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प्रशासनिक बदलाव: बठिंडा निगम की कमान लवजीत के हाथ, विकास कार्यों में आएगी तेजी

बठिंडा. बठिंडा नगर निगम को नई कमिश्नर मिल गई हैं। पंजाब सरकार ने पीसीए अधिकारी लवजीत क्लसी को नगर निगम का नया कमिश्नर नियुक्त किया है। वह शुक्रवार यानी आज या फिर सोमवार को अपना कार्यभार संभाल सकती हैं। उनकी नियुक्ति को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उन्हें शहर के कामकाज का पहले से अच्छा अनुभव है। लवजीत क्लसी इससे पहले बठिंडा में अतिरिक्त उपायुक्त ग्रामीण और बीडीए में सहायक प्रशासक के रूप में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। इस कारण उन्हें स्थानीय स्तर की प्रशासनिक व्यवस्था, विकास कार्यों और लोगों की समस्याओं की अच्छी समझ है। अधिकारियों का मानना है कि उनके अनुभव का सीधा लाभ नगर निगम के कामकाज को मिलेगा और लंबे समय से लंबित पड़े कार्यों में तेजी आएगी। सरकार ने मौजूदा व्यवस्था में बदलाव करते हुए कंचन से नगर निगम कमिश्नर का अतिरिक्त प्रभार वापस ले लिया है। पिछले कई महीनों से कंचन के पास यह जिम्मेदारी अतिरिक्त रूप से थी और वह अपनी नियमित ड्यूटी के साथ निगम का काम भी देख रही थीं। अब इस बदलाव के बाद प्रशासनिक जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण किया गया है। स्थायी कमिश्नर की नियुक्ति से योजनाएं जल्द पूरी होंगी नई व्यवस्था के तहत अतिरिक्त उपायुक्त सामान्य और अतिरिक्त उपायुक्त ग्रामीण को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि प्रशासनिक कार्य सुचारू रूप से चलते रहें और किसी प्रकार की बाधा न आए। अधिकारियों का कहना है कि स्थायी कमिश्नर की नियुक्ति से नगर निगम के कामकाज में स्थिरता आएगी और योजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी। शहर में लंबे समय से स्थायी कमिश्नर की नियुक्ति का इंतजार किया जा रहा था। ऐसे में अब नई नियुक्ति से लोगों को उम्मीद है कि सफाई व्यवस्था, बुनियादी ढांचे के विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि योजनाओं को सही दिशा में लागू किया गया, तो शहर के विकास को नई गति मिल सकती है। अब सभी की नजरें नई कमिश्नर के कार्यभार संभालने और उनकी प्राथमिकताओं पर टिकी हैं।

आरोपों के बीच बड़ा फैसला: SDM बबनदीप वालिया का तबादला फाजिल्का में

चंडीगढ़. पंजाब सरकार की ओर से आज जिन 9 आईएएस और पीसीएस अफसरों का तबादला किया गया है, उनमें से एक नाम बाघापुराना के एसडीएम बबनदीप सिंह वालिया का भी है, जिन्होंने पिछले दिनों मुख्य सचिव से अपने एडीसी पर पंचायत समिति के चुनाव में खास उम्मीदवारों को जितवाने के लिए दबाव बनाने की शिकायत की थी। बबनदीप सिंह का यह शिकायती पत्र सोशल मीडिया पर वायरल खूब वायरल हुआ, जिस पर हाई कोर्ट ने नाराजगी जताई थी। अब बबनदीप को नए आदेशों में एसडीएम बाघापुराना के पद से हटाकर मुख्यमंत्री फील्ड अधिकारी फाजिल्का में लगा दिया गया है। इस मामले ने उस समय तूल पकड़ा, जब पंचायत समिति के 15 सदस्यों ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि 17 मार्च को जब वे अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में हिस्सा लेने के लिए अन्य निर्दलीय सदस्यों के साथ पहुंचे, तो उन्हें बीडीपीओ कार्यालय में अवैध रूप से बंधक बना लिया गया। वापस लिया फैसला याचिकाकर्ताओं ने स्वयं को शिरोमणि अकाली दल से संबंधित बताया। इस केस की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने डीसी और एसडीएम को भी पेश करने के आदेश दिए और मंगलवार को हुई। सुनवाई के दौरान एसडीएम के पेश होने पर अदालत ने सबसे पहले उस पत्र पर सवाल उठाया, जो मुख्य सचिव को लिखा गया था और बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हाई कोर्ट ने एसडीएम से पूछा कि एक संवेदनशील पत्र सार्वजनिक कैसे हुआ। अदालत ने स्पष्ट कहा कि अगर उन पर किसी प्रकार का दबाव था तो उन्हें नियमानुसार अपने वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष मामला रखना चाहिए था। कोर्ट ने यह भी कहा कि एक जिम्मेदार सरकारी अधिकारी से इस तरह की कार्यप्रणाली की अपेक्षा नहीं की जा सकती। साथ ही अदालत ने यह भी पूछा कि यदि पत्र में लगाए गए आरोप सही साबित नहीं होते तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। इस पर एसडीएम ने अदालत को बताया कि उन्होंने यह पत्र दबाव में आकर लिखा था। हालांकि, कोर्ट ने इस जवाब पर असंतोष जताते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में अधिकारी के पास अवकाश लेने या सीधे मुख्य सचिव से मिलकर अपनी बात रखने का विकल्प भी था। अदालत ने दोहराया कि संस्थागत व्यवस्था के भीतर ही समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। हाई कोर्ट की बेहद तीखी टिप्पणी के बाद राज्य सरकार ने आज जिन नौ अधिकारियों का तबादला किया है, जिनमें बबनदीप सिंह भी शामिल हैं।  

ड्रग्स माफिया के खिलाफ मोगा पुलिस का अभियान, गांव-गांव में छापेमारी

मोगा. मोगा जिले के निहाल सिंह वाला क्षेत्र में नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए विशेष अभियान चलाया। यह अभियान पंजाब पुलिस के उच्च अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार वीरवार को चलाया गया, जिसमें क्षेत्र के कई गांवों में व्यापक स्तर पर तलाशी अभियान चलाया गया। थाना निहाल सिंह वाला पुलिस की अगुआई उप पुलिस अधीक्षक अनवर अली द्वारा की गई। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार तथा मोगा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेशों के तहत पूरे इलाके में नशा तस्करों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। इस दौरान पुलिस की अलग-अलग टीमें बनाकर विभिन्न गांवों और संदिग्ध स्थानों पर तलाशी ली गई। उप पुलिस अधीक्षक ने जानकारी दी कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इस दौरान किसी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री या नशे से संबंधित वस्तु बरामद होती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कई थानों की पुलिस ने किया जॉइंट सर्च इस विशेष अभियान में थाना निहाल सिंह वाला के अलावा मोगा, बधनी कलां और अजीतवाल थानों की पुलिस टीमों ने भी भाग लिया। सभी टीमों ने मिलकर समन्वय के साथ अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की, जिससे अभियान को प्रभावी बनाया जा सके। अधिकारियों ने नशा तस्करों और अन्य अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि वे तुरंत ऐसे कार्य बंद कर दें। यदि कोई व्यक्ति इन गतिविधियों में संलिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले समय में जारी रहेंगे सर्च ऑपरेशन इस मौके पर थाना निहाल सिंह वाला के प्रभारी निरीक्षक राज सिंह, बधनी कलां के प्रभारी निरीक्षक गुरमेल सिंह सहित अन्य पुलिस अधिकारी और जवान मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे, ताकि क्षेत्र में कानून व्यवस्था को मजबूत किया जा सके और नशे के नेटवर्क पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके।

Punjab University का ग्लोबल कमाल: QS रैंकिंग में 901–950 पायदान पर पहुंची

चंडीगढ़. पंजाब यूनिवर्सिटी ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में अपने प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। इस वर्ष विश्वविद्यालय ने कई विषयों में बेहतर रैंक हासिल करते हुए कुल छह विषयों में अपनी उपस्थिति बनाए रखी है। फिजिक्स और एस्ट्रोनॉमी विषय में पीयू ने बड़ी छलांग लगाते हुए 501–550 रैंक बैंड से सुधार कर 451–500 बैंड में जगह बनाई है। वहीं हॉस्पिटैलिटी एंड लीजर मैनेजमेंट विषय को 151–175 रैंक बैंड में स्थान मिला है, जो संस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इसके अलावा फार्मेसी एंड फार्माकोलॉजी 201–250 रेंज में बरकरार है। बायोलॉजिकल साइंसेज 651–700 और केमिस्ट्री 601–700 बैंड में स्थिर बनी हुई हैं। आईक्यूएसी की डायरेक्टर प्रो. सोनल सिंघल ने कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के निरंतर शोध कार्य और अकादमिक गुणवत्ता में सुधार का परिणाम है। वहीं, कुलपति प्रो. रेनू विग ने बताया कि ओवरऑल रैंकिंग में भी पीयू ने प्रगति करते हुए 2025 के 1001–1200 बैंड से 2026 में 901–950 बैंड में स्थान हासिल किया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अब शोध और शिक्षण गुणवत्ता को और मजबूत करने पर फोकस कर रहा है, जिससे वैश्विक स्तर पर पहचान और सशक्त होगी।

फतेहगढ़ साहिब बनेगा राजनीतिक केंद्र: 28 मार्च को CM मान और केजरीवाल का बड़ा दौरा

चंडीगढ़ 28 मार्च 2026 को सरहिंद में मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल की बड़ी रैली प्रस्तावित। विधायक लखबीर सिंह राय ने तैयारियों और जनभागीदारी का आह्वान किया। सरहिंद में बड़ी राजनीतिक रैली का ऐलान पंजाब की राजनीति में 28 मार्च 2026 का दिन अहम रहने वाला है, जब Bhagwant Mann और Arvind Kejriwal सरहिंद के अनाज मंडी में एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। इस दौरे को लेकर स्थानीय स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं और इसे शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। विधायक लखबीर सिंह राय ने दी जानकारी फतेहगढ़ साहिब से विधायक Lakhbir Singh Rai ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि यह रैली क्षेत्र के लिए गर्व का अवसर है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े स्तर की सभा में इलाके को अपनी एकता, भाईचारा और सामाजिक समरसता दिखाने का मौका मिलेगा। जनभागीदारी बढ़ाने का आह्वान विधायक राय ने सभी पंचायत प्रतिनिधियों, सरपंचों, पार्षदों, ब्लॉक समिति और जिला परिषद के सदस्यों के साथ-साथ आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं और वॉलंटियर्स से अपील की है कि वे इस रैली में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उनका कहना है कि सामूहिक प्रयास से ही इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाया जा सकता है। चार साल के विकास कार्यों का लेखा-जोखा रैली के दौरान पिछले चार वर्षों में क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का विवरण भी प्रस्तुत किया जाएगा। विधायक ने कहा कि उन्होंने एक सेवक के रूप में बिना भेदभाव के काम किया है और आगे भी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में राजनीति से ऊपर उठकर जनता की भलाई को प्राथमिकता दी गई है। राजनीतिक और सामाजिक संदेश यह रैली केवल राजनीतिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक एकजुटता का भी संदेश देगी। इसमें बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्रीय राजनीति में इसका असर देखने को मिल सकता है। सरहिंद की यह सभा आगामी रणनीतियों और जनसमर्थन को मजबूत करने का मंच बनेगी।

पंजाब शिक्षा विभाग में क्लर्क भर्ती पर सवाल, 63 में से सिर्फ दो पास, फेल अभ्यर्थियों को लास्ट चांस

होशियारपुर (पंजाब) फरवरी 2026 में भाषा विभाग पंजाब द्वारा आयोजित इस परीक्षा में कुल 63 उम्मीदवार शामिल थे। इनमें से केवल दो ही उम्मीदवार पंजाबी और अंग्रेजी दोनों टाइपिंग टेस्ट पास कर सके, जिससे उनकी नौकरी पक्की होने की राह आसान हुई है। पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग ने अनुकंपा आधार पर नियुक्त क्लर्कों के लिए आयोजित टाइपिंग टेस्ट का परिणाम घोषित कर दिया है। जो परिणाम आया है वह बेहद ही निराशाजनक और हैरान कर देने वाला है। नतीजों ने कर्मचारियों के प्रदर्शन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फरवरी 2026 में भाषा विभाग पंजाब द्वारा आयोजित इस परीक्षा में कुल 63 उम्मीदवार शामिल थे। इनमें से केवल दो ही उम्मीदवार पंजाबी और अंग्रेजी दोनों टाइपिंग टेस्ट पास कर सके, जिससे उनकी नौकरी पक्की होने की राह आसान हुई है। एक उम्मीदवार ने आंशिक सफलता हासिल करते हुए अंग्रेजी टाइपिंग टेस्ट पास किया, लेकिन पंजाबी (रावी फॉन्ट) में असफल रहा। परिणामों का सबसे चिंताजनक पहलू बड़ी संख्या में उम्मीदवारों का अनुपस्थित रहना रहा। 63 में से 40 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल ही नहीं हुए। विभागीय सूत्रों के अनुसार, बार-बार अवसर दिए जाने के बावजूद इस तरह की अनुपस्थिति प्रशासनिक कार्यों को प्रभावित कर रही है। बाकी 20 उम्मीदवार परीक्षा में असफल रहे, जिनमें से अधिकांश पंजाबी टाइपिंग (रावी फॉन्ट) में निर्धारित मानकों को पूरा नहीं कर सके। विभाग ने असफल या अनुपस्थित रहे उम्मीदवारों को एक अंतिम अवसर देते हुए जून 2026 में पुनः टाइपिंग टेस्ट आयोजित करने की घोषणा की है। इच्छुक उम्मीदवारों को 15 अप्रैल 2026 तक अपने नाम संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) के माध्यम से भेजने होंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगली परीक्षा के लिए आवेदन केवल रावी फॉन्ट में ही स्वीकार किए जाएंगे, जिससे निर्धारित मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके। फरवरी 2026 टाइपिंग टेस्ट का संक्षिप्त विवरण कुल उम्मीदवार: 63 अनुपस्थित: 40 असफल: 20 पूर्ण रूप से पास: 2 आंशिक रूप से पास: 1

प्रशासन का बड़ा फैसला: होशियारपुर में रातभर डम्पर संचालन बंद, नियम हुए कड़े

होशियारपुर. जिला मैजिस्ट्रेट आशिका जैन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए आदेश जारी किए हैं कि जिला होशियारपुर में पड़ने वाले गांव जेजों से माहिलपुर रोड और नंगल से गढ़शंकर रोड पर माइनिंग मैटीरियल ले जाने वाले टिप्पर/ट्रकों को केवल शाम 7 बजे से सुबह 7 बजे तक ही आवाजाही की अनुमति होगी। इसके अलावा समय पर इन सड़कों पर माइनिंग मैटेरियल ले जाने वाले टिप्पर/ट्रकों की आवाजाही पर रोक रहेगी। जिला मैजिस्ट्रेट ने बताया कि उनके ध्यान में आया है कि जिला होशियारपुर में पड़ने वाली माहिलपुर रोड और नंगल से गढ़शंकर रोड पर माइनिंग मटीरियल ले जाने वाले टिप्पर/ट्रकों के कारण सड़कों पर काफी दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनके कारण आम जनता का जान-माल का नुकसान हो रहा है। लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए इन सड़कों पर माइनिंग मटीरियल ले जाने वाले टिप्पर/ट्रकों की आवागमन को समयबद्ध तरीके से चलाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उप पुलिस कप्तान, गढ़शंकर यह सुनिश्चित करेंगे कि ट्रैफिक पुलिस द्वारा टिप्पर/ट्रकों की ओवरस्पीड की जांच की जाए। रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी, होशियारपुर इन आदेशों के अनुपालन में ओवरलोडिंग और अन्य नियमों की उल्लंघन संबंधी जांच और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। इसके अलावा कार्यकारी इंजीनियर, ड्रेनेज-कम-जिला माइनिंग अधिकारी, होशियारपुर अंतर-राज्यीय चेक पोस्टों पर 24×7 मॉनिटरिंग सुनिश्चित करेंगे और साथ ही चैक पोस्ट पर भार तौलने वाले कांटे का उपयोग करके ओवरलोडेड टिप्परों की जांच करेंगे तथा इन पर उचित कार्रवाई अमल में लाएंगे। यह आदेश 20 मई 2026 तक लागू रहेंगे।

ड्रग्स माफिया पर शिकंजा, 34.50 लाख की संपत्ति जब्त- पुलिस की कड़ी कार्रवाई

मोगा. मोगा जिले में नशा तस्करों के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी की लाखों रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गांधी के नेतृत्व में की गई, जिसके तहत गांव राजेयाना निवासी नशा तस्कर गुरतेज सिंह उर्फ तेजा की करीब 34 लाख 50 हजार रुपये मूल्य की संपत्ति को जब्त किया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। उपमंडल पुलिस अधिकारी बाघापुराना दलवीर सिंह के नेतृत्व में थाना समालसर और बाघापुराना की पुलिस टीम ने यह कदम उठाया। मामले की जांच के दौरान सामने आया कि गुरतेज सिंह को पहले 255 ग्राम हेरोइन सहित गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ दर्ज मामले के आधार पर उसकी संपत्ति की जांच की गई, जिसमें पाया गया कि यह संपत्ति गैरकानूनी तरीके से नशा तस्करी कर अर्जित की गई थी। इसके बाद संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी के रिहायशी मकान को जब्त करने की कार्रवाई की गई। मकान आरोपी के पिता के नाम पर यह मकान आरोपी के पिता सरबजीत सिंह के नाम पर गांव राजेयाना में स्थित है। पुलिस ने जब्ती की कार्रवाई के तहत मकान के बाहर नोटिस चस्पा कर दिया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि यह संपत्ति नशे के अवैध कारोबार से अर्जित की गई है और अब इसे जब्त कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार के वित्त विभाग के सक्षम अधिकारी से अनुमति प्राप्त की गई थी, जिसके बाद कानून के तहत यह कदम उठाया गया। अभियान जारी रखेगी मोगा पुलिस वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गांधी ने कहा कि जिले में नशा तस्करों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और जो भी व्यक्ति नशे के कारोबार में लिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में ऐसे और मामलों में भी संपत्ति जब्त करने जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि नशा तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। पुलिस की इस कार्रवाई को नशा विरोधी अभियान में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे तस्करों में भय का माहौल पैदा हुआ है।

मोहाली में 8वीं की छात्रा से दुष्कर्म का वीडियो बनाकर किया गैंगरेप

मोहाली. मोहाली से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक छात्रा को उसके ही क्लासमेट ने अपने साथियों के साथ मिलकर दरिंदगी का शिकार बनाया। जानकारी के मुताबिक, क्लासमेट द्वारा अपने साथियों से छात्रा का गैंगरेप करवाया गया। घटना मोहाली के न्यू चंडीगढ़ इलाके की है। जहां एक 8वीं कक्षा की छात्रा से हैवानियत की हदें पार की गई। यही नहीं इस पूरी वारदात का वीडियो भी बनाया गया और उसे व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर भी किया गया। आरोपियों ने इस दौरान छात्रा को जान से मारने की धमकियां भी दी। परिवार वालों की शिकायत पर पुलिस ने क्लासमेट सहित 4 के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि, पीड़ित छात्रा का क्लासमेट और उसके 2 साथी नाबालिग है। जिन्हें कोर्ट में पेश करके सुधार गृह में भेज दिया गया है। वहीं एक बालिग आरोपी (उम्र 20) को 4 दिन के रिमांड पर भेजा गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 70(2), 61(2) और POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। इस पूरे मामले में पीड़ित छात्रा की एक नाबालिग सहेली को भी गिरफ्तार किया है। सहेली पर आरोप है कि, पीड़ित छात्रा को आरोपियों तक पहुंचाने में मदद की थी।  पूरा मामला मिली जानकारी के मुताबिक, पीड़ित छात्रा जोकि 8वीं कक्षा में पढ़ती और 15 साल की  है। मुख्य आरोपी उसका क्लासमेट है, जिसने पहले पीड़ित छात्रा के साथ दोस्ती की और फिर उसके प्राइवेट वीडियो बनाकर उसे डराना धमकाना शुरू कर दिया। हद तो तब हो गई जब उसने अपने 3 साथियों के साथ मिलकर छात्रा के साथ कई बार गैंगरेप किया। छात्रा अलग-अलग सुनसान जगहों पर ले जाकर उसके साथ कई बार गैंगरेप की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि, आरोपी पिछले एक महीने से ऐसा कर रहे थे। आरोपियों ने पहली बार उसके साथ किए गैंगरेप का वीडियो रिकोर्ड कर लिया था। उसके बाद उसे बार सुनसान जगहों पर बुलाते और उसके गैंगरेप की घटना को अंजाम देते थे। पीड़ित छात्रा बदनामी के डर से किसी कुछ नहीं बता पा रही थी। लेकिन जब आरोपियों में एक ने गुस्से में आकर वीडियो को एक प्राइवेट व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर कर दिया, तो इसका खुलासा हुआ। इसके बाद पीड़ित छात्रा ने आपबीती अपने परिवार वालों को बताई। जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चारों को उनके घरों से ही गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें से 3 नाबालिग हैं।

सदस्यता बची रहेगी! अमृतपाल को केंद्र से राहत, कंडोनेशन के लिए मिलेगा अवसर

चंडीगढ़. खडूर साहिब से लोकसभा सदस्य अमृतपाल सिंह से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार संसद से लगातार गैरहाजिर रहने को लेकर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने मंगलवार को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के सामने साफ किया कि इस समय अमृतपाल सिंह की लोकसभा सदस्यता को तुरंत कोई खतरा नहीं है। ASG सत्यपाल जैन ने जानकारी दी कि सांसद अमृतपाल सिंह की लोकसभा सदस्यता फिलहाल रद्द नहीं की जाएगी और उन्हें अनुपस्थिति के लिए माफी (कंडोनेशन) के लिए आवेदन करने का अवसर मिलेगा। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। नियमों के अनुसार यदि कोई सांसद लगातार 60 दिनों तक सदन से अनुपस्थित रहता है तो उसकी सीट खाली घोषित की जा सकती है। हालांकि, अमृतपाल सिंह अपनी एनएसए के तहत हिरासत को अनुपस्थिति का उचित कारण बताकर सीट खाली होने से बचा सकते हैं। ऐसे मामलों में लोकसभा की एक समिति सांसद द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण पर विचार करती है और सामान्य तौर पर उचित कारण होने पर अनुपस्थिति को मंजूरी दे दी जाती है।