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कला को राजसिंहासन से ऊपर रखा, महाराजा चक्रधर सिंह ने रायगढ़ घराने को दिलाई विश्व पहचान: राज्यपाल

महाराजा चक्रधर सिंह की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचा रहा चक्रधर समारोह: राज्यपाल रमेन डेका महाराजा चक्रधर सिंह ने कला को राज-सिंहासन से ऊपर रखा, रायगढ़ घराने को दिलाई विश्व पहचान  23 सितम्बर तक रामलीला मैदान में देश-प्रदेश के कलाकार देंगे प्रस्तुतियां रायपुर,   राज्यपाल रमेन डेका ने संगीत, नृत्य और कला की समृद्ध परंपरा से जुड़ी रायगढ़ की धरती पर 41वें अंतर्राष्ट्रीय चक्रधर समारोह का सोमवार को महाराजा चक्रधर की तैलचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत भव्य शुभारंभ किया। राज्यपाल रमेन डेका ने समारोह का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल कला प्रस्तुतियों का मंच नहीं, बल्कि महाराजा चक्रधर सिंह की कला-साधना और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। 14 से 23 सितम्बर तक रामलीला मैदान में आयोजित समारोह में देश-प्रदेश के ख्यातिप्राप्त कलाकारों के साथ स्थानीय प्रतिभाएं भी गायन, वादन, नृत्य और लोककला की प्रस्तुतियां देंगी। राज्यपाल ने कलाकारों का किया सम्मान           शुभारंभ अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका ने समारोह में प्रस्तुति देने वाले कलाकारों का सम्मान किया। पद्मडॉ. उषा बारले, पद्मअनुज शर्मा सहित अन्य कलाकारों और कला गुरु स्वर्गीय वेदमणि सिंह ठाकुर के शिष्यों ने प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने समारोह की सांस्कृतिक गरिमा को और ऊंचाई प्रदान की।           राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि चक्रधर समारोह महाराजा चक्रधर सिंह की कला साधना और उनकी दूरदृष्टि को स्मरण करने का अवसर है। रायगढ़ भारतीय शास्त्रीय कलाओं की महत्वपूर्ण धरोहर भूमि है और रायगढ़ घराने के कथक ने देश ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। महाराजा चक्रधर सिंह ने राजसिंहासन से अधिक महत्व कला को दिया। उन्होंने कलाकारों को संरक्षण दिया और संगीत, नृत्य एवं साहित्य को आमजन के जीवन से जोड़ने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह की कृतियां ‘नर्तन सर्वस्व’, ‘तालतोय निधि’ और ‘राग रत्न मंजूषा’ आज भी कला और साहित्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण धरोहर हैं। उन्होंने अपनी साधना से यह सिद्ध किया कि कला किसी एक स्थान या केंद्र की मोहताज नहीं होती। जहां निरंतर साधना होती है, वही स्थान कला का तीर्थ बन जाता है। रायगढ़ की पहचान आज संगीत, घुंघरुओं की झंकार, तबले की थाप और नृत्य की भाव-भंगिमाओं से जुड़ी है।             राज्यपाल ने कहा कि चक्रधर समारोह अब केवल एक शासकीय या संस्थागत आयोजन नहीं रहा, बल्कि यह रायगढ़ की सांस्कृतिक धड़कन बन चुका है। देश के प्रतिष्ठित कलाकारों के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलना इस समारोह की विशेषता है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी में अपनी जड़ों के प्रति जुड़ाव पैदा करते हैं। युवाओं को परंपरा के साथ नवाचार को जोड़ते हुए कला को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पंथी, राउत नाचा, भरथरी, सुआ, करमा सहित आदिवासी नृत्य और लोकगीत हमारी सांस्कृतिक विविधता की पहचान हैं। भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी विविधता में एकता है और चक्रधर समारोह इसी सांस्कृतिक एकता का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करता है। विकास के साथ सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण जरूरी      राज्यपाल ने कहा कि विकास के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखना भी जरूरी है। रायगढ़ औद्योगिक विकास के साथ-साथ अपनी कला और संस्कृति के लिए भी जाना जाता है। पिछले वर्ष समारोह ने अपने 40 वर्ष पूरे किए और अब 41वां समारोह नई ऊर्जा और नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। ऐसे आयोजन सांस्कृतिक पुनर्जागरण का माध्यम बनते हैं और कला को समाज से जोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि कला और संस्कृति केवल हमारी पहचान नहीं, बल्कि पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी गति देने का माध्यम हैं। आज के डिजिटल युग में भी नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहना चाहिए। अपनी जड़ों से जुड़ाव पिछड़ापन नहीं, बल्कि हमारी पहचान और ताकत है। चक्रधर समारोह अतीत को याद करने के साथ-साथ उस विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। महाराजा चक्रधर सिंह की अमूल्य रचनाओं और ग्रंथों का संरक्षण हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी- राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह       41वें चक्रधर समारोह के पावन अवसर पर राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने सभी को गणेश चतुर्थी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने समारोह में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका की गरिमामयी उपस्थिति के लिए हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके आगमन से समारोह की गरिमा और बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि चक्रधर समारोह की गौरवशाली परंपरा रही है कि इसका शुभारंभ राज्यपाल के करकमलों से होता है। राज्यसभा सांसद सिंह ने कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह का जन्म 19 अगस्त 1905 को हुआ था। उन्होंने ऐसे समय भारतीय कला, संगीत और संस्कृति के संरक्षण का महत्वपूर्ण कार्य किया, जब हमारी अनेक सांस्कृतिक परंपराएं अपने मूल स्वरूप से दूर होती जा रही थीं। भारतीय संगीत और कला की उस गौरवशाली परंपरा को, जो मंदिरों, धार्मिक अनुष्ठानों और मांगलिक अवसरों के साथ जनजीवन से जुड़ी रही है, उसके मूल स्वरूप में संरक्षित रखने के लिए महाराजा चक्रधर सिंह ने उल्लेखनीय प्रयास किए। उन्होंने कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह केवल एक शासक नहीं, बल्कि भारतीय कला और संस्कृति के महान संरक्षक थे। उनकी रचनाएं और उनके द्वारा सृजित ग्रंथ भारतीय संगीत एवं कला जगत की अमूल्य धरोहर हैं। इन महत्वपूर्ण ग्रंथों का संरक्षण, अध्ययन और व्यापक प्रचार-प्रसार आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस महान सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सकें। राज्यसभा सांसद सिंह ने बताया कि उन्होंने महाराजा चक्रधर सिंह की महत्वपूर्ण रचनाओं और ग्रंथों के संरक्षण एवं प्रकाशन का विषय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष भी रखा है, जिस पर प्रधानमंत्री ने विशेष रुचि दिखाई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में इन अमूल्य ग्रंथों के प्रकाशन की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा महत्वपूर्ण पहल की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार भारतीय संस्कृति, कला और गौरवशाली विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। महाराजा चक्रधर सिंह ने जिस उद्देश्य के साथ भारतीय कला और संस्कृति की महान परंपरा को संरक्षित और समृद्ध किया, उसे … Read more

राजनांदगांव में प्रस्तावित फर्टिलाइजर प्लांट बनेगा विकास का नया इंजन, उद्योग और रोजगार को मिलेगी गति: मुख्यमंत्री साय गैस आधारित फर्टिलाइजर प्लांट से बदलेगी राजनांदगांव की तस्वीर, औद्योगिक विकास के साथ बढ़ेंगे रोजगार के अवसर: CM साय

राजनांदगांव में प्रस्तावित गैस आधारित फर्टिलाइजर प्लांट से औद्योगिक विकास और रोजगार को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से की आत्मीय भेंट इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0 सहित प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर हुई चर्चा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा अध्यक्ष  डॉ. रमन सिंह से उनके रायपुर स्थित निवास पर आत्मीय भेंट की। इस अवसर पर दोनों नेताओं के बीच राजनांदगांव में गेल (इंडिया) लिमिटेड के प्रस्तावित गैस आधारित फर्टिलाइजर प्लांट, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0 तथा प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजनांदगांव में गेल (इंडिया) लिमिटेड का प्रस्तावित गैस आधारित फर्टिलाइजर प्लांट क्षेत्र के औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना साबित होगा। इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होने के साथ सहायक उद्योगों और व्यावसायिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे राजनांदगांव सहित आसपास के क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने और निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश में नई संभावनाओं वाले उद्योगों के विस्तार के साथ आधुनिक तकनीक और उच्च मूल्य आधारित विनिर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0 इसी दिशा में छत्तीसगढ़ को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आधुनिक विनिर्माण के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करने की महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ में बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं और निवेश के लिए नई संभावनाएं बनी हैं। हमारा प्रयास है कि प्रदेश में आने वाला निवेश स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, क्षेत्रीय विकास और आर्थिक समृद्धि का माध्यम बने। राजनांदगांव की प्रस्तावित फर्टिलाइजर परियोजना भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी।

राज्यपाल डेका पहुंचे बाल रोग शिविर, लोकभवन में बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण का किया अवलोकन

लोकभवन में बाल रोग शिविर आयोजित  राज्यपाल डेका ने स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का किया अवलोकन  रायपुर  राज्यपाल रमेन डेका के निर्देशन में आज लोकभवन में 1 से 17 वर्ष आयु तक के बच्चों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण आयोजित किया गया। शिविर में सामान्य बीमारियों के साथ-साथ हृदय रोग, स्त्री रोग, दंत रोग, नेत्र रोग, नाक-कान-गला रोग, बी.पी. शुगर सहित बच्चों से संबंधित अन्य बीमारियों की निःशुल्क जांच एवं परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई गई। बच्चों में विशेष रूप से हृदय रोग से संबंधित जांच के लिए स्क्रीनिंग भी की गई।          लोकभवन स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम में जिला प्रशासन रायपुर के ‘प्रोजेक्ट छांव’ के अंतर्गत आयोजित इस स्वास्थ्य शिविर में लगभग 250 बच्चों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। शिविर में खून जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई थी। शिविर में विभिन्न शासकीय एवं निजी स्वास्थ्य संस्थानों के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं दीं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायपुर की टीम द्वारा लैब जांच, बीपी और शुगर जांच की गई। वहीं सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल द्वारा हदय रोग परामर्श, ईसीजी एवं ईको जांच की सुविधा दी गई। इसके अलावा बालाजी डेंटल कॉलेज, बर्नियों हॉस्पिटल, रूप जीवन हॉस्पिटल, गणेश विनायक नेत्रालय सहित विभिन्न संस्थानों द्वारा जांच और परामर्श प्रदान किया गया।         राज्यपाल डेका ने स्वास्थ्य शिविर का अवलोकन कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और चिकित्सकों से चर्चा कर आवश्यक मार्गदर्शन दिया।

PM मोदी की अपील का असर: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने घटाया अपना काफिला

विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने घटाया अपना काफिला, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईंधन संरक्षण की अपील से प्रेरित होकर लिया फैसला अब डॉ रमन सिंह केवल अत्यावश्यक वाहनों का करेंगे उपयोग, प्रदेश की जनता से भी संयम और सहयोग की अपील रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए देशवासियों से की गई अपील का सम्मान करते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। डॉ रमन सिंह ने अपने प्रोटोकॉल काफिले से 4 वाहनों का उपयोग कम करने का फैसला लिया है। डॉ रमन सिंह ने कहा कि यह राष्ट्रहित में संसाधनों के संरक्षण और जिम्मेदार नागरिक कर्तव्य की भावना से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि जब वैश्विक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं, तब परिवार के मुखिया के रूप में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा संसाधनों के संरक्षण का संदेश हम सभी भारतवासियों के लिए अनुकरणीय है और ऐसे समय में प्रत्येक जनप्रतिनिधि और नागरिक का दायित्व बनता है कि वह संयम, सादगी और जिम्मेदारी का परिचय दे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा देशवासियों को राष्ट्रहित सर्वोपरि रखने की प्रेरणा दी है और उसी भावना के अनुरूप यह निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही, डॉ रमन सिंह ने प्रदेशवासियों से भी अपील की कि वे वर्तमान परिस्थितियों को गंभीरता से समझें तथा आवश्यकता अनुसार संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करें और जहाँ तक संभव हो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग कर सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए राष्ट्रहित में सहयोग की भावना के साथ आगे आएं।

महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम के रूप में सदैव रखा जाएगा याद – मुख्यमंत्री साय

मातृशक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण हेतु विशेष सत्र: एक तिहाई आरक्षण के संकल्प को मिला व्यापक समर्थन महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम के रूप में सदैव रखा जाएगा याद – मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विशेष सत्र आयोजित करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के प्रति किया आभार प्रकट रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा है कि मातृशक्ति उनके लिए केवल सम्मान का विषय नहीं, बल्कि सृजन, संस्कार और सामर्थ्य की आधारशिला है। इसी भावना के साथ छत्तीसगढ़ विधानसभा में महिलाओं के समग्र विकास और सशक्तिकरण से जुड़े महत्वपूर्ण विषय पर एक दिवसीय विशेष सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें संसद एवं देश की सभी विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण लागू करने के संकल्प पर व्यापक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की जो मजबूत नींव रखी गई है, उसी क्रम में उनकी राजनीतिक भागीदारी को भी सशक्त करना हमारा अगला महत्वपूर्ण कदम है। यह संकल्प देश की आधी आबादी को उनके अधिकारों से पूर्ण रूप से जोड़ने का एक सार्थक प्रयास है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस महत्वपूर्ण विषय पर विशेष सत्र आयोजित करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम के रूप में सदैव याद रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस विशेष सत्र में समाज के विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों से आई महिलाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने इस ऐतिहासिक पहल के समर्थन में अपने विचार रखे और महिलाओं के अधिकारों तथा उनके सशक्तिकरण के लिए सशक्त स्वर प्रदान किया। सदन में वरिष्ठ विधायकों और महिला नेतृत्व ने भी पूरे मनोयोग से चर्चा में भाग लेते हुए अपने विचार साझा किए और इस महत्वपूर्ण संकल्प का समर्थन किया। मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट रूप से कहा कि नारी शक्ति के सम्मान और अधिकारों के मार्ग में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न करना न्यायसंगत नहीं है। यह विषय किसी दल या राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्र के समग्र विकास और उज्ज्वल भविष्य से जुड़ा हुआ है। ऐसे में इस दिशा में हर सकारात्मक पहल का समर्थन आवश्यक है।

रायपुर: राज्यपाल ने कोसा वस्त्रों के नवाचार और बुनकरों के आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर दिया

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने आज लोकभवन में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक कोसा साड़ी, शाल और गमछा का अवलोकन किया तथा राज्य के हाथकरघा उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए नवाचार, डिज़ाइन विकास और मूल्य संवर्धन पर विशेष बल दिया। राज्यपाल ने सुझाव दिया कि छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध कोसा साड़ी एवं शाल में डॉबी और जैकार्ड तकनीक का उपयोग कर आधुनिक डिज़ाइन विकसित किए जाएं। साथ ही विभिन्न आयु वर्ग की पसंद को ध्यान में रखते हुए उत्पादों को आकर्षक एवं किफायती बनाया जाए, ताकि इनकी बाजार में मांग बढ़ सके। उन्होंने उत्तर-पूर्व के प्रसिद्ध रेशम क्षेत्र असम के सुवालकुची, विजयनगर और डेमाजी क्षेत्रों के सफल मॉडल का अध्ययन कर वहां के लोकप्रिय डिज़ाइनों को छत्तीसगढ़ के कोसा वस्त्रों में समाहित करने का सुझाव दिया। राज्यपाल ने कहा कि इससे राज्य के बुनकरों को नई पहचान मिलेगी तथा उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। राज्यपाल ने कोसा साड़ी को अधिक किफायती बनाने के लिए साड़ी की बॉडी और बॉर्डर को पृथक रूप से तैयार कर नई शैली की साड़ियों के निर्माण का सुझाव भी दिया। उन्होंने विशेष रंगों एवं धागोंकृएक्रेलिक, स्पन और टू-प्लाई यार्न का उपयोग कर आकर्षक मोटिफ और डिज़ाइन विकसित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने आगामी एक माह में इस दिशा में हुई प्रगति की जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही ग्रामोद्योग विभाग  को राज्य की किसी एक बुनकर सहकारी समिति को गोद लेकर उसके समग्र विकास हेतु कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। बैठक में ग्रामोद्योग विभाग के सचिव श्याम धावड़े, राज्य हाथकरघा संघ के सचिव एम. एम. जोशी, वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार बुनकर सेवा केंद्र रायगढ के उपनिदेशक विजय सावनेरकर सहित तकनीकी विशेषज्ञों तथा डिज़ाइनर उपस्थित रहे।

युवा संसद में डॉ. रमन सिंह बने अध्यक्ष और बच्चे बने सांसद, लोकहित के मुद्दों पर हुई चर्चा

रायपुर : लोकतंत्र की पाठशाला बना नेशनल रोवर – रेंजर जंबूरी युवा संसद में डॉ. रमन सिंह बने अध्यक्ष और बच्चे बने सांसद, लोकहित के मुद्दों पर हुई चर्चा यूथ पार्लियामेंट में दिखी भविष्य के नेतृत्व की सशक्त झलक रायपुर नेशनल रोवर – रेंजर जंबूरी का आयोजन पूरे उत्साह, अनुशासन और जीवंत सहभागिता के साथ बालोद जिले के ग्राम दुधली में सम्पन्न किया रहा है। आयोजन के तीसरे दिन जंबूरी परिसर लोकतांत्रिक चेतना का केंद्र बन गया, जब रोवर–रेंजरों एवं उपस्थित नागरिकों को लोकसभा की वास्तविक कार्यवाही का प्रत्यक्ष और व्यावहारिक अनुभव कराया गया। यूथ पार्लियामेंट के मंच पर रोवर–रेंजरों ने सांसदों की भूमिका निभाई वहीं विधानसभा के अध्यक्ष संसद के अध्यक्ष की भूमिका का निर्वहन किया। युवाओं ने जिस आत्मविश्वास, विषयगत समझ और मर्यादित संवाद शैली का प्रदर्शन किया, वह दर्शनीय था। यह मंच भावी जनप्रतिनिधियों को गढ़ने का सशक्त माध्यम गया था। लोकतंत्र की पाठशाला बना नेशनल रोवर – रेंजर जंबूरी अनुशासन और आत्मविश्वास की मिसाल बने रोवर–रेंजर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने की आयोजित युवा संसद की सराहना करते हुए कहा कि यूथ पार्लियामेंट के दौरान रोवर–रेंजरों जिस प्रकार आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ अपनी भूमिका को निभाया है, उससे देश के उज्ज्वल भविष्य की कल्पना साकार नजर आती है। आज के युवा कल के हमारे समाज के प्रतिनिधि हैं। इनके कंधों पर हमारी विरासतों को आगे ले जाने का जिम्मा है, जिसे वे बखूबी निभाएंगे इसका हम सभी को भरोसा है। उन्होंने सभी की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं और जिम्मेदार नागरिकता की मजबूत नींव पड़ती है। लोकतंत्र की पाठशाला बना नेशनल रोवर – रेंजर जंबूरी          इस अवसर पर स्कूली शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने भी युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आज के रोवर – रेंजर देश का आने वाला भविष्य है। भारतीय स्काउट गाइड के मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त डॉ. के. के. खंडेलवाल, राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा, जिला मुख्य आयुक्त राकेश यादव, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, रोवर–रेंजर, स्काउट–गाइड्स एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। सीख, सेवा और साहस से भरा रहा तीसरा दिन      जंबूरी का तृतीय दिवस प्रतिभागियों के लिए विविध और प्रेरक गतिविधियों का आयोजन किया गया। जागरण और शारीरिक जांच के साथ फ्लैग सेरेमनी के साथ अनुशासन और एकता का संदेश दिया जाएगा। डॉग शो में कुत्तों की बेहतरीन कलात्मक प्रदर्शन के साथ मार्च पास्ट प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। स्वच्छ भारत अभियान से जुड़ी प्रतियोगिताओं में भी युवाओं ने बढ़ चढ़ कर भाग लेते हुए सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक किया।            आज जम्बूरी में आदिवासी संस्कृति परंपरा के साथ आधुनिकता की अनूठी प्रस्तुति दी गयी। आदिवासी वेशभूषा में पारंपरिक व्यंजनों के निर्माण के साथ लोकवाद्यों की भी प्रस्तुति की गई। आदिवासी नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच पारंपरिक भोजन के साथ ही हॉर्स राइडिंग, बाइक रेस और वाटर एक्टिविटी जैसी साहसिक गतिविधियां का भी प्रदर्शन किया गया।       युवाओं को आपदा प्रबंधन और ग्लोबल डेवलपमेंट विलेज से जुड़ी प्रतियोगिताओं के साथ वृक्षारोपण भी किया गया। कंटीजेंट लीडर मीटिंग, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, एच डब्लू बी रीयूनियन, नाइट हाईक तथा पायोनियरिंग प्रोजेक्ट प्रतियोगिताओं के भी आयोजित की जाएगी। एरिना में आयोजित इंटरनेशनल नाइट कार्यक्रम में विभिन्न संस्कृतियों की रंगारंग प्रस्तुतियां जंबूरी को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के लिए डॉ. रमन सिंह की बड़ी योजना, 6,000 से अधिक परिवारों को मिली मदद

मजदूर हितों की बड़ी पहल: छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने 6,000 से अधिक श्रमिक परिवारों को दी योजनाओं की सौगात विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के हाथों श्रमिक कल्याण को नई ताकत, ढाई करोड़ से बदली हजारों मजदूर परिवारों की तक़दीर रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज रायपुर स्थित अपने निवास के सभागृह में छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के संगठित क्षेत्र में कार्यरत हजारों मजदूर परिवारों को ढाई करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि प्रदान की। यह सहायता छात्रवृत्ति योजना, साइकिल सहायता योजना एवं खेलकूद प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत वितरित की गई। कार्यक्रम के प्रारंभ में मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा ने श्रम कल्याण मंडल द्वारा प्रदेशभर में संचालित 14 कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को हर परिस्थिति में सहयोग और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए श्रम कल्याण मंडल कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रहा है। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बताया कि प्रदेश के 6,000 से अधिक मजदूर परिवारों को छात्रवृत्ति, साइकिल सहायता एवं खेलकूद प्रोत्साहन योजनाओं के अंतर्गत करोड़ों रुपये की सौगात दी गई है। उन्होंने कहा कि श्रम कल्याण मंडल और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए कल्याणकारी योजनाओं को अमली जामा पहनाने का कार्य उनके मुख्यमंत्रीत्व काल में प्रारंभ हुआ, जो निरंतर आगे बढ़ा है। अब तक इन योजनाओं से लाखों मजदूर लाभान्वित हो चुके हैं और आने वाले समय में इनका और विस्तार किया जाएगा। डॉ. रमन ने मंडल द्वारा संचालित सस्ती दर पर भोजन उपलब्ध कराने की योजना का स्वागत करते हुए कहा कि श्रम कल्याण मंडल ने जन्म से लेकर मृत्यु तक श्रमिकों के लिए योजनाएं बनाकर मजदूर कल्याण के क्षेत्र में क्रांतिकारी कार्य किया है। इसके बावजूद, मजदूर वर्ग के लिए कल्याणकारी योजनाओं की व्यापक प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है। इस कार्यक्रम में मंडल के कल्याण आयुक्त अजितेश पांडे, सदस्यगण मोहन एंटी, रामकृष्ण धीवर, रवि शंकर सिंह, राधेश्याम गुप्ता, कमल बॉस सहित विभिन्न उद्योगों से आए मजदूरों ने आत्मीय स्वागत किया।

अब मुंदड़ा कुंज से ट्रांसपोर्ट नगर तक सड़क के दोनों तरफ़ 7 मीटर की सर्विस लेन से मेडिकल कॉलेज, पेंड्री जाना होगा सुरक्षित

राजनांदगांव को एक्सीडेंट मुक्त करने डॉ रमन की पहल से जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य अब मुंदड़ा कुंज से ट्रांसपोर्ट नगर तक सड़क के दोनों तरफ़ 7 मीटर की सर्विस लेन से मेडिकल कॉलेज, पेंड्री जाना होगा सुरक्षित सोमनी से इरा मोड़ और सोमनी से खुटेरी मोड़ तक भी सर्विस लेन का निर्माण होगा प्रारंभ   सुंदरा से पार्रीनाला तक सर्विस लेन का निर्माण भी शीघ्र होगा शुरू पेंड्री में जल्द बनेगा सड़क अंडरपास – 5.5 मीटर ऊँचा और 12 मीटर चौड़ा महाराजपुर के लिए अंडरपास एवं मुख्य मार्ग पर दोनों तरफ सर्विस रोड का जल्द शुरू होगा निर्माण   चिचोला, LB नगर, डोंगरगढ़ रोड चौराहे पर वाहन अंडरपास एवं मुख्य सड़क के दोनों ओर सर्विस रोड का होगा निर्माण  राम दरबार चौराहे को भी एक्सीडेंट मुक्त करने एनएच के अधिकारियों को सर्वे कर, समाधान निकालने डॉ रमन ने दिए निर्देश राजनांदगांव  डॉ रमन सिंह के प्रयास से NH 53 पर सोमनी से चिचोला तक सुरक्षित यातायात हेतु दुर्घटना जनित क्षेत्र पर सर्विस रोड व वाहन अंडर पास का निर्माण कार्य प्रारंभ हो रहा है। राजनांदगांव में यातायात व्यस्वथा को ध्यान में रखकर परिवहन की सुविधाओं के विस्तारीकरण के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 53 पर सोमनी से लेकर चिचोला तक वाहन सुरक्षा के लिए सड़क सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।  जिसमें कुल 3 वाहन अंडरपास और सर्विस मार्ग निर्माण  की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और सोमनी से चिचोला तक हादसा मुक्त आवागमन की दिशा में जल्द कार्य प्रारंभ होगा।  108 करोड़ की लागत से सोमनी से लेकर चिचोला तक सड़क पर विकास कार्यों होंगे पूरे इस दिशा में मूंदड़ा कुंज से ट्रांसपोर्ट नगर बाईपास तक दोनों तरफ सर्विस रोड और पेंड्री में वाहन अंडरपास के लिए कुल 47 करोड़ लागत , सुंदरा डेंटल कॉलेज से पार्री नाला तक एक तरफ के सर्विस रोड निर्माण के लिए 7.8 करोड़ लागत , सोमनी गांव के दोनों छोर ईरा मोड तथा खुटेरी मोड तक सर्विस रोड के निर्माण के लिए लगभग 4.78 करोड़ की लागत, महाराजपुर के लिए वाहन अंडरपास एवं मुख्य मार्ग पर दोनों तरफ सर्विस रोड के लिए कुल  22 करोड़ की लागत  और चिचोला, LB नगर, डोंगरगढ़ रोड के पास वाहन अंडरपास एवं मुख्य सड़क के दोनों ओर सर्विस रोड के लिए कुल 27 करोड़ की लागत  की टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है और जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ होने जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष और राजनांदगांव विधायक डॉ रमन सिंह और राजनांदगाँव सांसद श्री संतोष पांडेय जी के प्रयास से इन विकास कार्यों को स्वीकृति मिली है, जिसके पूर्ण होने के बाद क्षेत्रवासियों को इस सर्विस लेन से लाभ होगा और यह मार्ग हादसों से मुक्त होगा और ग्रामवासियों एवं हाईवे पर आवागमन करने वाले वाहनों को इन सुविधाओं का लाभ मिलेगा। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री सड़क एवं परिवहन मंत्रालय नितिन गडकरी का आभार व्यक्त करते हुए विधानसभा अध्यक्ष और राजनांदगांव विधायक डॉ रमन सिंह ने कहा कि "माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और श्री गडकरी जी के नेतृत्व में केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे देश में सड़कों का जाल बिछाने का काम हुआ है और राजनांदगांव भी इस कड़ी में कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है।"

राजनांदगांव को विकास की नई सौगात, मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना में ₹87.58 लाख के 17 कार्य स्वीकृत

डॉ. रमन सिंह के प्रयासों से राजनांदगांव को ₹10,500 करोड़ की औद्योगिक सौगात, गेल लगाएगा यूरिया प्लांट राजनांदगांव को विकास की नई सौगात, मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना में ₹87.58 लाख के 17 कार्य स्वीकृत विस अध्यक्ष एवं क्षेत्र विधायक डॉ. रमन सिंह ने इस स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया राजनांदगांव  छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष एवं राजनांदगांव विधायक डॉ. रमन सिंह के निरंतर प्रयासों, दूरदर्शी नेतृत्व एवं औद्योगिक विकास को प्राथमिकता देने वाली नीति के परिणामस्वरूप राजनांदगांव जिले को एक ऐतिहासिक औद्योगिक उपलब्धि प्राप्त हुई है। देश की प्रतिष्ठित सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) द्वारा राजनांदगांव में ₹10,500 करोड़ के निवेश से यूरिया निर्माण इकाई स्थापित किए जाने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। यह निवेश प्रस्ताव राज्य सरकार द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ स्किल टेक कार्यक्रम के दौरान सामने आया, जिसका आयोजन राज्य कौशल विकास विभाग एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा किया गया था। इस कार्यक्रम में उर्वरक, टेक्सटाइल, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सोलर क्षेत्र की विभिन्न कंपनियों ने राज्य में कुल ₹13,690 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में प्रस्तुत इन प्रस्तावों में सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव ₹10,500 करोड़ का गेल द्वारा दिया गया, जिसके अंतर्गत राजनांदगांव में गैस पाइपलाइन आधारित उर्वरक (यूरिया) संयंत्र की स्थापना की जाएगी। इस परियोजना से न केवल क्षेत्र में औद्योगिक आधार मजबूत होगा, बल्कि राज्य के लगभग 3,500 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। प्रस्तावित यूरिया प्लांट से प्रतिवर्ष लगभग 1.27 मिलियन टन यूरिया उत्पादन किया जाएगा, जिससे कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाई प्राप्त होगी। इसी क्रम में, राजनांदगांव क्षेत्र के समग्र एवं संतुलित विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना वर्ष 2025–26 के अंतर्गत 87 लाख 58 हजार की लागत से 17 विकास कार्यों के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है। इन स्वीकृत विकास कार्यों में सामुदायिक भवन, व्यावसायिक परिसर, रंगमंच निर्माण, सीसी रोड, मुक्तिधाम शेड, प्रतीक्षालय निर्माण सहित अन्य जनोपयोगी अधोसंरचना से जुड़े कार्य शामिल हैं, जिनसे स्थानीय नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा विधानसभा अध्यक्ष एवं राजनांदगांव विधायक डॉ. रमन सिंह ने इस ऐतिहासिक औद्योगिक निवेश तथा क्षेत्रीय विकास कार्यों की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय राजनांदगांव के आर्थिक, औद्योगिक एवं सामाजिक विकास को नई दिशा देगा तथा जिले को विकास के नए केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।