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सैदा गोदाम में पीडीएस चावल चोरी का बड़ा खुलासा, प्रबंधन और ट्रांसपोर्टर पर मिली भगत के गंभीर आरोप

सैदा गोदाम में पीडीएस चावल चोरी का बड़ा खुलासा, प्रबंधन और ट्रांसपोर्टर पर मिली भगत के गंभीर आरोप   सकरी   सैदा क्षेत्र के शासकीय गोदाम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत गरीबों के लिए आने वाले चावल में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और चोरी का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि यह अवैध गतिविधि कोई एक-दो दिन की नहीं, बल्कि विगत कई वर्षों से लगातार संचालित हो रही है, जिसमें कई स्तरों पर मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, नियम स्पष्ट है कि गोदाम में चावल का भंडारण होने के बाद उसे सीधे उचित मूल्य दुकानों तक पहुंचाया जाना चाहिए। लेकिन वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है। आरोप है कि चावल से भरी गाड़ियों को रात के समय जानबूझकर सुनसान स्थानों, पेट्रोल पंपों या अंधेरे इलाकों में खड़ा किया जाता है, जहां से धीरे-धीरे चावल की चोरी कर ली जाती है। इस पूरे मामले में “लेवर मजदूरों” का हवाला देकर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की जाती है, जबकि स्थानीय दुकानदारों का मानना है कि यह एक संगठित और सुनियोजित गोरखधंधा है। इसमें बाहर से आए कुछ  ड्राइवरों  की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है, जो इस अवैध गतिविधि हिस्सा बनकर के जरिए तेजी से लाभ कमा रहे हैं। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि हर महीने स्टॉक मिलान के दौरान 1से2 क्विंटल चावल कम निकलता है जिससे स्टेज (स्टॉक घाटा) बन जाता है नियम के दबाव के घाटे की भरपाई दुकानदारो को अपनी जेब से करनी पड़ती है जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है  सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस मामले की शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद न तो कोई ठोस कार्रवाई हुई और न ही इस गोरखधंधे पर लगाम लग पाई। इससे यह सवाल और गहरा हो जाता है कि आखिर किसके संरक्षण में यह पूरा खेल चल रहा है? उठ रहे बड़े सवाल: क्या गोदाम प्रबंधन इस पूरे मामले में शामिल है? ट्रांसपोर्टरों की भूमिका कितनी संदिग्ध है? संबंधित अधिकारी क्यों चुप्पी साधे हुए हैं? वर्षों से चल रहे इस गोरखधंधे पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? स्थानीय दुकानदारों में इस मामले को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि गरीबों के हक का अनाज खुलेआम लूटा जा रहा है और जिम्मेदार लोग मूकदर्शक बने हुए हैं। दुकानदारों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके और पीडीएस प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या वर्षों से चल रहे इस कथित घोटाले पर कोई निर्णायक कार्रवाई हो पाती है या नहीं।

Bank Fire News: शॉर्ट सर्किट से लगी आग, जिला सहकारी बैंक के जरूरी रिकॉर्ड नष्ट

बालोद. छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में आज सुबह जिला सहकारी बैंक में आग लगने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस घटना में कंप्यूटर सिस्टम, कैश काउंटर और जरूरी दस्तावेज जलकर खाक हो गईं। समय रहते कैश को सुरक्षित बचा लिए गए। यह घटना गुंडरदेही ब्लॉक के ग्राम ओटेबंद स्थित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दुर्ग की शाखा की है। जानकारी के मुताबिक, बैंक की छत पर बंदरों का झुंड उछल-कूद कर रहा था। इसी दौरान बिजली लाइन में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे बैंक में आग भड़क उठी। आग लगते ही स्थानीय ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। वहीं सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया। गुंडरदेही पुलिस के अनुसार, आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई है। फिलहाल नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। फायर ब्रिगेड ने आग पर पाया काबू इसी दौरान बिजली लाइन में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे आग भड़क उठी। आग लगते ही स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया। मामले की जांच की जाएगी गुंडरदेही पुलिस के अनुसार, आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई है। फिलहाल नुकसान का आंकलन किया जा रहा है, जिसके बाद ही कुल क्षति स्पष्ट हो पाएगी।

Fake Medicine Racket Exposed: रायपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 3 गिरफ्तार

रायपुर. नकली दवाओं के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए रायपुर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें इंदौर से दवा सप्लाई करने वाले के साथ सारंगढ़ और भाठापारा में मेडिकल दुकान संचालित करने वाले शामिल हैं. तीनों आरोपियों को सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया. जानकारी के अनुसार, प्रदेश स्तर पर खेले जा रहे इस खेल की जानकारी तब पहली बार सामने आई, जब गोगांव स्थित एक ट्रांसपोर्ट में नकली दवाओं की बड़ी खेप पकड़ी गई थी. जांच में पता चला कि ये दवाएं इंदौर से मंगाई गई थीं. इसके बाद ड्रग विभाग की टीम ने सारंगढ़ और भाठापारा के कई मेडिकल स्टोर्स पर छापेमारी की. इस बीच जनवरी के महीने में सारंगढ़ के एक मेडिकल स्टोर संचालक की रायपुर में सहायक औषधि नियंत्रक संजय कुमार नेताम से एक रेस्टोरेंट में मुलाकात का वीडिया सोशल मीडिया में वायरल हुआ, जिसमें फाइल दिखाने और संदिग्ध व्यवहार के आरोप लगे. इस वाकये के बाद संजय कुमार नेताम को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है. जांच में पुष्टि हुई कि आरोपियों द्वारा इंदौर से नकली दवाओं की सप्लाई कराई जा रही थी, जिसे स्थानीय मेडिकल स्टोर्स के माध्यम से बाजार में खपाया जा रहा था. पुलिस ने इंदौर से दवाओं की सप्लाई कराने वाला रोचक अग्रवाल, सारंगढ़ के मेडिकल स्टोर संचालक खेमराम बानी और भाठापारा के मेडिकल स्टोर संचालक सुरेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है.

नारी शक्ति से लोकतंत्र होगा मजबूत: CM साय ने कहा, ‘अब समय है नारी शक्ति के प्रतिनिधित्व को नई ऊंचाई देने का’

नारी शक्ति की भागीदारी से मजबूत होगा लोकतंत्र: अब नारी शक्ति के प्रतिनिधित्व को नई ऊंचाई देने का समय – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु एकजुटता का आह्वान: मुख्यमंत्री साय ने सांसदों, विधायकों और महिला संगठनों को लिखा पत्र रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर छत्तीसगढ़ के सभी लोकसभा एवं राज्यसभा सांसदों, विधानसभा सदस्यों तथा महिला संगठनों को पत्र लिखकर सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया है। उन्होंने 16 अप्रैल 2026 को संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रस्तावित चर्चा को देश के लोकतांत्रिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण और निर्णायक क्षण बताते हुए कहा है कि यह मातृशक्ति को लोकतांत्रिक संस्थाओं में समुचित प्रतिनिधित्व दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक अवसर है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सांसदों को लिखे अपने पत्र में उल्लेख किया है कि 16 अप्रैल 2026 को संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रस्तावित चर्चा देश के लोकतांत्रिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण अवसर है। वर्ष 2023 में संसद द्वारा इस अधिनियम को सर्वसम्मति से पारित किए जाने को लोकतंत्र की एकजुटता और महिला सशक्तीकरण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने सांसदों से आग्रह किया कि वे वर्ष 2029 के लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों से पूर्व इस अधिनियम को प्रभावी रूप से लागू करने के विषय में सकारात्मक और सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि मातृशक्ति को उनका समुचित अधिकार शीघ्र प्राप्त हो सके। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के सभी विधायकों को लिखे गए पत्र में उल्लेख किया है कि अब समय आ गया है कि महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में उनका उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ‘मातृशक्ति के नेतृत्व में सशक्तीकरण’ का यह अभियान देश के समग्र विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों से अपेक्षा की कि है कि वे महिला आरक्षण के समर्थन में छत्तीसगढ़ की आवाज को सशक्त करें तथा इस विषय पर होने वाली चर्चा में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए सकारात्मक वातावरण के निर्माण में अपना योगदान दें। मुख्यमंत्री साय ने महिला संगठनों को लिखे अपने पत्र में महिला संगठनों के निरंतर प्रयासों और योगदान की सराहना करते हुए कहा है कि महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका ने समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव रखी है। उन्होंने उल्लेख किया कि 16 अप्रैल को संसद में होने वाली चर्चा केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को उनके अधिकारों से पूर्ण रूप से सशक्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। साथ ही यह लोकतंत्र को और अधिक समावेशी एवं संवेदनशील बनाने का अवसर है। मुख्यमंत्री साय ने उल्लेख किया कि यह सुखद संयोग है कि यह महत्वपूर्ण चर्चा ऐसे समय में हो रही है जब छत्तीसगढ़ में ‘महतारी गौरव वर्ष’ मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सदैव महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में अग्रणी रहा है और छत्तीसगढ़ विधानसभा में महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी इसका प्रमाण है। स्थानीय निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किए जाने तथा ‘महतारी वंदन योजना’ और ‘रानी दुर्गावती योजना’ जैसी पहल के सकारात्मक परिणाम आज स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने महिला संगठनों से आह्वान किया कि वे 16 अप्रैल को होने वाली इस ऐतिहासिक पहल के समर्थन में अपने-अपने मंचों से मुखर होकर आवाज बुलंद करें, ताकि महिला आरक्षण के पक्ष में देशव्यापी सकारात्मक वातावरण तैयार हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला संगठन केवल इस परिवर्तन के साक्षी ही नहीं, बल्कि इसके निर्माण में भागीदार भी बनेंगी। मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों और महिला संगठनों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक अवसर पर एकजुट होकर महिला आरक्षण के समर्थन में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करें और संसदीय चर्चा में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से यह पहल न केवल सफल होगी बल्कि देश के लोकतंत्र के  सशक्तीकरण की दिशा में एक नए युग की शुरुआत करेगी।

छात्रों के लिए जरूरी अपडेट: PAT-PPVT के फॉर्म 27 अप्रैल तक, 21 जून को एग्जाम

रायपुर. छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा अकादमी सत्र 2026 में प्रवेश हेतु (पी.ए.टी एवं पी.पी.वी.टी) 21 जून को परीक्षा का आयोजन किया जाएगा. 33 कृषि महाविद्यालयों, 4 कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालयों, 17 उद्यानिकी महाविद्यालयों के साथ ही 1-1 वानिकी महाविद्यालय में प्रवेश दिया जाएगा. व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय तथा दाऊ वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित 33 कृषि महाविद्यालयों, 4 कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालयों, 17 उद्यानिकी महाविद्यालयों के साथ ही 1-1 वानिकी महाविद्यालय, खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, पशु चिकित्सा महाविद्यालय, दुग्ध प्रौद्योगिकी महाविद्यालय एवं मत्स्य पालन महाविद्यालय में अकादमी सत्र 2026 में प्रवेश हेतु (पी.ए.टी एवं पी.पी.वी.टी) 21 जून को परीक्षा का आयोजन किया जाएगा. इन प्रवेश परीक्षाओं के लिए 27 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है. इन परीक्षाओं का आयोजन छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिला मुख्यालयों में निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा. आवेदकों द्वारा ऑनलाइन आवेदन करते समय परीक्षा शुल्क का भुगतान ऑनलाइन व्यवस्था से किया जाएगा. शासन के नियमानुसार छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय निवासी आवेदक, जो परीक्षा में उपस्थित होते हैं, उनका परीक्षा शुल्क व्यापम द्वारा वापस कर दिया जाएगा.

श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा में सहारा: नोनी बाबू योजना के तहत 50 लाख तक की मदद

मोहला/रायपुर. छत्तीसगढ़ श्रम विभाग द्वारा संचालित “मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना” के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। योजना का उद्देश्य श्रमिक परिवारों के बच्चों को पाठ्यक्रमों तक पढ़ाई करने वाले है। वहीं, शिक्षा के प्रति प्रेरित करना और उनके उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करना है। योजना के अंतर्गत कक्षा 10वीं से लेकर स्नातकोत्तर एवं व्यावसायिक विद्यार्थियों को 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने पर 5,000 से 12,500 तक की सहायता राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खाते में दी जाती छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं एवं 12वीं की परीक्षा में प्रदेश के टॉप-10 में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 1 लाख की प्रोत्साहन राशि तथा दोपहिया वाहन खरीदने हेतु अतिरिक्त 1 लाख का अनुदान भी दिया जाता है। योजना में विदेश में एक वर्षीय मास्टर कोर्स हेतु अधिकतम 50 लाख तक की सहायता, प्रवेश परीक्षा शुल्क एवं अन्य शैक्षणिक खर्च वहन करने का प्रावधान भी है, जिसके लिए श्रमिक का कम से कम 3 वर्ष पूर्व पंजीयन अनिवार्य है। इस योजना का लाभ पंजीकृत श्रमिकों के अधिकतम दो बच्चों को ही मिलेगा और आवेदन परीक्षा परिणाम जारी होने के 6 माह के भीतर करना होगा। पात्र हितग्राही जिला श्रम कार्यालय, श्रम संसाधन केंद्र या श्रमेव जयते मोबाइल एप के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं, जिसके सत्यापन के बाद सहायता राशि सीधे उनके खाते में स्थानांतरित की जाती है। मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना अच्छे नंबर लाओ और सरकार की ओर से इनाम पाओ। जी हां, छत्तीसगढ़ सरकार श्रमिकों के उन बच्चों को स्कॅालरशिप देती है, जो पढ़ाई के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन करते हुए अच्छे नंबर लेकर आते हैं। छत्तीसगढ़ श्रम विभाग के अंतर्गत चल रही 'मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना'के तहत श्रमिकों के मेधावी बच्चों को सरकार की ओर से अच्छे नंबर लाने पर प्रोत्साहन राशि दी जाती है। हालांकि इसके लिए पहली शर्त यही है कि बच्चा परीक्षा में कम से कम 75 फीसदी नंबर लेकर आए। छत्तीसगढ़ बोर्ड ने आज 10वीं और 12वीं का र‍िजल्‍ट जारी कर द‍िया है। परीक्षा में पास होने वाले छात्र-छात्राएं योजना का लाभ उठा सकते हैं। यह योजना क्या है? प्रोत्साहन राशि पाने के लिए क्या करना होगा? आइए जानते हैं मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना क्या है? छत्तीसगढ़ सरकार के भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (Chhattisgarh Building and Other Construction Workers Welfare Board) की एक महत्वपूर्ण योजना है। 'मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना' के तहत रजिस्टर्ड निर्माण श्रमिकों के मेधावी बच्चों को आर्थिक मदद देकर उन्हें पढ़ाई में अच्छा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इस योजना के तहत छात्रों को उनकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर अलग-अलग प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इस योजना का उद्देश्य पढ़ाई-लिखाई में अच्छा करने वाले श्रमिकों के बच्चों को आगे बढ़ने के लिए आर्थिक मदद मुहैया कराना है ताकि उन्हें कोई दिक्कत न हो। अगर कोई पंजीकृत निर्माण श्रमिक कम से कम 90 दिन तक रजिस्ट्रेशन बनाए रखता है और उसके दो बच्चों में से कोई भी 75% से ज्यादा नंबर लाता है तो उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना का उद्देश्य श्रमिकों के बच्चों को पढ़-लिखकर आगे बढ़ने का मौका देना श्रमिकों के परिवारों की आर्थिक व सामाजिक स्थिति में सुधार करना  बेटियों को भी पढ़ाने-लिखाने के लिए प्रोत्साहित करना मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के लिए जरूरी दस्तावेज  श्रमिक का पंजीकरण प्रमाण पत्र बैंक पासबुक की कॉपी आधार नंबर मोबाइल नंबर आवेदक छात्र की पिछले साल की मार्कशीट  वर्तमान सत्र में पढ़ाई करने का प्रिंसिपल द्वारा जारी सर्टिफिकेट

डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया नमन : सामाजिक न्याय, समानता और समरस समाज के निर्माण का लिया संकल्प

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में भारतरत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, विधायक रोहित साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण करते हुए कहा कि  उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों के अधिकारों की रक्षा एवं उनके उत्थान के लिए समर्पित किया।  मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब का जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि हम समाज में समरसता, न्याय और समानता के मूल्यों को सशक्त करें और अंतिम व्यक्ति तक विकास के लाभ सुनिश्चित करें।उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे डॉ. अम्बेडकर के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें तथा एक न्यायपूर्ण, समरस और सशक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

अंबेडकर जयंती पर खास कार्यक्रम: CM साय आज करेंगे 21 फीट प्रतिमा का अनावरण, भाजपा की तैयारी पूरी

रायपुर. सीएम विष्णुदेव साय आज रायपुर में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे. वह दोपहर एक बजे शंकर नगर के दुर्गा मैदान में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती पर आयोजित समरसता भोज में शामिल होंगे. इसके बाद दोपहर 2 बजे रायपुर के कलेक्ट्रेट चौक जाएंगे, जहां सीएम डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति का अनावरण करेंगे.  अंबेडकर जंयती पर भाजपा प्रदेशभर में करेगी कार्यक्रम  रायपुर. भीमराव अंबेडकर की 136वीं जयंती पर भाजपा आज प्रदेशभर में कार्यक्रम करेगी. सभी कार्यालयों में माल्यार्पण और विचार गोष्ठी का आयोजन होगा. बूथ स्तर तक जयंती मनाने की तैयारी की गई है. समरसता भोज के जरिए विशेष संपर्क अभियान चलाया जाएगा. साथ ही PM मोदी और CM साय का संदेश घर-घर पहुंचाया जाएगा. वहीं रायपुर में आयोजित मुख्य कार्यक्रमों में बड़े नेता शामिल होंगे. BJP प्रदेश अध्यक्ष किरण देव भी कार्यक्रमों में मौजूद रहेंगे. 20 अप्रैल तक अलग-अलग जिलों में संगोष्ठियों का आयोजित होंगी. इस दौरान सामाजिक संस्थाओं और समाज प्रमुखों का सम्मान किया जाएगा. प्रदेशभर की ग्राम पंचायतों में अंबेडकर जयंती पर ग्रामसभा अंबेडकर जयंती पर प्रदेशभर की ग्राम पंचायतों मुख्यालयों में ग्रामसभा आयोजित होंगे. छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 के तहत ग्रामसभाएं लगेंगी. ग्रामसभा निर्णयों की 15 मिनट वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य की गई है. रिकॉर्डिंग को मोबाइल ऐप में अपलोड करना जरूरी होगा. वहीं केंद्र सरकार के पंचायती राज मंत्रालय का नया AI पोर्टल लागू किया जाएगा. “सभासार” पोर्टल से ग्रामसभा का विवरण तैयार होगा . “वाइब्रेंट ग्राम सभा पोर्टल” में 100 प्रतिशत अपलोड सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.

RTI Update: 3485 में से 1883 आवेदन मंजूर, बाकी पर गिरी रिजेक्शन की गाज

दुर्ग. दुर्ग जिले के 528 निजी विद्यालयों के प्रारंभिक कक्षाओं में निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत भर्ती के लिए 3485 ऑनलाइन आवेदन मिले थे। इनमें से 900 यानी करीब 26% आवेदन रिजेक्ट कर दिए गए हैं। केवल 1883 आवेदन ही स्वीकृत किए गए हैं। इन्हीं आवेदनों पर लॉटरी 15 अप्रैल को निकाली जाएगी। वैसे कुल सीटों की संख्या 1427 बताई गई है। वैसे इस बार आरटीई के तहत प्रवेश के लिए निर्धारित सीटों की संख्या में भारी कटौती की गई है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार करीब एक तिहाई सीटों की कटौती हुई है। इस वर्ष केजी-1, केजी – 2 तथा नर्सरी का कांसेप्ट खत्म कर दिया गया है। इस वजह से निजी स्कूलों में आरटीई के तहत केवल पहली कक्षा में प्रवेश दिया जा रहा है, जिसके लिए प्रथम चरण में ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 31 मार्च निर्धारित थी। पिछले वर्ष आरटीई की 4267 सीट थी। यानी इस बार 2840 सीटों की कटौती की गई है। निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) अंतर्गत वर्ष 2026 27 के लिए प्रदेश में संचालित निजी विद्यालयों में आरटीई पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन /भर्ती की कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में अधिनियम के प्रावधान अंतर्गत नोडल अधिकारी की जानकारी, क्षेत्र का निर्धारण, मान्यता संबंधी कार्यवाही पूर्ण करना, आरक्षित सीटों का निर्धारण, प्रवेश एवं सूचना हेतु आवेदन प्राप्त करना, आवेदन पत्रों की समीक्षा तथा प्रचार प्रसार आवंटन प्रक्रिया एवं शुल्क की प्रतिपूर्ति व प्रक्रिया हेतु समय सारणी से अवगत कराया  है। प्रथम चरण में आवेदन के बाद लॉटरी एवं आबंटन 17 अप्रैल तक होगा। जानकारी के मुताबिक 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे से लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर में लॉटरी निकाली जाएगी। इसमें सहायक संचालक, 5 पालक, निजी विद्यालय संगठन से जुड़े 2 पदाधिकारी, 2 पालक संघ के प्रतिनिधि तथा 2 मीडिया प्रभारी को भी बुलाया गया है। स्कूल दाखिला 1 मई से 30 मई तक, 2025- 26 की शुल्क प्रतिपूर्ति का सत्यापन कार्य 25 मई से 25 जून तक किया जाएगा। द्वितीय चरण का शेड्यूल न्यू स्कूल रजिस्ट्रेशन 8 से 20 जून तक । नोडल प्राचार्य, डीईओ द्वारा सत्यापन, (सीट प्रकटीकरण) 8 जून से 25 जून तक छात्र पंजीयन 1 जुलाई से 11 जुलाई तक। नोडल वेरीफिकेशन 1 जुलाई से 15 जुलाई तक । लॉटरी एवं आबंटन 27 से 31 जुलाई तक, 3 अगस्त से 17 अगस्त तक स्कूल दाखिला किया जाएगा।

Census Update: मकानों से शुरू होगी जनगणना, दूसरे चरण में होगी व्यक्तियों की गणना

दुर्ग. जिले में जनगणना 2027 को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा हैं। करीब 15 साल बाद होने वाली इस जनगणना को इस बार पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है, जिससे प्रक्रिया को सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए दो चरणों में संपन्न किया जाएगा। जिला जनगणना अधिकारी एवं कलेक्टर अभिजीत सिंह ने प्रशिक्षण के दो चरणों में होने वाली प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण का होगा, जबकि दूसरा चरण फरवरी 2027 में परिवार और व्यक्तियों की गणना के लिए आयोजित किया जाएगा। इस बड़े अभियान के लिए जिले में 3,850 प्रगणक और पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं, जिनके मार्गदर्शन के लिए 79 फील्ड ट्रेनर तैनात हैं। प्रत्येक प्रगणक को लगभग 700 से 800 लोगों या 250 से 300 परिवारों की गणना का जिम्मा सौंपा गया है। 11 अप्रैल से प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो चुका है, जिसमें 1109 प्रशिक्षकों को अलग-अलग बैच में तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण नगर निगम दुर्ग, रिसाली, भिलाई जोन-4, जामुल और दुर्ग, धमधा, पाटन व अहिवारा तहसीलों में आयोजित किया जा रहा है। इस अभियान में शिक्षा, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम, ट्राइबल और महिला-बाल विकास विभाग के कर्मचारी शामिल हैं, जिनमें शिक्षकों की भूमिका सबसे अहम है। इस बार डेटा संग्रह मोबाइल एप के माध्यम से होगा, जिसमें प्रगणकों को डेटा एंट्री, मैप सत्यापन और सिंकिंग की प्रक्रिया सिखाई जा रही है। नागरिकों को 16 से 30 अप्रैल तक सेल्फ-एन्यूमरेशन की सुविधा भी मिलेगी। जनगणना अधिनियम 1948 के तहत सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।