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PM मोदी ने दिया ट्रंप को जवाब, कहा- भारत बन रहा तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था

वाराणसी  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत की अर्थव्यवस्था को 'डेड इकोनॉमी' बताया था. उनके इस तंज के जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी से करारा संदेश दिया और कहा कि भारत अब दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है. पीएम मोदी ने देशवासियों को स्वदेशी अपनाने का संकल्प दिलाया और कहा कि अब समय आ गया है कि हर भारतीय, हर खरीदारी में देशहित को प्राथमिकता दे. प्रधानमंत्री ने साफ कहा- अब भारत भी हर चीज को परखने के लिए सिर्फ एक ही तराजू इस्तेमाल करेगा- वो है, भारतीय पसीने से बनी चीजें. उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है जब देश का हर नागरिक, हर दुकानदार और हर उपभोक्ता इस मंत्र को अपनाए कि हम वही खरीदेंगे जो भारत में बना हो, जिसे भारतीय हाथों ने गढ़ा हो और जिसमें हमारे देश का पसीना हो. वैश्विक अस्थिरता के दौर में भारत को तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में यह सिर्फ सरकार की नहीं, हर भारतवासी की जिम्मेदारी है. प्रधानमंत्री का कहना था कि आज दुनिया की अर्थव्यवस्था कई आशंकाओं से गुजर रही है. अस्थिरता का माहौल है. ऐसे में दुनिया के देश अपने-अपने हितों पर फोकस कर रहे हैं. भारत भी दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है. इसलिए भारत को भी अपने आर्थिक हितों को लेकर सजग रहना ही है. भारत को भी अपने किसानों, लघु उद्योगों, युवाओं और रोजगार जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देनी होगी. उन्होंने आगे कहा, भारत को अब सजग रहना होगा. कौन सी चीज खरीदनी है, इसका सिर्फ एक ही तराजू होगा- वो जिसमें भारत के किसी नागरिक का पसीना बहा हो. हम वही चीजें खरीदेंगे जो भारत में बनी हों. भारतीय कौशल से बनी हों, भारतीय हाथों से बनी हों. यही हमारे लिए असली स्वदेशी है. 'हर नागरिक बने स्वदेशी का प्रचारक' प्रधानमंत्री मोदी ने इस संकल्प को सिर्फ सरकार या राजनीतिक दलों तक सीमित ना रखकर हर नागरिक की जिम्मेदारी बताया. उन्होंने कहा, सरकार इस दिशा में हर प्रयास कर रही है. लेकिन देश के नागरिक के रूप में हमारे कुछ दायित्व हैं. ये बात सिर्फ मोदी नहीं, हिंदुस्तान के हर व्यक्ति को हर पल बोलते रहना चाहिए- दूसरे को कहते रहना चाहिए. जो देश का भला चाहते हैं, जो देश को तीसरे नंबर की इकोनॉमी बनाना चाहते हैं, उसे अपने संकोच को छोड़कर देशहित में हर पल देशवासियों के अंदर एक भाव जगाना होगा- वह संकल्प है, हम स्वदेशी को अपनाएं. मोदी ने साफ किया कि 'वोकल फॉर लोकल' और 'मेक इन इंडिया' को अब केवल नारा नहीं, व्यवहारिक जीवन का हिस्सा बनाना होगा. 'व्यापारी सिर्फ स्वदेशी माल बेचें, यही सच्ची देशसेवा' प्रधानमंत्री ने देश के व्यापारियों और उद्योगजगत से विशेष आग्रह किया और कहा, अब समय आ गया है कि सिर्फ और सिर्फ स्वदेशी उत्पादों को ही बेचा जाए. उन्होंने कहा, मैं व्यापार जगत से जुड़े भाइयों को आगाह करता हूं- अब हमारी दुकानों पर सिर्फ स्वदेशी सामान बिकना चाहिए. यही देश की सच्ची सेवा होगी. जब हर घर में नया सामान आए तो वो स्वदेशी ही हो, यही हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए. पीएम मोदी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब वैश्विक व्यापारिक दबाव, रूस-यूक्रेन युद्ध, चीन से आयात पर बहस और अमेरिका की टैरिफ पॉलिसी जैसे मुद्दे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चर्चा के केंद्र में हैं.  

पहलगाम हमले का लिया बदला, PM मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर को महादेव को किया समर्पित

 लखनऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दौरे पर पहुंच गए हैं, जहां वह कुछ देर में करीब 2,183.45 करोड़ रुपये की लागत वाली 52 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त भी जारी की. बताया जा रहा है कि रक्षाबंधन से पहले सावन के महीने में उनका ये दौरा पूर्वांचल के विकास को नई दिशा देगा. इस मौके पर पीएम मोदी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, 'आज मैं ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार काशी आया हूं. जब 22 अप्रैल पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था. 26 निर्दोष लोगों की बेहरमी से हत्या कर दी गई. उनके परिवार की पीड़िता उन बच्चा का दुख और उन बेटियों की वेदना, मेरा मन बहुत दुख से भर गया था. तब मैं बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना कर रहा था कि उन्हें ये दुख सहन करने की शक्ति दे. मैंने जो वचन दिया था वो भी पूरा हुआ ये महादेश के आशीर्वाद से पूरा हुआ है.' साथियों इन दिनों जब काशी में गंगा जल लेकर जाते हुए शिव भक्तों की तस्वीरें देखने का अवसर मिल रहा है और खास कर जब हमारे यादव बंधु बाबा का जलाभिषेक करने निकलते हैं तो वो बहुत ही मनोरम दृश्य होता है. आज काशी से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी की है. इस बारे में बोलते हुए पीएम ने कहा, 'जब काशी से धन जाता है तो वो अपने आप में प्रसाद बन जाता है. 21 हजार करोड़ रुपये किसाने के खाते में जमा कर दिए हैं.' पीएम ने कहा कि पहले के सरकारों में किसानों के नाम पर एक घोषणा भी पूरी होना मुश्किल थी, लेकिन बीजेपी सरकार जो कहती है वो करके दिखाती हैं. आज पीएम किसान सम्मान निधि सरकार के पक्के इरादों की उदाहरण बन गई है. किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त जारी इस मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त जारी की, जिसके तहत देशभर के 9.70 करोड़ से अधिक किसानों को 20,500 करोड़ सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित किए गए. इसके बाद पीएम ने दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण वितरित किए. पीएम ने दृष्टिबाधित छात्रा बबली को लो विजन का चश्मा भेंट किया और छात्रा से बातचीत की. इसके बाद पीएम ने संतोष कुमार पांडे व्हीलचेयर प्रदान की.  इन प्रमुख परियोजनाओं का PM करेंगे उद्घाटन     वाराणसी-भदोही सड़क का चौड़ीकरण और मजबूतीकरण (269.10 करोड़)     मोहनसराय-अडलपुरा मार्ग पर ROB का निर्माण (42.22 करोड़)     PAC रामनगर में बहुउद्देशीय सभागार (2.54 करोड़)     CSR के तहत 8 मिट्टी घाटों का पुनर्विकास (22 करोड़)     कालिका धाम मंदिर पर्यटन विकास (2.56 करोड़)     लालपुर स्टेडियम में हॉकी मैदान का पुनर्निर्माण (4.88 करोड़)     तिलमापुर में रंगीला दास कुटिया के पास घाट का निर्माण (1.77 करोड़)     पशु जन्म नियंत्रण और डॉग केयर सेंटर (1.85 करोड़)     53 विद्यालय भवनों की मरम्मत (7.89 करोड़)     कैंसर अस्पतालों में अत्याधुनिक उपकरणों की स्थापना (73.30 करोड़)     जल जीवन मिशन के तहत 47 पेयजल योजनाएं (129.97 करोड़)     दुर्गाकुंड का जीर्णोद्धार (3.40 करोड़)  

यूपी वालों के लिए अलर्ट! आज इन इलाकों में तेज बारिश के आसार, घर से निकलने से पहले जानें मौसम का हाल

लखनऊ उत्तर प्रदेश का मौसम सुहावना हो गया है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में रूक-रूककर बारिश हो रही है। अगस्त महीने में एक बार फिर बारिश रफ्तार पकड़ सकती है। मौसम विभाग के अनुसार तीन अगस्त से पांच अगस्त के बीच राज्य के ज्यादातर इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं आज राज्य के दो दर्जनों जिलों में जमकर बादल बरसने वाले है। इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने आज राज्य के 24 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। साथ ही 51 जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की संभावना नहीं है। कल यानी 3 अगस्त को भी मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक कल यूपी के बस्ती, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, संतकबीर नगर, सीतापुर, गाजीपुर, गोंडा हराइच, गोरखपुर, मऊ, सिद्धार्थनगर, आजमगढ़ और बलिया जिले में भारी बारिश का अलर्ट है। शुक्रवार को मौसम विभाग ने भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया था। आगरा, पीलीभीत, शामली, मथुरा, अलीगढ़, बिजनौर, गौतमबुद्धनगर,  हापुड़, महामायानगर, सहारनपुर, ज्योतिबाफुले नगर, बागपत, मुरादाबाद, बुलंदशहर, संभल, मुजफ्फरनगर, रामपुर, मेरठ, बरेली में जमकर बादल बरसे थे।

नशे की बड़ी खेप जब्त, ट्रक में छिपाकर ले जा रहे थे 50 लाख का माल

फिरोजाबाद एएनटीएफ और फिरोजाबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 50 लाख रुपये की अफीम डोडा की तस्करी का भंडाफोड़ हुआ है. पुलिस ने नशे के 2 सौदागरों को गिरफ्तार किया है. तस्कर बिहार से नशे की खेप लेकर आते थे और हरियाणा में इसकी सप्लाई करते है. आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करके आगे की कार्रवाई की जा रही है. फिरोजाबाद के एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद ने जानकारी देते हुए बताया कि थाना रसूलपुर पुलिस और एएनटीएफ यूनिट आगरा की संयुक्त टीम ने अंतर्राज्यीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 120 किलोग्राम अवैध अफीम डोडा पोस्त के साथ 2 तस्करों को गिरफ्तार किया है. जब्त मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत 50 लाख रुपये आंकी गई है, जबकि तस्करी में प्रयुक्त ट्रक की कीमत 20 लाख रुपये बताई गई है. कुल बरामदगी 70 लाख रुपये है. उन्होंने बताया कि मुसलम खां पुत्र अब्दुल हई, निवासी ग्राम डाडका, थाना होडल, जिला पलवल (हरियाणा), उम्र 28 वर्ष, बलराम कुमार पुत्र सिताराम, निवासी ग्राम हरनाही, थाना बाराचट्टी, जिला गया (बिहार), उम्र 27 वर्ष को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है. तस्कर कार्बन की बोरियों में ट्रक की केबिन के ऊपर छिपाकर त्रिपाल से ढ़ककर तस्करी कर रहे थे. टीम ने यह कार्रवाई मुखबिर की सूचना पर की. पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने खुलासा किया कि यह खेप उनके गिरोह के लीडर ज्ञानी सिंह द्वारा बिहार के गया से मंगवाई गई थी, जिसे हरियाणा के पलवल निवासी असलम खां को पहुंचाया जाना था. असलम फुटकर बिक्री करता है. गिरोह बिहार से सस्ते दाम पर डोडा पोस्त खरीदकर 4-5 गुना मंहगे रेट पर हरियाणा, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में बेचता था. पुलिस अब इस मामले में असलम खां पुत्र अब्दुल हई, निवासी ग्राम डाडका, होडल, पलवल (हरियाणा),ज्ञानी सिंह पुत्र गंधारी सिंह, निवासी हरनाही, बाराचट्टी, गया (बिहार) की तलाश कर रही है. उन्होंने बताया कि पुलिस अब गिरोह के बैकवर्ड व फारवर्ड लिंक की जांच कर रही है. आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत थाना रसूलपुर पर मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

ऊर्जा मंत्री की ज़मीनी सख्ती: बारिश में निरीक्षण, भ्रष्ट लाइनमैन को मौके पर ही बर्खास्त

लखनऊ उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने आज एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि वे प्रदेश में विद्युत सेवाओं को पारदर्शी, जवाबदेह और उपभोक्ता हितैषी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। जब राजधानी लखनऊ में तेज बारिश हो रही थी, उस समय बिना किसी पूर्व सूचना, बिना छाते, बिना सुरक्षा एस्कॉर्ट और बिना प्रोटोकॉल के मंत्री स्वयं निरीक्षण पर निकल पड़े। मंत्री शर्मा सीधे पहुंचे 1912 शिकायत नियंत्रण कक्ष, जहां वे बिना किसी औपचारिकता के अंदर गए और व्यवस्था की जमीनी हकीकत को परखा। निरीक्षण के दौरान जब वे नियंत्रण कक्ष में मौजूद थे, उसी समय बहराइच जिले के रणजीतपुर सब स्टेशन के अंतर्गत गंडेरियन पुरवा गाँव से एक उपभोक्ता का महिला कर्मी ने टोल फ्री के अंतर्गत कॉल रिसीव किया गया। उपभोक्ता ने बताया कि उनके यहाँ का बिजली कनेक्शन एक लाइनमैन ने काट दिया है और दो हजार रुपये की मांग कर रहा है। इस पर मंत्री ने तुरंत पूछताछ की और स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। संबंधित लाइनमैन नेपाली को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। शिकायतों के निस्तारित में अनावश्यक विलंब इसके उपरांत ऊर्जा मंत्री विधानसभा क्षेत्र के 33/11 केवी उपकेंद्र पहुंचे, जहाँ उन्होंने वहां तैनात कर्मियों से बातचीत की और जाना कि क्षेत्र में कितनी शिकायतें लंबित हैं, उनका किस तरह से निस्तारण हो रहा है और किन स्तरों पर बाधाएं आती हैं। उन्होंने पाया कि कई शिकायतों को निस्तारित करने में अनावश्यक विलंब हो रहा है, जिसकी वजह से उपभोक्ताओं को परेशानी होती है। मंत्री ने निर्देश दिया कि दुर्घटना, भ्रष्टाचार, बार-बार की शिकायत, संवेदनशील उपभोक्ता, वीआईपी कॉल या तकनीकी बाधाओं से जुड़ी समस्याओं को ‘विशेष फ्लैगिंग कैटेगरी’ में चिन्हित किया जाए और उनका समाधान तत्काल प्राथमिकता पर किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी शिकायतों की निगरानी उच्च स्तर पर होनी चाहिए ताकि कोई भी उपभोक्ता उपेक्षा का शिकार न हो। कंट्रोल रूम प्रभारी से विस्तार से चर्चा 1912 टोल फ्री सेवा की समीक्षा करते हुए मंत्री ने वहाँ कार्यरत अधिकारियों, कॉल रिसीवरों और कंट्रोल रूम प्रभारी से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह सेवा आम जनता और विभाग के बीच सेतु है और इसका जवाबदेह, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत होना अत्यंत आवश्यक है। मंत्री ने कहा कि “हमारे लिए उपभोक्ता सर्वोपरि हैं। मैं यह संकल्प ले चुका हूं कि बिजली विभाग में भ्रष्टाचार, ढिलाई और उपेक्षा को खत्म करके एक उत्तरदायी और पारदर्शी प्रणाली तैयार करूंगा। जब तक यह विभाग जनहित की भावना से नहीं चलेगा, तब तक हम चैन से नहीं बैठेंगे।

किसानों को मिली राहत! पीएम मोदी ने ट्रांसफर की 20वीं किस्त, ऐसे करें स्टेटस चेक

वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानि शनिवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के एकदिवसीय दौरे पर रहेंगे, जहां वे कुल 2183.45 करोड़ रुपये की 52 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. यह उनका काशी का 51वां दौरा होगा. वहीं इस दौरान वह पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त जारी करेंगे, जिसके तहत देश भर के 9.70 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में 20,500 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे. PM मोदी ने आज बनारस से पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त को योग्य किसानों के खाते में ट्रांसफर कर दिया है। इन सभी किसानों के खाते में 2000 रुपये भेज दिए गए हैं। बता दें, सरकार की तरफ से 9.7 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में 20,500 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। आधार कार्ड के जरिए चेक कर सकते हैं बैलेंस पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थी सबसे पहले PM Kisan की वेबसाइट पर जाएं। उसके बाद वहां Beneficiaey Status पर क्लिक करें। अब आपका आधार नंबर और अकाउंट नंबर माना जाएगा। आप दोनों में से किसी एक को भर कर आगे बढ़ें। Get Data पर क्लिक करते ही लाभार्थी की सूची दिख जाएगी। साथ ही पेमेंट्स के डीटेल्स सामने आ जाएंगे। नहीं आया है पैसा तो क्या करें? जिन किसानों के खाते में पैसा नहीं आया है उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं। सबसे पहले वो चेक कर लें कि उन्होंने ई-केवाईसी करवाई है या नहीं। अगर ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है तो सबसे पहले इसे पूरा करें। बता दें, सरकार की तरफ से ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया गया है। हर साल मिलते हैं 6000 रुपये पीएम किसान सम्मान निधि केंद्र सरकार की योजना है। इसकी पहली किस्त 2019 में ट्रांसफर की गई थी। उसके बाद से ही योग्य किसानों के खाते में 2000-2000 रुपये की तीन किस्त एक साल में ट्रांसफर की जाती है। इन किसानों को हर साल सरकार की तरफ से 6000 रुपये मिलते हैं। कौन-कौन से किसान उठा सकते हैं इसका फायदा 1- भारतीय नागरिक होना चाहिए। 2- खेत होना चाहिए। 3- छोटे या फिर सीमांत किसान होने चाहिए। 4- 10,000 रुपये से अधिक पेंशन पाने नहीं होने चाहिए। 5- इनकम टैक्स फाइल नहीं करते हों। कैसे करें पीएम किसान सम्मान निधि के लिए आवेदन 1- सबसे पहले https://pmkisan.gov.in 2- New Farmer Registration पर क्लिक करें। 3- अपना आधार नबंर और Captcha लिखें। 4- डीटेल्स भरने के बाद YES पर क्लिक करें। 5- पूरे फॉर्म को भरें उसके बाद Submit पर क्लिक करें। किसी भी सहायता या शिकायत के लिए पीएम किसान की हेल्प लाइन नंबर 155261 या फिर 011-243300606 पर फोन करें।

गंगा उफान पर, काशी में मणिकर्णिका घाट की गलियां बनीं श्मशान पंक्तियाँ

वाराणसी   उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा नदी चेतावनी बिंदु को पार कर गई है। गंगा अब 70.36 मीटर के ऊपर बह रही है। जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। अब धीरे-धीरे जलस्तर खतरे के निशान 71.26 मीटर की तरफ बढ़ता जा रहा है।     गंगा का जलस्तर बढ़ने की वजह से मणिकर्णिका घाट की गलियों में नाव चलने लगी हैं। शवदाह करने के लिए लोगों को कतार लगानी पड़ रही है। गंगा में बाढ़ की वजह से 15 गांव और शहर के 10 मोहल्ले प्रभावित हो चुके हैं। अब तक 436 परिवारों ने अपना घर छोड़ दिया है। केंद्रीय जल आयोग की ओर जारी बाढ़ बुलेटिन के अनुसार, सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 69.92 मीटर था और जलस्तर में हर घंटे चार सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हो रही थी। शाम चार बजे गंगा ने चेतावनी बिंदु 70.26 को पार कर लिया और जलस्तर 70.28 मीटर था।   शाम को छह बजे गंगा का जलस्तर 70.36 मीटर पहुंच गया था जो कि चेतावनी बिंदु से 10 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा था। मणिकर्णिका घाट की गलियों में नाव चल रही है और छत पर शवदाह के कारण गलियों में शवयात्रियों को 30 से 40 मिनट का इंतजार करना पड़ रहा है।     बाबा मसाननाथ सेवा समिति के संजय गुप्ता ने बताया कि जलस्तर बढ़ने के कारण शवदाह में दिक्कत हो रही है और शवयात्रियों को 30 से 40 मिनट इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, हरिश्चंद्र घाट पर गलियों में भी अब जगह कम पड़ने लगी है। घाट के सारे मंदिर पानी में डूब चुके हैं। केंद्रीय जल आयोग का अनुमान है कि इस वर्ष बाढ़ का कहर भयावह हो सकता है। गंगा के उफान और वरुणा में पलट प्रवाह से दीनदयालपुर, पैगंबरपुर, पुलकोहना, पुराना पुल, रूप्पनपुर और सलारपुर सहित कई तटीय बस्तियों के हालात गंभीर हो गए हैं।   नगवा इलाके में पुष्कर तालाब जाने वाले रास्ते पर जलस्तर बढ़ने के बाद पानी सड़क पर आने से रास्ता बंद हो – फोटो : अमर उजाला किसान संजय चौधरी और अजय चौधरी ने बताया कि उनके खेतों में लगी भिंडी, लौकी, टमाटर, नेनुआ जैसी मौसमी सब्जियां पानी में डूब चुकी हैं और फसल बर्बादी के कगार पर है।  वरुणा का प्रचंड रूप देख बाढ़ में फंसे लोगों में भय का माहौल है। नक्खी घाट निवासी संजय गुप्ता, दीनदयालपुर के रमेश सोनकर, विजय सोनकर ने बताया कि बाढ़ की स्थिति को देख कर 2014 की स्थिति की याद आ रही है। 1978 का रिकॉर्ड टूटने की आशंका गंगा नदी का जलस्तर अब डराने लगा है। पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश के कारण गंगा और वरुणा नदियों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ने की आशंका है। स्थानीय लोग आशंका व्यक्त कर रहे हैं कि आने वाले दो चार दिन तक अगर यही हालात रहे हो जलस्तर खतरे के निशान को भी पार कर सकता है। यह स्थिति 1978 के रिकॉर्ड जलस्तर 73.901 मीटर के करीब होगी।   ढाब क्षेत्र में खेती को खतरा, राहत शिविर में पहुंचे ग्रामीण चिरईगांव क्षेत्र में बाढ़ का संकट गहराने लगा है। बाढ़ का पानी अब उन क्षेत्रों को भी पार कर गया है, जो कुछ दिन पहले ही डूबे थे। यदि पानी का बढ़ाव इसी तरह जारी रहा तो किसानों की सब्जियों की नर्सरी नष्ट हो सकती है।  गलियों में घुसा पानी, रास्ता बंद गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद नगवां नाला से पानी घुसने के कारण नगवां नाला के किनारे से होकर अस्सी पुष्कर तालाब जाने वाले रास्ते पर पानी लग गया है। सिंचाई विभाग के कर्मचारियों की मदद से चैनल गेट को बंद करवाया गया और पानी के निकासी करने के लिए मोटर पंप को चलवाया गया।   मंडलायुक्त ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण बाढ़ी की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में जनजीवन की सुरक्षा और संभावित आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए मंडलायुक्त एस राजलिंगम व उपमहानिरीक्षक 11वीं एनडीआरएफ मनोज शर्मा ने संयुक्त रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बाढ़ से निपटने की तैयारियों, त्वरित बचाव कार्यों एवं राहत वित्तरण व्यवस्था को समीक्षा की।    उप महानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि एनडीआरएफ की टीमें हर स्तर पर स्थानीय प्रशासन के साथ सतत समन्वय बनाए हुए हैं और किसी भी स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तैयार है।   गंगा नदी का जलस्तर गंगा नदी का वर्तमान जलस्तर-70.36 गंगा नदी का चेतावनी बिंदु-70.26 गंगा नदी का खतरे का बिंदु-71.26 गंगा नदी का अधिकतम जलस्तर-73.90  

वाराणसी में सीएम योगी का दौरा: पीएम मोदी के कार्यक्रम में मौजूदगी और बाढ़ क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण

वाराणसी सीएम योगी आदित्यनाथ वाराणसी दौरे पर है। आज उनके दौरे का दूसरा दिन है। योगी ने काल भैरव और काशी विश्वनाथ में दर्शन पूजन किया। आज सीएम PM मोदी के कार्यक्रम में शामिल होंगे। पीएम आज वाराणसी को 2,200 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। साथ ही योगी आज बाढ़ग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वेक्षण भी करेंगे। 2,200 करोड़ को देंगे तोहफा सीएम योगी ने पीएम के दौरे को लेकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में ‘नई काशी’ बहुआयामी विकास की नई ऊंचाइयों को स्पर्श कर रही है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री द्वारा वाराणसी में लगभग 2,200 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास के साथ ही अन्नदाता किसानों के सम्मान और सशक्तिकरण हेतु ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ की 20वीं किस्त भी जारी की जाएगी। विकसित उत्तर प्रदेश’ की भावना सशक्त होगी सीएम योगी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा प्रदान किए जाने वाले इन उपहारों से बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, ऊर्जा, शहरी विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के क्षेत्र में ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ की भावना और सशक्त होगी। आपका हार्दिक अभिनंदन प्रधानमंत्री।

आज काशी में पीएम मोदी का दौरा, विकास परियोजनाओं का होगा शुभारंभ

वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार की सुबह 51वें दौरे पर काशी आएंगे। वह तीन घंटे तक काशी में रहेंगे। विशेष विमान से बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से सेवापुरी के गांव बनौली जाएंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। इससे पहले दिव्यांगों को उपकरण देंगे। 2183.45 करोड़ की 52 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। लोकार्पण की सबसे बड़ी परियोजना 35 किलोमीटर लंबी वाराणसी-भदोही फोरलेन चौड़ीकरण (269.10 करोड़ रुपये) है। शिलान्यास की सबसे बड़ी परियोजना राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का निर्माण (85.72 करोड़) है। प्रधानमंत्री दोपहर 1:25 बजे बाबतपुर से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे। प्रधानमंत्री के आगमन से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा करने ही मुख्यमंत्री योगी आदित्याथ शुक्रवार शाम 7:40 बजे काशी आ गए। उन्होंने अफसरों के साथ बैठक कर प्रधानमंत्री की जनसभा की तैयारियों की समीक्षा भी की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काशी से ही देश के 9.70 करोड़ से ज्यादा किसानों के खाते में पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त के रूप में 20,500 करोड़ रुपये की धनराशि भेजेंगे। इसमें काशी के 2.21 लाख किसान शामिल रहेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री जीवन ज्योति संस्थान की कक्षा आठ की छात्रा बबली कुमारी को लो विजन उपकरण, रामनगर के रग्बी खिलाड़ी संतोष पांडेय को स्पोर्ट व्हीलचेयर, चुप्पेपुर के राज्य स्तरीय क्रिकेट खिलाड़ी विकास कुमार पटेल को एक्टिव फोल्डिंग व्हीलचेयर, पितरकुंडा के राज्य स्तरीय क्रिकेट खिलाड़ी मनोज कुमार को स्पोर्ट व्हीलचेयर, सेवापुरी के मटुका ककरहा की सीता कुमारी पाल को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, सेवापुरी के कालिका बाजार के किशुन (61 वर्ष) को कान की मशीन देंगे, फिर जनसभा को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री का बाबतपुर एयरपोर्ट पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत अन्य भाजपा नेता स्वागत करेंगे। 565.35 करोड़ की 14 परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण पीएम नरेंद्र मोदी 565.35 करोड़ की 14 परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। इनमें प्रमुख रूप से वाराणसी-भदोही मार्ग का 4 लेन चौड़ीकरण (269.10 करोड़ रुपये), 36वीं वाहिनी पीएसी रामनगर में 300 व्यक्तियों की क्षमता वाले बहुउद्देशीय हॉल का निर्माण (2.54 करोड़ रुपये), वाराणसी में एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर एवं डॉग केयर सेंटर का निर्माण (1.85 करोड़ रुपये), महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र और होमी भाभा कैंसर अस्पताल, वाराणसी में 02 रेडिएशन मशीनों, रोबोटिक सर्जरी यूनिट और सीटी स्कैन मशीन की स्थापना (73.30 करोड़ रुपये), दुर्गाकुंड के जीर्णोद्धार और जल शोधन का कार्य (3.40 करोड़ रुपये) शामिल है। 1618.10 करोड़ की 38 परियोजनाओं का शिलान्यास पीएम नरेंद्र मोदी 1618.10 करोड़ की 38 परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इनमें प्रमुख रूप से राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कालेज एवं अस्पताल का निर्माण (85.72 करोड़), गंगा नदी के 24 घाटों का जीर्णोद्धार एवं साइनेज कार्य (4.66 करोड़), नक्सल क्यूआरटी हेतु बैरक का निर्माण (1.54 करोड़), स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति में ग्राम करखियांव के सुंदरीकरण एवं पर्यटन विकास कार्य (18.26 करोड़), संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी के आवासीय भवनों का नवीनीकरण (8.23 करोड़), लमही स्थित मुंशी प्रेमचंद के घर का संग्रहालय के रूप में विकास (11.82 करोड़), वाराणसी-गाजीपुर मार्ग से स्वर्वेद महामंदिर तक मार्ग के नव निर्माण का (11.46 करोड़ ), दालमंडी मार्ग के चौड़ीकरण (215.88 करोड़ और कलेक्ट्रेट परिसर में अधिवक्ता कक्ष का निर्माण (4.95 करोड़) शामिल है।

नोएडा में लहराएगा गौरव: डीएम मेधा ने शूटिंग चैम्पionship में जीतें तीन गोल्ड

 नोएडा  मेधा रूपम गौतमबुद्ध नगर की पहली महिला ज़िला मजिस्ट्रेट का पदभार संभाला है. एक शानदार करियर और प्रतिष्ठित पारिवारिक पृष्ठभूमि के साथ, एक राष्ट्रीय स्तर की राइफल शूटर से लेकर एक शीर्ष नौकरशाह तक का उनका सफ़र कई लोगों को प्रेरित करता है. मेधा रूपम नोएडा ( गौतमबुद्ध नगर ) की पहली महिला जिलाधिकारी (डीएम) हैं. 2014 बैच की आईएएस अधिकारी रूपम ने 30 जुलाई को ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर स्थित कलेक्टर कार्यालय का कार्यभार संभाला है.  भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं पिता मेधा रूपम के पिता ज्ञानेश कुमार केरल कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं. मेधा की नियुक्ति की घोषणा इसी सप्ताह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी किए गए 23 आईएएस अधिकारियों के तबादले आदेश में की गई थी, जिनमें गाजियाबाद और प्रयागराज के जिला मजिस्ट्रेट भी शामिल हैं. उन्होंने मनीष कुमार वर्मा का स्थान लिया है, जिन्हें प्रयागराज का जिलाधिकारी बनाकर स्थानांतरित किया गया है. कौन हैं मेधा रूपम ? आगरा में जन्मी मेधा ने अपनी स्कूली शिक्षा केरल में पूरी की और दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज से अर्थशास्त्र में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है.  मेधा ने 2014 में यूपीएससी परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 10वीं रैंक हासिल की थी. उन्होंने उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में सहायक मजिस्ट्रेट के रूप में अपना करियर शुरू किया है.  इसके बाद, वे मेरठ, हापुड़ और कासगंज सहित उत्तर प्रदेश के कई जिलों में शीर्ष नौकरशाह के रूप में तैनात रहीं. उन्होंने फरवरी 2023 से जून 2024 तक ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में भी कार्य किया.  शूटिंग चैम्पियनशिप में जीतें तीन गोल्ड मेडल मेधा राष्ट्रीय स्तर की राइफल शूटर भी हैं और उन्होंने केरल राज्य शूटिंग चैम्पियनशिप में तीन स्वर्ण पदक जीते हैं. मेधा के पति मनीष बंसल भी 2014 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और सहारनपुर में सेवारत हैं. सितंबर 2024 में, मेधा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह एक ट्रैक्टर में बैठी थीं और उनके साथ ड्राइवर समेत दो लोग थे. वह जलभराव वाले ग्रामीण इलाकों का निरीक्षण कर रही थीं. मेधा की नियुक्ति भारतीय प्रशासन में नेतृत्वकारी भूमिकाओं में महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. मेधा के पिता ज्ञानेश कुमार, केरल कैडर के 1988 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. 60 वर्षीय कुमार इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ काम कर चुके हैं. वे 31 जनवरी, 2024 को अमित शाह के अधीन आने वाले सहकारिता मंत्रालय में सचिव पद से सेवानिवृत्त हुए. इससे पहले, वे संसदीय कार्य मंत्रालय में सचिव के पद पर भी कार्यरत थे. कुमार ने इस वर्ष फरवरी में राजीव कुमार का स्थान लेते हुए भारत के 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के रूप में पदभार ग्रहण किया था.