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दक्षिण कोरिया के KITA से सीएम विष्णुदेव साय की मुलाकात, निवेश संभावनाओं पर हुई चर्चा

निवेश, तकनीकी सहयोग और स्किलिंग से छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने पर हुई चर्चा रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज सियोल में दक्षिण कोरिया के सबसे बड़े व्यापार संगठन कोरिया इंटरनेशनल ट्रेड एसोसिएशन (KITA) के चेयरमैन जिन सिक युन और वाइस प्रेसिडेंट किम की ह्यून से मुलाकात की। 77,000 से अधिक सदस्यों वाला यह संगठन एशिया का अग्रणी व्यापारिक मंच है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति 2024–30, प्राकृतिक संसाधनों और कुशल मानव संसाधन की ताकत को रेखांकित करते हुए निवेश, तकनीकी हस्तांतरण और स्किलिंग के क्षेत्र में संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि “दक्षिण कोरिया के साथ हमारे संबंध केवल व्यापारिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक भी हैं। आज के इस संवाद से छत्तीसगढ़ और कोरिया के बीच निवेश, तकनीकी सहयोग और कौशल विकास के नए द्वार खुलेंगे। इससे छत्तीसगढ़ के युवाओं को आधुनिक उद्योगों में अवसर प्राप्त होंगे और प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।” उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार निवेशकों को सुगम वातावरण, त्वरित स्वीकृतियाँ और आवश्यक आधारभूत संरचना उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि KITA के साथ यह सहयोग छत्तीसगढ़ को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा। बैठक के दौरान KITA के चेयरमैन श्री जिन सिक युन और वाइस प्रेसिडेंट श्री किम की ह्यून ने भी छत्तीसगढ़ की निवेश-अनुकूल नीतियों और संसाधनों में गहरी रुचि व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कोरियाई कंपनियाँ छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं को लेकर उत्साहित हैं और आने वाले समय में साझेदारी के ठोस कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस सहयोग से छत्तीसगढ़ के किसानों, श्रमिकों और स्थानीय उद्यमियों को प्रत्यक्ष लाभ होगा। खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, स्टील और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश से रोजगार के हजारों अवसर सृजित होंगे। साथ ही, तकनीकी हस्तांतरण से स्थानीय उद्योगों की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ न केवल प्राकृतिक संसाधनों से संपन्न है, बल्कि यहाँ का युवा वर्ग मेहनती और कुशल है। कोरियाई कंपनियों के साथ जुड़कर उन्हें स्किलिंग और तकनीकी प्रशिक्षण के नए अवसर मिलेंगे, जिससे प्रदेश की मानव संसाधन क्षमता वैश्विक स्तर पर मजबूत होगी।यह साझेदारी प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी और आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भरता और वैश्विक साझेदारी का आदर्श उदाहरण बनेगा।

जमीन की रजिस्ट्री पर रोक से किसानों में रोष, 120 गांव प्रभावित

रायपुर राजधानी और आसपास के 120 गांवों में जमीन की खरीदी-बिक्री और बटांकन पर रोक लगा दी गई है। पांच प्रोजेक्टों के निर्माण के लिए लगी रोक की वजह से तकरबीन तीन हजार से ज्यादा किसान अपनी जमीन न तो बेच पा रहे हैं और न ही खरीद पा रहे हैं। करीब दो महीने से यह रोक प्रभावी है। इसके चलते ग्रामीणों के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने बताया कि शासन के परिपत्र के अनुसार किसी भी विभाग को प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण का आशय पत्र मिलते ही खरीदी-बिक्री रोकना अनिवार्य है। इसी कड़ी में अब तक पांच बड़े प्रोजेक्ट सामने आए हैं। नवा रायपुर में 12.5 किमी नई सड़क, जमीन खरीदी-बिक्री पर रोक रायपुर के नवा रायपुर के लेयर वन और टू में 12.5 किमी लंबी नई सड़क बनाई जा रही है, जो पलौद, कोटनी, तांदुल, पीता, बंजारी और कुरूं गांवों से होकर गुजरेगी। सड़क निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण किया जाएगा। मुआवजे से पहले जमीन की खरीदी-बिक्री, नामांतरण और डायवर्सन पर रोक लगा दी गई है, ताकि भारतमाला प्रोजेक्ट की तरह फर्जीवाड़ा न हो। कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने कहा कि मुआवजा के समय सभी दस्तावेजों की गहन जांच होगी और गड़बड़ी मिलने पर भुगतान रोका जाएगा। खरसिया, नया रायपुर परमलकसा रेल लाइन पहला प्रोजेक्ट खरसिया, नया रायपुर परमलकसा रेल लाइन है। यह तिल्दा, आरंग, अभनपुर और खरोरा ब्लाक के 35 गांवों से होकर गुजरेगी। गांवों की भूमि पर लगी खरीदी-बिक्री की रोक जल्द ही हटाई जाएगी। रेलवे ने भरोसा दिलाया है। प्रोजेक्ट का फाइनल ट्रेस मैप बनाकर राज्य के राजस्व विभाग को सौंप दिया गया है। जल्द ही रेलवे लाइन के दोनों ओर निर्धारित 10-10 मीटर जमीन को सुरक्षित रखते हुए बाकी भूमि पर से रोक हटा दी जाएगी। रायपुर, बलौदाबाजार मार्ग का चौड़ीकरण दूसरा प्रोजेक्ट रायपुर, बलौदाबाजार मार्ग का चौड़ीकरण है। जिसके लिए निमोरा-1, सिलतरा, जरौंदा, आमासिवनी, सेमरिया-2, खरोरा, नरदहा, कनकी, खपरीडीह खुर्द, भठिया, खैरा सहित कुल 36 गांव कर जमीन खरीदी बिक्री पर रोक लगी है। प्रोजेक्ट के तहत 100-100 मीटर दायरे में सड़क किनारे की जमीन अधिग्रहित की जाएगी। पीडब्ल्यूडी ने बलौदा बाजार मार्ग चौड़ीकरण का प्लान तैयार कर शासन को भेज दिया है। अंतिम स्वीकृति के बाद अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू होगी। परियोजना के पहले चरण में रायपुर विधानसभा जीरो प्वांट से बलौदाबाजार तक 53.1 किलोमीटर की फोर लेन सड़क बनाई जाएगी। विशाखापट्टनम से रायपुर तक एचपीसीएल की पाइपलाइन तीसरा प्रोजेक्ट विशाखापट्टनम से रायपुर तक एचपीसीएल की पाइपलाइन है। इसके लिए आरंग तहसील के कुम्हारी, गौरभाठ, भलेरा, खपरी, चरौदा, मंदिरहसौद क्षेत्र के 15 से ज्यादा गांवों में खरीदी-बिक्री रोकी गई है। विशाखापट्टनम-रायपुर पाइपलाइन परियोजना के तहत पेट्रोलियम पदार्थ परिवहन के लिए छत्तीसगढ़ में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड द्वारा पाइपलाइन बिछाई जाएगी। भूमि उपयोग के अधिकार के लिए गावों के किसानों को नोटिस दिया गया है। नोटिस में कहा गया है कि भूमियों पर पाइपलाइन बिछाने के लिए उपयोग का अधिकार अर्जित होने पर जमीन का स्वामित्व और भूमि पर कब्जा भूमि मालिक का ही रहेगा। लेकिन, किसान यहां पर किसी भी जमीन पर निर्माण नहीं कर सकेंगे। नगर विकास योजना: नया विहार चौथा प्रोजेक्ट नवा रायपुर में बरौदा, रमचंडी, रीको, मंदिरहसौद, सेरीखेड़ी और नकटी गांव जमीन खरीदी बिक्री पर रोक लगाई है। इसके बीच 436 हेक्टेयर भूमि पर ''''नया विहार'''' नगर विकास योजना विकसित की जा रही है। इस योजना में भूमि अधिग्रहण के बदले किसानों को विकसित प्लाट दिए जाएंगे और आम जनता के लिए भी प्लाट उपलब्ध होंगे। इस क्षेत्र में अंडरग्राउंड बिजली, पाइपलाइन से गैस आपूर्ति, चौड़ी सड़कें, वाई-फाई, और सीवरेज प्लांट जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी। परियोजनाओं की प्रगति पर पिछले कुछ महीनों से रोक लगी थी। वजह यह है कि भारतमाला परियोजना में मुआवजा घोटालों के बाद प्रशासन का सतर्क हो गया है। शासन ने इस अनुभव से सबक लेते हुए रेल लाइन के प्रस्तावित मार्ग में आने वाली जमीन पर पूर्व में ही खरीदी-बिक्री रोक दी थी, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अनियमितता को टाला जा सके। जिला प्रशासन ने इन गांवों की जमीनों की खरीदी-बिक्री, बंटाकन, सीमांकन आदि पर रोक लगा दी है। यह रोक एक-दो माह पहले लगाई गई है और प्रस्तावित प्रोजेक्ट पर काम अब तक शुरू नहीं हो पाया है। इससे इन गांवों के जरूरतमंद किसान, ग्रामीण और अन्य लोग परेशान हैं।

CGPSC गोपनीयता भंग का आरोप, PCC चीफ ने की CBI जांच की मांग

रायपुर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने राज्य सरकार पर छत्तीसगढ़ राज्य लोकसेवा आयोग (पीएससी) को बर्बाद करने के गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने आज प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि पीएससी परीक्षा की गोपनीयता भंग हो चुकी है और उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने वालों के नाम तक सार्वजनिक हो रहे हैं. दीपक बैज ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने यूपीएससी की तर्ज पर पीएससी परीक्षा करवाने का वादा किया था, लेकिन आज परीक्षाओं को मजाक बना दिया गया है. एक वेबसाइट रिपोर्ट के मुताबिक बिलासपुर पीजीबीटी कॉलेज के कुछ शिक्षक, जिनमें विद्याभूषण शर्मा, सलीम जावेद और प्रिंसिपल का नाम शामिल है, उत्तर पुस्तिकाओं की जांच कर रहे हैं. यहां तक कि डेपुटेशन पर नौकरी करने वालों और अपात्र शिक्षकों को भी कॉपी जांचने की जिम्मेदारी दी गई है. कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि जब 5वीं की बोर्ड परीक्षा में भी प्रश्नपत्र और कॉपी जांचने वालों के नाम गोपनीय रखे जाते हैं, तब उच्च पदों की भर्ती के लिए आयोजित पीएससी परीक्षा में यह गोपनीयता क्यों नहीं रखी गई? उन्होंने कहा कि जब परीक्षकों के नाम बाजार में सामने आ रहे हैं तो निष्पक्ष मूल्यांकन की गारंटी नहीं बचती. इस मामले की भी सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए.

सरकार से नाराज NHM स्टाफ, सिर मुंडवाकर जताया आक्रोश

सूरजपुर छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के 16 हजार से ज्यादा संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी बीते 18 अगस्त से अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. मोदी की गारंटी को आधार बनाते हुए प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया है. सरकार की अनदेखी से नाराज कर्मचारियों का हड़ताल आज 11 वें दिन भी जारी है. सूरजपुर बस स्टैंड के पास NHM कर्मचारियों ने नियमितीकरण समेत 10 सूत्रीय मांगों को लेकर आज सिर मुंडवा कर विरोध प्रदर्शन किया है. बता दें, लगातार 11 दिनों से वे अपनी मांगों को लेकर अलग-अलग जिलों में अलग-अलग ढंग से हड़ताल कर रहे हैं. बीते दिन बुधवार को मनेंद्रगढ़ में NHM कर्मचारियों ने PPE किट पहनकर बाजार में भीख मांगते हुए प्रदर्शन किया. ये वही किट है, जो कोरोना काल में पहनी जाती थी. वहीं स्वास्थ्य कर्मचारियों के लगातार हड़ताल पर रहने से अस्पतालों में मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. स्वास्थ्य संबंधित व्यवस्थाओं में काफी असर पड़ रहा है. ‘मोदी की गारंटी खोज अभियान’ 29 अगस्त से सरकार की अनदेखी से नाराज कर्मचारियों ने अब शुक्रवार से ‘मोदी की गारंटी खोज अभियान’ शुरू करने का ऐलान किया है. इसके तहत सभी कर्मचारी राजधानी रायपुर के तूता धरना स्थल पर जुटेंगे और वहां से प्रदेशभर में इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे. संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार मिरी ने बताया कि विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान भाजपा ने ‘मोदी की गारंटी’ का नारा देकर घोषणा पत्र जारी किया था. उसमें एनएचएम कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने का वादा किया गया था. लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार ने अब तक 160 से ज्यादा ज्ञापन दिए जाने के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं की. मजबूर होकर कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा. डॉ. मिरी ने कहा कि शुक्रवार 29 अगस्त को प्रदेशभर से कर्मचारी अपने-अपने जिलों से राजधानी की ओर कूच करेंगे. रास्ते में पड़ने वाले गांवों और कस्बों में ‘मोदी की गारंटी खोज अभियान’ चलाया जाएगा. इसके लिए विशेष रुप से तैयार किये गए 2 लाख पंपलेट बांटे जाएंगे, जिनके जरिए लोग सरकार से पूछेंगे कि वादा की गई गारंटी आखिर कहां गायब हो गई. आंदोलनकारी कर्मचारी आम जनता, दुकानदारों और परिचितों से मिलकर अपनी पीड़ा भी साझा करेंगे.

श्रद्धा और आस्था का संगम: गांव में सांपों की निकली शोभायात्रा

राजिम ऋषि पंचमी पर गरियाबंद जिले के देवरी गांव में जहरीले सांपों की शोभयात्रा निकाली गई, जिसे देखने अंचल के हजारों लोग पहुंचे थे. जानकारी के मुताबिक, इस गांव में सांवरा समिति के लोग घरों में सांप निकलने पर उन सांपों को संरक्षित करने के लिए पकड़ते हैं और ऋषि पंचमी पर पूजा-अर्चना कर शोभायात्रा निकालते हैं. फिर सुरक्षित जंगलों में छोड़ देते हैं. सांपों की पूजा करने उमड़ी लोगों की भीड़ हर साल की तरह इस बार भी सांवरा समिति ने यह विशेष आयोजन किया. परंपरा के अनुसार, घरों और खेतों में निकलने वाले जहरीले सांपों को ग्रामीण सुरक्षित तरीके से पकड़ते हैं. इन्हीं सर्पों की पूजा-अर्चना कर शोभायात्रा निकाली जाती है. गांव-गांव से पहुंचे लोग जगह-जगह पूजा-अर्चना करते हैं और शोभायात्रा का स्वागत करते हैं. शोभायात्रा समाप्त होने के बाद सभी सर्पों को सुरक्षित रूप से जंगलों में छोड़ दिया जाता है. गांव के लोगों का मानना है कि वर्षों से यह परंपरा चल रही है. अब तक किसी भी व्यक्ति के साथ सर्पदंश की कोई अनहोनी घटना नहीं घटी है. सांवरा गुरु पाठशाला में सिखाया जाता है सांपों को पकड़ना देवरी गांव में स्थित सांवरा गुरु पाठशाला इस परंपरा का केंद्र है, जहां युवाओं को सांपों को सुरक्षित तरीके से पकड़ना और उन्हें संरक्षित करना सिखाया जाता है. ग्रामीणों का कहना है कि यह आयोजन केवल आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता का अनूठा उदाहरण भी है. देवरी में हर साल होने वाला यह आयोजन अब अंचल की पहचान और श्रद्धा का पर्व बन चुका है, जिसे देखने लोग दूर-दूर से आते हैं.

सोने के मुकुट से सजी गणपति की प्रतिमा, रायपुर में भक्तों का उमड़ा जनसैलाब

रायपुर गणेश चतुर्थी पर बुधवार को गोलबाजार स्थित श्री सार्वजनिक हनुमान मंदिर ट्रस्ट और श्री बजरंग नवयुवक गणेश उत्सव समिति द्वारा आयोजित पूजन उत्सव में भक्तों ने आस्था की अनूठी मिसाल पेश की। गणपति बप्पा को नवरत्न जड़ित 750 ग्राम सोने का मुकुट अर्पित किया गया, जिसकी कीमत लगभग 75 लाख रुपये आंकी गई है। वहीं जयपुर के सांवरिया सेठ को तीन किलो चांदी भेंट की गई। उत्सव का शुभारंभ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने विधिवत पूजन कर किया। इस दौरान सांसद बृजमोहन अग्रवाल और विधायक सुनील सोनी भी मौजूद रहें। समारोह का संचालन करते हुए सहकारी बैंक अध्यक्ष केदारनाथ गुप्ता ने बताया कि यह परंपरा 1885 से निरंतर चल रही है। पूजन में आचार्य आकाश मिश्रा के नेतृत्व में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा सम्पन्न हुई। पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। इसके साथ ही भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी के अवसर पर राजधानी रायपुर में कई स्थानों पर भगवान गणेश जी पंडालों में विराजमान हो गए हैं। बुधवार को हुई इस मंगल स्थापना के साथ ही अगले 10 दिनों तक शहर में भक्ति, उल्लास और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। रायपुर में भी सुबह से ही ‘गणपति’ के जयघोष से वातावरण गूंज उठा। बड़ी संख्या में भक्तों ने उत्साह के साथ प्रतिमाओं को उनके गंतव्य तक पहुंचाया, जहां भव्य पंडालों और आकर्षक सजावट के बीच उनकी प्राण-प्रतिष्ठा की गई। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और मोहल्लों में बने पंडाल इस साल अपनी अनूठी थीम और कलात्मकता के लिए चर्चा में हैं। लाखे नगर में इस बार गणपति बप्पा की अनोखी प्रतिमा स्थापित की गई है। यहां बप्पा की आंखों की पलकें खुलती और बंद होती है। इसके लिए प्रतिमा के अंदर मोटर फिट की गई है। प्रतिमा एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जनरेट किया गया है। शिव महिमाम की थीम पर पंडाल इस बार गुढ़ियारी गणेशोत्सव समिति शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है। इस बार भगवान शिव की जीवंत लीलाओं में पंडाल को सजाया गया है। 12 हजार वर्गफीट में लगे पंडाल में तरह-तरह की चलित झांकियां है। यहां अर्धनारीश्वर, सावन की पूजा, गंगा अवतरण, मार्कंडेय ऋषि का उद्धार, सागर मंथन, भोले की बारात, शंकर-पार्वती के फेरे, रावण का कैलाश पर्वत उठाना, कैलाश मानसरोवर की झांकी खास रहेगी। धूमकेतु अवतार में बप्पा श्री भारतीय समाज समिति तात्यापारा में धूमकेतु अवतार में बप्पा को विराजित किया गया है। राजवाड़ा किला के थीम पर पंडाल सजाया गया है। छोटा पारा हिंदू-मुस्लिम एकता छोटापारा में गणेशोत्सव में सामाजिक सौहार्द और एकता की अनूठी मिसाल पेश कर रहा है। छोटापारा नवयुवक संघ गणेशोत्सव समिति की ओर से स्थापित हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग मिलकर हिस्सा लेते हैं।

न्यायिक प्रक्रिया में बदलाव: हाईकोर्ट ने नोटिस भेजने के लिए स्पीड पोस्ट को दी मंजूरी

बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला लिया है. अब कोर्ट से जुड़े नोटिस और दस्तावेज अब स्पीड पोस्ट से भेजे जाएंगे. इससे नोटिस और दस्तावेज की डिलीवरी प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होने के साथ न्यायिक कार्रवाई में तेजी आएगी. हाईकोर्ट का ताजा फैसला न्यायिक प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. इस फैसले के साथ ही अब अधिकारियों और पक्षकारों की बहानेबाजी नहीं चलेगी, अब देरी का हवाला नहीं दे पाएंगे. इसके साथ ही लापरवाही पर जवाबदेही तय होगी.

निवेश के लिए खुले दरवाज़े: मुख्यमंत्री साय ने दक्षिण कोरियाई निवेशकों को किया आमंत्रित

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में आयोजित छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में कोरिया इंटरनेशनल ट्रेड एसोसिएशन और निवेशकों के समक्ष छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी प्रो-एक्टिव एवं विकासोन्मुख औद्योगिक नीति 2024–30, प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों और प्रशिक्षित जनशक्ति के बल पर वैश्विक निवेश और औद्योगिक सहयोग के लिए पूरी तरह तैयार है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कोरियाई ब्रांड हर भारतीय घर का हिस्सा हैं। एलजी, सैमसंग, हुंडई जैसी कंपनियां गांव-गांव तक पहुंच चुकी हैं। छत्तीसगढ़ में प्रचुर मात्रा में जल, ऊर्जा, लौह अयस्क व स्टील और बेहतरीन कनेक्टिविटी उपलब्ध है। ये संसाधन दक्षिण कोरियाई निवेशकों के लिए अवसरों के नए द्वार खोलते हैं। मुख्यमंत्री साय ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार सिंगल-विंडो क्लीयरेंस, व्यवसाय सुगमता और उद्योग-अनुकूल नीतियों के माध्यम से प्रत्येक निवेशक को हर स्तर पर सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज खनिज, ऊर्जा, इस्पात, खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और आईटी-स्टार्टअप्स जैसे क्षेत्रों में वैश्विक निवेश का स्वागत कर रहा है। मुख्यमंत्री साय ने यह भी रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ का विकास मॉडल केवल औद्योगिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं को रोजगार, महिलाओं को स्वावलंबन और किसानों को उपज का बेहतर मूल्य दिलाने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक निवेश के साथ-साथ सामाजिक सशक्तिकरण भी हमारी प्राथमिकता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने भारत के राजदूत अमित कुमार से भारतीय दूतावास, सियोल में मुलाक़ात कर छत्तीसगढ़ में निवेश संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने स्टील और खनिज से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स व फूड प्रोसेसिंग तक, मजबूत द्विपक्षीय आर्थिक साझेदारी की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया है। मुख्यमंत्री साय ने दक्षिण कोरिया और छत्तीसगढ़ के बीच सांस्कृतिक एवं कारोबारी रिश्तों को रेखांकित करते हुए कहा कि इन साझेदारियों से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, अनुसंधान एवं नवाचार और उच्च मूल्य रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे। उन्होंने कोरियाई निवेशकों से आग्रह किया कि वे छत्तीसगढ़ को अपने नए औद्योगिक निवेश स्थल के रूप में चुनें और साझा समृद्धि की इस यात्रा का हिस्सा बनें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं निवेश संवर्धन एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

प्रभारी सचिव बाढ़ प्रभावित जिलों का भ्रमण कर राहत कार्यों का करें निरीक्षण : मुख्यमंत्री साय

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के प्रत्येक बाढ़ प्रभावित परिवार तक हर संभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों की पीड़ा को शीघ्र कम करना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लोगों को यह महसूस होना चाहिए कि संकट की इस घड़ी में प्रशासन उनके साथ मजबूती से खड़ा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित जिलों—बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के कलेक्टरों व वरिष्ठ अधिकारियों से राहत एवं पुनर्वास कार्यों की विस्तृत समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया  कि बाढ़ से हुई जनहानि और पशुहानि प्रभावित परिवारों को राहत राशि बिना विलंब के उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त आवासों के सुधार हेतु तिरपाल, बाँस-बल्ली और राहत राशि का वितरण प्राथमिकता से किया जाए। मुख्यमंत्री ने  कहा कि बाढ़ प्रभावित जिलों के प्रभारी सचिव अपने-अपने जिलों का भ्रमण करें और राहत कार्यों का सतत पर्यवेक्षण सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि प्रभावित गाँवों से सड़क संपर्क बहाल करने, क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों की मरम्मत और बिजली आपूर्ति पुनर्स्थापना का कार्य युद्धस्तर पर किया जाए। उन्होंने कहा कि बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की शीघ्र बहाली राहत कार्यों की सफलता की कुंजी है। समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह भी उपस्थित थे। मुख्य सचिव जैन ने कलेक्टरों से कहा कि यदि उन्हें  शासन स्तर से अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता हो तो वे तुरंत प्रस्ताव भेजें, ताकि शासन स्तर पर शीघ्र निर्णय लिया जा सके। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह ने कलेक्टरों को निर्देश दिया कि राहत शिविरों में भोजन, कपड़े और सूखा राशन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, उन्होंने कहा कि राहत शिविरों और प्रभावित गाँवों में स्वास्थ्य शिविर और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। बैठक के प्रारंभ में राजस्व सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले ने मुख्यमंत्री को बस्तर में बाढ़ की स्थिति और अब तक किए गए राहत कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी बाढ़ प्रभावित जिलों को अतिरिक्त राशन का आबंटन भी कर दिया गया है और सामग्री प्रभावित परिवारों तक पहुँचाई जा रही है। इसके उपरान्त मुख्यमंत्री साय ने चारों जिलों के कलेक्टरों से सीधे संवाद कर उनके-अपने जिलों में चल रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी ली। कलेक्टरों ने बताया कि अब अधिकांश बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में पानी उतरने लगा है और स्थिति नियंत्रण में है। समीक्षा बैठक में बताया गया कि वर्तमान में प्रशासन का पूरा ध्यान राहत और पुनर्वास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने पर केंद्रित है। समीक्षा बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव कमलप्रीत सिंह, बस्तर संभाग के आयुक्त डोमन सिंह और पुलिस महानिरीक्षक पी. सुन्दरराज उपस्थित थे।

रेणुका सिंह ने 4जी नेटवर्क सुविधा पर जताया मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को आभार

रामगढ़ टावर अपग्रेड होकर हुआ 4जी – विधायक श्रीमती रेणुका सिंह ने जताया आभार, कहा जनता की सेवा ही मेरा संकल्प रेणुका सिंह ने 4जी नेटवर्क सुविधा पर जताया मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को आभार जनता की समस्या का समाधान – रेणुका सिंह ने जताया मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को आभार विकास कार्यों पर रेणुका सिंह ने मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री को कहा धन्यवाद एमसीबी/रामगढ़/भरतपुर–सोनहत भरतपुर–सोनहत विधानसभा क्षेत्र की लाडली एवं लोकप्रिय विधायक श्रीमती रेणुका सिंह ने क्षेत्र की जनता को बड़ी सौगात दी है। लंबे समय से नेटवर्क की समस्या से जूझ रहे रामगढ़ क्षेत्र को अब 4जी सेवा की सुविधा मिलने जा रही है। आज रामगढ़ स्थित बीएसएनएल टावर का सफलतापूर्वक उन्नयन कर उसे 4जी नेटवर्क से जोड़ दिया गया है। इस अवसर पर विधायक श्रीमती रेणुका सिंह ने कहा कि – “रामगढ़ सहित पूरे विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक गाँव में मोबाइल नेटवर्क की सुविधा पहुँचाना मेरा संकल्प है। संचार सुविधा आज हर घर की मूलभूत आवश्यकता बन चुकी है। विद्यार्थियों से लेकर व्यापारियों तक, किसान से लेकर आम जन तक, हर वर्ग इससे सीधे जुड़ा है। इस टावर के अपग्रेड होने से अब हजारों लोगों को निर्बाध इंटरनेट व मोबाइल सेवा का लाभ मिलेगा।” विधायक श्रीमती सिंह ने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि – “साय साहब का संवेदनशील और दूरदर्शी नेतृत्व ही है, जिसकी बदौलत क्षेत्र की इस बहुप्रतीक्षित समस्या का समाधान संभव हुआ। वे जनता की समस्याओं को हर पल सुनते हैं और उनका निराकरण करने में कोई कसर नहीं छोड़ते।” साथ ही उन्होंने भारत को नई ऊँचाइयों पर ले जाने वाले, विश्व मंच पर देश की गौरवपूर्ण पहचान बनाने वाले, भारत माता के सपूत और हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति हृदय से आभार प्रकट करते हुए कहा कि – “मोदी जी की गारंटी और सुशासन का ही परिणाम है कि आज देश के अंतिम छोर तक विकास और संचार की पहुँच सुनिश्चित हो रही है। भरतपुर–सोनहत की जनता भी इसका प्रत्यक्ष लाभ अनुभव कर रही है।” अंत में विधायक श्रीमती रेणुका सिंह ने कहा कि – “मैं लगातार अपने विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही हूँ। जनता की समस्याओं का निराकरण करना और हर सुख-दुख में उनके साथ खड़ा रहना ही मेरा संकल्प है और मैं इसके लिए सदैव तत्पर रहूँगी।”