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धमतरी में बड़ी कामयाबी: 5 लाख की इनामी नक्सली भूमिका ने पुलिस के सामने डाला हथियार

धमतरी  नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत धमतरी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से सक्रिय 5 लाख रुपए की इनामी महिला नक्सली भूमिका उर्फ गीता उर्फ लता उर्फ सोमारी ने पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। वह नगरी एरिया कमेटी की सदस्य और गोबरा एलओएस कमांडर के रूप में कार्यरत थी। छत्तीसगढ़ ओडिशा सीमावर्ती इलाकों में संगठन की महत्वपूर्ण कड़ी मानी जाती थी। आत्मसमर्पण के बाद शासन की नीति के अनुरूप भूमिका को 50 हजार की प्रोत्साहन राशि दी गई। वहीं पुनर्वास का लाभ भी दिया जाएगा। मूलतः ग्राम पुसनार, थाना गंगालूर जिला बीजापुर की रहने वाली 37 वर्षीय भूमिका पर शासन ने पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। लंबे समय तक माओवादी संगठन से जुड़े रहने के अनुभवों ने भूमिका को भीतर से तोड़ दिया था। संगठन के भीतर भेदभावपूर्ण व्यवहार, हिंसा पर आधारित विचारधारा और पारिवारिक व दांपत्य जीवन से लगातार वंचित रहना उसके लिए मानसिक बोझ बन चुका था। इन्हीं परिस्थितियों से क्षुब्ध होकर उसने हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय लिया। 2005 से माओवादी संगठन में रही सक्रिय पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार भूमिका वर्ष 2005 से माओवादी संगठन में सक्रिय रही। प्रारंभिक प्रशिक्षण के बाद वह वर्ष 2010 तक प्लाटून-01 में शामिल रही। इसके पश्चात उसे ओडिशा राज्य कमेटी में भेजा गया, जहां विभिन्न इकाइयों में कार्य करते हुए वर्ष 2011 से 2019 तक वह शीर्ष माओवादी नेता सीसीएम संग्राम की सुरक्षा में तैनात रही। वर्ष 2019 से 2023 के बीच उसने सीनापाली एरिया कमेटी में एरिया कमेटी सदस्य के रूप में जिम्मेदारी निभाई, जबकि सितंबर 2023 में उसे गोबरा एलओएस कमांडर बनाया गया। इन घटनाओं में शामिल थी भूमिका संगठन में लगातार घटती संख्या के चलते हाल के समय में भूमिका नगरी एवं सीतानदी एरिया कमेटी के साथ संयुक्त रूप से सक्रिय थी। अपने लंबे नक्सली जीवन के दौरान वह कई गंभीर मुठभेड़ों में शामिल रही। वर्ष 2010 में ओडिशा के पड़कीपाली क्षेत्र में हुई मुठभेड़, जिसमें आठ नक्सली मारे गए, से लेकर बीजापुर, गरियाबंद और धमतरी के जंगलों में हुई अनेक घटनाओं में उसका नाम सामने आता रहा। वर्ष 2018 में बीजापुर के तिमेनार जंगल में मुठभेड़, वर्ष 2023 में गरियाबंद के ताराझार जंगल, वर्ष 2024 में धमतरी के एकावरी जंगल और वर्ष 2025 में मांदागिरी जंगल में हुई मुठभेड़ों में भी उसकी संलिप्तता रही। उसके विरुद्ध विभिन्न धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।

उपमुख्यमंत्री ने बैडमिंटन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने पर रिया का किया सम्मान

रायपुर. बिहार की राजधानी पटना में 25 से 29 दिसंबर तक आयोजित साउथ एशियन बॉल बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हाँसिल किया। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत, नेपाल, भूटान और श्रीलंका सहित चार देशों की टीमों ने भाग लिया था। इस चैंपियनशिप में भारत की विजेता टीम का हिस्सा बनकर देश और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने वाली कवर्धा की होनहार खिलाड़ी सुश्री रिया तिवारी का उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सम्मान किया। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने रिया को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर उनकी उपलब्धि की सराहना की तथा उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि रिया तिवारी की यह उपलब्धि न केवल कवर्धा जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रिया ने यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा, अनुशासन और कठिन परिश्रम से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रिया भविष्य में भी देश के लिए अनेक पदक जीतेंगी और प्रदेश की नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेंगी। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने यह भी कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान कर रही है। खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और प्रोत्साहन देने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, ताकि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ी भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना सकें। रिया ने कहा कि इस सफलता का पूरा श्रेय मेरे माता-पिता और मेरे कोच अविनाश चौहान एवं जय किशन को जाता है। उनके निरंतर मार्गदर्शन, अनुशासन और प्रेरणा के बिना यह उपलब्धि संभव नहीं हो पाती। हर कठिन समय में उन्होंने मेरा आत्मविश्वास बनाए रखा और मुझे आगे बढ़ने की शक्ति दी। यह जीत मेरे लिए केवल एक पदक नहीं, बल्कि मेरे खेल जीवन की एक नई शुरुआत है। मैं आगे भी पूरे समर्पण और मेहनत के साथ देश और प्रदेश के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का प्रयास करूंगी

बगैर बायोमैट्रिक अटेंडेंस के आधे कर्मचारियों को मिल रहा वेतन

तखतपुर. जनपद पंचायत तखतपुर में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) की शह पर कर्मचारियों की मनमानी एक बार फिर उस समय उजागर हो गई, जब जनपद अध्यक्ष माधवी वस्त्रकार ने जनपद कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। निरीक्षण के समय अधिकांश कर्मचारी अपने-अपने टेबल पर उपस्थित मिले और कार्य करते नजर आए, लेकिन जब बायोमैट्रिक अटेंडेंस प्रणाली की जांच की गई, तो चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। आधे से अधिक कर्मचारियों की बायोमैट्रिक में एंट्री ही नहीं जनपद अध्यक्ष द्वारा पूछे जाने पर बताया गया कि कार्यालय में बायोमैट्रिक मशीन चालू है और उसी के माध्यम से अटेंडेंस दर्ज किया जाता है। लेकिन जब यह पूछा गया कि क्या सभी कर्मचारियों का डेटा एंट्री बायोमैट्रिक मशीन में की गई है, तो जानकारी दी गई कि केवल आधे कर्मचारियों की ही एंट्री हुई है, शेष कर्मचारियों का अटेंडेंस बायोमैट्रिक में दर्ज ही नहीं होता। इस पर जनपद अध्यक्ष ने सवाल किया कि फिर कर्मचारियों का वेतन किस आधार पर तैयार किया जाता है? क्या बायोमैट्रिक अटेंडेंस के आधार पर या मैन्युअल हस्ताक्षर वाले उपस्थिति रजिस्टर के अनुसार? जिसका जवाब और भी चौंकाने वाला रहा। उन्हें बताया गया कि न तो बायोमैट्रिक अटेंडेंस के आधार पर और न ही मैन्युअल उपस्थिति रजिस्टर के अनुसार वेतन पत्रक तैयार किया जाता है, बल्कि सीईओ के निर्देश के अनुसार उपस्थिति और वेतन पत्रक बनाकर वेतन आहरण किया जाता है। जनपद अध्यक्ष ने जताई नाराजगी इस पर जनपद अध्यक्ष माधवी वस्त्रकार ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि यह पूरी तरह गलत प्रक्रिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपस्थिति रजिस्टर या बायोमैट्रिक अटेंडेंस के आधार पर ही वेतन पत्रक तैयार होना चाहिए और उसी के अनुसार भुगतान किया जाना चाहिए। मनरेगा शाखा में तकनीकी सहायक मिले अनुपस्थित इसके पश्चात जनपद अध्यक्ष ने मनरेगा शाखा का निरीक्षण किया, जहां आधे से अधिक तकनीकी सहायक अनुपस्थित पाए गए। जब उपस्थिति रजिस्टर की जांच की गई तो सामने आया कि अनेक तकनीकी सहायकों के पिछले दो दिनों के हस्ताक्षर रजिस्टर में दर्ज नहीं थे। इस संबंध में बताया गया कि 1 तारीख को व्यस्तता के कारण विजिट रजिस्टर में एंट्री नहीं हो सकी, जबकि 2 तारीख की एंट्री अभी शेष है। इस पर जनपद अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि जो भी कर्मचारी विजिट पर जाते हैं, उन्हें पहले मुख्यालय में उपस्थिति दर्ज करनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट रहे कि कौन कर्मचारी कहां है और कार्यालय में उपस्थित हुआ है या नहीं। इसके बाद जनपद अध्यक्ष ने अनुपस्थित तकनीकी सहायकों को उपस्थिति रजिस्टर में अनुपस्थित दर्ज करने के निर्देश दिए। कलेक्टर के आदेश की अवहेलना! जनपद अध्यक्ष माधवी वस्त्रकार ने बताया कि कलेक्टर महोदय के स्पष्ट आदेश हैं कि 1 जनवरी से सभी शासकीय कार्यालयों में बायोमैट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य है। इसके बावजूद जनपद पंचायत तखतपुर में तीन महीने पहले बायोमैट्रिक मशीन लगने के बाद भी आधे से अधिक कर्मचारियों की एंट्री नहीं की गई, जिससे उनकी उपस्थिति दर्ज ही नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति लापरवाही है या जानबूझकर की गई मनमानी, यह जांच का विषय है, लेकिन यह तथ्य सामने आया है कि वेतन भुगतान उपस्थिति के आधार पर नहीं, बल्कि सीईओ के निर्देश पर किया जा रहा है, जो नियमों के विरुद्ध है। जनपद सदस्यों ने भी उठाए सवाल निरीक्षण के दौरान मौजूद जनपद सदस्य मनहरण कौशिक ने कहा कि बायोमैट्रिक मशीन लगने के बावजूद कर्मचारियों का वेतन सीईओ के निर्देश पर दिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे जनप्रतिनिधियों के सम्मान को ठेस पहुंचती है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। जनपद सदस्य रामकुमार सिंगरौली ने कहा कि जनपद पंचायत तखतपुर में सीईओ की मनमानी चरम पर है। जब मन होता है तब कार्यालय आते हैं और जब नहीं चाहते तो अनुपस्थित रहते हैं। आधे से अधिक कर्मचारियों की बायोमैट्रिक एंट्री न होना सीईओ की घोर लापरवाही को दर्शाता है। वहीं जनपद सदस्य ऋषभ कश्यप ने कहा कि जनपद के सीईओ तानाशाही रवैया अपनाए हुए हैं, जिससे आम जनता की समस्याओं का निराकरण नहीं हो पा रहा है। उन्होंने शासन से मांग की कि ऐसे सीईओ को तत्काल हटाकर किसी ईमानदार, नियमों का पालन करने वाले और समय के पाबंद अधिकारी की नियुक्ति की जाए। निरीक्षण के दौरान ये रहे मौजूद निरीक्षण के दौरान जनपद अध्यक्ष माधवी वस्त्रकार के साथ जनपद सदस्य मनहरण कौशिक, रामकुमार सिंगरौल एवं ऋषभ कश्यप उपस्थित रहे।

महासमुंद के किसानों को रबी फसल के लिए जलाशय से छोड़ा गया पानी

महासमुंद. किसानों की मांग और आवश्यकताओं को देखते हुए गत दिवस कोडार जलाशय से रबी फसल के लिए खेतों में पानी देने पर निर्णय लिया गया। महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा की पहल पर 5 जनवरी से ही खेतों में पानी दिए जाने का निर्णय लिया गया था, जिस पर आज अमल किया गया। जिले के कोडार जलाशय परियोजना (बायीं तट नहर प्रणाली से) वृहद परियोजना अंतर्गत पानी छोड़ा गया। कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला जल उपयोगिता समिति विनय कुमार लंगेह ने के लिए गए निर्णय अनुसार जल संसाधन के मुख्य कार्यपालन अभियंता कुमार खरे को पानी छोड़ने का निर्देश दिया। रबी सिंचाई के लिए कोडार वृहद परियोजना में बांयी तट नहर प्रणाली से 13 गांवों के 1600 हेक्टेयर क्षेत्र का रकबा सिंचाई सुविधा के लिए प्रस्तावित किया गया है। इन गांवों में बंजारी, घोंघीबाहरा, बनसिवनी, कौंदकेरा, सोरिद, चोरभट्ठी, नयापारा, परसदा, बेमचा, मुस्की, कांपा, खरोरा एवं बरोंडाबाजार शामिल हैं। इसके अलावा केशवा नाला जलाशय से भी पानी छोड़ा गया है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री बोलीं- महतारी वंदन योजना से शीघ्र जुड़ेंगी नई महिलाएं

रायपुर. महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विभाग के पिछले दो वर्षों के कार्यों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। महतारी वंदन योजना को उन्होंने राज्य की महिलाओं के लिए ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी पहल बताया। मंत्री राजवाड़े ने बताया कि, महतारी वंदन योजना ने दो वर्षों में राज्य की 69 लाख से अधिक महिलाओं तक आर्थिक संबल पहुंचाया है। उन्होंने कहा- 'यह सिर्फ एक राशि नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और सम्मान का हस्तांतरण है। इससे घर-परिवार में महिला की भूमिका और मजबूत हुई है।' ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद शेष पात्र महिलाओं को भी लाभ प्रदान किया जाएगा। बस्तर के नियद नेल्लानार जैसे दुर्गम क्षेत्रों में भी योजना ने असर दिखाया है, जहां 7,000 से अधिक महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिला है।  

CBI जांच में खुलासा- 1 करोड़ लेकर टामन गिरोह ने बना दिया डिप्टी कलेक्टर

रायपुर. राजधानी से लगभग 125 किलोमीटर दूर बारनवापारा के घने जंगलों में सीजीपीएससी भर्ती घोटाले की साजिश रची जा रही थी। सीबीआइ की अंतिम चार्जशीट में राजफाश हुआ है कि आयोग के पूर्व अध्यक्ष टामन सोनवानी ने 35 चयनित अभ्यर्थियों को जंगल के एक रिसार्ट में ठहराकर परीक्षा की विशेष तैयारी कराई। कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर ने इसमें सहयोग किया। इसी रिसार्ट के एक कमरे में प्रश्नपत्र लीक करने और चयन सूची तैयार करने की योजना बनाई गई। जांच में उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों, नेताओं और प्रभावशाली परिवारों से जुड़े अभ्यर्थियों का चयन किया गया। भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में सीजीपीएससी 2021 की परीक्षा 26 से 29 जुलाई को हुई थी। चार्जशीट में दावा किया गया है कि बारनवापारा के रिसार्ट में 11 से 24 मई 2022 के बीच 35 परीक्षार्थियों को ठहराया गया था। ये सभी कारोबारी, नेताओं और प्रभावशाली परिवारों से जुड़े थे। इनकी बुकिंग राहुल हरपाल ने की थी। अभ्यर्थियों को राज्य सेवा परीक्षा का असली प्रश्न पत्र दिया गया और उन्हें कमरों में ही परीक्षा हल करने की व्यवस्था की गई। आरोपितों ने परीक्षा से लेकर चयन तक की प्रक्रिया के कई राज सीबीआइ के सामने उजागर किए हैं। विकास और उत्कर्ष चंद्राकर ने सीजीपीएससी मेंस का प्रश्नपत्र साल्वर को दिया। चार्जशीट में यह भी स्पष्ट हुआ कि पीएससी में चयन के लिए पद के अनुसार भारी-भरकम रेट तय थे, जैसे डिप्टी कलेक्टर बनने के लिए एक करोड़ रुपये।

नए बजट को लेकर आज से मंत्री स्तरीय बैठकों में कई प्रस्तावों पर होगी चर्चा

रायपुर. छत्तीसगढ़ में वर्ष 2026-27 का बजट बनाने की प्रक्रिया निर्णायक दौर में आ पहुंची चुकी है. आज से महानदी भवन, मंत्रालय में मंत्री स्तरीय बजट चर्चा होने जा रही है, जो 6 जनवरी से शुरू होकर 9 तक चलेगी. फिलाहल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विभागों की चर्चा का समय तय नहीं हुआ है. मुख्य बजट और नवीन मद के प्रस्तावों पर होगी बात मंत्री स्तरीय बजट चर्चा में 6 जनवरी से 9 जनवरी तक मुख्य बजट प्रस्तावों और नवीन मद प्रस्तावों पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी के साथ चर्चा होगी. बताया गया है कि मंत्री अपने विभागों से संबंधित नई योजनाओं के प्रस्ताव पेश करेंगे. वित्त मंत्री से चर्चा के बाद प्रस्तावों को अंतिम रूप देकर बजट में शामिल किया जाएगा. जिन नवीन मद के प्रस्तावों पर सहमति नहीं होगी उन्हें दरकिनार किया जाएगा. इसी चर्चा के एक हिस्से में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विभागों के प्रस्तावों पर वित्त मंत्री के साथ चर्चा होगी. आज से मंत्री स्तरीय बैठकें 6 जनवरी को सुबह 11 बजे उद्योग, आबकारी एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन, दोपहर 12 बजे स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं ओबीसी कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, दोपहर 2 बजे पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास मंत्री राजेश अग्रवाल और दोपहर 3 बजे कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं एससी कल्याण मंत्री गुरु खुशवंत के नए प्रस्तावों पर चर्चा कर मंजूरी दी जाएगी. 7 जनवरी को सुबह 11 बजे वन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, दोपहर 12 बजे राजस्व, स्कूल शिक्षा एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा, दोपहर 2.30 बजे अजाक कल्याण, कृषि एवं मछली-पशुधन पालन मंत्री रामविचार नेताम और अपराह्न 4 बजे वित्त मंत्री ओपी चौधरी अपने विभागों के प्रस्तावों पर निर्णय लेंगे. 8 जनवरी को सुबह 11 बजे उप मुख्यमंत्री अरुण साव के लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, खेल एवं युवा कल्याण और नगरीय प्रशासन विभागों के प्रस्तावों पर चर्चा होगी. दोपहर 2.30 बजे स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधि-विधायी विभागों के प्रस्ताव रखे जाएंगे. 9 जनवरी को दोपहर 12 बजे महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और दोपहर 2 बजे उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के गृह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और आईटी विभाग के नए प्रस्तावों को मंजूरी दी जाएगी. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विभागों से संबंधित प्रस्तावों पर चर्चा अलग से तय की जाएगी.

छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास योजनाओं से सशक्तिकरण की नई दिशा: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

रायपुर : महिला एवं बाल विकास की योजनाओं से छत्तीसगढ़ में सशक्तिकरण की नई इबारत: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े रायपुर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज संवाद के ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस वार्ता में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि विगत दो वर्षों में छत्तीसगढ़ शासन ने महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों के जीवन में सकारात्मक और ठोस बदलाव लाने के लिए ऐतिहासिक पहल की है। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को सम्मान, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता प्रदान करना है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से 69 लाख से अधिक महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिला है और अब तक 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि उनके खातों में अंतरित की जा चुकी है। योजना का सामाजिक प्रभाव यह है कि बड़ी संख्या में महिलाएं अब पारिवारिक और आर्थिक निर्णयों में स्वतंत्र भूमिका निभा रही हैं। वहीं प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के तहत 4.81 लाख महिलाओं को 237 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी गई है, जिससे छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। प्रेस वार्ता में मंत्री ने कहा कि राज्य में कुपोषण के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है। नवंबर 2023 की तुलना में नवंबर 2025 तक स्टंटिंग, वेस्टिंग और अंडरवेट बच्चों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है। 19 लाख से अधिक हितग्राहियों को पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसमें महिला स्व सहायता समूहों की भागीदारी से पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण वितरण सुनिश्चित हुआ है। महिला सुरक्षा एवं संरक्षण के क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में सखी वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के माध्यम से हजारों महिलाओं और बच्चों को त्वरित सहायता प्रदान की गई है। बाल संरक्षण सेवाओं, दत्तक ग्रहण, फॉस्टर केयर और न्यायिक प्रकरणों के निराकरण में भी छत्तीसगढ़ अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन, नई नियुक्तियों, डिजिटल उपस्थिति प्रणाली और ई-भर्ती पोर्टल जैसी पहलों से विभागीय कार्यप्रणाली को सुदृढ़ किया गया है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत हजारों बेटियों के विवाह गरिमामय ढंग से संपन्न कराए गए हैं। मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाएं छत्तीसगढ़ को एक सुरक्षित, सशक्त और समावेशी राज्य बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही हैं।

कांगेर घाटी में ‘ग्रीन गुफा’ का आगाज, पर्यटन स्थल को मिलेगा नया जीवन—आधिकारिक घोषणा

रायपुर छत्तीसगढ़ की कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध जैव विविधता और विश्व-प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के लिए देश-विदेश में विख्यात है। इसी कड़ी में अब कांगेर घाटी में एक और अनोखी प्राकृतिक स्थलाकृति सामने आई है, जिसे “ग्रीन केव” (ग्रीन गुफा) नाम दिया गया है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार राज्य सरकार द्वारा पर्यटन और वन्य धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। वन मंत्री कश्यप ने स्पष्ट किया है कि ग्रीन गुफा के पर्यटन मानचित्र में शामिल होने से कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में पर्यटन को नया आयाम मिलेगा, जिससे स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्रीय विकास को गति प्राप्त होगी और शीघ्र ही पर्यटक इस अद्भुत गुफा की प्राकृतिक खूबसूरती का प्रत्यक्ष अनुभव कर सकेंगे। वन विभाग द्वारा आवश्यक तैयारियां पूर्ण किए जाने के बाद शीघ्र ही इस गुफा को पर्यटकों के लिए खोले जाने की योजना है। उल्लेखनीय है कि यह ग्रीन गुफा कोटुमसर परिसर के कंपार्टमेंट क्रमांक 85 में स्थित है। गुफा की दीवारों और छत से लटकती चूने की आकृतियों (स्टैलेक्टाइट्स) पर हरे रंग की सूक्ष्मजीवी परतें पाई जाती हैं, जिसके कारण इसे “ग्रीन केव” नाम दिया गया है। चूना पत्थर और शैल से निर्मित यह गुफा कांगेर घाटी की दुर्लभ और विशिष्ट गुफाओं में से एक मानी जा रही है। ग्रीन गुफा तक पहुंचने का मार्ग बड़े-बड़े पत्थरों से होकर गुजरता है। गुफा में प्रवेश करते ही सूक्ष्मजीवी जमाव से ढकी हरी दीवारें पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। आगे बढ़ने पर एक विशाल कक्ष दिखाई देता है, जहां से भीतर की ओर चमकदार और विशाल स्टैलेक्टाइट्स तथा फ्लो-स्टोन (बहते पानी से बनी पत्थर की परतें) देखने को मिलती हैं, जो गुफा की प्राकृतिक भव्यता को और भी बढ़ा देती हैं। घने जंगलों के मध्य स्थित यह गुफा अपनी अनोखी संरचना और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण केंद्र बनने जा रही है। वन विभाग द्वारा गुफा की सुरक्षा एवं नियमित निगरानी की जा रही है। साथ ही पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पहुंच मार्ग, पैदल पथ तथा अन्य आवश्यक आधारभूत संरचनाओं का विकास कार्य प्रगति पर है। वन विभाग द्वारा कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के पर्यटन विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस पहल में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वनबल प्रमुख व्ही. श्रीनिवासन तथा प्रमुख मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) अरुण पांडे का मार्गदर्शन भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

बस्तर में माओवादी हिंसा की दिशा बदलने का वक्त, 60 लाख के इनामी माओवादी की हुई शिनाख्त

 जगदलपुर  बस्तर से लेकर तेलंगाना तक फैला माओवादी नेटवर्क अब निर्णायक रूप से टूट चुका है। दशकों से जारी लाल आतंक का ‘रिवर्स काउंटडाउन’ (उल्टी गिनती) शुरू हो गया है। सुरक्षा बलों की सटीक रणनीति, निरंतर दबाव और नेतृत्व के विघटन ने माओवादी संगठन की कमर तोड़ दी है। सुरक्षा एजेंसियों का विश्वास है कि 26 जनवरी को इसकी घोषणा कर दी जाए।  तेलंगाना में पीएलजीए (पीपुल्स लिब्रेशन गुरिल्ला आर्मी) बटालियन नंबर–एक के प्रमुख बारसे देवा उर्फ सुक्का के आत्मसमर्पण और सुकमा में कोंटा एरिया कमेटी प्रमुख के मारे जाने के बाद बस्तर में संगठन लगभग नेतृत्वविहीन हो गया है। पापा राव ही एकमात्र बड़ा नाम शेष अब शीर्ष स्तर पर पापा राव ही एकमात्र बड़ा नाम शेष है। 14 माओवादी शनिवार को सुकमा, बीजापुर में मारे गए थे। उधर, तेलंगाना में बारसे देवा ने अपने 20 साथियों के साथ समर्पण किया था। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी का कहना है कि माओवादी संगठन का संख्या बल लगातार घट रहा है और नेतृत्व पूरी तरह बिखर चुका है। बस्तर में अब केवल पापा राव शीर्ष स्तर पर बचा है, जबकि जमीनी स्तर पर गिनती के ही माओवादी सक्रिय हैं। यदि बचे हुए माओवादी समय रहते आत्मसमर्पण नहीं करते, तो भविष्य में उनके लिए यह विकल्प भी नहीं बचेगा। पांच महिला सहित 12 माओवादियों की शिनाख्त वहीं सुकमा में बुर्कलंका और पामलूर इलाके में शनिवार को मुठभेड़ में मारे गए पांच महिला सहित 12 माओवादियों की शिनाख्त हो गई है। सभी शवों को जिला मुख्यालय लाया गया, जहां पोस्टमार्टम के बाद स्वजन को सौंपा जाएगा। माओवादियों में डीवीसीएम वेट्टी मंगडू उर्फ मुक्का आठ लाख का इनामी, एसीएम माड़वी हितेश आठ लाख, सीवाईपीसी पोड़ियम जोगा 10 लाख, कोमरम बदरी, झितरू माड़वी, माड़वी मुक्का, मुचाकि मुन्नी, माड़वी जमली, पोड़ियम रोशनी ये सभी एसीएम जिन पर पांच लाख का इनाम घोषित था। इनके अलावा तामो नंदा, मड़कम रामा, मासे ये तीनों पार्टी के सदस्य थे और इन पर दो लाख का इनाम राशि घोषित था। मुठभेड़ स्थल से एके-47, इंसास, एसएलआर राइफल, बीजीएल लांचर, 12 बोर हथियार, वायरलेस सेट, स्कैनर तथा बड़ी मात्रा में जिंदा राउंड बरामद किए गए हैं। हिंसा का भविष्य नहीं सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने पत्रवार्ता में कहा कि बस्तर क्षेत्र में शांति और स्थिरता की दिशा में निरंतर व निर्णायक प्रगति हो रही है। हिंसा का कोई भविष्य नहीं है और संवैधानिक व लोकतांत्रिक मूल्यों के माध्यम से ही बस्तर आगे बढ़ सकता है। उन्होंने हिंसा के रास्ते पर चल रहे माओवादी कैडरों से समय रहते मुख्यधारा में लौटने और विकास के भागीदार बनने की अपील की। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई सुरक्षा बलों की सतत रणनीति और मजबूत खुफिया तंत्र का परिणाम है। पत्र में ग्रामीण को दी थी धमकी पत्रवार्ता में यह भी खुलासा हुआ कि घटनास्थल से एक धमकी भरा पत्र बरामद किया गया है, जिसमें माओवादियों ने मेहता ग्राम पंचायत के बालंगतोग गांव के एक ग्रामीण को पुलिस मुखबिर बताते हुए चेतावनी दी है। पत्र में जन अदालत में सजा देने और सुधार न होने पर कार्रवाई की धमकी का उल्लेख है। मोबाइल टावर एसपी ने कहा कि यह माओवादियों की जनविरोधी मानसिकता को दर्शाता है। 41 बड़ी घटनाओं में शामिल था मंगड़ू पुलिस के अनुसार कोंटा एरिया कमेटी का सचिव मंगडू 41 बड़ी घटनाओं में शामिल रहा है, जिनमें ताड़मेटला, बुर्कापाल, एर्राबोर राहत शिविर, दरभागुड़ा, कोताचेरू और मिनपा जैसी भीषण घटनाएं शामिल हैं, जिनमें बड़ी संख्या में जवान और नागरिक बलिदान हुए थे।