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उपचुनाव से पहले कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ीं, पंजाब में उठा नया राजनीतिक तूफ़ान

तरनतारन आगामी उपचुनावों से ठीक पहले तरनतारन जिले में कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। तरनतारन विधानसभा क्षेत्र के दो कांग्रेस नेता आज दिल्ली में भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं में ब्लॉक समिति के अध्यक्ष और पी.पी.सी.सी. समन्वयक रणजीत सिंह ढिल्लों (राणा गंदीविंड) और पंजाब कांग्रेस के प्रवक्ता एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी गंदीविंड के अध्यक्ष एडवोकेट जगमीत सिंह ढिल्लों गंदीविंड शामिल हैं। दोनों नेताओं को आज दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ की उपस्थिति में भाजपा में शामिल किया गया। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों और देशहित में किए जा रहे प्रयासों से प्रभावित होकर भाजपा में शामिल हुए हैं। 

ग्राहकों के लिए बुरी खबर: वेरका के प्रोडक्ट्स के दाम बढ़े

पंजाब  त्योहारों के सीजन के बीच वेरका ने ग्राहकों को तगड़ा झटका दे दिया है। जानकारी के अनुसार वेरका ने दाम बढ़ा दिए हैं। आपको बता दें कि अब लस्सी का पैकेट 35 रुपये में मिलेगा जो कि पहले 30 रुपए का था। इसके साथ ही खीर के दाम में भी बढ़ौतरी की गई है। पहले खीर 20 रुपए में मिलती थी जिसे अब 25 रुपए की कर दिया गया है।   वहीं बता दें कि वेरका ने दाम के साथ-साथ क्वांटिटी को भी बढ़ाया है। पहले 30 रुपए में 800 मिलीलीटर का लस्सी का पैकेट मिलता था जबकि अब 35 रुपये में 900 मिलीलीटर लस्सी मिलेगी। वहीं पहले 20 रुपए में 180 ग्राम खीर मिलती थी जबकि अब 25 रुपए में 200 ग्राम खीर मिलेगी। आज से ही नए रेट के पैकेट बाजार में आ गए हैं। दाम बढ़ने से ग्राहकों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।    

हजारों परिवारों के लिए राहत: पूर्व सैनिकों को मिलेगा विशेष लाभ

बरनाला   देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिवाली से पहले पूर्व सैनिकों को एक बड़ा तोहफा दिया है। भाजपा हलका इंचार्ज भदौड़ कैप्टन गुरजिंदर सिंह सिद्धू ने बताया कि रक्षा मंत्रालय ने देशभर के पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं, जिनसे हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। कैप्टन सिद्धू ने बताया कि जिन पूर्व सैनिकों को किसी कारणवश पैंशन नहीं मिलती थी, उन्हें 65 वर्ष की आयु के बाद रक्षा कल्याण फंड से दी जाने वाली 4000 रुपए मासिक पैंशनरी ग्रांट को अब बढ़ाकर 8000 रुपए प्रति माह कर दिया गया है। यह निर्णय विशेष रूप से उन पूर्व सैनिकों के लिए राहत लेकर आया है जो सीमित साधनों में जीवन बिता रहे थे। दूसरे महत्वपूर्ण आदेश में पूर्व सैनिकों के बच्चों को मिलने वाला शैक्षणिक भत्ता, जो पहले 1000 रुपए प्रति माह था, अब 2000 रुपए प्रति माह कर दिया गया है। इससे सैनिक परिवारों के बच्चों की पढ़ाई में आर्थिक सहयोग मिलेगा और उन्हें बेहतर शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिलेगी। तीसरे आदेश के तहत पूर्व सैनिकों की बेटियों की शादी के लिए दी जाने वाली अनुदान राशि को 50,000 रुपए से बढ़ाकर 1,00,000 रुपए (एक लाख रुपए) कर दिया गया है। यह निर्णय केंद्र सरकार की उस संवेदनशील सोच को दर्शाता है, जो सैनिक परिवारों के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। कैप्टन गुरजिंदर सिंह सिद्धू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में केंद्र सरकार लगातार सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल पूर्व सैनिकों के प्रति सरकार के सम्मान को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि सरकार उनके योगदान को कभी भुला नहीं सकती। पंजाब पूर्व सैनिक विंग के सूबा प्रधान और भाजपा हलका इंचार्ज कैप्टन सिद्धू ने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय देशभर के सैनिक परिवारों के लिए दीवाली का सबसे बड़ा तोहफा है। अब सैनिक परिवार अपनी बेटियों की शादियों में और बच्चों की शिक्षा में आर्थिक रूप से और मजबूत महसूस करेंगे। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सूबेदार सौदागर सिंह हमीदी, वारंट अफसर शमशेर सिंह सेखों, वारंट अफसर बलविंदर सिंह ढींडसा, सूबेदार धन्ना सिंह धौला, सूबेदार जगसीर सिंह भैणी, वारंट अफसर अवतार सिंह सिद्धू, वारंट अफसर जगदीप सिंह उग्गोके, हवलदार बलदेव सिंह हमीदी, हवलदार बसंत सिंह उग्गोके, हवलदार रूप सिंह महिता, हवलदार जगतार सिंह, हवलदार जंगीेर सिंह सहित कई पूर्व सैनिक नेताओं ने केंद्र सरकार का धन्यवाद किया और इस निर्णय का स्वागत किया। कैप्टन सिद्धू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा देश के रक्षकों के साथ खड़ी है और भविष्य में भी उनके हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास जारी रखेगी।

भूषण कुमार पर नए आरोप, एक और लड़की ने बताया दर्दनाक अनुभव

फिल्लौर दुष्कर्म पीड़ित नाबालिग लड़की को न्याय दिलवाने की जगह थाना प्रभारी द्वारा पीड़िता और उसकी मां का शारीरिक शोषण करने के मामले में पूर्व थाना प्रभारी जिस पर पीड़िता की मां के बयानों पर शारीरिक शोषण करने की धारा में मुकद्दमा दर्ज किया गया था उसमें फरार चल रहे भूषण कुमार की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पुलिस ने दूसरी पीड़ित लड़की की शिकायत पर उसके विरुद्ध एक और शारीरिक शोषण का मुकदमा दर्ज किया है। साथ में फिल्लौर पुलिस ने नाबालिग लड़की के केस में इजाफा करते हुए भूषण कुमार पर पोक्सो एक्ट की धारा भी लगाई। फिल्लौर के पूर्व थाना प्रभारी भूषण कुमार की मुश्किलें कम होने की जगह प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। पूर्व एस.एच.ओ. भूषण कुमार जिस पर आरोप लगा था कि उन्होंने ड्यूटी पर रहते हुए 14 वर्ष की नाबालिग पीड़ित लड़की जिसके साथ पड़ोस में रहने वाले लड़के ने दुष्कर्म किया था उसे इंसाफ दिलवाने की जगह भूषण कुमार पीड़िता और उसकी मां को अकेले में बुलाकर उसका शारीरिक शोषण करता रहा। इसकी शिकायत मिलते ही एस.एस.पी. जालंधर देहाती हरविंदर सिंह विर्क ने कड़ा संज्ञान लेते हुए उन्हें उसी दिन लाइन हाजिर कर पहले सस्पैंड किया उसके बाद भूषण कुमार पर पीड़ित लड़की की माता की शिकायत पर शारीरिक शोषण करने की धाराओं में मुकद्दमा दर्ज कर दिया गया। उस दर्ज मुकद्दमे की जांच के लिए एस.एस.पी. द्वारा बाकायदा एक उच्च अधिकारियों की एस.आई.टी. बनाई गई जिसमें महिला उच्चाधिकारियों के अलावा डी.एस.पी. फिल्लौर सरवन सिंह बल भी थे जिनकी रिपोर्ट के आधार पर भूषण कुमार के विरुद्ध पहले से दर्ज मुकद्दमे में पोक्सो एक्ट की धारा लगा दी गई है।   डी.एस.पी. सरवन सिंह बल ने बताया कि एक और नजदीकी गांव की पीड़ित लड़की ने भी भूषण कुमार के विरुद्ध शिकायत दी थी कि भूषण कुमार एस.एच.ओ. के पद पर रहते हुए उनके घर किसी जांच के संबंध में आए थे। जाते वक्त वह उसका फोन नंबर ले गए जिसके बाद वह उसे अकेले मिलने के लिए आने को दिन में कई-कई बार फोन कर दबाव डालने लग पड़े और फोन पर उसके साथ बातचीत करते हुए अश्लील भाषा का इस्तेमाल करते थे। भूषण कुमार के डर के चलते पीड़ित लड़की और उसका परिवार अपना घर छोड़ रिश्तेदार के घर जाकर रहने लग पड़े। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर पहले से दर्ज मुकद्दमे में फरार चल रहे पूर्व थाना प्रभारी भूषण कुमार के विरुद्ध एक नया मुकद्दमा और दर्ज किया गया है।

शादी के सीजन में होटल वालों को मिली चेतावनी, ये नियम अब अनिवार्य होंगे

रूपनगर  शादी के सीजन के बीच होटल, ढाबों, सराओं और रेस्टोरैंट में ठहरने वाले व्यक्तियों की जानकारी न रखने पर संज्ञान लेते हुए, जिला मैजिस्ट्रेट वरजीत वालिया ने संबंधित प्रतिष्ठानों के मालिकों को निर्देश दिए हैं कि वे अब प्रत्येक व्यक्ति से 5 प्रकार के पहचान पत्र प्राप्त करें और इस रिकॉर्ड के संबंध में एक रजिस्टर बनाए रखें ताकि जिले में कोई अप्रिय घटना न घटे। वरजीत वालिया ने बताया कि इन स्थानों पर ठहरने वाले व्यक्तियों के संबंध में एक रजिस्टर बनाए रखा जाएगा और उस व्यक्ति से पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसैंस, भारत सरकार/राज्य सरकार/सार्वजनिक क्षेत्र/पब्लिक लिमिटेड जैसे 5 प्रकार के पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा। कंपनियों के कर्मचारियों को जारी फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र/बैंक/डाकघर द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक/पैन कार्ड, भारत के महापंजीयक द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड, मनरेगा योजना के अंतर्गत जारी जॉब कार्ड, श्रम मंत्रालय योजना के अंतर्गत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज़, सांसदों/विधायकों/विधानसभा सदस्यों को जारी अधिकारी कार्ड और आधार कार्ड। सार्वजनिक स्थानों पर 5 या अधिक लोगों के एकत्रित होने पर प्रतिबंध जिला मैजिस्ट्रेट रूपनगर ने रूपनगर जिले में सार्वजनिक स्थानों पर 5 या अधिक लोगों के एकत्रित होने, रैलियां निकालने, धरना देने आदि पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं। ये आदेश अर्धसैनिक बलों, सैन्य बल और सरकारी ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों/कर्मचारियों के जमावड़े, धार्मिक समारोहों, विवाह या निजी समारोहों और मृतकों के दाह संस्कार, और जुलूसों/सभाओं/धरनों पर लागू नहीं होंगे, जिनके लिए प्रबंधकों के लिखित अनुरोध पर संबंधित उप-मंडल मैजिस्ट्रेट/सक्षम पुलिस अधिकारी से लिखित अनुमति प्राप्त की गई हो। नंबर प्लेट बनाते और नंबर लिखते समय रजिस्टर रखने के निर्देश जिले में बदमाश, गैंगस्टर मोटरसाइकिल/स्कूटर/कार/वाहनों पर फर्जी नंबर लगाकर लूटपाट व अन्य अपराध करते हैं, जिससे उन्हें गिरफ्तार करना मुश्किल हो जाता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए, जिला मैजिस्ट्रेट रूपनगर वरजीत वालिया ने बताया कि जिला रूपनगर की सीमा में बिना रजिस्टर बनाए नंबर प्लेट लगाने और नम्बर लिखने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए गए हैं। इस संबंध में, जिले में नंबर प्लेट बनाने और नंबर लिखते समय रजिस्टर रखने के निर्देश दिए गए हैं।   प्लास्टिक लिफाफों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध उक्त आदेशों के तहत, जिला मैजिस्ट्रेट ने जिले में प्लास्टिक लिफाफों के निर्माण, वितरण, बिक्री, भंडारण और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने पंजाब प्लास्टिक और कैरी बैग (निर्माण, उपयोग और निपटान) नियंत्रण अधिनियम-2005 के तहत प्लास्टिक लिफाफों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। शाम 7 से सुबह 6 बजे तक गोवंश की ढोया ढुआई पर पूर्ण प्रतिबंध जिला मैजिस्ट्रेट ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत उनमें निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं रूपनगर जिले में शाम 7 से सुबह 6 बजे तक गोवंश की ढोया ढुआई पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रहा हूं और मैंने उन लोगों को आदेश दिया है जिन्होंने गोवंश रखा है, वे पशुपालन विभाग के साथ पंजीकरण करवाएं। जिन लोगों के पास पशु हैं, वे अपने पशुओं का पंजीकरण संबंधित क्षेत्र के पशुपालन अधिकारी के पास अवश्य करवाएं ताकि भविष्य में पशुओं को लेकर कोई अप्रिय घटना न घटे और पशुओं की सुरक्षा के लिए कदम उठाए जा सकें। सैन्य रंग की जीपों/मोटरसाइकिलों/मोटर वाहनों के प्रयोग व संचालन पर प्रतिबंध उक्त आदेशों में यह भी कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति रूपनगर जिले में जैतूनी हरे (सैन्य रंग) रंग की जीपों/मोटरसाइकिलों/मोटर वाहनों का प्रयोग नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि कोई भी गैर-सामाजिक तत्व सैन्य वर्दी व जैतूनी हरे रंग (सैन्य रंग) का प्रयोग करके हिंसक घटनाएं कर सकते हैं, जिसके चलते आम जनता को इन रंगों का प्रयोग न करने के आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि यह आदेश सैन्य अधिकारियों पर लागू नहीं होगा।  

पूर्व DGP के बेटे की मौत की जांच में नया मोड़, डायरी से मिली अहम जानकारी

पंचकूला पंजाब के पंचकूला में पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा के 35 वर्षीय बेटे अकील अख्तर की मौत के मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है. एसआईटी जांच में अकील की डायरी से ऐसे कई राज खुले हैं, जो उसके आखिरी वीडियो से मिलते-जुलते हैं. पुलिस का दावा है कि डायरी में वही बातें दर्ज हैं, जो अक़ील ने अपनी वीडियो में कही थीं, लेकिन कुछ पन्नों में लिखे नोट्स उससे उलट भी हैं. इस मामले की जांच कर रही एसआईटी के प्रमुख एसीपी विक्रम नेहरा ने बताया कि डायरी की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी. अकील की हैंडराइटिंग का मिलान भी कराया जाएगा, ताकि यह तय किया जा सके कि लिखावट उसी की है या किसी और ने उसमें कुछ जोड़ा है. पुलिस को अकील के कमरे से ऐसी वस्तुएं भी मिली हैं, जिन पर ड्रग्स कनेक्शन का शक जताया जा रहा है. एसआईटी टीम और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स अब उन वस्तुओं की वैज्ञानिक जांच करा रहे हैं. पुलिस के मुताबिक अकील का मोबाइल फोन और कुछ अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस अभी तक बरामद नहीं हुए हैं, जिनसे जांच को बड़ा सुराग मिल सकता है. अकील की डायरी उसके परिवार ने ही पुलिस को सौंपी है. डायरी की लिखावट और उसमें दर्ज बातों ने एसआईटी को उलझा दिया है. इसमें दर्ज कुछ नोट्स ऐसे हैं जिनमें अकील ने अपनी मानसिक स्थिति का जिक्र किया है, तो कुछ में उसने घर के अंदर की परेशानियों की बात कही है. पुलिस इन दोनों एंगल्स को समानांतर ट्रैक पर जांच रही है. इस केस में एफआईआर मलेरकोटला के रहने वाले शमसुद्दीन चौधरी की शिकायत पर दर्ज की गई है. वो खुद को अकील अख्तर के परिवार का पड़ोसी बताते हैं. उन्होंने अपनी शिकायत में अकील अख्तर की मौत पर संदेह जताया है. इसके साथ ही इसके पीछे साजिश की आशंका जताई है. हालांकि, उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि अब जांच का नया मुद्दा बन गई है. वह पहले आम आदमी पार्टी से जुड़े थे. साल 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में मलेरकोटला से प्रत्याशी मोहम्मद जमील-उर-रहमान के लिए प्रचार कर चुके हैं. इस चुनाव में अकील की मां रजिया सुल्ताना को जमील-उर-रहमान ने हराया था, जो तीन बार की कांग्रेस विधायक रह चुकी हैं. रहमान का कहना है कि शमसुद्दीन चौधरी थोड़े समय के लिए पार्टी से जुड़े थे. उससे पहले वे अकाली दल से भी जुड़े रह चुके हैं. उन्होंने कहा कि शमसुद्दीन कभी उनके पीए नहीं थे. उनके खिलाफ शिकायतें आने के बाद ऑफिस आने से रोक दिया था. पंजाब के पूर्व डीजीपी (मानवाधिकार) मोहम्मद मुस्तफा ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उन्होंने कहा, ''मैं पुलिस केस का स्वागत करता हूं. जांच होगी तो सच्चाई सामने आएगी.'' उन्होंने दावा किया कि उनका बेटा अकील अख्तर पिछले 18 सालों से साइकोटिक डिसऑर्डर से जूझ रहा था. उसे नशे की लत भी थी. शिकायतकर्ता धोखेबाज है. उन्होंने कहा, ''शमसुद्दीन चौधरी कभी मेरा पड़ोसी नहीं रहा. मेरा घर मलेरकोटला से दो किलोमीटर दूर है. वह दावा करता है कि वह मेरे ससुराल वालों को जानता है, लेकिन मैंने उसे उनके घर पर भी कभी नहीं देखा. वह किसी के इशारों पर काम कर रहा है. एसआईटी चाहे तो उसे मेरे सामने बिठा सकती है, ताकि मैं खुद उससे सवाल कर सकूं. उसका झूठ सामने आ जाएगा.'' शमसुद्दीन चौधरी ने बताया कि 27 अगस्त को अकील अख्तर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो डाला था, जिसमें उसने अपने पिता और पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए थे. उसने कहा था कि उसे अपनी जान का खतरा है. लेकिन कुछ हफ्ते बाद उन्होंने ही एक नया वीडियो जारी कर कहा, ''पहले जो वीडियो डाला था, वो मेरी मानसिक बीमारी की वजह से था. मुझे बहुत अच्छा परिवार मिला है.'' इस मामले में 20 अक्टूबर को शिकायत मिलने के बाद पंचकूला पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) (हत्या) और 61 (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया है. इस एफआईआर में अकील के माता-पिता मोहम्मद मुस्तफा और रजिया सुल्ताना के अलावा उनकी पत्नी और बहन का भी नाम शामिल है. फिलहाल पुलिस इस मामले की विस्तृत जांच कर रही है.

दवाई खाने वाले रहें सावधान! पंजाब में 11 Medicines को लेकर हुई चौंकाने वाली रिपोर्ट

चंडीगढ़ सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) की सितंबर 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में जांची गई दवाओं में से कुल 112 दवाओं के सैंपल फेल पाए गए हैं। इनमें से 11 दवाइयां पंजाब में बनी हुई हैं। इन दवाइयों का इस्तेमाल पेट दर्द, बुखार, दिल की बीमारियां, कैंसर, शुगर, हाई ब्लड प्रेशर, अस्थमा, इंफेक्शन, दर्द, सूजन, एनीमिया और मिर्गी जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है। इन फेल हुई दवाओं में तीन कफ सिरप भी शामिल हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले ही पंजाब सरकार ने 8 दवाइयों पर रोक लगाई थी। सबसे ज्यादा दवाइयां 49 सैंपल हिमाचल प्रदेश की फैक्ट्रियों में बनी फेल पाए गए हैं। इसके अलावा 16 गुजरात, 12 उत्तराखंड, 11 पंजाब, और 6 मध्य प्रदेश व अन्य राज्यों की दवाइयां मानकों पर खरी नहीं उतरीं। स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों और मेडिकल स्टोर्स को इन दवाइयों पर तत्काल प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं। वहीं, जिन फार्मा कंपनियों ने ये दवाइयां बनाई हैं, वे अब जांच के दायरे में आ गई हैं।

धोखाधड़ी का बड़ा मामला: पंजाब में इमिग्रेशन सेंटर ने युवाओं की उड़ाई नींद!

अमृतसर  महानगर में विदेश भेजने के नाम पर ट्रैवल एजैंट की तरफ से दर्जनों युवाओं के साथ ठगी करने का एक और नया मामला सामने आया है। इसमें खास बात यह है कि जिस ट्रैवल एजैंट ने युवाओं के साथ ठगी की है, वह गैर-लाइसैंसी इमीग्रेशन सैंटर नहीं, बल्कि जिला प्रशासन अमृतसर की तरफ से जारी लाइसैंसी इमीग्रेशन सैंटर चल रहा था। जानकारी के अनुसार अमृतसर जिले के अलग-अलग गांवो व कुछ अन्य जिलों से भी दर्जनों की संख्या में आए युवाओं ने ए.डी.सी. जनरल रोहित गुप्ता को लिखित रूप से शिकायत करके ट्रैवल एजैंट प्रभशरण सिंह रंधावा पर ठगी करने के आरोप लगाए हैं और अपने पैसे वापस लेने की मांग की है। मामले की जानकारी मिलने के बाद ए.डी.सी. की तरफ से एस.पी. हैड क्वार्टर और संबंधित पुलिस थाना को इस मामले की जांच करने के आदेश जारी कर दिए हैं और तुरंत प्रभाव से रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है। शिकायत में बताया गया है कि उक्त इमीग्रेशन सैंटर का मालिक रणजीत एवेन्यू में अपना सैंटर चला रहा था और विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपए ऐंठ रहा था। दूसरी तरफ प्रभशरण सिंह रंधावा के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया गया तो फोन बंद आया। अमृतसर के पॉश क्षेत्र रणजीत एवेन्यू की बात करें तो यहां पर दर्जनों की संख्या में इमीग्रेशन सेंटर चल रहे हैं, लेकिन एक किसी लाइसेंस धारी केंद्र की तरफ से कभी युवाओं के साथ भी देश भेजने के नाम पर ठगी नहीं हुई है। आम तौर पर फर्जी ट्रैवल एजैंट युवाओं को विदेश भेजने का लालच देकर अपने जाल में फंसाते हैं और लाखों रुपए ठगते हैं। प्रशासन के पास 500 से ज्यादा लाइसैंसी इमीग्रेशन सैंटरों की लिस्ट युवाओं को पढ़ाई करने के लिए या विदेश में काम करने के लिए विदेश भेजने वाले ट्रैवल एजैंटों की बात करें तो अमृतसर जिला प्रशासन के पास ऐसे 500 से ज्यादा लाइसैंसी ट्रैवल एजैंटों की लिस्ट है, जिनको ए.डी.सी. जनरल दफ्तर की तरफ से एक लंबी चौड़ी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद लाइसैंस जारी किया जाता है। इन लाइसैंसी इमीग्रेशन सैंटरों और ट्रैवल एजैंटों के नाम बकायदा जिला प्रशासन की ट्रैवल एजैंसी वाली वेबसाइट में भी दर्शाए गए हैं। इस वेबसाइट पर जाकर कोई भी व्यक्ति यह जान सकता है कि वह जिस ट्रैवल एजैंट के पास गया है, उसके पास सरकार की तरफ से जारी लाइसैंस है या नहीं है। क्या है इमीग्रेशन सैंटर का लाइसैंस लेने की कानूनी प्रक्रिया इमीग्रेशन सैंटर या ट्रैवल एजैंसी का लाइसैंस लेने के लिए डी.सी. दफ्तर में ए.डी.सी. जनरल दफ्तर को लाइसैंसिंग अथॉरिटी बनाया गया है। इसमें सबसे पहले लाइसैंस का आवेदन देने वाले व्यक्ति को अपने सैंटर वाले स्थान की रजिस्ट्री, यदि वह किराए पर रहता है तो किराएनामा जो बाकायदा रजिस्टर्ड होना चाहिए। इसके अलावा पैन कार्ड, आधार कार्ड व अन्य जरूरी दस्तावेज आवेदन फार्म के साथ लगाकर ही अप्लाई किया जा सकता है। इसके तहत पुलिस को भी शामिल किया गया है। पुलिस की तरफ से एन.ओ.सी. मिलने के बाद ही ए.डी.सी. दफ्तर की तरफ से लाइसैंस शुरू करने की प्रक्रिया शुरू की जाती है, जिसमें एस.डी.एम., तहसीलदार, कानूनगो और पटवारी से भी रिपोर्ट मंगवाई जाती है। पुलिस और सिविल प्रशासन की तरफ से दोहरी रिपोर्ट मिलने के बाद ही लाइसैंसिंग अथॉरिटी ए.डी.सी. की तरफ से लाइसैंस जारी किया जाता है, इसमें कम से कम 90 दिन की प्रक्रिया होती है।

शहर में घुसा तेंदुआ! अंबाला वन विभाग ने किया फुल-स्पीड खोज अभियान

अंबाला  अंबाला जिले के धुलकोट गांव में तेंदुए के दिखाई देने की सूचना मिलने के बाद वन विभाग ने शनिवार को अलर्ट जारी करते हुए खोज अभियान शुरू किया। जिला अधिकारियों ने बताया कि आसपास के इलाके के सीसीटीवी फुटेज में एक जंगली जानवर देखा गया, जो तेंदुए जैसा प्रतीत होता है। हालांकि, वन विभाग ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। पुलिस को शुक्रवार शाम को तेंदुए के दिखाई देने की जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से खोज अभियान चलाया। वन विभाग ने गाँव में घोषणा कर ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार, तेंदुए की खोज अभी जारी है और लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।

पंजाब में रेलवे परियोजना के लिए सरकार से सहयोग की मांग

पटियाला  नॉर्दर्न रेलवे ने पंजाब सरकार को पत्र लिखकर "राजपुरा-मोहाली नई रेल लाइन (18.11 किमी)" परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए सक्षम अधिकारी (CALA) और मध्यस्थ (Arbitrator) नियुक्त करने का अनुरोध किया है। केंद्र सरकार द्वारा 2008 के गजट अधिसूचना (संशोधन) अधिनियम के तहत इस परियोजना को "विशेष रेलवे परियोजना" के रूप में अधिसूचित किया गया है। इस परियोजना के लिए पंजाब के पटियाला, फतेहगढ़ साहिब और साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) जिलों में लगभग 53.84 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जाएगी। अधिसूचना का प्रभाव गजट में प्रकाशित होने की तिथि 24 अक्टूबर, 2025 से माना जाएगा। रेलवे की ओर से पंजाब सरकार को भेजे गए पत्र में कहा गया है, "इस महत्वपूर्ण रेलवे अवसंरचना परियोजना का सफल और समय पर पूरा होना क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास के लिए आवश्यक है।" पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि रेलवे के पास पर्याप्त संख्या में अनुभवी अधिकारी नहीं हैं जो भूमि अधिग्रहण के लिए सक्षम प्राधिकारी के रूप में कार्य कर सकें, इसलिए पंजाब सरकार से अनुरोध किया गया है कि वे उपयुक्त अधिकारी और मध्यस्थ नियुक्त करें। पत्र में यह भी कहा गया है कि परियोजना के लिए आवश्यक 53.84 हेक्टेयर भूमि तीन जिलों पटियाला, फतेहगढ़ साहिब और SAS नगर (मोहाली) में अधिग्रहित की जाएगी।