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विधानसभा भवन को मिलेगा नया गौरव, स्थापित होगी डॉ. भीमराव अंबेडकर की विशाल प्रतिमा

रायपुर नवा रायपुर अटल नगर स्थित नवनिर्मित छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन परिसर में भारतीय संविधान के शिल्पकार, भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 25 फीट से ऊंची भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी. छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की अनुशंसा की है. विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से लोक निर्माण विभाग और संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में जल्द आवश्यक निर्देश जारी करने का भी आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य ने अपने गठन के 25 वर्षों की यात्रा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं. संविधान में निहित स्वतंत्रता, समता, न्याय और बंधुत्व के सिद्धांतों से प्रेरित होकर यह राज्य समावेशी विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि नवनिर्मित विधानसभा परिसर में प्रस्तावित डॉ. अंबेडकर की यह भव्य प्रतिमा न केवल संविधान निर्माता को यथोचित सम्मान अर्पित करेगी, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए सामाजिक समता, न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों की प्रेरणा का प्रतीक भी बनेगी. उल्लेखनीय है कि बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर 12 दिसंबर 1945 को रायपुर आए थे और वर्तमान माधवराव सप्रे शाला परिसर (तात्कालीन लॉरी स्कूल) में ऐतिहासिक जनसभा को संबोधित किया था. इस यात्रा ने छत्तीसगढ़ की धरती को उनके विचारों और व्यक्तित्व से सशक्त बनाया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस और छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर नवा रायपुर में नवनिर्मित विधानसभा भवन का लोकार्पण करेंगे. यह पहल डॉ. अंबेडकर वेलफेयर सोसाइटी (ए.डब्ल्यू.एस.) की ओर से की गई है. सोसाइटी के चेयरमैन दिलीप वासनीकर एवं प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा अध्यक्ष से विगत दिनों मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था. उन्होंने राज्य स्थापना के रजत महोत्सव वर्ष में यह प्रतिमा स्थापित करने का निवेदन करते हुए इसे सामाजिक समता और लोकतांत्रिक मूल्यों के संवर्द्धन की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया.

रायपुर: 17 सितम्बर से शुरू होगा ‘आदि सेवा पखवाड़ा’, आदि कर्मयोगी अभियान के तहत आयोजन

रायपुर : आदि कर्मयोगी अभियान : 17 सितम्बर से चलेगा आदि सेवा पखवाड़ा रायपुर: 17 सितम्बर से शुरू होगा ‘आदि सेवा पखवाड़ा’, आदि कर्मयोगी अभियान के तहत आयोजन आदि कर्मयोगी अभियान: रायपुर में 17 सितम्बर से चलेगा विशेष सेवा पखवाड़ा लोगों की समस्या व शिकायत का निराकरण एवं जागरूकता कार्यक्रम का होगा आयोजन रायपुर आदि कर्मयोगी अभियान के तहत बलौदाबाजार जिले के आदिवासी बाहुल्य 46 ग्राम पंचायतों में 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर 2025 तक आदि सेवा पखवाड़ा चलाया जाएगा। इसमें विभागीय अधिकारी -कर्मचारी द्वारा लोगों की समस्या एवं शिकायतों का निरकारण करने के साथ ही जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किये जाएंगे। कलेक्टर दीपक सोनी ने गुरुवार को जिला स्तरीय कार्यशाला में ऑनलाइन माध्यम से अभियान के सम्बन्ध में जरूरी निर्देश दिये। कलेक्टर ने कहा कि सभी सम्बधित विभाग योजनाओं का शतप्रतिशत लाभ पहुंचाने मिशन मोड़ में काम करें। फिल्ड में कर्मचारियों की मौजूदगी हो। जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर विकासखंड एवं ग्राम स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित करें। स्व सहायता समूहों को आजीविका गतिविधियों से जोड़ें। बताया गया कि जिले में आदि कर्मयोगी अभियान के तहत 46 ग्राम पंचायतों के हितग्राहियो का चिन्हांकन कर लिया गया है। इसके साथ ही इन ग्राम पंचायत के सरपंच व सचिव का ओरिएंटेशन कार्यक्रम भी कराया गया है। अभियान के तहत प्रत्येक चयनित ग्राम में आदि सेवा केंद्र स्थापित किये जाएंगे जो शासकीय सेवाओं की प्रदायगी एयर जनभागीदारी को बढ़ावा देने का केंद्र बनेंगे। चरणबद्ध प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधि, एनजीओ, स्वयं सेवी संगठन और युवाओं को शामिल किया जाएगा। आदि कर्मयोगी अभियान के तहत  विकास कार्य तीन स्तर पर क किया जाएगा जिसमें पहला आदि कर्मयोगी तैयार करना है। इसमें प्रशासनिक अमले से जिला स्तरीय एवं ब्लॉक स्तरीय मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे। दूसरे क्रम में आदि सहयोगियों की टीम बनाई जाएगी।आदि सहयोगी  ग्राम स्तर पर कार्य करेंगे जिसमें शिक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, चिकित्सक, युवा नेता, सामाजिक मुखिया जैसे व्यक्ति ग्राम के विकास की रूपरेखा व्यक्तिगतमूलक, पारिवारिकमूलक एवं समुदाय मूलक अनुसार तैयार करेंगे। तीसरे क्रम पर आदि साथी होंगे जिन्हें योजनाओं का लाभ दिया जाना है। उल्लेखनीय है कि जनजातीय अंचलों में सेवा, समर्पण और सुशासन की भावना के साथ शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जनजातीय कार्य मंत्रालय के द्वारा पिछड़े और जनजातीय बाहुल्य ग्रामों में शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के कार्य को नई दिशा देने हेतु एक नई पहल की गई है जिसे “आदि कर्मयोगी अभियान”नाम दिया गया है। कार्यशाला में डीएफओ धम्मशील गणवीर सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी, जनपद सीईओ ऑनलाइन जुड़े थे।

10 दिन बाद प्रदेश लौटेंगे मुख्यमंत्री साय, समर्थकों में जबरदस्त उत्साह

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने कार्यकाल का पहला 10 दिवसीय विदेश दौरा पूरा करने के बाद वापस लौटेंगे. वे कल यानी 30 अगस्त को रायपुर पहुंचेंगे. उनके वापस लौटने पर स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर रायपुर शहर जिला भाजपा ने भव्य स्वागत की तैयारियां की है. इसे लेकर रायपुर शहर जिला भाजपा की गुरुवार को एक तैयारी बैठक हुई. बैठक में सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, जिलाध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर विशेष रूप से मौजूद रहे. दोनों भाजपा नेताओं ने बताया कि मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित रहने का आह्वान किया गया है. भाजपा की तैयारी विमानतल से मुख्यमंत्री निवास तक स्वागत रैली निकालने की है. कार्यक्रम में भाजपा के पधाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे. बता दें कि मुख्यमंत्री साय ने 10 दिवसीय दौरे पर जापान और साउथ कोरिया पहुंचे. यहां उन्होंने जापान की ओसाका में वर्ल्ड एक्सपो में उद्योगपतियों से मुलाकात की. इसके अलावा उन्होंने सियोल में दक्षिण कोरिया के सबसे बड़े व्यापार संगठन इंटरनेशनल ट्रेड एसोसिएशन (KITA) के चेयरमैन जिन सिक युन और वाइस प्रेसिडेंट किम की ह्यून से मुलाकात की. मुख्यमंत्री ने विदेशी निवेशकों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित किया.

रायपुर: विधायक सुश्री उसेंडी ने 25वीं राज्य स्तरीय शालेय खेल प्रतियोगिता का किया उद्घाटन

रायपुर: विधायक सुश्री उसेंडी ने 25वीं राज्य स्तरीय शालेय खेल प्रतियोगिता का किया उद्घाटन छत्तीसगढ़ में 25वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता की शुरुआत, विधायक उसेंडी ने दी शुभकामनाएँ फुटबॉल, तीरंदाजी और मलखंभ में खिलाड़ी दिखाएंगे अपने जौहर रायपुर बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी ने आज गुरूवार को जिला मुख्यालय कोण्डागांव के विकास नगर स्टेडियम में 25वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। यह प्रतियोगिता 28 अगस्त से 31 अगस्त 2025 तक चलगी, जिसमें राज्य के रायपुर, बस्तर, दुर्ग, बिलासपुर और सरगुजा संभाग के लगभग 570 खिलाड़ी फुटबाल, तीरंदाजी और मलखंभ खेलों में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। इस दौरान खिलाड़ियों द्वारा आकर्षक मार्च पास्ट किया गया।  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक सुश्री उसेण्डी ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं उज्जवल भविष्य निर्माण के लिए खेल अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। खेल न केवल शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाते हैं, बल्कि जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देते हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर संभाग के खिलाड़ी तीरंदाजी और मलखंभ जैसे खेलों में उल्लेखनीय प्रदर्शन कर नई पहचान बना रहे हैं। सुश्री उसेंडी ने विश्वास जताया कि क्षेत्र के खिलाड़ी अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा के दम पर जिले और क्षेत्र का नाम, प्रदेश, देश और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेंगे। उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा अनेक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी भी दी जा रही है। साथ ही अलंकरण सम्मान भी दिया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस पर दिए गए संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान समय में मोटापा एक गंभीर समस्या बन रही है और इससे निपटने का सबसे प्रभावी साधन खेल ही हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ आगे बढ़ने और अनुशासन के साथ खेलने की बात कही। अंत में विधायक ने सभी संभाग के खिलाड़ियों से मिलकर संवाद किया और उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। शुभारंभ कार्यक्रम को श्री मनोज जैन ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री जसकेतु उसेण्डी, राज्य तीरंदाजी संघ के उपाध्यक्ष श्री दीपेश अरोरा, जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती भारती प्रधान, स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे उपस्थित थे।  

नवा रायपुर विधानसभा में लगेगी बाबा साहेब अंबेडकर की 25 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा

नवा रायपुर विधानसभा में लगेगी बाबा साहेब अंबेडकर की 25 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में स्थापित होगी अंबेडकर जी की विशाल प्रतिमा विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर की कार्यवाही की अनुशंसा रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने नवा रायपुर स्थित नवनिर्मित विधानसभा भवन परिसर में भारतीय संविधान के शिल्पकार, भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 25 फीट से ऊंची भव्य प्रतिमा स्थापित करने हेतु मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की अनुशंसा की है। डॉ. सिंह ने मुख्यमंत्री से लोक निर्माण विभाग एवं संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में शीघ्र आवश्यक निर्देश जारी करने का भी आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य ने अपने गठन के 25 वर्षों की यात्रा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। संविधान में निहित स्वतंत्रता, समता, न्याय और बंधुत्व के सिद्धांतों से प्रेरित होकर यह राज्य समावेशी विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि नवनिर्मित विधानसभा परिसर में प्रस्तावित डॉ. अंबेडकर की यह भव्य प्रतिमा न केवल संविधान निर्माता को यथोचित सम्मान अर्पित करेगी, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए सामाजिक समता, न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों की प्रेरणा का प्रतीक भी बनेगी। उल्लेखनीय है कि बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर 12 दिसंबर 1945 को रायपुर आए थे और वर्तमान माधवराव सप्रे शाला परिसर (तात्कालीन लॉरी स्कूल) में ऐतिहासिक जनसभा को संबोधित किया था। इस यात्रा ने छत्तीसगढ़ की धरती को उनके विचारों और व्यक्तित्व से सशक्त बनाया। यह पहल डॉ. अंबेडकर वेलफेयर सोसाइटी (ए.डब्ल्यू.एस.) की ओर से की गई है। सोसाइटी के चेयरमैन दिलीप वासनीकर एवं प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा अध्यक्ष से विगत दिनो मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने राज्य स्थापना के रजत महोत्सव वर्ष में यह प्रतिमा स्थापित करने का निवेदन करते हुए इसे सामाजिक समता और लोकतांत्रिक मूल्यों के संवर्द्धन की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। डॉ. रमन सिंह ने ए.डब्ल्यू.एस. की इस पहल को पूर्ण समर्थन देते हुए कहा कि इस प्रतिमा की स्थापना से छत्तीसगढ़ की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर एक समावेशी और संवेदनशील राज्य के रूप में और भी सशक्त होगी।

प्रभारी सचिव बाढ़ प्रभावित जिलों का भ्रमण कर राहत कार्यों का करें निरीक्षण – मुख्यमंत्री साय

रायपुर : बस्तर बाढ़ प्रभावितों की हर संभव मदद करें सुनिश्चित – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय प्रभारी सचिव बाढ़ प्रभावित जिलों का भ्रमण कर राहत कार्यों का करें निरीक्षण –  मुख्यमंत्री साय  मुख्यमंत्री साय ने बाढ़ प्रभावित जिलों की समीक्षा  के दौरान दिए दिशानिर्देश रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के प्रत्येक बाढ़ प्रभावित परिवार तक हर संभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों की पीड़ा को शीघ्र कम करना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लोगों को यह महसूस होना चाहिए कि संकट की इस घड़ी में प्रशासन उनके साथ मजबूती से खड़ा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित जिलों—बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के कलेक्टरों व वरिष्ठ अधिकारियों से राहत एवं पुनर्वास कार्यों की विस्तृत समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया  कि बाढ़ से हुई जनहानि और पशुहानि प्रभावित परिवारों को राहत राशि बिना विलंब के उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त आवासों के सुधार हेतु तिरपाल, बाँस-बल्ली और राहत राशि का वितरण प्राथमिकता से किया जाए। मुख्यमंत्री ने  कहा कि बाढ़ प्रभावित जिलों के प्रभारी सचिव अपने-अपने जिलों का भ्रमण करें और राहत कार्यों का सतत पर्यवेक्षण सुनिश्चित करें।  मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि प्रभावित गाँवों से सड़क संपर्क बहाल करने, क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों की मरम्मत और बिजली आपूर्ति पुनर्स्थापना का कार्य युद्धस्तर पर किया जाए। उन्होंने कहा कि बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की शीघ्र बहाली राहत कार्यों की सफलता की कुंजी है। समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह भी उपस्थित थे। मुख्य सचिव जैन ने कलेक्टरों से कहा कि यदि उन्हें  शासन स्तर से अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता हो तो वे तुरंत प्रस्ताव भेजें, ताकि शासन स्तर पर शीघ्र निर्णय लिया जा सके। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह ने कलेक्टरों को निर्देश दिया कि राहत शिविरों में भोजन, कपड़े और सूखा राशन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, उन्होंने कहा कि राहत शिविरों और प्रभावित गाँवों में स्वास्थ्य शिविर और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। बैठक के प्रारंभ में राजस्व सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने मुख्यमंत्री को बस्तर में बाढ़ की स्थिति और अब तक किए गए राहत कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी बाढ़ प्रभावित जिलों को अतिरिक्त राशन का आबंटन भी कर दिया गया है और सामग्री प्रभावित परिवारों तक पहुँचाई जा रही है। इसके उपरान्त मुख्यमंत्री साय ने चारों जिलों के कलेक्टरों से सीधे संवाद कर उनके-अपने जिलों में चल रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी ली। कलेक्टरों ने बताया कि अब अधिकांश बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में पानी उतरने लगा है और स्थिति नियंत्रण में है। समीक्षा बैठक में बताया गया कि वर्तमान में प्रशासन का पूरा ध्यान राहत और पुनर्वास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने पर केंद्रित है।  समीक्षा बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव कमलप्रीत सिंह, बस्तर संभाग के आयुक्त डोमन सिंह और पुलिस महानिरीक्षक पी. सुन्दरराज उपस्थित थे।

जीपीएम जिले के सभी पंप संचालक बने रेडक्रॉस के आजीवन सदस्य, शुरू की हेलमेट मुहिम

रायपुर : अब बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं: जीपीएम जिले के पंप संचालकों ने उठाया कदम जीपीएम जिले के सभी पंप संचालक बने रेडक्रॉस के आजीवन सदस्य, शुरू की हेलमेट मुहिम बिना हेलमेट पेट्रोल बंद, जीपीएम पंप संचालकों ने बढ़ाया सुरक्षा और समाजसेवा का कदम रायपुर गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में सड़क हादसों को कम करने और लोगों की जान बचाने के लिए अब प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी और पुलिस अधीक्षक श्री एस.आर. भगत की मौजूदगी में कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में हुई बैठक में तय किया गया कि अब जिले के सभी पेट्रोल-डीजल पंपों पर “नो हेलमेट-नो पेट्रोल” नियम सख्ती से लागू किया जाएगा। बैठक में सभी पंप संचालकों ने इस फैसले का स्वागत किया और सहमति जताई। तय हुआ कि आने वाले एक हफ्ते तक जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को समझाया जाएगा कि पेट्रोल लेने के लिए हेलमेट पहनना जरूरी है। इसके लिए सभी पंपों पर चेतावनी वाले फ्लैक्स लगाए जाएंगे और चौक-चौराहों पर भी घोषणाएं की जाएंगी। इसके बाद प्रशासन हेलमेट की अनिवार्यता को सख्ती से लागू करेगा। बैठक में मानवता की सेवा के लिए जिला रेडक्रॉस सोसायटी की सदस्यता लेने पर भी चर्चा हुई। इसमें सभी पंप संचालकों ने 1000 रुपये शुल्क जमा कर आजीवन सदस्यता ली। इसके साथ ही, गौरेला के मथुरा पेट्रोल पंप संचालक उमेश अग्रवाल और पेंड्रा के काव्या पेट्रोल पंप संचालक आदित्य साहू ने 25 हजार रुपये सेवा शुल्क देकर संरक्षक सदस्यता भी ग्रहण की। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ओम चंदेल, जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा सहित जिले के सभी प्रमुख पेट्रोल पंप संचालक और प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में हिंदुस्तान पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम से जुड़े विभिन्न पंप संचालकों ने भी भाग लिया और इस जनहितकारी निर्णय का समर्थन किया। इस तरह प्रशासन और पंप संचालकों के संयुक्त प्रयास से जिले में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा और हेलमेट पहनने की आदत से कई अनमोल जिंदगियां बचाई जा सकेंगी।

गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 72 मरीजों को मिली 2.85 करोड़ की विशेष सहायता-CM

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बढ़ाया मदद का हाथ गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 72 मरीजों को मिली 2.85 करोड़ की विशेष सहायता-CM  CM विष्णु देव साय का बड़ा कदम: 72 मरीजों को मिली 2.85 करोड़ की मदद रायपुर जीवन में किसी एक सदस्य की गंभीर बीमारी पूरे परिवार को संकट में डाल देती है। इलाज के खर्चे जब लाखों में पहुँच जाते हैं तो आमजन के लिए यह बोझ असहनीय हो जाता है। ऐसे समय में सरकार द्वारा संचालित आयुष्मान भारत योजना बड़ी राहत देती है, जिसके तहत 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज संभव है, लेकिन जब बीमारी का खर्च इस सीमा से भी अधिक हो जाता है, तब मरीज और परिवार चिंता में घिर जाते हैं। इसी विकट परिस्थिति में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संवेदनशील पहल करते हुए मदद का हाथ आगे बढ़ाया। मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना के तहत जशपुर जिले के 72 गंभीर रूप से बीमार मरीजों के उपचार के लिए 2 करोड़ 85 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। यह राशि सीधे संबंधित अस्पताल के बैंक खाते में चेक या एनईएफटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई है। इस राशि से मरीजों को कैंसर, बोन मैरो ट्रांसप्लांट, किडनी ट्रांसप्लांट जैसे जटिल व महंगे उपचार कराने में मदद मिली। समय पर सहायता पहुँचने से मरीजों का जीवन सुरक्षित हो सका और उनके परिवारों को भी बड़ी राहत मिली। मरीजों और परिजनों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के इस कदम के लिए आभार जताया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. जात्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित आवेदन पत्र भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा करना होता है। आवेदन पत्र सीएमएचओ कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है। इसके साथ मरीज का आधार कार्ड,बीमारी से संबंधित चिकित्सकीय दस्तावेज,जिस अस्पताल में उपचार कराया जाना है, वहां से जारी प्राकलन (स्टिमेट) रिपोर्ट देना जरूरी  है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आदिवासी बहुल जशपुर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और सुधार के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं। हाल ही में जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की गई है, जिसके लिए बजट भी जारी कर दिया गया है। जमीन का चयन हो चुका है और कॉलेज की स्थापना की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ रही है। इसके अलावा अस्पतालों में भौतिक संसाधनों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। इन प्रयासों से जिलेवासियों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी।

इंडिया टुडे–MOTN सर्वे: छत्तीसगढ़ के CM विष्णु देव साय को गृह राज्य में 41.9% लोगों ने बताया संतुष्ट — बड़े राज्यों में दूसरे स्थान पर

रायपुर  इंडिया टुडे–C Voter के Mood of the Nation (MOTN) सर्वे के अनुसार छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कामकाज से अपने गृह राज्य में 41.9% उत्तरदाता अगस्त 2025 में संतुष्ट बताए। यह आंकड़ा फरवरी 2025 के 39% से बढ़कर आया है — यानी हालिया सर्वे में उन के प्रति संतुष्टि में लगभग 2.9 प्रतिशत अंक की बढ़त दर्ज हुई। बड़े राज्यों के वर्ग में यह दूसरा स्थान बताता है; पहले स्थान पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा हैं। बड़े राज्यों के संदर्भ में प्रदर्शन: बड़े राज्यों के समूह में साय का 41.9% अंक दूसरे स्थान की पुष्टि करता है — इससे पता चलता है कि गृह राज्य में उनकी स्वीकार्यता कई अन्य बड़े राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बराबर-ऊपर है।

छत्तीसगढ़ में गूंजेगी निशानों की गूंज, 24वीं राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का शुभारंभ

24वीं राज्य निशानेबाजी प्रतियोगिता का शुभारंभ  छत्तीसगढ़ में गूंजेगी निशानों की गूंज, 24वीं राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का शुभारंभ छत्तीसगढ़ राज्य निशानेबाजी संघ के तत्वाधान में 24वीं राज्य स्तरीय निशानेबाजी प्रतियोगिता की हुई शुरुआत रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य निशानेबाजी संघ के तत्वाधान में 24वीं राज्य स्तरीय निशानेबाजी प्रतियोगिता की शुरुआत 28अगस्त को हुई। माना स्थित चौथी बटालियन के शूटिंग रेंज में इसकी शुरुआत की गई। ये प्रतियोगिता लगातार पिछले 23वर्षों से सफलता पूर्वक जिंदल समूह के सौजन्य से आयोजित की जा रही है प्रतियोगिता की शुरुआत मुख्य अतिथि श्री अरुण देव गौतम पुलिस महानिदेशक छ. ग शासन द्वारा की गई उन्होंने सभी रेंज को गौर से देखा और उन्होंने शूटिंग ट्रायल से प्रतियोगिता की शुरुआत की।उन्होंने छत्तीसगढ़ प्रदेश रायफल एसोसिएशन के इस आयोजन के लिए उन्हें बधाई दी और कहा कि यूथ को शूटिंग को भी एक नेचुरल स्पोर्ट्स की तरह देखना चाहिए और यूथ को इसमें आगे आना चाहिए ऐसे आयोजन से निश्चित तौर पर छत्तीसगढ़ की खिलाड़ियों को एक नई दिशा मिलेगी। वही विशिष्ट अतिथि ब्रिगेडियर टी. एस.बावा कोसा कमांडर ने जिंदल के इस शूटिंग आयोजन के लिए उनकी सराहना की साथ ही उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में टैलेंट की कमी नहीं हैं हमें जरूरत हैं उन प्रतिभाओं को निखारने और सामने लाने की । इस आयोजन से छत्तीसग़ढ राज्य के खिलाड़ी राज्य में ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय के लिए भी अपनी तैयारी कर सकेंगे। इस आयोजन में श्री विक्रम सिसोदिया सेक्रेटरी जनरल छ .ग़ ओलंपिक संघ एवं श्री पुष्कर शर्मा भी मुख्य अतिथि शामिल हुए  साथ ही जिंदल स्टील के प्रेसिडेंट श्री प्रदीप टंडन,श्री उदय प्रताप सिंह व छत्तीसगढ़ प्रदेश रायफल एसोसिएशन के अधिकारी मौजूद रहे। ये प्रतियोगिता आगामी 6 सितंबर तक चलेगी। जिसमें छत्तीसगढ़ के सभी जिलों से आए शूटर्स इसमें भाग ले रहे हैं। इसमें 50मीटर,25मीटर और 10मीटर की रायफल शूटिंग के अलावा पिस्टल की प्रतियोगिताये भी आयोजित की जाएंगी। जिसमें महिला, पुरूष दोनों वर्गों में ये प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।