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उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स की मशाल गौरव यात्रा को दिखाई हरी झंडी

रायपुर. उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने छत्तीसगढ़ की मेजबानी में देश में पहली बार हो रहे खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स के प्रचार-प्रसार के लिए मशाल गौरव यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के प्रचार-प्रसार के लिए यह वाहन राज्य के सभी जिलों में जाएगी। आयोजन के शुभंकर मोरवीर, थीम-सांग और मशाल के साथ प्रदेशभर में घूम-घूमकर यह लोगों को खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की जानकारी देगी। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स के लिए मशाल गौरव यात्रा को दिखाई हरी झंडी उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर स्थित अपने शासकीय निवास कार्यालय से मशाल गौरव यात्रा को हरी झंडी दिखाने के बाद कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव का विषय है कि देश में पहली बार हो रहे खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ को मिली है। उन्होंने इसके लिए भारत सरकार तथा केन्द्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री श्री मनसुख मांडविया के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। अगले माह फरवरी में होने वाले इस आयोजन के बारे में लोगों को जानकारी देने आज मशाल गौरव यात्रा को रवाना किया गया है। खिलाड़ियों के चयन के लिए ट्रायल 7-8 जनवरी को खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स में सात खेलों को शामिल किया गया है। इनमें हॉकी, फुटबॉल, तीरंदाजी, तैराकी, कुश्ती, एथलेटिक्स और वेट-लिफ्टिंग शामिल हैं। इन खेलों में छत्तीसगढ़ की ओर से भागीदारी करने वाले खिलाड़ियों के चयन के लिए आगामी 7 जनवरी और 8 जनवरी को ट्रायल का आयोजन किया गया है। बिलासपुर स्थित स्वर्गीय बी.आर. यादव राज्य प्रशिक्षण केंद्र बहतराई में तीरंदाजी, तैराकी और एथलेटिक्स के लिए ट्रायल प्रक्रिया आयोजित की गई है। वहीं हॉकी, फुटबॉल, कुश्ती और वेट-लिफ्टिंग के लिए ट्रायल रायपुर के स्वामी विवेकानन्द स्टेडियम कोटा में होंगे। उप मुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा मशाल गौरव यात्रा को हरी झंडी दिखाए जाने के दौरान खेल एवं युवा कल्याण विभाग की उप संचालक रश्मि ठाकुर और अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।

छत्तीसगढ़ में बस्तर जिले के 11 सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारियों को मिली भावभीनी विदाई

जगदलपुर. बस्तर जिला प्रशासन ने वर्ष के अंतिम दिन बुधवार 31 दिसम्बर को कलेक्टोरेट स्थित आस्था कक्ष में आयोजित एक गरिमामय समारोह में बस्तर जिला अंतर्गत विभिन्न विभागों में कार्यरत रहे अपने 11 सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारियों को भावभीनी विदाई दी। कलेक्टर हरिस एस. के निर्देशानुसार प्रशासन ने संवेदनशीलता और सुशासन का परिचय देते हुए सभी सेवानिवृत्त अधिकारी और कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के दिन ही पेंशन भुगतान आदेश, ग्रेच्युटी भुगतान आदेश और भविष्य निधि भुगतान आदेश प्रदान किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रतीक जैन ने सभी सेवानिवृत्त कर्मियों को शॉल, श्रीफल और पुष्प गुच्छ भेंट कर आत्मीयता के साथ सम्मानित किया। प्रशासन की तत्परता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विदाई की बेला में ही कर्मचारियों के हाथों में उनके पेंशन भुगतान आदेश, ग्रेच्युटी भुगतान आदेश और भविष्य निधि भुगतान आदेश सौंप दिए गए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री प्रतीक जैन ने सेवानिवृत्त हो रहे सहयोगियों की कार्यशैली की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि आप सभी शासकीय सेवा के क्षेत्र में अत्यंत अनुभवी हैं और अपने-अपने कार्यों में पूरी तरह निपुण हैं। भले ही आज आप शासकीय दायित्वों से मुक्त हो रहे हैं, लेकिन आपका संचित अनुभव समाज के लिए अमूल्य है। मेरी आप सभी से अपील है कि सेवानिवृत्ति के बाद भी आप सक्रिय रहें और अपने दीर्घकालीन अनुभवों का लाभ समाज और नई पीढ़ी को प्रदान करते रहें। उन्होंने सभी सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों के स्वस्थ, सुदीर्घ और खुशहाल जीवन की कामना करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं। विदाई की इस बेला में प्रशासन द्वारा त्वरित गति से किए गए भुगतान और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मिले सम्मान से सेवानिवृत्त शासकीय सेवक बेहद अभिभूत और प्रसन्न नजर आए। हाथों-हाथ पेंशन और ग्रेच्युटी के आदेश प्राप्त करना उनके लिए एक सुखद अनुभव था। उन्होंने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि जिला प्रशासन की यह पहल बहुत ही सराहनीय और राहत भरी है, जिससे उन्हें सेवा के अंतिम दिन ही भविष्य की आर्थिक सुरक्षा मिल गई है। इस अवसर पर वरिष्ठ कोषालय अधिकारी श्री अनिल कुमार पाठक ने पेंशनरों को मिलने वाले समस्त हितलाभों के बारे में विस्तार से बताया और बदलते दौर के साथ तालमेल बिठाने के लिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट की प्रक्रिया और उपयोगिता समझाई। कार्यक्रम में सहायक कोषालय अधिकारी सुश्री ममता ध्रुव और श्री नरेंद्र सिंह नाग सहित कोषालय एवं अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों के परिजन भी मौजूद रहे।

केंद्रीय पर्यटन मंत्री शेखावत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव से पर्यटन विकास और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण पर की चर्चा

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज नवा रायपुर, सेक्टर-24 स्थित मुख्यमंत्री निवास में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने सौजन्य भेंट की। मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास, सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं सुदृढ़ीकरण से संबंधित विषयों पर सौहार्दपूर्ण एवं रचनात्मक चर्चा हुई।मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय मंत्री शेखावत का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें राजकीय गमछा, बस्तर दशहरा पर आधारित कॉफी टेबल बुक तथा बेल मेटल से निर्मित स्मृति-चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में जमीन की नई गाइड लाइन दरों पर सौकड़ों आपत्तियां

रायपुर. प्रदेश में जमीन की नई गाइडलाइन दरों को लेकर दवा अपत्तियों के लिए बुधवार अंतिम दिन है। राज्य शासन द्वारा 20 नवंबर से लागू की गई संशोधित गाइडलाइन दरों पर दावा-आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर है, लेकिन इससे पहले ही प्रदेशभर से बड़ी संख्या में आपत्तियां सामने आ चुकी हैं। अकेले रायपुर जिले में 600 से अधिक दावा-आपत्तियां पंजीयन विभाग को प्राप्त हो चुकी हैं, जबकि अन्य जिलों में भी यही हाल है। इसके अलावा नवा रायपुर अटल नगर क्षेत्र में गाइडलाइन 2025-26 को लेकर 27 गांवों से जुड़े 500 से अधिक प्रभावित किसान नवा रायपुर मुख्यालय में पहुंचे और व्यक्तिगत व सामूहिक आवेदन जमा किए। राज्य शासन ने सभी जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों को निर्देशित किया है कि नई गाइड लाइन दरों पर प्राप्त आपत्तियों, याचिकाओं और सुझावों की गहन समीक्षा की जाए। 31 दिसंबर के बाद जिला समितियां अपने संशोधन प्रस्ताव केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजेंगी। अंतिम निर्णय वहीं से लिया जाएगा। शहरी में 20 प्रतिशत, ग्रामीण में 500 प्रतिशत तक बढ़ी दरें सरकार ने इस बार गाइडलाइन दरों में बड़ा बदलाव करते हुए शहरी क्षेत्रों में 20 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में 500 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की है। अधिकारियों का तर्क है कि वर्ष 2017–18 के बाद गाइडलाइन दरों में कोई संशोधन नहीं हुआ था, जिससे बाजार मूल्य और सरकारी दरों में भारी अंतर आ गया था। अधिकारियों के अनुसार नई दरों से किसानों और भूमिस्वामियों को भूमि अधिग्रहण के समय अधिक और न्यायसंगत मुआवजा मिलेगा, वहीं संपत्ति के एवज में बैंक से अधिक लोन भी स्वीकृत हो सकेगा। रियल इस्टेट बाजार पर सीधा असर दूसरी ओर, नई गाइडलाइन दरों ने रियल इस्टेट बाजार की रफ्तार धीमी कर दी है। जमीन और मकान खरीदना पहले की तुलना में काफी महंगा हो गया है। इसका असर पंजीयन कार्यालयों में साफ दिख रहा है, रजिस्ट्री की संख्या में गिरावट दर्ज की जा रही है। रियल इस्टेट से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि कई लोग गाइडलाइन दरों में संभावित संशोधन का इंतजार कर रहे हैं, जिसके चलते खरीदी-बिक्री के सौदे अटके हुए हैं। नई गाइडलाइन दरों के खिलाफ विरोध का स्वर केवल किसानों तक सीमित नहीं रहा। कुछ दिन पहले बिल्डरों के प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी से मुलाकात कर गाइडलाइन दरों में संशोधन की मांग की थी। समीक्षा करने के निर्देश दिए – राज्य शासन द्वारा जिला मूल्यांकन समितियों को नई गाइडलाइन दरों पर प्राप्त सभी आपत्तियों, याचिकाओं और सुझावों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। समितियों के प्रस्तावों की जांच के बाद केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड अंतिम रूप से संशोधित गाइडलाइन दरों को तय करेगा। -पुष्पेंद्र कुमार मीणा, महानिरीक्षक, पंजीयन विभाग  

रायपुर में साल के आखिरी दिन 69 पुलिस अधिकारियों के तबादले

रायपुर. साल के अंतिम दिन रायपुर जिला पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। एसएसपी रायपुर ने देर रात तबादला आदेश जारी करते हुए मैदानी इलाकों में तैनात 69 पुलिस अधिकारियों का स्थानांतरण किया है। इस सूची में 4 निरीक्षक (TI), 18 उप निरीक्षक (SI) और 37 सहायक उप निरीक्षक (ASI) सहित बड़ी संख्या में अधिकारी शामिल हैं। तीन प्रमुख थानों के प्रभारी भी बदले गए तबादला आदेश के तहत तीन प्रमुख थानों के प्रभारी भी बदले गए हैं, जिससे जिले की कानून-व्यवस्था में नई जिम्मेदारियों के साथ नए सिरे से संचालन की उम्मीद जताई जा रही है। जारी आदेश के अनुसार सतीश सिंह गहरवार को कोतवाली थाना प्रभारी (TI) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं एस.एन. सिंह को कबीर नगर थाना प्रभारी बनाया गया है। सुनील दास को गंज थाना प्रभारी (TI) का नया प्रभार दिया गया है। तबादला प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा इसके अलावा भावेश गौतम को यातायात विभाग का निरीक्षक (ट्रैफिक TI) नियुक्त किया गया है। पुलिस अधिकारियों का यह व्यापक तबादला प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, यह फेरबदल आगामी वर्ष में अपराध नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और थानों की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किया गया है। तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश एसएसपी रायपुर द्वारा जारी इस आदेश के बाद संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

कांकेर कलेक्टर ने स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर बनाने रवाना की मोबाइल मेडिकल यूनिट

उत्तर बस्तर कांकेर. कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने आज पीएम-जनमन योजना के अंतर्गत नरहरपुर विकासखण्ड में निवासरत विशेष पिछड़ी कमार जनजातियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई चलित चिकित्सा वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उक्त मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहन में चिकित्सा अधिकारी, लैब टेक्निशियन, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, कम्पाउंडर सहित आवश्यक खून जांच एवं दवाईयों की व्यवस्था एवं अन्य स्वास्थ्य परीक्षण की सुविधा उपलब्ध है, यह वाहन कमार बस्तियों के बसाहटों में जाकर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएगी। इससे विशेष जनजाति समूह के गांवो में मोबाइल मेडिकल यूनिट एवं चिकित्सकीय टीम से आमजनों को इसका लाभ मिलेगा। मोबाइल मेडिकल यूनिट को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते समय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.सी. ठाकुर, नोडल अधिकारी डॉ. के.के. ध्रुव, डीपीएम रोहित वर्मा सहित अन्य चिकित्सा स्टाफ मौजूद थे।   उल्लेखनीय है कि ‘पीएम जनमन’ प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान है, जो विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए शुरू की गई एक सरकारी पहल है, जिसका लक्ष्य विशेष पिछड़ी जनजातियों को पक्के घर, स्वच्छ पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और आजीविका के अवसर जैसी बुनियादी सुविधाएँ प्रदान करना है, ताकि उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।  

CG News: रायपुर प्रेस क्लब चुनाव को लेकर घमासान तेज

रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब में चुनावी रणभेरी बज चुकी है। लंबे समय से अगर–मगर और कागजी जंग में उलझा सदस्यता विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता नजर आ रहा है। प्रेस क्लब द्वारा 17 फरवरी 2025 तक बनाए गए सदस्यों की सूची सार्वजनिक नहीं किए जाने के बाद, रजिस्ट्रार कार्यालय से प्राप्त वास्तविक सदस्यता सूची के आधार पर मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन, दावा–आपत्ति और निराकरण की तारीखें घोषित कर दी गई हैं। इसके साथ ही प्रेस क्लब परिसर एक बार फिर चुनावी अखाड़े में तब्दील हो गया है। पैनल सक्रिय, प्रत्याशियों की जमावट तेज चुनावी मैदान में उतरने के लिए प्रेस क्लब में सक्रिय सभी पैनलों ने रणनीति और प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया तेज कर दी है। सत्ताधारी संकल्प–प्रफुल्ल पैनल के सामने इस बार मुकाबला आसान नहीं दिख रहा। परंपरागत रूप से प्रभावी रहे संगवारी पैनल, सुकांत पैनल, दामू पैनल और अनिल पैनल पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। चुनावी हलचल के संकेतों के अनुसार, कई पैनलों के बीच गठजोड़ की संभावनाएं भी बनती नजर आ रही हैं, जिससे मुकाबला और अधिक रोचक व कांटे का होने की उम्मीद है। इस चुनाव का सबसे अहम और निर्णायक पहलू लाल झंडे की एकजुटता मानी जा रही है। सारे पैनल एक तरफ और लाल पैनल एक तरफ,ऐसी तस्वीर उभरती दिख रही है। वैचारिक रूप से मजबूत यह पैनल पिछले कई कार्यकालों से प्रेस क्लब की सत्ता की धुरी रहा है। मीडिया जगत के ‘सागर’ के बड़े जहाज़ माने जाने वाले चेहरे इसकी परोक्ष अगुवाई करते रहे हैं। हालांकि, इस बार लाल विचार का लाल किला कहे जाने वाले प्रेस क्लब पर पकड़ ढीली पड़ती दिख रही है। इनकम्बेंसी और अन्य पैनलों की बढ़ती सक्रियता ने वैचारिक लीडरों को भी सतर्क कर दिया है। इसी वजह से समान विचारधारा वाले पत्रकारों को एक मंच पर लाने की कवायद तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, अब तक अलग-अलग पैनलों में अपनी ताकत दिखाने वाले PT, AT और GT ग्रुप को एकजुट कर चुनाव लड़ने की रणनीति बनाई जा रही है। इसके लिए तीनों लीडर के गुरु ने सभी एक करने का बीड़ा उठा कर लगातार बैठक कर रहे है,, इतना ही नहीं, परंपरागत प्रतिद्वंद्वी गुट के एक धड़े PD को भी साथ जोड़ लिए जाने की अंदरखाने से खबर है। इससे लाल पैनल की ताकत और बढ़ती नजर आ रही है। हालांकि, अध्यक्ष पद के चेहरे पर अब तक सहमति नहीं बन पाई है, जो आने वाले दिनों में पूरे चुनावी समीकरण को पलट सकती है। विपक्षी खेमे में बिखराव, एक राय की चुनौती :- दूसरी ओर, लाल पैनल की इस संगठित ताकत के मुकाबले शेष पैनल फिलहाल बिखरे हुए नजर आ रहे हैं। विशेषकर संगवारी, सुकांत,अनिल और दामू ग्रुप के बीच आपसी सहमति अब तक नहीं बनी है,, बनती नहीं दिख रही है, जिससे विपक्षी खेमा रणनीति को आकार देने में पीछे है। हालांकि, प्रेस क्लब में विरोध का झंडा बुलंद पिछले कार्यकाल की नाकामियों और कथित नियमविरुद्ध फैसलों को मुद्दा बनाकर कुछ पत्रकार पहले दिन से सक्रिय है । इस मुद्दा-आधारित लड़ाई का लाभ मोहन तिवारी को मिलता नजर आ रहा है, लेकिन ब्राह्मण बड़े पत्रकारों को एका और एक राय हो कर नहीं लड़ पाना सबसे बड़ी चुनौती है उनका पैनल कितना एकजुट होकर मैदान में उतरेगा इस पर सब की निगाहें है। वैचारिक एक जुटता बनाम बिखराव की लड़ाई एक ओर जहां पदाधिकारियो का वैचारिक पैनल खुद को संगठित करने में सफल होते दिख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रेस क्लब का विपक्षी खेमा हर बार की तरह अलग-अलग लड़ने की तैयारी से है जिसे चुनावी मुकाबला बहुकोणीय होता दिख रहा है। 

CG News: साय सरकार में खेती के साथ मधुमक्खी पालन बनीं उदय राम की रोजगार की कुंजी

बलरामपुर। किसानों की आय बढ़ाने एवं ग्रामीण उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र के द्वारा किसानों को खेती के साथ मधुमक्खी पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह पहल किसानों के लिए कम लागत में अधिक लाभ देने वाला वैकल्पिक व्यवसाय बनकर उभरी है। मधुमक्खी पालन एक कृषि आधारित लाभकारी व्यवसाय है, जिसमें शहद, मोम, रॉयल जेली एवं प्रोपोलिस जैसे बहुमूल्य उत्पाद प्राप्त होते हैं। कृषि विज्ञान केंद्र बलरामपुर के द्वारा वैज्ञानिक पद्धति से मधुमक्खी पालन अपनाने हेतु किसानों को निरंतर प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन एवं जागरूकता प्रदान की जा रही है। मधुमक्खी पालन गांव स्तर पर रोजगार सृजन का प्रभावी माध्यम बना बलरामपुर जिला के विकासखंड बलरामपुर अंतर्गत ग्राम मंगरहारा निवासी कृषक उदय राम ने कृषि विज्ञान केंद्र से प्रशिक्षण प्राप्त कर खेती के साथ मधुमक्खी पालन को अपनाया। प्रारंभ में उन्होंने मात्र 2 मधुमक्खी बक्सों से इस व्यवसाय की शुरुआत की थी, जो आज 20 बक्सों तक पहुँच चुका है। उदय राम की सफलता से प्रेरित होकर ग्राम मंगरहारा के 10 से अधिक परिवारों ने मधुमक्खी पालन व्यवसाय प्रारंभ किया है और अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। इस प्रकार मधुमक्खी पालन गांव स्तर पर रोजगार सृजन का प्रभावी माध्यम बन रहा है। उदय राम शहद बेचकर सालाना 2 से 2.5 लाख रुपये कर रहे हैं आय अर्जित उदय राम वर्तमान में प्रतिवर्ष 400 से 500 किलोग्राम से अधिक गुणवत्तायुक्त शहद का उत्पादन कर रहे हैं। बाजार में उनके शहद की कीमत 500 प्रति किलोग्राम तक मिल रही है। शहद के साथ-साथ मोम, रॉयल जेली एवं प्रोपोलिस जैसे उत्पाद भी उन्हें प्राप्त हो रहे हैं, जिनकी बाजार में अच्छी मांग है। उदय राम शहद बेचकर सालाना 2 से 2.5 लाख रुपये अर्जित कर रहे हैं। मधुमक्खी पालन बक्से पर दी जा रही सब्सिडी कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार बलरामपुर- रामानुजगंज जिले की जलवायु एवं पर्यावरण मधुमक्खी पालन के लिए अत्यंत अनुकूल है। लघु, सीमांत एवं भूमिहीन किसान भी इस व्यवसाय को बिना अतिरिक्त भूमि के प्रारंभ कर सकते हैं। 5 से 10 मधुमक्खी बक्सों से भी यह कार्य सफलतापूर्वक किया जा सकता है। कम श्रम और सरल प्रक्रिया के कारण महिला और बेरोजगार युवा भी मधुमक्खी पालन को आसानी से अपना सकते हैं। शासन द्वारा मधुमक्खी बक्से पर दी जा रही सब्सिडी इस व्यवसाय को और सुलभ बना रही है।  

CG News: प्लेसमेंट कैम्प से जिले में ही मिल रही नौकरी

प्लेसमेंट कैम्प के आयोजन से युवाओं को मिल रही नौकरी मरवाही। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र के सहयोग से मंगलवार को आयोजित प्लेसमेंट कैम्प में 30 आवेदकों का प्रारंभिक रूप से चयन किया गया है। इनमें सोलर इंस्टॉलर के 8 पद, होटल मैनेजमेंट के 20 पद एवं वेल्डर के 2 पद शामिल हैं। शेष पदों पर द्वितीय साक्षात्कार के बाद चयन की प्रक्रिया निजी कंपनी द्वारा 15 दिवस के भीतर की जाएगी। जिला रोजगार कार्यालय परिसर गौरेला में आयोजित प्लेसमेंट कैम्प में दो निजी कंपनी द्वारा सोलर इंस्टॉलर, होटल मैनेजमेंट, वेल्डर, एवं क्रेडिट असिस्टेंट के कुल 70 पदों के विरूद्ध 35 अभ्यर्थी उपस्थित हुए और 31 अभ्यर्थियों ने साक्षात्कार में भाग लिए। मिलावटखोरों पर जुर्माना और लैब भेजे गए सैकड़ों नमूने बस्तर संभाग के नागरिकों के स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण नई दिल्ली द्वारा फूटे चने में इंडस्ट्रियल कलर और औरामाईन ओ के उपयोग को लेकर जारी अलर्ट के बाद संभाग भर में हड़कंप मच गया है। इस हानिकारक औद्योगिक डाई के इस्तेमाल की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने बस्तर, कांकेर, नारायणपुर समेत सभी जिलों में बड़े व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर दबिश दी है और संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने विशेष जांच के लिए राज्य के बाहर प्रयोग शालाओं में भेजे हैं। बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर में अभिहित अधिकारी के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा टीम ने न केवल फूटे चने के थोक व्यापारियों के यहां छापेमारी की, बल्कि पनीर, खोवा, फ्रूट केक, टोस्ट और चॉकलेट्स जैसे उत्पादों के भी 13 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। विभाग की सख्ती का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मोटा और पतला सेव के नमूने अमानक पाए जाने पर न्याय निर्णयन अधिकारी द्वारा संबंधित फर्मों पर 25-25 हजार रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया गया है। इसके अलावा, मोती मलाई पनीर का नमूना फेल होने पर विधिवत विवेचना शुरू कर दी गई है, जिसे जल्द ही न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। संभाग के अन्य जिले कांकेर में भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। यहां खाद्य सुरक्षा विभाग ने फूटे चने के स्टॉक को जब्त कर लिया है और यह पता लगाया जा रहा है कि यह जहरीला चना कहां से आयात किया गया था। कांकेर से जब्त नमूनों को औरामाईन ओ की विशेष जांच के लिए राज्य के बाहर भेजा गया है। इसके साथ ही, जिले में अखबार या प्रिंटेड कागज में नाश्ता परोसने वाले दुकानदारों को सख्त नोटिस जारी करते हुए भविष्य के लिए चेतावनी दी गई है। दिसंबर माह में कांकेर से कुल 10 नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं और 6 कारोबारियों को नमूने फेल होने पर नोटिस थमाया गया है। नारायणपुर और कोंडागांव जिलों में भी यह अभियान जोर-शोर से चल रहा है। नारायणपुर से फूटे चने के विधिक नमूने जांच के लिए गुरुग्राम (हरियाणा) स्थित नेशनल कमोडिटीज मैनेजमेंट सर्विसेज लिमिटेड भेजे गए हैं, जबकि चॉकलेट के निगरानी नमूने सूरत (गुजरात) की प्रयोगशाला में भेजे गए हैं। कोंडागांव में भी कन्फेक्शनरी विक्रेताओं और अन्य प्रतिष्ठानों से मोमोस, उसना चावल और धुली उड़द दाल के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए हैं।  

CG News: CRPF अधिकारी ने KBC में जीते 1 करोड़

बीजापुर। अमिताभ बच्चन का शो ‘कौन बनेगा करोड़पति 17’ अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। शो को दूसरा करोड़पति मिल गया है। रांची के बिप्लव बिस्वास ने 1 करोड़ रुपये के सवाल का सही जवाब दिया है। बिप्लव ने चंद सेकंड में सवाल का जवाब दिया, जिससे सिर्फ अमिताभ बच्चन ही नहीं बल्कि शो देखने वाले दर्शक भी हैरान रह गए। बता दें कि बिप्लव सीआरपीएफ में इंस्पेक्टर हैं और छत्तीसगढ़ के बीजापुर में पोस्टेड हैं। पहले फास्टेस्ट फिंगर राउंड जीतकर बिप्लब बिस्वास हॉटसीट पर बैठे। उन्होंने कहा कि वो शो शुरू करने से पहले अमिताभ बच्चन से गले मिलना चाहते हैं। बिग बी ने उन्हें गले लगाया। इस दौरान बिप्लव ने बताया कि कैसे वे जंगल में काम करते हुए सर्वाइव करते हैं। शो के दौरान उन्होंने अपने सहयोगियों के बलिदानों का भी जिक्र किया। गेम शुरू हुआ तो 5 लाख तक के सवालों का जवाब बिप्लव ने बिना हेल्पलाइन के दिया। 12.50 लाख के सवाल के लिए उन्होंने ऑडियंस पोल लिया और 25 लाख के सवाल पर लाइफलाइन संकेतसूचक का इस्तेमाल किया। 50 लाख के सवाल पर बिप्लव ने फिर से लाइफलाइन का इस्तेमाल किया, इस बार उन्होंने 50-50 चुना। इसके बाद बारी आई 1 करोड़ के सवाल की। बिप्लव ने 1 करोड़ का सवाल सुनते ही कहा कि मैं किसी का समय नहीं बर्बाद करूंगा। यहां और ऑप्शन डी चुना उनका जवाब सही था और कुछ सेकेंड्स में उन्होंने 1 करोड़ जीत लिया। सेकेंडों में जवाब देने से न सिर्फ अमिताभ बच्चन बल्कि वहां मौजूद ऑडियंस भी दंग रह गए। इसके साथ ही उन्हें एक कार भी मिली है। बिप्लव की ज्ञान और समझदारी से प्रभावित होकर अमिताभ बच्चन ने उन्हें अपने परिवार सहित घर पर डिनर के लिए आमंत्रित किया। सबसे रोमांचक पल तब आया जब 1 करोड़ रुपये का सवाल सामने आया। सवाल था – स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी को फ्रांस से अमेरिका ले जाने वाले जहाज का नाम क्या था? बिप्लव ने बिना एक पल गंवाए कहा, “मैं किसी का समय बर्बाद नहीं करना चाहता, मैं ऑप्शन D के साथ जाता हूं।” उनका जवाब ‘इसेयर’ सही निकला। सेकंडों में इतनी तेजी से जवाब देने पर अमिताभ बच्चन हैरान रह गए। बिप्लब ने बताया कि उन्हें जहाज के स्टीयरमैन का नाम भी याद है।