samacharsecretary.com

पंजाब सरकार देगी सरकारी स्कूलों के छात्रों को IIT, NIT और AIIMS की मुफ्त कोचिंग

अमृतसर. पंजाब की भगवंत मान सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले मेधावी छात्रों के सपनों को नई उड़ान दी है. राज्य के सरकारी स्कूलों के 1700 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को अब आईआईटी, एनआईटी और एम्स जैसी देश की शीर्ष संस्थाओं की निःशुल्क तैयारी का अवसर मिल रहा है. यह सुविधा पंजाब अकादमिक कोचिंग फॉर एक्सीलेंस (पेस) कार्यक्रम के तहत आयोजित विंटर रेज़िडेंशियल कोचिंग कैंपों के माध्यम से प्रदान की गई है. तीन जिलों में लगे विशेष कोचिंग कैंप शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि इन कैंपों को बठिंडा, लुधियाना और मोहाली (SAS नगर) में आयोजित किया गया था. इन केंद्रों में कुल 1728 विद्यार्थियों ने भाग लिया. बठिंडा केंद्र में 601, लुधियाना में 573 और मोहाली में 554 विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय कोचिंग दी गई. इन कैंपों में छात्राओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही, जो सरकार की समावेशी शिक्षा नीति को दर्शाती है. उन्होंने कहा कि यह पहल मान सरकार की उस प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिसके तहत सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना हर होनहार विद्यार्थी को समान अवसर दिए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के छात्रों में अपार प्रतिभा है और सही मार्गदर्शन मिलने पर वे देश की शीर्ष परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन कर सकते हैं. पेस कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों का चयन पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया से किया गया. मॉक टेस्ट, अवधारणात्मक समझ, अकादमिक निरंतरता और शिक्षकों की सिफारिश के आधार पर छात्रों का मूल्यांकन हुआ. इसके साथ ही प्रत्येक केंद्र में 20 प्रतिशत सीटें सामान्य सरकारी स्कूलों और ड्रॉप-ईयर अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित रखी गईं, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके. नामी संस्थानों के विशेषज्ञों ने दिए टिप्स इन रेज़िडेंशियल कैंपों में फिजिक्सवाला, विद्या मंदिर और अवंती फेलोज़ जैसी नामी कोचिंग संस्थाओं के विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण दिया. जेईई और नीट पैटर्न के अनुरूप पढ़ाई, डाउट-क्लियरिंग सत्र, वन-टू-वन मेंटरिंग, तनाव प्रबंधन और करियर मार्गदर्शन पर विशेष जोर दिया गया. सुरक्षित आवास, पौष्टिक भोजन, 24 घंटे निगरानी और चिकित्सा सुविधाओं ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए अनुकूल माहौल प्रदान किया. शिक्षा मंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष सरकारी स्कूलों के 265 छात्रों ने जेईई मेन्स, 45 ने जेईई एडवांस्ड और 847 छात्रों ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण की थी. इससे साफ है कि पंजाब के सरकारी स्कूल अब देश के शीर्ष पेशेवर कोर्सेज के लिए मजबूत लॉन्चपैड बनते जा रहे हैं.

पंजाब के मजदूर माता-पिता की बेटी परम पहुंची UK में गाने की रिकॉर्डिंग करने

अमृतसर. मोगा जिले के गांव दुननेके में जन्मी परमजीत उर्फ परम ने अपनी मेहनत और हुनर के दम पर अंतरराष्ट्रीय पहचान बना ली है। गरीब परिवार में जन्मी 19 वर्षीय परम ने कुछ महीनों पहले सोशल मीडिया पर अपने रैप वीडियो से धमाल मचाया। उनका गाना नहीं, बल्कि सड़कों और गलियों में किया गया रैप लोगों के दिलों को छू गया, जिसके बाद फैंस ने उन्हें प्यार से ‘दैट गर्ल’ का नाम दिया। परम का बचपन गरीबी में बीता। मां दूसरों के घर झाड़ू-पोछा और बर्तन साफ करती थीं, जबकि पिता दिहाड़ी मजदूरी करते थे। बावजूद इसके, परम ने बीएम कॉलेज मोगा में पढ़ाई के साथ अपने संगीत करियर को आगे बढ़ाया। उन्होंने एक क्लासमेट के साथ मोगा दाना मंडी में गाने का रियाज किया, जो उन्हें रातों-रात स्टार बना गया। सोशल मीडिया पर उन्हें लेडी सिद्धू मूसेवाला का स्वरूप बताया गया और वे पंजाब में ट्रेंड करने लगीं। यूके में नई शुरुआत अपने कॅरिअर को आगे बढ़ाने के लिए परम अब यूके पहुंच चुकी हैं, जहां वे अपने आगामी गाने की रिकॉर्डिंग कर रही हैं। इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो में परम ने अपनी नई यात्रा की झलक दी। उन्होंने बताया कि वहाँ सब अच्छा है, लेकिन भारत जैसा खाना नहीं मिल रहा। चाइनीज खाने के लिए वह चाइनाटाउन पहुंचीं, लेकिन चॉपस्टिक से खाने में असफल रहीं। शूटिंग के दौरान कड़ाके की ठंड में कंबल में लिपटकर समय बिताना पड़ा। वहीं, यूके में फैंस ने उन्हें पहचानना शुरू कर दिया, और लोग उनके साथ सेल्फी लेने पहुंचे। प्रेरणा की मिसाल एक मेहनती मजदूर परिवार की बेटी ने जिस मुकाम को हासिल किया है, वह देश की लाखों बेटियों के लिए प्रेरणा है। परम ने साबित किया कि परिस्थितियाँ चाहे जैसी भी हों, हौसला, मेहनत और आत्मविश्वास से कोई भी सपना अधूरा नहीं रहता। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि बेटियां किसी से कम नहीं हैं।

होर्डिंग्स विवाद में मंत्री सोंध नंगे पांव सतनाम वाहेगुरु का जाप करते पहुंचे

अमृतसर. पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंध सोमवार को अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होने के लिए अमृतसर पहुंच गए हैं। मंत्री नंगे पांव ‘सतनाम वाहेगुरु’ का जाप करते हुए हेरिटेज स्ट्रीट से श्री अकाल तख्त साहिब तक पहुंचे और माथा टेका। तस्वीर विवाद को लेकर पांच सिंह साहिबानों द्वारा स्पष्टीकरण देने के लिए उन्हें अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में तलब किया गया था। पेशी के बाद तरुणप्रीत सिंह सोंध ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब का हर आदेश उन्हें सिर-माथे स्वीकार है। उन्होंने कहा कि गुरु घर के समक्ष उनका सिर हमेशा झुका है और वे सिख मर्यादा का पूर्ण सम्मान करते हैं। सरकार के खिलाफ सख्त फैसला ले सकते हैं पांच सिंह साहिबान श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूपों से जुड़े गंभीर मामले को लेकर सिख पंथ की सर्वोच्च धार्मिक संस्था श्री अकाल तख्त साहिब पर 5 जनवरी को तख्तों के पांच सिंह साहिबान की अहम बैठक होने जा रही है। इस बैठक में पावन स्वरूप प्रकरण पर एक बार फिर विस्तार से विचार किया जाएगा और पंजाब सरकार की कथित दखलअंदाजी पर कड़ा रुख अपनाए जाने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार सिंह साहिबान इस मामले में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) अथवा सिख संगठनों को पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने या पंथक संगठनों की तत्काल संयुक्त बैठक बुलाने के निर्देश दे सकते हैं। एसजीपीसी पहले ही सरकार पर धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप का आरोप लगाती रही है। मंत्री सौंद की पेशी भी एजेंडे में बैठक को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पंजाब सरकार के मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद को श्री अकाल तख्त साहिब पर तलब किया गया है। उन पर श्री गुरु तेग बहादुर साहिब की 350वीं शहीदी शताब्दी के अवसर पर गुरु साहिब से संबंधित आपत्तिजनक होर्डिंग्स लगाए जाने का आरोप है। सिंह साहिबान मंत्री सोंध को अपना पक्ष रखने का अवसर देंगे। संतोषजनक जवाब न मिलने पर धार्मिक सजा सुनाए जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा। सीकेडी प्रधान को भी बुलावा इसी दिन चीफ खालसा दीवान के प्रधान डॉ. इंद्रबीर सिंह निज्जर को भी सिंह साहिबान के समक्ष पेश होने के निर्देश दिए गए हैं। उनसे संगठन के अमृतधारी और गैर-अमृतधारी सदस्यों की सूची सौंपने को कहा गया है। पंथक और धार्मिक हलकों में इस बैठक को लेकर खासा उत्साह है। माना जा रहा है कि आज होने वाले फैसले सरकार और पंथक संस्थाओं के संबंधों की दिशा तय कर सकते हैं।

‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान का दूसरा चरण पंजाब में शुरू, नशे के आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया शुरू

मोहाली पंजाब को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान का दूसरा चरण आज से शुरू हो गया है। इस चरण में ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग का फील्ड स्टाफ गांवों और शहरों में घर-घर जाकर नशे से जुड़े आंकड़े एकत्र करेगा और लोगों को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेगा। मोहाली में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सौंध ने बताया कि इस अभियान के तहत नशा छोड़ चुके युवाओं को प्रेरक वक्ता के रूप में समाज के बीच लाया जाएगा। ये युवा अपने अनुभव साझा कर नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाएंगे और खासतौर पर युवाओं को इससे दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा नशे की वास्तविक स्थिति का पता लगाना और समाज की सक्रिय भागीदारी से इस समस्या को जड़ से खत्म करना है।  स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि अब तक करीब 20 हजार नशा पीड़ित युवाओं को नशे की लत से बाहर निकाला जा चुका है। उन्होंने दावा किया कि कई नशा मुक्ति केंद्रों में अब नए मामले सामने नहीं आ रहे हैं, जो पहले चरण की बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में नशा रोकथाम के साथ-साथ पुनर्वास और सामाजिक पुनर्स्थापना पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मंत्रियों ने पंचायतों, विभागीय कर्मचारियों और आम जनता से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं, ताकि पंजाब को पूरी तरह नशा मुक्त बनाया जा सके।

शीतलहर का कहर जारी, घने कोहरे को लेकर 7 जनवरी तक अलर्ट

पंजाब पंजाब और चंडीगढ़ में सर्द मौसम ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के चलते मौसम विभाग ने 7 जनवरी तक अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। राज्य के कई इलाकों में सुबह और रात के समय कोहरा छाए रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार आज पंजाब के लगभग सभी जिलों में घना कोहरा देखने को मिल सकता है। वहीं, करीब 10 जिलों में शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। कोहरे की वजह से विजिबिलिटी काफी कम हो गई है, जिससे सड़क यातायात भी प्रभावित हो रहा है। अमृतसर में विजिबिलिटी बेहद कम दर्ज की गई, जबकि फरीदकोट जैसे इलाकों में भी हालात सामान्य नहीं रहे। तापमान की बात करें तो फरीदकोट राज्य का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान करीब पांच डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। पंजाब में अधिकतर स्थानों पर न्यूनतम तापमान 6 से 10 डिग्री के बीच बना हुआ है, जबकि दिन का तापमान भी कई जगह सामान्य से नीचे चल रहा है। आने वाले दिनों में जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, गुरदासपुर, मोहाली, पटियाला सहित पठानकोट अधिकांश जिलों में कोहरे का असर बना रह सकता है। जालंधर, कपूरथला, फरीदकोट, मुक्तसर, तरनतारन, अमृतसर, मोगा, बठिंडा, फाजिल्का और फिरोजपुर जिले में ठंडी हवाओं के चलते शीतलहर की स्थिति जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों में रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है।   विशेषज्ञों के अनुसार, पहाड़ी इलाकों से आ रही ठंडी हवाओं के कारण पंजाब में ठंड बढ़ रही है। फिलहाल प्रदेश में बारिश की संभावना नहीं है और मौसम 9 जनवरी तक शुष्क बना रह सकता है। मौसम विभाग ने वाहन चालकों को कोहरे के दौरान सावधानी से वाहन चलाने की सलाह दी है।

घने कोहरे से घरों में रहने को मजबूर लोग, आम जिंदगी पूरी तरह प्रभावित

फरीदकोट पोह के महीने में अक्सर बहुत ज्यादा कोहरा पड़ता है और ठंड बढ़ जाती है। पिछले चार-पांच दिनों से यह कोहरा और ठंड अपने पीक पर है। जिससे आम जिंदगी पूरी तरह प्रभावित हुई है। ठंड की वजह से लोग घरों में रहने को मजबूर हो रहे हैं। कर्मचारी और फील्ड में काम करने वाले लोग आने-जाने को मजबूर हैं। कोहरे और ठंड का गहरा असर फरीदकोट में भी देखा जा रहा है। गरीब मजदूर, कारीगर और मिस्त्री भी इस ठंड से प्रभावित हुए हैं। हालांकि कई समाज सेवी संस्थाएं इन दिनों कंबल और दूसरी चीजें बांटकर गरीबों को ठंड से बचाने की कोशिश कर रही हैं। इन कोशिशों को और बड़े लेवल पर करने की जरूरत है।

जमीन–मकान रजिस्ट्री कराने वालों के लिए जरूरी खबर, पंजाब सरकार ने बदले नियम

चंडीगढ़ पंजाब सरकार द्वारा जमीन प्लाटों आदि सभी तरह की रजिस्ट्री करवाने के लिए नियम और सख्त कर दिए हैं और नए साल 2026 में तहसील दफ्तरों में नए नियम लागू होने के कारण नंबरदारों, सरपंचों और दूसरे सभी गवाहों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। अब जमीन रजिस्ट्रेशन में एक बड़ा बदलाव किया गया है। अब नंबरदार और गवाहों की गवाहों बिना OTP और आधार कार्ड के बिना गवाही नहीं मानी जाएगी। तहसील ऑफिस में रजिस्ट्रेशन के दौरान धोखाधड़ी के मामले अक्सर सामने आते हैं। सरकार का मानना ​​है कि आधार से जुड़े e-KYC को लागू करने से रजिस्ट्री में धोखाधड़ी को रोका जाएगा। रजिस्ट्रेशन में धोखाधड़ी और जालसाजी को रोकने के लिए पंजाब सरकार ने तहसीलों में आधार-बेस्ड e-KYC को जरूरी कर दिया है। इस पहल के तहत रजिस्ट्रेशन के दौरान बायोमेट्रिक/आधार ऑथेंटिकेशन के जरिए खरीदार और बेचने वाले दोनों की पहचान वेरिफाई की जाएगी। सरकार का दावा है कि इस पहल से जाली रजिस्ट्रेशन और जाली पहचान के आधार पर धोखाधड़ी रुकेगी और जमीन के रिकॉर्ड में ट्रांसपेरेंसी आएगी। सरकार ने इस बारे में सब-रजिस्ट्रार ऑफिस को लिखित आदेश जारी किए हैं। गौरतलब है कि पहले रजिस्ट्रार ऑफिस में आधार-बेस्ड e-KYC लागू नहीं थी। इस मकसद के लिए रजिस्ट्रेशन के समय खरीदार और बेचने वाले की पहचान पक्की करने के लिए संबंधित तहसीलों में बायोमेट्रिक मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी। गौरतलब है कि तहसील ऑफिस में रजिस्ट्रेशन के दौरान अक्सर धोखाधड़ी वाले रजिस्ट्रेशन के मामले सामने आते हैं। सरकार का मानना ​​है कि आधार-लिंक्ड e-KYC लागू होने से रजिस्ट्रेशन में धोखाधड़ी रुकेगी और मरे हुए व्यक्ति को जिंदा रजिस्टर करने, नकली पहचान का इस्तेमाल करके प्रॉपर्टी ट्रांसफर करने या झूठे गवाह बनाने जैसे मामलों पर रोक लगेगी। सब-तहसील तलवंडी चौधरियां के नायब तहसीलदार के तौर पर काम कर रहे सब-रजिस्ट्रार ने संपर्क करने पर बताया कि रजिस्ट्रेशन के समय खरीदार और बेचने वाले को ऑथेंटिकेट करने के लिए आधार-बेस्ड e-KYC का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब हर नंबरदार और गवाहों को जमीन की रजिस्ट्री करवाते समय अपना मोबाइल, आधार कार्ड और पहचान पत्र साथ लाना होगा और सभी नंबरदारों और गवाहों और जमीन बेचने वाले मालिक और जमीन खरीदने वाले को मौके पर ही उनके मोबाइल पर एक OTP आएगा जो मौके पर दिखा कर ही रजिस्ट्रेशन की कार्रवाई हो सकेगी।   उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम से यह पक्का हो जाएगा कि प्रॉपर्टी असल में संबंधित व्यक्ति ही खरीद या बेच रहा है। अगर व्यक्ति विदेश में है या अगर खरीदार नाबालिग है और कोई और उसकी तरफ से रजिस्ट्री करवा रहा है, तो उसकी पहचान वेरिफाई करने के लिए व्यक्ति के आधार और मोबाइल नंबर से OTP लिया जाएगा।

अमृतसर में आम आदमी पार्टी के सरपंच को गोलियों से भूना, मौत

अमृतसर अमृतसर में बड़ी वारदात की खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार यहां आम आदमी पार्टी के सरपंच की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सहम का माहौल देखने को मिल रहा है। बताया जा रहा है कि सरपंच जरमल सिंह एक शादी समारोह में शामिल होने आए थे। इस दौरान बदमाश मैरिज पैलेस में आए और अचानक फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों ने सरपंच के सिर में गोली मार दी। गोली लगने से सरपंच जरमल सिंह बुरी तरह घायल हो गए। उन्हें तुरंत गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक सरपंच जरमल सिंह तरनतारन जिले के वल्टोहा गांव के रहने वाले थे और मौजूदा सरपंच थे। पुलिस जांच के अनुसार उन पर पहले भी 3 बार हमला हो चुका था। फायरिंग की सूचना मिलने पर पुलिस पैलेस पहुंची और पूरे पैलेस को घेर कर जांच की जा रही है। पुलिस शादी समारोह में आए लोगों से भी पूछताछ कर रही है। पुलिस को शक है कि सरपंच की रेकी की जा रही थी। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। हमले के कारणों का अभी पता नहीं चला है, लेकिन पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है।

MP का रिश्तेदार बना करोड़पति, कुछ ही घंटों में बदली जिंदगी

गुरदासपुर पंजाब स्टेट डियर मंथली लॉटरी का पहला इनाम गुरदासपुर जिले को लगा है। 1.5 करोड़ रुपये के इस बड़े इनाम से हरदो बथवाला गांव के रहने वाले संदीप सिंह रंधावा की किस्मत पल भर में बदल गई। संदीप सिंह रंधावा पेशे से आटा चक्की चलाने वाले हैं और जमींदार भी हैं। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने यह लॉटरी सिर्फ इत्तेफाक से लॉटरी स्टॉल के मालिक के कहने पर ही खरीदी थी। किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और उसी टिकट का 1.5 करोड़ रुपये का पहला इनाम निकाला। गौरतलब है कि संदीप सिंह रंधावा सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा के दूर के रिश्तेदार भी हैं।

तरन तारन में समलैंगिक विवाह की अजीब घटना, शादी से पहले दुल्हन बनी लड़की सहेली के साथ भागी

 तरनतारन पंजाब के तरन तारन से अजीबोगरीब कहानी सामने आई है. यहां दो छात्राएं समलैंगिक विवाह करने के इरादे से घर से भाग गईं. दोनों लंबे समय से एक-दूसरे को जानती थीं. इस घटना के बाद परिजन भी हैरान हैं. इस मामले में एक छात्रा की मां ने मामले की शिकायत पुलिस से की है. पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और दोनों छात्राओं की तलाश की जा रही है. ये कहानी तरन तारन जिले के थाना सिटी क्षेत्र के अंतर्गत मोहल्ला मुरादपुरा की है. एक छात्रा की मां ने पुलिस से की गई शिकायत में कहा है कि बेटी को उसके साथ पढ़ने वाली छात्रा बहला-फुसलाकर घर से भगा कर ले गई है, जबकि 14 जनवरी को तरन तारन के एक युवक के साथ उसकी शादी होने वाली थी. वो दुल्हन बनने वाली थी. लेकिन उसके घर से भागने की खबर के बाद अब लड़के वालों ने भी शादी से इनकार कर दिया है. शिकायत करने वाली महिला ने कहा कि बेटी और उसके साथ पढ़ने वाली लड़की ने 9वीं से लेकर 12वीं तक साथ पढ़ाई की है. पढ़ाई के दौरान दोनों की दोस्ती काफी गहरी हो गई थी. उस लड़की ने बॉय कट स्टाइल रखा था. बेटी अक्सर उसके घर जाती थी. दोनों अधिकतर समय साथ ही रहती थीं. वह लड़की मोहल्ले में ही रहती है. इस वजह से शुरुआत में किसी तरह का शक नहीं हुआ. महिला ने पुलिस को बताया कि बेटी की शादी 14 जनवरी को तय कर दी थी. इसके लिए रिश्तेदारों में शादी के कार्ड भी बांटे जा रहे थे. इसी बीच मोहल्ले की लड़की इस शादी से नाराज रहने लगी. उसने मेरे बेटे को भी कई बार धमकाया कि यदि शादी कहीं और कर दी गई तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. शिकायत में महिला का आरोप है कि इन्हीं धमकियों के बाद मोहल्ले की वो लड़की बेटी को अपने साथ भगा कर ले गई. घटना की जानकारी मिलते ही परिवार ने रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों के यहां तलाश की, लेकिन दोनों का कोई सुराग नहीं लगा. इस मामले में तरन तारन के सिटी थाने के एसएचओ अमरीक सिंह का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है. दोनों छात्राओं की लोकेशन ट्रेस करने के प्रयास किए जा रहे हैं. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कानून के दायरे में रहते हुए सभी पहलुओं की जांच की जाएगी. दोनों के मिलने के बाद उनके बयान दर्ज किए जाएंगे.