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श्रीयंत्र के आकार का पर्यटन सुविधा केन्द्र का किया गया निर्माण

रायपुर. प्रसाद योजना अंतर्गत माँ बम्लेश्वरी देवी मंदिर डोंगरगढ़ का विकास परियोजना पूर्ण पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार की प्रसाद योजना अंतर्गत माँ बम्लेश्वरी देवी मंदिर डोंगरगढ़ का विकास परियोजना के लिए पर्यटन विभाग छत्तीसगढ़ शासन को 48 करोड़ 43 लाख रूपए की स्वीकृति दी गई है। परियोजना का कार्य पूर्ण हो चुका है। परियोजना के तहत माँ बम्लेश्वरी पहाड़ी में सीढिय़ों का जीर्णोद्धार, सीढिय़ों में शेड, रेलिंग, पेयजल, शौचालय, प्रकाशीकरण तथा पहाड़ी के नीचे तालाब का सौंदर्यीकरण,शॉप्स, पार्किंग एवं संपूर्ण क्षेत्र में साइनेज का कार्य कराया गया है। प्रज्ञागिरि परिसर में ध्यान केन्द्र, कैफेटेरिया, पार्किंग, सीढिय़ों का जीर्णाेद्धार, सोलर प्रकाशीकरण, पेयजल का कार्य कराया गया है। श्रद्धालुओं के लिए 9.5 एकड़ में एक पर्यटक सुविधा केन्द्र का निर्माण किया जा रहा है, जिसका आकार श्रीयंत्र के जैसा है। इसमें ध्यान केन्द्र, विश्राम कक्ष, प्रसाद कक्ष, सांस्कृतिक मंच, क्लॉक रूम, सत्संग कक्ष, पेयजल, शौचालय, लैंडस्केपिंग, सोलर प्रकाशीकरण, पार्किंग एवं प्रवेश द्वारा सहित अन्य निर्माण कार्य किए गए है। कार्य पूर्ण हो चुका है, केवल फिनिशिंग कार्य किया जाना शेष है। निगरानी समिति एवं दिशा समिति का गठन किया गया है। समिति द्वारा समय-समय पर योजना की समीक्षा की जा रही है। नियमानुसार श्रमिकों को भुगतान किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की अनुबंधित एजेंसी टीसीआईएल द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा है। यह निर्माण एजेंसी भारत सरकार के दूर संचार मंत्रालय से संबद्ध है।

राजनीतिक, गैर राजनीतिक, सामाजिक और कर्मचारी आंदोलनों से जुड़े प्रकरणों की वापसी पर मंत्रिमंडल उपसमिति की बैठक सम्पन्न

रायपुर. द्वेषपूर्ण मामलों की समीक्षा कर, विधि सम्मत प्रक्रिया से लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा आवश्यक – उपमुख्यमंत्री शर्मा आज मंत्रालय मे पूर्व शासनकाल के दौरान राजनीतिक संगठन, गैर राजनीतिक संगठन, सामाजिक संगठन और कर्मचारी संगठनों के आंदोलनों से जुड़े  दुर्भावनापूर्ण मानसिकता से दर्ज प्रकरणों की वापसी के संबंध में गठित मंत्रिमंडल उपसमिति की बैठक उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, महिला एवं बाल विकास मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े सहित सदस्य अपर मुख्य सचिव गृह मनोज पिंगवा, विधि सचिव सुषमा सावंत, पुलिस महानिरीक्षक सीआईडी ध्रुव गुप्ता तथा अतिरिक्त निदेशक अभियोजन के. एस. गावस्कर उपस्थित रहे। बैठक के दौरान राजनीतिक आंदोलनों सहित गैर राजनीतिक संगठन, सामाजिक संगठन और कर्मचारी संगठनों के आंदोलनों के समय दर्ज राजज्ञा उल्लंघन, लोक सेवक के कार्य में बाधा एवं अन्य गंभीर धाराओं से संबंधित प्रकरणों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। उपसमिति द्वारा विभिन्न मामलों को मंत्रिपरिषद के विचारार्थ एवं स्वीकृति हेतु अनुशंसित करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही मंत्रिमंडल उपसमिति ने पूर्व में प्रकरण वापसी के लिए अनुशंसित मामलों की सतत निगरानी एवं शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश अपर मुख्य सचिव गृह मनोज पिंगवा को दिए। बैठक के पश्चात उपसमिति के अध्यक्ष उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राजनीति में लोकतांत्रिक विरोध का सदैव सम्मान होना चाहिए। राजनीति मतभेद का विषय है, मनभेद का नहीं। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा राजनीतिक दुर्भावना के चलते अनेक मामलों में राजनीतिक कार्यकर्ताओं, गैर राजनीतिक संगठन, सामाजिक संगठन और कर्मचारी संगठन पर प्रकरण दर्ज किए गए थे। राजनीतिक कार्यकर्ताओ के साथ  गैर राजनीतिक संगठन, सामाजिक संगठन और कर्मचारी संगठन द्वारा आयोजित आंदोलनों को भी इस प्रक्रिया के शामिल किया जा रहा है, जिनमें आंदोलनरत लोगों के विरुद्ध द्वेषपूर्ण रूप से मुकदमे भी दर्ज हुए थे, उन सभी को वापस लिया जाएगा। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में वर्तमान सरकार ने ऐसे द्वेषपूर्ण मामलों की गंभीरता से समीक्षा कर, विधि सम्मत प्रक्रिया के तहत यथासंभव निर्णय लेने का संकल्प लिया है, ताकि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा हो सके और अनावश्यक मुकदमों से जनता को राहत मिल सके।  

जमानत के बाद गरमाई राजनीति: विजय शर्मा का तंज—भूपेश सरकार ने किए घोटाले, फँसाया गया कवासी लखमा

रायपुर सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद शराब घोटाले में आरोपी पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा आज जेल से बाहर निकलेंगे. इस पूरे घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि भूपेश बघेल सरकार ने शराब, डीएमएफ, कोयला जैसे कई घोटाले लिए, लेकिन कवासी लखमा को बलि का बकरा बनाया गया है. उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ में हाई लेवल मीटिंग को लेकर कहा कि 15% भूभाग और 15% नक्सलियों का शस्त्र बल शेष है. केंद्र और राज्य की सरकार एक भी गोली नहीं चलाना चाहती. नक्सलियों के लिए पुनर्वास एक अच्छी व्यवस्था है, शेष नक्सलियों पर सुरक्षाबल कार्रवाई करेंगे. सुरक्षाबल की भुजाओं के सामने कोई नहीं टिक सका है. दिल्ली में राहुल गांधी से भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल की मुलाकात पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के तंज पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुशासन बहुत बड़ी बात है. कांग्रेस मंडल बना लेगी, लेकिन अनुशासन कहां से लाएगी. बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि विनय सहस्त्रबुद्धे वहां मौजूद थे, वहां विनय सहस्त्रबुद्धे से चर्चा हो रही थी. धान की खरीदी की तारीख में दो दिनों की बढ़ोतरी पर विजय शर्मा ने कहा कि किसी किसान को कोई परेशानी नहीं होगी. कांग्रेस का जनता से कोई लेना-देना नहीं है. कांग्रेस हमेशा अपने मुद्दों को लेकर सोचती है. किसानों को लेकर सरकार संवेदनशील है.

खनन परियोजनाओं का हो गुणवत्तापूर्ण समयबद्ध क्रियान्वयन

रायपुर मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति की 21वीं बैठक में हुए शामिल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति की 21वीं बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। प्रदेश में रेयर अर्थ मिनरल्स सहित कई अनेक खनिजों के प्रचुर भंडार उपलब्ध हैं। राज्य में चल रही सभी खनन परियोजनाओं का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध रूप क्रियान्वयन किया जाए।   मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खनिजों के अवैध परिवहन एवं उत्खनन पर विशेष टॉस्क फोर्स के माध्यम से की जा रही निगरानी को और प्रभावी बनाने के लिए आईटी एवं ड्रोन जैसे आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जाये। तकनीक के द्वारा अवैध गतिविधियों पर बेहतर एवं सतत निगरानी की जा सकेगी।  मुख्यमंत्री साय ने पीएमकेकेकेवाई के अंतर्गत खनिज 2.0 पोर्टल के माध्यम से व्यय एवं कार्यो के प्रगति की निगरानी के विषय में जानकारी ली। उन्होंने कार्यो के गुणवत्ता एवं परियोजनाओं के समय पर क्रियान्वयन के लिए जिला खनिज न्यास अधिनियम के अंतर्गत राज्य स्तरीय केन्द्रीय कार्यक्रम प्रबंधन ईकाई की स्थापना के माध्यम से डीएमएफ कार्यों की बेहतर निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिये। बैठक में परिवहन नेटवर्क (रेलमार्ग) के अंतर्गत चिरमिरी-नागपुर रेल्वे लाईन हेतु कुल 328 करोड़ एवं छत्तीसगढ़ रेल्वे कॉरीडोर निर्माण हेतु, 1-ईस्ट कॉरीडोर एवं 3-ईस्ट वेस्ट कॉरीडोर के लिए राशि रूपये 60.10 करोड़ एवं क्वासी इक्विटी के रूप में 24.10 करोड़ का समिति द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया । बैठक में खनिज विकास निगम लिमिटेड (सीएमडीसी) को एनएमडीसी-सीएमडीसी कंपनी लिमिटेड (एनसीएल) संयुक्त उपक्रम में सीएमडीसी की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी के रूप में विभिन्न परियोजनाओं के विकास हेतु 112.70 करोड़ एवं सीएमडीसी को विभागीय कार्य हेतु अतिरिक्त राशि रूपये 10 करोड़ का समिति द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया । बैठक में संचालनालय, भौमिकी तथा खनिकर्म के अंतर्गत खनिज ब्लॉकों की नीलामी, खनिज ऑनलाईन 2.0 के भुगतान, भौमिकी के अंतर्गत सर्वेक्षण, पूर्वेक्षण एवं विभिन्न परियोजनाओं के भुगतान एवं बाह्य स्त्रोतों से विभिन्न तकनीकी कार्यों के संपादन, मुख्य एवं गौण खनिजों के अवैध परिवहन निगरानी हेतु आईटी एवं ड्रोन तकनीक से नियंत्रण, जिला खनिज न्यास अधिनियम के अंतर्गत डीएमएफ से संबंधित कार्यों की निगरानी हेतु केन्द्रीय कार्यक्रम प्रबंधन ईकाई (सीपीएमयू) सहित विभागीय कार्य हेतु 138.17 करोड़ का समिति द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया । बैठक में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति की 20वीं बैठक में संपन्न कार्यों के क्रियान्वयन के विषय में जानकारी दी गई। बैठक में वित्त मंत्री ओ पी चौधरी, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव सह सचिव वित्त मुकेश बंसल, मुख्यमंत्री के सचिव सह सचिव खनिज साधन विभाग पी दयानंद, संचालक खनिज रजत बंसल सहित अधिकारीगण मौजूद रहे।

वन्यजीव सुरक्षा को बड़ी सफलता, उदंती–सीतानदी टाइगर रिज़र्व से 3 शिकारी दबोचे गए

रायपुर छत्तीसगढ के गरियाबंद और धमतरी जिलें में स्थित उदंती-सीतानदी टाइगर रिज़र्व  के कोर क्षेत्र में वन्यजीव सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। यहाँ मुख्य रूप से संकटग्रस्त एशियाई जंगली भैंसों और बाघों के संरक्षण के लिए विशेष प्रजनन केंद्र, गश्ती, और सामुदायिक भागीदारी जैसे उपाय अपनाए जा रहे हैं। हाल ही में पेरेग्रीन फाल्कन जैसे दुर्लभ पक्षियों की मौजूदगी भी यहाँ के बेहतर पारिस्थितिक तंत्र का संकेत देती है। उदंती-सीतानदी टाइगर रिज़र्व के कोर क्षेत्र में वन्यजीव सुरक्षा को सुदृढ़ करते हुए वन विभाग एवं एंटी पोचिंग टीम ने अवैध शिकार में संलिप्त तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई अखिल भारतीय बाघ गणना 2026 के मद्देनज़र क्षेत्र में बढ़ाई गई विशेष निगरानी के दौरान की गई।  वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 15 जनवरी 2026 को दक्षिण उदंती परिक्षेत्र के नागेश बीट में नियमित गश्त के दौरान छह संदिग्ध सशस्त्र व्यक्तियों की गतिविधि देखी गई। तत्काल कार्रवाई करते हुए एंटी पोचिंग टीम ने घेराबंदी कर राजमन यादव को मौके से हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों गुप्ताराम, भादुराम तथा ओडिशा के कुछ अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर प्रतिबंधित कोर क्षेत्र में अवैध रूप से डेरा डालने की बात स्वीकार की। जांच में सामने आया कि 16 जनवरी 2026 को गोमारझरी नाले के पास पानी पीने आए जंगली सुअरों का शिकार किया गया। इसके बाद मांस को टांगापानी गांव ले जाकर आपस में बांटा गया।  टाइगर रिज़र्व के उपनिदेशक श्री वरुण जैन के मार्गदर्शन में तथा गरियाबंद पुलिस के सहयोग से 20 जनवरी 2026 को मुख्य आरोपी गुप्ताराम को भूतबेड़ा बाजार से गिरफ्तार किया गया। आरोपी के घर से एक भरमार बंदूक, 3.100 किलोग्राम जंगली सुअर का मांस, भालू का पंजा तथा शिकार में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए गए। वहीं अन्य आरोपी भादुराम के घर से वन्यजीवों को फंसाने के लिए उपयोग किए जाने वाले फंदे और क्लच वायर जब्त किए गए। रिकॉर्ड जांच में यह भी पाया गया कि आरोपी पेशेवर शिकारी हैं तथा मुख्य आरोपी के विरुद्ध पूर्व में भी वन्यजीव अपराध का प्रकरण दर्ज है। वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को 22 जनवरी 2026 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, गरियाबंद के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें 13 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।  उल्लेखनीय है कि वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार प्रदेश में वन एवं वन्यजीव संरक्षण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उनके मार्गदर्शन में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री अरुण कुमार पांडेय के नेतृत्व में नियमित रूप से एंटी स्नेर वॉक अभियान, सतत गश्त और निगरानी को सुदृढ़ किया गया है। इन्हीं प्रयासों के परिणामस्वरूप वन विभाग अवैध शिकार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित कर रहा है और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।

रात में विवाद, सुबह दो लाशें—पति ने पत्नी की हत्या कर खुद की जान ली

शहर के दंतेश्वरी वार्ड में बुजुर्ग दंपती के बीच आधी रात को गहराए विवाद ने भयावह रूप ले लिया. बुजुर्ग ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी और फिर खुद भी फांसी लगाकर जान दे दी, मृतकों की पहचान 73 वर्षीय तारा सिंह और उनकी 70 वर्षीय पत्नी विजय कौर के रूप में हुई है, बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से अक्सर विवाद होता रहता था. दोनों के बेटा, बहू और बेटी घर की ऊपरी मंजिल में रहते थे. बेटे-बहु ने कराया शांत, लेकिन दोबारा करने लगे थे विवाद जानकारी के अनुसार, बीती रात भी पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ, जिस पर बेटा और बहू नीचे आए और मामला शांत कराया, इसके बाद वे फिर ऊपर चले गए। लेकिन रात करीब 2 से 2:30 बजे के बीच दोबारा विवाद शुरू हो गया. इस बाद विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर तारा सिंह ने मोटे लकड़ी के डंडे से पत्नी के सिर पर वार कर दिया, जिससे मौके पर ही विजय कौर की मौत हो गई. घटना को अंजाम देने के बाद तारा सिंह ने भी घर के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. घर पर पहुंची पुलिस घटना की सूचना मिलते ही बोधघाट पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. साथ ही आसपास के लोगों और परिजनों से पूछताछ कर मामले की विस्तृत जांच की जा रही है.

राजिम कुंभ कल्प 2026: पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने संतों से की मुलाकात, छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का स्वाद लिया

रायपुर. राजिम कुंभ कल्प 2026: पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने त्रिवेणी संगम पर संतों से की भेंट, बिहान दीदियों द्वारा बनाए गए छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का चखा स्वाद प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने राजिम कुंभ कल्प 2026 के पावन अवसर पर त्रिवेणी संगम के तट पर पहुंचकर विभिन्न अखाड़ों, पीठों से पधारे पूज्य धर्माचार्यों, संतों एवं लाखों श्रद्धालुओं से आत्मीय भेंट की। उन्होंने कुंभ की सभी व्यवस्थाओं का सघन निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मंत्री अग्रवाल ने कुंभ स्थल पर विभिन्न अखाड़ों के पूज्य संतों से भेंट कर उनका आशीर्वाद ग्रहण किया। संतों ने कुंभ की भव्यता की सराहना करते हुए राज्य सरकार के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने श्रद्धालुओं से भी बातचीत की, उनकी समस्याएं सुनीं तथा तत्काल समाधान के निर्देश दिए।  राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के स्टॉल पर पहुंचे मंत्री अग्रवाल ने स्वयं समूह की दीदियों से बातचीत की। उन्होंने दीदियों द्वारा तैयार छत्तीसगढ़ी व्यंजनों जैसे चीला, फरा और ठेठरी का स्वाद लिया तथा उनकी कुशलता की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। अग्रवाल ने कहा कि बिहान दीदियों की मेहनत से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है, बल्कि राजिम कुंभ जैसे वैश्विक आयोजन में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर भी विश्व पटल पर चमक रही है।  मंत्री ने बांस और लकड़ी से बनी आदिवासी कलाकृतियों के स्टॉल पर जाकर स्थानीय कारीगरों से मुलाकात की। उन्होंने मूर्तियों, शोपीस और उपयोगी वस्तुओं की बारीकी से सराहना की तथा उनके उत्साहवर्धन के लिए खरीदारी भी की। अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार राजिम कुंभ के माध्यम से स्थानीय हस्तशिल्प को राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करेगी। मंत्री अग्रवाल ने राजिम कुंभ स्थल पर बनाई गई रामवनगमन पथ की जीवंत प्रतिकृति का भी निरीक्षण किया। छत्तीसगढ़ के पौराणिक राम वनगमन मार्ग को चित्रों और मूर्तियों के माध्यम से दर्शाती यह प्रतिकृति श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। अग्रवाल ने प्रतिकृति की बारीकी और कलात्मकता की प्रशंसा की। राजिम कुंभ कल्प 2026 की अन्य व्यवस्थाओं जैसे पानी की आपूर्ति, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधा, यातायात और सुरक्षा का जायजा लेते हुए मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने सुनिश्चित किया कि लाखों श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इस अवसर पर विधायक रोहित साहू, गरियाबंद कलेक्टर बी एस उइके, एसडीएम विशाल महाराणा, गरियाबंद जिला प्रशासन व पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।  राजिम कुंभ कल्प 2026 छत्तीसगढ़ की सनातन परंपराओं का जीवंत प्रतीक बन चुका है, जहां लाखों श्रद्धालु त्रिवेणी संगम पर स्नान कर रहे हैं। पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में यह आयोजन न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक-आर्थिक उत्सव के रूप में चमक रहा है।

बाघ गणना की तैयारी तेज, कोटा परियोजना मंडल में हुआ विशेष प्रशिक्षण

रायपुर. अखिल भारतीय बाघ गणना पर कोटा परियोजना मण्डल में विशेष प्रशिक्षण आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध संचालक की प्रेरणा एवं क्षेत्रीय महाप्रबंधक बिलासपुर के मार्गदर्शन में अखिल भारतीय बाघ गणना से संबंधित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम कोटा परियोजना मण्डल द्वारा आयोजित की गयी। यह प्रशिक्षण विगत दिवस शिवतराई विश्राम गृह में निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए आयोजित की गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य बाघों की संख्या का वैज्ञानिक आंकलन, उनके आवास एवं गतिविधियों की पहचान तथा क्षेत्र में पाए जाने वाले अन्य मांसाहारी एवं शाकाहारी वन्यप्राणियों की गणना की आधुनिक विधियों से कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना था। प्रशिक्षण सत्र के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाघों की पहचान, पगमार्क, मल एवं खरोंच के निशानों के माध्यम से उपस्थिति की पुष्टि, कैमरा ट्रैप तकनीक का व्यावहारिक उपयोग, फील्ड डाटा संग्रहण एवं निगरानी की आधुनिक प्रणालियों की जानकारी दी गई। साथ ही हिरण, सांभर, नीलगाय, जंगली सूअर जैसे शाकाहारी वन्यप्राणियों तथा तेंदुआ जैसे अन्य मांसाहारी वन्यप्राणियों की गणना की वैज्ञानिक पद्धतियों पर भी प्रकाश डाला गया। प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि एकत्रित आंकड़ों के विश्लेषण के माध्यम से बाघों की वास्तविक संख्या, उनके शिकार प्रजातियों की उपलब्धता तथा वन्यजीव संरक्षण की स्थिति का आंकलन कैसे किया जाता है। इससे वन अधिकारियों को संरक्षण योजनाओं के निर्माण एवं प्रभावी रणनीति तय करने में सहायता मिलेगी। उल्लेखनीय है कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से बाघ संरक्षण को सशक्त बनाने, अवैध शिकार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा वन्यजीव प्रबंधन की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद मिलेगी। प्रशिक्षण में मण्डल प्रबंधक, कोटा उपमण्डल प्रबंधक, परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी, सहायक परियोजना क्षेत्रपाल, क्षेत्ररक्षक एवं चौकीदारों ने भाग लिया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बाघ संरक्षण एवं वन्यजीव प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं उपयोगी पहल सिद्ध होगा।

क्वांटम भौतिकी के जनक आचार्य बोस को विज्ञान केंद्र में दी गई श्रद्धांजलि

रायपुर. आचार्य बोस के शोध कार्य से प्रेरित होकर अल्बर्ट आइंस्टीन ने उनके सिद्धांतों को बढ़ाया आगे: प्रोफेसर शिव कुमार पाण्डेय भारत के महान वैज्ञानिक आचार्य सत्येन्द्रनाथ बोस जी की पुण्यतिथि के अवसर पर एक विशेष व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर एवं छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर पूर्व कुलपति डॉ. एस.के. पाण्डेय थे। प्रोफेसर डॉ. एस.के. पाण्डेय ने विस्तृत व्याख्यान में बताया कि आचार्य सत्येन्द्रनाथ बोस के सम्पूर्ण जीवन-वृत्त पर प्रकाश डालते हुए उनके बाल्यकाल, शिक्षा, शैक्षणिक जीवन एवं वैज्ञानिक उपलब्धियों का क्रमबद्ध एवं प्रेरणादायी विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने विशेष रूप से क्वांटम भौतिकी के क्षेत्र में आचार्य बोस के ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित करते हुए बोसदृआइंस्टीन सांख्यिकी की अवधारणा को सरल एवं प्रभावी ढंग से समझाया। व्याख्यान के दौरान उन्होंने बोसॉन की संकल्पना, उनकी विशेषताओं तथा आधुनिक भौतिकी में उनकी भूमिका को उदाहरणों के माध्यम से विस्तारपूर्वक स्पष्ट किया। उन्होंने यह भी बताया कि आचार्य बोस के शोध कार्य से प्रेरित होकर अल्बर्ट आइंस्टीन द्वारा उनके सिद्धांतों को आगे बढ़ाया गया, जिसके परिणामस्वरूप बोस-आइंस्टीन संघनन जैसी महत्वपूर्ण वैज्ञानिक अवधारणा का विकास हुआ, जिसका उपयोग आज आधुनिक भौतिकी, क्वांटम अनुसंधान एवं उन्नत प्रौद्योगिकियों में किया जा रहा है।  कार्यक्रम का शुभारंभ साइंस सेंटर के महानिदेशक प्रशांत कविश्वर के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने अपने संबोधन में आचार्य सत्येन्द्रनाथ बोस के वैज्ञानिक योगदान, उनकी मौलिक सोच तथा युवा पीढ़ी के लिए उनके प्रेरणादायी जीवन पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में शासकीय विद्यालय दलदल सिवनी एवं बी.पी. पुजारी स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालय के छात्र-छात्राओं की सक्रिय सहभागिता रही। इसके साथ ही बी.एड., डी.एड. विज्ञान विषय के शिक्षक भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, रायपुर के अतिरिक्त संचालक से जे.पी. रथ, सहित छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर एवं छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के वैज्ञानिकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भी उपस्थिति रही।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी उप मुख्यमंत्री अरुण साव

रायपुर. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज मंत्रालय में राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने पत्रकार-वार्ता में कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी।