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विशेष आर्टिकल-UP AGRIVERSE: AI, IoT और GIS के जरिए उत्तर प्रदेश में कृषि क्रांति और किसानों का सशक्तिकरण

लखनऊ  UP AGRIVERSE, उत्तर प्रदेश कृषि विकास एवं ग्रामीण उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र सशक्तिकरण प्रोजेक्ट (UP-AGREES) का एक प्रमुख घटक, राज्य को कृषि 3.0 की ओर ले जा रहा है। 28 जनवरी 2025 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लॉन्च किया गया, यह डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र AI, IoT, GIS, ड्रोन और बिग डेटा एनालिटिक्स जैसे उपकरणों से लैस है, जो 10 लाख किसानों (30% महिलाएं) को रीयल-टाइम मॉनिटरिंग, निर्णय लेने और बाजार लिंकेज प्रदान करता है। विश्व बैंक समर्थित (₹4,000 करोड़ बजट) यह प्लेटफॉर्म पूर्वांचल के 21 जिलों (वाराणसी, गोरखपुर) और बुंदेलखंड के 7 जिलों (झांसी, बांदा) में लागू है। UPFR AgriStack के साथ एकीकृत, यह डिजिटल किसान रजिस्ट्री से eKCC (किसान क्रेडिट कार्ड) को समयबद्ध और किफायती बनाता है। PM मोदी के आत्मनिर्भर भारत विजन में UP AGRIVERSE उत्पादकता 30-35% बढ़ाने और जलवायु-स्मार्ट कृषि को साकार कर रहा है। UP AGRIVERSE का उद्देश्य: डिजिटल कृषि से आत्मनिर्भरता UP AGRIVERSE डेटा-ड्रिवन निर्णय पर फोकस करता है, जहां राष्ट्रीय कार्यक्रमों (IndEA, IDEA, Agristack) से जुड़कर डेटा शेयरिंग प्रोटोकॉल विकसित करता है। प्रमुख लक्ष्य: •    रीयल-टाइम मॉनिटरिंग: मौसम, मिट्टी स्वास्थ्य, फसल स्वास्थ्य। •    वित्तीय समावेश: eKCC से त्वरित ऋण, 500 किसानों को विदेश प्रशिक्षण। •    महिला सशक्तिकरण: 10,000 महिला उत्पादक समूह को डिजिटल लिंकेज। •    परिणाम: कृषि GSDP 28%, खाद्यान्न उत्पादन 23% राष्ट्रीय योगदान। UP AGRIVERSE के प्रमुख डिजिटल उपकरण: विस्तृत विवरण UP AGRIVERSE इंडस्ट्री 4.0 तकनीकों को एकीकृत करता है, जो किसानों को मोबाइल ऐप, डैशबोर्ड और API के माध्यम उपलब्ध हैं। यहां मुख्य उपकरण: उपकरण    विवरण    लाभ (किसानों के लिए) AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस)    – फसल रोग निदान (मोबाइल ऐप से फोटो अपलोड)। – उर्वरक/कीटनाशक सिफारिशें। – मौसम पूर्वानुमान और जलवायु जोखिम विश्लेषण।    – रोग पहचान 90% सटीक, फसल हानि 20% कम। – आय वृद्धि: सटीक सलाह से उत्पादन 15%+। IoT (इंटरनेट ऑफ थिंग्स)    – सेंसर-आधारित मिट्टी नमी, तापमान मॉनिटरिंग। – स्मार्ट इरिगेशन सिस्टम। – फसल स्वास्थ्य ट्रैकिंग।    – जल संरक्षण 30%, सूखे में सहायता। – रीयल-टाइम अलर्ट: मोबाइल नोटिफिकेशन। GIS (जियोग्राफिकल इंफॉर्मेशन सिस्टम)    – भूमि मैपिंग, फसल सर्वे (डिजिटल क्रॉप सर्वे)। – संसाधन आवंटन (बीज/उर्वरक वितरण)। – क्लस्टर-आधारित योजना।    – भूमि रिकॉर्ड डिजिटाइजेशन: UPFR से एकीकृत। – सब्सिडी वितरण: पारदर्शी, 98% निस्तारण। ड्रोन टेक्नोलॉजी    – हवाई सर्वे, कीटनाशक स्प्रे। – फसल स्वास्थ्य इमेजिंग (NDVI इंडेक्स)। – बाढ़/सूखा मैपिंग।    – स्प्रे कवरेज 95%, श्रम 50% कम। – बुंदेलखंड में उपयोग: जलवायु अनुकूलन। बिग डेटा एनालिटिक्स    – डेटा एनालिसिस से बाजार पूर्वानुमान। – MSP/बाजार मूल्य ट्रेंड। – eKCC क्रेडिट स्कोरिंग।    – बाजार लिंकेज: UP Mart से निर्यात। – वित्तीय पहुंच: ऋण स्वीकृति 70% तेज। अन्य विशेषताएं: •    UPFR AgriStack पोर्टल (upfr.agristack.gov.in): फार्मर ID जेनरेशन, डिजिटल क्रॉप सर्वे। •    मोबाइल ऐप: रीयल-टाइम मौसम, मिट्टी स्वास्थ्य, ब्लॉकचेन से ट्रेसिबिलिटी। •    एग्रो क्लस्टर: 15 एग्रो पार्क में एकीकृत, मछली पालन के लिए ICAR सहयोग। प्रेरक उदाहरण: उपकरणों से लाभान्वित किसान 1.    झांसी के रामू सिंह (बुंदेलखंड):  o    उपकरण: AI ऐप + IoT सेंसर। o    प्रभाव: गेहूं उत्पादन 20% बढ़ा, ₹50,000 मासिक आय। "ड्रोन ने सूखे को हराया।" 2.    वाराणसी की महिला SHG:  o    उपकरण: GIS + बिग डेटा। o    प्रभाव: 41 महिलाएं, सब्जी निर्यात से ₹1 करोड़ टर्नओवर। 3.    गोरखपुर मछली पालक:  o    उपकरण: ड्रोन + IoT। o    प्रभाव: उत्पादकता दोगुनी, 100 परिवार लाभान्वित। योगी आदित्यनाथ के प्रेरक उद्धरण: UP AGRIVERSE पर दृष्टि •    लॉन्च (28 जनवरी 2025):  "UP AGRIVERSE AI-IoT से Agriculture 3.0 लाएगा। 10 लाख किसान, 30% महिलाएं – उत्पादकता 30% बढ़ेगी, $1 ट्रिलियन इकोनॉमी का आधार।" •    उच्चस्तरीय बैठक (अगस्त 2024):  "डिजिटल उपकरण जलवायु चुनौतियां अवसर बनाएंगे। GIS-ड्रोन से सटीक कृषि!" निष्कर्ष: UP AGRIVERSE – डिजिटल कृषि का नया युग UP AGRIVERSE के AI, IoT, GIS जैसे उपकरण 10 लाख किसानों को सशक्त कर उत्पादकता 35% बढ़ा रहे हैं। योगी सरकार का यह प्रयास वैश्विक खाद्य हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर है। किसान, डिजिटल जुड़ें! जय किसान! जय उत्तर प्रदेश!

उत्तर भारत में बढ़ेगी ठंड! 21 से 25 नवंबर तक नया पश्चिमी विक्षोभ देगा दस्तक

कन्नौज   मौसम विभाग के अनुसार कानपुर मंडल में अगले कुछ दिनों तक आसमान बिल्कुल साफ रहेगा। दिन में तेज धूप निकलेगी। जिससे दिन का तापमान औसत के आसपास रहेगा। गंगा के मैदानी क्षेत्रों में उत्तर और पश्चिमी दिशाओं से आने वाली दवाओं का असर दिखाई पड़ेगा। रात के तापमान में लगातार गिरावट आएगी। 21 से 25 नवंबर के बीच उत्तर भारत के मौसम को नया पश्चिमी विक्षोभ प्रभावित करेगा। मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर एसएन सुनील पांडे ने बताया कि फिलहाल देश में कोई सक्रिय मौसम प्रणाली मौजूद नहीं है। न्यूनतम तापमान में उत्तर पश्चिम हवाओं के कारण गिरावट बनी रहेगी। मौसम विभाग के अनुसार आज रात का न्यूनतम तापमान 12 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। इस हफ्ते तापमान 11 डिग्री नीचे तक पहुंच सकता है। इस बीच बारिश की कोई संभावना नहीं है। कैसा रहेगा आज रात और कल का मौसम? मौसम विभाग के अनुसार आज रात का न्यूनतम तापमान 12 डिग्री रहने का अनुमान है। पश्चिम दिशा से आने वाली हवाएं मौसम को प्रभावित करेंगी। सोमवार, 10 नवंबर का तापमान 12 से 27 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा। पश्चिम दिशा से आने वाली हवाएं मौसम को प्रभावित करेंगी। 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। रात में मौसम साफ रहेगा। 7 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। बारिश की कोई संभावना नहीं है।   कैसा रहेगा 16 नवंबर तक का मौसम? मौसम विभाग के अनुसार 11 नवंबर मंगलवार का तापमान 12 से 28 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। आसमान साफ रहेगा। जबकि 12 और 13 नवंबर का तापमान 12 से 27 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। 14, 15 और 16 नवंबर का तापमान 11 से 26 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। इस दौरान आसमान साफ रहेगा। बारिश की कोई संभावना नहीं है। इस दौरान उत्तर और पश्चिम दिशा से आने वाली हवाएं मौसम पर अपना प्रभाव डालेंगी। रात का तापमान 11 डिग्री तक पहुंच रहा है।

बीजेपी और सहयोगी लोकतंत्र के खिलाफ, लूटतंत्र के पक्ष में: अखिलेश का आरोप

लखनऊ समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वीवीपैट पर्चियां कूड़े में पड़ी मिलने पर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा है। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सच्चे स्वच्छ भारत’ के लिए भाजपा राज में चुनाव आयोग के कुछ लोगों द्वारा फैलाया गया धांधलियों का कूड़ा हटना भी ज़रूरी है।  भाजपा और उसके संगी-साथी लोकतंत्र में नहीं, लूटतंत्र में विश्वास करते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा और उसके संगी-साथी लोकतंत्र में नहीं लूटतंत्र में विश्वास करते हैं। इन्होंने आजादी के पहले से लेकर आज तक सदैव पिछले दरवाज़ेवाली, ख़ुफ़ियाखोरी का काम किया है। इन मुख़बरीजीवी लोगों की ये सेंधमारी अब खुल गई है और जनता घपले-घोटालों को सहने की सीमा पार कर चुकी है। ये पिछले दरवाज़ेवाले अपने अगले दरवाजे की जन-दस्तक को सुनें। सपा मुखिया ने कहा कि चुनाव आयोग में ईमानदार लोगों की उपेक्षा हो रही है। मिलीभगत से चुनावी गोरखधंधे में संलिप्त कुछ अधिकारियों की वजह से चुनाव आयोग की शुचिता और प्रतिष्ठा पर जो आँच आई है, उसे दूर करना ही होगा। भ्रष्टों का भंडाफोड़ लगातार जारी रखना है। दीमक की तरह लोकतंत्र को अंदर से खोखला करने वालों के दिन अब लद गये हैं। नई पीढ़ी, नये भविष्य का निर्माण करेगी। ज्ञात हो कि बिहार विधानसभा चुनाव के बीच में समस्तीपुर जिले के सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र के शीतलपट्टी गांव के पास हजारों वीवीपैट पर्चियां कूड़े में फेंकी हुई पाई गईं। जिनका एक वीडियो वायरल हो रहा है।  बताया गया कि इस विधानसभा क्षेत्र में 6 नवंबर को मतदान हुआ था, जबकि 8 नवंबर को ग्रामीणों ने कूड़े के ढेर में वीवीपैट पर्चियां देखीं। राजनीतिक मामला गरमाया है। सूचना मिलते ही समस्तीपुर के जिलाधिकारी पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने सभी पर्चियों को मौके से जब्त कर लिया और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। इस पूरे मामले का वीडियो वायरल होने पर सियासत गर्म है।

राज्यभर में पुलिस महकमे में फेरबदल: 23 एडिशनल एसपी बदले गए, देखें आपके जिले में कौन तैनात हुआ

लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार ने रविवार को पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया है। प्रदेश में 23 एडिशनल एसपी (अपर पुलिस अधीक्षक) के तबादले किए गए हैं। गृह विभाग ने इसकी सूची जारी कर दी है। नए आदेश के अनुसार, बी.एस. वी. कुमार को उपसेनानायक, 47वीं वाहिनी पीएसी गाजियाबाद बनाया गया है। सच्चिनानंद को अपर पुलिस अधीक्षक एसएसएफ मुख्यालय लखनऊ में तैनाती मिली है। डॉ. संजय कुमार को उपसेनानायक, 27वीं वाहिनी पीएसी, सीतापुर भेजा गया है। इन अफसरों का भी हुआ तबादला इसके अलावा सुबोध गौतम को अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी), हरदोई बनाया गया है। नृपेंद्र को अपर पुलिस उपायुक्त, कमिश्नरेट वाराणसी नियुक्त किया गया है।निवेश कटियार को अपर पुलिस अधीक्षक, यूपी 112 लखनऊ में तैनात किया गया है और दिनेश कुमार पुरी को अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी), गोरखपुर भेजा गया है। वहीं, संतोष कुमार द्वितीय का गोरखपुर तबादला निरस्त कर दिया गया है, वे अब मुख्यालय पुलिस महानिदेशक कार्यालय में ही रहेंगे। सीताराम को अपर पुलिस अधीक्षक (विधि प्रकोष्ठ) मुख्यालय, लखनऊ बनाया गया है। इन अधिकारियों को भी मिली नई जिम्मदारी आदेश के मुताबिक, सिद्धार्थ वर्मा को कुशीनगर में एएसपी के रूप में तैनाती दी गई है। सुमित शुक्ला को शामली भेजा गया है। ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद को अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी), गोरखपुर बनाया गया है। अशोक कुमार सिंह को अपर पुलिस अधीक्षक (नगर), बहराइच तैनात किया गया है। राजकुमार सिंह को ईओडब्ल्यू लखनऊ भेजा गया है। संतोष कुमार सिंह को अपर पुलिस अधीक्षक (सुरक्षा), गोरखपुर बनाया गया है। जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव को अपर पुलिस अधीक्षक सीआईडी, लखनऊ नियुक्त किया गया है। रामानंद कुशवाहा को अपर पुलिस अधीक्षक हाथरस बनाया गया है। जितेंद्र कुमार प्रथम को यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड में एएसपी के रूप में भेजा गया है। इन जिलों में भी हुई नई तैनातियां वहीं, चिरंजीव मुखर्जी को अपर पुलिस उपायुक्त, कमिश्नरेट प्रयागराज बनाया गया है। श्वेताभ पांडेय को अपर पुलिस अधीक्षक (नगर), एटा में तैनाती दी गई है।आलोक कुमार जायसवाल को अपर पुलिस अधीक्षक, फतेहगढ़ बनाया गया है। शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव को अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात), सहारनपुर भेजा गया है। डॉ. राकेश कुमार मिश्र को अपर पुलिस अधीक्षक (नगर), गाजीपुर में तैनाती दी गई है। सरकार के इस आदेश के बाद कई जिलों में पुलिस प्रशासन में नई तैनातियां हो गई हैं।

मायावती ने दी उत्तराखंड को 25वीं वर्षगांठ की शुभकामनाएँ, कहा— ईमानदार शासन से होगा विकास

लखनऊ उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री बसपा सुप्रीमो मायावती ने उत्तराखण्ड राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि उत्तराखंड राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ अर्थात् उत्तराखण्ड रजत जयंती पर राज्य के समस्त भाई-बहनों व उनके परिवार वालों को हार्दिक बधाई।   बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) की उत्तर प्रदेश में मेरी रही सरकार द्वारा कई नए जिले, तहसील व ब्लाक आदि बनाकर उत्तराखंड में जनहित, जनकल्याण व विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ पार्टी के समर्थन से बने नये उत्तराखण्ड राज्य के लोगों का जीवन भी ख़ुश एवं खुशहाल हो, यही शुभकामनायें। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन भी सही नीयत व नीति से कार्य करे तो यह बेहतर। जिससे उत्तराखंउ का विकास हो सके। आप को बता दें कि लंबे समय से चली आ रही पृथक राज्य की मांग को स्वीकार करते हुए उत्तर प्रदेश के एक हिस्से को काट कर 2000 में उत्तराखंड की स्थापना कर नया राज्य बनाया गया था।

UP में हैरान करने वाला केस: सर्जरी के बाद पैर की लंबाई घट गई, डॉक्टरों पर कार्रवाई

कानपुर  कानपुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पैर की हड्डी के ऑपरेशन के बाद मरीज का पैर एक इंच छोटा हो गया। इस लापरवाही को लेकर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने अस्पताल और डॉक्टर को तीन लाख रुपये हर्जाने का भुगतान करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही आयोग ने आदेश दिया कि यह राशि परिवाद दाखिल करने की तारीख से भुगतान तक सात प्रतिशत ब्याज सहित दी जाए। इसके अतिरिक्त पीड़ित को 60 हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति और 10 हजार रुपये वाद व्यय भी प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। मामला मेडिकल कॉलेज कैंपस निवासी दिनेश कुमार शुक्ला से जुड़ा है। उन्होंने 19 फरवरी 2018 को डा. गोविंद त्रिवेदी, ट्रामा एंड ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जन, वेदान्ता हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, आर्यनगर, तथा द न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी, बिरहाना रोड के खिलाफ परिवाद दाखिल किया था। परिवाद में उन्होंने बताया कि उनका दाहिना पैर टूट गया था, जिसके बाद 5 अप्रैल 2016 को डा. गोविंद त्रिवेदी ने उनका ऑपरेशन किया था। ऑपरेशन के दौरान पैर में रॉड और नट-बोल्ट लगाई गई थी। सभी भुगतान करने के बाद उन्हें 12 अप्रैल 2016 को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।   कुछ समय बाद दिनेश को पैर में लगातार दर्द और तकलीफ होने लगी। इस पर उन्होंने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के आर्थोपेडिक्स विभागाध्यक्ष डा. ए.के. गुप्ता को दिखाया। परीक्षण के बाद डॉक्टर ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान उनका पैर छोटा हो गया है। इसके बाद उन्होंने संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SGPGI), लखनऊ की बोन डेंसिटोमेट्री लैब में शरीर का स्कैन कराया। रिपोर्ट 6 फरवरी 2017 को आई, जिसमें यह पुष्टि हुई कि ऑपरेशन में लापरवाही के चलते पैर लगभग एक इंच छोटा हो गया है। सुनवाई के दौरान डा. गोविंद त्रिवेदी ने आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा कि मरीज पहले से कई बीमारियों से पीड़ित था और ऑपरेशन उसकी सहमति से किया गया था। वहीं, बीमा कंपनी ने कहा कि परिवादी किसी भी प्रकार की क्षतिपूर्ति पाने का अधिकारी नहीं है। हालांकि, आयोग के अध्यक्ष विनोद कुमार और सदस्य नीलम यादव ने वादी के पक्ष में फैसला सुनाया और हर्जाना देने का आदेश जारी किया। डा. गोविंद त्रिवेदी ने कहा, "पैर लगभग एक सेंटीमीटर छोटा हुआ है, जो सामान्य प्रक्रिया है।" उन्होंने कहा कि इस आदेश के खिलाफ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में अपील की जाएगी।

ओवरलोडिंग बनी मौत की वजह: शिवगढ़ में पलटी मजदूरों से भरी पिकअप, कई घायल

रायबरेली शिवगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत भवानीगढ़-बहुदा संपर्क मार्ग पर बेड़ारु गांव के पास सोमवार सुबह करीब 7.30 बजे उस वक्त चीख-पुकार मच गई जब मजदूरों से खचाखच भरी एक तेज रफ्तार पिकअप वैन अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरी खाई में जा गिरी. हादसा इतना भयानक था कि वैन का आगे का हिस्सा पूरी तरह से चकनाचूर हो गया और उसमें सवार मजदूर दूर फेंका गए. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पिकअप वैन में क्षमता से करीब तीन गुना ज्यादा मजदूर सवार थे. बताया जा रहा है कि वाहन में करीब 25-30 लोग सवार थे. जो अमेठी के विभिन्न गांवों से ईंट-भट्ठों पर काम करने जा रहे थे. वैन चालक स्पीड से वाहन दौड़ा रहा था और सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों और उबड़-खाबड़ हिस्से से बचने के प्रयास में वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटना का शिकार हो गया. जिसके बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने तुरंत घायलों को बाहर निकाला और डायल-112 को हादसे की सूचना दी. ग्रामीणों ने फौरन अपनी-अपनी बाइक और टेम्पो से घायलों को शिवगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना शुरू किया. इसी बीच डायल-112 की दो पीआरवी वाहन भी मौके पर पहुंची और पुलिसकर्मियों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया. सीएचसी शिवगढ़ में प्राथमिक उपचार के दौरान एक मजदूर (आयु करीब 45 वर्ष) ने दम तोड़ दिया. मृतक की शिनाख्त अभी नहीं हो पाई है, लेकिन उसके पास से मिले आधार कार्ड के अनुसार उसका नाम रामलखन पुत्र स्वामी नाथ, निवासी ग्राम भिटारी, थाना जामो, जिला अमेठी बताया जा रहा है. वहीं 7 घायल मजदूरों की हालत गंभीर बनी हुई है. जिनमें से तीन को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया है. शिवगढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है. हादसे के बाद मौके पर जुटे सैकड़ों ग्रामीणों ने भवानीगढ़-बहुदा संपर्क मार्ग की जर्जर हालत को कोसा। ग्रामीण नेता रामचंद्र यादव व पूर्व प्रधान पति रामनगीना यादव ने बताया कि यह मार्ग कई साल से बदहाल है। बार-बार शिकायत के बावजूद न तो गड्ढे भरे गए और न ही मार्ग की मरम्मत हुई। यही वजह है कि आए दिन यहां छोटे-बड़े हादसे होते रहते हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर एक सप्ताह में मार्ग की मरम्मत शुरू नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

यूपी में आंगनवाड़ी भर्ती शुरू: घर बैठे करें अप्लाई, जानें योग्यता और चयन प्रक्रिया

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में आंगनवाड़ी के पदों पर बड़ी भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग ने राज्यभर की विभिन्न बाल विकास परियोजनाओं के अंतर्गत महिला उम्मीदवारों के लिए भर्ती की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इच्छुक व योग्य महिला अभ्यर्थी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट upanganwadibharti.in पर जाकर आवेदन कर सकती हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 20 नवंबर 2025 तय की गई है। योग्यता मानदंड आंगनवाड़ी पदों के लिए आवेदन करने वाली महिला अभ्यर्थी के पास किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या संस्थान से कम से कम 12वीं पास या समकक्ष शैक्षणिक योग्यता होनी आवश्यक है। उम्मीदवार की आयु 17 सितंबर 2025 के अनुसार 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। वेतनमान चयनित महिला अभ्यर्थियों को विभाग की ओर से प्रतिमाह 4500 रुपये का मानदेय प्रदान किया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया इच्छुक महिला उम्मीदवार नीचे बताए गए चरणों के अनुसार ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं: 1. सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट upanganwadibharti.in पर जाएं। 2. होमपेज पर उपलब्ध ‘Latest Links’ सेक्शन में जाएं। 3. वहां पर ‘Anganwadi Worker Registration’ लिंक पर क्लिक करें। 4. मांगी गई जानकारी जैसे नाम, पिता का नाम, जिला और मोबाइल नंबर भरें। 5. अपनी शैक्षणिक योग्यता का विवरण दर्ज करें। 6. सभी जानकारी भरने के बाद फॉर्म सबमिट करें और भविष्य के लिए उसका प्रिंटआउट अवश्य लें।   विशेष शर्तें अभ्यर्थी उसी ग्राम क्षेत्र की निवासी होनी चाहिए, जिसके लिए विज्ञापन जारी किया गया है। एक ही आंगनवाड़ी केंद्र पर एक ही परिवार की दो महिलाओं की नियुक्ति मान्य नहीं होगी। यह भर्ती प्रदेश की महिलाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है, खासकर उन उम्मीदवारों के लिए जो अपने ही क्षेत्र में सेवा करते हुए समाज के विकास में योगदान देना चाहती हैं।

उपज बढ़ाने के लिए बीजशोधन अनिवार्य: रबी फसलों की तैयारी पर जोर

औरैया जिला कृषि रक्षा अधिकारी शैलेन्द्र कुमार वर्मा ने किसानों को रबी की फसलों में शत-प्रतिशत बीजशोधन करने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रतिवर्ष फसलों को खरपतवारों, रोगों, कीटों और चूहों से 15 से 20 प्रतिशत तक नुकसान होता है। इनमें रोगों से होने वाली क्षति सबसे अधिक होती है। बीज व भूमि जनित रोगों से बचाव हेतु बीजशोधन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि “बीज शोधन” से फसलें रोगों से सुरक्षित रहती हैं और कम लागत में अधिक पैदावार संभव होती है, जिससे किसान की आय में वृद्धि होती है। बीजशोधन न करने पर फफूंद और जीवाणु जनित रोगों का प्रकोप बढ़ जाता है, जो फसल को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। अधिकारी ने बताया कि आलू की फसल में जीवाणु झुलसा और जीवाणुधारी रोग से बचाव के लिए स्ट्रेप्टोमायसीन सल्फेट 90% + टेट्रासाइक्लिन हाइड्रोक्लोराइड 10% की 4 ग्राम मात्रा प्रति 25 किग्रा बीज के हिसाब से 10 लीटर पानी में मिलाकर रात भर भिगोकर अगले दिन छाया में सुखाकर बोना चाहिए। वहीं गेहूं, जौ, चना, मटर, सरसों/राई और मसूर के बीजों को कार्बेन्डाजिम (50% डब्लूपी) 2 ग्राम या थीरम (75% डब्लूएस) 2.5 ग्राम प्रति किग्रा बीज की दर से शोधन करना उपयोगी है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि किसान ट्राइकोडर्मा का प्रयोग 4 ग्राम प्रति किग्रा बीज के हिसाब से कर सकते हैं। भूमि जनित रोगों से बचाव के लिए 2.5 किग्रा ट्राइकोडर्मा (2% डब्लूपी) तथा ब्यूबैरिया बेसियाना (1% डब्लूपी) को 65–70 किग्रा गोबर की सड़ी खाद में मिलाकर 10–12 दिन छाया में रखकर अंतिम जुताई के समय खेत में प्रयोग करें। उन्होंने यह भी बताया कि विभिन्न कृषि रक्षा रसायन विकासखंड स्तर की कृषि रक्षा इकाइयों पर 50 से 75 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध हैं। किसान अपनी फसलों में कीट या रोग संबंधी समस्या का समाधान पाने के लिए फोटो सहित अपना नाम, ग्राम, विकासखंड एवं पंजीकरण नंबर लिखते हुए मोबाइल नंबर 9452247111 या 9452257111 पर एसएमएस या व्हाट्सएप भेज सकते हैं। विभाग द्वारा 48 घंटे के भीतर समाधान उपलब्ध कराया जाएगा।  

मंगलाकाली मंदिर के पास 8090 वर्गमीटर भूमि पर करीब 6 माह में होगा निर्माण

औरैया उत्तर प्रदेश के औरैया में परिवहन विभाग अब सीज किए गए वाहनों को सुरक्षित रूप से खड़ा करने में परेशान नहीं होगा। इसके लिए विभाग ने मंगलाकाली मंदिर के पास करीब 8090 वर्गमीटर क्षेत्रफल में नया यार्ड बनाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। यह यार्ड तैयार होने के बाद थानों और कोतवाली परिसरों के बाहर खड़े वाहनों की अव्यवस्था खत्म हो जाएगी और वाहनों की चोरी की घटनाओं पर भी रोक लगेगी। अभी तक विभाग द्वारा कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए वाहनों को देवकली मंदिर के पास या थानों के बाहर खड़ा किया जाता था। ऐसे में सुरक्षा और रखरखाव की जिम्मेदारी बड़ी चुनौती बनी रहती थी। देवकली मंदिर के पास खड़े वाहनों की निगरानी के लिए पुलिस लाइन से कर्मियों की ड्यूटी लगानी पड़ती थी। वर्ष 2023 में देवकली मंदिर के पास से और अजीतमल कोतवाली से दो ट्रक चोरी हो जाने की घटनाओं ने विभाग को झकझोर दिया था। पुलिस ने दोनों वाहनों को दूसरे जनपद से बरामद किया था। इसके बाद से ही एक सुरक्षित और स्थायी यार्ड की जरूरत महसूस की जा रही थी। विभाग ने करीब एक वर्ष पहले यार्ड निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा था, जिसे अब स्वीकृति मिल गई है। देवकली के बीहड़ क्षेत्र में जमीन चयनित कर निर्माण कार्य शुरू कराया गया है, लेकिन कुछ तकनीकी खामियों के कारण फिलहाल कार्य रुका हुआ है। एआरटीओ एन.सी. शर्मा ने बताया कि यार्ड का ले-आउट दोबारा शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य दोबारा शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद करीब छह माह में यार्ड का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। नए यार्ड के निर्माण से न केवल परिवहन विभाग को सुविधा मिलेगी बल्कि थानों के बाहर खड़े जब्त वाहनों से निजात मिलने के साथ-साथ चोरी की घटनाओं पर भी अंकुश लग सकेगा।