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लैंडिंग में दिक्कत, कई फ्लाइट्स कैंसिल: रायपुर एयरपोर्ट पर मौसम का कहर

रायपुर  बिजली गिरने से राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट के ATC (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) में सिग्नल देने वाले तकनीकी उपकरण खराब हो गए हैं, जिसके चलते विमान सेवा ठप है. विजिबिलिटी कम होने के कारण आज सुबह की कई फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गई है. वहीं कल 5 फ्लाइट्स को डायवर्ट किया गया था. इसके चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा. तकनीकी उपकरणों के मरम्मत का काम जारी है. रायपुर एयरपोर्ट पर सुबह 10 बजे से विमानों का संचालन सामान्य होने की संभावना है. जानकारी के मुताबिक, विजिबिलिटी क्लियर होने के बाद विमान रायपुर एयरपोर्ट पर लैंड कर सकेंगे. विमानों के टेक ऑफ में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन फाइनल कॉल पायलट का रहेगा. सीएम विष्णुदेव साय भी आज जगदलपुर जाने वाले हैं, लेकिन इस पर भी फैसला 10 बजे के बाद ही होगा. बताया जा रहा कि विजिबिलिटी कम होने के कारण लैंडिंग में दिक्कत हो रही है. आज सुबह की 6 फ्लाइट कैंसिल कर दी गई है. कल 5 फ्लाइट्स को डायवर्ट किया गया था. रायपुर से इंदौर जाने वाले यात्रियों का कहना है कि विजिबिलिटी क्लियर नहीं होने के चलते कुछ फ्लाइट को रद्द किया गया है. हम लोग इंदौर जाने वाले थे, लेकिन फ्लाइट कैंसिल होने से परेशानी हो रही. अब सबसे पहले भोपाल जाना पड़ेगा, क्योंकि यहां से डायरेक्ट फ्लाइट अब इंदौर नहीं जा रही है. भोपाल से डेढ़ सौ किलोमीटर का बायरोड सफर करके इंदौर जाना पड़ेगा. तकनीकी सिस्टम को सुधारने का काम चल रहा : एयरपोर्ट अथॉरिटी एयरपोर्ट अथॉरिटी के प्रभारी डायरेक्टर किशोर कुमार लहरे ने बताया, आकाशीय बिजली गिरने से एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम खराब हुआ है. नेवीगेशन इक्विपमेंट खराब हुआ है. अभी भी स्थिति वैसे ही है. सेकंड हाफ के बाद ठीक होने की उम्मीद है. फ्लाइट्स का परिचालन चालू हो चुका है. अभी आकलन करना मुश्किल है कि कहां क्या खराबी है. काम अभी प्रगति पर है. इसमें समय लग सकता है. तकनीकी उपकरण खराब होने के कारण बुधवार शाम को 5 फ्लाइट्स को डायवर्ट किया गया था. आज एक फ्लाइट रायपुर आ चुकी है. दो और फ्लाइट आने वाली है. इन फ्लाइट्स को कल किया गया था डायवर्ट बता दें कि रायपुर एयरपोर्ट पर तकनीकी खराबी के चलते बुधवार को हैदराबाद से रायपुर आने वाली फ्लाइट और कोलकाता से रायपुर आने वाली फ्लाइट को भुवनेश्वर भेजा गया था. वहीं दिल्ली से रायपुर आने वाली फ्लाइट को भोपाल डायवर्ट किया गया था. मुंबई से रायपुर की फ्लाइट को नागपुर भेजा गया था. इसके अलावा पुणे से रायपुर आ रही फ्लाइट को भी डायवर्ट किया गया था.

रमन सिंह बेंगलुरु पहुंचे: राष्ट्रमंडल संसदीय संघ सम्मेलन में करेंगे शिरकत

रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह 11 से 13 सितम्बर तक कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में आयोजित राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) भारत क्षेत्र के 11वें सम्मेलन में भाग लेंगे. बेंगलुरु स्थित विधान सौध में आयोजित इस सम्मेलन की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला करेंगे. सम्मेलन के दौरान डॉ. रमन सिंह “विधायी संस्थानों में संवाद और चर्चा – जन विश्वास का आधार, जन आकांक्षाओं की पूर्ति का माध्यम” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे. उनके संबोधन में लोकतंत्र की नींव माने जाने वाले संवाद, बहस और सहमति की प्रक्रिया को जन आकांक्षाओं की पूर्ति का माध्यम कैसे बनाया जा सकता है, इस पर विशेष प्रकाश डाला जाएगा. सम्मेलन में भारत के विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के विधानमंडलों के सभापति, अध्यक्ष, पीठासीन अधिकारी एवं सचिवगण भाग ले रहे हैं. तीन दिवसीय इस आयोजन के दौरान सभी प्रतिनिधि संसदीय महत्व के मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे, अनुभवों का आदान-प्रदान करेंगे और सर्वोत्तम संसदीय प्रथाओं को साझा करेंगे. तय कार्यक्रम के अनुसार, डॉ रमन सिंह आज शाम 7 बजे बेंगलुरु के लिए प्रस्थान करेंगे और 12 व 13 सितंबर को बेंगलुरु विधानसभा में आयोजित CPA की बैठक में शामिल होंगे. इसके बाद 13 सितंबर की शाम को रायपुर वापस लौटेंगे.

खेल प्रेमियों के लिए खुशखबरी: अरुण साव ने CSCS स्टेडियम को लेकर किया बड़ा ऐलान

रायपुर नया रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की जिम्मेदारी अब छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) को मिलने का रास्ता साफ होता दिख रहा है. राज्य के खेल और पीडब्ल्यूडी मंत्री अरुण साव ने कहा कि स्टेडियम का दस्तावेजी काम पूरा होने के बाद संघ को स्टेडियम सौंप दिया जाएगा. CSCS के पदाधिकारियों ने बुधवार की शाम उपमुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव से मुलाकात की. उप मुख्यमंत्री ने चर्चा के दौरान कहा कि सरकार का रुख खेलों के प्रति सकारात्मक है, और आने वाले महीनों में न सिर्फ क्रिकेट, बल्कि हर खेलों को बढ़ावा देने ठोस कदम उठते नजर आएंगे. संघ पदाधिकारियों ने चर्चा के दौरान नवा रायपुर में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट एकेडमी बनाने के लिए मंत्री विष्णुदेव साय द्वारा दी गई जमीन को लेकर आभार जताया. साथ ही दिसंबर-जनवरी में BCCI द्वारा आवंटित अंतरराष्ट्रीय मैचों की तैयारी पर भी चर्चा हुई. फिलहाल, ग्राउंड का मेंटेनेंस क्रिकेट संघ कर रहा है, जबकि मरम्मत और निर्माण का काम लोक निर्माण विभाग देख रहा है. संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैचों के लिए स्टेडियम को तैयार करने में करीब 15 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है. संघ को स्टेडियम मिलने पर BCCI से मिलने वाली राशि से यह कार्य किया जाएगा. गौरतलब है कि क्रिकेट स्टेडियम पूरा रखरखाव और संचालन CSCS को सौंपने की मांग लंबे समय से की जा रही है. डिप्टी सीएम साव से मुलाकात के दौरान संघ के अध्यक्ष जुबिन शाह, विजय शाह, राजेश दवे समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे.

प्रेशर IED के धमाके में दो जवान घायल, रायपुर की गई एयरलिफ्टिंग

रायपुर दंतेवाड़ा जिला के मालेवाही थाना क्षेत्र में आज सुबह सातधार पुल से आगे नक्सलियों द्वारा लगाए प्रेशर आईईडी के चपेट में आने से दो जवान घायल हो गए. स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए दंतेवाड़ा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां से बेहतर उपचार के लिए उन्हें रायपुर एयरलिफ्ट किया जाएगा. जानकारी के अनुसार, आज सुबह सीआरपीएफ 195 वाहिनी की कम्पनी, 195 वाहिनी मुख्यालय से सातधार एवं मालेवाही के मध्य नक्सल विरोधी अभियान अंतर्गत एरिया डोमिनेशन एवं डिमाइनिंग की कार्रवाई के लिए रवाना हुए थे. इसी दौरान नक्सलियों द्वारा लगाए गए प्रेशर आईईडी की चपेट में इंस्पेक्टर दीवान सिंह गुर्जर और आरक्षक आलम मुनेश घायल हो गए.

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बड़ी सफलता: 16 नक्सली ने थामा शस्त्र और जुड़ गए मुख्यधारा से

रायपुर नक्सल उन्मूलन अभियान और अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार कैम्प स्थापित होने से पुलिस के बढ़ते प्रभाव व नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार और भेदभाव से त्रस्त होकर घोर नक्सल प्रभावित लंका और डूंगा पंचायत में सक्रिय जनताना सरकार सदस्य (सीएनएम अध्यक्ष), पंचायत मिलिसिया डिप्टी कमांडर, पंचायत सरकार सदस्य, पंचायत मिलिसिया सदस्य और न्याय शाखा अध्यक्ष सहित 16 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया. आत्मसमर्पण करने वालों में ज्यादातर छोटे ओहदे वाले हैं, लेकिन ये नक्सलवाद को पोषित करने और बनाए रखने के लिए अहम किरदार निभाते हैं ये माओवादी लड़ाकू माओवादी नक्सलियों के लिए राशन और मेडिसन जैसे मूलभूत सामग्री उपलब्ध कराने का काम अवैतनिक तरीके से करते हैं. ये नक्सलियों के हथियार और सामग्रियों का परिवहन करते हैं, यही नहीं आईईडी लगाने, फोर्स मूवमेंट कि सूचना देने और फोर्स की रेकी करने जैसे कार्य प्रमुखता से करते हैं. स्पष्ट शब्दों में कहें तो ये नक्सलियों के लिए स्लीपर सेल की तरह भी काम करते हैं. नारायणपुर पुलिस अधीक्षक (IPS) रोबिनसन गुड़िया के समक्ष आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को अच्छी जिंदगी जीने के लिये 50-50 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि का चेक प्रदान किया गया. आत्मसमर्पित नक्सलियों को छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल उन्मूलन नीति के तहत् मिलने वाली सभी प्रकार की सुविधाएं दिलाई जाएगी. इस दौरान नारायणपुर एसपी आईपीएस रोबिनसन गुरिया ने कहा कि अबूझमाड़ दुर्गम जंगल एवं विकट भौगोलिक परिस्थतियों में रहने वाले मूल निवासियों को नक्सलवादी विचारधारा से बचाना और उन्हें माओवादी सिद्धांतों के आकर्षण से बाहर निकालना ही हमारा मुख्य उद्देश्य है, ताकि क्षेत्र में विकास एवं शांति कायम हो सके. उन्होंने कहा कि हम सभी नक्सलियों से अपील करते हैं कि बाहरी लोगों की भ्रामक बातों और विचारधारा को त्याग कर शासन की आत्म समर्पण पुर्नवास नीति को अपनाकर समाज की मुख्यधारा से जुड़कर हथियार एवं नक्सलवाद विचारधारा का पूर्णतः त्याग एवं विरोध करें. अब समय माड़ को वापस उसके मूलवासियों को सौंप देने का है, जहां वे निर्भीक रूप से सामान्य जीवन व्यतीत कर सके. वहीं पुलिस महानिरीक्षक आईपीएस सुन्दरराज पी. ने कहा कि वर्ष 2025 में माआवेादी संगठनों के शीर्ष नेतृत्व को सुरक्षा बलों के द्वारा भारी क्षति पहुंचाई गई है. प्रतिबंधित एवं गैर कानूनी सीपीआई माओवादियों संगठन के पास अब हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण करने के अलावा और कोई विकल्प नही बचा है. अतः माओवादी संगठन से अपील है कि वे तत्काल हिंसात्मक गतिविधियों को छोड़कर समाज की मुख्य धारा में जुड़ें.

बस्तर दशहरा: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को मिला कार्यक्रम में भाग लेने का आमंत्रण

देश-विदेश में है 75 दिनों तक मनाए जाने वाले "बस्तर दशहरा" की विशेष ख्याति रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में बस्तर सांसद महेश कश्यप के नेतृत्व में बस्तर दशहरा समिति, जगदलपुर के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री को विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व 2025 में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री को  बताया कि 75 दिनों तक चलने वाला यह पर्व हरेली अमावस्या से प्रारंभ होकर आश्विन शुक्ल पक्ष के 13वें दिन तक मनाया जाता है। इस वर्ष इसकी शुरुआत 24 जुलाई को पाटजात्रा पूजा विधान के साथ हुई है। आगामी प्रमुख आयोजनों में 21 सितंबर को काछनगादी पूजा, 29 सितंबर को बेल पूजा तथा 4 अक्टूबर को मुरिया दरबार का आयोजन शामिल है।मुख्यमंत्री साय ने बस्तर दशहरा के आमंत्रण के लिए प्रतिनिधि मंडल का आभार व्यक्त किया और आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं।  

सीएम विष्णुदेव साय का ऐलान: आदिवासी क्षेत्रों के विकास में संसाधनों की नहीं होगी कमी

रायपुर : आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होगी – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण का बजट 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये किया गया रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज कोरबा  कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक आयोजित हुई। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन के बाद आज की यह प्रथम बैठक एक नए संकल्प और दृष्टिकोण के साथ आयोजित हो रही है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय के कल्याण और समग्र विकास के लिए सरकार सभी ठोस कदम उठा रही है। विकास कार्यों के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होगी।  मुख्यमंत्री साय ने मध्य क्षेत्र अंतर्गत निवासरत अनुसूचित जनजाति समुदाय के बेहतर विकास के लिए प्राधिकरण की बजट राशि 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये करने की घोषणा की। जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने प्राधिकरणों का पुनर्गठन मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर, सरगुजा और मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरणों के साथ-साथ अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण तथा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरणों का गठन कर समावेशी विकास की दिशा में मजबूत कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इन प्राधिकरणों का उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देना, पारदर्शिता सुनिश्चित करना और जनसुविधाओं को हर गाँव, हर परिवार तक पहुँचाना है। पूर्व सरकार की लचर कार्यप्रणाली के कारण प्राधिकरणों के कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी रही। निगरानी के अभाव में कई योजनाएँ धरातल पर नहीं उतर पाईं। हमारी सरकार ने इस स्थिति को बदलने के लिए प्राधिकरणों का पुनर्गठन किया है। प्राधिकरण में जनप्रतिनिधित्व को और व्यापक बनाने के लिए सदस्यों की संख्या में वृद्धि की गई है। अब प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा और लोकसभा सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष और अन्य महत्वपूर्ण जनप्रतिनिधि इसके सदस्य बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, आदिवासी विकास के क्षेत्र में कार्यरत दो समाजसेवियों और विशेषज्ञों को प्राधिकरण का सदस्य मनोनीत करने का निर्णय लिया गया है, ताकि उनके अनुभव और विशेषज्ञता का लाभ विकास योजनाओं को मिल सके।  पीएम जनमन योजना ने खोलीं नई संभावनाएँ मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के क्षेत्र में आदिवासी समुदायों के लिए विशेष योजनाएँ लागू करने पर सरकार विशेष जोर दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में शुरू की गई धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और पीएम जनमन योजना ने छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएँ खोली हैं। इन योजनाओं के तहत आवास, सड़क, बिजली, पानी और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे बुनियादी ढाँचों का विकास तेजी से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मध्य क्षेत्र में आदिवासी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए स्व-सहायता समूहों को और मजबूत करने पर बल दिया जा रहा है। इन समूहों के माध्यम से महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, ऋण सुविधाएँ और बाजार से जोड़ने की पहल की जाएगी, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। मध्य क्षेत्र के युवाओं के लिए तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार और स्व-रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति समृद्ध है। हमें जनजातीय संस्कृति एवं परंपरा को संरक्षित रखने की दिशा में कार्य करना होगा। विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि की व्यवस्थाओं में प्राधिकरण मुख्य भूमिका निभाएगा। उन्होंने आदिवासी समाज के लोगों को शराब छोड़ने के लिए प्रेरित करने हेतु पुनर्वास केंद्र, प्रारंभिक शिक्षा, खेल और विशेष पिछड़ी जनजातियों के किसानों के खेतों में सिंचाई हेतु स्थायी पंप कनेक्शन उपलब्ध कराने के सुझाव दिए। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय स्वयं पूरी सरकार के साथ बैठक करने कोरबा आए हैं। 30 नवंबर 2019 के बाद यह बैठक नहीं हुई थी। मुख्यमंत्री स्वयं अनुसूचित क्षेत्र में जाकर बैठक कर रहे हैं। यह उनकी प्रतिबद्धता दर्शाता है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रणव कुमार मरपच्ची ने कहा कि बजट राशि बढ़ाए जाने से आदिवासी बहुल क्षेत्र में विकास कार्यों में वृद्धि होगी। शिक्षा, खेल, पर्यटन और सिंचाई को मिली सौगात मुख्यमंत्री साय ने आदिवासी बच्चों और युवाओं की प्रतिभा को निखारने के लिए विशेष घोषणाएँ कीं। उन्होंने कोरबा में बालक-बालिका क्रीड़ा परिसर के निर्माण और संचालन के लिए 10-10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए। इसी तरह विशेष पिछड़ी जनजातियों के खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने के लिए दो बालक-बालिका खेल परिसरों हेतु 10-10 करोड़ रुपये की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने विशेष पिछड़ी जनजाति के विद्यार्थियों के लिए आवासीय विद्यालय स्थापित करने हेतु 5 करोड़ रुपये स्वीकृत करने की भी घोषणा की। आधारभूत संरचना और पर्यटन मुख्यमंत्री साय ने कोरबा शहर में आवागमन को सुव्यवस्थित करने के लिए महत्वपूर्ण सुनालिया पुल निर्माण हेतु 9 करोड़ रुपये की घोषणा की। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बुका-सतरेंगा पर्यटन प्रोजेक्ट पर तेजी से काम करने के निर्देश वन विभाग के अधिकारियों को दिए। उन्होंने वन विभाग को 2 माह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2015 से पहले की 115 अधूरी सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 2,800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर लगभग 76 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। मध्य क्षेत्र आदिवासी प्राधिकरण के अंतर्गत वर्ष 2021-22 में 32 करोड़ 67 लाख रुपये के 544 विकास कार्य स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 539 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। इसी प्रकार वर्ष 2022-23 में 32 करोड़ 72 लाख रुपये के कुल 491 स्वीकृत कार्यों में से 482 कार्य पूर्ण हो गए। वर्ष 2023-24 में 32 करोड़ 67 लाख रुपये के कुल 464 स्वीकृत कार्यों में से 424 कार्य पूर्ण हुए। वर्ष 2024-25 में 48 करोड़ 28 लाख रुपये के कुल 508 स्वीकृत कार्यों में से 123 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं तथा शेष कार्य प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने सभी अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में मंत्रीगण रामविचार नेताम, दयालदास बघेल, केदार कश्यप, लखनलाल देवांगन, श्याम बिहारी जायसवाल, ओ.पी. चौधरी, टंकराम वर्मा, गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब, राजेश अग्रवाल, सांसद लोकसभा  संतोष पांडेय सहित विधायकगण, जिला पंचायत अध्यक्ष एवं सदस्यगण, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, अतिरिक्त … Read more

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप योजना का किया शुभारंभ

रायपुर : बेटियों की शिक्षा से पीढ़ियाँ होती हैं शिक्षित : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप योजना का किया शुभारंभ प्रदेश के शासकीय विद्यालयों से 10वीं और 12वीं उत्तीर्ण करने वाली बालिकाओं को उच्च शिक्षा हेतु मिलेगी वित्तीय सहायता देश के किसी भी संस्थान में पढ़ाई के लिए बालिकाओं को मिलेंगे वार्षिक 30 हजार रुपए बेटियों की उच्च शिक्षा को मिलेगी नई उड़ान, आर्थिक दिक्कतें नहीं बनेंगी बाधा रायपुर बेटियों को शिक्षा मिलने से हमारी पीढ़ियाँ शिक्षित होती हैं। प्रदेश सरकार बेटियों की उच्च शिक्षा के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप योजना के शुभारंभ अवसर पर यह बात कही। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को बधाई देते हुए कहा कि इस छात्रवृत्ति योजना से हजारों बेटियों को अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ का चहुंमुखी विकास हुआ है और इसमें बेटियों ने भी अपनी भूमिका निभाकर प्रदेश का मान बढ़ाया है। बेटियाँ आर्थिक दिक्कतों के कारण अपनी पढ़ाई अधूरी न छोड़ें—इसी उद्देश्य से यह पहल की गई है। यह योजना प्रदेश में बालिकाओं की उच्च शिक्षा में नामांकन दर को और अधिक बढ़ाने में सहायक होगी। साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ संकल्प को यह स्कॉलरशिप आगे बढ़ाएगी। इसके माध्यम से शासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाली निम्न आय वर्ग की छात्राओं को विशेष रूप से मदद मिलेगी और वे अपनी उच्च शिक्षा जारी रख पाएँगी।  बेटियों की शिक्षा से पीढ़ियाँ होती हैं शिक्षित : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री ने कहा कि जब बेटियाँ पढ़ती हैं तो वे केवल दो परिवारों को ही नहीं बल्कि पूरी पीढ़ियों को शिक्षित करती हैं। उन्होंने सभी महाविद्यालयों में इस योजना की जानकारी व्यापक रूप से पहुँचाने के निर्देश दिए। उल्लेखीय है कि इस योजना के तहत प्रदेश के शासकीय विद्यालयों से 10वीं एवं 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाली नियमित छात्राएँ पात्र होंगी। जो छात्राएँ शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक के प्रथम वर्ष अथवा डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष में देश के किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में प्रवेश लेंगी, उन्हें छात्रवृत्ति का लाभ मिलेगा।योजना का लाभ पाने के लिए वेबसाइट https://azimpremjifoundation.org/what-we-do/education/azim-premji-scholarship पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए कोई शुल्क नहीं लगेगा। साथ ही, क्यूआर कोड स्कैन कर भी आवेदन किया जा सकता है। आवेदन दो चरणों में स्वीकार किए जाएँगे—पहला चरण 10 सितम्बर से 30 सितम्बर 2025 तथा दूसरा चरण 10 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक। फाउंडेशन द्वारा छात्रवृत्ति योजना की पूरी प्रक्रिया नि:शुल्क संचालित की जाएगी। यदि योजना से संबंधित किसी प्रकार की धोखाधड़ी या शिकायत की जानकारी हो, तो उसे scholarship@azimpremjifoundation.org पर प्रेषित किया जा सकता है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, आयुक्त उच्च शिक्षा संतोष देवांगन, संचालक तकनीकी शिक्षा विजय दयाराम के., तथा अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के स्टेट हेड सुनील शाह उपस्थित थे।

कुनकुरी को मिली सौगात: सीएम विष्णुदेव साय बनाएंगे अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स

63 करोड़ 84 लाख की लागत से बनेगा अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच और नेतृत्व में जशपुर जिले को लगातार विकास की सौगातें मिल रही हैं। खेल प्रतिभाओं को पहचान और बेहतर अवसर दिलाने की दिशा में प्रदेश सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाया है। जिले के कुनकुरी में अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने के लिए शासन द्वारा 63 करोड़ 84 लाख 89 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। यह खेल कॉम्प्लेक्स न केवल जशपुर बल्कि पूरे सरगुजा संभाग के लिए मील का पत्थर साबित होगा।            खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधा इस कॉम्प्लेक्स के निर्माण से मिलेगा l  ग्रामीण और आदिवासी अंचल के खेल में रुचि रखने वाले युवाओं को  राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी। अब खिलाड़ियों को बड़े शहरों की ओर रुख करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। यहीं पर उन्हें प्रशिक्षण, प्रतियोगिताएं और खेल आयोजन की बेहतर सुविधाएं  मिलेगी। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की छुपी हुई खेल प्रतिभाएं निखरकर सामने आएंगी। युवाओं के लिए खेलों में कैरियर और रोजगार की नई संभावनाएं भी खुलेंगी। स्थानीय खेल प्रेमियों और युवाओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताते हुए कहा कि इस कॉम्प्लेक्स के बनने से जशपुर जिले की पहचान खेलों के क्षेत्र में और भी मजबूत होगी। ये होंगी विशेष सुविधाएं इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को अत्याधुनिक खेल ढांचे और सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। इसमें शामिल होंगे— एथलेटिक्स ट्रैक एवं पवेलियन, बास्केटबॉल कोर्ट, कबड्डी और खो-खो के मैदान,आधुनिक स्विमिंग पूल एवं ड्रेस चेंजिंग रूम, वॉलीबॉल ग्राउंड , जंपिंग गेम और खेल उपकरण इन सभी व्यवस्थाओं से खिलाड़ियों को बड़े स्तर पर प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर मिलेगा। जशपुर का खेलों में नया स्वर्णिम अध्याय जशपुर जिला पहले से ही अपनी खेल प्रतिभाओं के लिए प्रसिद्ध रहा है। यहां से कई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे हैं। अब इस इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण से यह परंपरा और मजबूत होगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का यह कदम न केवल खेल प्रतिभाओं के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी है, बल्कि यह जशपुर को खेलों की भूमि के रूप में नई पहचान भी दिलाएगा।

11 सितंबर को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बस्तर में करेंगे छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट का शुभारंभ

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 11 सितंबर को बस्तर में आयोजित होने वाले छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट का शुभारंभ करेंगे। यह आयोजन क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति देने के साथ-साथ अवसरों के नए द्वार खोलने वाला साबित होगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में बस्तर का विकास सदैव अग्रणी रहा है। इन्वेस्टर कनेक्ट इसी संकल्प को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समावेशी विकास की इस सोच के अंतर्गत उद्योग और निवेश को केवल आर्थिक गतिविधियों तक सीमित न रखकर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सशक्तिकरण जैसे मूलभूत क्षेत्रों से जोड़ा गया है, ताकि बस्तर का विकास केवल औद्योगिक प्रगति तक सीमित न रहकर सामाजिक उन्नति का आधार भी बन सके। इन्वेस्टर कनेक्ट न केवल बस्तर में नए उद्योगों और व्यापक रोजगार के अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगा कि विकास की प्रत्येक उपलब्धि का लाभ सीधे स्थानीय समुदायों तक पहुँचे और वे इस प्रगति यात्रा के सक्रिय भागीदार बनें।