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नवरात्र पर यात्रियों को तोहफ़ा, इतवारी से कोरबा तक MEMU स्पेशल ट्रेन की सुविधा

रायपुर नवरात्र पर्व पर ट्रेनों में यात्रियों की होने वाली अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेलवे कोरबा-नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) कोरबा के मध्य नवरात्र फेस्टिवल मेमू स्पेशल ट्रेन चला रही है. 25 सितंबर से तीन अक्टूबर तक चलने वाली इस ट्रेन के परिचालन से उन यात्रियों को राहत मिलेगी, जो डोंगरगढ़ मां बम्बलेश्वरी मंदिर व मड़वारानी मंदिर दर्शन को जाने वाले हैं. मेमू स्पेशल होने के कारण रिजर्वेशन या आरक्षित कोच की समस्या भी नहीं रहेगी.  नेताजी सुभाष चंद्र बोस-कोरबा मेमू 06883 नंबर के साथ नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेशन से प्रतिदिन सुबह पांच बजे रवाना होगी और 19:30 बजे कोरबा रेलवे स्टेशन पहुंचेगी. इसी तरह वापसी में कोरबा-नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेमू 06884 से कोरबा स्टेशन से प्रतिदिन सुबह 5:30 बजे छूटकर 19:30 बजे नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेशन पहुंचेगी. इस स्पेशल ट्रेन के परिचालन से इस रेल मार्ग पर चलने वाली अन्य ट्रेनों में भीड़ का दबाव कम होगा और यात्री बिना किसी परेशानी के गंतव्य तक पहुंच सकते हैं. ट्रेन का परिचालन समय भी जारी अरेलवे ने ट्रेन का परिचालन समय और जिन स्टेशनों में ट्रेन का ठहराव रहेगा, उससे संबंधित जानकारी जारी कर दी है. इसके तहत नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेशन से ट्रेन 5:00 बजे छूटकर कलमना, कन्हान, सलवा, चचेर, रेव्रत, खत, भंडारारोड, कोका, तुमसर रोड, मुंडीकोटा, तिरोरा, काचेवानी, गंगाझारी स्टेशन में ठहरते हुए 7:59 बजे गोंदिया, 9:50 बजे डोंगरगढ़, 10:43 बजे राजनांदगांव पहुंचेगी. 11:40 बजे दुर्ग और भिलाई नगर, भिलाई पावर हाउस, कुम्हारी, सरस्वती नगर स्टेशन में रुकते हुए 13:12 बजे रायपुर रेलवे स्टेशन, 14:29 बजे भाटापारा, 15:50 बजे बिलासपुर पहुंचेगी. बिलासपुर से छूटने के बाद यह ट्रेन गतौरा, जयरामनगर, अकलतरा, जांजगीर-नैला, चांपा, बालपुर स्टेशन में ठहरकर 17:40 बजे मड़वारानी और 19:30 बजे कोरबा रेलवे स्टेशन पहुंचेगी. कोरबा से 5:30 बजे छूटकर 5:54 बजे मड़वारानी, 7:55 बजे बिलासपुर और 19:30 बजे नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेशन पहुंचेगी.

मुख्यमंत्री साय का आत्मीय और वात्सल्यपूर्ण व्यवहार : नन्ही बच्ची भूमिका बघेल को दुलारते हुए खिलाया महुआ लड्डू

रायपुर  धुरवा समाज के नुआखाई मिलन समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आत्मीय और वात्सल्यपूर्ण रूप सभी ने देखा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने धुरवा समाज की नन्हीं बच्ची भूमिका बघेल को स्नेहपूर्वक अपने गोद में बिठाकर दुलार किया और उसे महुआ लड्डू खिलाया। जगदलपुर विकासखंड के उलनार निवासी भूमिका बघेल अपने दादा सोनसारी बघेल के साथ कार्यक्रम में पहुंची थी। पारंपरिक पोशाक में सजी-धजी भूमिका ने सभी का मन मोह लिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्नेहपूर्वक उसका नाम पूछते हुए कहा—"बिटिया, किस कक्षा में पढ़ाई कर रही हो?" मासूम मुस्कान के साथ भूमिका ने उत्तर दिया—"मैं दीप्ति कान्वेंट स्कूल में एलकेजी में पढ़ती हूँ।" यह स्नेहिल दृश्य समारोह में उपस्थित सभी लोगों के मन को गहराई तक छू गया। एलकेजी में पढ़ रही भूमिका की निश्छल मुस्कान, पारंपरिक परिधान और मासूम नज़रों की चमक में बस्तर की संस्कृति और उसकी खुशियाँ झलक रही थी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि समाज ने पिछले वर्ष ही अपने बच्चों के लिए कक्षा 12वीं तक की शिक्षा अनिवार्य करने का सराहनीय निर्णय लिया। यही शिक्षा और संस्कार हमारी आने वाली पीढ़ी का भविष्य संवारेंगे। उन्होंने कहा कि मैं यही कामना करता हूँ कि भूमिका और छत्तीसगढ़ की हर बेटी खूब पढ़े, आगे बढ़े, उड़ान भरे और अपनी संस्कृति से यूँ ही जुड़ी रहे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जिस आत्मीयता और वात्सल्य से नन्हीं भूमिका बघेल से स्नेहपूर्ण वार्तालाप किया, उसने पूरे समारोह का वातावरण  स्नेह और आत्मीयता से परिपूर्ण कर दिया। मुख्यमंत्री श्री साय का आत्मीय व्यवहार जनजातीय समाज के साथ उनके गहरे जुड़ाव और बच्चों के प्रति स्नेहपूर्ण हृदय का प्रमाण है। उनकी यह सरलता और अपनापन न केवल लोगों को विश्वास से भरता है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि सरकार का नेतृत्व समाज के हर वर्ग और हर बच्चे के सुख-दुख में सहभागी है।

मुख्यमंत्री साय ने किया माहरा समाज के नवनिर्मित सामाजिक भवन का लोकार्पण

एक करोड़ 63 लाख रुपए की लागत से बना सामाजिक भवन मुख्यमंत्री श्री साय ने जगतू माहरा एवं धरमू माहरा के योगदान सहित माहरा समाज के गौरवशाली इतिहास को किया रेखांकित रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज जगदलपुर के गुरु गोविंद सिंह वार्ड में एक करोड़ 63 लाख रुपए की लागत से निर्मित माहरा समाज के नवनिर्मित सामाजिक भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय का पारंपरिक मोहरी बाजा के साथ भव्य स्वागत किया गया। माहरा समाज के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक मुख्यमंत्री श्री साय को पारंपरिक माहरा पाटा पहनाकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने फीता काटकर भवन का विधिवत उद्घाटन किया और इस ऐतिहासिक क्षण में आमंत्रण एवं आत्मीय स्वागत के लिए समाज के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में माहरा समाज के गौरवशाली इतिहास को याद किया। उन्होंने कहा कि जगदलपुर की स्थापना जगतू माहरा तथा धरमपुरा की स्थापना धरमू माहरा द्वारा की गई थी। उन्होंने भूमकाल जैसे आंदोलनों में समाज की सक्रिय भूमिका और अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों के विरुद्ध संघर्ष को विशेष रूप से रेखांकित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री श्री अमित शाह के प्रयासों से माहरा समाज को अनुसूचित जाति का दर्जा मिला है। इस ऐतिहासिक निर्णय से समाज के युवाओं को शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में बड़े अवसर प्राप्त होंगे और उनका भविष्य उज्ज्वल होगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का मुख्य लक्ष्य गरीबों का कल्याण और किसानों का आर्थिक विकास है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 18 लाख आवासों को मंजूरी दी गई है। किसानों से 21 क्विंटल धान प्रति एकड़ खरीदा जा रहा है, जिसके लिए 3100 रुपए प्रति क्विंटल का भुगतान किया जा रहा है। युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने पर बल देते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य में नई उद्योग नीति बनाई गई है, जिससे अधिक से अधिक युवाओं को नौकरी मिले और स्वरोजगार को भी बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार नक्सलियों के समूल उन्मूलन के लिए तेजी से कार्य कर रही है, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में  सड़कों का निर्माण, बिजली की आपूर्ति और मोबाइल टावरों की स्थापना जैसे विकास कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ सकें और लोगों को मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ जनहितकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि इस दिशा में नियद नेल्लानार योजना दूरगामी परिणाम देने वाली साबित हो रही है। कार्यक्रम में  माहरा समाज के संभाग अध्यक्ष श्री राजू बघेल ने स्वागत उद्बोधन दिया। शांति नाग ने प्रतिवेदन का वाचन किया तथा समाज के संरक्षक श्री बिच्चेम पोंदी ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री महेश कश्यप, जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में चित्रकोट विधायक श्री विनायक गोयल, दंतेवाड़ा विधायक श्री चैतराम अटामी, छत्तीसगढ़ बेवरेज कॉरपोरेशन के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास राव मद्दी, महापौर श्री संजय पांडे, पूर्व सांसद श्री दिनेश कश्यप, पूर्व विधायक श्री महेश गागड़ा, श्री लच्छूराम कश्यप, श्री बैदूराम कश्यप, श्री सुभाऊ कश्यप, कलेक्टर श्री हरिस एस, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, माहरा समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे।

राज्य सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए कटिबद्ध – मुख्यमंत्री साय

जगदलपुर में धुरवा समाज के संभाग स्तरीय नुआखाई मिलन समारोह एवं नवनिर्मित सामाजिक भवन "ओलेख" के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय धुरवा समाज के लिए 5 स्थानों पर डोम निर्माण हेतु 75 लाख रुपए की घोषणा रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए कटिबद्ध है।  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आदिवासी बहुल गांवों के विकास में किसी प्रकार की कमी न हो, धन की कोई समस्या न हो—इस दृष्टि से धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना शुरू की है। इस योजना के लिए 80 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान हेतु प्रधानमंत्री जनमन योजना प्रारंभ की गई है, जिससे इन विशेष पिछड़ी जनजातियों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सकारात्मक प्रयास हो रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन सभी सार्थक प्रयासों से जनजातीय क्षेत्रों में विकास की गंगा बहेगी और हमारे जनजातीय समुदाय निरंतर प्रगति के मार्ग पर अग्रसर होंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने यह बात जगदलपुर के वन विद्यालय परिसर में धुरवा समाज के संभाग स्तरीय नुआखाई मिलन समारोह और नवनिर्मित सामाजिक भवन "ओलेख" के लोकार्पण कार्यक्रम में कही। इस अवसर पर उन्होंने धुरवा समाज हेतु 05 स्थानों पर पंद्रह-पंद्रह लाख रुपए की लागत से डोम निर्माण के लिए कुल 75 लाख रुपए की घोषणा की। साथ ही, धुरवा समाज के 36 सरपंचों द्वारा ग्राम पंचायतों के विकास हेतु प्रस्तुत प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रतीकात्मक गुड़ी में बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना की और धुरवा समाज के नवनिर्मित सामाजिक भवन "ओलेख" का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने धुरवा समाज के वीर नायक शहीद गुंडाधुर को नमन करते हुए कहा कि आज का यह ऐतिहासिक नुआखाई मिलन समारोह हमारी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं का संवाहक है। यह हमारे जनजातीय समाज की महान परंपरा है कि हम किसी भी अनाज या फल को ग्रहण करने से पूर्व अपने देवी-देवताओं की पूजा कर उन्हें अर्पित करते हैं और फिर ग्रहण करते हैं। यह परंपरा आज भी कायम है और आने वाली पीढ़ियों तक इसे बनाए रखा जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने धुरवा समाज को सामाजिक भवन "ओलेख" के लोकार्पण की बधाई देते हुए कहा कि यह नवीन भवन समाज के विकास की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा और समाज के सभा-सम्मेलनों के लिए काम आएगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि अटलजी ने जनजातीय समुदाय के कल्याण को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार में पृथक से जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन किया।  उन्होंने छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष की बधाई देते हुए कहा कि अटलजी का जन्मशताब्दी वर्ष अटल निर्माण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आदिवासी बहुल बस्तर और सरगुजा संभाग के विकास के लिए विशेष आदिवासी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इन क्षेत्रों के विकास की चिंता करते हुए दोनों विशेष आदिवासी क्षेत्र विकास प्राधिकरणों का गठन किया था, जिससे योजनाओं के अतिरिक्त भी इन इलाकों में आवश्यक विकास कार्य सुनिश्चित किए जा सकें। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बस्तर संभाग के माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से सड़कों, पुल-पुलियों, बिजली और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही आवास और राशन जैसी मूलभूत सुविधाएं प्रदान कर रही है। हर पात्र व्यक्ति को जनहितकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में हम पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे हैं। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने धुरवा समाज के सदस्यों को नुआखाई मिलन समारोह की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज का यह समन्वित प्रयास नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि जब हम अपने पूर्वजों की परंपराओं का निर्वहन करते हुए उन्हें निरंतर संजोए रखते हैं, तो समाज की एकता और संस्कृति मजबूत होती है। कार्यक्रम को वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप और विधायक जगदलपुर श्री किरण देव ने भी संबोधित करते हुए धुरवा समाज को नुआखाई मिलन समारोह की शुभकामनाएं दीं। आरंभ में धुरवा समाज के संभागीय अध्यक्ष श्री पप्पू नाग ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया और समाज की गतिविधियों से अवगत कराया। समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक छतड़ी, धुरवा तुवाल एवं कोटी सहित तीर-धनुष भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। अन्य अतिथियों का भी पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। इस अवसर पर चित्रकोट विधायक श्री विनायक गोयल, दंतेवाड़ा विधायक श्री चैतराम आटामी, छत्तीसगढ़ ब्रेवरेज कॉरपोरेशन के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास राव मद्दी, जगदलपुर के महापौर श्री संजय पांडेय सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी, कलेक्टर श्री हरिस एस, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा तथा समूचे बस्तर संभाग से आए धुरवा समाज के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।

प्रदेश में औसत वर्षा का आंकड़ा 1039.8 मि.मी. पहुँचा

रायपुर, छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 1039.8 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1472.0 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 498.0 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 903.0 मि.मी., बलौदाबाजार में 758.4 मि.मी., गरियाबंद में 917.6 मि.मी., महासमुंद में 736.4 मि.मी. और धमतरी में 936.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 1091.9 मि.मी., मुंगेली में 1057.2 मि.मी., रायगढ़ में 1260.2 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 907.7 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1240.2 मि.मी., सक्ती में 1125.7 मि.मी., कोरबा में 1054.3 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 1011.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 798.0 मि.मी., कबीरधाम में 766.1 मि.मी., राजनांदगांव में 879.5 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1249.9 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 789.8 मि.मी. और बालोद में 1089.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 735.6 मि.मी., सूरजपुर में 1102.1 मि.मी जशपुर में 1012.9 मि.मी., कोरिया में 1169.7 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1054.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1415.3 कोंडागांव जिले में 960.7 मि.मी., कांकेर में 1163.4 मि.मी., नारायणपुर में 1251.9 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1393.4 मि.मी., सुकमा में 1096.3 मि.मी. और बीजापुर में 1417.2 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

62 हजार टैक्सपेयर निकले फर्जी BPL कार्डधारी, अब होगी बड़ी कार्रवाई

रायपुर  प्रदेश में 62 हजार 813 आयकर दाताओं ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर गरीबी रेखा राशनकार्ड बना कर तीन साल से हर माह चावल भी उठाया है। राजधानी में इनकी संख्या 10361 है। इसके अलावा जीएसटी भरने वाले 640 कारोबारी ने भी बीपीएल राशनकार्ड बनवाया है। इतना ही नहीं प्रदेश में 29 लाख 83 हजार 738 ऐसे किसान हैं जिनके पास एक हेक्टेयर से ज्यादा जमीन के भू-स्वामी हैं। इन्होंने ने भी बीपीएल राशनकार्ड बना लिया है। अब सभी को खाद्य विभाग नोटिस जारी कर रहा है। इनसे रिकवरी भी हो सकती है। प्रदेश में राशन कार्ड सत्यापन की प्रक्रिया जारी हैं। वन नेशन वन कार्ड के तहत कराए गए ई-केवाईसी और आधार से लिंक बैंक खाते, पेन कार्ड के सत्यापन में पता चला है। रिपोर्ट में 1,05,590 निष्क्रिय आधार धारकों के नाम सामने आए हैं, जिन पर राशनकार्ड बने हैं। बिलासपुर (5841), कवर्धा (8701), जशपुर (5681), रायपुर (9356) जैसे जिलों में हजारों निष्क्रिय पहचान से राशन उठाया जा रहा था। खाद्य विभाग का अलर्ट मोड खाद्य संचालनालय ने संबंधित जिलों को निर्देश दिए हैं कि इन राशन कार्डों की फिजिकल वेरिफिकेशन कर फर्जी सदस्यों को नोटिस जारी किया जा रहा है। इस संबंध में जिला कलेक्टरों को विशेष टीम गठित करने को कहा गया है। फर्जी कार्डों के माध्यम से वर्षों से उठाए गए राशन की वसूली की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है। जिन राशन दुकानों या अधिकारियों की लापरवाही सामने आएगी, उनके विरुद्ध विभागीय जांच की तैयारी की जा रही है। जिलेवार आंकड़े     सत्यापन के दौरान रायपुर जिले में सबसे अधिक 10,361 आयकर दाता, 123 जीएसटी पे करने वाले कारोबारी और 1,12,956 एक हेक्टेयर से अधिक भूमि वाले व्यक्तियों के पास आधार कार्ड मिले हैं।     इसी तरह बिलासपुर जिले में 6,074 आयकर दाता, 36 कारोबारी और 1,26,041 बड़े भू-स्वामी     दुर्ग जिले में 6,339 आयकर दाता, 71 कारोबारी और 79,446 भूमि स्वामी चिह्नित किए गए हैं।     सरगुजा जिले में 2,586 आयकर दाता, 11 कारोबारी और 75,277 भूमि स्वामी     आदिवासी बहुल बस्तर जिले में 1,185 आयकर दाता, 9 कारोबारी और 57,097 भूमि स्वामी के पास आधार कार्ड दर्ज किए गए हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में किए गए सत्यापन में आयकर दाताओं, जीएसटी भुगतान करने वाले कारोबारियों और एक हेक्टेयर से अधिक भूमि रखने वाले व्यक्तियों के पास गरीबी रेखा (बीपीएल) राशन कार्ड पाए गए हैं। यह तथ्य उन लाभार्थियों की सूची से सामने आया है जिन्हें सरकारी योजनाओं में पात्रता से बाहर किया जाना है।  

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में ‘मोर गाँव मोर पानी’ अभियान को गति देने के निर्देश

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने मनरेगा योजनांतर्गत "मोर गाँव मोर पानी" अभियान के अंतर्गत जिले के क्रिटिकल एवं सेमी-क्रिटिकल ग्राम पंचायतों को लक्षित कर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया है। साथ ही पूर्व से प्रगतिरत कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु श्रम बजट तैयार करने पर विशेष जोर दिया। जिला पंचायत के नर्मदा सभा कक्ष में शनिवार को आयोजित बैठक मे कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में जल-संरक्षण एवं भू-जल पुनर्भरण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। श्रमिकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए तथा कार्यस्थल पर मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध हों। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु नियमित निगरानी एवं निरीक्षण किया जाए। सभी अधिकारी एवं तकनीकी सहायक कार्य क्षेत्र पर रहकर कार्यों की गुणवत्ता एवं समय सीमा का पालन सुनिश्चित करें। बैठक में वर्ष 2026-27 हेतु श्रम बजट के प्रारूप पर विस्तृत चर्चा की गई तथा अधिकारियों को आगामी समय-सीमा में पूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।      मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मुकेश रावटे ने कहा कि मनरेगा केवल रोजगार उपलब्ध कराने का माध्यम ही नहीं, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों के सतत विकास, जल संरक्षण तथा सामुदायिक संपत्ति निर्माण की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। अतः सभी अधिकारी योजनाओं को गंभीरता से लें और जनता को अधिकतम लाभ पहुँचाने हेतु कार्य करें। बैठक में सहायक परियोजना अधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, कार्यक्रम अधिकारी जनपद पंचायत तथा समस्त तकनीकी सहायक उपस्थित थे।

फर्जी ऑनलाइन नौकरी का लालच, मेडिकल छात्र से 11.50 लाख रुपए हड़पे

रायपुर पंडरी मोवा क्षेत्र में रहने वाली एक मेडिकल स्टूडेंट पाखी वर्मा को घर बैठे ऑनलाइन टॉस्क के जरिये अच्छा मुनाफा होने का झांसा देकर ठगों ने पहले तीन किस्तों में 2 हजार रुपए उनके एकाउंट में ट्रांसफर किए. इसके बाद उनसे पांच हजार, 50 हजार और डेढ़ लाख रुपए जमा करा लिए गए. फिर उन्हें टॉस्क में गलती होने की बात कहकर फाइन के रूप में साढ़े चार लाख रुपए जैसी बड़ी जमा कराई गई और भुगतान करने से पहले और रुपए मांगे जाते रहे. फ्रॉड का अहसास होने तक मेडिकल छात्रा साढ़े 11 लाख रुपए ठगों के संदिग्ध एकाउंट में ट्रांसफर कर चुकी थी. पंडरी पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. रिपोर्ट आदर्श कॉलोनी निवासी पाखी वर्मा पिता संतोष वर्मा ने लिखाई है. जानकारी के मुताबिक, 30 मई से लेकर एक डेढ़ महीने तक छात्रा के साथ ठगी की गई है. उनके मोबाइल फोन पर वॉट्सएप मैसेज भेजकर वेलफेयर टास्क वर्क फार्म होम ग्रुप से जोड़ा गया. टॉस्क मिलने पर स्क्रीनशॉट भेजना होता था. शुरू में दस से ज्यादा टॉस्क पूरा करने पर 30 मई 2025 को 1850 रुपये 3 किस्तों में भेजे गए. इसके बाद वेलफेयर टास्क में अत्यधिक लाभ की बात कहते हुए 5 हजार रुपए जमा कराए गए. फिर 15 हजार और 50 हजार जमा कराकर टॉस्क दिए गए. फिर टॉस्क में गलती बताकर साढ़े चार लाख मांगे गए. इसी तरह उन्हें बातों में उलझाकर साढ़े 11 लाख रुपए जमा करा लिये गए.

बस्तर संभाग के दूरस्थ क्षेत्र अबूझमाड़ से लगे ग्राम कोंडे तक पहुँची स्वास्थ्य सेवाएँ

इंद्रावती नदी में स्वयं नाव चलाकर गाँव पहुँचे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की जांच और परामर्श नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच रायपुर  छत्तीसगढ़ में जब बस्तर के दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचाने की बात होती है तो सबसे पहले दुर्गम जंगलों और उफनती इंद्रावती नदी का ख्याल आता है। बरसात के मौसम में दुर्गम गाँवों तक पहुँचना बेहद जोखिमपूर्ण माना जाता है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में प्रदेश का प्रत्येक स्वास्थ्यकर्मी अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखते हुए लोगों की जान बचाने की प्राथमिकता के साथ कार्य कर रहा है। नक्सल प्रभावित जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहा है। कांकेर, बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जैसे क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ अब आमजन तक पहुँच रहा है। यह मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन का परिणाम है, जिसने बस्तर संभाग में स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया है। स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया और आयुक्त-सह-संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार हेतु प्रतिबद्ध हैं। इसी क्रम में प्रदेशव्यापी “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” अभियान ने बीजापुर जिले के सबसे दुर्गम क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित की है। बीते शनिवार को स्वास्थ्य दल ने स्वयं नाव चलाकर उफनती इंद्रावती नदी पार की और अबूझमाड़ से लगे ग्राम कोंडे में शिविर लगाया। इस शिविर में कुल 132 मरीजों की जांच की गई, जिनमें मलेरिया, सर्दी-खाँसी और त्वचा रोग से पीड़ित रोगी प्रमुख रहे। विशेष रूप से 10 गर्भवती महिलाओं की संपूर्ण स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण और परामर्श प्रदान किया गया। मातृ स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत महिलाओं को पोषण, एनीमिया से बचाव और सुरक्षित मातृत्व संबंधी विस्तृत जानकारी भी दी गई। बीजापुर जिले में बीते तीन दिनों के दौरान अभियान की गति उल्लेखनीय रही है। इस अवधि में हजारों लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई, जिनमें उच्च रक्तचाप के 3,177 मामले सामने आए। इसके अतिरिक्त, महिलाओं में मुख, स्तन और सर्वाइकल कैंसर की 2,823 स्क्रीनिंग की गई तथा उन्हें आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराया गया। साथ ही 314 गर्भवती महिलाओं को जांच, टीकाकरण और परामर्श का लाभ मिला। अभियान के अंतर्गत दूरस्थ अंचलों में आयोजित शिविरों के माध्यम से अब तक 1,200 से अधिक लोगों की टीबी स्क्रीनिंग और 800 से अधिक व्यक्तियों की सिकल सेल जांच भी की जा चुकी है। ये आँकड़े केवल संख्याएँ नहीं, बल्कि उस संकल्प का प्रमाण हैं जिसके तहत प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि बीजापुर जिले के दूरस्थ और दुर्गम अंचलों में भी मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बाधित न हो। यही कारण है कि स्वास्थ्य कर्मी नदी, पहाड़ और जंगल पार करके महिलाओं और बच्चों तक जीवन रक्षक सेवाएँ पहुँचा रहे हैं। प्रदेश सरकार का यह प्रयास इस विचार को सशक्त करता है कि “स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार की आधारशिला है।” इसी दिशा में स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर पहुँच इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता है। बस्तर संभाग में स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे ये सुधार न केवल स्थानीय निवासियों के जीवन स्तर को ऊँचा उठा रहे हैं, बल्कि यह भी प्रमाणित कर रहे हैं कि सुशासन और समर्पित प्रयासों से सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी सकारात्मक बदलाव संभव है।

आदि कर्मयोगी अभियान के तहत ग्राम स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम

जिला पंचायत अध्यक्ष और कलेक्टर हुए शामिल बिलासपुर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले में आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर 2025 तक ग्राम स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस अभियान के दौरान गांव का मानचित्रीकरण, वी.डी.पी. (ग्राम विकास योजना) तैयार करने तथा ट्रांजिट वॉक जैसी गतिविधियां की जा रही हैं।      जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीणों में सेवा, संकल्प और समर्पण की भावना जागृत कर वर्ष 2030 तक अपने गांव को समग्र विकास की दिशा में अग्रसर करना है। इसी कड़ी में बेलपान ग्राम में आयोजित शिविर में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी एवं कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। अभियान के दौरान ग्रामीणों और आदि कर्मयोगी सहयोगियों को शपथ दिलाई गई कि वे अपने गांव के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे।       उल्लेखनीय है कि आदि कर्मयोगी अभियान जिले के आदिवासी बहुल 102 ग्रामों में संचालित किया जा रहा है, जो जनजातीय समुदायों को सशक्त बनाने और उत्तरदायी शासन को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया एक राष्ट्रीय आंदोलन है। अभियान के माध्यम से देश भर के 20 लाख से अधिक "आदि कर्मयोगियों" (जमीनी स्तर के नेताओं) को प्रशिक्षित किया जाएगा जो 1 लाख जनजातीय गांवों में 11 करोड़ से अधिक लोगों के लिए सरकारी योजनाओं और सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करेंगे। यह अभियान ग्रामीण नेतृत्व और सामुदायिक भागीदारी पर केंद्रित है,जिसका अंतिम लक्ष्य भारत के विकास में जनजातीय समुदायों की भागीदारी को बढ़ाना है,और गांवों में सामाजिक उत्थान, आत्मनिर्भरता और सतत विकास सुनिश्चित करना है।