिखा है, ‘‘उपदेश दे दिया गया।'' फरीदपुर के थाना प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) राधेश्याम ने बताया कि इससे पुलिस अनुमान लगा रही है कि डायरी में जितने भी नाम लिखे गए हैं, आरोपी ने उन सभी का धर्मांतरण करा दिया है। लालजी 2002 में फरीदपुर रहने आया था। वह मूल रूप से मऊ जिले के मुंगेश्वरी गांव का निवासी है। उसने पुलिस को बताया कि पहले वह इधर-उधर मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का गुजर-बसर करता था, लेकिन 2008 में 'ब्रेन हेमरेज' होने पर वह दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती हुआ, जहां के एक डॉक्टर और नर्स (ईसाई) से वह काफी प्रभावित हुआ।  

योगी सरकार की ग्राम-ऊर्जा मॉडल के तहत एक नई योजना की हो रही शुरुआत, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों को ऊर्जा-संपन्न बनाया जाएगा

लखनऊ  यूपी के गांवों की तस्वीर अब बदलने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में ग्राम-ऊर्जा मॉडल के तहत एक नई योजना की शुरुआत हो रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर और ऊर्जा-संपन्न बनाया जाएगा। इस योजना से न केवल घरेलू रसोई गैस की खपत में भारी कमी आएगी, बल्कि जैविक/ प्राकृतिक खाद के उत्पादन से कृषि को भी नई दिशा मिलेगी। यूपी गोसेवा आयोग के ओएसडी डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि गांवों में घरेलू बायोगैस यूनिटों की स्थापना से रसोई में इस्तेमाल होने वाली एलपीजी की खपत में करीब 70% तक की कमी आएगी। इससे न केवल ग्रामीण परिवारों की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। किसानों के दरवाजे पर स्थापित होंगी बायोगैस यूनिट योगी सरकार की योजना है कि केवल गोशालाओं तक सीमित न रहते हुए यह मॉडल किसानों के दरवाजे तक पहुंचे। बायोगैस यूनिटों की स्थापना सीधे किसानों के घरों या खेतों के पास की जाएगी, जिससे वे स्वयं के उपयोग के लिए गैस और खाद दोनों का उत्पादन कर सकें। इससे खेती की लागत में भारी कमी आएगी और उत्पादकता में वृद्धि होगी। किसानों को मिलेगा पशुशाला निर्माण का लाभ इस योजना को मनरेगा से भी जोड़ा गया है, जिसके तहत ग्रामीण किसानों को व्यक्तिगत पशुशाला (इंडिविजुअल कैटल शेड) निर्माण का लाभ मिलेगा। इन पशुशालाओं से उत्पादित गोबर का उपयोग बायोगैस यूनिट में कर किसान खुद की रसोई के लिए गैस बना सकेंगे। साथ ही, इससे निकलने वाली स्लरी को वे आसपास के जैविक खेती करने वाले किसानों को बेचकर अतिरिक्त आय भी प्राप्त कर सकेंगे। इससे वे गैस व खाद दोनों में आत्मनिर्भर बनेंगे। 43 गोशालाओं में शुरू होंगे बायोगैस और जैविक खाद संयंत्र योगी सरकार 43 चयनित गोशालाओं में बायोगैस और जैविक खाद संयंत्रों को चालू करने जा रही है। इन संयंत्रों से न सिर्फ गैस का उत्पादन होगा, बल्कि गोबर से तैयार स्लरी से जैविक/प्राकृतिक खाद भी बनेगी। हर गोशाला से प्रतिमाह 50 क्विंटल स्लरी तैयार होने की संभावना है, जिसे आसपास के किसान उपयोग में ला सकेंगे। ग्राम-ऊर्जा मॉडल से मिलेगा युवाओं को रोजगार इस योजना से एक ओर जहां पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। संयंत्रों के संचालन, रखरखाव, खाद वितरण, तकनीकी सहायता जैसे कार्यों में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुसार यह मॉडल ‘आत्मनिर्भर ग्राम, सशक्त किसान’ के सपने को साकार करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ग्राम-ऊर्जा मॉडल उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला साबित होगा। जैविक खेती, स्वच्छ ऊर्जा और स्थानीय रोजगार सृजन की त्रिस्तरीय रणनीति के तहत यह योजना ग्रामीण विकास के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हो सकती है।  

उत्तर प्रदेश में 7 साल बाद असिस्टेंट टीचर के 7666 रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती निकाली गई

लखनऊ  सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए खुशखबरी है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने एलटी ग्रेड टीचर का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। नोटिफिकेशन के अनुसार, इस प्रक्रिया के माध्यम से एलटटी ग्रेड टीचर के कुल 7466 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। जिसमें, महिलाओं के लिए 2525 पद, पुरुषों के लिए 4860 पद और पीडब्ल्यूडी के लिए 81 पद शामिल हैं। योग्य अभ्यर्थी इन पदों पर भर्ती के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर 28 जुलाई से ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। ध्यान रहे कि आवेदन की आखिरी तारीख 28 अगस्त है। वहीं, अभ्यर्थी 4 सितंबर तक आवेदन में करेक्शन कर सकेंगे। एलटी ग्रेड टीचर पदों पर भर्ती के लिए अभ्यर्थी की आयु 21 साल से 40 साल के बीच होनी चाहिए। हालांकि, सरकारी नियमों के अनुसार आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी। इसके अलावा मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से संबंधित विषय में बैचलर्स और बीएड डिग्री होनी चाहिए। सरकारी टीचर बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन (UPPSC) की ओर से राज्य में सहायक अध्यापक, प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी परीक्षा 2025 (UP LT Grade Teacher recruitment) के लिए नोटिफिकेशन जारी कर भर्ती का एलान हुआ है। अधिसूचना के मुताबिक इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 28 जुलाई से शुरू हो जाएगी जो निर्धारित अंतिम तिथि 28 अगस्त 2025 तक जारी रहेगी। जो भी उम्मीदवार इस भर्ती के लिए पात्रता पूरी करते हैं वे केवल ऑनलाइन माध्यम से कमीशन की ऑफिशियल वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर जाकर फॉर्म भर सकेंगे। अन्य किसी भी प्रकार से आवेदन स्वीकार नहीं होंगे। भर्ती विवरण अधिसूचना के अनुसार इस भर्ती के जरिये इस भर्ती के जरिये कुल 7666 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इसमें से राजकीय विद्यालयों के अंतर्गत पुरुष शाखा हेतु 4860 पद और महिला शाखा हेतु 2525 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इसके अलावा दिव्यांगजन सशक्तिकरण के अंतर्गत कुल 81 पदों पर भर्ती की जाएगी। पात्रता एवं मापदंड इस भर्ती के लिए शैक्षिक योग्यता का विवरण आज विस्तृत नोटिफिकेशन जारी कर साझा कर दी जाएगी। इस भर्ती में संबंधित विषयों से ग्रेजुएशन के साथ बीएड करने वाले अभ्यर्थी भाग ले पाएंगे। कई विषयों के लिए बीएड में छूट दी गई है। इसके अलावा उम्मीदवार की न्यूमतम आयु 21 वर्ष एवं अधिकतम आयु 40 साल तय की गई है अर्थात अभ्यर्थी का जन्म 2 जुलाई 1985 से पहले एवं 1 जुलाई 2024 के बाद न हुआ हो। आरक्षित वर्गों से आने वाले उम्मीदवारों को ऊपरी उम्र में नियमानुसार छूट दी जाएगी। 7 साल बाद हो रही भर्ती आपको बता दें कि यूपी में एलटी ग्रेड टीचर के पदों पर भर्ती 7 साल बाद निकाली गई है। इससे पहले वर्ष 2018 में कुल 10768 रिक्त पदों पर भर्ती की गई थी।       सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।     फिर ऑनलाइन एप्लीकेशन लिंक पर क्लिक करें।     इसके बाद रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करें।     फिर आवेदन के लिए मांगी गई जानकारी दर्ज करें।     सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करके सबमिट कर दें।     फॉर्म जमा करने के बाद एक कॉपी संभाल कर रख लें। UPPSC LT Grade Teacher Vacancy 2025: ऐसे होगा चयन यूपी एलटी ग्रेड टीचर पदों पर भर्ती के लिए चयन लिखित परीक्षा के आधार पर किया जाएगा। योग्य अभ्यर्थी 28 जुलाई से 28 अगस्त तक ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए जनरल/ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को 125 रुपये शुल्क का भुगतान करना होगा। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर भी चेक कर सकते हैं।

25 हजार का इनाम: कौशांबी पुलिस ने बढ़ाया सिपाहियों का हौसला

कौशांबी उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले की पुलिस व्यवस्था में "गुडवर्क" यानी उत्कृष्ट कार्य को लेकर नया संदेश सामने आया है। आमतौर पर किसी भी केस की कामयाबी का श्रेय थानेदार को ही दिया जाता है, लेकिन करारी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विनीत सिंह ने एक मिसाल कायम की है। क्षेत्र में लाखों की चोरी की दो बड़ी घटनाओं का खुलासा करने में अहम भूमिका निभाने वाले आरक्षी कुलदीप और धर्मेंद्र को सामने लाया गया। इंस्पेक्टर विनीत सिंह ने खुद क्रेडिट लेने के बजाय दोनों आरक्षियों के कार्यों की सराहना कर उन्हें एसपी राजेश कुमार के सामने लाया। एसपी ने दोनों सिपाहियों को 25-25 हजार रुपये नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया और स्पष्ट संदेश दिया कि मेहनती पुलिसकर्मी ही इनाम के पात्र होंगे, जबकि लापरवाहों पर कार्रवाई की जाएगी। यह पहल प्रयागराज जोन के प्रतापगढ़ जिले में बीट पुलिसिंग के माध्यम से शुरू हुई थी, जहां एसपी डॉ. अनिल कुमार ने सटीक जांच व कार्रवाई करने वाले आरक्षियों को सम्मानित किया था। वारंट की तामीला में भी कौशांबी जिला आगे इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आए। उसी दिशा में अब कौशांबी पुलिस भी आगे बढ़ रही है। इसके अलावा, ई-साक्ष्य प्रणाली के जरिये कोर्ट से जारी वारंट की तामीला में भी कौशांबी जिला राज्य में आगे रहा है। यह उपलब्धि भी बीट आरक्षियों की सक्रियता और ई-साक्ष्य ऑफिस की नियमित मॉनीटरिंग से ही संभव हुआ है, जिसकी जिम्मेदारी सीओ सिटी शिवांक सिंह को सौंपी गई है।

प्रशासन का एक्शन: छांगुर बाबा की कोठी पर चला बुलडोजर, अब खर्च भी उन्हीं से वसूला जाएगा

बलरामपुर उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा की जिस आलीशान कोठी को प्रशासन ने बुलडोजर से ध्वस्त किया था, अब उस ध्वस्तीकरण का खर्चा भी छांगुर बाबा से वसूला जाएगा. बाबा की कोठी पर हुई ध्वस्तीकरण की इस कार्रवाई के बाद उसपर वसूली का नोटिस चस्पा किया जाएगा. क्योंकि, सरकारी जमीन पर बनाए गए हिस्से के ध्वस्तीकरण में आए खर्च की वसूली उसी से की जाएगी.  आपको बता दें कि बलरामपुर जिला प्रशासन आज कोठी पर चस्पा वसूली का नोटिस करने जा रहा है. ध्वस्तीकरण में जेसीबी का खर्च, सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों के तीन दिन का वेतन समेत अन्य खर्च शामिल है. ये रकम 8 लाख 55 हजार रुपये से अधिक है.  गौरतलब है कि छांगुर बाबा की जिस कोठी एक एक बड़े हिस्से को जमींदोज किया गया, वह किसी महल से कम नहीं थी. पूरी कोठी सीसीटीवी से लैस थी. इसमें प्राइवेट पावर प्लांट लगा था. दर्जनों सोलर पैनल भी लगे थे. इतना ही नहीं बाउंड्री पर कटीले तार तक बिछे थे. कथित तौर पर इनमें करंट दौड़ता था, ताकि कोई कोठी के आसपास फटक न पाए. कोठी के अंदर ही एक सीक्रेट कंट्रोल रूम भी था, जिससे पूरे घर के सीसीटीवी कैमरों की निगरानी की जाती थी और ये कंट्रोल रूम बाबा के बेडरूम में था. अंदर-बाहर आने-जाने वाले हर व्यक्ति की इसमें रिकॉर्डिंग होती थी. मालूम हो कि यूपी पुलिस छांगुर बाबा, उसकी करीबी नीतू रोहरा, नीतू के पति जलालुद्दीन और बाबा के बेटे को पहले ही अरेस्ट कर चुकी है. बाकी आरोपियों की तलाश जारी है. मामले में एटीएस और ईडी जांच कर रही है. करोड़ों की फंडिंग की बात भी सामने आई है. बाबा के पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के संपर्क में होने के संकेत मिले हैं.

सावन स्नान बना हादसा: गहरे पानी में डूबा किशोर, SDRF जुटी खोज में

वैशाली सावन के पवित्र महीने में गंगा स्नान की परंपरा हर साल लाखों श्रद्धालुओं को नदी किनारे खींच लाती है, लेकिन कभी-कभी यह श्रद्धा भारी पड़ जाती है। वैशाली जिले के बिदुपुर थाना क्षेत्र स्थित नवानगर घाट पर सोमवार सुबह ऐसा ही एक दुखद हादसा हुआ, जब स्नान के दौरान एक किशोर गंगा नदी के गहरे पानी में डूब गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरातफरी मच गई, वहीं मौके पर पहुंचे परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।   स्नान के दौरान हुआ हादसा, युवक अब तक लापता जानकारी के मुताबिक, सराय थाना क्षेत्र के भकरोहर गांव निवासी अशोक ठाकुर का 15 वर्षीय पुत्र हिमांशु कुमार सोमवार सुबह अपने मौसेरे भाई विक्रम के साथ गंगा नदी में स्नान करने गया था। हिमांशु बीते तीन दिन पहले ही अपने मौसा राजकुमार चौधरी के घर आया था, जो राजापाकर थाना क्षेत्र के रंदाहा गांव में रहते हैं। सोमवार सुबह वह मौसेरे भाई के साथ नवानगर घाट पहुंचा और वहां स्नान करने के दौरान गहरे पानी में चला गया। अचानक उसका संतुलन बिगड़ा और वह डूब गया।   मौसेरे भाई ने दी परिवार को सूचना, घाट पर जुटी भीड़ हिमांशु के साथ स्नान कर रहे विक्रम ने जैसे ही यह देखा कि उसका भाई डूब रहा है, उसने तुरंत शोर मचाया और घटना की जानकारी परिजनों को दी। सूचना मिलते ही हिमांशु के परिवार के लोग भागते हुए घाट पर पहुंचे। देखते ही देखते स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में वहां इकट्ठा हो गए। गंगा की लहरों के बीच लापता किशोर को ढूंढ़ने के प्रयास शुरू हो गए, लेकिन सफलता नहीं मिली। पुलिस और SDRF टीम कर रही शव की तलाश स्थानीय प्रशासन को सूचना मिलने के बाद बिदुपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। वहीं SDRF (State Disaster Response Force) की टीम भी घटनास्थल पर पहुंचकर गंगा नदी में शव की तलाश में जुट गई है। पानी का बहाव तेज होने के कारण तलाशी अभियान में परेशानी आ रही है। पुलिस ने बताया कि किशोर की तलाश के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं और नदी के कई हिस्सों में खोजबीन जारी है।   परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल, गांव में पसरा मातम हादसे के बाद भकरोहर गांव और रंदाहा गांव दोनों में ही मातम का माहौल है। हिमांशु दो भाइयों में एक था और हाल ही में गर्मी की छुट्टियों के दौरान मौसी के घर आया था। किसी को अंदेशा नहीं था कि उसका यह गंगा स्नान उसकी जिंदगी का आखिरी स्नान बन जाएगा। परिजन घाट पर बैठकर बेसुध हो चुके हैं और उन्हें ढांढ़स बंधाना मुश्किल हो रहा है। वहीं स्थानीय लोगों ने भी हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

बदलाव की ओर कदम: यूपी के खाली स्कूलों में संचालित होंगे आंगनबाड़ी केंद्र

लखनऊ उत्तर प्रदेश में सियासत फिलहाल प्राथमिक विद्यालयों के मर्जर और शराब की नई कंपोजिट दुकानों के खुलने को लेकर है। हैरानी की बात ये है कि पूरे प्रदेश भर में जितने स्कूल छात्रों की संख्या के अभाव में बंद/मर्ज किए गए है उतने की ही संख्या यानी 27 हज़ार कम्पोजिट शराब दुकानें प्रदेश भर में खोली गई है। ऐसे में समाजवादी पार्टी, कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों ने इसका पुरजोर विरोध किया है। हालांकि मर्जर के बाद रिक्त विद्यालयों की भूमि या भवन का क्या उपयोग होगा इसको लेकर बड़ा सवाल था। जिसपर की सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों को संचालित करने का निर्णय किया है। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पूर्व प्राथमिक शिक्षा देने के लिए बेहतर संसाधनों और सुविधाओं की जरूरत है, जो इन रिक्त विद्यालयों के माध्यम से पूरी की जा सकती है।  

महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए योगी सरकार का एक्शन प्लान तैयार, खास इंतजाम किए गए

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने कांवड़ यात्रा में महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर इस बार विशेष तैयारियां की हैं। सीएम योगी के निर्देश पर कांवड़ मार्गों पर 10 हजार से अधिक महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। ताकि यात्रा में शामिल महिलाओं को सुरक्षित माहौल मिल सके। पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक इस बार कुल 66 हजार से अधिक पुलिसकर्मी यात्रा रूट पर तैनात किए गए हैं। इनमें 8 हजार से अधिक महिला सिपाही और 1,486 महिला उपनिरीक्षक शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक  इस बार यात्रा में लगभग 6 करोड़ श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। जिनमें 60 से 70 लाख महिलाएं हो सकती हैं। महिला केंद्रित सुरक्षा मॉडल की शुरुआत सीएम योगी आदित्यनाथ ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में महिला केंद्रित सुरक्षा मॉडल अपनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रदेशभर में महिला श्रद्धालुओं के लिए विशेष हेल्प डेस्क, रात में महिला बल की तैनाती और QR (क्विक रिस्पॉन्स टीम) में महिलाओं की अनिवार्य भागीदारी सुनिश्चित की गई है। सावन कांवड़ यात्रा में महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए योगी सरकार की विशेष तैयारी, 10 हजार से अधिक महिला पुलिसकर्मी तैनात यात्रा रूट पर 150 से अधिक महिला हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। जहां महिला कांस्टेबल न सिर्फ सहायता करेंगी, बल्कि ज़रूरत पड़ने पर परामर्श भी उपलब्ध कराएंगी। साथ ही ‘शक्ति हेल्प बूथ’ के ज़रिए महिला श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन, विश्राम और मेडिकल सलाह की सुविधा दी जा रही है। मेरठ जोन में सबसे बड़ा महिला बल कांवड़ यात्रा के प्रमुख मार्ग मेरठ ज़ोन में सबसे अधिक महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। मेरठ, मुज़फ्फरनगर, बागपत, हापुड़ और गाजियाबाद जिलों में कुल मिलाकर 3,200 महिला पुलिसकर्मी ड्यूटी पर हैं। इन जिलों में संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी के अलावा, हर कुछ किलोमीटर पर सहायता केंद्र भी बनाए गए हैं। सुरक्षा को और पुख़्ता करने के लिए ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी नेटवर्क की मदद से यात्रा मार्गों की निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर संदिग्ध गतिविधियों की भी बारीकी से मॉनिटरिंग हो रही है, ताकि किसी भी तरह की अफवाह या अव्यवस्था को समय रहते रोका जा सके। 11 जोन में 24×7 कंट्रोल रूम प्रदेश में कांवड़ यात्रा के लिए 11 ज़ोन में विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। जिनकी निगरानी महिला अधिकारियों द्वारा 24×7 की जा रही है। साथ ही, हेल्पलाइन नंबरों पर भी महिला पुलिसकर्मी मौजूद रहेंगी। जिससे महिला यात्रियों को किसी भी वक्त त्वरित सहायता मिल सके।