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मुख्यमंत्री ने जताया विश्वास – मार्च 2026 तक नक्सलमुक्त भारत का सपना होगा साकार

नारायणपुर के अबूझमाड़ में सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता : दो इनामी नक्सली ढेर रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने नारायणपुर ज़िले के अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षाबलों की ओर से चलाए गए सफल अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में एक निर्णायक उपलब्धि है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 2 नक्सली न्यूट्रलाइज किए गए हैं। दोनों पर 40-40 लाख रुपये का इनाम घोषित था।  मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सफलता केवल नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में एक निर्णायक पड़ाव ही नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ में शांति, सुरक्षा और विकास की प्रक्रिया को और भी गति प्रदान करती है। मुख्यमंत्री ने इस अभियान में शामिल सुरक्षाकर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी बहादुरी और समर्पण से ही प्रदेश आज शांति और विकास की राह पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के विज़न और माननीय केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह जी के नेतृत्व में नक्सलवाद का अंत अब पहले से कहीं अधिक निकट और निश्चित होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मार्च 2026 तक नक्सलमुक्त भारत का संकल्प अवश्य साकार होगा।

कोयला घोटाला: सौम्या चौरसिया के निज सचिव की गिरफ्तारी, EOW ने स्पेशल कोर्ट में पेश किया

रायपुर छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला घोटाला मामले में EOW ने कार्रवाई तेज कर दी है. रविवार को कई जगहों पर छापेमारी के बाद सोमवार को पूर्व IAS सौम्या चौरसिया के निज सचिव रहे जयचंद कोसले को गिरफ्तार कर ACB/EOW की विशेष कोर्ट में पेश किया है. जयचंद कोसले पर आरोप है कि उन्होंने सौम्या चौरसिया का निज सचिव रहते हुए कोल घोटाले से 50 लाख रुपए कमाया है. EOW आय कोर्ट से जयचंद को 14 दिन के पुलिस रिमांड में लेने का प्रयास कर रही है. प्रदेश में कुल 10 ठिकानों पर रेड बता दें, आर्थिक अपराध विंग (EOW) ने ‘शराब घोटाला’ और ‘कोयला घोटाला’ मामलों में  रविवार की सुबह राजधानी रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में कुल 10 ठिकानों पर छापेमारी की. राजधानी रायपुर में शराब कारोबारी अवधेश यादव और उनके सहयोगियों के छत्तीसगढ़ स्थित 3 ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की. इसके अलावा सौम्या चौरसिया के निजी सहायक रहे जयचंद कोसले के सभी ठिकानों पर भी दबिश कार्रवाई पूरी कर ली गई है. दोनों घोटालों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन, नगदी और तकनीकी उपकरण जब्त किए गए जिनकी जांच फिलहाल जारी है. साथ ही यह कार्रवाई सुबह से रात लगभग 11ः30 बजे तक चली. रेड कार्रवाई के दूसरे दिन आज जयचंद को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया है. क्या है कोयला घोटाला मामला ? ED की जांच में सामने आया कि कुछ लोगों ने राज्य के वरिष्ठ राजनेताओं और नौकरशाहों से मिलीभगत के बाद ऑनलाइन मिलने वाले परमिट को ऑफलाइन कर कोयला ट्रांसपोर्ट करने वालों से अवैध वसूली की. जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच कोयले के हर टन पर 25 रुपये की अवैध लेवी वसूली गई. 15 जुलाई 2020 को इसके लिए आदेश जारी किया गया था. खनिज विभाग के तत्कालीन संचालक IAS समीर बिश्रोई ने आदेश जारी किया था. यह परमिट कोल परिवहन में कोल व्यापारियों को दिया जाता है. पूरे मामले का मास्टरमाइंड किंगपिन कोल व्यापारी सूर्यकांत तिवारी को माना गया. इसमें जो व्यापारी पैसे देता उसे ही खनिज विभाग से पीट और परिवहन पास जारी होता था, यह रकम 25 रुपये प्रति टन के हिसाब से सूर्यकांत के कर्मचारियों के पास जमा होती थी. इस तरह से स्कैम कर कुल 570 करोड़ रुपये की वसूली की गई. कहां खर्च की अवैध कमाई जांच में सामने आया है कि इस घोटाले की राशि को सरकारी अधिकारियों और राजनेताओं को रिश्वत देने में खर्च किया गया. साथ ही चुनावी खर्चों के लिए भी इस अवैध राशि का इस्‍तेमाल किया गया. आरोपियों ने इससे कई चल-अचल संपतियों को खरीदा. क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला मामला? ईडी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के शासनकाल के दौरान साल 2019 से 2022 तक लाइसेंसी शराब दुकानों पर डुप्लिकेट होलोग्राम लगाकर बड़ी मात्रा में अवैध शराब बेची जाती थी, जिसके चलते छत्तीसगढ़ के राजस्व विभाग को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था. उस दौरान शराब को स्कैनिंग से बचाने के लिए नकली होलोग्राम भी लगाया जाता था, ताकि वह किसी की पकड़ में न आ सके. इस होलोग्राम को बनाने के लिए घोटाले में संलिप्त लोगों ने उत्तर प्रदेश के नोएडा में होलोग्राफी का काम करने वाली PHSE (प्रिज्म होलोग्राफी सिक्योरिटी फ़िल्म्स प्राइवेट लिमिटेड) कंपनी को टेंडर दिया था. ईडी ने अपनी जांच के बाद यह बताया है कि यह कंपनी होलोग्राम बनाने के लिए पात्र नहीं थी, फिर भी नियमों में संशोधन करके यह टेंडर उसी कंपनी को दे दिया गया था. ईडी के टेंडर दिलाने के एवज में कंपनी के मालिक से भारी कमीशन लिया गया था. यह जानकारी सामने आने के बाद जब कंपनी के मालिक विधु गुप्ता को ईडी ने गिरफ्तार किया तो उसने कांग्रेस सरकार में CSMCL में एमडी अरुणपति त्रिपाठी, बिजनेसमैन अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा का नाम लिया. ED ने जब इन तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया, तो मामले में और भी खुलासे होने लगे. इसके बाद साल 2024 के अंत में कांग्रेस विधायक और पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा का नाम सामने आया. सूत्रों के मुताबिक ED की जांच में पता चला है कि कवासी लखमा को शराब घोटाले से पीओसी से हर महीने कमिशन मिलाता था.

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में मुठभेड़, सुरक्षाबलों ने दो नक्सलियों को ढेर किया

नारायणपुर छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में आज सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में अब तक दो माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं। साथ ही AK-47 समेत भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री जब्त की गई है। छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमावर्ती क्षेत्र के अबूझमाड़ में मुठभेड़ हुई। सुबह से शुरू जारी है। माओवादियों की मौजूदगी की सूचना पर सुरक्षाबलों ने सर्च अभियान शुरू किया था। अभियान के दौरान माओवादियों के साथ रुक-रुक कर मुठभेड़ जारी है। सुरक्षाबलों और पुलिस को अब तक घटना स्थल से दो पुरुष माओवादियों के शव के साथ हथियार बरामद हुए हैं। माओवादियों से एक एके-47 राइफल, अन्य हथियार, भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, माओवादी साहित्य, प्रचार-प्रसार सामग्री और दैनिक उपयोग की वस्तुएं जब्त की है। मारे गए माओवादियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। सर्च अभियान अभी भी जारी है। अभियान पूर्ण होने पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

CGPSC परीक्षा घोटाला: रिटायर्ड IAS सहित पांचों आरोपी CBI कोर्ट में हुए पेश

रायपुर CGPSC घोटाला मामले में गिरफ्तार पांच आरोपियों को आज सीबीआई की विशेष कोर्ट में पेश किया गया है. पांचों आरोपी पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, पीएससी के सचिव रहे पूर्व आईएएस जीवनलाल ध्रुव, सुमीत ध्रुव, निशा कोसले और दीपा आदिल को सीबीईओ ने गिरफ्तार किया. कोर्ट ने तीन दिन की रिमांड पर सभी को सीबीआई रिमांड पर सौंपा था. आज रिमांड पूरी होने पर फिर से सभी को कोर्ट में पेश किया गया है. इससे पहले 7 लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी सीजीपीएससी घोटाले में सीबीआई ने आज लोक सेवा आयोग की परीक्षा नियंत्रक रही आरती वासनिक, पीएससी के सचिव रहे पूर्व आईएएस जीवनलाल ध्रुव और उनके बेटे सुमित ध्रुव समेत निशा कोसले, दीपा आदिल को गिरफ्तार किया था. इससे पहले 7 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. सीबीआई ने 18 नवंबर को तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और बजरंग पावर एंड इस्पात के तत्कालीन निदेशक श्रवण कुमार गोयल को गिरफ्तार किया था. इसके बाद 10 जनवरी को पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें नितेश सोनवानी (तत्कालीन अध्यक्ष के भतीजे, डिप्टी कलेक्टर के रूप में चयनित) और ललित गणवीर (तत्कालीन डिप्टी परीक्षा नियंत्रक, सीजीपीएससी) शामिल हैं. इसके अतिरिक्त, 12 जनवरी को शशांक गोयल और भूमिका कटियार (दोनों डिप्टी कलेक्टर पद के लिए चयनित) और साहिल सोनवानी (डिप्टी एसपी पद के लिए चयनित) को गिरफ्तार किया गया. वर्तमान में सभी आरोपी जेल में बंद हैं. जानें क्या है सीजीपीएससी घोटोला सीजीपीएससी घोटाला छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की भर्ती प्रक्रिया में 2020 से 2022 के बीच हुई अनियमितताओं से जुड़ा मामला है. आरोप है कि इस दौरान आयोजित परीक्षाओं और साक्षात्कारों में योग्य अभ्यर्थियों की उपेक्षा कर, प्रभावशाली राजनेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों के करीबियों को डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी तथा अन्य उच्च पदों पर चयनित किया गया. इस घोटाले ने प्रदेश की भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए. छत्तीसगढ़ सरकार के अनुरोध पर इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई. जांच एजेंसी ने छापेमारी कर कई आपत्तिजनक दस्तावेज़ बरामद किए और पूर्व अध्यक्ष तमन सिंह सोनवानी, तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया. वर्तमान में यह मामला न्यायिक प्रक्रिया में है.

जंगल के पास हाथी ने ग्रामीण को सूंड से उठाकर पटका, मौके पर जान गई

कोरबा खेत में काम कर घर लौट रहे ग्रामीण का सामना लोनर हाथी से हो गया. वह भागकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचता, इससे पहले दंतैल ने सूंड से पकड़कर ग्रामीण को जमीन पर पटक दिया. जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना कटघोरा वनमंडल के पसान वन परिक्षेत्र अंतर्गत तनेरा ग्राम के गोरिल्ला डांड़ की है. जानकरी के मुताबिक, धन सिंह गोंड़ 45 वर्ष परिवार सहित निवास करता था. धनसिंह रविवार दोपहर करीब 2.30 बजे खेत के समीप जंगल से जलाऊ लकड़ी लेकर घर लौट रहा था. इसी दौरान उसका सामना लोनर हाथी से हो गया. धन सिंह दंतैल से अपनी जान बचाकर भाग रहा था. वह सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की कोशिश कर रहा था, लेकिन इससे पहले ही दंतैल ने उसे सूंड से पकड़कर जमीन पर पटक दिया. इससे उसकी मौत हो गई. पसान रेंजर मनीष सिंह ने बताया कि हमला करने वाले हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा गया है. ग्रामीणों से घटनाक्रम की जानकारी ली गई. आगे की कार्यवाही करते हुए ग्रामीणों को हाथी से दूर रहने की समझाइश दी गई है. वन विभाग की ओर से नियमों के मुताबिक, पीड़ित परिवार को 25 हजार रुपए की तत्काल सहायता राशि दी गई है. वहीं हाथी के दहशत में गुजर-बसर कर रहे ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाए तो वे गांव छोड़ने के लिए मजबूर होंगे.

जीएसटी सुधार लागू, ओपी चौधरी ने कहा- PM मोदी के नेतृत्व में ही संभव

रायपुर पूरे देश में आज से गुड्स एन्ड सर्विस टैक्स (GST) रिफॉर्म लागू हो गया है. दिवाली पर्व से पहले उपभोक्ताओं को मिली सौगात से बाजार गुलजार हो गया है. जीएसटी रिफॉर्म को लेकर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बड़ा बयान दिया है. वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि आज से GST की नई दरें लागू होगी. कई समान सस्ते होंगे. GST 2.O रिफार्म के माध्यम से पीएम मोदी और निर्मला सीता रमन ने देश के 140 करोड़ जनता को एक ऐतिहासिक उपहार दिया है. 12 लाख तक की इनकम टैक्स छूट के बाद सरकार ने अब इससे भी बड़ा तोहफ़ा सभी वर्गों के लोगों को दिया है. रोज़मर्रा की जरूरत की चीज़ें जैसे तेल, शैम्पू, साबुन, टूथब्रश, इसके साथ ही एसी, फ्रिज, टीवी और किसानों के लिए ट्रैक्टर और कृषि यंत्र पर दाम घटा दिए गए हैं. इस ऐतिहासिक फैसले से आम जनता की बचत बढ़ेगी और उनकी क्रय शक्ति (पर्चेसिंग पावर) मजबूत होगी. अर्थव्यवस्था को भी नई रफ्तार मिलेगी. ऐसा सिर्फ PM नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो सकता है. साथ ही, उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि जिन श्रेणियों में कीमतें कम की गई हैं, उसका पूरा लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए. प्रदेशवासियों को नवरात्री पर्व की दी बधाई वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि शक्ति की भक्ति का पर्व नवरात्री की आज से शुरुआत होने जा रही है. यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवताः, जहां नारियों की पूजा होती है, वहां देवता वास करते हैं, ऐसा भाव हमारी संस्कृति में रहा है. इस अवसर पर में सभी मातृ शक्ति को प्रणाम है. मातृ शक्ति के प्रति हमारी सरकार समर्पित है. जिसका एक उदाहरण हमारी महत्वकांशी योजना महतारी वंदन योजना है. इस योजना के लाभान्वित हो रही माताएं सारंगढ़ जिले के दानसरा गांव में श्री राम मंदिर का निर्माण कर रही है. योजना का पैसा आज प्रदेश की 70 लाख महतरियों को मिलने से मातृ शक्ति को नया आत्मविश्वास और ऊर्जा मिली है. उन्होंने आगे कहा कि जिन माताओं-बहनों को महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है, उन्हें ग्रामीण बैंक के माध्यम से मातृ शक्ति ऋण योजना के तहत बिना मॉर्गेज के केवल एक प्रतिशत मासिक ब्याज दर पर 25,000 रुपए तक का लोन उपलब्ध कराया जा रहा है. इस राशि का उपयोग वह सिलाई मशीन खरीदने, छोटा व्यवसाय शुरू करने या किराना दुकान चलाने के लिए कर सकती हैं.

रंजीत की पार्थिव देह को देखने उमड़ा जनसैलाब, लोगों ने नम आंखों से दी विदाई

जगदलपुर बस्तर जिले के बालेंगा के उपयगुड़ा में रहने वाले रंजीत कश्यप तीन दिन पहले मणिपुर में उग्रवादियों के साथ हुए हमले में बलिदान हो गए थे। सोमवार की सुबह जवान का पार्थिव देह जैसे ही गांव पहुंची, हर किसी के आखों से आंसू आ गए, बड़े, बच्चे से लेकर बुजुर्ग की आंखें नम हो गई। रंजीत के साथ गुजारे समय के साथ ही उसके साथ बैठकर की गई बातों को याद कर भावुक हो जा रहे थे। गांव में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा, इस दौरान बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल के साथ ही वन मंत्री केदार कश्यप भी जवान के घर पहुंचे, जहां रंजीत को नम आंखों से विदाई दी गई। बता दें कि जब से रंजीत के घर में इस बात का पता चला कि उग्रवादियों के साथ हुए हमले में रंजीत कश्यप शहीद हो गए। घर के साथ ही पूरे गांव में मातम छा गया। तीन दिन से परिवार से लेकर दोस्त आदि रंजीत के पार्थिव देह को देखने के लिए दिन-रात मौजूद रहे। सोमवार को जैसे ही जवान का पार्थिव देह जगदलपुर एयरपोर्ट से गृहग्राम बालेंगा पहुंचा। लोगों के द्वारा उसके अंतिम दर्शन करने के लिए जमा हो गए। परिवार के साथ ही पूरे गांव में सब की आंखे नम थी, वहीं जवान रंजीत की तीन बेटियां भी इस बात को समझ नहीं पा रही थी कि आखिर घर में क्या चल रहा है। रंजीत की पत्नी एक बार अपने पति के देह को देखती तो एक बार अपने बच्चो को निहारती, उसे समझ ही नहीं पा रहा है कि अब इन 3 मासूम बच्चियों को कैसे समझाएगी की उनके पिता अब इस दुनिया में दोबारा नहीं आ पाएंगे। वहीं पिता अपने बेटे के शव को देखने के बाद इस चिता में डूब गए कि आखिर उनका एकलौता बेटे के जाने के बाद इन बुजुर्ग का सहारा कौन बनेगा, वहीं मां को अब भी विश्वास नहीं हो रहा है कि जिस रंजीत को पिछले रविवार को हंसी खुशी के साथ ड्यूटी जाने के लिए विदा किया था, वही रंजीत चार दिन के बाद तिरंगे में लिपट कर अपने घर आएगा। जहां रंजीत के आने से परिवार के साथ ही दोस्तों में हंसी ठिठोली देखा जाता था। वहीं रंजीत पूरे गांव को रुलाकर चला गया।

दो नए सुरक्षा कैंप की स्थापना, ग्रामीण विकास और सुरक्षा दोनों को बढ़ावा देंगे सुकमा के नए कैंप

सुकमा सरकार ने मार्च 2026 तक नक्लसवाद खत्म करने का लक्ष्य रखा है. नक्सल उन्मूलन अभियान में तेजी लाने और ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ दिलाने बस्तर में नए सुरक्षा कैंप खोले जा रहे हैं. सुकमा जिले के अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र ग्राम “पालागुड़ा एवं गुंडराजगुडेम’ ’में भी पुलिस प्रशासन ने दो नए सुरक्षा कैंप स्थापित किया है. छत्तीसगढ़़ शासन के ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना से क्षेत्र के ग्रामीणों को लाभान्वित करने उद्देश्य से यह कैंप खोला गया है. बता दें कि 2024 से अब तक सुकमा जिले में सुरक्षा बलों ने कुल 18 नए कैंपों की स्थापना की है. भारी मानसून के दौरान एवं कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद सुरक्षा बलों ने सभी चुनौतियों का डटकर सामना करते हुए माओवादियों के कोर जोन क्षेत्र में लगातार एक साथ दोनों ग्रामों में कैंप स्थापित किया है. इससे सिलेगर – एल्मागुंडा एक्सिस सीधा कनेक्ट होगा. सुरक्षा कैंप की स्थापना से क्षेत्र में सुरक्षा वातावरण सुदृढ़ होगा. ग्रामीणों को विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं से सीधे लाभान्वित होने का अवसर प्राप्त होगा. यह कदम माओवादियों के विरुद्ध एक बड़ी रणनीतिक सफलता है. नए सुरक्षा कैम्पों की स्थापना होने से नक्सल उन्मूलन में तेजी आई है, जिसके फलस्वरूप वर्ष 2024 से अब तक नक्सल विचारधारा को त्यागकर 518 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. वहीं सुरक्षा बलों ने विभिन्न अभियानों में 64 माओवादियों को मार गिराए हैं व 451 माओवादियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है. जिला सुकमा के सुदूर अंचल क्षेत्रों में नक्सल उन्मूलन अभियान एवं विकासात्मक कार्यो में तेजी लाने सुन्दरराज पी. पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज, कमलोचन कश्यप पुलिस उप महानिरीक्षक रेंज दंतेवाड़ा, आनंद सिंह राजपुरोहित उप महानिरीक्षक (परि.) सीआरपीएफ रेंज सुकमा के मार्गदर्शन एवं किरण चव्हाण पुलिस अधीक्षक जिला सुकमा, राकेश चंद्र शुक्ला कमांडेंट 150 वाहिनी सीआरपीएफ, कमलेश कुमार कमांडेंट 02 वाहिनी सीआरपीएफ, अमित चौधरी कमांडेंट 201 कोबरा, पवन कुमार सिंह कमांडेंट 203 कोबरा, रोहित शाह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुकमा के निर्देशन एवं पर्यवेक्षण में छत्तीसगढ़ शासन से संचालित ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना के तहत दो सुरक्षा कैंप स्थापित किया गया हैं. नए कैम्प स्थापित होने से क्षेत्र में माओवादियों के अंतरजिला गतिविधियों पर अंकुश लगेगा व नक्सल विरोधी अभियान संचालन में तेजी आएगी. आपपास क्षेत्रों में निवासरत ग्रामीणों को विकासात्मक कार्य एवं मूलभूत सुविधायें जैसे सड़क, पुल/पुलिया निर्माण, बिजली, पानी, स्वास्थ्य सुविधा, पीडीएस दुकाने, अच्छी शिक्षा, मोबाईल कनेक्टिविटी का विस्तार आदि की सुविधाएं मिल पाएगी. नवीन सुरक्षा कैम्प स्थापित होने से क्षेत्र के आम-जन उत्साहित है. बता दें कि वर्ष 2024 से अब तक जिला सुकमा में ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना अंतर्गत कुल 18 नवीन सुरक्षा कैम्प टेकलगुड़ेम, पुवर्ती, मुकराजकोण्डा, दुलेड़, पुलनपाड़, लखापाल, तुमालपाड़, रायगुडे़म, गोलाकोण्डा, गोमगुड़ा, मेटागुड़ेम , उसकावाया नुलकातोंग, तुमालभट्टी वीरागंगलेर, मैता ,पालागुड़ा, गुंडाराजगुंडेम में स्थापित की गई है.

आज से VIP रोड पर नया ट्रैफिक नियम, उल्लंघन पर कटेगा ₹5000 का चालान

रायपुर  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज से ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के साथ-साथ सड़क हादसों को रोकने के लिए प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। नवरात्र के पहले दिन से वीआईपी चौक से एयरपोर्ट तक की सड़क को आज से वन वे कर दिया गया है। करीब 9 किलोमीटर लंबी सेंट्रल रोड के वन-वे होने से लोगों को जाम से राहत मिलेगी इसके साथ ही हादसों पर भी रोक लगेगी। जानकारी के अनुसार, अब इस मार्ग से केवल एयरपोर्ट और नवा रायपुर की तरफ जाने जा सकेंगे। वहीं, इस रोड से शहर की तरफ वापस लौटने की अनुमति नहीं होगी। जिन लोगों को एयरपोर्ट से वीआईपी चौक वापस आना है उन लोगों को सर्विस रोड का उपयोग करना होगा। यह नया ट्रैफिक नियम सोमवार से लागू हो गया है। ट्रैफिक पुलिस ने कहा कि लोगों को मुश्किल नहीं हो इसलिए नई व्यवस्था की जानकारी देने के लिए कुछ दिन तक समझाइश दी जाएगी उसके बाद कार्रवाई होगी। जिला सडक़ सुरक्षा समिति की बैठक में हुआ निर्णय 10 सितंबर को जिला सडक़ सुरक्षा समिति की बैठक में वीआईपी रोड को वनवे घोषित करने तथा अन्य वाहनों के आवागमन को प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद  नगर निगम, परिवहन व यातायात पुलिस की टीम ने वीआईपी रोड का निरीक्षण किया। एयरपोर्ट तक जल्दी पहुंचने के लिए इसका उपयोग लोग करेंगे। शहर की ओर के लिए सर्विस रोड माना एयरपोर्ट, ग्राम फुंडहर, टेमरी व माना पीटीएस की ओर से शहर आने वाले लोग सर्विस रोड का उपयोग कर आवागमन कर सकेंगे। श्रीराम मंदिर टर्निंग से विमानतल के अलावा अन्य गंतव्य को जाने वाले सर्विस रोड से चलेंगे। सीसीटीवी से निगरानी माना विमानतल प्रवेश मार्ग, माना पीटीएस चौक, ग्राम टेमरी ,ग्राम फुंडहर चौक, मौलश्री विहार से मध्य मार्ग में प्रवेश को रोकने के लिए इन स्थानों पर मध्य मार्ग में रांग वे डिटेक्शन कैमरे लगाए गए हैं। इसके जरिए ई-चालान की कार्रवाई की जाएगी। वीआईपी रोड के मध्य मार्ग को वन-वे दर्शाने और वापस आने वालों को मध्य मार्ग में प्रवेश न करने की जानकारी देते हुए आवश्यक स्थानों पर संकेतक बोर्ड लगाए जाएंगे। वन-वे का उल्लंघन करने पर मोटरयान अधिनियम की धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। 2500 रु. जुर्माना लगेगा। तीन मार्ग हैं वीआईपी रोड में माना विमानतल जाने वाले वीआईपी मार्ग में श्रीराम मंदिर के सामने से नवा रायपुर और विमानतल प्रवेश मार्ग तक 3 मार्ग हैं। एक मध्य मार्ग और दोनों ओर एक-एक सर्विस रोड है। माना विमानतल जाने वालों के लिए मध्य मार्ग तथा रोड के दोनों ओर होटल, मैरिज पैलेस व अन्य संस्थानों में आवागमन करने वालों के लिए सर्विस रोड दिया गया है। माना विमानतल, होटल, मैरिज पैलेस व अन्य संस्थानों, गांवों से शहर की ओर आने-जाने वाले मध्य मार्ग का ही उपयोग करते हैं, जिससे मध्य मार्ग में ट्रैफिक दबाव बढ़ गया है। ओवरटेक और रफ्तार के चलते सडक़ दुर्घटनाएं बढ़ी हैं। 7 साल पहले वन-वे के कॉन्सेप्ट पर बना था एयरपोर्ट रोड वीआईपी तिराहा से माना एयरपोर्ट तक सड़क पहले सिंगल लेन थी। एक ही सड़क पर वाहन दोनों ओर से आते-जाते थे। रमन सरकार ने इस सड़क को चौड़ा करने का फैसला किया, लेकिन शर्त थी कि सड़क किनारे लगे पेड़ों को नहीं काटा जाएगा। तब बिना पेड़ काटे चौड़ीकरण की योजना बनाई गई। इसमें तीन सड़कें बनीं। बीच में 10 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क और दोनों ओर 7-7 मीटर की सर्विस रोड। प्लानिंग के समय ही तय किया गया था कि सेंट्रल रोड को वन-वे रखा जाएगा, ताकि लोग जल्दी एयरपोर्ट पहुंच सकें। सर्विस रोड पर पार्किंग बैन किया गया और कारोबारियों को ड्रेनेज पार अपनी पार्किंग बनाने की शर्त रखी गई। फुंडहर, टेकरी चौक, पीटीएस चौक पर अंडरपास बनाने का प्रस्ताव था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ। डिवाइडर को कहीं भी खुला नहीं रखने का भी निर्णय लिया गया था। 16 लोगों की हो चुकी है मौत, 59 घायल वर्तमान में वीआईपी रोड के बीच वाले हिस्से में ही दोनों ओर से वाहनों का आना-जाना होता था। वाहनों की रफ्तार अधिक होती थी। इसके चलते सडक़ दुर्घटनाओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। पिछले 20 माह में इस मार्ग पर 55 सडक़ हादसे हो चुके हैं। माना और तेलीबांधा थाने में दर्ज मामलों के अनुसार इन सडक़ हादसों में 16 लोगों की मौत हो चुकी है। 59 लोग घायल भी हो चुके हैं। पुलिस की अपील एसएसपी डॉक्टर लाल ने वीआईपी मार्ग का उपयोग करने वाले नागरिकों से अपील की है कि वे माना एयरपोर्ट जाने के लिए ही बीच सडक़ का उपयोग करें। शहर की ओर वापसी के लिए सर्विस रोड का इस्तेमाल करें। बीच वाले सडक़ से शहर की ओर आने पर पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। कृपया सर्विस रोड से ही वापसी करें। जुर्माने का भी प्रावधान ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, समझाश देने के बाद भी अगर कोई गाड़ी चालक नियमों को अनदेखा करता है तो उसके ऊपर जुर्माना लगाया जाएगा। यदि कोई वाहन चालक मुख्य सड़क से शहर की तरफ आता है तो उसे 2,000 से लेकर 5,000 रुपये तक का जुर्माना देना होगा। लगाए गए हैं साइन बोर्ड नए नियम के बारे में जानकारी देते हुए ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि वीआईपी रोड पर एयरपोर्ट और नवा रायपुर की तरफ जाने के लिए साइन बोर्ड लगा दिए गए हैं जिससे लोगों को परेशानी नहीं हो। लोगों से अपील की गई है कि शहर की तरफ लौटते समय मेन रोड की जगह सर्विस रोड का उपयोग करें। लोगों को इसके बारे में जानकारी देने के लिए निर्धारित स्थानों पर अतिरिक्त ट्रैफिक स्टाफ तैनात करने की योजना भी बनाई गई है। पार्किंग को किया गया बैन सर्विस रोड पर पार्किंग बैन किया गया है। बता दें कि हाल ही में इस सड़क पर कई हादसे हुए थे। भारी ट्रैफिक के कारण लोग रॉग साइड में भी गाड़ी चलाते हुए पकड़े गए थे। जिस कारण से लंबा जाम लगता था। अब लोगों की सुरक्षा और जाम से निजात दिलाने के लिए यह फैसला किया गया है।

वंदे भारत एक्सप्रेस में बदलाव, यात्रियों की मांग पर रेलवे ने फिर लिया बड़ा फैसला

बिलासपुर बिलासपुर-नागपुर वंदे भारत एक्सप्रेस (Bilaspur-Nagpur Vande Bharata Express) समेत सभी वंदे भारत ट्रेन में अब यात्रियों को फिर से रेलनीर का एक लीटर बाटल पानी मिलेगा। अभी आधा लीटर रेलनीर देने का प्राविधान था। इसमें संशोधन करते हुए नई व्यवस्था लागू की जा रही है। हालांकि शुरुआत में एक लीटर ही रेलनीर दिया जा रहा था। जिसे बाद में कम कर आधा लीटर किया गया। पानी की बर्बादी रोकने के लिए ऐसा किया गया था। वंदे भारत ट्रेन में सुविधाएं वंदे भारत ट्रेन कितनी खास है, यह किसी को बताने की आवश्यकता नहीं है। यात्रियों के सफर से लेकर उनकी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाता है। ट्रेन में नाश्ता व भोजन दोनों का प्राविधान है। इसके लिए टिकट बनाते समय जानकारी भरनी होती है। यदि कोई नाश्ता या भोजन नहीं चाहता तो उन्हें नहीं दिया जाता। लेकिन, दो ऐसी सुविधाएं हैं, जो अनिवार्य है। इनमें अखबार और दूसरा पानी बाटल है। यह सुविधा टिकट में ही जुड़ी रहती है। पानी की हो रही थी बर्बादी हालांकि कुछ महीने पहले यह देखा गया कि यात्री इस बाटल के पानी को खाली नहीं कर पाते थे और पानी की बर्बादी हो रही थी। लेकिन अब यात्रियों के बीच से दोबारा पानी की डिमांड बढ़ी है। जिसे देखते हुए एक लीटर पानी देने का निर्देश रेलवे बोर्ड ने दिया है। इसके साथ ही खाली बाटल को नियमानुसार नष्ट करने के लिए भी कहा है, ताकि प्लाष्टिक की वजह से पर्यावरण को किसी तरह नुकसान न हो।