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मुख्यमंत्री साय कृषि और ग्रामीण विकास के सभी पहलू पर कर रहे हैं बेहतर कार्य

रायपुर. मुख्यमंत्री साय कृषि और ग्रामीण विकास के सभी पहलू पर कर रहे हैं बेहतर कार्य केन्द्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि छत्तीसगढ़ को कृषि के क्षेत्र में उन्नत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों और राज्य सरकार के अधिकारियों की टीम अगले एक हफ्ते में छत्तीसगढ़ के एग्रोक्लाइमेट के अनुरूप विशेष नीति बनाएंगे। बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम, मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त व सचिव श्रीमती शहला निगार, सहित केन्द्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रालय महानदी भवन में कृषि विभाग के कामकाज की उच्च स्तरीय समीक्षा उपरांत अधिकारियों को संबोधित करते हुए यह बातें कही। उन्होंने बैठक में यह भी कहा कि प्रदेश में फसल विविधिकरण को बढ़ावा देना है ताकि किसानों की आय बढ़े। साथ ही छोटी जोत के किसानों को कृषि से इतर पशुपालन, मत्स्यपालन, वानिकी जैसे सहायक गतिविधियों को भी बढ़ावा देना है। केंद्रीय मंत्री सिंह ने कहा कि प्रदेश में रिसर्च की समस्या, वैरायटी की समस्या को दूर किया जाएगा और फसलों के वैविध्य पर काम किया जाएगा। चौहान ने कहा जिस मंशा से मैं यहाँ आया हूँ, वह यह है कि अच्छा काम हो रहा है, लेकिन और बेहतर करने की अनंत संभावनाएं हैं। अलग-अलग प्रयोग कर कृषि को और सशक्त बनाएंगे। उन्होंने कहा कि अनुसंधान ऐसा होना चाहिए, जिससे सीधे किसानों को लाभ मिले। उन्होंने फॉर्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन को मजबूत करने, कृषि यंत्रों के वितरण के फिजिकल वेरिफिकेशन और प्रधानमंत्री धन-धान्य जिला योजना की समीक्षा की। केंद्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ के कृषि अधिकारियों और सहयोगियों से संवाद कर टीम वर्क के साथ नवाचार पर ज़ोर दिया और कहा कि अच्छा काम करने वालों को सम्मान मिलेगा। मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ में कृषि विकास एवं किसानों के सशक्तिकरण को लेकर केन्द्र एवं राज्य सरकार के योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। केन्द्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि विविध फसलों के लिए छत्तीसगढ़ में उपयुक्त जलवायु क्षेत्र है। उन्होंने फसल विविधिकरण पर जोर देते हुए यहां के जलवायु के अनुरूप अलग-अलग जिलों व क्षेत्रों में अलग-अलग फसलों को बढ़ावा देने की बात कही। केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के किसानों के आय को बढ़ाने की दिशा में निरंतर सार्थक प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि उपकरणों एवं कृषि तकनीकों को अपनाकर नवाचार के साथ खेती करने से फसलों के उत्पादन में वृद्धि होगी, किसान सशक्त होंगे और देश समृद्ध होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में बेहतर कार्य हो रहे हैं। दलहन-तिलहन सहित बागवानी फसलों के लिए भी राज्य में उपयुक्त जलवायु है। इससे फसल परिवर्तन तथा विविधिकरण से किसानों के आय में वृद्धि होगी।  केन्द्रीय मंत्री चौहान ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना, कृषि सिंचाई योजना, मिशन फॉर आत्मनिर्भरता इन पल्सेस योजना, कृषि उन्नति, प्रधानमंत्री जनधन योजना, बागवानी मिशन योजना सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पीएम सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को शत-प्रतिशत लाभ मिले यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंन पॉम ऑयल और मखाना की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में केन्द्र सरकार की ओर से तत्परता से मिलने वाले सहायोग के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को उम्मीद से अधिक मद्द केन्द्र सरकार से मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से राज्य में ग्रामीण विकास एवं कृषि के क्षेत्र को बेहतर बनाने के लिए मिले दिशा-निर्देश से इन क्षेत्रों के विकास को गति मिलेगी। 

ताला महोत्सव में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का किया शुभारंभ

रायपुर. ताला की विरासत से बिलासपुर और छत्तीसगढ़ को मिली वैश्विक पहचान :  अरुण साव उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज ताला महोत्सव के दूसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ किया। उन्होंने इस मौके पर कहा कि मनियारी नदी के तट पर स्थित ताला गांव की देवरानी–जेठानी मंदिर तथा रुद्र शिव की अद्वितीय प्रतिमा ने न केवल बिलासपुर, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को देश-दुनिया में विशेष पहचान दिलाई है। इस ऐतिहासिक और सांस्कृतिक क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार पूरी तरह वचनबद्ध है।  उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि बीते दो वर्षों में क्षेत्र में 200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के आठ महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्यों को स्वीकृति मिली है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ विधायक   धरमलाल कौशिक अपने क्षेत्र के विकास को लेकर सदैव चिंतित रहते हैं, इसी कारण यहां अभूतपूर्व विकास कार्य हुए हैं। जो भी सड़कें अभी शेष हैं, उन्हें भी स्वीकृत कर आगामी तीन वर्षों में पूर्ण किया जाएगा।   साव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की प्रत्येक गारंटी को मुख्यमंत्री   विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार धरातल पर उतार रही है। उन्होंने बताया कि कल ही महतारी वंदन योजना की 24वीं किस्त जारी की गई है, जिसके तहत सभी पात्र महिलाओं के खातों में एक-एक हजार रुपये जमा किए गए हैं। इससे मेला-मड़ई में महिलाओं की भागीदारी और रौनकता में वृद्धि हुई है। विधायक धरमलाल कौशिक ने अपने संबोधन में कहा कि इस वर्ष से ताला महोत्सव में दिन के समय सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत एक सराहनीय पहल है, जिससे महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि ताला की रुद्र शिव प्रतिमा जैसी मूर्ति विश्व में कहीं और नहीं है, जिसके शरीर और चेहरे पर उकेरी गई विभिन्न जीव-जंतुओं की आकृतियां इसकी अद्वितीय विशेषता हैं। उन्होंने बताया कि उप मुख्यमंत्री   अरुण साव के प्रयासों से बिल्हा विधानसभा क्षेत्र में दो वर्षों में लगभग 200 करोड़ रुपये के सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत हुए हैं। गांव-गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बन रहे हैं, पीने का पानी, चावल और इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड आम जनता को उपलब्ध हो रहा है। क्रेडा के अध्यक्ष   भूपेंद्र सवन्नी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि क्रेडा की ओर से मंदिर परिसर में 11 लाख रुपये की लागत से दो हाई मास्ट सोलर लाइट स्वीकृत की गई हैं। जनपद पंचायत अध्यक्ष  रामकुमार कौशिक और जिला पंचायत सदस्य   गोविंद यादव सहित बड़ी संख्या में आसपास के गांवों के नागरिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित थे। लोक कलाकार सुनील सोनी के नेतृत्व में रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर महोत्सव का वातावरण उल्लासपूर्ण बना दिया।

दो वर्षों की अवधि में आर्थिक रूप से अधिक मजबूत हुईं महिलाएं

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना के दो साल हुए पूरेछत्तीसगढ़ में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए शुरू की गई महतारी वंदन योजना ने दो साल पूरे कर लिए हैं। आज यह योजना सिर्फ हर महीने मिलने वाली राशि तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए आत्मसम्मान, भरोसे और आत्मनिर्भरता का आधार बन चुकी है। योजना की शुरुआत 10 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री   नरेंद्र मोदी के हाथों पहली किस्त जारी होने के साथ हुई थी। मुख्यमंत्री   विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इसे पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ लागू किया, ताकि लाभ सीधे महिलाओं तक पहुंचे।मुख्यमंत्री ने 30 जनवरी को नारायणपुर जिले से महतारी वंदन योजना की 24वीं किस्त जारी की। इस दौरान 68 लाख 47 हजार 355 महिलाओं के बैंक खातों में 641 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के जरिए ट्रांसफर की गई। छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना के दो साल हुए पूरे अब तक योजना के तहत कुल 15 हजार 595 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि महिलाओं के खातों में पहुंच चुकी है। यह आंकड़ा अपने आप में बताता है कि योजना कितने बड़े स्तर पर महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना माताओं-बहनों को आत्मनिर्भर बनाने की मजबूत नींव है। नियमित आर्थिक मदद से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे परिवार व समाज के फैसलों में खुलकर भागीदारी कर रही हैं। डीबीटी व्यवस्था के कारण दूर-दराज और नक्सल प्रभावित इलाकों तक भी लाभ बिना रुकावट पहुंच रहा है। महतारी वंदन योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये सीधे बैंक खाते में मिल रहे हैं। इस छोटी लेकिन नियमित मदद ने महिलाओं की रोजमर्रा की जिंदगी में बड़ा बदलाव किया है। घर की जरूरतें आसान हुई हैं, बचत की आदत बढ़ी है और आर्थिक फैसलों में उनकी भूमिका मजबूत हुई है। ग्रामीण और शहरी इलाकों में कई महिलाएं इस राशि से छोटे-छोटे काम शुरू कर रही हैं। कहीं आर्टिफिशियल ज्वेलरी का कारोबार, कहीं पापड़ और खाद्य सामग्री का निर्माण, तो कहीं श्रृंगार की दुकानें चल रही हैं। इससे साफ है कि सही नीति और लगातार सहयोग से महिलाएं खुद की पहचान बना रही हैं। यह योजना मजदूर, छोटे किसान और सीमित आय वाले परिवारों के लिए भी सुरक्षा कवच साबित हो रही है। बच्चों की पढ़ाई, इलाज और अचानक आने वाले खर्चों की चिंता अब पहले जैसी नहीं रही। कई महिलाएं भविष्य के लिए बचत और योजनाएं बनाने लगी हैं। राज्य सरकार के सुरक्षा और विकास के साझा प्रयासों का असर यह है कि सुकमा, बीजापुर, कांकेर, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जैसे नक्सल प्रभावित जिलों में भी महतारी वंदन योजना प्रभावी ढंग से लागू हो रही है। नियद नेल्ला नार योजना के जरिए अब तक 7,763 नई महिलाओं को इससे जोड़ा जा चुका है। महिला एवं बाल विकास मंत्री  मती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री   नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और मुख्यमंत्री   विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह योजना छत्तीसगढ़ को महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में नई पहचान दिला रही है। यह योजना महिलाओं के जीवन में सम्मान और आत्मविश्वास लेकर आई है। नियमित आर्थिक सहायता से उनकी सामाजिक और पारिवारिक भागीदारी बढ़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना का लाभ हर पात्र महिला तक समय पर और पारदर्शी तरीके

राज्य में दो साल में ही बने 8 लाख से अधिक मकान, 17 लाख 60 हजार आवास हुए पूर्ण, बस्तर संभाग में लंबित विकास योजनाओं को पूर्ण करने बनेगी विशेष रणनीति

रायपुर. छत्तीसगढ़ में आवास निर्माण की गति अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल,मोर गांव मोर पानी महाअभियान जल सरंक्षण में महत्वपूर्ण योगदान रोजगार एवं स्वाबलंबी युक्त ग्राम पंचायत बनाना हमारी सरकार का प्रमुख लक्ष्य है। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण के लागू होने से गांवों में विकास की रफ्तार तेजी से बढ़ेगी। इसके लिए हमने बजट में लगभग डेढ़ गुणा अधिक स्वीकृति प्रदान की है। उक्त बाते केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री   शिवराज सिंह चौहान ने कही।   चौहान ने छत्तीसगढ़ में तेजी से बन रहे आवास निर्माण की गति की प्रशंसा करते हुए अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल बताया। उन्होंने आवास निर्माण के साथ ही गांव गांव में चलाएं गए मोर गांव मोर पानी महाअभियान की भी सराहना करते हुए जल सरंक्षण में महत्वपूर्ण योगदान देने की बात कही। उन्होंने प्रदेश में और अधिक लखपति दीदी के माध्यम से महिलाओं को अधिक से अधिक स्वसहायता समूहों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने एवं मजदूरी भुगतान किसी भी स्थिति में लंबित नहीं करने के निर्देश प्रदेश के अधिकारियों को दिए है। इसके साथ ही बस्तर संभाग में लंबित परियोजना को पूर्ण करने के लिए विशेष रणनीति बनाने के निर्देश उच्च अधिकारियों दिए हैं। उन्होंने कहा बस्तर लंबे अरसे से विकास से दूर रहा है। प्रधानमंत्री   नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम बस्तर के समग्र विकास के लिए आगे बढ़कर कार्य करेंगे।  इस दौरान   चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजिविका मिशन बिहान, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीएमजनमन एवं आरसीपीएलडब्ल्यूईए योजनाओं का विस्तृत समीक्षा किए। उन्होंने प्रदेश में एनआरएलएम में रिक्त पदों शीघ्र भर्ती कराने के निर्देश प्रदेश के अधिकारियों को दिए हैं। केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज मंत्रालय महानदी भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की गहन समीक्षा बैठक ली। इस दौरान मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री   विजय शर्मा एवं कृषि मंत्री   रामविचार नेताम उपस्थित रहें। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में राज्य में  प्रधानमंत्री आवास के लिए 24.58 लाख को स्वीकृति मिली है। जिसमें से 17.60 लाख आवास का निर्माण पूर्ण हो चुके है। इसके साथ ही पीएमजनमन के तहत 33,246 स्वीकृत में 18,373 पूर्ण, विशेष परियोजना आत्मसमर्पित नक्सली के 3416 मकान स्वीकृत किए गए है। अभी सरकार गठन के बाद ही दो सालों में ही 8.41 आवास निर्माण पूर्ण किए है जो पूरे देश में अव्वल है। लखपति दीदी के माध्यम से अब तक प्रदेश में 8000 से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनीं है। इसके साथ ही 5000 से अधिक राज्य में मिस्त्री को प्रशिक्षण, डेढ़ लाख से अधिक आवासों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए गए हैं। इसके साथ ही प्रदेश में हो रहे नवाचार, क्यूआर कोड, दीदी के गोठ, छत्तीस कला की जानकारी दी गई।  इस बैठक में मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग  मती निहारिका बारिक सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित दिल्ली से आए विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

आईईडी ब्लास्ट में घायल जवानों से अस्पताल में की मुलाकात

रायपुर. चिकित्सकों से उपचार की जानकारी लेकर परिजनों से की चर्चाचिकित्सकों से उपचार की जानकारी लेकर परिजनों से की चर्चाचिकित्सकों से उपचार की जानकारी लेकर परिजनों से की चर्चा उपमुख्यमंत्री   विजय शर्मा शनिवार शाम रायपुर के एक निजी अस्पताल पहुँचे, जहाँ उन्होंने बीजापुर जिले के उसूर थाना क्षेत्र अंतर्गत कर्रेगुट्टा पहाड़ी में हुए आईईडी ब्लास्ट में घायल पुलिस जवानों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना। इस दौरान उन्होंने चिकित्सकों से घायलों के उपचार की स्थिति की जानकारी ली तथा जवानों के परिजनों से भी चर्चा की। चिकित्सकों से उपचार की जानकारी लेकर परिजनों से की चर्चा उपमुख्यमंत्री   शर्मा ने घायल जवानों से घटना की जानकारी ली और उनका मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि शासन एवं प्रशासन हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा है। उन्होंने अस्पताल में उपस्थित अधिकारियों एवं चिकित्सकों को निर्देश दिए कि जवानों के बेहतर एवं समुचित उपचार हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएँ।  उन्होंने कहा कि नक्सल विरोधी अभियान में तैनात हमारे जवान अत्यंत साहस और समर्पण के साथ देश-प्रदेश की सुरक्षा में लगे हैं, और उनका त्याग अतुलनीय है। ज्ञात हो कि बीजापुर जिले के उसूर थाना क्षेत्र अंतर्गत कर्रेगुट्टा पहाड़ी में 25 जनवरी को एक के बाद एक कुल छह आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) विस्फोट हुए थे। इन विस्फोटों की चपेट में आने से डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के 12 जवान घायल हो गए थे। यह घटना उस समय हुई, जब सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम तेलंगाना सीमा से लगे कर्रेगुट्टा हिल्स क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी। घटना के बाद सभी घायल जवानों को एयरलिफ्ट कर रायपुर लाया गया, जहाँ उनका उपचार एक निजी अस्पताल में किया जा रहा है। इनमें से 6 जवानों को उपचार उपरांत स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया है, जबकि शेष जवानों की स्थिति में भी लगातार सुधार हो रहा है।

लोकतंत्र से साक्षात्कार: स्कूल के विद्यार्थियों ने देखा लोकभवन

रायपुर. स्कूल के विद्यार्थियों ने देखा लोकभवन स्कूल के विद्यार्थियों ने देखा लोकभवन  राज्यपाल  रमेन डेका की पहल पर लोकभवन की गतिविधियों से जनसामान्य, विशेषकर विद्यार्थियों को जोड़ने के उद्देश्य से लोकभवन का भ्रमण कराया जा रहा है। इसी कड़ी में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रायपुर मठपारा के 50 छात्र-छात्राओं ने अपने शिक्षकों के साथ आज लोकभवन का भ्रमण किया।  विद्यार्थियों ने लोकभवन परिसर स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम, उदंती परिसर, कन्हार परिसर, डिस्पेंसरी उद्यान तथा सचिवालय की विभिन्न शाखाओं का अवलोकन किया। बच्चों ने राज्यपाल से मुलाकात कर सामूहिक फोटोग्राफी कराई।  इस अवसर पर राज्यपाल ने बच्चों को शिक्षा के महत्व के बारे में बताते हुए उन्हें उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। सभी विद्यार्थियों को पौधे भेंट किए गए और उन्हें घर, स्कूल तथा गांव में पौधारोपण कर उनकी नियमित देखभाल करने का संदेश दिया गया।

अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन: शांति, विश्वास और विकास का सामूहिक दौड़

रायपुर. अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन: शांति, विश्वास और विकास का सामूहिक दौड़ अबूझमाड़ की पावन धरती से शांति, सद्भाव और विकास का सशक्त संदेश देते हुए आज अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन 2026 का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री   विष्णुदेव साय ने आज अलसुबह नारायणपुर के हाईस्कूल परिसर के समीप आयोजित हाफ मैराथन सहभागिता की और धावकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा सांकेतिक रूप से स्वयं भी दौड़ लगाई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विजयी प्रतिभागियों को प्रदान किए जाने वाले मैडल का अनावरण भी किया।    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज अबूझमाड़ की धरती से पूरे देश और दुनिया को अमन और शांति का मजबूत संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह वही अबूझमाड़ है, जहाँ कभी आम नागरिकों और जवानों का पहुँचना भी कठिन था, लेकिन आज सकारात्मक वातावरण के कारण हजारों लोग यहाँ एकत्रित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में माओवाद से मुक्ति की दिशा में युवा वर्ग का जोश और उत्साह यह संकेत दे रहा है कि जल्द ही यह क्षेत्र खुशियों से आबाद होगा।   मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह परिवर्तन डबल इंजन सरकार की नीतियों और नेतृत्व का परिणाम है। उन्होंने प्रधानमंत्री   नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह के संकल्प और दृढ़ इच्छाशक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का लक्ष्य तय किया गया है और बस्तर लाल आतंक से पूरी तरह मुक्त होगा। उन्होंने नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष में लगे सुरक्षा बलों के अधिकारियों एवं जवानों के अदम्य साहस और पराक्रम को नमन करते हुए कहा कि उन्हीं के बलिदान और समर्पण से आज बस्तर क्षेत्र में शांति और विकास की मजबूत नींव पड़ी है।  मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हाल ही में बस्तर क्षेत्र में 351 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया है तथा नए विकास कार्यों की घोषणा भी की गई है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के कारण यह क्षेत्र पिछले चार दशकों से विकास से वंचित रहा, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा और बस्तर में विकास की गंगा निरंतर बहेगी। उन्होंने सम्पूर्ण बस्तर और छत्तीसगढ़ को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के सरकार के संकल्प को दोहराया।  उल्लेखनीय है कि यह 21 किलोमीटर लंबी हाफ मैराथन नारायणपुर से बासिंग तक आयोजित की गई, जिसमें देश-विदेश से आए 60 से अधिक विदेशी प्रतिभागियों सहित बस्तर संभाग, प्रदेश एवं अन्य राज्यों के 10 हजार से अधिक धावकों ने भाग लिया। मैराथन से पूर्व हाईस्कूल परिसर में जुंबा वॉर्मअप कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों प्रतिभागियों ने एक साथ उत्साहपूर्वक सहभागिता की।  आत्मसर्पित माओवादी बने मैराथन का हिस्सा  इस आयोजन की सबसे विशेष और ऐतिहासिक बात यह रही कि आत्मसमर्पित माओवादी युवाओं ने भी हथियार छोड़कर शांति और मुख्यधारा में लौटने का संदेश देते हुए मैराथन में हिस्सा लिया। नारायणपुर की अबूझमाड़िया जनजाति सहित स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को और अधिक प्रभावशाली एवं प्रेरणादायी बनाया।  कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक   केदार कश्यप, जिले के प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा, बस्तर सांसद   महेश कश्यप, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष   रूपसाय सलाम, वैद्यराज पद्म हेमचंद मांझी, मुख्यमंत्री के सचिव   राहुल भगत, बस्तर कमिश्नर   डोमन सिंह, आईजी   पी. सुंदरराज, कलेक्टर  मती नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक   राबिनसन गुरिया, जिला सीईओ  मती आकांक्षा शिक्षा खलखो सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

नारायणपुर-कोंडागांव निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग का मुख्यमंत्री साय ने किया निरीक्षण

रायपुर. मुख्यमंत्री   विष्णुदेव साय ने अपने दो दिवसीय नारायणपुर प्रवास के दौरान नारायणपुरदृकोंडागांव के मध्य निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। डबल इंजन सरकार में बस्तर के विकास को गति डबल इंजन की सरकार के तहत विकास कार्यों को गति देते हुए बस्तर अंचल को महाराष्ट्र से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 130-डी के निर्माण को राज्य सरकार द्वारा प्राथमिकता दी जा रही है। एनएच-130डी, जिसकी कुल लंबाई लगभग 195 किलोमीटर है, एनएच-30 का शाखा मार्ग (स्पर रूट) है। यह मार्ग कोंडागांव से शुरू होकर नारायणपुर, कुतुल होते हुए महाराष्ट्र सीमा स्थित नेलांगुर तक जाता है। आगे महाराष्ट्र में यह मार्ग बिंगुंडा, लहरे, धोदराज, भमरगढ़, हेमा, लकासा होते हुए आलापल्ली तक पहुंचता है, जहां यह एनएच-353डी से जुड़ जाता है। इस राष्ट्रीय राजमार्ग के विकसित होने से बस्तर क्षेत्र सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़ जाएगा, जिससे व्यापार, पर्यटन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। छत्तीसगढ़ में 122 किमी लंबा हिस्सा नेशनल हाईवे 130-डी का कोंडागांव से नारायणपुर तक लगभग 50 किलोमीटर का हिस्सा निर्माणाधीन है। नारायणपुर से कुतुल की दूरी लगभग 50 किलोमीटर है, जबकि कुतुल से महाराष्ट्र सीमा स्थित नेलांगुर तक 21.5 किलोमीटर की दूरी है। इस प्रकार इस राष्ट्रीय राजमार्ग की कुल लंबाई 195 किमी में से लगभग 122 किमी हिस्सा छत्तीसगढ़ राज्य में आता है। इस सड़क के पूर्ण होने से बस्तर अंचल को महाराष्ट्र से सीधा, सुरक्षित और मजबूत सड़क संपर्क मिलेगा। साथ ही नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुगम एवं सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित होगा। प्रधानमंत्री के सहयोग से मिली फॉरेस्ट क्लीयरेंस प्रधानमंत्री   नरेंद्र मोदी के सहयोग से इस राष्ट्रीय राजमार्ग के अबूझमाड़ क्षेत्र में स्थित हिस्से के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस एवं निर्माण की अनुमति प्राप्त हुई, जिससे इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। मुख्यमंत्री   विष्णुदेव साय ने कहा कि “राष्ट्रीय राजमार्ग 130-डी केवल एक सड़क नहीं, बल्कि बस्तर अंचल की प्रगति का मार्ग है। सरकार इस परियोजना को तेज गति से पूर्ण करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इस सड़क से बस्तर के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। यह मार्ग न केवल छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र को जोड़ेगा, बल्कि बस्तर के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।” मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की गति तेज करने के लिए यह परियोजना मील का पत्थर साबित होगी और क्षेत्र में विश्वास, निवेश तथा आवागमन को नई दिशा देगी। इस अवसर पर राजस्व मंत्री   टंकराम वर्मा, सांसद   महेश कश्यप, लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष   रूपसाय सलाम, मुख्यमंत्री के सचिव   राहुल भगत सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

सेवा और समर्पण की मिसाल: मुख्यमंत्री ने रामकृष्ण मिशन की भूमिका को सराहा

रायपुर. रामकृष्ण मिशन के सेवा कार्यों की मुख्यमंत्री ने की सराहना मुख्यमंत्री   विष्णुदेव साय ने आज नारायणपुर के रामकृष्ण मिशन आश्रम परिसर स्थित इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के बिना मानव जीवन अधूरा है। शिक्षित और अशिक्षित व्यक्ति के जीवन में बड़ा अंतर होता है। अशिक्षित व्यक्ति शोषण का शिकार होता है, जबकि शिक्षित व्यक्ति अपने विवेक का उपयोग कर निरंतर आगे बढ़ता है। रामकृष्ण मिशन के सेवा कार्यों की मुख्यमंत्री ने की सराहना मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि यह समय अध्ययन का है। उन्होंने एक आदर्श विद्यार्थी के पांच गुणों- “काकचेष्टा बको ध्यानं श्वाननिद्रा तथैव च। अल्पहारी गृहत्यागी विद्यार्थी पञ्चलक्षणम।” का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों से लक्ष्य निर्धारित कर एकाग्रता के साथ अध्ययन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने माता-पिता के सपनों को साकार करते हुए देश और प्रदेश की सेवा करें। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने नारायणपुर के रामकृष्ण आश्रम के बच्चों से चर्चा करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा में आर्थिक स्थिति कभी बाधा नहीं बननी चाहिए। छत्तीसगढ़ सरकार विद्यार्थियों के लिए छात्रावास, छात्रवृत्ति, प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि सहित अनेक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। उच्च शिक्षा के लिए ऋण की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। साथ ही विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु नालंदा परिसर का संचालन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री   साय ने रामकृष्ण मिशन के सेवा भावी कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि अबूझमाड़ जैसे सुदूर और अंदरूनी क्षेत्रों के बच्चों को शिक्षा प्रदान करना अत्यंत सराहनीय कार्य है। मिशन द्वारा यहां कृषि के अतिरिक्त अन्य क्षेत्रों में भी लोगों की सहायता की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में सेवा कार्य करते हुए रामकृष्ण मिशन को 40 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि माओवाद प्रभावित होने के कारण पहले लोग इस क्षेत्र में आने से डरते थे, लेकिन अब धीरे-धीरे माओवाद समाप्ति की ओर है और विकास कार्यों में तेजी आई है। नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से अब तक 400 ग्रामों में विकास कार्य प्रारंभ हो चुके हैं। सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंच रही हैं। लोगों के राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज भी बन रहे हैं। राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह समय अपने भविष्य को संवारने का है। भगवान ने सभी को विवेक और क्षमता प्रदान की है, जिससे जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से सकारात्मक सोच रखने, अच्छी पुस्तकें पढ़ने और अच्छे संगत में रहने का आग्रह किया। इस अवसर पर बस्तर सांसद   महेश कश्यप, लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष  रूपसाय सलाम, सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।

नारायणपुर अंचल में अमन शांति

रायपुर. दो दिवसीय नारायणपुर प्रवास पर पहुँचे मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने अबूझमाड़ क्षेत्र में आयोजित पीस हाफ मैराथन के शुभारंभ के साथ-साथ अनेक सामाजिक, खेल और पर्यटन गतिविधियों में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में शांति स्थापना, आजीविका संवर्धन और स्थानीय सहभागिता को बढ़ाने के लिए राज्य शासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों का अवलोकन किया, उन्हें प्रोत्साहित किया तथा लोगों से संवाद कर सहभागिता और विश्वास को और मजबूत किया। बाइकर्स को दिखाई हरी झंडी  मुख्यमंत्री साय ने शांत सरोवर के समीप रायपुर के छत्तीसगढ़ राइडिंग क्लब के 40 बाइकर्स को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह बाइकर्स समूह नारायणपुर के सुदूर पर्यटन स्थल कच्चापाल तक की यात्रा करेगा। इस पहल के माध्यम से अबूझमाड़ को जानने, समझने और शांति का संदेश जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है। शांत सरोवर में नौका विहार  बिजली गाँव के समीप स्थित शांत सरोवर में मुख्यमंत्री   विष्णु देव साय ने वन मंत्री   केदार कश्यप, राजस्व मंत्री   टंकराम वर्मा, सांसद बस्तर  महेश कश्यप एवं लघु वनोपज के अध्यक्ष   रूपसाय सलाम के साथ नौका विहार का आनंद लिया। स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह विशेष पहल स्थानीय प्रशासन के द्वारा की गई है।  तीर-धनुष से साधा लक्ष्य  मुख्यमंत्री साय ने बिंजली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान तीरंदाजी के स्थानीय युवा खिलाड़ियों से आत्मीय मुलाकात की और स्वयं तीर-धनुष उठाकर लक्ष्य साधते हुए खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि बस्तर अंचल में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आदिवासी समाज की पारंपरिक दक्षताओं को आधुनिक प्रशिक्षण से जोड़कर राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। शांति, आजीविका और खेलों के विकास में प्रशासन द्वारा समन्वित प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार जिला प्रशासन और सुरक्षा बलों के साथ मिलकर क्षेत्र में शांति स्थापना, आजीविका संवर्धन, खेल प्रतिभाओं को मंच देने और विश्वास का वातावरण बनाने के लिए सतत कार्य कर रही है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के सचिव   राहुल भगत, कमिश्नर   डोमन सिंह, आईजी   सुंदरराज पी, कलेक्टर सु  नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक   रॉबिन्सन गुरिया, सीईओ सु  आकांक्षा शिक्षा खलखो सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।