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बड़ी राहत उद्योगपतियों के लिए: राइट टू बिजनेस एक्ट में संशोधन, 5 दिन में मिलेंगी मंजूरी

चंडीगढ़ पंजाब  मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई बैठक। कैबिनेट की बैठक में राइट टु बिजनेस एक्ट (Right To Business Act) में संशोधनों को मंजूरी दे दी। इस बदलाव के बाद अब पहले की तुलना में दो से तीन गुना अधिक उद्योग इस अधिनियम के दायरे में आएंगे और उन्हें निर्धारित समय सीमा में मंजूरी प्राप्त होगी। कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि कैबिनेट ने उद्योग जगत को बढ़ावा देने के लिए यह फैसला लिया है। लाभ मिलने की सीमा की 125 करोड़ बुधवार को हुई बैठक के बाद मंत्री संजीव अरोड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पहले उन इकाइयों को राइट टु बिजनेस एक्ट के तहत लाभ मिलता था जिनका निवेश 25 करोड़ रुपये था, लेकिन अब इसे 125 करोड़ रुपये कर दिया है, जिससे अधिक संख्या में इकाइयां बिना देरी के अपनी औद्योगिक गतिविधियां चालू कर पाएंगी।   जल्द मिल जाएगा अप्रूवल कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि राइट टु बिजनेस एक्ट में पहले इंडस्ट्रियल पार्क को जल्द अप्रूवल मिल जाता था, लेकिन अब बाकी रियल स्टेट प्रोजेक्ट को भी 5 दिन में अप्रूवल मिल जाएगा। वहीं औद्योगिक पार्कों और रियल एस्टेट परियोजनाओं के अलावा अन्य स्वीकृतियां भी 15 दिनों में दी जाएगी। वहीं प्रोजेक्ट के विस्तार के लिए 18 दिनों के भीतर मंजूरी दी जाएगी। ग्रीन और ऑरेंज श्रेणी के उद्योगों को मिलेगा फायदा इस कानून का लाभ ग्रीन और ऑरेंज श्रेणी के उद्योगों को मिलेगा। कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि संशोधित अधिनियम में 5 नई मंजूरियां शामिल की गई है, जिसमें श्रम विभाग से अनुमति, प्रदूषण विभाग से स्थापना की सहमति, संचालन की सहमति, श्रम विभाग से अनुमति और वन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र शामिल हैं। 

PM-किसान योजना: केंद्र सरकार ने दिवाली से पहले 27 लाख किसानों को बांटे 540 करोड़ रुपये

जालंधर  दिवाली से पहले किसानों को सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। दरअसल, केंद्र सरकार ने 27 लाख किसानों के लिए 540 करोड़ो रुपए ट्रांसफर किए हैं। केंद्र सरकार ने  प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 21वीं किस्त जारी कर दी। यह किस्त खास तौर पर उन किसानों के लिए है जो हाल ही में हुई भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए यह किस्त जारी की। इस किस्त से तीनों राज्यों के करीब 27 लाख किसानों को सीधा फायदा हुआ है। किसानों के बैंक खातों में कुल 540 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि सीधे ट्रांसफर की गई है, जिसमें करीब 2.7 लाख महिला किसान भी शामिल हैं।     पंजाब के 1109,895 किसानों को 221.98 करोड़ रुपये मिलेंगे     हिमाचल प्रदेश के 801,045 किसानों को 160.21 करोड़ रुपये मिलेंगे     उत्तराखंड के 789,128 किसानों को 157.83 करोड़ रुपये मिलेंगे  

मानसा का पारा 37°C पार, पंजाब में मानसून विदाई के बाद बढ़ा तापमान

अमृतसर मौसम विज्ञान केंद्र IMD के अनुसार, राज्य का तापमान सामान्य से 1.8 डिग्री अधिक दर्ज किया गया। मानसा का तापमान 37.2 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, राज्य का न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 3 डिग्री अधिक बना हुआ है। रात का तापमान 22 से 25 डिग्री के बीच दर्ज किया जा रहा है। 29 सितंबर के बाद गिरने लगेगा तापमान मौसम विभाग के अनुसार, तापमान में फिलहाल बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। लेकिन आने वाले दिनों में राहत भी मिलेगी। 29 सितंबर के बाद धीरे-धीरे तापमान में गिरावट आएगी। जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगा। पंजाब के 5 बड़े शहरों का मौसम अमृतसर- आसमान साफ रहेगा, धूप खिलेगी। तापमान 25 से 35 डिग्री के बीच दर्ज किया जाएगा। जालंधर- आसमान साफ रहेगा, धूप खिलेगी। तापमान 25 से 35 डिग्री के बीच दर्ज किया जाएगा। लुधियाना- आसमान साफ रहेगा, धूप खिलेगी। तापमान 24 से 36 डिग्री के बीच दर्ज किया जाएगा। पटियाला- आसमान साफ रहेगा, धूप खिलेगी। तापमान 25 से 36 डिग्री के बीच दर्ज किया जाएगा। मोहाली- आसमान साफ रहेगा, धूप खिलेगी। तापमान 26 से 34 डिग्री के बीच दर्ज किया जाएगा।  

पर्यावरण संरक्षण के साथ रोज़गार सृजन: पंजाब में ज़रूरतमंदों को बंटे ई-रिक्शा

पंजाब  पंजाब में भगवंत मान सरकार ने एक बार फिर जनता को भरोसा दिलाया है कि उसकी प्राथमिकता सबसे पहले आम इंसान की भलाई है. मलोट हल्के में कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने 15 जरूरतमंद परिवारों को ई-रिक्शा भेंट कर न सिर्फ रोजगार का साधन दिया, बल्कि आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ने का सुनहरा अवसर भी प्रदान किया. यह पहल उन गरीब और मजदूर वर्गों के लिए नई उम्मीद की किरण है जो लंबे समय से आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे थे. पर्यावरण संरक्षण का रखा गया विशेष ध्यान डॉ. बलजीत कौर ने इस अवसर पर कहा कि मान सरकार का लक्ष्य राज्य से गरीबी और बेरोजगारी को समाप्त करना है. सरकार चाहती है कि कोई भी परिवार बेसहारा न रहे और हर मजदूर व गरीब परिवार को अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर मिले. ई-रिक्शा योजना इस सोच की स्पष्ट मिसाल है, जो लोगों को रोज़गार के साथ-साथ इज्जत और आत्मसम्मान से जीने का अवसर देती है. इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें पर्यावरण संरक्षण का भी विशेष ध्यान रखा गया है. ई-रिक्शा न केवल प्रदूषण-मुक्त साधन हैं बल्कि बढ़ते ईंधन खर्च से भी राहत दिलाते हैं. इस तरह मान सरकार ने रोजगार के साथ-साथ पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में भी सराहनीय कदम उठाया है. यह सोच दिखाती है कि सरकार दीर्घकालीन विकास की ओर अग्रसर है.   गरीब और मजदूर वर्ग को मजबूत करना ही असली विकास इस दौरान लाभार्थियों ने ई-रिक्शा मिलने पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और डॉ. बलजीत कौर का दिल से धन्यवाद किया. उनका कहना था कि पहले उनके पास रोजगार का कोई स्थायी साधन नहीं था, लेकिन अब वे अपने परिवार की रोजमर्रा की जरूरतें आसानी से पूरी कर पाएंगे. इस पहल से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और समाज में जीने का एक नया हौसला मिला है. मान सरकार द्वारा चलाई जा रही इस योजना ने यह साबित कर दिया है कि गरीब और मजदूर वर्ग को मज़बूत करना ही असली विकास है. पंजाब सरकार का यह प्रयास दिखाता है कि सरकार केवल वायदे नहीं कर रही बल्कि धरातल पर काम कर रही है. यह कदम राज्य के हज़ारों परिवारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा. ई-रिक्शा वितरण के इस अवसर पर डॉ. बलजीत कौर ने भरोसा दिलाया कि मान सरकार आगे भी गरीबों और मज़दूरों के लिए ऐसी योजनाएं लाती रहेगी. पंजाब के हर नागरिक को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना ही इस सरकार का मुख्य उद्देश्य है. यही वजह है कि आज मान सरकार को “जनता की सरकार” कहा जा रहा है, जो हर वर्ग के हित में दिन-रात कार्य कर रही है.

गांवों में नई तकनीक की बयार: पंजाब सरकार बनाएगी आधुनिक पंचायत घर और सेवा केंद्र

पंजाब  रंगला पंजाब के सपने को साकार करने की दिशा में पंजाब की भगवंत मान सरकार ने एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है. 125 करोड़ की लागत से 500 नए आधुनिक पंचायत घर और कॉमन सर्विस सेंटर (आम सेवा केंद्र) बनाने की घोषणा की गई है. यह सिर्फ ईंटों और सीमेंट की इमारतें नहीं हैं, बल्कि ये गांवों की तकदीर बदलने की नींव हैं. ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद ने जानकारी देते हुए कहा कि 2,800 से अधिक आबादी वाले प्रत्येक गांव में एक पंचायत घर और एक सामान्य सेवा केंद्र होगा, जो बैठकों और डिजिटल सेवाओं की डिलीवरी के लिए बुनियादी ढांचे की कमी को दूर करेगा. सीएम भगवंत मान ने इससे पहले फतेहगढ़ साहिब से इस परियोजना का शुभारंभ किया था. उन्होंने आशा व्यक्त की कि पंचायत घर पंचायतों को एक साथ आने और अपने गांवों की बेहतरी के लिए सामूहिक निर्णय लेने के लिए एक उपयुक्त मंच प्रदान करेंगे.   रंगला पंजाब के वादे को पूरा करने की दिशा में मील पत्थर डिजिटल बुनियादी ढांचे के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद ने कहा कि सामान्य सेवा केंद्र ग्रामीण नागरिकों के लिए सरकारी योजनाओं के लिए पंजीकरण, शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश, आधार कार्ड, पासपोर्ट और कई अन्य सेवाओं को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. एक पंचायत घर के निर्माण की लागत 20 लाख रुपये होगी, जबकि एक सामान्य सेवा केंद्र 5 लाख रुपये की लागत से बनाया जाएगा. यह परियोजना सिर्फ सुविधाओं की बात नहीं करती, बल्कि यह गांवों के आत्म-सम्मान को भी बढ़ाती है. यह गांवों को ‘स्मार्ट’ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. मान सरकार का यह फैसला ‘रंगला पंजाब’ के वादे को पूरा करने की दिशा में एक और मील पत्थर है. गांव में पंचायतों के पास एक सम्मानजनक और आधुनिक जगह हो, जहां वे बैठकर गांव के विकास के लिए योजनाएं बना सकें. यह गांवों में निर्णय लेने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाएगा. यह पंजाब के गांवों के लिए एक नई उम्मीद और गौरव का प्रतीक है.   गांवों में आएगी डिजिटल क्रांति इन नए पंचायत घरों के साथ-साथ ‘कॉमन सर्विस सेंटर’ (आम सेवा केंद्र) भी बनाए जा रहे हैं. ये केंद्र गांवों में रहने वाले लोगों के लिए सरकारी सेवाओं, डिजिटल साक्षरता और अन्य ऑनलाइन सुविधाओं को सुलभ बनाएंगे. ये केंद्र ग्रामीणों को शहरों के बराबर सुविधाएं देंगे. यह कदम ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच के डिजिटल अंतर को कम करेगा. ये केंद्र गांवों में ही सारी सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे. इससे गाँव के लोग आसानी से सरकारी सेवाओं का लाभ उठा पाएंगे और उनका जीवन सरल हो जाएगा. यह परियोजना सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं है, बल्कि यह पंजाब को फिर से उसका गौरव लौटाने का सपना है. यह सपना है कि पंजाब का हर गाँव आत्म-निर्भर बने, हर गांव में आधुनिक सुविधाएं हों, और हर गाँव का व्यक्ति खुद को सशक्त महसूस करे.

यूएई से भारत आया BKI का दुर्दांत आतंकी परमिंदर पिंडी, कई राज्यों की पुलिस को था तलाश

फिरोजपुर  पंजाब पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी ने शनिवार को बताया कि कई जघन्य अपराधों में शामिल बब्बर खालसा इंटरनेशनल के एक आतंकवादी को संयुक्त अरब अमीरात से प्रत्यर्पित किया गया है। पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बताया कि विदेश में मौजूद आतंकवादी हरविंदर सिंह उर्फ ​​रिंदा और हैप्पी पासिया के करीबी सहयोगी परमिंदर सिंह उर्फ ​​पिंडी को केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी से लाया गया है।   यादव ने कहा कि पिंडी गुरदासपुर के बटाला में पेट्रोल बम हमलों, हिंसक हमलों और जबरन वसूली समेत कई जघन्य अपराधों में शामिल था। यादव ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि बटाला पुलिस के अनुरोध पर जारी रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन) पर तेजी से कार्रवाई करते हुए, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम 24 सितंबर को संयुक्त अरब अमीरात गई और विदेश मंत्रालय तथा यूएई के अधिकारियों के साथ समन्वय किया। यादव ने कहा कि सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस टीम आरोपी को भारत लाने में सफल रही।

अमृतसर हवाई अड्डे से दिल्ली पुलिस ने गैंगस्टर रूबल सरदार को किया गिरफ्तार

अमृतसर  दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने हाशिम गिरोह के सदस्य गैंगस्टर रूबल सरदार को अमृतसर हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया है। आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि सरदार के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी था और उस पर पुलिस टीम लगातार नजर बनाए हुए थीं। हाशिम गिरोह के सदस्यों के खिलाफ जारी कार्रवाई के तहत ही उसे गिरफ्तार किया गया है।

पंजाब की महिला DSP मनदीप कौर का बड़ा खुलासा – प्रदर्शन के दौरान की गई बदसलूकी, बताया क्या-क्या हुआ

नाभा  नाभा में किसान और पुलिस आमने-सामने हुई झड़प में सुर्खियों में आई नाभा की DSP मनदीप कौर को लेकर अहम खबर सामने आई है। महिला DSP अब इस पूरे विवाद को लेकर जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि विवाद में किसानों की पगड़ी पुलिस द्वारा नहीं उतारी गई थी, बल्कि विवाद वहां पर मौज गलत लोगों के कारण हुआ। महिला  DSP ने बताया कि मौके की वीडियो क्लिप्स को गलत तरीके से तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है। दरअसल, वहां पर किसानों के वेश में गुंडे आए थे जिन्होंने उन्हें पीछे से गलत तरीके से छुआ था।  महिला DSP ने बताया कि पिछले दिन चोरी हुई ट्रालियों को लेकर नगर काउंसिल की अध्यक्ष सुजाता चावला के पति पंकज पप्पू की गिरफ्तारी के बाद 22 सितंबर को डीएसपी दफ्तर के बाहर किसानों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। इस विरोध प्रदर्शन में 4 यूनियनों ने भाग लिया, जिनमें भारतीय किसान यूनियन आजाद, भारतीय किसान यूनियन भटेड कलां और क्रांतिकारी यूनियन शामिल थीं। डीएसपी मनदीप अपने दफ्तर से बाहर निकलीं तो उनके और किसानों के बीच तू-तू मैं-मैं हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि किसान और पुलिस आमने-सामने आ गए। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि, उनके साथ कुछ किसानों ने बदतमीजी की थी। DSP मनदीप कौर ने मौके पर कहा कि मैंने किसानों को धरने से बिल्कुल भी नहीं रोका और वे धरना दे रहे थे। मैं उनसे बातचीत करने आई थी, और जब मैं गाड़ी लेकर जरूरी काम के लिए जाने लगी तो उन्होंने मेरी गाड़ी रोककर मेरे साथ खींच-तानी की और वर्दी को भी हाथ लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों ने मेरा जूड़ा भी खींचा गया था। अब DSP मनदीप कौर ने कहा है कि उन्हें एक भी ऐसा वीडियो लाकर दिखा दो कि पुलिस ने किसानों की पगड़ी उतारी है। नहीं उस वीडियो लाइव कर दें। यही नहीं श्री दरबार साहिब जाकर कसम खाकर कह दो कि मेरे साथ कुछ भी गलत नहीं हुआ है। वहां पर किसानों के भेष में गुंडे थे, इसीलिए मैंने धरने प्रदर्शन के दौरान गुंडे शब्द का इस्तेमाल किया था। वहीं धरने से पहले किसानों ने कहा था कि,  सरकारी गाड़ियों को आने जाने के लिए जगह दी जाएगी। जोकि नहीं हुआ। जहां बात जुड़ा खोलने की है तो भी इन्होंने धक्का मुक्की में खोला है। लेकिन वीडियो क्लिप में दिखाया गया है कि, मैने खुद जुड़े को खोला है। दरअसल मेरा हाथ मेरे सिर पर गया था। उसका कारण ये था कि एक महिला के हाथ में कोई पत्थर जैसी वस्तु थी जो हमारे ऊपर हमला कर रही थी। उसे रोकने केलिए ही मेरा हाथ सिर के ऊपर गया था। इस क्लिप को भी गलत तरीके से पेश किया गया है। DSP मनदीप कौर ने आरोप लगाया कि धरने के दौरान कहा जा रहा था कि इनके ऊपर चढ़ जाओ, पकड़ों इन्हें। ऐसे-ऐसे गलत शब्द इस्तेमाल किए जा रहे थे। यहां तक कि मुझे गलत तरीके से टच किया गया था। मुझे ही वहीं बल्कि इस दौरान मौजूद अन्य महिला मुलाजिमों को भी गलत तरीके से टच किया गया था। उन्होंने कहा कि कोई भी पुलिस मुलाजिम कभी भी नहीं चाहेगा कि उसके इलाके का माहौल खराब हो। उसके थाने के बाहर धरना लगाया जाए। महिला DSP किसानो से अपील की है कि,  जब कभी आप लोग इकट्ठ करें और धरने लगाएं तो  कृप्या इस बात का ध्यान जरुर रखें कि आपके धरनें में कैसे-कैसे लोग शामिल होने आ रहे हैं। कुछ गलत लोगों की वजह से विवाद बढ़ जाता है और आपकी मांगे सही होने के बावजूद सरकार व अफसरों तक नहीं पहुंच पाती।

पंजाब में अफसरों और कर्मचारियों को CM Mann की दो टूक – लापरवाही नहीं चलेगी

चंडीगढ़/जालंधर  पिछले तीन वर्षों के दौरान किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करने का दावा करते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछले वर्षों की तरह, इस वर्ष भी राज्य सरकार पंजाब में सुचारू और समयबद्ध खरीद का इतिहास दोहराएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी किसान को कोई समस्या आती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।  यहां एक बैठक के दौरान राज्य में चल रहे खरीद कार्यों की समीक्षा करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ओर राज्य सरकार धान की सुचारू और शीघ्र खरीद सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर किसानों को समय पर भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि राज्य के किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए मंडियों में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना चाहिए। धान की खरीद 15 सितंबर से शुरू है और 175 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद के लिए पहले ही व्यापक व्यवस्था की जा चुकी है। धान की सुचारू और निर्बाध खरीद की वकालत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाबी किसानों की कड़ी मेहनत से अर्जित फसल का दाना-दाना खरीदा जाएगा। उन्होंने राज्य की खरीद एजेंसियों को चालू सीजन में धान की खरीद के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए। पंजाब मंडी बोर्ड ने खरीफ खरीद सीजन 2025-26 में धान की खरीद के लिए 1822 रैगुलर खऱीद केंद्र नोटिफाई किए हैं। सभी नोटिफाइड मंडियों को खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग, पंजाब को आवंटित कर दिया गया है। उन्होंने किसानों से फसल को पूरी तरह से सुखाकर मंडियों में लाने की भी अपील की। धान की खरीद के लिए राज्य सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से पूरी खरीद प्रक्रिया की निगरानी करेंगे ताकि किसानों को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े। पंजाब में फसल खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए सरकार ने कई अनुकरणीय पहल की हैं। 

जालंधर में शराब ठेकों पर कार्रवाई, सहगल ग्रुप पर जुर्माना; अमृतसर में 4 बारों के लाइसेंस रद्द

जालंधर आबकारी विभाग ने शराब नियमों के उल्लंघन और देर रात तक बीयर बार खुले रखने के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इसी क्रम में, जालंधर ज़ोन के अंतर्गत आने वाले दो बीयर/शराब बार समूहों को अगले दो दिनों के लिए सील (बंद) करने के आदेश जारी किए गए हैं। ज़ोन के चार अन्य बीयर/शराब बारों के लाइसेंस एक महीने के लिए निलंबित कर दिए गए हैं। इससे पहले, विभाग ने जालंधर के मॉडल टाउन स्थित कुख्यात क्लब का लाइसेंस भी निलंबित कर दिया था। आबकारी उपायुक्त (डीईटीसी) एस.के. गर्ग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, रामा मंडी समूह के अंतर्गत आने वाले 23 बार 24 और 25 सितंबर को बंद रहेंगे। इसी प्रकार, होशियारपुर रोड स्थित हरियाणा समूह के 26 बार 24 से 26 सितंबर तक तीन दिनों के लिए बंद रहेंगे। गर्ग ने जालंधर ज़ोन के अंतर्गत आने वाले अमृतसर क्षेत्र में चार पब/बार के खिलाफ कार्रवाई की है। बॉन चिक बार, एल्गिन कैफ़े बार और कासा आर्टेसा बार को नियमों का उल्लंघन करने और देर रात तक बार खुले रखने के कारण एक महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है। इस बीच, हरियाणा में बेची जा रही बीयर की बरामदगी के कारण ब्रू डॉग बार का लाइसेंस एक महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार रामा मंडी समूह के 23 ठेके 24 और 25 सितम्बर को बंद रखे जाएंगे। वहीं, होशियारपुर के हरियाणा समूह के 26 ठेके 24 से 26 सितम्बर तक सील किए जाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि जालंधर के रामा मंडी समूह ने 16 सितम्बर को अमृतसर में 27 पेटियां शराब बेची थीं, जो नियमों का उल्लंघन था। 5 लाख रुपए जुर्माना भी लगाया इसी तरह होशियारपुर के हरियाणा समूह ने 10 सिंतबर को पठानकोट में 81 पेटियां शराब बेचीं। इन मामलों की जांच के बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए ठेकों को बंद करने का आदेश जारी किया। इसके अलावा अमृतसर की 4 बारों का लाइसेंस एक महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है। इससे पहले डिप्टी कमिश्नर एक्साइज ने सहगल समूह पर शराब की तस्करी के आरोप में 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया था और उसके सभी ठेके एक दिन के लिए बंद करवाए गए थे। एक्साइज विभाग का कहना है कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य नियमों का सख्ती से पालन करवाना और शराब कारोबार में अनुशासन बनाए रखना है। अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, रामा मंडी समूह पर 27 पेटी शराब बेचने का आरोप है, जो 16 सितंबर को अमृतसर में ज़ब्त की गई थी। हरियाणा के एक ऐसे ही समूह ने 81 पेटी शराब बेची थी, जो 10 सितंबर को पठानकोट में ज़ब्त की गई थी। इन शराबों की बिक्री को नियमों के विरुद्ध घोषित किया गया है और इसके लिए दोनों समूहों को क्रमशः दो और तीन दिनों के लिए सील कर दिया गया है। गौरतलब है कि हाल ही में आबकारी उपायुक्त ने शराब की तस्करी के आरोप में सहगल समूह पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। इस संबंध में समूह के सभी ठेके भी एक दिन के लिए बंद कर दिए गए थे।