samacharsecretary.com

छत्तीसगढ़ प्रकृति, संस्कृति और प्रगति का संगम प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष पर जनसंपर्क विभाग द्वारा “छत्तीसगढ़ प्रकृति, संस्कृति और प्रगति का संगम” थीम पर 25 वर्षों की विकास यात्रा को दर्शाने वाली प्रदर्शनी नवा रायपुर अटल नगर स्थित राज्योत्सव स्थल पर लगाई गई है। यह प्रदर्शनी विद्यार्थियों , नागरिकों और आगंतुकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। प्रदर्शनी में कृषक उन्नति योजना, महतारी वंदन योजना, रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया, तेंदूपत्ता संग्राहकों के पारिश्रमिक में वृद्धि, चरण पादुका योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और घर-घर निर्मल जल अभियान जैसी योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की गई है। अंजोर विज़न 2047” के माध्यम से छत्तीसगढ़ के विकास की दिशा, जनकल्याणकारी पहलों और नई संभावनाओं की जीवंत झलक दिखाई गई है।  कबीरधाम, राजिम, रायपुर और फिंगेश्वर से आए छात्र-छात्राओं एवं नागरिकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर राज्य की विकास गाथा की सराहना की। जनसम्पर्क विभाग की प्रदर्शनी में राज्य सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों से जुड़ी प्रचार सामग्री, पुस्तिकाएँ और ब्रोशर निःशुल्क वितरित किए जा रहे हैं। इनसे लोग जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास पहलों की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं तथा अपने साथ ले जाकर अन्य लोगों को भी जागरूक कर रहे हैं।

बलौदाबाजार : राज्योत्सव 2025 : दूसरी शाम रंग झरोखा की प्रस्तुति ने बांधा शमा, कठपुतली नृत्य ने खूब बटोरी तालियां

बलौदाबाजार छत्तीसगढ़ रजत जयंती अंतर्गत जिला स्तरीय तीन दिवसीय राज्योत्सव का आयोजन जिला प्रशासन द्वारा पंडित चक्रपाणी शुक्ल शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल मैदान में किया जा रहा है।  आयोजन क़े दूसरे दिन सांस्कृतिक संध्या में भिलाई क़े "रंग सरोवर" छत्तीसगढ़ की पुरातन व पारंपरिक शैलियों की झलकियां  में  भूपेन्द्र साहू एवं साथी कलाकारों द्वारा प्रस्तुत गीत, संगीत एवं नृत्य ने शमा बांधा। दर्शक अंतिम प्रस्तुति तक डटे रहे। सांस्कृतिक कार्यक्रम में बिलासपुर की किरण मोईतरा द्वारा कठपुतली कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई जिसमें बड़े एवं  छोटे आकार क़े कठपुतलियों क़े  द्वारा नशामुक्ति का सन्देश एवं सुआ नृत्य  ने खूब तालियां बटोरी। इसके साथ ही झाँपी लोक सांस्कृतिक संस्था करमदा एवं सुर ओ चन्दम  बलौदाबाजार के कलाकारों ने भी दिलकश प्रस्तुति दी। कार्यक्रम क़े दौरान कलेक्टर दीपक सोनी, डी एफ ओ गणवीर धम्मशील एवं सी ई ओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल ने  स्वामित्व योजना अंतर्गत किसानों को स्वामित्व कार्ड, टीबी मुक्त एवं बाल विवाह मुक्त पंचायत को प्रशस्ति पत्र, हम होंगे कामयाब क़े तहत युवाओं क़ो प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम के कलाकारों को सम्मानित भी किया गया।

छत्तीसगढ़ बन रहा है टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का नया पावर सेंटर – मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज नया रायपुर स्थित मेफेयर होटल में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ टेक स्टार्ट’ कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘टेक स्टार्ट’ का यह आयोजन राज्य में नवाचार और तकनीकी उद्यमिता को नई दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस अवसर पर उन्होंने ‘आइडियाथॉन 2025’ के विजेताओं को सम्मानित किया और छत्तीसगढ़ शासन के साथ पार्टनरशिप एक्सचेंज करने वाली इकाइयों को एग्रीमेंट पत्र सौंपे। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित तकनीकी क्षेत्र के विशेषज्ञों, उद्यमियों एवं प्रबुद्धजनों को रजत जयंती वर्ष की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे विजनरी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सदैव बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया है। उनके ‘विकसित भारत’ के संकल्प से प्रेरणा लेते हुए राज्य सरकार ने वर्ष 2047 तक ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का लक्ष्य तय किया है, जिसके लिए विजन डॉक्यूमेंट भी तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज भारत में लाखों स्टार्टअप कार्यरत हैं, जिनमें से अनेक यूनिकॉर्न बन चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी युवाओं की उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की अद्भुत क्षमता रखते हैं। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथैरेपिस्ट हैं, वहीं स्क्वाड्रन लीडर गौरव पटेल नया रायपुर एयरो शो में फाइटर प्लेन उड़ाकर राज्य का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस और सिंगल विंडो सिस्टम को सशक्त करते हुए 350 से अधिक सुधार किए हैं, जिससे छत्तीसगढ़ निवेश के लिए देश के सबसे आकर्षक राज्यों में शामिल हो गया है। औद्योगिक विकास के साथ-साथ आईटी और आईटीईएस सेक्टर में भी राज्य तीव्र गति से प्रगति कर रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में आयोजित ‘आइडियाथॉन 2025’ में प्रदेशभर से 1800 से अधिक स्टार्टअप आइडिया प्राप्त हुए, जिनमें दूरस्थ अंचलों के युवाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन नवाचारों को मंच, मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि रायपुर को आईटी और तकनीकी सेवाओं का केंद्र बनाने की दिशा में कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। एआई डेटा सेंटर पार्क और सेमीकंडक्टर प्लांट जैसी परियोजनाएं भी साकार हो रही हैं। श्री साय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब तक राज्य सरकार को साढ़े सात लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने राज्य में तीव्र आर्थिक गतिविधियों और युवाओं के लिए रोजगार सृजन के बढ़ते अवसरों पर भी विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों से कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आपके साथ चट्टान की तरह खड़ी है। अपनी मेहनत और प्रतिभा को वैश्विक स्तर पर ले जाने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि आप सभी की सफलता ही छत्तीसगढ़ का गौरव बनेगी। मुख्य सचिव श्री विकास शील ने कहा कि नई औद्योगिक नीति 2024 का उद्देश्य उद्यमिता को बढ़ावा देना और विजन 2047 के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि इस नीति में नवाचार, निवेश, रोजगार और स्टार्टअप के अवसरों को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने ई-वेस्ट मैनेजमेंट, राइजिंग सेक्टर और स्किल डेवलपमेंट जैसे उभरते क्षेत्रों में कार्य करने की आवश्यकता बताई तथा उद्यमियों से अपने सुझाव साझा करने का आग्रह किया मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार युवाओं और उद्यमियों के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ को तकनीकी और औद्योगिक विकास का हब बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि उद्यमियों और शासन के मध्य संवाद केवल विशेष अवसरों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि निरंतर होना चाहिए ताकि विचारों का आदान-प्रदान सतत रूप से होता रहे। मुख्यमंत्री ने ‘आइडियाथॉन 2025’ के विजेताओं को किया सम्मानित मुख्यमंत्री श्री साय ने टेक स्टार्ट कार्यक्रम के दौरान हाल ही में आयोजित ‘आइडियाथॉन 2025’ के विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया। उन्होंने युवाओं द्वारा प्रस्तुत नवाचारी सृजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि जब युवा नवाचार से जुड़ते हैं, तो यह अत्यंत सुखद होता है और तकनीकी भविष्य को मजबूती प्रदान करता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एनआईटी रायपुर, रुंगटा बिजनेस इनक्यूबेटर और आईजीकेवीआर को इनक्यूबेटर के रूप में उत्कृष्ट कार्य हेतु सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने आइडियाथॉन 2025 में दिव्यांगजनों के लिए स्मार्ट बैंड के आइडिया के लिए आदर्श वर्मा को प्रथम पुरस्कार, सड़क किनारे पौधों की सुरक्षा हेतु ‘अटल कवच ट्री गार्ड’ के लिए जागृति और नरेंद्र शर्मा को द्वितीय पुरस्कार तथा स्मार्ट सुरक्षा हेलमेट के आइडिया के लिए अथर्व दुबे को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया। उन्होंने निपुण वर्मा और अनुष्का सोनकर को भी उनके नवाचारी विचारों के लिए सम्मानित किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एग्रोफेब सस्टेनेबल स्टार्टअप के लिए करण चंद्राकर, वर्टेक्स सुइट के लिए सजल मल्होत्रा और लैरक एआई के लिए अमित पटेल को सम्मानित किया। राज्य सरकार के साथ ‘पार्टनरशिप एक्सचेंज’ हेतु समझौता पत्र सौंपे मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में माइटी स्टार्टअप हब, नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन, वाधवानी फाउंडेशन, नैस्कॉम फाउंडेशन, स्टार्टअप मिडिल ईस्ट, कार्व स्टार्टअप लैब और छत्तीसगढ़ शासन के मध्य पार्टनरशिप एक्सचेंज के लिए समझौता पत्र भी वितरित किए। एआई आधारित नवाचारों का अवलोकन – युवाओं का उत्साहवर्धन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एआई (Artificial Intelligence) आधारित नवाचार स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्टार्टअप टीमों द्वारा विकसित मॉडलों, तकनीकों और अनुप्रयोगों की बारीकी से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने युवा नवाचारकर्ताओं द्वारा तैयार किए गए समाधान, सॉफ्टवेयर, ऐप्लिकेशन और तकनीकी मॉडलों को देखकर उनकी उद्यमशीलता एवं शोध-क्षमता की सराहना की। निरीक्षण के दौरान उपस्थित युवा उद्यमियों ने अपने प्रोजेक्ट्स की उपयोगिता, बाज़ार संभावनाओं और भविष्य की योजनाओं की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। मुख्यमंत्री ने सभी युवाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे निरंतर नई तकनीक के साथ वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी पहचान बनाएँ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, निवेश आयुक्त श्रीमती ऋतु सैन, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, डीजी एसटीपीआई श्री अरविंद कुमार, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, संचालक उद्योग श्री प्रभात मलिक, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की उप सचिव सुश्री रेना … Read more

जगदलपुर: माओवाद छोड़ नई शुरुआत, वर्दी की जगह होटल की यूनिफॉर्म पहन नई जिंदगी

30 आत्मसमर्पित माओवादी सदस्यों को दिया जा रहा अतिथि सत्कार का प्रशिक्षण  जगदलपुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के माओवादियों ने जब आत्मसमर्पण किया, तब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील सरकार ने भी इन आत्मसमर्पित माओवादियों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए सकारात्मक कदम उठाए। जगदलपुर के निकट आड़ावाल में लाइवलीहुड कॉलेज में इन 30 आत्मसमर्पित माओवादियों को पुनर्वास कार्ययोजना के अंतर्गत मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत गेस्ट सर्विस एसोसिएट का व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह पहल न केवल इन पूर्व माओवादी सदस्यों को आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि बस्तर के पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास भी कर रही है। प्रशिक्षण का सफर-बंदूक से ग्राहक सेवा तक ये 30 आत्म समर्पित माओवादी जो कभी घने जंगलों में हिंसा के रास्ते पर थे, आज लाइवलीहुड कॉलेज के कैंपस में ग्राहक संवाद, होटल मैनेजमेंट और सॉफ्ट स्किल्स सीख रहे हैं। करीब 3 महीने के इस कोर्स में उन्हें होटल इंडस्ट्री की बारीकियां सिखाई जा रही हैं, ताकि वे बस्तर के होमस्टे, रिसॉर्ट्स और टूरिस्ट स्पॉट्स में आत्मविश्वास से काम कर सकें। एक पूर्व माओवादी रामू (परिवर्तित नाम) ने भावुक होकर कहा कि बस्तर के जंगल में हिंसा की जिंदगी ने सिर्फ दर्द दिया, अब लाइवलीहुड कॉलेज में सीखकर लगता है, असली आजादी यहीं है। अब स्वयं मेहनत कर घर-परिवार को खुशहाल बनाएंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की दूरदृष्टि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अमल से अब तक हजारों युवा सशक्त हो चुके हैं। बीजापुर जैसे संवेदनशील इलाकों में यह पुनर्वास का सुनहरा मॉडल साबित हो रहा है। नक्सल मुक्त बस्तर की दिशा में यह कदम मील का पत्थर है, जहां हिंसा की जगह विकास और रोजगार की कहानी लिखी जा रही है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर के पास हुई ट्रेन दुर्घटना पर गहरा दु:ख व्यक्त किया

मुख्यमंत्री ने बिलासपुर कलेक्टर से बात कर दुर्घटना की ली जानकारी: प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहयोग प्रदान करने दिए निर्देश रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर जिले के पास हुई ट्रेन दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इसे अत्यंत दुखद घटना बताया और कहा कि इस दुर्घटना में प्रभावित परिवारों के प्रति राज्य सरकार पूरी संवेदना के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने दूरभाष पर बिलासपुर जिला कलेक्टर से बात कर घटना की विस्तृत जानकारी लेते हुए प्रभावितों की  सहायता के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जाए तथा प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाए।  मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी दी कि  रेलवे प्रशासन और जिला प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गई हैं और राहत-बचाव कार्यों में जुटी हैं। घायलों के उपचार के लिए सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ स्थिति पर नजर रखे हुए है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले यात्रियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और उनके परिजनों को इस दुखद समय में धैर्य प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

छत्तीसगढ़ से कोस्टा रिका को 12 मीट्रिक टन फोर्टिफाइड राइस कर्नेल का निर्यात रायपुर छत्तीसगढ़ के लिए यह अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण है कि प्रदेश से 12 मीट्रिक टन फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (Fortified Rice Kernel – FRK) का निर्यात कोस्टा रिका को किया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर कहा कि  छत्तीसगढ़ की पहचान न सिर्फ वैश्विक मंच पर सुदृढ़ हो रही है, बल्कि पोषण, गुणवत्ता और समृद्धि के क्षेत्र में राज्य की साख को नई ऊँचाई भी प्राप्त हो रही  है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह उपलब्धि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में कुपोषण के खिलाफ छेड़ी गई उस मुहिम का विस्तार है, जो अब वैश्विक स्तर पर प्रभाव दिखा रही है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह हमारे किसानों, मिल संचालकों और निर्यातकों के लिए वैश्विक बाजार में नए अवसर और मूल्यवर्धित कृषि निर्यात को बढ़ावा देने वाला सराहनीय कदम है। साथ ही यह आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (FRK) में आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन-बी12 जैसे आवश्यक पोषक तत्वों का समावेश किया जाता है। यह प्रयास न केवल खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ करता है, बल्कि समाज के पोषण स्तर को भी बेहतर बनाता है। अब छत्तीसगढ़ के उत्पाद वैश्विक बाजार में ‘पोषण के प्रतीक’ के रूप में उभर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि को “आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़” की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह निर्यात छत्तीसगढ़ के किसानों, मिल संचालकों और उद्योगों की मेहनत, गुणवत्ता और समर्पण का परिणाम है। आज हमारा छत्तीसगढ़ केवल भारत का अन्नदाता नहीं, बल्कि पोषण, नवाचार और गुणवत्ता का वैश्विक ब्रांड बन रहा है। यह गर्व का क्षण है, जो हमारे प्रदेश को वैश्विक व्यापार और पोषण मिशन – दोनों में अग्रणी बनाता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सफलता न केवल आर्थिक समृद्धि की दिशा में राज्य को आगे बढ़ाएगी, बल्कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘कुपोषण मुक्त भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विज़न को नई ऊर्जा प्रदान करेगी। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट करके जानकारी दी है कि छत्तीसगढ़ से 12 मीट्रिक टन फोर्टिफाइड राइस कर्नेल की पहली खेप कोस्टा रिका के लिए निर्यात की गई है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुपोषण के खिलाफ अभियान को आगे बढ़ाते हुए यह वैश्विक स्तर पर किया गया प्रयास न केवल हमारे विदेशी व्यापार को सशक्त करता है, बल्कि हमारे पोषण मिशन को भी नई ऊर्जा प्रदान करता है।यह पहल हमारे किसानों, मिल संचालकों और निर्यातकों को नए बाजार, बेहतर मूल्य प्राप्ति और मूल्यवर्धित कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के अवसर प्रदान करती है।

कच्चापाल की महिलाओं ने रच दी आत्मनिर्भरता की मिसाल, जैविक बासमती से बदली तकदीर

रायपुर : अबूझमाड़ के जंगलों से निकला सुशासन का उजाला कच्चापाल की महिलाओं ने रच दी आत्मनिर्भरता की मिसाल, जैविक बासमती से बदली तकदीर रायपुर कभी नक्सल हिंसा और भय के साये में जीवन जीने वाले नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखण्ड के अबूझमाड़ क्षेत्र के ग्राम कच्चापाल में अब सुशासन और आत्मनिर्भरता की किरणें पहुँच चुकी हैं। यह वही इलाका है जहाँ कभी बम धमाकों की गूँज और बंदूकों की आवाज़ें विकास के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा थीं। सड़क, बिजली, पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित यह गांव अब नियद नेल्ला नार योजना के तहत विकास की मुख्यधारा से जुड़ चुका है। राज्योत्सव के भव्य मंच पर इस परिवर्तन की गूंज सुनाई दी जब कच्चापाल के आश्रित ग्राम ईरकभट्टी की दो महिलाएँ – मांगती गोटा और रेनी पोटाई – अपने हाथों से उगाई गई जैविक बासमती चावल लेकर राजधानी पहुँचीं। ये महिलाएँ राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के लालकुंवर स्व-सहायता समूह से जुड़ी हैं। कभी शहर का नाम तक न जानने वाली ये महिलाएँ आज अपने गाँव की पहचान बन चुकी हैं। एरिया कोऑर्डिनेटर मती सोधरा धुर्वे बताती हैं कि पहले इस क्षेत्र में लाल आतंक के कारण कोई सरकारी योजना पहुँच ही नहीं पाती थी। ग्रामीणों के पास बाजार की जानकारी नहीं थी, और बिचौलिए उनके उत्पादों को औने-पौने दामों पर खरीदकर मुनाफा कमा लेते थे। लेकिन सशस्त्र बलों के कैम्प लगने और शासन की सक्रिय पहल से जब ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के तहत बिहान समूहों का गठन हुआ, तो हालात बदलने लगे। महिलाओं में बचत की आदत और आत्मनिर्भरता का भाव बढ़ा। मांगती गोटा बताती हैं, “हम हमेशा से बिना रासायनिक खाद के जैविक तरीके से बासमती चावल उगाते रहे हैं। पहले बिचौलिए हमसे 15–20 रुपये किलो में चावल ले जाते थे। लेकिन बिहान योजना से जुड़ने और प्रशिक्षण मिलने के बाद हमें असली कीमत का पता चला। आज राज्योत्सव में हमारे चावल की कीमत 120 रुपये किलो मिल रही है। लोग इसे शुद्ध और जैविक जानकर बहुत उत्साह से खरीद रहे हैं।” रेनी पोटाई बताती हैं कि उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा भी हमारे गाँव आये थे तो हमारी समूह की महिलाओं को प्रोत्साहित किया था। “इस बार हमने सिर्फ चावल नहीं, बल्कि बाँस की टोकनी और झाड़ू भी तैयार किए हैं। हमारे समूह ने इस साल 40 क्विंटल जैविक बासमती चावल का उत्पादन किया है,” उन्होंने मुस्कराते हुए बताया। आज कच्चापाल और उसके आसपास के ग्रामों में महिलाओं की मेहनत और शासन की योजनाओं का फल साफ दिखाई दे रहा है। नक्सल प्रभावित इलाका अब आत्मनिर्भरता, रोजगार और शांति का प्रतीक बन चुका है। कभी अंधेरे में डूबे इन ग्रामों में अब सुशासन का सवेरा सचमुच उतर आया है — और यह कहानी है उस परिवर्तन की, जो भय से विश्वास और गरीबी से समृद्धि तक का सफर तय कर रही है।कच्चापाल की महिलाओं के साहस, स्वावलंबन और नवछत्तीसगढ़ की नई सुबह की यह सच्ची कहानी अन्य महिलाओं को आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दे रही है।

बलौदाबाजार : उपभोक्ता आयोग ने मृतिका की बीमा राशि देने किया आदेश पारित

बलौदाबाजार डाक विभाग द्वारा मृतिका की बीमा राशि प्रदाय नहीं किये जाने के मामले में जिला उपभोक्ता एवं प्रतितोष आयोग बलौदाबाजार ने डाक विभाग को बीमा की राशि 200000 रूपए एवं अन्य व्यय प्रदाय किये जाने के आदेश पारित किया है। प्राप्त जानकारी अनुसार  ग्राम रवान निवासी राकेश कुमार वर्मा की माता सती बाई वर्मा ने डाक विभाग से संतोष पॉलिसी के अंतर्गत बीमा पॉलिसी लिया था।सती बाई की मृत्यु हो जाने पर आवेदक द्वारा दावा डाक के पास प्रस्तुत किया गया परंतु विभाग ने आवेदक द्वारा तथ्यों को छुपाकर पॉलिसी प्राप्त किये जाने के आधार पर दावा को निरस्त कर दिया। आवेदक द्वारा जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग बलौदाबाजार में शिकायत प्रस्तुत किया गया। आयोग के अध्यक्ष छमेश्वर लाल पटेल व सदस्यगण हरजीत सिंह चांवला एवं श्रीमती शारदा सोनी ने मामले की सुनवाई एवं दस्तावेजों का सूक्ष्म परिशीलन पश्चात् मामले में निष्कर्ष दिया कि बीमा धारक द्वारा तथ्यों को छुपाकर पॉलिसी प्राप्त करने संबंधी अनावेदक का आधार उचित नही पाया जाता है अनावेदक द्वारा अनुमान के आधार पर ही आवेदक का दावा निरस्त कर सेवा में कमी किया जाना पाया जाता है।अतः डाक विभाग रायपुर आवेदक को मृतिका सती बाई वर्मा के बीमा की राशि 2,00,000 रूपए एवं मानसिक क्षति हेतु 5000 रूपए तथा वाद व्यय हेतु 2000 रूपए आदेश दिनांक से 45 दिन के भीतर प्रदाय किये जाने का निर्णय सुनाया है।

15 नवम्बर से होंगी धान खरीदी प्रारंभ 9 नवम्बर से किसानों को जारी होंगे टोकन

कोरिया : धान खरीदी केन्द्रों में समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें 15 नवम्बर से होंगी धान खरीदी प्रारंभ 9 नवम्बर से किसानों को जारी होंगे टोकन धान खरीदी केन्द्रों में सुचारू संचालन सुनिश्चित करने का आग्रह – कोरिया पीएम पोर्टल एवं जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण करें कोरिया आज कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी की अध्यक्षता में समय-सीमा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने कृषि, सहकारिता, खाद्य, मार्कफेड तथा नोडल अधिकारियों को विशेष निर्देश देते हुए कहा कि 15 नवम्बर से धान खरीदी प्रारंभ होंगी इसके पूर्व सभी उपार्जन केन्द्रों का निरीक्षण करें और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित भी करें। उन्होंने बारदाने से संबंधित व्यवस्था उपार्जन पूर्व करने के लिए संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए तथा इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही नहीं बरतने की हिदायत दी। धान उपार्जन एवं निराकरण प्रक्रिया में संभावित अनियमितताओं को नियंत्रित करने हेतु शासन द्वारा जिला एवं तहसील स्तर पर ‘इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर’ की स्थापना की जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि राज्य शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जाएगी। उपार्जन केंद्र प्रभारियों और सहकारिता विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि धान के उचित रखरखाव, किसानों की सुविधाओं और पारदर्शिता के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयपूर्व सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार की ‘किसानों से एक-एक दाना धान खरीदने की प्रतिबद्धता‘ को पूर्ण करने के लिए सभी स्तरों पर संवेदनशीलता और तत्परता अपेक्षित है। संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी व उड़नदस्ता दल तैनात जिले के उपार्जन केंद्रों को पूर्व वर्षों के अनुभवों के आधार पर अतिसंवेदनशील, संवेदनशील एवं सामान्य श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। संवेदनशील केंद्रों पर पृथक नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे, जो नियमित निरीक्षण कर रिपोर्ट देंगे। 21 उपार्जन केंद्रों से 1.37 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य खरीफ वर्ष 2025-26 में पंजीकृत किसान 22 हजार 126 से 1 लाख 37 हजार 468 मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य है। विगत खरीफ वर्ष 2024-25 में पंजीकृत किसानों की संख्या 20 हजार 117 थीं, जिसमे से 19 हजार 606 किसानों ने उपार्जन केंद्रों में धान विक्रय किए थे। इस वर्ष साख सहकारी समिति सहित 21 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी की जाएगी। धान खरीदी के लिए टोकन आवेदन प्रक्रिया 9 नवम्बर 2025 से प्रारंभ होगी। किसानों को सुबह 8 बजे से सुबह 9.30 बजे प्रदान किया जाएगा। कलेक्टर ने सभी जिला अधिकारियों से कहा कि पीएम पोर्टल, सीएम जनदर्शन तथा जिला स्तरीय साप्ताहिक जनदर्षन में मांग एवं शिकायत से संबंधित प्राप्त आवेदनों का निराकरण त्वरित गति से करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि समय-सीमा के भीतर सभी आवेदनों का निरीक्षण कर संबंधित प्रकरणों का निराकरण करते हुए संबंधित आवेदकों को भी सूचना दें। कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने सड़कों, चौक, चौराहे पर घुमंतू एवं अवारा मवेषियों के जमावड़ा पर चिंता व्यक्त करते हुए पषु पालन विभाग, नगरीय निकाय एवं जनपद पंचायत के अधिकारियों को तत्काल इस पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए। आज जनदर्शन में लगभग 25 आवेदको ने कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी के समक्ष अपनी समस्याओं एवं शिकायत तथा मांग से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए जिस पर संबंधित अधिकारियों को शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, अपर कलेक्टर श्री सुरेन्द्र प्रसाद वैद्य, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती दीपिका नेताम सहित जिला स्तरीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।

रेल हादसा बिलासपुर: कोरबा पैसेंजर और मालगाड़ी में टक्कर, 6 यात्रियों की मौत, बचाव कार्य जारी

बिलासपुर बिलासपुर स्टेशन के पास एक MEMU ट्रेन का कोच एक मालगाड़ी से टकरा गया. इस घटना में दो लोग घायल हो गए हैं. रेलवे अधिकारी ने बताया कि रेलवे ने सभी संसाधन लगा दिए हैं, और घायलों के इलाज के लिए सभी उपाय किए जा रहे हैं.  छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में मंगलवार को बड़ा रेल हादसा हो गया। बिलासपुर-कटनी रेल मार्ग पर कोरबा पैसेंजर ट्रेन और मालगाड़ी के बीच जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में अब तक 6 यात्रियों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद रेलवे और जिला प्रशासन की टीम राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई है। हादसे की वजह का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन माना जा रहा है कि सिग्नल या तकनीकी गड़बड़ी के कारण यह टक्कर हुई होगी। कई गाड़ियां प्रभावित मिली जानकारी के अनुसार, घटना लालखदान स्टेशन के पास हुई है। रेलवे प्रशासन ने तुरंत रेस्क्यू टीम और मेडिकल यूनिट को मौके पर भेजा है। स्थानीय प्रशासन भी सहायता के लिए पहुंच चुका है। हादसे के कारण पूरे रूट पर ट्रेन परिचालन पूरी तरह ठप हो गया है। कई ट्रेनों को रद्द या रूट डायवर्ट कर दिया गया। वहीं यात्रियों को ऑप्शनल व्यवस्था की जा रही है। ओवरहेड वायर और सिग्नल सिस्टम को नुकसान पहुंचा है, जिससे बहाली में समय लग सकता है। यह हादसा बिलासपुर-कटनी सेक्शन में हुआ, जो व्यस्त रेल मार्ग है। रेलवे ने जांच शुरू कर दी है। फिलहाल घटना की जानकारी स्पष्ट नहीं हो पाई है। वहीं रेलवे ने इस हादसे को लेकर जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक संभावना है कि सिग्नलिंग सिस्टम की गड़बड़ी या मानवीय त्रुटि के कारण यह हादसा हुआ हो सकता है। ⁠ हादसे की जगह पर अफरातफरी का माहौल यह  हादसा बिलासपुर-कटनी रेल सेक्शन के लाल खदान इलाके में हुआ, जो देश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में से एक है। हादसे के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई। स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और यात्रियों की मदद में जुट गए। रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। रेस्क्यू अभियान जारी, मेडिकल टीमें मौके पर रेलवे प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव दल को मौके पर रवाना किया। मेडिकल यूनिट और एम्बुलेंस की मदद से घायलों को नजदीकी अस्पताल भेजा गया है। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बिलासपुर और कोरबा के बड़े अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। ट्रेन संचालन ठप, कई ट्रेनों के रूट बदले हादसे के बाद पूरे रेल मार्ग पर परिचालन ठप हो गया है। ओवरहेड वायर और सिग्नल सिस्टम को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे बहाली में समय लग सकता है। रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द या डायवर्ट कर दिया है। यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत दूसरी ट्रेनों या बसों से गंतव्य तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। रेलवे प्रशासन ने इस भीषण हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, सिग्नलिंग सिस्टम में खराबी या मानवीय भूल की संभावना से इंकार नहीं किया जा रहा। अधिकारी ब्लैक बॉक्स और इंजन रिकॉर्डिंग के डेटा की जांच कर रहे हैं, ताकि घटना के सही कारणों का पता लगाया जा सके। पैसेंजर ट्रेन के डिब्बे मालगाड़ी के ऊपर चढ़े स्थानीय लोगों के अनुसार, टक्कर इतनी जोरदार थी कि पैसेंजर ट्रेन के डिब्बे मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गए। कई यात्री अंदर फंसे रह गए। लोगों ने शीशे तोड़कर घायलों को बाहर निकाला। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि चारों ओर चीख-पुकार मची हुई थी।