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2 नवंबर तक पंजाब में बारिश और ठंड की दस्तक, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

पंजाब  पंजाब के मौसम में बदलाव आना शुरू हो गया है। ठंड ने धीरे-धीरे दस्तक देनी शुरू कर दी है। वहीं मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए बड़ी भविष्यवाणी की है। मौसम विभाग की जानकारी के अनुसार आज से लेकर 2 नवंबर तक पंजाब में मौसम पूरी तरह साफ और शुष्क रहेगा। राज्य में बारिश की कोई संभावना नहीं है।   मौसम विभाग ने आज से 2 नवंबर तक की जानकारी साझा की है, जिसमें पूरे सप्ताह मौसम साफ रहने के आसार बताए गए हैं। 2 नवंबर के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा और ठंड में और बढ़ोतरी होगी। विभाग के अनुसार इस सप्ताह अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं होगा। हालांकि इसके बाद ठंड बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव आ सकता है। वहीं केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी किए गए बुलेटिन के मुताबिक जालंधर में सबसे खराब एयर क्वालिटी इंडेक्स 209 दर्ज किया गया। खन्ना का एयर क्वालिटी इंडेक्स 190, लुधियाना का 125 और मंडी गोबिंदगढ़ का 186 है। 

कांग्रेस ने कसा शिकंजा: पार्टी में ‘अनुशासन अभियान’ 2 नवंबर से

चंडीगढ़ हरियाणा कांग्रेस में अब ‘अनुशासन की घंटी’ बज चुकी है। पार्टी अब ‘मनमानी की राजनीति’ नहीं, बल्कि ‘मर्यादा की राजनीति’ की दिशा में कदम बढ़ा चुकी है। चरखी दादरी में मनीषा सांगवान के समर्थकों द्वारा प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह की मौजूदगी में किए गए हंगामे और नारेबाजी ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को झकझोर कर रख दिया। यह घटना सिर्फ एक संगठनात्मक असहमति नहीं, बल्कि कांग्रेस की अनुशासन परंपरा पर सीधा सवाल थी और इसी ने पार्टी हाईकमान को ‘एक्शन मोड’ में ला दिया। तीन दिन पहले ही कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने हरियाणा के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति का गठन किया है। अब 2 नवंबर को चंडीगढ़ स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में इस समिति की पहली अहम बैठक होने जा रही है। बैठक में तय होगा कि हरियाणा कांग्रेस में अब आगे अनुशासन तोड़ने वालों का क्या अंजाम होगा। यह बैठक केवल औपचारिक नहीं, बल्कि संगठन के भीतर ‘संविधान से ऊपर कोई नहीं’ का संदेश देने वाली सख्त शुरुआत मानी जा रही है। इस समिति की कमान पूर्व सांसद और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष धर्मपाल सिंह मलिक को सौंपी गई है। उन्हें पार्टी में संयम और सख्ती दोनों के प्रतीक के तौर पर देखा जा सकता है। उनके नेतृत्व में 2 अक्तूबर को होने वाली बैठक में समिति की कार्यप्रणाली तय की जाएगी। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में बैठकों की तैयारी जोरों पर है और समिति के सभी सदस्यों को औपचारिक सूचना भेज दी गई है। समिति की घोषणा के बाद ही अब इसकी पहली रणनीतिक बैठक को लेकर संगठन के भीतर हलचल तेज है। बैठक में नहीं होंगे हुड्डा और राव यह बैठक केवल समिति सदस्यों की होगी, जिसमें प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा शामिल नहीं होंगे। राव नरेंद्र सिंह ने खुद निर्देश दिया है कि समिति पूरी तरह स्वायत्त होकर अपने फैसले और प्रक्रिया तय करे। सूत्रों का कहना है कि राव पिछले कुछ हफ्तों से अनुशासन और जवाबदेही को लेकर बेहद गंभीर हैं। चरखी दादरी की घटना के बाद उन्होंने साफ कहा था – ‘पार्टी की गरिमा सर्वोपरि है। कांग्रेस में कोई भी नेता या कार्यकर्ता संगठन से बड़ा नहीं हो सकता। अगर हम खुद पर नियंत्रण नहीं रखेंगे, तो जनता पर भरोसा कैसे कायम करेंगे।’ राव का यह बयान हरियाणा कांग्रेस में एक ‘नई कार्यशैली’ की नींव माना जा रहा है, जिसमें संगठन पहले, व्यक्ति बाद में होगा। समिति यानी अनुभव और कानून की जोड़ी समिति का गठन बेहद सोच-समझकर किया गया है। इसमें राजनीतिक अनुभव और कानूनी दृष्टि का संतुलित मेल दिखता है। चेयरमैन धर्मपाल सिंह मलिक के साथ जगाधरी विधायक अकरम खान, पूर्व सांसद कैलाशो सैनी और पूर्व विधायक अनिल धन्तौड़ी शामिल हैं। वहीं अंबाला सिटी के वरिष्ठ अधिवक्ता रोहित जैन को सदस्य सचिव बनाया गया है ताकि अनुशासनात्मक मामलों में कानूनी स्पष्टता और प्रक्रिया सुनिश्चित हो सके। मनीषा सांगवान विवाद ने खींची लकीर चरखी दादरी की घटना ने पार्टी में गहरी प्रतिक्रिया पैदा की थी। जब मनीषा सांगवान के समर्थकों ने सार्वजनिक मंच पर प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र की मौजूदगी में नारेबाजी की, तो कांग्रेस नेतृत्व ने इसे सीधा अनुशासन भंग माना। प्रदेश प्रभारी और केंद्रीय नेताओं ने इसे ‘संगठनात्मक मर्यादा के उल्लंघन’ के तौर पर देखा और तुरंत सख्ती के निर्देश दिए। इसी घटना के बाद यह समिति बनी ताकि आगे से किसी भी स्तर पर ‘भीड़ की राजनीति’ या ‘गुटों का दबाव’ पार्टी अनुशासन से ऊपर न जा सके। ‘डिसिप्लिन कोड’ का खाका होगा तैयार होगा बैठक में समिति ‘डिसिप्लिन कोड’ तैयार कर सकती है, जिसमें पहली गलती पर चेतावनी। दोहराने पर निलंबन और और बार-बार उल्लंघन करने पर निष्कासन जैसी तीन स्तरीय दंड प्रक्रिया प्रस्तावित की जा सकती है। साथ ही, समिति यह भी तय करेगी कि सोशल मीडिया पर अनुशासनहीन बयानबाजी, कार्यक्रमों में विरोध प्रदर्शन या वरिष्ठ नेताओं के प्रति असम्मानजनक व्यवहार को किस श्रेणी में रखा जाएगा। कमेटी की भी अपनी सीमाएं कांग्रेस संविधान के अनुसार, राज्य अनुशासन समिति विधायकों, पूर्व विधायकों, प्रदेश, जिला और ब्लॉक पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। लेकिन एआईसीसी सदस्यों, सांसदों और राष्ट्रीय पदाधिकारियों के खिलाफ सीधी कार्रवाई का अधिकार नहीं है। ऐसे मामलों में समिति सिफारिशें तैयार कर पार्टी हाईकमान को भेजेगी। इससे यह स्पष्ट है कि समिति का मकसद ‘संगठन में डर नहीं, व्यवस्था पैदा करना’ है ताकि हर स्तर पर अनुशासन एक समान मानदंड से लागू हो। अनुशासन ही कांग्रेस की आत्मा है : धर्मपाल मलिक समिति चेयरमैन धर्मपाल सिंह मलिक ने कहा कि यह बैठक केवल दंडात्मक नहीं होगी, बल्कि संगठनात्मक मर्यादा को पुनर्स्थापित करने का संकल्प होगी। कांग्रेस में अनुशासन ही असली पहचान है, और जो इसे बनाए रखेगा वही संगठन का सच्चा सिपाही कहलाएगा। उन्होंने कहा कि कमेटी किसी गुट या व्यक्ति को निशाना नहीं बनाएगी, बल्कि यह सुनिश्चित करेगी कि हर कार्यकर्ता पार्टी के संविधान के दायरे में काम करे।

अकाली-भाजपा गठबंधन पर बोले कैप्टन अमरिंदर सिंह- ऐसा फैसला पंजाब की राजनीति बदल देगा

मोगा 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले अकाली दल और भाजपा के बीच संभावित गठबंधन को लेकर पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का अहम बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि समझौते तो होते हैं, लेकिन ऐसे फैसले राष्ट्रीय इकाई (नेशनल बॉडी) लेती है। गठबंधन पर अंतिम निर्णय पार्टी हाईकमान ही करता है। उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह का माहौल इस समय बन रहा है और बड़ी संख्या में लोग भाजपा में शामिल हो रहे हैं, हो सकता है कि हमें किसी गठबंधन की ज़रूरत ही न पड़े। पंजाब सरकार की “नशे के खिलाफ युद्ध” मुहिम पर बोलते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि नशे को खत्म करने के लिए राजनीतिक दलों से ऊपर उठकर सभी को एकजुट होकर लड़ना होगा। उन्होंने कहा कि जितनी तरक्की भाजपा के शासनकाल में हुई है, उतनी किसी अन्य सरकार के समय नहीं हुई। देश की प्रगति के लिए भाजपा की सरकार ज़रूरी है। कैप्टन ने कहा, “मोदी का हर तरफ डंका बज रहा है। भारत की जीडीपी चीन से आगे निकल चुकी है। देश की तरक्की के लिए जरूरी है कि भाजपा की सरकार बनी रहे।” तरनतारन उपचुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि इस मामले में उन्हें कोई जानकारी नहीं है क्योंकि वे वहां नहीं गए हैं। मजीठिया मामले पर क्या कहा बिक्रम मजीठिया से जुड़े मामले पर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि इस मामले की जांच हरप्रीत सिंह सिद्धू ने की थी, जिसकी बंद रिपोर्ट माननीय हाईकोर्ट में जमा कराई जा चुकी थी। ऐसे में दोबारा जांच करने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा, “बिक्रम मेरा कोई रिश्तेदार नहीं है कि मैं उसका पक्ष लूं, लेकिन हमारे देश में हर काम कानून के दायरे में रहकर होना चाहिए। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जिस तरह मजीठिया मामले में दोबारा जांच के आदेश दिए हैं, वह पूरी तरह गलत है।” 

पर्यटन में बड़ा दांव! पंजाब में शुरू हुए 6 मेगा प्रोजेक्ट्स, PPP मॉडल से होगी विकास की रफ्तार तेज

चंडीगढ़ पंजाब के पर्यटन और मेहमान नवाज़ी (Hospitality) के क्षेत्र को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए राज्य सरकार ने एक साहसिक और दूरदर्शी कदम उठाया है! यह पहल न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगी कि पंजाब के लोगों को बेहतर सुविधाएँ मिलें और राज्य की अर्थव्यवस्था मज़बूत हो। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में, पंजाब बुनियादी ढांचा विकास बोर्ड (पी.आई.डी.बी.) ने चंडीगढ़ में एक ऐतिहासिक निवेशक सम्मेलन आयोजित किया, जिसका मकसद सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पी.पी.पी.) मॉडल के ज़रिए निवेश आकर्षित करना और राज्य की पर्यटन क्षमता को वैश्विक स्तर पर लाना है। यह कदम दर्शाता है कि पंजाब सरकार राज्य के गौरवशाली इतिहास को आधुनिक विकास के साथ जोड़कर एक 'नया पंजाब' बनाने के लिए कितनी प्रतिबद्ध है।  ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि इस महत्वपूर्ण बैठक में, सरकार ने देशभर के प्रमुख निवेशकों, डेवलपर्स और सलाहकारों के सामने छह महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की रूपरेखा पेश की, जो पंजाब के हर कोने में पर्यटन के लिए नए रास्ते खोलेंगी। अमृतसर की धार्मिक और ऐतिहासिक गलियों में अब अर्बन रोपवे (Urban Ropeway) परियोजना शुरू होगी, जिससे न केवल यातायात आसान होगा, बल्कि शहर का नजारा भी शानदार दिखेगा। वहीं, हमारी सदियों पुरानी विरासतों जैसे सरहिंद के आम-खास बाग और कपूरथला के दरबार हाल को पुनर्जीवित कर उन्हें लक्ज़री विरासती होटलों में बदला जाएगा। इसके अलावा, रोपड़ के आम-खास बाग में पिंकासिया टूरिस्ट कॉम्प्लेक्स बनाकर पर्यटकों की सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि व्यापारिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए, मोहाली और लुधियाना जैसे औद्योगिक केंद्रों में अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर कम प्रदर्शनी केंद्र बनाए जाएंगे। ये केंद्र पंजाब को उत्तर भारत का व्यापार और सम्मेलन हब बनाकर नए निवेश के अवसर खोलेंगे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य इन परियोजनाओं को 'अधिक निवेशक-अनुकूल' बनाना था। पी.आई.डी.बी., पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले विभाग और आवास निर्माण एवं शहरी विकास विभाग के अधिकारियों ने निवेशकों के साथ गहन विचार-विमर्श किया। परियोजनाओं की संभावनाओं, समय-सीमाओं और कानूनी स्वीकृतियों पर चर्चा हुई। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि सरकार ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि पी.पी.पी. फ्रेमवर्क के तहत प्रतिस्पर्धी बोली की प्रक्रिया और राजस्व-साझा (Revenue-Sharing) मॉडल पूरी तरह पारदर्शी होंगे। निवेशकों को खुलकर अपनी प्रतिक्रिया साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया ताकि परियोजना से संबंधित शर्तों को भरोसेमंद और निवेशक-अनुकूल बनाया जा सके। यह पहल स्पष्ट करती है कि सरकार निजी क्षेत्र के साथ एक सार्थक संवाद और सहयोग के लिए मंच तैयार कर रही है। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि राज्य सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि वह निवेशकों के लिए एक पारदर्शी और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करेगी, ताकि विश्व-स्तरीय पर्यटन और आतिथ्य बुनियादी ढांचे का विकास किया जा सके। सरकार ने कहा कि यह जन और निजी क्षेत्रों की साझेदारी, पंजाब आने वाले पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्रदान करने और पर्यटन क्षेत्र में सतत विकास को प्रोत्साहित करने के लिए आवश्यक है। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि यह पहल स्पष्ट करती है कि पंजाब सरकार एक समृद्ध, पारदर्शी और प्रगतिशील राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जहां निवेश का स्वागत है और विकास की गति तेज़ है। पंजाब, अब पर्यटन और विकास के मानचित्र पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है!

MLA पर टूटा कानून का शिकंजा: पंजाब पुलिस ने दर्ज की FIR, बढ़ी सियासी गर्मी

जालंधर  हरियाणा पुलिस ने आप विधायक कुलवंत सिंह बाजीगर (शुतराणा) और छह अन्य लोगों के खिलाफ थाना गुहला, कैथल में एफ.आई.आर. दर्ज की है। यह कार्रवाई 28 अक्टूबर 2025 को शिकायतकर्ता गुरचरण सिंह काला (कैथल) की शिकायत के आधार पर की गई। एफ.आई.आर. संख्या 217/2025 के तहत विधायक और अन्य आरोपियों पर कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। यह एफ.आई.आर. इस महीने के दौरान राजनीतिक और कानून व्यवस्था के लिहाज़ से एक बड़ी घटना मानी जा रही है। धारा 115 – अपराध के लिए उकसाना धारा 126 – राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ना धारा 140(2) – हथियारों के साथ गैरकानूनी जमावड़ा धारा 351(2) – हमला या बल प्रयोग धारा 61 बीएनएस – प्रतिबंधित पदार्थों का कब्ज़ा धारा 25 शस्त्र अधिनियम – आग्नेयास्त्रों का अवैध कब्ज़ा 

भारी सुरक्षा घेरा: भगवंत मान के दौरे से पहले प्रशासन सतर्क, बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्थाएं

लुधियाना पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दौरे से पहले मिला हैंड ग्रेनेड पुलिस और सुरक्षा एजैंसियों के लिए बड़ा अलर्ट बन गया है। घटना के बाद अब प्रशासन ने सुरक्षा को 3 गुना बढ़ा दिया है। आर.टी.ओ. दफ्तर में होने वाले सी.एम. के समारोह की कमान खुद कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने अपने हाथों में ले ली है। उनके निर्देशन में डी.सी.पी. हैड क्वार्टर स्नेहदीप शर्मा और डी.सी.पी. सिटी रूपिंदर सिंह को सुरक्षा की फ्रंटलाइन पर तैनात किया गया है। सोमवार देर शाम ही सी.एम. सिक्योरिटी टीम लुधियाना पहुंच गई थी। टीम ने आर.टी.ओ. दफ्तर का पूरा दौरा कर हर प्वाइंट का बारीकी से निरीक्षण किया। सुरक्षा अधिकारियों ने प्रशासन से सभी आर.टी.ओ. कर्मचारियों की पूरी सूची ली है, कौन-कौन समारोह में ड्यूटी पर रहेगा और किससे सी.एम. मुलाकात करेंगे, इसकी पूरी डिटेल ली गई है। प्रैस कान्फ्रैंस का स्थान बदला, सुरक्षा बनी प्राथमिकता पहले सी.एम. की प्रैस कान्फ्रैंस आर.टी.ओ. दफ्तर के पार्किंग एरिया में रखी जानी थी लेकिन सिक्योरिटी टीम के सुझाव के बाद अब स्थान बदलकर मुख्य भवन के सामने कर दिया गया है। इसके लिए नई व्यवस्थाएं कर ली गई हैं। मंगलवार को बम निरोधक दस्ते ने समारोह स्थल के हर कमरे, दराज और बंद गेट तक की तलाशी ली। आर.टी.ओ. दफ्तर के जिन हिस्सों पर ताले लगे थे, उन्हें खुलवाकर सुरक्षा कर्मियों ने चैकिंग की। सिक्योरिटी टीम ने निर्देश दिए हैं कि समारोह के दिन केवल वही कर्मचारी अंदर रहेंगे जिनकी पहले से वैरीफिकेशन हो चुकी है। समारोह के कुछ ही दूरी पर रखे गए तीनों आतंकी और गैंगस्टर गौर करने वाली बात यह है कि जिन 3 आतंकियों को हैंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया गया था, उन्हें और गैंगस्टर कौशल चौधरी को फिलहाल सी.आई.ए.-1 थाने में रखा गया है, जो आर.टी.ओ. दफ्तर से महज 50 मीटर की दूरी पर है। वहां पुलिस के जवान 24 घंटे निगरानी में तैनात हैं। डी.सी.पी. स्नेहदीप शर्मा ने बताया कि सुरक्षा के इंतजाम पूरी तरह से पुख्ता हैं। हर दिशा में पुलिस की तैनाती की गई है। प्रैस कान्फ्रैंस कहां होगी, यह प्रशासन तय करेगा, पर वहां की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी होगी। सी.एम. सिक्योरिटी टीम के साथ मिलकर सभी प्वाइंट चैक किए जा रहे हैं। किसी तरह की लापरवाही नहीं होगी।

विदेश जाने वाले यात्रियों के लिए बुरी खबर, एयरपोर्ट पर मिला बड़ा झटका!

अमृतसर  अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यात्रियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में यहां आने वाले कई यात्रियों ने शिकायत की है कि एयरपोर्ट टर्मिनल के अंदर बड़ी संख्या में कबूतर घूमते नजर आते हैं। यात्रियों का कहना है कि कभी ये कबूतर सिर के ऊपर उड़ते हैं, तो कभी कपड़ों पर गंदगी गिरा देते हैं, जिससे बैठना भी मुश्किल हो जाता है। अमृतसर एयरपोर्ट पंजाब का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है, जहां हर दिन देश-विदेश से हजारों यात्री पहुंचते हैं। पर्यटन और प्रवासी पंजाबी समुदाय के लिए यह एक प्रमुख गेटवे है। इंटरनेशनल यात्री और विदेशों से आने वाले पंजाबी इस एयरपोर्ट पर लैंड होते हैं और फ्लाइट पकड़ते हैं। ऐसे में एयरपोर्ट परिसर में पक्षियों की मौजूदगी न केवल यात्रियों की असुविधा बढ़ा रही है बल्कि सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रही है। लुधियाना के उद्योगपति ने सोशल मीडिया पर एयरपोर्ट की तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि देर रात के समय भी टर्मिनल के अंदर दर्जनों कबूतर उड़ते नजर आए। एयरपोर्ट जैसी हाई-सिक्योरिटी जगह पर पक्षियों का इस तरह प्रवेश होना बेहद चिंताजनक है और यह सफाई व रखरखाव की स्थिति पर सवाल उठाता है। वहीं हवाई सुरक्षा पर खतरा पैदा कर सकते हैं।  हवाई सुरक्षा पर मंडराता खतरा विशेषज्ञों का मानना है कि बर्ड स्ट्राइक विमानन सुरक्षा के लिए लगातार गंभीर चुनौती बना हुआ है। विश्व स्तर पर हर साल हजारों विमान पक्षियों की टक्कर से क्षतिग्रस्त होते हैं। कई बार यह घटनाएं जानलेवा भी साबित होती हैं। रनवे या उसके आसपास पक्षियों की मौजूदगी पायलटों और एयर ट्रैफिक कंट्रोल दोनों के लिए जोखिमपूर्ण स्थिति पैदा करती है। एयरपोर्ट प्रशासन हुआ सक्रिय एयरपोर्ट निदेशक भूपेंद्र सिंह ने बताया कि टर्मिनल क्षेत्र में पक्षियों की आवाजाही को रोकने के लिए टीम को निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट परिसर की सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा रहा है तथा आधुनिक तकनीकों की मदद से कबूतरों को दूर रखने के उपाय किए जा रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि आने वाले दिनों में यात्रियों को साफ-सुथरा और सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराया जाएगा।

पाकिस्तानी जासूस पंजाब की फौजी छावनी में कर रहा था जासूसी, फोन से खुला बड़ा राज़

फगवाड़ा पंजाब पुलिस ने कपूरथला मिलिट्री कैंट में सफाई कर्मचारी के रूप में काम करने वाले एक सिविलियन कर्मचारी को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है। कपूरथला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) गौरव तूरा ने बुधवार को बताया कि आरोपी की पहचान राजा के रूप में हुई है, जो कपूरथला जिले के मुश्केवद गांव का रहने वाला है। उसे पुलिस ने एक नियमित गश्त और चेकिंग अभियान के दौरान कांजली के वाई-प्वाइंट के पास हिरासत में लिया। उन्होंने बताया कि राजा आर्मी कैंट में ठेके पर एक निजी स्वच्छता कर्मी (सैनिटेशन वर्कर) के रूप में कार्यरत था। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन जब्त किया और उसमें से पाकिस्तान में संपर्कों के साथ बातचीत के सबूत बरामद किए। जांच अधिकारियों का दावा है कि आरोपी प्रतिबंधित सैन्य क्षेत्रों की तस्वीरें और रक्षा प्रतिष्ठानों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान भेज रहा था। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि उसे यह जानकारी साझा करने के बदले पाकिस्तानी हैंडलरों से पैसे मिल रहे थे। अधिकारियों ने इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन बताया है और कहा है कि आरोपी द्वारा साझा की गई जानकारी में रक्षा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा, संरचना और गोपनीय परिचालन गतिविधियां शामिल थीं। इस संबंध में कपूरथला के कोतवाली थाना में ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट 1923 की धारा 3, 4 और 5 के तहत, साथ ही भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 152 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने जानकारी कहां से हासिल की और उसके संभावित सहयोगी कौन हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां भी जांच में शामिल हो रही हैं।

हर दिन बढ़ रहे मरीज, अस्पतालों में बेड की किल्लत! शहर में फैल रही ये बीमारी बनी चिंता का कारण

अहमदगढ़  शहर में डेंगू का प्रकोप दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है, जिसके चलते शहर के सभी अस्पतालों में डेंगू के मरीजों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है लेकिन नगर परिषद अहमदगढ़ इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। नगर परिषद डेंगू मच्छरों से छुटकारा दिलाने के लिए कोई छिड़काव नहीं करवा रही है जिसके चलते डेंगू का प्रकोप दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। यहां यह बताना जरूरी है कि शहर के धार्मिक और सामाजिक कामों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाली संस्था श्री सालासर बाला जी सेवा मंडल पिछले कई दिनों से डेंगू से बचाव के लिए शहर के अलग-अलग इलाकों में दवा का छिड़काव करवा रही है। लेकिन करीब 40 हजार की आबादी वाले शहर में एक मशीन होना काफी नहीं है, वह भी प्राइवेट मशीन में। शहर में डेंगू के कारण सैंल कम होने का ट्रेंड दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है, जिससे प्रभावित मरीज को बचाने के लिए लुधियाना से भारी खर्च पर सैंल मंगाकर मरीज को लगाए जा रहे है। जिसके कारण सैंल कम होने से एक डेंगू मरीज पर कम से कम 25 हजार का खर्च आ रहा है। अगर यह प्रोसेस दो बार किया जाए तो 50 हजार तक का खर्च लगभग तय है जिसके कारण शहरवासियों में डर का माहौल है। यहां देखने वाली बात यह है कि नगर परिषद शहरवासियों को इस बीमारी से लड़ने के लिए ओर कितना समय खुला छोड़ेगी या जल्द ही छिड़काव करके डेंगू को कम करने या खत्म करने में सफल होगी। 

मान सरकार ने दी बड़ी सौगात, हजारों कर्मचारियों के लिए मंजूर हुआ अहम प्रोजेक्ट

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने मोहाली जिले के डेराबस्सी के गांव मुबारकपुर में 100 बिस्तरों वाले आधुनिक ई.एस.आई. (Employee State Insurance Corporation) अस्पताल के निर्माण को मंजूरी दे दी है। यह अस्पताल अंग्रेजों के समय के बने पी.डब्ल्यू.डी. रेस्ट हाउस की लगभग साढ़े चार एकड़ भूमि पर बनाया जाएगा। इसके बनने से डेराबस्सी क्षेत्र के करीब 50,000 औद्योगिक और निजी क्षेत्र के कामगारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। गौरतलब है कि डेराबस्सी और लालडू क्षेत्र में 500 से अधिक छोटे-बड़े और मध्यम स्तर के उद्योग हैं, जहां लगभग 40,000 कर्मचारी कार्यरत हैं। इसके अलावा निर्माण क्षेत्र से जुड़े हजारों मजदूर अलग हैं। फिलहाल जिले में केवल एक ही ई.एस.आई. अस्पताल है, जो मोहाली में स्थित है और उसमें सिर्फ 50 बिस्तरों की क्षमता है। अक्सर मरीजों को वहां भर्ती या ऑपरेशन के लिए बिस्तर नहीं मिल पाता। इसी कारण डेराबस्सी क्षेत्र में ई.एस.आई. अस्पताल बनाने की मांग पिछले दो दशकों से चल रही थी। अप्रैल महीने में गांव मुबारकपुर-मीरपुर की जमीन रिकार्ड (साल 2022-23) के अनुसार 4 एकड़ 4 कनाल 11 मरले जमीन स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग को अस्पताल निर्माण हेतु ट्रांसफर करने की मंजूरी दी गई थी। मजदूर वर्ग को सस्ता और उच्च गुणवत्ता वाला इलाज मिलेगा यह प्रोजेक्ट डेराबस्सी क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देगा और यहां के लोगों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। डेराबस्सी हलका तेज़ी से विकसित हो रहा औद्योगिक इलाका है, जहां हजारों मजदूर अपनी रोज़ी-रोटी कमाते हैं। इस ई.एस.आई. अस्पताल के बनने से मजदूर वर्ग को सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।अस्पताल में जच्चा-बच्चा स्वास्थ्य सेवा, आपातकालीन उपचार, डायग्नोस्टिक सुविधाएं और स्पेशलिस्ट ओ.पी.डी. सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसके चलते यह इलाका एक आदर्श स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उभरेगा। अस्पताल का नाम जैन मुनि नेमचंद के नाम पर रखने की मांग डीसी के आदेशों पर साइट सिलेक्शन कमेटी ने रामगढ़-ढकोली रोड पर स्थित मुबारकपुर रेस्ट हाउस का निरीक्षण किया था। डेराबस्सी से सड़क कनेक्टिविटी, आसान पहुंच और औद्योगिक क्षेत्र के नज़दीक होने के कारण इस जगह को सबसे उपयुक्त माना गया। हालांकि, जैन सभा मुबारकपुर ने मांग की है कि इस अस्पताल का नाम जैन मुनि नेमचंद जी के नाम पर रखा जाए।