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फिरोजपुर में RSS नेता के बेटे की हत्या, बाइक सवार हमलावरों ने मारी गोली

फिरोजपुर  पंजाब में बड़ी घटना घटी है। फिरोजपुर में अज्ञात हमलावरों ने RSS नेता के बेटे को गोली मार दी। घटना से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हमले के बाद से आरआरएस कार्यकर्ताओं में काफी रोष है। लोगों ने बवाल शुरू कर दिया है। मृतक की पहचान 32 साल के नवीन अरोड़ा के नाम से हुई है। जानकारी के अनुसार, नवीन अरोड़ा अपनी दुकान बंद करके घर लौट रहे थे। फिरोजपुर में डॉ. साधु चंद चौक के पास पहुंचने पर दो लोग बाइक पर आए और नवीन पर नजदीक से फायरिंग की। फायरिंग के बाद हमलावप मौके से फरार हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत अरोड़ा को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने नवीन को मृत घोषित कर दिया।   बताया जा रहा है कि नवीन के पिता बलदेव राज अरोड़ा पिछले कई सालों से आरएसएस से जुड़े हैं। इसी के चलते घटना ने राजनीतिक रूपर भी ले लिया। स्थानीय लोगों में हमला को लेकर काफी गुस्सा है। सभी लोग आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा, केरल में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए भाजपा द्वारा टिकट न दिए जाने के बाद एक आरएसएस कार्यकर्ता ने कथित तौर पर सुसाइड कर लिया। मृतक की पहचान तिरुवनंतपुरम निगम के अंतर्गत त्रिक्कनपुरम वार्ड निवासी आनंद के थम्पी के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि आगे की जांच जारी है। घटना पर पंजाब बीजेपी अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पंजाब में गैंगस्टरों का डर बढ़ता जा रहा है। आप सरकार इन्हें रोकने में नाकाम साबित हो रही है। कहा कि गैंगस्टर प्रभावी रूप से सरकार चला रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री भगवंत मान अपनी जिम्मेदारियां निभाने में नाकाम रहे हैं। कहा कि लोगों में दहशत का माहौल है।  

बीबीएमबी में नियुक्ति के लिए पंजाब में अलग कैडर को मंजूरी

चंडीगढ़  पंजाब मंत्रिमंडल ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) में कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए अलग कैडर बनाने को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कर्मचारियों का एक अलग कैडर बनाने का निर्णय लिया गया है, जिनकी भर्ती बीबीएमबी में सेवा के लिए की जाएगी। चीमा ने कहा, 'वर्तमान में, हमारे कर्मचारी प्रतिनियुक्ति पर बीबीएमबी में तैनात हैं। लेकिन कभी-कभी उनकी नियुक्तियां रद्द हो जाती हैं, जिसके कारण रिक्त पदों को बीबीएमबी को अन्य राज्यों से भरना पड़ता है।' एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि मंत्रिमंडल ने बीबीएमबी के विभिन्न विभागों में भर्ती के लिए 2458 पदों के सृजन को मंजूरी दी है। यह निर्णय आम आदमी पार्टी (आप) नीत सरकार और बीबीएमबी अधिकारियों के बीच जल बंटवारे और भाखड़ा तथा नंगल बांधों पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल कर्मियों की तैनाती जैसे मुद्दों पर टकराव की पृष्ठभूमि में आया है।

लुधियाना के लोगों के लिए खुशखबरी! शुरू होने जा रही यह बड़ी सुविधा

लुधियाना महानगरी में बहादरके रोड स्थित होलसेल सब्जी मंडी के अंदर पड़ते पालक बाजार की 2609 गज जमीन पर 27 करोड़ रुपए की लागत से पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन द्वारा 66 के.वी. का नया बिजली घर स्थापित किया जा रहा है जिसके लिए पावरकॉम विभाग के अधिकारियों द्वारा सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। पावरकॉम विभाग द्वारा सब्जी मंडी में स्थापित किए जा रहे नए बिजली घर के लिए साढ़े 7 करोड़ रुपए में खरीदी गई जमीन का दौरा करने पहुंचे पावरकॉम विभाग की सुंदर नगर डिवीजन में तैनात एक्सियन जगमोहन सिंह जन्डू द्वारा चेयरमैन मार्कीट कमेटी गुरजीत सिंह गिल और सचिव हरिंदर सिंह गिल ने मौके का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि इलाके में नया बिजली घर स्थापित होने से पावरकॉम विभाग की सिटी वैस्ट डिवीजन और सुंदर नगर डिवीजन के 24 के करीब फीडरों की सप्लाई में बिजली घर में ट्रांसफर की जाएगी, जिससे डेढ़ दर्जन के करीब इलाकों में बसे 3000 के करीब परिवारों को बिजली संबंधी समस्याओं से बड़ी राहत नसीब होगी, जिसमें मुख्य तौर पर विजय नगर, सेखेवाल, काली सड़क, फरीद नगर, मास्टर कॉलोनी, शिवपुरी, जालंधर बाईपास, विष्णुपुरी, प्रीतमपुरी, आजाद नगर, नंदपुरी, नूरेवाल, बहादुर के रोड इंडस्ट्री, अनाज मंडी, सब्जी मंडी और आजाद नगर के इलाके मुख्य तौर पर शामिल हैं।   उन्होंने कहा कि सरकार की इस पहलकदमी से उक्त सभी इलाकों में न केवल बिजली की वोल्टेज, ट्रिपिंग का समाधान होगा बल्कि इलाका निवासियों विशेष कर इंडस्ट्री को 24 घंटे निर्विघ्न बिजली और पानी की सप्लाई भी मुहैया करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार और पावरकॉम विभाग के सांझा प्रयास से बहादुरके रोड, सेखेवाल, काली सड़क, नूरवाला आदि में औद्योगिक इकाइयां चलाने वाले व्यापारी वर्ग का कारोबार भी बड़े स्तर पर प्रफुल्लित होगा। इस मौके पर चेयरमैन मार्कीट कमेटी गुरजीत सिंह गिल और सचिव हरिंदर सिंह गिल मुख्य तौर पर उपस्थित रहे। 

चलती बस में अचानक भड़की आग! फ्लाईओवर पर मचा हड़कंप

पंजाब   जानकारी के अनुसार आज सुबह करीब 5:00 बजे, चंडीगढ़ से सटे मोहाली ज़िले में स्थित ज़ीरकपुर फ्लाईओवर पर एक टूरिस्ट बस अचानक आग की चपेट में आ गई। बताया जा रहा है कि बस आगरा से अमृतसर जा रही थी और उसमें लगभग 50 यात्री सवार थे। जैसे ही बस फ्लाईओवर पर पहुंची, उसमें अचानक आग लग गई। आग को देख ड्राइवर ने तुरंत बस रोक दी और यात्रियों को तेजी से नीचे उतारकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। गनीमत रही कि सभी यात्रियों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया, जिससे कोई बड़ा हादसा होने से टल गया। पुलिस ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच जारी है। 

Jalandhar की हवा खतरे की सीमा पर! स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दी बड़ी चेतावनी

जालंधर  जालंधर शहर की हवा इन दिनों जहरीली होती जा रही है। सड़कों से उड़ रही मिट्टी और उसके बारीक कणों ने लोगों का जीवन मुश्किल बना दिया है। पूरे दिन हवा में तैरते धूल के कणों के कारण शहरवासियों में आंखों में जलन, गले में खराश, बलगम, खांसी और जुकाम जैसी बीमारियाँ तेजी से बढ़ रही हैं। डॉक्टरों और दवा दुकानों पर मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। अनुमान है कि शहर के हज़ारों लोग फिलहाल एलर्जी से जुड़ी समस्याओं का शिकार हो चुके हैं। शहर में लंबे समय से सरफेस वाटर प्रोजेक्ट का काम जारी है। इस प्रोजेक्ट के लिए लगभग 60 किलोमीटर सड़कों को खोदा गया था। पाइप डालने के बाद भी कई जगहों पर मिट्टी के बड़े-बड़े ढेर पड़े हुए हैं। वाहनों के गुजरने पर यही मिट्टी उड़कर हवा में घुल जाती है और आसपास के इलाकों को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है। स्थानीय निवासी शिकायत कर रहे हैं कि नगर निगम और प्रोजेक्ट संभाल रही कंपनियों ने धूल रोकने के लिए कोई इंतज़ाम नहीं किए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर निगम के अधिकारी इस बढ़ते संकट के आगे बेबस नजऱ आ रहे हैं। स्थिति यह है कि शहर के कई इलाकों में सांस लेना भी मुश्किल होता जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द सड़कों की बहाली और धूल रोकने के उपाय नहीं किए गए तो हवा की गुणवत्ता और खराब हो सकती है, जिससे स्वास्थ्य समस्याएं और बढ़ेंगी।  जितना हो सके घर के अंदर रहें जब एयर क्वालिटी इंडेक्स  "बहुत खराब" या "गंभीर" स्तर पर हो, तो दमा के मरीजों को बाहर निकलने से बचना चाहिए। सुबह और शाम प्रदूषण का स्तर सबसे ज़्यादा होता है, इसलिए इन समयों पर बाहर निकलने या टहलने से परहेज़ करें। अगर बाहर जाना ज़रूरी हो, तो N95 या N99 मास्क पहनें जिससे प्रदूषण के कण फेफड़ों तक न पहुँच सकें। घर की हवा को साफ़ रखें घर के अंदर प्रदूषण कम करने के लिए एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें। अगर उपलब्ध न हो, तो घी या नारियल के तेल का छोटा दीया जलाकर हल्की नमी बनाए रख सकते हैं। दिन में कुछ देर के लिए दरवाज़े-खिड़कियाँ खोलें ताकि बासी हवा निकल सके, लेकिन जब बाहर धूल या धुआँ ज़्यादा हो तो तुरंत बंद कर दें। हर्बल स्टीम और भाप लें गले में खराश, नाक बंद या सांस लेने में परेशानी होने पर दिन में दो बार भाप लें। भाप में पुदीना, अजवाइन या यूक्लिप्टस तेल की कुछ बूंदें डालें। यह गले को आराम देता है और सांस की नलियों को खोलता है। इनहेलर और दवाइयों का सही उपयोग दमा के मरीज अपनी दवाएँ समय पर लें। इन्हेलर या नेबुलाइजऱ हमेशा अपने साथ रखें। अगर सांस लेने में दिक्कत, सीने में भारीपन या बेचैनी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। कभी भी दवाइयों में खुद से बदलाव न करें। योग और श्वास क्रियाएँ प्रदूषण के बीच भी फेफड़ों को मजबूत रखने के लिए घर में प्राणायाम, अनुलोम-विलोम जैसी कसरतें करें। ये फेफड़ों की क्षमता बढ़ाती हैं और सांस लेने की प्रक्रिया सुधारती हैं। यह केवल साफ़ हवा वाले कमरे में ही करें। धुएं और धूल से बचाव दमा के मरीज किसी भी तरह के धुएँ से दूर रहें— जैसे सिगरेट का धुआँ, खाना पकाने की गैस का धुआँ, अगरबत्ती या धूप का धुआँ। घर की सफ़ाई करते समय भी मास्क पहनें ताकि धूल के कण फेफड़ों को नुकसान न पहुँचा सकें। कब लें डॉक्टर की सलाह अगर रात को सांस लेने में दिक्कत हो, छाती में जकडऩ महसूस हो या बार-बार खांसी आए, तो इसे नजऱअंदाज़ न करें। यह संकेत हैं कि प्रदूषण का असर बढ़ रहा है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।  

लाखों पेंशनधारकों पर असर: पंजाब सरकार ने बदले नियम, जानें नया अपडेट

संगरूर  संगरूर के जिला खजाना दफ्तर में चल रहे पैंशनर सेवा मेले के दूसरे दिन बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त कर्मचारियों द्वारा लाभ उठाया गया। इस मौके पर अतिरिक्त डायरेक्टर खजाना एवं लेखा, पंजाब सिमरजीत कौर ने द्वारा मेले में विशेष तौर पर पहुंच कर पैंशनर सेवा मेले का जायजा लिया गया और ई-केवाईसी करवाने आए पेंशनभोगियों से बातचीत की गई। इस मौके पर डीसीएफए प्रवीण गुप्ता और जिला खजाना अफसर प्रदीप कुमार भी मौजूद थे।       अतिरिक्त डायरेक्टर सिमरजीत कौर ने बताया कि पंजाब सरकार के निर्देशों पर 13 से 15 नवंबर तक पूरे राज्य में पैंशनर सेवा मेले आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि नए लॉन्च किए गए पैंशनर सेवा पोर्टल पर राज्य के पेंशनभोगियों का पंजीकरण तीन महीने के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पैंशनर सेवा मेले में वित्त विभाग और पेंशन वितरण करने वाले बैंकों के अधिकारी किसी भी तकनीकी समस्या का मौके पर ही समाधान करने के लिए मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने तक पेंशन वितरण निर्बाध रूप से जारी रहेगा और पंजीकरण प्रक्रिया में देरी के कारण पेंशनभोगियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने पेंशनभोगियों से बेहतर सेवाओं के लिए ई-केवाईसी करवाने की अपील की। ​​इस अवसर पर जिला खजाना अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि 13 व 14 नवंबर को बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने मेले का लाभ उठाया है और यह मेला 15 नवंबर को भी जिला खजाना दफ्तर में जारी रहेगा। 

राहत कार्यों में खुली बड़ी पोल! चंद घंटों में अधिकारियों की लापरवाही हुई बेनकाब

लुधियाना सरकार द्वारा क्वॉलिटी कंट्रोल नियमों के पालन को लेकर जो ताजा निर्देश जारी किए गए हैं, उसके तहत नगर निगम द्वारा घटिया मैटीरियल का इस्तेमाल करने वाले ठेकेदार पर बड़ी कार्रवाई की गई है। यह मामला जगराओं पुल के नजदीक गुरुद्वारा दुख निवारण रोड पर सामने आया है जहां एक ठेकेदार द्वारा बनाई गई सड़क चंद घंटों में बिखर गई। इस संबंध में शिकायत मिलने पर सीनियर डिप्टी मेयर राकेश पराशर द्वारा साइट विजिट की गई तो लोग सड़क की बजरी को हाथ से इकट्ठा कर रहे थे। इस पर नगर निगम अधिकारियों को बुलाकर सड़क को जे.सी.बी. मशीन से उखाड़ दिया गया और ठेकेदार को दोबारा सड़क बनाने के लिए बोला गया है।   बी. एंड आर. ब्रांच के अधिकारियों पर खड़े हुए सवाल नगर निगम द्वारा की गई सड़क को उखाड़ने की कार्रवाई के बाद बी. एंड आर. ब्रांच के अधिकारियों पर सवाल खड़े हुए हैं, क्योंकि नियमों के अनुसार सड़क निर्माण के दौरान बी. एंड आर. ब्रांच के अधिकारियों का मौजूद होना जरूरी है। अगर इस सड़क का निर्माण बी. एंड आर. ब्रांच के अधिकारियों की निगरानी में किया गया है तो उन्होंने मिलीभगत के चलते घटिया मैटीरियल का इस्तेमाल होने को लेकर आंखे बंद कर लीं या फिर साइट से गायब होकर ठेकेदार को मनमानी करने की छूट दी गई जिसका सबूत नाममात्र तारकोल के इस्तेमाल से बनाई गई सड़क के चंद घंटों में बिखरने के रूप में सामने आया है। इसे लेकर सीनियर डिप्टी मेयर के दखल के बाद ठेकेदार पर तो सड़क उखाड़ने की कार्रवाई कर दी गई है लेकिन बी. एंड आर. ब्रांच के अधिकारियों को कमिश्नर की तरफ से कोई नोटिस जारी नहीं किया गया। 

सड़क से सुरक्षित ठिकाने तक: 22 बाल भिखारियों का सफल रेस्क्यू अभियान

बरनाला  सामाजिक सुरक्षा, स्त्री एवं बाल विकास विभाग, पंजाब, चंडीगढ़ के दिशा-निर्देशों के अनुसार और जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रदीप सिंह गिल के मार्गदर्शन में, बाल भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए जिला स्तरीय चाइल्ड बेगिंग टास्क फोर्स टीम द्वारा विभिन्न स्थानों पर गहन चैकिंग की गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि इस महत्वपूर्ण अभियान के तहत, जिले के अलग-अलग स्थानों पर टास्क फोर्स टीम द्वारा लगातार छापेमारी (रेड) की जा रही है, जिसके दौरान बाल भिखारी बच्चों को रैस्क्यू किया जाता है और उनके पुनर्वास के लिए उचित प्रबंध किए जाते हैं। पुनर्वास के लिए हर संभव प्रयास जिला बाल सुरक्षा अधिकारी, गुरजीत कौर ने जानकारी देते हुए बताया कि भीख मांगने वाले ऐसे बच्चे किसी भी अपराध का शिकार हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई ऐसा बच्चा मिलता है, तो कार्यालय द्वारा उसके पुनर्वास के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस पहल के तहत अब तक कार्यालय द्वारा 22 बाल भिखारी बच्चों को सफलतापूर्वक रैस्क्यू किया जा चुका है। इन बच्चों की उचित काऊंसलिंग (परामर्श) करने के बाद, उन्हें उनके माता-पिता को सौंप दिया गया है। यह कदम सुनिश्चित करता है कि बच्चे एक सुरक्षित वातावरण में वापस लौट सकें और भिक्षावृत्ति के चक्र से बाहर निकल सकें। इस अभियान में विभाग के अधिकारी और कर्मचारी सक्रिय रूप से शामिल रहे। इस दौरान टीम में रुपिंदर सिंह रंधावा, लक्खा सिंह, अमनप्रीत गौतम, प्रितपाल कौर, मनजीत सिंह (शिक्षा विभाग) और मनजिंदर सिंह (पुलिस विभाग) सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे। विभिन्न विभागों की यह संयुक्त कार्रवाई बाल भिक्षावृत्ति जैसे सामाजिक अपराध से निपटने में सहयोग की भावना को दर्शाती है। 

दिल्ली धमाके की गुत्थी सुलझी! पठानकोट का डॉक्टर गिरफ्तार, अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ाव आया सामने

पठानकोट  दिल्ली ब्लास्ट की साजिश सिर्फ हरियाणा में ही नहीं रची गई थी, बल्कि पंजाब तक इसके तार जुड़े थे। इस मामले में अब पंजाब के पठानकोट के मामून कैंट में काम करने वाले एक डॉक्टर को इंटेलिजेंस ब्यूरो के इनपुट पर गिरफ्तार किया गया है। शनिवार देर रात उसे पकड़ा गया। उसकी पहचान जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग के रहने वाले 45 वर्षीय रईस अहमद भट्ट के रूप में हुई है। वह 4 साल फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में भी काम कर चुका है और अब भी इस यूनिवर्सिटी के अपने कई फेलो के संपर्क में था। यह भी पता चला है कि डॉक्टर रईस भट्ट का दिल्ली विस्फोट के मुख्य आरोपी डॉक्टर उमर के साथ भी संपर्क था।   डॉ. रईस अहमद भट्ट को किस जांच एजेंसी ने गिरफ्तार किया है, ये अभी तक पता नहीं चला है। यहां तक कि लोकल पुलिस को भी इसकी भनक नहीं लगी। लेकिन पठानकोट के इस मेडिकल कॉलेज के प्रबंधक ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। पठानकोट के मामून कैंट इलाके में व्हाइट मेडिकल कॉलेज है। यहां के प्रबंधक स्वर्ण सलारिया ने बताया कि डॉ. भट्ट को देर रात अज्ञात एजेंसी की ओर से गिरफ्तार किया गया। वह यहां तीन साल से बतौर सर्जन काम कर रहा था। वह एमबीबीएस, एमएस, एफएमजी और सर्जरी का प्रोफेसर था। अल-फलाह यूनिवर्सिटी में 4 साल रहा इससे पहले वह चार साल तक फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में भी काम कर चुका है। सबसे गंभीर बात ये है कि डॉ. रईस की गिरफ्तारी पठानकोट के केंट इलाके से हुई है। पाकिस्तान की सीमा से लगा पंजाब का पठानकोट बेहद संवेदनशील शहर है। यहां के एयर फोर्स स्टेशन पर घातक आतंकी हमला हो चुका है। आपरेशन सिंदूर में भी पठानकोट पाकिस्तान के निशाने पर रहा था। डॉ. रईस तक ऐसे पहुंची जांच एजेंसी अल-फलाह यूनिवर्सिटी में सामने आए व्हाइट कॉलर आतंकी मॉड्यूल में जांच एजेंसी मौजूदा डॉक्टरों व स्टॉफ के अलावा पुराने लोगों को भी चेक कर रही है। जांच कर रही टीम ने यूनिवर्सिटी कैंपस में पहुंचकर ये पता लगाया कि यहां पहले कौन डॉक्टर व स्टॉफ काम कर चुके हैं। इसमें टीम ने पूछा कि वे लोग कितने समय पहले यहां से छोड़कर जा चुके हैं। उनके यहां से छोड़ने के कारण का भी पता किया गया कि वे किन वजहों से छोड़कर गए और वे कहां के रहने वाले थे। सभी के नाम, नंबर और यूनिवर्सिटी परिसर में कार्यरत रहने के दौरान उनके पद के अनुसार डिटेल ली गई थी। इसी डिटेल के आधार पर टीम पठानकोट में चल रहे मेडिकल कॉलेज तक पहुंची और डॉ. रईस अहमद भट्ट को गिरफ्तार किया।

फ्री मेडिकल ट्रीटमेंट स्कीम लागू: पंजाब सरकार ने बताए पात्रता नियम

चंडीगढ़ पंजाब सरकार ने राज्य के सभी नागरिकों को स्वास्थ्य बीमा कवरेज प्रदान करने के लिए एक ऐतिहासिक पहल की है। इस महत्वपूर्ण कदम के तहत, पंजाब के लगभग 65 लाख परिवारों (लगभग 6.5 करोड़ लोग) को प्रति परिवार 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जा रहा है। पंजाब अब दुनिया का पहला ऐसा राज्य बनने की ओर अग्रसर है जिसने न केवल सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा की बात की है, बल्कि इसे प्रदान करने के साधन भी उपलब्ध कराए हैं। यह योजना जल्द ही पूरे पंजाब में लागू की जाएगी। खास बात यह है कि इस योजना के लिए किसी आय प्रमाण पत्र या राशन कार्ड की आवश्यकता नहीं होगी। पंजाब के निवासी होने का सत्यापन करने के लिए केवल आधार कार्ड या मतदाता पहचान पत्र ही कैशलेस इलाज के लिए स्वास्थ्य कार्ड बन जाएगा। सरकारी कर्मचारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और आशा कार्यकर्ता भी इस योजना के दायरे में आएंगे। मुख्यमंत्री भगवंत मान का कहना है कि अब कोई नीला, पीला कार्ड नहीं देखा जाएगा, जो भी पंजाब का निवासी है, उसे इस योजना के तहत इलाज मिलेगा। इस योजना के तहत सरकारी और निजी अस्पतालों में हर बीमारी का मुफ्त इलाज किया जाएगा।