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राम नगरी की ओर श्रद्धा का कारवां: मनेंद्रगढ़ से 49 श्रद्धालु अयोध्या रवाना

राम नगरी की ओर श्रद्धा का कारवां: मनेंद्रगढ़ से 49 श्रद्धालु अयोध्या रवाना मनेन्द्रगढ़/एमसीबी छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी “श्री रामलला दर्शन (अयोध्या धाम) योजना” के तहत मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले से चयनित श्रद्धालुओं का दल आज गहरी आस्था और उत्साह के साथ अयोध्या धाम के लिए रवाना हुआ। इस जनकल्याणकारी पहल के माध्यम से आम नागरिकों को भगवान श्रीराम के पावन जन्मस्थल के दर्शन का सुअवसर मिल रहा है। जिले के नगरीय निकायों और जनपद पंचायतों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर 57 श्रद्धालुओं की सूची तैयार कर छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड को भेजी गई थी, जिनमें से 49 श्रद्धालु यात्रा पर निकले। मनेंद्रगढ़ से बस द्वारा अंबिकापुर पहुंचने के बाद श्रद्धालु विशेष ट्रेन के माध्यम से अयोध्या धाम के लिए प्रस्थान करेंगे। 21 से 24 अप्रैल 2026 तक प्रस्तावित इस यात्रा के दौरान ठहरने, भोजन, दर्शन, सुरक्षा और चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएं शासन और जिला प्रशासन द्वारा सुनिश्चित की गई हैं। यात्रा दल के साथ एक एस्कॉर्ट अधिकारी भी नियुक्त किया गया है, जो पूरी यात्रा के दौरान व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे। भक्ति और उल्लास से गूंजा वातावरण रवाना होते समय श्रद्धालुओं के चेहरों पर आस्था और खुशी साफ झलक रही थी। राम धुन, भजन और जयघोषों के बीच पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने इस अवसर के लिए शासन के प्रति आभार जताते हुए इसे जीवन का एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव बताया। संस्कृति से जुड़ाव का सशक्त माध्यम “श्री रामलला दर्शन योजना” केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि लोगों को भारतीय संस्कृति, आस्था और परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है। अयोध्या धाम में श्रीरामलला के दर्शन श्रद्धालुओं के जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करेंगे। यह पहल राज्य में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में भी अहम भूमिका निभा रही है।

विकास को लेकर सख्त रुख: कलेक्टर ने कहा—5 साल की प्लानिंग बनाएं, DMF नियमों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

एमसीबी. कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर डी. राहुल वेंकट की अध्यक्षता में आयोजित समय-सीमा समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। बैठक में खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और वित्तीय अनुशासन पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि केंद्र सरकार द्वारा लागू प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY-2024) के संशोधित दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 9B(3) के तहत अधिसूचित इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना है। बैठक में कलेक्टर ने जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) अंतर्गत संचालित एवं प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि केवल उन्हीं परियोजनाओं को स्वीकृति दी जाए, जो सीधे तौर पर खनन प्रभावित क्षेत्रों और वहां के निवासियों को लाभ पहुंचाती हों। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत लाभ या योजना की मूल भावना के विपरीत कार्यों को किसी भी स्थिति में स्वीकृति नहीं दी जाएगी। कलेक्टर ने सख्ती दिखाते हुए कहा कि व्यायामशाला नवीनीकरण, मुर्गों की लड़ाई के लिए चबूतरा निर्माण, पंचायत उपयोग हेतु मोबाइल/वाहन क्रय जैसे कार्य पूर्णतः प्रतिबंधित हैं और ऐसे प्रस्तावों को तत्काल निरस्त किया जाए। साथ ही मूर्तियां, स्मारक, हेलीपैड, शॉपिंग मॉल, मल्टीप्लेक्स, निजी औद्योगिक पार्क, राजनीतिक कार्यक्रम, अधिकारियों के लिए वाहन एवं मोबाइल खरीद जैसी गतिविधियों को भी योजना से बाहर रखने के निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान सभी विभागों को 5 वर्षीय Perspective Plan (दीर्घकालिक योजना) तैयार करने के निर्देश दिए गए, जिसे 15 मई 2026 तक ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इस योजना में आगामी पांच वर्षों के लिए जिले के समग्र विकास का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया जाएगा। 50 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं के लिए अलग विस्तृत योजना तथा 25-30 करोड़ रुपये के कार्यों को प्राथमिकता में शामिल करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने सभी विभागों को खनन प्रभावित गांवों की सूची के आधार पर योजनाओं का चयन करने तथा पंचायत, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, विद्युत, क्रेडा और उद्यानिकी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश दिए। महिला एवं बाल विकास विभाग को आंगनबाड़ी केंद्रों का सर्वे कर उनकी स्थिति का आकलन करने तथा प्रति वर्ष कम से कम 30 केंद्रों के निर्माण या उन्नयन का लक्ष्य निर्धारित करने को कहा गया। स्वास्थ्य विभाग को डॉक्टरों की उपलब्धता एवं प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए, जबकि पंचायत विभाग को जल संरक्षण हेतु चेक डैम निर्माण की योजना तैयार करने को कहा गया। कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक अधोसंरचना परियोजना में बिजली सुविधा अनिवार्य रूप से शामिल की जाए, ताकि सभी परिसंपत्तियां पूर्ण रूप से उपयोगी बन सकें। साथ ही सभी विभागों को अपने कार्यों की जानकारी नियमित रूप से ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए गए, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण, सीमांकन, बंटवारा एवं नामांतरण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। बैठक में विभिन्न विभागों के रिक्त पदों, वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक व्यय की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक व्यय को न्यूनतम रखते हुए अधिक से अधिक राशि जनहितकारी कार्यों पर खर्च की जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों की अनदेखी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

युवाओं के लिए बड़ी पहल: जगदलपुर में अग्निवीर भर्ती हेतु निःशुल्क कोचिंग का ऐलान

जगदलपुर. भारतीय थल सेना में अपनी सेवाएं देने का सपना देख रहे जिले के युवाओं के लिए जिला प्रशासन ने सहायता का हाथ बढ़ाया है। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र जगदलपुर से मिली जानकारी के अनुसार जून 2026 में प्रस्तावित अग्निवीर सेना भर्ती की ऑनलाइन परीक्षा को ध्यान में रखते हुए जिले के पंजीकृत अभ्यर्थियों के लिए निःशुल्क कोचिंग क्लास आयोजित की जा रही है। यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आगामी 4 मई से शुरू होकर 4 जून तक संचालित किया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं को लिखित परीक्षा के लिए तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है। इस वर्ष बस्तर जिले से कुल 620 अभ्यर्थियों ने थल सेना की वेबसाइट पर अपना सफल पंजीकरण कराया है। इन युवाओं को परीक्षा की बारीकियां समझाने और उनकी तैयारी को पुख्ता करने की दिशा में निःशुल्क कोचिंग प्रदान करने हेतु जिला प्रशासन द्वारा 30 अप्रैल तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक उम्मीदवार रोजगार विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://erojgar.cg.gov.in/ पर जाकर या विभाग द्वारा जारी क्यूआर कोड को स्कैन करके अपना आवेदन ऑनलाइन माध्यम से जमा कर सकते हैं। इस निःशुल्क प्रशिक्षण का लाभ केवल वही युवा उठा पाएंगे जिनके पास रोजगार कार्यालय का वैध पंजीयन और अग्निवीर थल सेना भर्ती 2026 का आधिकारिक पंजीकरण क्रमांक उपलब्ध होगा। 

महिला आरक्षण बिल पर सियासत गरम: अरुण साव बोले- महिलाएं कांग्रेस को नहीं करेंगी माफ

रायपुर. नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लोकसभा में पारित नहीं हो पाने से पहले ही भाजपा नेताओं का गुस्से पर आज छत्तीसगढ़ पहुंची कांग्रेस सांसद रंजीता रंजन के बयान ने आग में घी डालने का काम किया. यह गुस्सा उप मुख्यमंत्री अरुण साव के बयान में साफ नजर आया, जब उन्होंने बिल पारित होने को कांग्रेस की ऐतिहासिक गलती करार देते हुए कहा कि इसके लिए छत्तीसगढ़ की महिलाएं कभी माफ नहीं करेंगी. उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में पत्रकारों से नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लोकसभा में पारित नहीं हो पाने पर कहा कि वास्तव में देश की आधी आबादी के साथ अन्याय और धोखा हुआ है. दशकों तक नारी शक्ति को उनके अधिकार से वंचित किया गया है. जब नगरीय निकायों एवं पंचायतों में महिलाओं को आरक्षण मिला हुआ है, तो उन्हें विधानसभा और लोकसभा में आरक्षण क्यों नहीं मिलना चाहिए? उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने पिछले चार दशकों से महिलाओं को उनके अधिकार से वंचित रखा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने प्रयत्न किया कि आधी आबादी को उनका अधिकार मिले, लेकिन कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने षड्यंत्र करके नारी शक्ति को फिर से उनके अधिकार से वंचित किया है. उनकी आवाज को और बुलंद करने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है. उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि ये कितनी हास्यास्पद बात है कि छत्तीसगढ़ के तीन करोड़ लोगों की उपेक्षा करके जिस रंजीता रंजन को राज्यसभा में भेजा गया, वही रंजीता रंजन जी आज छत्तीसगढ़ आ रही हैं. जिसने संसद में बिल के खिलाफ समर्थन कर छत्तीसगढ़ के माताएं और बहनों को अधिकार से वंचित किया. साव ने कहा कि वास्तव में कांग्रेस छत्तीसगढ़ के साथ और छत्तीसगढ़ की आधी आबादी के साथ धोखा हुआ है. भविष्य में कांग्रेस को यह बहुत भारी पड़ने वाली है. छत्तीसगढ़ की माताएं-बहनें कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगी. उनके अधिकारों से वंचित करने वाली ही आज इस विषय में सवाल करने आ रही है, ये कितनी हास्यास्पद बात है. उन्हें तो पहले छत्तीसगढ़ की आधी आबादी के सवालों का जवाब देना होगा.

देहदान कर मृत्यु के बाद भी सेवा का सबक सिखा गए चक्रवर्ती

भिलाई (वैशाली नगर).   सुबोध कुमार चक्रवर्ती की देहदान की इच्छा के अनुरूप कल उनके निधन केपश्चात् परिवार द्वारा मेडिकल कॉलेज को उनका शरीर सौंप दिया गया । चक्रवर्ती  ने तीन वर्ष पूर्व नवदृष्टि फाउंडेशन के माध्यम से देहदान का संकल्प लिया था । कल मध्य रात्रि सेक्टर 9 हॉस्पिटल में उनके निधन का समाचार मिलते ही उनकी पुत्री  शिल्पी घोष चौधरी ने गुजरात से नवदृष्टि फाउंडेशन के सदस्यों को फोन कर पिता के देहदान कर उनकी इच्छा पूर्ण की । परिवार के सदस्यों पुत्री शिल्पी घोष चौधरी, पत्नी श्रीमती कल्पिता चक्रवर्ती एवं भांजे रंजीत चक्रबोर्ती की सहमति से देहदान की प्रक्रिया संपन्न हुई। नवदृष्टि फाउंडेशन के कुलवंत भाटिया एवं  प्रभु दयाल उजाला ने वैशाली नगर स्थित निवास पहुंचकर देहदान प्रक्रीया  में सहयोग किया। शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अंजलि वंजारी के निर्देशन में संदीप रिशबुड, दीपक रवानी एवं दयाराम की टीम द्वारा देहदान की प्रक्रिया पूर्ण की गई। स्वर्गीय चक्रवर्ती की पत्नी श्रीमती कल्पिता चक्रवर्ती ने बताया कि उनके पति ने जीवनकाल में सदैव समाज सेवा को महत्व दिया और देहदान का संकल्प भी उसी भावना से लिया था।  आज उनके परिवार ने अपने मुखिया की अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए यह पुण्य कार्य संपन्न किया।उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने स्वयं भी अपने पति के साथ देहदान का संकल्प लिया है। पुत्री शिल्पी घोष चौधरी ने भावुक होकर कहा कि पिता के निधन से पूरा परिवार गहरे सदमे में है, किन्तु उनकी अंतिम इच्छा को पूरा कर उन्हें गर्व एवं आत्मसंतोष की अनुभूति हो रही है। नवदृष्टि फाउंडेशन के प्रभु दयाल उजाला ने चक्रवर्ती परिवार के इस साहसिक निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम समाज में देहदान एवं नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। नवदृष्टि फाउंडेशन की ओर से अनिल बल्लेवार, कुलवंत भाटिया, राज आढ़तिया, प्रवीण तिवारी, मुकेश आढ़तिया, हरमन दुलई, रितेश जैन, राजेश पारख, जितेंद्र हासवानी, मंगल अग्रवाल, किरण भंडारी, उज्जवल पींचा, सत्येंद्र राजपूत, सुरेश जैन, पीयूष मालवीय, दीपक बंसल, विकास जायसवाल, मुकेश राठी, प्रभु दयाल उजाला, प्रमोद बाघ, सपन जैन, यतीन्द्र चावड़ा, जितेंद्र कारिया, बंसी अग्रवाल, अभिजीत पारख, मोहित अग्रवाल, चेतन जैन, दयाराम टांक, विनोद जैन एवं राकेश जैन सहित अन्य सदस्यों ने स्वर्गीय सुबोध कुमार चक्रवर्ती को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए चक्रवर्ती परिवार को इस पुनीत कार्य हेतु साधुवाद दिया।  

बच्चों के विकास पर फोकस: एमसीबी आयोजित करेगा स्किल बेस्ड समर प्रतियोगिता, 26-27 अप्रैल तय

एमसीबी. जिले के विद्यार्थियों में भाषायी एवं संख्यात्मक दक्षता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिला शिक्षा अधिकारी, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर द्वारा ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान स्किल बेस्ड समर प्रतियोगिता 2026 आयोजित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। यह प्रतियोगिता विकासखंड स्तर पर 27 अप्रैल 2026 को आयोजित की जाएगी, जिसमें प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर के छात्र-छात्राएं भाग लेंगे। जारी आदेश के अनुसार प्रतियोगिता दो स्तरों के प्राथमिक (कक्षा 3री से 5वीं) एवं माध्यमिक (कक्षा 6वीं से 8वीं) में आयोजित होगी। सभी शासकीय विद्यालयों के इच्छुक विद्यार्थियों को इसमें सम्मिलित किया जाएगा। प्रतियोगिता व्यक्तिगत (एकल) एवं समूह दोनों स्वरूपों में होगी, जिससे विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धात्मक भावना के साथ-साथ टीम वर्क एवं सहयोग की क्षमता का भी विकास हो सके। रचनात्मक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियों का समावेश इस प्रतियोगिता में कुल 7 प्रकार की गतिविधियां शामिल की गई हैं, जिनमें चित्र देखकर कहानी लेखन, प्रश्नोत्तरी, डिक्शनरी खोजो, शब्दों से वाक्य निर्माण, सुलेख, मापन तथा ‘कबाड़ से जुगाड़’ जैसी रचनात्मक गतिविधियां शामिल हैं। अधिकांश प्रतियोगिताओं की समय सीमा 25 मिनट निर्धारित की गई है, जबकि कुछ गतिविधियां 10 से 15 मिनट की अवधि में सम्पन्न कराई जाएंगी। जिला स्तरीय प्रतियोगिता 4 मई को निर्देशानुसार विकासखंड स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर प्रदान किया जाएगा। जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन 4 मई 2026 (सोमवार) को प्रातः 8रू00 बजे किया जाएगा। पुरस्कार एवं सम्मान की व्यवस्था प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को विकासखंड एवं जिला स्तर पर प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। साथ ही विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं संकुल शैक्षिक समन्वयकों को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। सफल संचालन हेतु निर्देश जारी जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को प्रतियोगिता का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आयोजन उपरांत पालन प्रतिवेदन एवं फोटोग्राफ 3 दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से कार्यालय में प्रस्तुत करने को कहा गया है। इस प्रतियोगिता के सफल संचालन हेतु सहायक परियोजना समन्वयक (समग्र शिक्षा) सूर्यदेव सिंह तथा जिला नोडल अधिकारी सुश्री खुशबू पी. दास को संपर्क अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह पहल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उनकी रचनात्मकता, तार्किक क्षमता एवं सीखने की रुचि को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

लू से बचाव के लिए नया टाइम टेबल: दोपहर में बंद रहेंगी राशन दुकानें, सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक खुलेंगी

रायपुर. छत्तीसगढ़ में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए सरकारी राशन दुकानों के संचालन के समय में बदलाव किया गया है। अब हितग्राहियों को राहत देने के लिए खाद्यान्न वितरण सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक किया जाएगा। नए आदेश के अनुसार दोपहर की तेज गर्मी को ध्यान में रखते हुए राशन दुकानें दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक बंद रहेंगी। इसके अलावा निर्धारित छुट्टियों के दिनों में दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी। पहले राशन दुकानें सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित हो रही थीं, जिससे तेज धूप में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। समय में बदलाव से अब लोगों को सुबह और शाम के अपेक्षाकृत ठंडे समय में राशन लेने की सुविधा मिल सकेगी। सरकार के इस फैसले से खासतौर पर बुजुर्गों, महिलाओं और मजदूर वर्ग को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। प्रशासन ने सभी उचित मूल्य दुकानों को नए समय का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। हितग्राहियों को मिलेगी राहत रायपुर खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा ने बताया कि, गर्मी में हितग्राहियों को राहत देने के लिए यह आदेश जारी किया है। छुट्टियों के दिन भी खुलेंगी दुकानें इस आदेश के साथ विभाग ने अब छुट्टियों के दिन सोमवार एवं रविवार को भी दुकानें खोलने के निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत अब कोई भी दुकानदार रविवार और सोमवार को दुकान बंद नहीं करेगा। किसी कारणवश अगर बंद करना है, तो इसके लिए विभाग से अनुमति लेनी होगी। 10 से शाम 5 बजे तक खुल रही थीं दुकानें अभी तक उचित मूल्य की दुकानें सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक ही खुल रही थीं, लेकिन जिस तरह से भीषण गर्मी पड़ रही है, इसे देखते हुए कलेक्टर गौरव सिंह के निर्देश पर खाद्य विभाग ने सभी दुकानों के खुलने के समय में बदलाव किया है, ताकि लोगों को दोपहर में चिलचिलाती धूप एवं गरम हवा से राहत मिल सके। इस आदेश के तहत अब सभी दुकानें सुबह 7 बजे खुलेंगी और रात 9 बजे बंद होंगी। हालांकि दोपहर में 2 घंटे दुकानदारों को दुकानें बंद रखने की छूट दी गई है। गर्मी को देखते हुए लिया गया फैसला खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बढ़ती गर्मी और लू के प्रभाव को देखते हुए राशन दुकानों के समय में विस्तार किया गया है। इसका उद्देश्य यह है कि लोग सुबह या शाम के समय आसानी से राशन प्राप्त कर सकें और दोपहर की तेज धूप से बचें। दोपहर में 1 से 3 बजे तक बंद रखने की छूट आदेश के अनुसार दुकानों को दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक आवश्यकतानुसार बंद रखा जा सकता है। यह निर्णय दुकानदारों और कर्मचारियों को भी गर्मी से राहत देने के लिए लिया गया है।

नाटक खत्म, संदेश शुरू: वनों के महत्व और जल संरक्षण पर जागरूकता मंचों ने बांधा समां

बीजापुर. बीजापुर के अति अंदरूनी इलाकों से अब बदलाव की नई तस्वीर सामने आ रही है। जो गांव कभी नक्सली प्रचार के केंद्र माने जाते थे, वहां अब जनजागरूकता की गूंज सुनाई दे रही है। पहले जहां भय के साए में चेतना नाट्य मंडलियों का मंचन होता था, अब वहां वन संरक्षण के संदेश दिए जा रहे हैं। ग्रामीण पहली बार खुले मन से नुक्कड़ नाटक देख रहे हैं और उत्साह से भागीदारी कर रहे हैं। कार्यक्रमों में जंगलों में आग नहीं लगाने और महुआ संग्रहण में सावधानी बरतने की अपील की गई। तेंदूपत्ता तोड़ाई के दौरान वन्यजीवों को नुकसान नहीं पहुंचाने का संदेश भी दिया गया। हल्बी, गोंडी, हिंदी और तेलुगु भाषा में ग्रामीणों को जागरूक किया गया। वनों के महत्व, जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन पर विशेष जानकारी दी गई। इंद्रावती टाइगर रिजर्व जैसे संवेदनशील क्षेत्र में यह अभियान बड़ा संदेश माना जा रहा है। जहां कभी बंदूक की भाषा थी, वहां अब संवाद की संस्कृति लौट रही है। बीजापुर की यह तस्वीर बताती है कि शांति आने पर विकास खुद रास्ता बना लेता है। नक्सल प्रभावित इलाकों में यह बदलाव आने वाले समय की उम्मीद बन गया है।

पहली बार कैमरे में कैद लेपर्ड गेको! अबूझमाड़ के घने जंगलों से सामने आया हैरान करने वाला नजारा

नारायणपुर. नारायणपुर जिले के कोडिल्यार क्षेत्र से दुर्लभ जीव दिखने की खबर चर्चा में है। रात गश्त के दौरान जवानों ने लेपर्ड गेको का वीडियो रिकॉर्ड किया। विशेषज्ञ इसे जैव विविधता का सकारात्मक संकेत मान रहे हैं। ऐसी प्रजातियां उन्हीं क्षेत्रों में मिलती हैं जहां पर्यावरण संतुलित हो। दुर्लभ छिपकली का रंग और बनावट इसे अलग पहचान देते हैं।अबूझमाड़ के जंगलों की समृद्धि एक बार फिर सामने आई है। लेकिन इसी क्षेत्र में विकास और खनन गतिविधियों की आहट भी है। ऐसे में संरक्षण बनाम विकास की बहस तेज हो सकती है। स्थानीय लोग पहले भी दुर्लभ जीव दिखने की बातें बताते रहे हैं। पहली बार फोटो और वीडियो सामने आने से चर्चा बढ़ी है। यह दृश्य बताता है कि प्रकृति अब भी जीवित है। अब सवाल है क्या हम इसे बचा पाएंगे?

जनता को राहत: छत्तीसगढ़ सरकार शुरू करेगी CM हेल्पलाइन, 24×7 शिकायत दर्ज करने की सुविधा

रायपुर. छत्तीसगढ़ में जल्द सीएम हेल्पलाइन नंबर शुरू होने जा रहा है. 24 घंटे सक्रिय रहने वाले इस हेल्पलाइन नंबर पर राज्य का कोई भी व्यक्ति समस्या या फिर शिकायत कर सकेगा. अफसरों को इन समस्याओं का तय सीमा में निराकरण करना होगा. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यह जानकारी जशपुर के लिए रवाना होने से पहले मीडिया से चर्चा में दी. उन्होंने बताया की सीएम हेल्पलाइन नंबर पर आने वाली शिकायतों या फिर समस्याओं के निराकरण के लिए समय निर्धारित होगा. अगर तय समय पर शिकायत या समस्या का समाधान नहीं हुआ तो जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई होगी. छत्तीसगढ़ विधानसभा में निंदा प्रस्ताव के लिए आहुत विशेष सत्र पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश की महिलाओं के साथ बहुत बड़ा अन्याय हुआ है. प्रधानमंत्री मोदी महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने जा रहे थे, लेकिन कांग्रेस ने इसका विरोध किया. इसे लेकर विधानसभा में विशेष सत्र बुलाया गया है. वहीं पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर विष्णुदेव साय ने कहा कि टीएमसी और ममता बनर्जी को लेकर वहां के लोगों में काफी आक्रोश है. मैने भी पश्चिम बंगाल का दौरा किया है. लोग बदलाव लाना चाहते हैं, भाजपा की सरकार वहां जरूर बनेगी.