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बीजापुर में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई, मुठभेड़ में छह नक्सलियों का सफाया

बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में शीर्ष नक्सली नेता दिलीप बेदजा समेत छह माओवादियों को मार गिराया। पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से शवों के साथ दो एके-47 राइफलें व अन्य हथियार व गोला-बारूद बरामद किए  हैं। राज्य में जनवरी में अब तक 20 नक्सली मारे जा चुके हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इलाके में नक्सल कमांडर पापा राव और डिविजनल कमेटी सदस्य दिलीप बेदजा के होने की सूचना पर नक्सली विरोधी अभियान शुरू किया गया था। इसी दौरान शनिवार सुबह जिले के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र की जंगली पहाड़ियों में मुठभेड़ हुई। अभियान में पुलिस की विशेष टास्क फोर्स, जिला रिजर्व गार्ड व सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन के जवान शामिल थे। मारे गए अन्य नक्सलियों की पहचान के प्रयास जारी हैं। बेदजा नेशनल पार्क एरिया समिति में सक्रिय था और कई हमलों में शामिल था। इससे पहले तीन जनवरी को बीजापुर सहित सात जिलों वाले बस्तर क्षेत्र में दो मुठभेड़ों में 14 नक्सलियों को मार गिराया गया था। पिछले साल छत्तीसगढ़ में कुल 285 नक्सली मारे गए थे। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में शीर्ष नक्सली नेता दिलीप बेदजा समेत छह माओवादियों को मार गिराया। पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से शवों के साथ दो एके-47 राइफलें व अन्य हथियार व गोला-बारूद बरामद किए  हैं। राज्य में जनवरी में अब तक 20 नक्सली मारे जा चुके हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इलाके में नक्सल कमांडर पापा राव और डिविजनल कमेटी सदस्य दिलीप बेदजा के होने की सूचना पर नक्सली विरोधी अभियान शुरू किया गया था। इसी दौरान शनिवार सुबह जिले के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र की जंगली पहाड़ियों में मुठभेड़ हुई। अभियान में पुलिस की विशेष टास्क फोर्स, जिला रिजर्व गार्ड व सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन के जवान शामिल थे। मारे गए अन्य नक्सलियों की पहचान के प्रयास जारी हैं। बेदजा नेशनल पार्क एरिया समिति में सक्रिय था और कई हमलों में शामिल था। इससे पहले तीन जनवरी को बीजापुर सहित सात जिलों वाले बस्तर क्षेत्र में दो मुठभेड़ों में 14 नक्सलियों को मार गिराया गया था। पिछले साल छत्तीसगढ़ में कुल 285 नक्सली मारे गए थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की नगर पंचायत भटगांव के विकास के लिए एक करोड़ रुपए की घोषणा

रायपुर कर्मा महोत्सव को छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। ऐसे आयोजन लोक पर्वों को सहेजने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं। कर्मा पर्व प्रकृति से जुड़ाव, आपसी भाईचारा और सामूहिक आनंद का उत्सव है। उक्त आशय के विचार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सूरजपुर जिले के चुनगुड़ी में आयोजित कर्मा महोत्सव में व्यक्त किए।  मुख्यमंत्री ने इस मौके पर 172.51 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने चुनगुड़ी के स्कूल मैदान को मिनी स्टेडियम के रूप में विकसित करने तथा नगर पंचायत भटगांव के विकास हेतु एक करोड़ रुपये की घोषणा की। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े और सांसद चिंतामणि महाराज ने भी सम्बोधित किया। परंपरा, संस्कृति और उल्लास से परिपूर्ण कर्मा महोत्सव में मांदर की थाप और घुंघरुओं की झंकार के बीच पूरा क्षेत्र कर्मा नृत्य की लय में थिरक उठा। सूरजपुर, सरगुजा, जशपुर, बलरामपुर, कोरिया एवं मनेंद्रगढ़ जिलों से आए 33 कर्मा दलों के लोक कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में कर्मा नृत्य प्रस्तुत कर सबको लोक संस्कृति के रंगों से भर दिया।  मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगायी गई प्रदर्शनी के स्टॉलों का निरीक्षण कर नाव-जाल एवं आइस बॉक्स, आयुष्मान कार्ड, छत्तीसगढ़ महिला कोष से ऋण वितरण और महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित छह रेडी-टू-ईट ईकाइयों का शुभारंभ किया और पोषण वितरण कार्य से जुड़ी महिलाओं को शॉल-श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। इसके अलावा महिलाओं को स्वरोजगार के लिए मुद्रा लोन, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत बीमा क्लेम तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत खुशियों की चाबी प्रदान की। कार्यक्रम में विधायक भूलन सिंह मरावी, वन विकास निगम के अध्यक्ष राम सेवक पैकरा, जिला पंचायत अध्यक्ष चंद्रमणि पैकरा, उपाध्यक्ष रेखा राजलाल रजवाड़े सहित अनेक जनप्रतिनिधि सहित समस्त जिलास्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग के पंचायत प्रतिनिधियों को महाराष्ट्र अध्ययन भ्रमण के लिए किया रवाना

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास से राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत बस्तर संभाग के जिला पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों के दल को प्रशिक्षण सह अध्ययन भ्रमण के लिए रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी पंचायत प्रतिनिधियों को सकुशल एवं सफल यात्रा के लिए शुभकामनाएँ दीं तथा दो बसों को हरी झंडी दिखाकर दल को रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस अध्ययन भ्रमण के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों को अन्य राज्यों की बेहतर कार्यप्रणालियों (बेस्ट प्रैक्टिसेज) की जानकारी प्राप्त होगी, जिसका सीधा लाभ छत्तीसगढ़ के ग्रामीण विकास को मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह यात्रा बहुउद्देशीय है, जिसमें सांस्कृतिक आदान-प्रदान, संवाद, विचार-विमर्श, पंचायत प्रतिनिधियों के दायित्वों, नवाचारों तथा ग्रामीण विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों का आदान-प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतिनिधियों से कहा कि वे छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर की पहचान के रूप में राज्य के पर्यटन, संस्कृति, जनहितैषी एवं विकासमूलक योजनाओं, सुशासन (गुड गवर्नेंस) तथा पारदर्शी शासन व्यवस्था के बारे में भी अन्य राज्यों के प्रतिनिधियों से जानकारी साझा करें। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी सभी पंचायत प्रतिनिधियों को एक्सपोज़र विज़िट के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि इस प्रकार के अध्ययन भ्रमण से राज्य की पंचायत राज व्यवस्था को और अधिक सशक्त, प्रगतिशील एवं विकासोन्मुख बनाने में सहायता मिलेगी। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा संचालित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज योजना के अंतर्गत बस्तर संभाग के जिला पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को महाराष्ट्र राज्य की पंचायत राज व्यवस्था का अध्ययन कराने के लिए 18 जनवरी से 23 जनवरी 2025 तक मुंबई भेजा जा रहा है। प्रथम चरण में कुल 60 पंचायत प्रतिनिधि एवं नोडल अधिकारी इस प्रशिक्षण सह अध्ययन भ्रमण में सम्मिलित हैं। इस दौरान प्रशिक्षण सत्रों के साथ-साथ महाराष्ट्र की उत्कृष्ट पंचायतों का भी भ्रमण कराया जाएगा। आगामी चरणों में राज्य के सभी संभागों के जिला पंचायत प्रतिनिधियों को क्रमवार इस प्रकार के अध्ययन भ्रमण पर भेजा जाएगा। इस अवसर पर विधायक लता उसेंडी, विधायक मोतीलाल साहू, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की संचालक प्रियंका महोबिया सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वर्गीय श्याम सुन्दर अग्रवाल को दी श्रद्धांजलि

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के खम्हारडीह ( ऐश्वर्या विंड मिल ) स्थित पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल के निवास पहुंचकर स्वर्गीय श्याम सुन्दर अग्रवाल की पगड़ी रस्म एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की तथा शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि स्वर्गीय श्याम सुन्दर अग्रवाल समाजसेवा एवं मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पित व्यक्तित्व थे। उनका निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने परिवारजनों को इस कठिन समय में धैर्य एवं संबल प्रदान करने की कामना की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्रीविजय शर्मा, विधायक राजेश मूणत, विधायक सम्पत अग्रवाल, छगन मुंदड़ा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

रायपुर साहित्य उत्सव 2026: साहित्य प्रेमियों के लिए विशेष पहल, शहर में निःशुल्क बस सेवा शुरू

रायपुर रायपुर साहित्य उत्सव के दौरान आम नागरिकों, साहित्य प्रेमियों, विद्यार्थियों और युवाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शहर में निःशुल्क बस सेवा संचालित की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परिवहन की असुविधा के कारण कोई भी व्यक्ति इस महत्वपूर्ण साहित्यिक आयोजन में भाग लेने से वंचित न रह जाए। निःशुल्क बस सेवा से शहरवासियों को उत्सव स्थल तक सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन की सुविधा मिलेगी। यह निःशुल्क बस सेवा 23, 24 और 25 जनवरी 2026—तीन दिनों तक लगातार संचालित की जाएगी। इन तीनों दिनों में बसों का संचालन पूरी तरह निःशुल्क रहेगा, जिससे आमजन बिना किसी अतिरिक्त खर्च के रायपुर साहित्य उत्सव में शामिल हो सकेंगे। यह व्यवस्था विशेष रूप से विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों और साहित्य प्रेमियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, लगभग 15 बसें इस निःशुल्क सेवा के अंतर्गत चलाई जाएंगी। ये बसें उत्सव स्थल तक आने और लौटने—दोनों दिशाओं में संचालित होंगी, ताकि दर्शकों को कार्यक्रम समाप्ति के बाद भी किसी प्रकार की असुविधा न हो। बसों की संख्या इस प्रकार निर्धारित की गई है कि भीड़ के समय भी सुचारु आवागमन सुनिश्चित किया जा सके। शहर के अधिकतम क्षेत्रों को इस सुविधा से जोड़ने के लिए बस संचालन हेतु कुल 6 प्रमुख रूट तय किए गए हैं। इन रूट्स के माध्यम से रायपुर के विभिन्न हिस्सों से लोगों को उत्सव स्थल तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी। सभी बसें पुराने रायपुर क्षेत्र से पुरखौती मुक्तांगन नवा रायपुर स्थित रायपुर साहित्य उत्सव स्थल तक संचालित की जाएंगी।निःशुल्क बस सेवा के अंतर्गत संचालित होने वाली सभी बसों पर रायपुर साहित्य उत्सव की विशेष ब्रांडिंग की जाएगी। इससे न केवल शहर में साहित्य उत्सव का माहौल बनेगा, बल्कि नागरिकों में आयोजन को लेकर जागरूकता भी बढ़ेगी और पूरे रायपुर में उत्सव की पहचान और प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। बसों की विस्तृत समय-सारणी शीघ्र जारी की जाएगी, ताकि नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार यात्रा की योजना बना सकें। समय-सारणी जारी होते ही इसे विभिन्न माध्यमों से सार्वजनिक किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकें। प्रशासन द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि बस सेवा समयबद्ध, सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संचालित हो। उल्लेखनीय है कि रायपुर साहित्य उत्सव छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। निःशुल्क बस सेवा की यह व्यवस्था अधिकाधिक नागरिकों, विद्यार्थियों और साहित्य प्रेमियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है, ताकि परिवहन की किसी भी असुविधा के बिना लोग इस उत्सव का हिस्सा बन सकें। इस पहल के माध्यम से रायपुर साहित्य उत्सव को एक व्यापक जन-सांस्कृतिक आयोजन के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसमें समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

बगीचा में मेगा हेल्थ कैंप में 1100 मरीजों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण

जशपुर. बगीचा में मेगा हेल्थ कैंप एवं स्वास्थ्य जांच शिविर का सफल आयोजन हुआ। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बगीचा में 2 करोड़ 43 लाख 72 हजार रुपये की लागत से निर्मित 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नवीन भवन का लोकार्पण के साथ ही मेगा स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ किया था। मेगा हेल्थ कैंप में बगीचा सहित आसपास के ग्रामीण एवं सुदूर अंचलों से बड़ी संख्या में नागरिकों ने सहभागिता की। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा निःशुल्क परामर्श, स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार की सुविधा प्रदान की गई। शिविर के दौरान कुल 1109 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिन्हें आवश्यकतानुसार उपचार उपलब्ध कराया गया तथा निःशुल्क दवाइयों का वितरण भी Also Read – रेरा में पंजीयन के बगैर जमीन की हो रही खरीदी-बिक्री किया गया। स्वास्थ्य शिविर में जनरल मेडिसिन, न्यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हड्डी रोग, प्रसूति एवं स्त्री रोग, नाक-कान-गला (ईएनटी), नेत्र रोग, नेफ्रोलॉजी एवं प्लास्टिक सर्जरी जैसे विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा सेवाएं दी गईं। शिविर में गंभीर एवं जटिल बीमारियों से ग्रसित मरीजों को बेहतर उपचार हेतु सर्वसुविधायुक्त उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किए जाने की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई थी। शिविर में न्यूरोलॉजी के 125, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के 65, नाक-कान-गला के 148, मेडिसिन के 172, प्लास्टिक सर्जरी के 46, नेफ्रोलॉजी के 29, हड्डी रोग के 161, प्रसूति एवं स्त्री रोग के 60, नेत्र रोग के 80 तथा सामान्य ओपीडी में 223 मरीजों का स्वास्थ्य जांच एवं उपचार किया गया।

राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई में आए उत्पीड़न के 35 प्रकरण

दुर्ग. छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में आज प्रेरणा सभा कक्ष, बालगृह परिसर महिला एवं बाल विकास कार्यालय, दुर्ग में महिला उत्पीड़न से संबंधित मामलों पर जनसुनवाई आयोजित की गई। इस अवसर पर प्रभारी सदस्य ओजस्वी मंडावी और सह प्रभारी लक्ष्मी वर्मा उपस्थित रहीं। आज की जनसुनवाई में जिले के कुल 35 प्रकरणों पर सुनवाई की गई। इसमें विभिन्न प्रकार के महिला उत्पीड़न, परिवारिक विवाद, संपत्ति बंटवारा और सामाजिक न्याय से जुड़े मामले शामिल थे। Also Read – रेरा में पंजीयन के बगैर जमीन की हो रही खरीदी-बिक्री एक प्रकरण में आवेदिका की अनुपस्थिति के कारण सुनवाई को रायपुर स्थानांतरित किया गया। वहीं, एक अन्य प्रकरण जिसमें उच्च न्यायालय द्वारा पहले खारिज किया गया था, आयोग द्वारा सुनवाई के आदेश के बाद पुनः सुनवाई की गई। इसमें पुलिस जांच दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। उक्त मामले की अगली सुनवाई 11 फरवरी 2026 को रायपुर में निर्धारित की गई है।जनसुनवाई के दौरान एक गंभीर प्रकरण सामने आया जिसमें पति-पत्नी के बीच विवाद था और अवैध संबंधों के आरोप भी थे। आयोग की समझाइश के बाद पति ने पत्नी और पुत्र के समक्ष माफी मांगी, और दोनों पक्षों को पुनः साथ रहने का अवसर दिया गया। इसके पालन की निगरानी सखी केंद्र द्वारा की जाएगी। Also Read – रायपुर की बाल लेखिका को जानिए, बनना चाहती है IPS एक अन्य मामले में शिकायतकर्ता द्वारा शिकायत वापस लेने और संबंधित व्यक्तियों की मृत्यु होने के कारण प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया। पारिवारिक संपत्ति विवाद के एक प्रकरण में आयोग की टीम ने मौके पर जाकर आवेदिका को भूमि का कब्जा दिलाने और सुलहनामा कराने का निर्णय लिया। न्यायालय में लंबित प्रकरणों को आयोग द्वारा नस्तीबद्ध किया गया। जनहित की शिकायत पर दर्ज एफआईआर को लेकर अनावेदक को एक माह में एफआईआर वापस लेने के निर्देश दिए गए, जिसकी अगली सुनवाई रायपुर में होगी। Also Read – बीजापुर में पुलिस और नक्सलियों में जबरदस्त मुठभेड़, 2 नक्सली ढेर संपत्ति बंटवारे से जुड़े एक प्रकरण में विधवा महिला को अपनी संपत्ति बेचने और बच्चों में समान रूप से वितरण करने की स्वतंत्रता दी गई, जिस पर सभी पक्ष सहमत पाए गए। जनसुनवाई के माध्यम से राज्य महिला आयोग ने कई मामलों में त्वरित समाधान, सुलह और महिला हित में निर्णय दिए, जिससे महिलाओं को राहत और न्याय प्राप्त हुआ। आयोग ने उपस्थित सभी आवेदिकाओं को भरोसा दिलाया कि उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाएगी और महिलाओं के खिलाफ होने वाले उत्पीड़न के मामलों में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

निगम कमिश्नर की राशन-फल की सूची से परेशान कर्मचारी ने हाईकोर्ट की ली शरण

दुर्ग. नगर निगम कमिश्नर का कारनामा हाईकोर्ट में चर्चा का विषय बन गया है। एक कर्मचारी ने दावा किया है कि कमिश्नर ने उससे धुरंधर मूवी का कार्नर वाला टिकट बुक कराने, लाल अंगूर जैसे फल, जवा फूल चावल से लेकर बंगले के वाई-फाई तक रिचार्ज कराए। फिर डिमांड पूरी नहीं कर सका तो उस कर्मचारी को सस्पेंड कर नौकरी से निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी। परेशान कर्मचारी ने न्याय के लिए हाईकोर्ट की शरण ली, जिस पर हाईकोर्ट के जस्टिस पीपी साहू ने कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है। दरअसल, दुर्ग नगर निगम में असिस्टेंट ग्रेड-3 भूपेंद्र गोइर ने एडवोकेट संदीप दुबे और मानस वाजपेयी के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। कर्मचारी ने याचिका के साथ वाट्सएप चैट्स के स्क्रीनशॉट हाईकोर्ट में पेश किए हैं। जिसमें निगम कमिश्नर सुमित अग्रवाल ने कर्मचारी से कई बार निजी फरमाइश की, इसमें लाल अंगूर, सेब, संतरा समेत कई फल, 10 किलो जवा फूल चावल, मूवी की कार्नर सीट की दो टिकट, गैस सिलेंडर, बंगले के लिए एसी समेत कई मांग की। इसके अलावा एमआईसी को स्थगित करने पर भी सवाल पूछे। इसके अलावा एक अन्य कर्मचारी के लिए लिखा कि उसे समझा देना, हटा दूंगा। एमआईसी की बैठक कैंसिल करने को लेकर भी कर्मचारी से सलाह मांगी। वहीं एक कर्मचारी के संबंध में लिखा गया कि उसको समझा देना, नहीं तो हटा दूंगा। याचिकाकर्ता कर्मचारी ने बताया कि उसकी नियुक्ति 2014 में चपरासी के पद पर हुई थी। फिर 2019 में प्रमोशन देकर उसे सहायक ग्रेड-3 बनाया गया। 31 जुलाई 2025 को कमिश्नर ने उसे कुछ नियुक्तियों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए नोटिस दिया। उस पर आरोप है कि प्यून नम्रता रक्सेल और सहायक राजस्व निरीक्षक प्रीति उज्जैनवार की नियुक्ति और सहायक लेखा अधिकारी रमेश कुमार शर्मा की पदोन्नति अवैध तरीके से की गई थी। जिसका उसने जवाब दिया। इसके बाद 7 अगस्त 2025 को निलंबित कर दिया गया। जिसके बाद 6 अक्टूबर 2025 को पेश जांच रिपोर्ट में उसे बर्खास्त करने की तैयारी कर ली गई थी।

आवासीय स्कूल में सुसाइड की कोशिश मामले में प्राचार्य और हॉस्टल वार्डन को हटाया

मोहला/रायपुर. केंद्रीय एकलव्य आवासीय विद्यालय में अध्यनरत नाबालिग छात्रों के साथ हैवानियत के मामले में प्राचार्य और हॉस्टल वार्डन को प्रारंभिक तौर पर प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए हटा दिया गया है। वही छात्रों को बर्बरता पूर्वक मारने वाले मुख्य आरोपी एक पीटीआई दो लेक्चर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इधर नाबालिग बच्चियो के जहर पीने के मामले को प्रशासनिक अधिकारी पारिवारिक कलह बताकर इस संवेदनशील मामले को स्थानीय स्तर पर दफन करने के प्रयास में हैं। इन सब घटनाक्रम के बीच शुक्रवार को बाल संरक्षण आयोग की टीम भी मामले का संज्ञान लेते हुए एकलव्य आवासीय परिसर में दाखिल हुई। उल्लेखनीय है कि, एकलव्य आवासीय विद्यालय में आदिवासी छात्रों के साथ बर्बरता किये जाने और नाबालिग बच्चियों के द्वारा आत्महत्या करने का प्रयास के मामले को दबाया जा रहा था। कलेक्टर तूलिका प्रजापति के निर्देश में 12 जनवरी सोमवार रात 9 बजे के लगभग अपर कलेक्टर जीआर मरकाम की अध्यक्षता में डिप्टी कलेक्टर शुभांगी गुप्ता, एसडीएम हेमेंद्र भूआर्य, अंबागढ़ चौकी तहसीलदार अनुरिमा टोप्पो, आरआई तामेश्वरी इस्दा की टीम आवासीय केंद्रीय विद्यालय एकलव्य में दाखिल होकर पड़ताल शुरू की। छात्रों ने सामूहिक रूप से उनके ऊपर हो रहे लगातार अवमानीय बर्ताव, मारपीट के संबंध में एक-एक करके बयान दर्ज कराया। इस मामले में अभी जांच जारी है। प्रारंभिक तौर पर संबंधित हॉस्टल वार्डन तथा प्राचार्य को एकलव्य के चार्ज से पृथक कर दिया गया है, वहीं छात्रों के साथ मारपीट करने आरोपों में घिरे एक पीटीआई और दो लेक्चरर्स को कारण बताओ नोट जारी किया गया है। जांच अधिकारी अपर कलेक्टर जी आर मरकाम ने 6 दिनों के भीतर एक के बाद एक जान देने के लिए आतुर हुई नाबालिग आदिवासी छात्राओं के मामले को पारिवारिक कलह बताया है। जबकि आत्महत्या का प्रयास करने वाले छात्राओं को उनके घर भेज दिया गया है। नाबालिग छात्रों से बर्बरता के मामले में एक्शन लिया जा रहा है, परंतु मासूम बच्चियां क्यों एक के बाद एक जान देना चाह रही थीं? इसकी निष्पक्ष जांच के नाम पर बेहद शंसय की स्थिति बनी हुई है। जहर खुरानी के मामले में पुलिस कोई भी कदम बढ़ाना नहीं चाह रही है, विभागीय तौर पर उक्त मामले को दबाने का प्रयास हो रहा है।  

बीजापुर में पुलिस से बरदस्त मुठभेड़ में 2 नक्सली ढेर

बीजापुर. नेशनल पार्क के जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चल रही है। मुठभेड़ में 2 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। इलाके में नक्सली लीडर पापाराव के साथ बड़ी संख्या में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जानकारी के मुताबिक, मौके से AK 47 बरामद भी किए गए है। शनिवार सुबह से ही संयुक्त टीम और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग जारी है। डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) के जवान नेशनल पार्क क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान चला रहे थे। इसी दौरान उनका नक्सलियों की एक बड़ी टुकड़ी से सामना हो गया। मुठभेड़ अभी भी जारी है और सुरक्षाबलों द्वारा इलाके की घेराबंदी कर दी गई है। मारे गए नक्सलियों के शवों को बरामद करने और अन्य नक्सलियों की तलाश के लिए अभियान तेज कर दिया गया है। बीजापुर पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर कहा है कि अभियान अभी भी जारी है, इसलिए मुठभेड़ के स्थान, ऑपरेशन में शामिल सुरक्षाबलों की संख्या तथा अन्य संवेदनशील जानकारी इस समय साझा नहीं की जा सकती, ताकि ऑपरेशन में लगे जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। शनल पार्क क्षेत्र में नक्सलियों की बड़ी संख्या डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) के जवान नेशनल पार्क क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान चला रहे थे। इसी दौरान उनका सामना नक्सलियों की बड़ी टुकड़ी से हुआ। मुठभेड़ अब भी जारी है। सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है और मारे गए नक्सलियों के शवों को बरामद करने और अन्य नक्सलियों की तलाश के लिए अभियान तेज कर दिया गया है। बीजापुर पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि अभियान अब भी जारी है। इसलिए मुठभेड़ का स्थान, ऑपरेशन में शामिल सुरक्षाबलों की संख्या और अन्य संवेदनशील जानकारी फिलहाल साझा नहीं की जा सकती, ताकि जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। डेढ़ साल में 23 बड़े नक्सली मारे डेढ़ साल में कुल 23 बड़े नक्सली मारे गए हैं। इनमें सबसे खूंखार नक्सली माड़वी हिड़मा, नक्सल संगठन सचिव बसवाराजू, गणेश उइके सहित 16 बड़े नक्सली शामिल हैं। भूपति, रूपेश और रामधेर जैसे बड़े नक्सलियों ने अपने सैकड़ों साथियों के साथ हथियार डाल दिए हैं। अब केवल पोलित ब्यूरो मेंबर देवजी, मिशिर बेसरा और गणपति तीन शीर्ष नक्सली बचे हैं, जो संगठन चला रहे हैं। बस्तर में पापाराव और देवा अपनी जान बचाने के लिए अब भी जंगल में घूम रहे हैं। पुलिस इनकी तलाश कर रही है। इन टॉप नक्सलियों की तलाश में पुलिस 1 – थिप्परी तिरुपति उर्फ देवजी (61)- देवजी तेलंगाना का रहने वाला है। बसवाराजू के एनकाउंटर के बाद नक्सल संगठन ने थिप्परी तिरुपति को नक्सल संगठन का महासचिव बनाया है। ये नक्सल संगठन में पोलित ब्यूरो मेंबर भी है। वर्तमान में नक्सल संगठन का सबसे टॉप लीडर यही है। छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों की पुलिस इसकी तलाश में जुटी हुई है। इसपर सिर्फ छत्तीसगढ़ में ही 1 करोड़ रुपए का इनाम घोषित है। 2. मुपल्ला लक्ष्मण राव उर्फ गणपति (74)- गणपति भी तेलंगाना का रहने वाला है। बसवाराजू से पहले ये ही नक्सल संगठन का महासचिव था। हालांकि, बीमारी और बढ़ती उम्र के चलते इसने करीब 4-5 साल पहले ही संगठन के इस सबसे बड़े पद को छोड़ दिया था। जिसके बाद बसवाराजू को इसकी जिम्मेदारी दी गई थी। इसपर भी 1 करोड़ रुपए से ज्यादा का इनाम घोषित है। 3. मिशिर बेसरा उर्फ भास्कर (62)- भास्कर झारखंड का रहने वाला है। वर्तमान में नक्सलियों का पोलित ब्यूरो मेंबर है। साथ ही ERB का इंचार्ज है। इसपर भी 1 करोड़ रुपए से ज्यादा का इनाम घोषित है। 4. पापा राव उर्फ मंगू (56)- पापाराव छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले का रहने वाला है। वर्तमान में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZCM) मेंबर है। साथ ही पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी का इंचार्ज और दक्षिण सब जोनल ब्यूरो का सदस्य है। पापाराव अपने पास AK-47 राइफल रखता है। बस्तर के जल-जंगल जमीन से वाकिफ है, इसलिए कई बार पुलिस की गोलियों से बचकर निकला है। इसी इसने सरेंडर कर दिया या फिर एनकाउंटर में मारा गया तो नक्सलियों की पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी खत्म हो जाएगी।