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रायपुर: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने द्वितीय नेशनल होम्योपैथिक सेमिनार का शुभारंभ किया

रायपुर : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने द्वितीय नेशनल होम्योपैथिक सेमिनार का किया शुभारंभ देश भर से आए विशेषज्ञ कैंसर तथा अन्य बीमारियों के उपचार पर करेंगे दो दिनों तक मंथन रायपुर होम्योपैथिक रिसर्च एंड डेवलपमेंट एसोसिएशन रायपुर द्वारा आयोजित द्वितीय नेशनल होम्योपैथिक सेमिनार का आयोजन 13 से 14 दिसंबर तक रायपुर में किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने शनिवार को इस सेमिनार का शुभारंभ किया। सेमिनार में होम्योपैथी के माध्यम से कैंसर उपचार की संभावनाओं सहित विभिन्न विषयों पर दो दिनों तक गहन चर्चा होगी। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने द्वितीय नेशनल होम्योपैथिक सेमिनार का किया शुभारंभ कार्यक्रम में डायरेक्टर आयुष सुसंतन देवी जांगड़े, आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पी.के. पात्रे, एम.ए.आर.बी.एच. के प्रेसिडेंट डॉ. आनंद चतुर्वेदी, रजिस्ट्रार आयुष डॉ. संजय शुक्ला, डॉ. विजय शंकर मिश्र, डॉ. जे. पी. शर्मा सहित प्रदेश और देश के वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक एवं विशेषज्ञ शामिल हुए। सेमिनार को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा के क्षेत्र में होम्योपैथी का भविष्य में बड़ा योगदान होने वाला है। अनुभव और ज्ञान से ही मनुष्य ताकतवर बनता है, इसलिए होम्योपैथी के युवा चिकित्सकों को अपने वरिष्ठ और अनुभवी चिकित्सकों से सीख लेकर इस विद्या को आगे बढ़ाना चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़े केंद्र के रूप में उभर रहा है। पहले लोग इलाज के लिए राज्य से बाहर जाते थे, लेकिन अब प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर लोगों का भरोसा बढ़ा है। आसपास के राज्यों से भी मरीज इलाज के लिए छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। यहां मेडिकल टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं और रायपुर विश्व की टॉप 10 संभावनाशील शहरों में शामिल हो रहा है। उन्होंने बताया कि रायपुर में योग एवं नेचुरोपैथी कॉलेज खोला जा रहा है। साथ ही नव रायपुर में 5 हजार बेड की मेडिसिटी स्थापित करने की योजना पर भी कार्य चल रहा है। सरकार का उद्देश्य लोगों का विश्वास जीतना है और सभी चिकित्सा पद्धतियों को समान महत्व दिया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में होम्योपैथी का भविष्य उज्ज्वल है। सरकार आपके सुझावों को सुनेगी और उन्हें लागू करने का हरसंभव प्रयास करेगी।

महासमुंद : धान खरीदी केंद्रों में अव्यवस्था पर तीन प्राधिकृत अधिकारी पद से पृथक

महासमुंद जिला महासमुंद में धान खरीदी व्यवस्था को लेकर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह द्वारा लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में 12 दिसंबर को कलेक्टर लंगेह द्वारा धान खरीदी केंद्र मोंगरापाली एवं धान खरीदी केंद्र गांजर का निरीक्षण किया गया। वहीं 11 दिसंबर को धान खरीदी केंद्र केवां का भी निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान तीनों धान खरीदी केंद्रों में गंभीर अव्यवस्था पाई गई। धान की स्टेकिंग सुव्यवस्थित तरीके से नहीं की गई थी, जिससे खरीदी व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। इसके साथ ही नए एवं पुराने बारदानों में समिति का मार्का एवं स्टेंसिल भी निर्धारित मानकों के अनुसार सही तरीके से अंकित नहीं पाया गया। मिलर द्वारा प्रदाय किए गए बारदानों की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं पाई गई। इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित समितियों के प्राधिकृत अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित मोंगरापाली के प्राधिकृत अधिकारी गुलशन बघेल, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित गांजर के प्राधिकृत अधिकारी पुनितराम सिन्हा तथा प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित रिसीकेला के प्राधिकृत अधिकारी नेपाल साहू को उनके पद से पृथक करने की कार्यवाही की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए है कि धान खरीदी केंद्रों में शासन के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। धान की स्टेकिंग, बारदानों की गुणवत्ता एवं मार्किंग में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण आगे भी जारी रहेगा तथा अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का संदेश: दो वर्षों में छत्तीसगढ़ ने देखा विकास और स्थिरता का नया दौर

रायपुर  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपनी सेवायात्रा के दो वर्ष पूरे होने पर जनता को संबोधित करते हुए कहा कि यह समय केवल शासन का नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण का रहा। उन्होंने बताया कि इन दो वर्षों में सरकार ने हर वर्ग और क्षेत्र के लोगों तक विकास की किरण पहुँचाने का प्रयास किया है। मुख्यमंत्री का संदेश:  प्रिय छत्तीसगढ़वासी भाइयों और बहनों, जय जोहार आज जब मैं सेवायात्रा के दो वर्ष पूरे कर रहा हूँ, तो मन अपार भावनाओं से भर गया है। यह दो वर्ष मेरे जीवन के सबसे महत्वपूर्ण वर्ष रहे , क्योंकि यह समय केवल शासन का नहीं, सेवा और समर्पण का था। आपके साथ चलने का, आपकी मुस्कान में अपने दायित्व का प्रतिबिंब देखने का अवसर मिला। इन दो वर्षों में हमने छत्तीसगढ़ के हर कोने में विकास का दीप जलाने की कोशिश की है। हमने किसानों की मेहनत को सम्मान देने के लिए सुविधाएँ बढ़ाईं, जिससे उनकी उपज का पूरा मूल्य समय पर मिल सके। युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए नई भर्तियों, प्रशिक्षण और औद्योगिक अवसरों के द्वार खोले गए। आदिवासी अंचलों में शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़कों का ऐसा जाल बिछाया गया जिससे विकास की रोशनी उन इलाकों तक पहुँचे जहाँ पहले उम्मीदें धुंधली थीं। हमारी बहनों के लिए सुरक्षा और सम्मान की दिशा में नए कदम उठाए गए ताकि हर घर में आत्मविश्वास और स्वावलंबन का वातावरण बने। इन सभी प्रयासों के बीच सबसे बड़ा परिवर्तन यह हुआ कि शासन अब जनता के द्वार पर है। प्रशासन और लोगों के बीच जो दूरी कभी रही, वह अब सहभागिता में बदल रही है। मुझे गर्व है कि छत्तीसगढ़ आज विश्वास और स्थिरता के एक नए अध्याय की ओर बढ़ रहा है। भविष्य के लिए हमारी प्रतिबद्धता और भी सशक्त है। आने वाले वर्षों में हम शिक्षा, रोजगार, कृषि और ग्रामीण विकास पर और तीव्र गति से काम करेंगे। हमारा लक्ष्य है ऐसा छत्तीसगढ़, जो आत्मनिर्भर हो, जहाँ हर युवा को अवसर मिले, किसान को गर्व हो और हर नागरिक को यह विश्वास हो कि उसका शासन उसके साथ खड़ा है।* प्रिय जनों, यह यात्रा अभी लंबी है और मंज़िल बड़ी। मैं आप सबसे यही अपेक्षा करता हूँ कि इस विकास यात्रा में अपने सुझावों, अपने परिश्रम और अपने विश्वास से हमारा मार्ग रोशन करते रहें। आपकी आस्था ही हमारी शक्ति है, और आपका सहयोग ही छत्तीसगढ़ के सुनहरे भविष्य की गारंटी। – विष्णु देव साय मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन

सूरजपुर : समग्र शिक्षा एवं पीएमश्री निर्माण कार्य की समीक्षा संपन्न, सीईओ ने लापरवाह एजेंसी को दी सख्त चेतावनी

सूरजपुर कलेक्टर श्री एस जयवर्धन के निर्देश पर जिले के पीएमश्री एवं समग्र शिक्षा के निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक जिला पंचायत सीईओ श्री विजेन्द्र सिंह पाटले के अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में संपन्न हुई। सभी निर्माण एजेंसी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, क्रेड़ा, गृह निर्माण मंडल, जनपद पंचायत, नगर पालिका के अधिकारी  एवं बीआरसीसी उपस्थित हुए। समग्र के 65प्रगतिरत एवं 15 नॉट स्टार्ट निर्माण कार्य, पीएम श्री के 40 ले आउट/प्रगतिरत निर्माण कार्य स्कूलवार, जनपद पंचायतवार एवं एजेंसीवाइस एक एक कार्यों की समीक्षा की गई। सीईओ ने स्कूलों के बायो, फिजिक्स एवं केमेस्ट्री लैब का अभी तक पूर्ण नहीं होने पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए निर्माण की गति धीमी होना पाए जाने पर  गहरी नाराजगी जताया। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को सख्त लहजे में चेतावनी  देते हुए कहा कि समय सीमा पर कार्य नहीं करने वाले संबंधित ठेकेदारों को काम से हटाने एवं ब्लेक लिस्ट करें। डीएमसी समग्र शिक्षा सूरजपुर ने बताया कि छः माह पूर्व ही संबंधित एजेंसियों को 40से 50 प्रतिशत राशि दिया जा चुका है।विदित हो कि राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा से स्कूलों के सभी निर्माण कार्यों को पूर्ण करने के लिए जिलों की मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि इसका लाभ छात्रों को जल्द से जल्द मिल सके।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का दावा: शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से तेजी से प्रगति कर रहा है छत्तीसगढ़

रायपुर : शासन के 2 वर्ष : जनविश्वास से जनकल्याण तक – शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से समग्र विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शासन के 2 वर्ष : जनविश्वास से जनकल्याण तक रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वर्तमान सरकार के 2 वर्ष पूर्ण होने पर न्यू सर्किट हाउस सिविल लाइन्स में आयोजित प्रेसवार्ता में राज्य सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करते हुए कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और उनकी गारंटियों पर विश्वास जताते हुए छत्तीसगढ़ की जनता ने जो सेवा का अवसर दिया, उसे सरकार ने पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ निभाया है। दो वर्षों में जनता का भरोसा और अधिक सशक्त हुआ है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार के गठन के दूसरे ही दिन 18 लाख से अधिक जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी गई। किसानों के लिए 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी जारी है, जिससे खेती को लाभ का व्यवसाय बनाया गया है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण के लिए महतारी वंदन योजना एक ऐतिहासिक पहल बनी। लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता दी जा रही है। डीबीटी के माध्यम से अब तक 22 किस्तों में 14 हजार 306 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज और वनोपज संग्राहकों के हित में तेंदूपत्ता पारिश्रमिक 4000 से बढ़ाकर 5500 रुपये किया गया है। 13 लाख परिवारों को इसका लाभ मिल रहा है। चरणपादुका योजना पुनः प्रारंभ की गई है तथा 73 लाख गरीब परिवारों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए पारदर्शी भर्ती व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। पीएससी घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपी गई, प्रतियोगी परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर लागू हुआ और आयु सीमा में छूट दी गई। 32 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि माओवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है। पिछले दो वर्षों में 505 नक्सली न्यूट्रलाइज, 2386 ने आत्मसमर्पण किया और 1901 गिरफ्तार हुए। सुरक्षा के साथ-साथ विकास के जरिए बस्तर को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के तहत सुदूर गांवों में राशन, आधार, आयुष्मान कार्ड, आवास, बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। बस्तर में स्कूल पुनः शुरू हुए हैं और इको-टूरिज्म, बस्तर पंडुम तथा बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन नई पहचान बना रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण हेतु श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना संचालित की जा रही है। राजिम कुंभ कल्प, बस्तर दशहरा और शक्ति पीठों के विकास को नई भव्यता दी गई है। उन्होंने कहा कि सुशासन को सुदृढ़ करने के लिए 400 से अधिक सुधार किए गए हैं। सुशासन एवं अभिसरण विभाग, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, ई-ऑफिस और डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से योजनाओं की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापार और उद्योग के लिए नई औद्योगिक नीति लागू की गई है। 231 प्रावधानों को अपराधमुक्त किया गया, जनविश्वास अधिनियम लागू हुआ और अब तक 7.83 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। लॉजिस्टिक पार्क, एयर कार्गो सुविधा और औद्योगिक पार्क स्थापित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी संग्रह में 15 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 23,454 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई है। ई-वे बिल सीमा बढ़ाने, 24×7 प्रतिष्ठान संचालन और जिलों में जीएसटी कार्यालय खोलने से व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में युक्तियुक्तकरण से शिक्षक संकट दूर किया गया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू हुई, स्मार्ट क्लास, विद्या समीक्षा केंद्र, मेडिकल कॉलेजों का विस्तार और हिंदी में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि युवाओं के कौशल विकास के लिए मॉडल आईटीआई, नवा रायपुर को एजुकेशन सिटी के रूप में विकसित करना, अत्याधुनिक लाइब्रेरी, खेलो इंडिया सेंटर और खेल प्रोत्साहन योजनाएं लागू की गई हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ में सड़क, रेल, एक्सप्रेसवे, औद्योगिक और सामाजिक अधोसंरचना का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। सरकार का संकल्प है कि विकास, सुरक्षा और सुशासन के साथ छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों की पंक्ति में स्थापित किया जाए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ में अधोसंरचना विकास को अभूतपूर्व गति मिली है। प्रदेश में 47 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है तथा खरसिया–परमालकसा रेललाइन को स्वीकृति मिल चुकी है, जिससे राज्य के प्रमुख इंडस्ट्रियल कॉरिडोर आपस में जुड़ेंगे। विशाखापट्टनम और रांची से जोड़ने वाले एक्सप्रेस-वे पर काम तेज़ी से चल रहा है। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास हेतु 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की 37 परियोजनाएं प्रगतिशील हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में एयर कनेक्टिविटी का भी व्यापक विस्तार हुआ है—अंबिकापुर एयरपोर्ट का शुभारंभ माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा किया गया, तथा बिलासपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर से नई उड़ानें शुरू हो चुकी हैं। जशपुर और बलरामपुर हवाई पट्टी के विस्तार हेतु बजट में प्रावधान किया गया है। अटल जी के छत्तीसगढ़ निर्माण के विजन के अनुरूप सरकार संस्कृति-संवर्धन पर भी विशेष ध्यान दे रही है—लोक कलाकारों के कार्यक्रमों की संख्या बढ़ाई गई है, कलाकारों की पेंशन बढ़ाई गई है तथा चित्रोत्पला फिल्म सिटी के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनहित में 200 यूनिट तक बिजली उपभोग पर सब्सिडी दी जा रही है तथा सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में केंद्र के साथ राज्य सरकार की सब्सिडी भी मिल रही है। शहरी मध्यम व निम्न वर्ग को किफायती भूखंड उपलब्ध कराने छत्तीसगढ़ किफायती जन आवास नियम बनाया गया है। जल जीवन मिशन के तहत 40 लाख से अधिक परिवारों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा चुका है और वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य हेतु अंजोर विजन दस्तावेज तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास की इस गति का लाभ हर नागरिक के जीवन में दिख रहा है; उन्होंने मीडिया के सहयोग के लिए आभार जताते हुए … Read more

कबीरधाम जिला आज विकास के नए युग में कर रहा प्रवेश – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर : कबीरधाम में चिकित्सा सुविधाओं के एक नए युग का सूत्रपात कबीरधाम जिला आज विकास के नए युग में कर रहा प्रवेश – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मेडिकल कॉलेज निर्माण स्थल पर शिला-स्थापना कर जिले को दी ऐतिहासिक सौगात मुख्यमंत्री ने कवर्धा में पंचमुखी बूढ़ा महादेव रिवर फ्रंट निर्माण और रवेली में महाविद्यालय की घोषणा की मुख्यमंत्री साय ने स्व सहायता समूहों को 7 करोड़ 78 लाख रुपये की राशि का चेक वितरण किया रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज कबीरधाम जिले के नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के निर्माण स्थल पर शिला-स्थापना कर जिले को एक ऐतिहासिक सौगात दी। इसके साथ ही जिले में चिकित्सा सुविधाओं के एक नए युग का सूत्रपात हुआ। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा विशेष रूप से उपस्थित थे। शिला-स्थापना के साथ ही कबीरधाम जिले के स्वास्थ्य मानचित्र में विकास का एक नया अध्याय जुड़ गया है। मेडिकल कॉलेज की स्थापना से जिले का स्वास्थ्य ढांचा और अधिक सुदृढ़ होगा। विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी, आधुनिक चिकित्सा सुविधाएँ विकसित होंगी तथा आम जनता को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ स्थानीय स्तर पर ही सुलभ हो सकेंगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की मांग पर कवर्धा में पंचमुखी बूढ़ा महादेव रिवर फ्रंट निर्माण तथा रवेली में महाविद्यालय की घोषणा की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कबीरधाम जिले में नए शासकीय मेडिकल कॉलेज भवन की शिला-स्थापना को ऐतिहासिक बताते हुए जिलेवासियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बीते 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। राज्य गठन के बाद सड़क, बिजली, पानी और शिक्षा जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रायपुर प्रवास के दौरान मेडिकल कॉलेज भवन का भूमि-पूजन किया था और आज उसी क्रम में इसकी शिला-स्थापना संपन्न हुई है। लंबे समय से लंबित इस मांग के पूर्ण होने से लोगों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में कवर्धा जिले के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती मिली है। सीटी स्कैन और क्रिटिकल केयर यूनिट जैसी सुविधाओं की स्थापना से इलाज और अधिक सुलभ हुआ है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार जन-जन तक स्वास्थ्य सुविधाओं की सुलभ पहुँच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि आज प्रदेश सरकार के दो वर्ष पूर्ण हो रहे हैं तथा छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में राज्यभर में रजत जयंती महोत्सव मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 नवंबर को प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रायपुर आए थे, जहाँ उन्होंने नए विधानसभा भवन एवं ट्राइबल म्यूजियम का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय जनजातीय शौर्य और महापुरुषों के बलिदान की स्मृतियों से समृद्ध है, जिसे सभी को अवश्य देखना चाहिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी के अनुरूप सभी कार्य समयबद्ध रूप से पूरे किए जा रहे हैं। किसानों के हितों की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि लगातार तीसरे वर्ष प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर की जा रही है। मुख्यमंत्री ने रामलला दर्शन योजना तथा तेंदूपत्ता की दर 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा किए जाने जैसे निर्णयों को किसानों और वनांचल के हित में उठाए गए महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि कवर्धा क्षेत्र में बड़ी संख्या में बैगा एवं अन्य जनजातीय समाज निवास करते हैं, जिनके सर्वांगीण विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा पीएम जनमन योजना प्रारंभ की गई है। यह योजना विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए समर्पित है। मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वदेश दर्शन योजना के तहत भोरमदेव विकास के लिए 146 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है, जिससे यह क्षेत्र राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान प्राप्त करेगा। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने शिला-स्थापना समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन कवर्धा के इतिहास में अभूतपूर्व और गौरवपूर्ण है। यह ऐसा क्षण है, जो स्वर्णाक्षरों में दर्ज रहेगा। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद कवर्धा जिले के गठन से लेकर अब तक अनेक महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं, किंतु मेडिकल कॉलेज की स्थापना जैसा ऐतिहासिक दिन जीवन में एक बार ही आता है। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रदेश में किसानों का सम्मान सर्वोपरि है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत माताओं-बहनों को प्रतिमाह 1 हजार रुपये की राशि सीधे उनके खातों में दी जा रही है, जिससे परिवारों को आर्थिक मजबूती मिली है। उन्होंने मुख्यमंत्री साय की दूरदर्शिता की सराहना करते हुए कहा कि कवर्धा को मिली विकास योजनाओं से जिले की दिशा और दशा तेजी से बदली है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि कवर्धा जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना हम सभी के लिए ऐतिहासिक सौगात है, जो जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के नए आयाम खोलेगी। उन्होंने बताया कि जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 4.5 करोड़ रुपये की लागत से सीटी स्कैन सेवा प्रारंभ की गई है और अब तक 814 सीटी स्कैन किए जा चुके हैं। जिला अस्पताल की क्षमता 100 बिस्तरों से बढ़ाकर 220 बिस्तर कर दी गई है तथा 50 क्रिटिकल केयर बेड स्थापित किए गए हैं। पिपरिया और बोड़ला में सोनोग्राफी मशीनें लगाई गई हैं। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि नया मेडिकल कॉलेज 40 एकड़ परिसर में निर्मित किया जाएगा तथा 50 सीटों के साथ मेडिकल कॉलेज की पढ़ाई प्रारंभ करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। मेडिकल कॉलेज तक सुगम पहुँच के लिए घोटिया मार्ग एवं गौरव पथ मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि जिले में जगमड़वा जलाशय, बड़ौदा खुर्द एवं रामपुर बरेंडा जलाशय सहित कई महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। विद्युत विभाग की 3.30 करोड़ रुपये की परियोजना के अंतर्गत 2 हजार से अधिक ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं तथा 8 नए सब-स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि पीडब्ल्यूडी की 24 सड़कों, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 28 सड़कों तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क … Read more

रायपुर: छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की 85वीं बोर्ड बैठक संपन्न, विलंबित ब्याज और वॉटर चार्जेस पर 50% छूट”

रायपुर : छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की 85वीं बोर्ड बैठक सम्पन्न विलंबित ब्याज एवं वॉटर चार्जेस पर सरचार्ज में 50% छूट रायपुर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की 85वीं बोर्ड बैठक आज नवा रायपुर स्थित हाउसिंग बोर्ड मुख्यालय में अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में आमजन को राहत पहुंचाने वाले कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने बताया कि हाउसिंग बोर्ड की स्ववित्तीय एवं भाड़ाक्रय श्रेणी में मकान प्राप्त करने वाले अनेक हितग्राही लंबे समय से अपनी किश्तें निर्धारित समय पर जमा नहीं कर पा रहे थे, जिसके कारण उन पर विलंबित अवधि का भारी ब्याज लग रहा था। हितग्राहियों की लंबे समय से चल रही मांग को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने निर्णय लिया है कि यदि हितग्राही अपनी संपूर्ण बकाया राशि एकमुश्त जमा करते हैं तो उन्हें विलंबित अवधि के ब्याज में 50 प्रतिशत छूट प्रदान की जाएगी। यह निर्णय सीधे तौर पर हजारों हितग्राहियों को आर्थिक राहत देगा। उन्होंने बताया कि जलप्रदाय शुल्क (वॉटर चार्जेस) का भुगतान समय पर नहीं करने पर लगने वाला सरचार्ज भी हितग्राहियों के लिए परेशानी का कारण था। बोर्ड ने इस विषय पर भी बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की है कि हाउसिंग बोर्ड की संपत्तियों पर लंबित वॉटर चार्जेस को यदि हितग्राही एकमुश्त जमा करते हैं तो उन पर भारित सरचार्ज में 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि हाउसिंग बोर्ड द्वारा विक्रय/आबंटित संपत्तियों के विक्रय विलेख के निष्पादन के साथ ही हितग्राहियों को उनका भौतिक कब्जा प्रदान कर दिया जाएगा, जिससे प्रक्रिया और पारदर्शी एवं सरल हो जाएगी। बैठक में हाल ही में BTI ग्राउंड, शंकर नगर रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय आवास मेले की सफलता पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के नेतृत्व में आयोजित इस मेले में 2060 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया था। मेले के दौरान 1477 मकानों के विरुद्ध लगभग 3500 आवेदन प्राप्त हुए, जिनका कुल मूल्य करीब 303 करोड़ रुपए है। आवेदन संख्या पर्याप्त होने पर लगभग 11 योजनाओं के लिए 15 दिनों के भीतर निविदा आमंत्रित कर निर्माण कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद टेक्निकल यूनिवर्सिटी, भिलाई द्वारा प्रदेश में उत्कृष्ट निर्माण कार्य करने के लिए छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया है। बैठक में आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण, विशेष सचिव आवास एवं पर्यावरण विभाग श्री डी.एस. भारद्वाज, विशेष सचिव वित्त विभाग श्रीमती शीतल शाश्वत, लोक निर्माण विभाग के प्रतिनिधि श्री जी.आर. रावटे, हुडको के क्षेत्रीय प्रमुख श्री के. सुरेश कुमार, नगर एवं ग्राम निवेश आयुक्त सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से छत्तीसगढ़ मखाना बोर्ड का हिस्सा, 40 प्रतिशत अनुदान पर मखाना खेती को बढ़ावा

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयास से छत्तीसगढ़ मखाना बोर्ड में शामिल प्रदेश में मखाना की खेती को मिलेगा प्रोत्साहन  मखाना की खेती पर 40 और प्रसंस्करण यूनिट लगाने पर 50 प्रतिशत अनुदान  रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से प्रदेश में मखाना की खेती को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ को मखाना बोर्ड में शामिल किया गया है। इस ऐतिहासिक फैसले से राज्य में मखाना की खेती कर रहे किसानों को नई दिशा और मजबूती मिलेगी। गौरतलब है कि हाल ही में धमतरी जिले में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय  कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ में मखाना की खेती के प्रयासों को देखते हुए मखाना बोर्ड के गठन की घोषणा की है। राज्य में हो रहे मखाने के उत्कृष्ट उत्पादन पर केन्द्रीय मंत्री चौहान ने प्रसन्नता भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि मखाना बोर्ड के माध्यम से किसानों को वैज्ञानिक खेती, जल प्रबंधन, प्रसंस्करण तकनीक और बाजार तक पहुच में सहायता दी जाएगी। इसी तारतम्य में कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव श्रीमती शहला निगार की अध्यक्षता में आज मिशन फार इंटिग्रेटेड डेव्हलपमेंट आफ हार्टिकल्चर अंतर्गत राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक सम्पन्न हुई।  बैठक में संचालक उद्यानिकी लोकेश कुमार ने बताया कि भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 से सेंट्रल सेक्टर स्कीम फॉर डेवलपमेंट ऑफ़ मखाना प्रांरभ किया गया है। इस योजना में शत प्रतिशत केन्द्रीय अनुदान दिये जाने का प्रावधान है। योजना के तहत वर्ष 2025-26 में आगामी 4 माह हेतु 180 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की गयी है। योजना के तहत तालाब में मखाना की खेती करने वाले किसानों को राशि 1.79 लाख रूपए की इकाई लागत के विरुद्ध 40 प्रतिशत की राशि 72000 रूपए का अनुदान देने का प्रावधान है। इसी तरह स्वयं के खेत में मखाना उत्पादन करने वाले कृषकों को राशि 1.32 लाख रूपए की इकाई लागत के विरुद्ध 40 प्रतिशत की राशि 53000 रूपए का अनुदान देने का प्रावधान है। साथ ही नए तालाब के निर्माण पर राशि 7.00 लाख की इकाई लागत के विरुद्ध 40 प्रतिशत  राशि .2.80 लाख का अनुदान देने का प्रावधान है। मखाना के प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन हेतु माइक्रो लेवल मखाना प्रसंस्करण इकाई के स्थापना बाबत इकाई लागत राशि 10 लाख रूपए पर 35 प्रतिशत का अनुदान दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इसी तरह एफपीओ हेतु स्माल लेवल मखाना प्रसंस्करण इकाई के स्थापना बाबत इकाई लागत राशि 39 लाख रूपए पर 50 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है तथा निजी क्षेत्र हेतु इकाई लागत राशि 39 लाख रूपए पर 35 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है। लार्ज लेवल मखाना प्रसंस्करण इकाई के स्थापना बाबत इकाई लागत राशि 07 करोड़ रूप्ए पर 35 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है। मखाना की खेती को बढ़ावा देने हेतु योजना के तहत किसानों को प्रशिक्षण देने के साथ ही एक्पोजर विजिट भी कराया जा रहा है। मखाना खेती को प्रेरित करने हेतु इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय तथा महात्मा गाँधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय द्वारा मखाने की उत्कृष्ट खेती का प्रदर्शन भी किया जा रहा है।   

अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम से छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव की मुलाकात

नवा रायपुर  नवा रायपुर अटल नगर निवास कार्यालय में 6 बार के विश्व चैंपियन एवं ओलंपिक पदक विजेता, पदम् विभूषण से सम्मानित अंतरराष्ट्रीय महिला मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम जी से छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव से सौजन्य भेंट हुई । इस दौरान उनकी मुलाकात में बस्तर ओलंपिक के आयोजन पर सकारात्मक चर्चा हुई, और अनुभव साझा किए गए । साथ ही छत्तीसगढ़ के युवाओं के खेल में सुधार के लिए हर संभव मदद की बात भी की गई ।   मैरी कॉम जी ने बस्तर ओलंपिक के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि दूरस्थ गांवों से पहुंचे युवाओं को देख उनकी पुरानी यादें ताजा हो गई। सरकार खेल को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। आगामी समय में प्रदेश को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मेडल जरूर मिलेगा।

रायपुर : आत्मनिर्भरता, खुशहाली और ग्रामीण प्रेरणा की अद्भुत मिसाल

रायपुर : आत्मनिर्भरता, खुशहाली और ग्रामीण प्रेरणा की अद्भुत मिसाल मनरेगा की डबरी से बदली रमेश की जिंदगी सब्जी उत्पादन और मछली पालन से आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर, गांव के लिए बने प्रेरणास्रोत रायपुर महात्मा गांधी नरेगा के डबरी निर्माण ने ग्राम पंचायत रेगड़ा के पट्टाधारी किसान रमेश के जीवन में नई आशाएं जगाई है। सिंचाई, मछली पालन और सब्जी उत्पादन से उनकी आय बढ़ी। पानी की कमी से जूझता जीवन अब खुशहाली में बदल रहा है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।           रायगढ़ जिले के ग्राम पंचायत रेगड़ा के वन अधिकार पट्टाधारी किसान रमेश के जीवन में मनरेगा के तहत निर्मित डबरी ने वह बदलाव लाया जिसकी उन्हें वर्षों से तलाश थी। पहले रमेश की खेती पूरी तरह वर्षा पर आधारित थी, जिससे उत्पादन सीमित होता था और आय भी अनिश्चित रहती थी। कठिन परिश्रम करने के बावजूद परिवार की आजीविका पर हमेशा संकट बना रहता था। परंतु मनरेगा के माध्यम से उनके खेत में कराए गए डबरी निर्माण कार्य ने उनकी जिंदगी की दिशा ही बदल दी। कठिन मिट्टी और चट्टानों से भरे क्षेत्र में डबरी बनाना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन तकनीकी सहायक, रोजगार सहायक और मेट के मार्गदर्शन में कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया गया। इस प्रक्रिया में 652 मानव दिवस सृजित हुए, जिससे ग्रामीणों को तात्कालिक रोजगार और आय का अवसर मिला। डबरी निर्माण से स्थायी आजीविका स्रोत       डबरी निर्माण के बाद रमेश के खेत में वर्षभर सिंचाई उपलब्ध हो गई। इसका प्रत्यक्ष लाभ उन्हें खेती में मिला। अब उनके खेत में धान, मूंगफली, तरबूज, केला तथा विविध सब्जियों का उत्पादन होने लगा है। इससे न केवल उनके कृषि उत्पादन में वृद्धि हुई, बल्कि अतिरिक्त आय का मार्ग भी खुला। साथ ही डबरी में मछली पालन की शुरुआत ने उन्हें एक और स्थायी आजीविका स्रोत प्रदान किया। डबरी निर्माण से खुशहाली और आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ रहा है रमेश     मनरेगा के प्रभावी क्रियान्वयन ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि सरकारी योजनाओं को ईमानदारी और सही दिशा में लागू किया जाए, तो ग्रामीण जीवन में स्थायी बदलाव संभव है। आज रमेश का परिवार आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रहा है और उनकी तरक्की की कहानी पूरे गांव के लिए प्रेरणा बन चुकी है। ग्राम पंचायत रेगड़ा में निर्मित यह डबरी आज रोजगार, विकास और समृद्धि का नया प्रतीक है। रमेश गर्व से कहते हैं “डबरी ने हमारे जीवन में स्थायी खुशहाली और आत्मनिर्भरता की नई राह खोल दी है।”