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कांकेर में टैक्सी नाले में गिरने से दो लोगों की मौत

कांकेर. शहर से सटे ग्राम कुलगांव में बुधवार को एक भीषण सड़क हादसे में यात्रियों से भरी एक टैक्सी (ओमनी बस) अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे नाले में जा गिरी। इस दर्दनाक हादसे में एक पुरुष और एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वाहन में सवार कुल 18 लोगों में से 16 लोग घायल हो गए। घायलों में तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ओडिशा के नवरंगपुर जिले से पखांजूर मेला देखने जा रहे श्रद्धालुओं से भरी ओमनी बस क्रमांक CG 17 KJ 8609 बुधवार को कुलगांव के पास अचानक अनियंत्रित हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन की रफ्तार काफी तेज थी और मोड़ पर नियंत्रण खोते ही टैक्सी सीधे सड़क से नीचे नाले में जा समाई। हादसा इतना भयावह था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। हादसे में वाहन चालक एवं मालिक ओमप्रकाश कार्ला, निवासी बोरगांव, केशकाल की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दूसरी मृतक महिला की पहचान मिताली मजूमदार, पति निर्मल मजूमदार, निवासी भामा कुंदई, जिला नवरंगपुर (ओडिशा) के रूप में हुई है। दोनों की मौत से उनके परिवारों में कोहराम मच गया है। हादसे की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस एवं यातायात पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया और एंबुलेंस के माध्यम से जिला कोमलदेव मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों में कई को सिर, हाथ-पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। तीन घायलों की हालत नाजुक होने के कारण उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद रायपुर रेफर किया गया है। हादसे की खबर लगते ही शहर के नामचीन समाजसेवी संस्था प्रमुख अजय पप्पू मोटवानी अपनी टीम के साथ पहुंचकर घायलों को हरसंभव इलाज मदद कर मानवता का मिशाल पेश किया गया है। घायलों में शामिल प्रमुख नाम इस प्रकार हैं— मनोरोग पारबिल, उम्र 40 वर्ष, निवासी कुंदई, जिला नवरंगपुर (ओडिशा);दीनबंधु विश्वास, पिता रसभेत्र विश्वास, उम्र 27 वर्ष; पराजय रेजिलराय, उम्र 14 वर्ष; लग हुनुन विश्वास, उम्र 15 वर्ष, निवासी पारबिल; अशिम अधिकारी, निवासी उदयपुर, थाना रायघर, जिला नवरंगपुर (ओडिशा); रजिया, पत्नी अजगर अली, उम्र 35 वर्ष, निवासी केशकाल; रिफल, पिता अजगर अली, उम्र 15 वर्ष, निवासी केशकाल। इसके अलावा अन्य घायलों का भी अस्पताल में उपचार जारी है। क्षमता से अधिक सवारी बैठाई – बताया जा रहा है कि वाहन में क्षमता से अधिक सवारी बैठाई गई थी, जिससे संतुलन बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस द्वारा हादसे के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और चालक की लापरवाही को हादसे का प्रमुख कारण माना जा रहा है।इस हादसे ने एक बार फिर क्षेत्र में सड़क सुरक्षा, यात्री वाहनों की फिटनेस और ओवरलोडिंग जैसे गंभीर मुद्दों को सामने ला दिया है। स्थानीय नागरिकों ने भी हादसे पर गहरा आक्रोश जताते हुए कहा कि कुलगांव क्षेत्र में सड़क की स्थिति और यातायात नियंत्रण पहले से ही खराब है। तेज रफ्तार वाहनों पर न तो नियमित निगरानी होती है और न ही क्षमता से अधिक सवारी ढोने वालों पर प्रभावी कार्रवाई। यदि समय रहते सख्त कदम उठाए जाते, तो शायद आज दो परिवारों को अपनों की अर्थी नहीं उठानी पड़ती। फिलहाल पुलिस ने मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। वहीं अस्पताल में भर्ती घायलों के इलाज पर प्रशासन द्वारा नजर रखी जा रही है। यह हादसा न सिर्फ दो मौतों की कहानी है, बल्कि सिस्टम की उस चूक का आईना भी है, जो बार-बार सामने आने के बावजूद सुधरने का नाम नहीं ले रही। पूरे मामले पर यातायात प्रभारी दीपक साव ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि ओडिशा नौवरंगपुर जिले से टैक्सी पखांजूर मेला देखने जा रही थी जिसमें लगभग अठारह लोग सवार थे हादसे में टैक्सी चालक और एक महिला सवार की मौत हो गई वहीं टैक्सी में सवार सोलह लोग घायल हो गए जिसमें तीन गंभीर रूप से घायल हैं जिन्हें रायपुर रेफर किया गया है फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी ने तोड़ा रिकॉर्ड, 17.77 लाख किसानों को ₹23,448 करोड़ का भुगतान

रायपुर   धान खरीदी के मामले में छत्तीसगढ़ ने नया रिकॉर्ड बनाया है. इस बार राज्य में रिकॉर्ड 105.14 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुईहै, जिसमें 17.77 लाख किसानों के खातों में सरकार ने 23,448 करोड़ रुपए का भुगतान भी कर दिया है. यह आंकड़े 13 जनवरी तक की खरीदी और भुगतान के हैं, जबकि अभी धान खरीदी का काम चालू है. ऐसे में छत्तीसगढ़ में धान के बंपर उत्पादन से खरीदी और भुगतान के पिछले सारे रिकॉड टूट गए हैं. खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में यह नया रिकॉर्ड धान खरीदी का बन गया है.  धान खरीदी पर सख्त  वहीं सरकार की तरफ से बताया गया कि धान खरीदी को लेकर पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस अनियमितता पर 33 अधिकारियों को नोटिस अब तक भेजा गया है, जबकि 33 हजार क्विंटल धान को छत्तीसगढ़ में जब्त भी किया गया है. सरकार की तरफ से बताया गया कि रिकॉर्ड मात्रा में खरीदी और रिकॉर्ड राशि का वितरण यह बताता है कि धान खरीदी में गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई का असर दिखा है. एफआईआर और निलंबन की कार्रवाई भंडारण और निराकरण की प्रक्रिया पूरी तरह तकनीकी निगरानी में की गई है. ताकि किसानों को धान खरीदी का पूरा फायदा मिल सके.  यदि पिछले वर्षों के 13 जनवरी तक के आंकड़ों से तुलना की जाए तो सरकार की यह उपलब्धि और भी स्पष्ट रूप से सामने आती है। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में 13 जनवरी तक 17,49,003 किसानों से 72.15 LMT धान की खरीदी की गई थी और ₹13,550 करोड़ का भुगतान हुआ था। वर्ष 2021-22 में इसी अवधि तक 17,09,834 किसानों से 68.77 LMT धान खरीदा गया था, जिसके बदले ₹13,410 करोड़ किसानों को दिए गए थे। खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में 13 जनवरी तक 22,14,302 किसानों से 97.67 LMT धान की खरीदी की गई थी और ₹20,022 करोड़ का भुगतान हुआ था। इन सभी वर्षों की तुलना में वर्ष 2025-26 में धान खरीदी की मात्रा और किसानों को वितरित की गई राशि – दोनों ही  उच्चतम स्तर पर पहुँच चुकी हैं। आंकड़ों से स्पष्ट है कि जहां 2020-21 में 72.15 LMT, 2021-22 में 68.77 LMT और 2022-23 में 97.67 LMT धान खरीदा गया था, वहीं 2025-26 में मात्र 13 जनवरी तक ही 105.14 LMT धान खरीदा जा चुका है, जो अपने-आप में एक नया रिकॉर्ड है। इसी तरह किसानों को मिलने वाली राशि भी  सीधे बढ़कर  ₹23,448 करोड़ तक पहुँच गई है। किसानों के खातों में पहुंचा भरोसे का पैसा राज्य सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में चलाई जा रही धान खरीदी व्यवस्था का नतीजा है. किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान बेचने का भरोसा मिला और भुगतान में किसी तरह की देरी नहीं हुई. यही कारण है कि किसान बिना किसी चिंता के अपनी उपज सरकारी केंद्रों तक लेकर पहुंचे. कहीं आगे निकला यह सीजन अगर पिछले कुछ सालों से तुलना करें तो यह उपलब्धि और भी बड़ी नजर आती है. साल 2020-21 में 13 जनवरी तक जहां करीब 72 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी और 13,550 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था, वहीं 2021-22 में यह आंकड़ा और भी कम रहा. 2022-23 में जरूर सुधार देखने को मिला था, लेकिन तब भी 97.67 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया और 20,022 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ था. इन सभी आंकड़ों को पीछे छोड़ते हुए मौजूदा सीजन ने नए कीर्तिमान स्थापित कर दिए हैं. पारदर्शी व्यवस्था से बढ़ा किसानों का भरोसा इस बार की धान खरीदी में सबसे अहम भूमिका पारदर्शी व्यवस्था और समयबद्ध भुगतान की रही है. सरकार ने साफ संदेश दिया कि हर पात्र किसान का एक-एक दाना खरीदा जाएगा और उसकी पूरी कीमत समय पर मिलेगी. यही वजह है कि किसानों में सरकार के प्रति भरोसा मजबूत हुआ है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई रफ्तार मिली है. लापरवाही पर सख्ती, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस सरकार ने केवल खरीदी और भुगतान पर ही ध्यान नहीं दिया, बल्कि भंडारण और प्रबंधन में गड़बड़ी करने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की है. पिछले कुछ सालों में जहां भी धान भंडारण में कमी या लापरवाही पाई गई, वहां संबंधित अधिकारियों और केंद्र प्रभारियों को नोटिस दिए गए, निलंबन हुआ और कुछ मामलों में FIR भी दर्ज की गई. इससे साफ संदेश गया कि किसानों की मेहनत के साथ कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली नई ताकत धान खरीदी से सीधे तौर पर गांवों में नकदी का प्रवाह बढ़ा है. किसानों के पास अब रबी फसल के लिए बीज, खाद और अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए संसाधन हैं. स्थानीय बाजारों में भी रौनक लौटी है. सरकार का मानना है कि इसी तरह की नीतियों से किसान आत्मनिर्भर बनेंगे और छत्तीसगढ़ की कृषि अर्थव्यवस्था आने वाले सालों में और मजबूत होगी. 31 जनवरी तक चलेगी खरीदी  बता दें कि छत्तीसगढ़ में धान खरीदी 31 जनवरी तक चलने वाली है, ऐसे में अभी किसानों के पास पूरे 16 दिन है, जहां समर्थन मूल्य पर सरकार की तरफ से धान खरीदी की जाएगी, छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया 15 नवंबर 2025 से शुरू हुई थी, जो 31 जनवरी तक चलने वाली है. इस बार किसानों के लिए प्रति एकड़ 21 क्विंटल की सीमा और समय पर भुगतान राशि का प्रावधान किया गया है. इस बार धान खरीदी को सुगम बनाने के लिए सरकार की तरफ से कई तरह की पारदर्शिताएं भी रखी गई है, जबकि किसानो के लिए तकनीक का इस्तेमाल भी किया गया है.  बता दें कि अभी 31 जनवरी तक धान की खरीदी होनी है, ऐसे में धान खरीदी के मामले में छत्तीसगढ़ और रिकॉर्ड बना सकता है, क्योंकि फाइनल आंकड़ें आने के बाद यह तय होगा कि कितनी खरीदी हुई और कितना भुगतान हुआ है. 

बीजापुर में फोर्स ने IED बरामद कर माओवादी बंकर को किया धवस्त

बीजापुर. जिले में माओवादियों के खिलाफ दो बड़े ऑपरेशन हुए, जिसमें सुरक्षा बलों ने भोपालपटनम और एडेड पुलिस स्टेशन के इलाकों में अलग-अलग कार्रवाई करके कई इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) और माओवादियों का एक ठिकाना सफलतापूर्वक बरामद किया। यह बरामदगी दिखाती है कि सुरक्षा बल इस क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों के खिलाफ लगातार सतर्क हैं और सक्रिय कार्रवाई कर रहे हैं। पहले अभियान में, माड़ेद थाना पुलिस और बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) ने 10-10 किलो वजनी दो कमांड आईईडी बरामद किए। ये आईईडी माओवादियों ने सोमनपल्ली–बांदेपारा कच्ची सड़क पर एक के बाद एक लगाई थीं, ताकि सुरक्षा बलों के काफिले को निशाना बनाया जा सके और आवाजाही में बाधा डाली जा सके। पुलिस और बीडीएस टीम ने सावधानीपूर्वक कार्रवाई करते हुए इन विस्फोटकों को सुरक्षित तरीके से हटाया। बाद में बीजापुर से आई बीडीएस टीम ने सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए मौके पर ही इन्हें नष्ट कर दिया, जिससे किसी भी जवान या आम नागरिक को नुकसान न हो। वहीं, दूसरे अभियान में भोपलपटनम थाना क्षेत्र के तहत कैंप कांडलापार्टी-2 से केरिपु 214 बटालियन और जिला बल की संयुक्त टीम ने कोंडापडगु जंगल क्षेत्र में सर्च और डी-माइनिंग अभियान चलाया। इस दौरान टीम को 2-2 किलो वजनी दो प्रेशर आईईडी मिले। केरिपु 214 बीडीडी टीम ने इन्हें तुरंत मौके पर ही नष्ट कर दिया, जिससे किसी बड़ी घटना को टाल दिया गया। इसके अलावा, कोंडापडगु इलाके में तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों को जमीन के नीचे दबे हुए दो सफेद ड्रम भी मिले। इन ड्रमों में माओवादियों द्वारा जमा किया गया राशन था, जिसे जंगल में मौजूद उनके कैडरों के लिए रखा गया था। इस राशन की बरामदगी से इलाके में माओवादियों की सप्लाई व्यवस्था को बड़ा झटका लगा है। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की बरामदगी से साफ होता है कि माओवादियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान प्रभावी हैं और सुरक्षा बल उनके नेटवर्क को कमजोर करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और बीजापुर के संवेदनशील इलाकों में माओवादी प्रभाव को खत्म करने के लिए लगातार निगरानी और तलाशी अभियान जारी हैं। इन विस्फोटकों को निष्क्रिय करना और माओवादियों के संसाधन जब्त करना सुरक्षा बलों की शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अधिकारियों ने दोहराया कि माओवादी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और जिले में किसी भी तरह की अशांति फैलाने की कोशिश को सख्ती से रोका जाएगा।

रायपुर: श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने की पत्रकार वार्ता, उठाए अहम मुद्दे

रायपुर  श्रम विभाग की गतिविधियों एवं उपलब्धियों के संबंध में श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन द्वारा आज  प्रेस वार्ता में  जानकारी दी गई कि विभाग के अधीन मंडलों द्वारा विगत 02 वर्षो में 11.40 लाख श्रमिकों का पंजीयन किया गया, जिसमें लगभग 9.4 लाख निर्माण श्रमिक, 1.39 लाख असंगठित श्रमिक एवं 98 हजार संगठित श्रमिक शामिल है।             विभाग के अधीन मंडलों द्वारा संचालित कुल 71 योजनाओं में विगत 02 वर्षों में 29,55,254 श्रमिकों को 804.77 करोड़ राशि से लाभान्वित किया गया है, जिसमें से 28,49,167 निर्माण श्रमिको को लगभग रूपये 653.75 करोड़, 91,595 असंगठित श्रमिकों लगभग रूपये 143.77 करोड़, एवं 14,592 संगठित श्रमिकों को रूपये 7.24 करोड़ रूपये से लाभांवित किया गया है। विभाग द्वारा श्रमिकों को देय हितलाभ केन्द्रीयकृत डी0बी0 टी0 के माध्यम से सीधे उनके खाते में हस्तांतरित किया जा रहा है। मंत्री ने बताया कि इज ऑफ डूईंग व्यवस्था के तहत कारखनों का निरीक्षण स्वचलित प्रणाली के द्वारा किया जा रहा है। विगत 02 वर्षों में प्रदेश के कारखानों का कारखाना अधिनियम अंतर्गत कुल 2218 निरीक्षण किये गये हैं। प्रावधानों के उल्लंघन पाये जाने पर कारखाना प्रबंधनों के विरूद्ध 666 अभियोजन माननीय श्रम न्यायालय में दायर किये गये हैं तथा कुल 05 करोड़ रूपये से अधिक का जुर्माना वसूल किया गया है।           उन्होंने बताया कि कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम अंतर्गत विगत 02 वर्षो में बीमित कामगारों की संख्या 4.60 लाख से बढ़कर 6.26 लाख हो गई है। रायपुर, कोरबा, रायगढ़ तथा भिलाई में 100 बिस्तर-युक्त चिकित्सालय संचालित है तथा शीघ्र ही बिलासपुर में चिकित्सालय प्रारंभ करने हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। इसी प्रकार राज्य में 43 औषधालय संचालित है और 04 नवीन औषधालय खोले जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।         मंत्री देवांगन ने कहा कि विभाग द्वारा भारत सरकार के अनुशंसा एवं बिजनेस रिफार्मस के तहत निर्धारित सभी 17 रिफार्मस  को राज्य के श्रमिकों तथा नियोजकों के हित में लागू किया जा चुका है। छोटे व्यापारियों को छूट प्रदाय करने हेतु छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 2017 सहपठित नियम, 2021 को 10 या 10 से अधिक श्रमिक नियोजन वाले संस्थानों पर लागू किया गया है।            उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की नयी श्रेणी ‘‘नियत कालिक नियोजन कर्मकार’’ का प्रावधान किया गया है, जिन्हें नियमित कर्मचारियों के समान वेतन भत्ते एवं अन्य सुविधाएं प्राप्त होगी। महिला सशक्तिकरण के दृष्टिगत रात्रिपाली में महिला कर्मकारों को सशर्त नियोजन का अधिकार दिया गया है। कारखाना लायसेंस की अवधि 10 से 15 वर्ष कर दी गई है।            मंत्री द्वारा अवगत कराया गया कि भारत सरकार श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा 29 पुराने श्रम कानूनों के स्थान पर नये 04 श्रम संहिता लागू की गयी है, जिसके अंतर्गत राज्य में 04 नये नियम बनाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। नये कोड के परिणामस्वरूप श्रमिकों का हित संरक्षण बेहतर ढंग से किया जा सकेगा। प्रत्येक श्रमिक को नियुक्ति पत्र, महिला श्रमिकों को सभी प्रकार के नियोजनों में काम करने का अधिकार, श्रमिकों को बेहतर न्यूनतम वेतन, नियोक्ता द्वारा श्रमिकों का वर्ष में एक बार स्वास्थ्य परीक्षण करने, गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स के कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा हेतु ‘‘राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा मंडल’’ का गठन का प्रावधान इत्यादि लाभ सुनिश्चित होगा।                  श्रम मंत्री द्वारा विभाग की आगामी कार्ययोजना के संबंध में जानकारी दी गयी कि छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम को 20 या 20 से अधिक श्रमिक नियोजित करने वाले दुकान एवं स्थापनाओं में लागू करने हेतु राज्य विधानसभा में पुनः विधेयक पारित कर, माननीय राष्ट्रपति महोदय की स्वीकृति हेतु प्रेषित किया गया है।            कर्मचारी राज्य बीमा सेवायें के अंतर्गत रायगढ़, कुम्हारी तथा बीरगांव औषधालय का उन्नयन कर इन्हे मॉडल औषधालय केे रूप में विकसित किया जायेगा।             देवांगन ने बताया कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु पृथक योजना प्रारंभ की जावेगी। तथा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के संतानों को उच्च शिक्षा हेतु प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के लिए नवीन योजना ’’अटल कैरियर निर्माण योजना’’ प्रारंभ की जावेगी।              शहीद वीरनारायण सिंह श्रम अन्न योजना का विस्तार समस्त जिलों में श्रम अन्न केन्द्र स्थापित कर किया जाएगा।शिकायत निवारण एवं जन जागरूकता प्रणाली का सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से मैसेजिंग सुविधा, मोबाईल नंबर सत्यापन, एजेंटी को ए.आई. की सुविधा प्रारंभ की जायेगी,  जिससे शिकायतों के निराकरण की अद्यतन स्थिति की जानकारी विभागीय पोर्टल के माध्यम से श्रमिकों को घर बैठे प्राप्त हो सके। अंत में मंत्री देवांगन द्वारा सभी मीडिया कर्मियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस अवसर पर अपर श्रम आयुक्त एस एल जांगड़े, श्रीमती सविता मिश्रा  छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के सचिव गिरीश रामटेके, प्रभारी संचालक ओद्योगिक स्वास्थ्य सुरक्षा मनीष श्रीवास्तव उपस्थित रहे.

करहीडीह ईकाई साहु समाज के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में तहसील अध्यक्ष पोषण साहू शामिल हुए

रायपुर जिला साहू समाज के जिला अध्यक्ष नंदलाल साहू, तहसील अध्यक्ष पोषण साहू के मार्गदर्शन एवं करहीडीह साहू समाज इकाई के द्वारा सर्वसम्मति से राजेश साहू को करहीडीह साहू समाज इकाई का अध्यक्ष चुना गया इसके पश्चात शपथ ग्रहण समारोह आज संपन्न हुआ ज्ञात हो कि करहीडीह साहू समाज में वर्तमान कार्यकाल के पहले तत्कालीन अध्यक्ष के रूप में हेतु दास साहू थे जिनके कार्यकाल में समाज में कई सकारात्मक कार्य हुआ वही सामाजिक हितों के लिए कई बड़े निर्माण कार्य भी किया गया जिसमें हेतु दास साहू क्षेत्रीय विधायक एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से मांग कर करहीडीह इकाई साहू समाज के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए बेहतर कार्य किया था जिनको समाज के नागरिकों ने कार्यक्रम के पश्चात स्मरण किया हेतु दास के पहले पूर्व में सुकृति दास साहू समाज के अध्यक्ष के रूप में करहीडीह इकाई साहू समाज के अध्यक्ष थे उस समय भी सुकृति दास साहू ने अहम जिम्मेदारी पुरी की थी ज्ञात हो कि सुकृत साहू को समाज में कार्य करने का लंबा अनुभव है और उसी सकारात्मक अनुभवों को सामाजिक लोगों को में परोसते हुए कई सामाजिक नागरिकों को मुख्य धारा में लाने का कार्य किया गया वही समाज में एकता वा भाईचारा स्थापित करना सुकृत दास साहू का मुख्य उद्देश्य रहा है और यही खास वजह है कि कार्यकाल को आज भी समाज के लोग याद करते हैं तहसील साहू समाज के अध्यक्ष पोषण साहू ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि साहू समाज में नए नियम वाली आ चुका है उनमें जितने भी नियम वाली है उनके पूरे ईमानदारी और निष्ठा से पालन करते हुए समाज के हितों में कार्य करने तहसील भर के अलग-अलग इकाइयों में जाकर सामाजिक पदाधिकारी को सकारात्मक पहल करने लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है कार्यक्रम का संचालन ललित दास साहू ने किया और कार्यक्रम को बेहतर बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही कार्यक्रम में चुने गए करहीडीह इकाई के साहू समाज के अध्यक्ष राजेश साहू ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि हमारे वरिष्ठ भूतपूर्व समाज के अध्यक्ष सुकृति दास साहू, तत्कालीन अध्यक्ष हेतु दास साहू एवं समाज के वरिष्ठ जनों के मार्गदर्शन में मैं समाज हित में काम करने का सदैव सकारात्मक प्रयास करूंगा कार्यक्रम में चुने गए पदाधिकारी का नाम इस तरह से है राजेश साहू अध्यक्ष ,भुनेश्वर साहू कार्यकारी अध्यक्ष, रोहित साहू परिक्षेत्र संगठन सचिव, आत्माराम साहू सलाहकार, मंगल साहू परिक्षेत्र उपाध्यक्ष, नेहरु साहू कोषाध्यक्ष, भुवन दास साहू अभिषेक साहू, उपाध्यक्ष, सुनील साहू सचिव,  भगवती साहू संगठन सचिव, दीपक साहू उप कोषाध्यक्ष, लखेश्वर साहू जीतेश्वर साहू प्रचार सचिव,  चंद्रिका साहू महिला उपाध्यक्ष, कुसुम साहू महिला संगठन सचिव, गजानंदन साहू, महेंद्र  साहू राधिका प्रसाद साहू ,  नारायण साहू न्याय प्रकोष्ठ, अनिल साहू युवा प्रकोष्ठ, जागू साहू, मोहन साहू, दीनदयाल साहू सलाहकार, उगेश्वरी साहू संयोजिका, रोहिणी साहू उपसंयोजिका, क्रांति साहू, कामिन साहू, लता साहू, शांति साहू, धनेश्वरी साहू, पीकेश्वरी  साहू, टेमीन साहू, कार्यकारी सदस्य, जगत साहू, युवराज साहू, सोमनाथ साहू, डीमेंद साहू, उपेंद्र साहू, शांतिलाल साहू, भुनेश्वर साहू, जितेंद्र साहू, कार्यकारणी सदस्य भुवन साहू,देवलाल साहू चोवा साहू पार प्रमुख,। एवं समस्त इकाई साहू समाज करहीडीह वार्ड नंबर 15 जिला दुर्ग

धान भंडारण में सूखत एवं कीट-जनित क्षय: वैज्ञानिक एवं स्वाभाविक प्रक्रिया

सूखत और कीट-क्षति पर शासन की व्यवस्था से सुरक्षित हुई धान खरीदी प्रणाली रायपुर धान खरीदी एवं भंडारण व्यवस्था में सूखत एवं चूहा आदि कीटों के द्वारा धान के नुकसान को लेकर कुछ स्थानों पर जो भ्रम फैलाया जा रहा है, वह तथ्यों से परे है। वस्तुस्थिति यह है कि धान भंडारण के दौरान नमी में कमी के कारण वजन में आंशिक गिरावट (सूखत) एक स्वाभाविक और तकनीकी प्रक्रिया है, जो वर्षों से चली आ रही है और देश के सभी धान उत्पादक राज्यों में देखी जाती है। सरकारी अभिलेखों के अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में 6.32 प्रतिशत और 2020-21 में 4.17 प्रतिशत सूखत दर्ज की गई थी। ये आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि सूखत कोई नई या अचानक उत्पन्न हुई स्थिति नहीं है, बल्कि यह एक निरंतर चलने वाली भौतिक-तकनीकी प्रक्रिया है। धान संग्रहण केंद्रों में नमी, तापमान, भंडारण अवधि, परिवहन और वातावरण के प्रभाव से धान में प्राकृतिक रूप से कुछ प्रतिशत वजन घटता है। इसे वैज्ञानिक रूप से “मॉइस्चर लॉस” या “ड्रायिंग लॉस” कहा जाता है। इस प्रक्रिया को पूरी तरह समाप्त नहीं किया जा सकता, लेकिन इसे नियंत्रित, मापा और पारदर्शी बनाया जा सकता है। खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में लगभग 3.49 प्रतिशत सूखत की संभावना व्यक्त की गई है, जो पूर्व वर्षों के औसत के अनुरूप है और असामान्य नहीं है।   वर्तमान धान खरीदी व्यवस्था में संग्रहण केंद्रों पर डिजिटल स्टॉक एंट्री, वजन सत्यापन, गुणवत्ता परीक्षण, गोदाम ट्रैकिंग, परिवहन एवं उठाव की निगरानी जैसी व्यवस्थाएँ लागू की गई हैं, ताकि किसी भी स्तर पर अनियमितता को तुरंत पहचाना जा सके। अब सूखत केवल एक अनुमान नहीं, बल्कि डेटा-आधारित और ट्रैक-योग्य प्रक्रिया बन चुकी है। जहां यह प्राकृतिक सीमा में रहती है, उसे सामान्य माना जाता है, और जहां यह असामान्य रूप से अधिक पाई जाती है, वहां जांच और उत्तरदायित्व तय किया जाता है। धान खरीदी व्यवस्था का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को उनके धान का पूरा और न्यायसंगत मूल्य मिले, भंडारण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो और पूरी प्रणाली विश्वसनीय और पारदर्शी बनी रहे। आज प्रदेश की धान खरीदी प्रणाली डिजिटल टोकन, ऑनलाइन भुगतान, स्टॉक ट्रैकिंग और शिकायत निवारण जैसी सुविधाओं के माध्यम से देश की सबसे संगठित और निगरानी-आधारित व्यवस्थाओं में शामिल हो चुकी है। इससे किसानों का विश्वास मजबूत हुआ है और प्रक्रिया में जवाबदेही बढ़ी है। इसलिए यह स्पष्ट किया जाता है कि सूखत भंडारण की एक वैज्ञानिक वास्तविकता है — जिसे अब पहली बार पूरी पारदर्शिता, निगरानी और नियंत्रण के साथ संचालित किया जा रहा है।

श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन की पत्रकारवार्ता

रायपुर श्रम विभाग की गतिविधियों एवं उपलब्धियों के संबंध में श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन  द्वारा आज  प्रेस वार्ता में  जानकारी दी गई कि विभाग के अधीन मंडलों द्वारा विगत 02 वर्षो में 11.40 लाख श्रमिकों का पंजीयन किया गया, जिसमें लगभग 9.4 लाख निर्माण श्रमिक, 1.39 लाख असंगठित श्रमिक एवं 98 हजार संगठित श्रमिक शामिल है। विभाग के अधीन मंडलों द्वारा संचालित कुल 71 योजनाओं में विगत 02 वर्षों में 29,55,254 श्रमिकों को 804.77 करोड़ राशि से लाभान्वित किया गया है, जिसमें से 28,49,167 निर्माण श्रमिकांे को लगभग रूपये 653.75 करोड़, 91,595 असंगठित श्रमिकों लगभग रूपये 143.77 करोड़, एवं 14,592 संगठित श्रमिकों को रूपये 7.24 करोड़ रूपये से लाभांवित किया गया है। विभाग द्वारा श्रमिकों को देय हितलाभ केन्द्रीयकृत डी0बी0 टी0 के माध्यम से सीधे उनके खाते में हस्तांतरित किया जा रहा है। मंत्री ने बताया कि अवगत कराया गया कि इज ऑफ डूईंग व्यवस्था के तहत कारखनों का निरीक्षण स्वचलित प्रणाली के द्वारा किया जा रहा है। विगत 02 वर्षों में प्रदेश के कारखानों का कारखाना अधिनियम अंतर्गत कुल 2218 निरीक्षण किये गये हैं। प्रावधानों के उल्लंघन पाये जाने पर कारखाना प्रबंधनों के विरूद्ध 666 अभियोजन माननीय श्रम न्यायालय में दायर किये गये हैं तथा कुल 05 करोड़ रूपये से अधिक का जुर्माना वसूल किया गया है।          उन्होंने बताया कि कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम अंतर्गत विगत 02 वर्षो में बीमित कामगारों की संख्या 4.60 लाख से बढ़कर 6.26 लाख हो गई है। रायपुर, कोरबा, रायगढ़ तथा भिलाई में 100 बिस्तर-युक्त चिकित्सालय संचालित है तथा शीघ्र ही बिलासपुर में चिकित्सालय प्रारंभ करने हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। इसी प्रकार राज्य में 43 औषधालय संचालित है और 04 नवीन औषधालय खोले जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।        मंत्री देवांगन ने कहा कि विभाग द्वारा भारत सरकार के अनुशंसा एवं बिजनेस रिफार्मस के तहत निर्धारित सभी 17 रिफार्मस  को राज्य के श्रमिकों तथा नियोजकों के हित में लागू किया जा चुका है। छोटे व्यापारियों को छूट प्रदाय करने हेतु छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 2017 सहपठित नियम, 2021 को 10 या 10 से अधिक श्रमिक नियोजन वाले संस्थानों पर लागू किया गया है।           उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की नयी श्रेणी ‘‘नियत कालिक नियोजन कर्मकार’’ का प्रावधान किया गया है, जिन्हें नियमित कर्मचारियों के समान वेतन भत्ते एवं अन्य सुविधाएं प्राप्त होगी। महिला सशक्तिकरण के दृष्टिगत रात्रिपाली में महिला कर्मकारों को सशर्त नियोजन का अधिकार दिया गया है। कारखाना लायसेंस की अवधि 10 से 15 वर्ष कर दी गई है।            मंत्री द्वारा अवगत कराया गया कि भारत सरकार श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा 29 पुराने श्रम कानूनों के स्थान पर नये 04 श्रम संहिता लागू की गयी है, जिसके अंतर्गत राज्य में 04 नये नियम बनाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। नये कोड के परिणामस्वरूप श्रमिकों का हित संरक्षण बेहतर ढंग से किया जा सकेगा। प्रत्येक श्रमिक को नियुक्ति पत्र, महिला श्रमिकों को सभी प्रकार के नियोजनों में काम करने का अधिकार, श्रमिकों को बेहतर न्यूनतम वेतन, नियोक्ता द्वारा श्रमिकों का वर्ष में एक बार स्वास्थ्य परीक्षण करने, गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स के कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा हेतु ‘‘राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा मंडल’’ का गठन का प्रावधान इत्यादि लाभ सुनिश्चित होगा।                 श्रम मंत्री द्वारा विभाग की आगामी कार्ययोजना के संबंध में जानकारी दी गयी कि छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम को 20 या 20 से अधिक श्रमिक नियोजित करने वाले दुकान एवं स्थापनाओं में लागू करने हेतु राज्य विधानसभा में पुनः विधेयक पारित कर, माननीय राष्ट्रपति महोदय की स्वीकृति हेतु प्रेषित किया गया है।  कर्मचारी राज्य बीमा सेवायें के अंतर्गत रायगढ़, कुम्हारी तथा बीरगांव औषधालय का उन्नयन कर इन्हे मॉडल औषधालय केे रूप में विकसित किया जायेगा। देवांगन ने बताया कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु पृथक योजना प्रारंभ की जावेगी। तथा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के संतानों को उच्च शिक्षा हेतु प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के लिए नवीन योजना ’’अटल कैरियर निर्माण योजना’’ प्रारंभ की जावेगी।             शहीद वीरनारायण सिंह श्रम अन्न योजना का विस्तार समस्त जिलों में श्रम अन्न केन्द्र स्थापित कर किया जाएगा।शिकायत निवारण एवं जन जागरूकता प्रणाली का सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से मैसेजिंग सुविधा, मोबाईल नंबर सत्यापन, एजेंटी को ए.आई. की सुविधा प्रारंभ की जायेगी,  जिससे शिकायतों के निराकरण की अद्यतन स्थिति की जानकारी विभागीय पोर्टल के माध्यम से श्रमिकों को घर बैठे प्राप्त हो सके। अंत में मंत्री देवांगन द्वारा सभी मीडिया कर्मियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

मुख्यमंत्री से IFS प्रशिक्षु अधिकारियों की शिष्टाचार भेंट

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मंत्रालय महानदी भवन में भारतीय वन सेवा के 2024 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों को भारतीय वन सेवा में नियुक्ति होने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। प्रशिक्षु अधिकारियों में छत्तीसगढ़ के दुर्ग एवं दंतेवाड़ा जिले के दो अधिकारी भी शामिल हैं। प्रशिक्षु अधिकारियों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है। यहां न सिर्फ समृद्ध वन्य जीवन है बल्कि वनों से हमारे बहुसंख्यक नागरिकों की आजीविका और सामाजिक जीवन जुड़ा हुआ है। इसीलिए छत्तीसगढ़ में भारतीय वन सेवा के अधिकारियों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। पूरे मनोयोग से प्रशिक्षण प्राप्त करते हुए इस स्वर्णिम अवसर का लाभ उठाएं।   मुख्यमंत्री साय को प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही श्रीनिवास राव ने बताया कि भारतीय वन सेवा के 06 अधिकारी इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी, देहरादून से 16 सप्ताह की ऑन जॉब ट्रेनिंग पर छत्तीसगढ़ भेजा गया है। इन्हें राज्य के वन मंडल बस्तर, रायगढ़, धमतरी, राजनांदगांव, कटघोरा और जशपुर के अंतर्गत पदस्थ किया गया है। यह प्रशिक्षण 05 जनवरी से 25 अप्रैल 2026 तक चलेगा, जिसके अंतर्गत अधिकारी वन सेवा से जुड़े विभिन्न पहलुओं को जमीनी स्तर पर जान पाएंगे। इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, विधायक भैयालाल राजवाड़े, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्रीमती शालिनी रैना, मुख्य वन संरक्षक रायपुर मणि वासगन एस तथा प्रशिक्षु अधिकारी अक्षय जैन, कुणाल मिश्रा,  एम जालिंदर यादव, पारख सारदा,  प्रीति यादव, यशस्वी मौर्या उपस्थित थे।  

दुर्ग में तांत्रिक ने युवती का अपहरण कर रेप करने वाला आरोपी गिरफ्तार

दुर्ग. जिले में युवती से रेप करने वाला तांत्रिक 2 महीने बाद पकड़ाया है। आरोपी हेमंत अग्रवाल (41) खुद को तांत्रिक बताकर परिवार के संपर्क में आया था। उसने समस्याएं दूर करने का दावा किया और युवती को अपने प्रभाव में ले लिया। शादी का झूठा भरोसा देकर वह युवती को पत्नी की तरह साथ रखने लगा और उससे रेप करता था। मामला जामुल थाना क्षेत्र का है। 19 नवंबर 2025 को आरोपी दिनदहाड़े युवती को घर से उठाकर ले गया था। 21 नवंबर को पुलिस ने दोनों को बरामद किया, लेकिन आरोपी थाने से फरार हो गया था। 13 जनवरी 2026 को आरोपी बलौदाबाजार जिले के बारनवापारा में दूसरे बैगा-तांत्रिक से मिलने पहुंचा पुलिस के जाल में फंस गया। पूरे मामले की जड़ भी तंत्र-मंत्र ही है। पीड़िता के अनुसार आरोपी खुद को तांत्रिक बताकर परिवार के संपर्क में आया था। उसने समस्याएं दूर करने का दावा किया और धीरे-धीरे युवती को अपने प्रभाव में ले लिया। शादी का झूठा भरोसा देकर वह युवती को पत्नी की तरह साथ रखने लगा और उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। आरोपी ने युवती के अश्लील वीडियो बनाए और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर लंबे समय तक शोषण किया। उसने आर्य समाज में युवती की मर्जी के बिना जबरन शादी करवाई। इस दौरान युवती दो-तीन बार गर्भवती हुई, लेकिन आरोपी ने दबाव डालकर जबरन गर्भपात कराया। 19 नवंबर 2025 को आरोपी दिनदहाड़े युवती को घर से उठाकर कोंडागांव और दंतेवाड़ा ले गया, फिर रायपुर पहुंचा। 21 नवंबर को पुलिस ने दोनों को बरामद किया, लेकिन भिलाई-3 थाने से आरोपी मौका पाकर फरार हो गया था। दो महीने की फरारी के बाद अब वही तंत्र-मंत्र, जिस पर आरोपी खुद भरोसा करता था, उसकी गिरफ्तारी का कारण बना। आरोपी अमलेश्वर का रहने वाला है। जामुल थाना में अपराध क्रमांक 918/2025 धारा 85, 115(2), 64(2)(एम), 138, 351(3), 89 बीएनएस के तहत मामला दर्ज है। तंत्र-मंत्र की दुनिया में उलझा फरार तांत्रिक आखिरकार अपने ही जैसे दूसरे बैगा-तांत्रिक से मिलने की वजह से पुलिस के जाल में फंस गया। दुर्ग जिले के जामुल थाना क्षेत्र के अपहरण, दुष्कर्म और धोखाधड़ी के सनसनीखेज मामले में आरोपी हेमंत अग्रवाल (41) की गिरफ्तारी का सबसे अहम एंगल यही रहा कि वह अपनी फरारी के दौरान बारनवापारा के जंगलों में दूसरे बैगा-तांत्रिक से मिलने गया, और यही उसकी सबसे बड़ी चूक साबित हुई। पुलिस ने आरोपी को बलौदाबाजार जिले के गीतपुरी इलाके से गिरफ्तार किया, जहां वह नाम बदलकर छिपा हुआ था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी का पैदल जुलूस निकाला और उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। फरारी के दौरान आरोपी लगातार अपनी पहचान और ठिकाने बदल रहा था। मोबाइल फोन अधिकतर बंद रखता था, ताकि पुलिस उसे ट्रेस न कर सके। इसी बीच वह बारनवापारा के जंगलों में रहने वाले एक दूसरे बैगा-तांत्रिक से मिलने और दवा लेने गया। पुलिस को इसी गतिविधि का इनपुट मिला। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने उड़ीसा, बारनवापारा और बलौदाबाजार इलाके में उसकी तलाश में भटकती रही। दो पुलिसकर्मी लगातार कई दिनों तक एक ही लोकेशन पर सिविल ड्रेस में निगरानी करते रहे। पुलिस को पता था कि बैगा-तांत्रिक से मिलने के बाद आरोपी वापस जरूर लौटेगा। बारनवापारा के एक इलाके में दूसरे तांत्रिक से मिलने का इनपुट छोटा था, लेकिन पुलिस के लिए निर्णायक साबित हुआ। जामुल थाना पुलिस ने अंदाजा लगाया कि आरोपी जंगल से लौटकर गीतपुरी बलौदाबाजार जरूर आएगा। इसी इंतजार में पुलिस के जवान कई दिनों तक उसका इंतजार करते रहे। आखिरकार वह गीतपुरी आया और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नए अध्यक्ष के लिए उमेश और सिंहदेव के नाम की चर्चा

रायपुर. कांग्रेस आलाकमान छत्तीसगढ़ में जल्द ही नए अध्यक्ष नियुक्त करने जा रही है, नए अध्यक्ष के लिए दो नामों की चर्चा हो रही है, जिसमें उमेश पटेल और पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव का नाम है। कांग्रेस पार्टी के दिल्ली के अंदरूनी सूत्र ने पोस्ट में लिखा, कांग्रेस नेतृत्व कई राज्यों के अध्यक्ष बदलने की तैयारी में है। छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष दीपक बैज को भी बदला जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खेमे से उम्मीदवार उमेश पटेल हैं तो वही दूसरे खेमें की तरफ़ से टीएस बाबा चाहते हैं कि उन्हें राज्य की कमान मिले।हाल ही में उमेश पटेल दिल्ली भी आए थे। मीडिया ने जब इन दोनों नेताओं से छग कांग्रेस में नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर सवाल किया तो दोनों नेताओं ने कहा, पार्टी जो जिम्मेदारी देगी निर्वाहन करने तैयार है। उमेश पटेल को लेकर क्या कहते है छग कांग्रेस के कार्यकर्ता छग कांग्रेस के कार्यकर्ता का कहना है कि अब पार्टी के सदस्यों को युवा नेता की जरूरत है, सभी चाहते है कि साफ़ छवि के नेता प्रदेश का नेतृत्व संभाले और पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी को ख़त्म कर विपक्षी पार्टी बीजेपी के खिलाफ तगड़ी रणनीति बनाए। ताकि पार्टी आने वाले विस चुनाव में जीत हासिल कर बिना विवाद-गुटबाजी के सरकार बनाए। टीएस बाबा पर क्या राय? टीएस बाबा के बयान से पार्टी में हमेशा खलबली मची रहती है, हालाँकि टीएस बाबा भी अपनी तगड़ी रणनीति को लेकर जाने जाते है, रमन की जब 15 साल तक सरकार थी तब टीएस बाबा सक्रिय रहे, रमन के कार्यकाल के दौरान टीएस बाबा और भूपेश की जोड़ी खूब जमती रही, लेकिन जब साल 2018 में कांग्रेस पार्टी ने सरक़ार बनाई तब से गुटबाजी शुरू हो गई, जो आज तक जारी है। मीडिया के सामने सिंहदेव ढ़ाई-ढ़ाई साल वाले कमेंटमेंट को बयां करते रहते है।