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पंजाब कैबिनेट ने दी धर्मसोत पर केस चलाने की मंजूरी, विजिलेंस ने 2022 में दर्ज की थी एफआईआर

चंडीगढ़  पंजाब कैबिनेट की बैठक आज मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में सीएम आवास पर हुई। पंजाब के पूर्व मंत्री साधु सिंह धर्मसोत पर भ्रष्टाचार के मामले में केस चलाने को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।  विजिलेंस ब्यूरो ने जून 2022 में धर्मसोत पर एफआईआर दर्ज की थी। जांच में सामने आया कि धर्मसोत ने 1.67 करोड़ रुपये की रिश्वत ली थी। पूर्व मंत्री पर पीएमएलए 2022 के तहत भी कार्रवाई होगी। कैबिनेट ने राज्यपाल को केस चलाने की सिफारिश भेज दी है।   कैबिनेट में ग्रामीण विकास व पंचायत विभाग के तहत कॉमन भूमि की समीक्षा कर अवैध कब्जों पर जुर्माना लगाने और राजस्व वसूली का निर्णय लिया गया। इससे प्राप्त राशि का आधा हिस्सा पंचायत व आधा हिस्सा नगरपालिका को जाएगा। पंजाब में जो पुरानी खालें या पगडंडिया हैं, उन्हें नियमित किया जाएगा। जिन खालों को कमर्शियल बिल्डिंग दुकानें या अन्य निर्माण करके बेच दिया गए हैं, उसमें बिल्डर से चार गुना जुर्माना वसूला जाएगा। डीसी की तरफ से राशि निर्धारित की जाएगी।   कैबिनेट ने सिविल सप्लाई से जुड़े 1688 मिलर्स को राहत देते हुए बकाया राशि जमा करने के लिए ओटीएस स्कीम पेश की है। मूल राशि पर ब्याज और पेनल्टी माफ की जाएगी। जिन मामलों में 15% तक एम्बेजलमेंट है, वे किस्तों में राशि जमा कर सकेंगे। इसी तरह प्री-जीएसटी एरियर से जुड़े मामलों में भी ओटीएस योजना लाई गई है। पंजाब इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एक्ट और अन्य एक्ट के करीब 2039 मामलों में टैक्स व पेनल्टी माफ की जाएगी। इस योजना का लाभ लगभग 20 हजार व्यापारियों को मिलेगा। स्कीम 31 दिसम्बर तक लागू रहेगी। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने बताया कि जीएसटी में केंद्र सरकार की तरफ से कटौती के फैसलों को कैबिनेट में मंजूरी दे दी गई है। आने वाले विधानसभा सेशन में इसे पास करेंगे। उन्होंने बताया एनआईए के तहत जो केस अलग अलग कोर्ट में चलते हैं उन सभी केसों के निपटारे के लिए मोहाली में सेशन जज के अंडर स्पेशल कोर्ट बनाई जाएगी। सारे केस मोहाली अदालत में चलेंगे। इसका इंतजाम पंजाब सरकार करेगी। जबकि इसका भुगतान केंद्र सरकार करेगी। गावों में अवैध कब्जों की वसूली होगी पंजाब सरकार ने फैसला किया है कि गांवों की कॉमन जमीन (विलेज कॉमन लैंड) में जो रास्ते खाली छोड़े गए थे और उन पर लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया है, उनसे अब पैसे वसूले जाएंगे। इसके लिए जिला उपायुक्त (डीसी) की अगुआई में एक कमेटी बनाई जाएगी, जो रेट तय करेगी। जब रेट तय हो जाएंगे तो उसी हिसाब से कब्जाधारियों से रकम ली जाएगी। वसूले गए पैसों का आधा हिस्सा कमेटी को और आधा हिस्सा विभाग को जाएगा। दो तरह की ओटीएस स्कीमें शुरू पंजाब के शैलरों के लिए वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी को मंजूरी दी गई है। इसके तहत 188 केस आएंगे, जिनसे पैनल्टी और ब्याज नहीं लिए जाएंगे। पंजाब सरकार ने दो तरह की ओटीएस (वन टाइम सेटलमेंट) स्कीमें शुरू की हैं, ताकि लोगों को अपने पुराने बकाए चुकाने में आसानी हो सके। इनमें पहला फूड सप्लाई डिफाल्टरों के लिए है। यह स्कीम उन 1,688 शैलर मालिकों के लिए है, जिन्होंने फूड सप्लाई विभाग का पैसा नहीं लौटाया। वे अपनी बकाया राशि तीन किस्तों में जमा कर सकते हैं। पैसा जमा करने के बाद ही वे अपनी दुकानें चला सकेंगे। दूसरा प्री-जीएसटी मामलों के लिए। इसमें 20,039 केस शामिल हैं। अगर टैक्स मामला 1 करोड़ तक का है, तो 50% जुर्माना और मूल टैक्स माफ होगा। 1 करोड़ से 25 करोड़ तक के मामलों में 25% माफी मिलेगी। बाकी शर्तें पहले जैसी ही रहेंगी। दोनों स्कीमें 31 दिसंबर तक लागू रहेंगी। उसके बाद ऐसी कोई ओटीएस स्कीम नहीं लाई जाएगी।   उद्योग जगत के लिए राइट टू बिजनेस एक्ट में संशोधन कर बड़ी राहत दी गई है। ग्रीन और ऑरेंज श्रेणी की इंडस्ट्री तथा रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को 5 से 18 दिनों में अनुमति देने का प्रावधान किया गया है। कैबिनेट ने नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) के मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए मोहाली में एक विशेष अदालत स्थापित करने का फैसला किया है, जहां एक अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश तैनात किया जाएगा। कैबिनेट ने केंद्र सरकार की सिफारिशों पर जीएसटी स्लैब और कम्पंसेशन से जुड़े संशोधनों को भी मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को किसानों और प्रभावितों को मुआवजा जल्द जारी करने के निर्देश दिए।

राज्यसभा उपचुनाव: पंजाब की एक सीट पर चुनाव की तारीख घोषित, 6 से नामांकन, 24 को वोटिंग

लुधियाना पंजाब में राज्यसभा की खाली हुई सीट के लिए उपचुनाव 24 अक्टूबर को होगा। निर्वाचन आयोग की तरफ से इस संबंधी नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा के लुधियाना से विधायक चुने जाने के बाद यह सीट खाली हुई थी। उन्होंने विधायक चुने जाने के बाद राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस सीट से अब AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल राज्यसभा जा सकते हैं। हालांकि, वह एक बयान में कह चुके हैं कि वह राज्यसभा नहीं जाएंगे। पार्टी के प्रवक्ता नील गर्ग का कहना है कि इस सीट पर जो भी जाएगा, वह पंजाब का प्रतिनिधित्व करेगा। उन्होंने कहा कि यह कोई भी हो सकता है- महिला, किसान या कारोबारी। इस बारे में फैसला पार्टी हाईकमान की तरफ से लिया जाएगा। गोगी की मौत से लुधियाना सीट पर उपचुनाव हुआ चुनाव आयोग के नोटिफिकेशन के मुताबिक, AAP नेता संजीव अरोड़ा ने 1 जुलाई 2025 को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया था। लुधियाना पश्चिम से विधायक गुरप्रीत सिंह गोगी की मौत के बाद इसी साल जून में इस सीट पर उपचुनाव हुआ था। इसके लिए पार्टी ने अपने राज्यसभा मेंबर संजीव अरोड़ा को अपना उम्मीदवार बनाया था। अरोड़ा ने 19 जून को उपचुनाव में 10637 मतों के अंतर से जीत हासिल की थी। इसके बाद पंजाब सरकार ने उन्हें उद्योग व एनआरआई मंत्री जिम्मेदारी सौंपी। पंजाब से राज्यसभा में 6 मेंबर पंजाब से इस समय राज्यसभा से 6 मेंबर हैं। ये सभी AAP के ही नेता हैं। इनमें विक्रमजीत सिंह साहनी, बलबीर सिंह सीचेवाला, राघव चड्‌ढा, संदीपक पाठक, हरभजन सिंह और अशोक मित्तल शामिल हैं। जबकि, अरोड़ा के इस्तीफे से एक सीट खाली है। AAP मजबूत स्थिति में इस चुनाव में AAP अब तक मजबूत स्थिति में है। इस समय पंजाब में 117 विधायकों में से 93 विधायक आम आदमी पार्टी के हैं। वहीं, शिरोमणि अकाली दल (SAD) के तीन, कांग्रेस के 16, भाजपा के दो, बहुजन समाज पार्टी के पास एक और एक आजाद विधायक है। जम्मू-कश्मीर का खत्म हुआ इंतजार, राज्यसभा चुनाव की आई तारीख जम्मू-कश्मीर में 4 राज्यसभा सीटें 2021 से ही खाली चल रही हैं। अब तक इन पर चुनाव नहीं हो पाया था, लेकिन अब इंतजार खत्म हो रहा है। चुनाव आयोग ने बुधवार को घोषणा की है कि केंद्र शासित प्रदेश की सभी 4 राज्यसभा सीटों पर 24 अक्तूबर को चुनाव होगा। संयुक्त जम्मू-कश्मीर में भी 4 ही राज्यसभा सीटें थीं और जब पुनर्गठन हुआ तो सभी को उसके साथ ही रखा गया। वहीं लद्दाख में कोई विधानसभा नहीं है और वह चंडीगढ़ की तरह एक केंद्र शासित प्रदेश भर है। विधानसभा ना होने के चलते वहां राज्यसभा की सीट भी नहीं है। हालांकि लद्दाख में यह मांग उठती रही है कि उन्हें राज्य का दर्जा दिया जाए। फिलहाल वहां ऐसी मांग को लेकर प्रदर्शन भी चल रहा है। पंजाब की भी एक राज्यसभा सीट पर चुनाव के लिए नोटिफिकेशन जारी हुआ है। यहां भी 24 अक्तूबर को ही चुनाव होगा। इसी दिन शाम को जम्मू-कश्मीर की चारों सीटों और पंजाब की एक सीट पर हुए चुनाव के वोटों की गिनती होगी। संजीव अरोड़ा के इस्तीफे से पंजाब में सीट खाली हुई थी, जिनका कार्यकाल 2028 तक था। उन्होंने 1 जुलाई को ही इस्तीफा दिया था। वहीं जम्मू-कश्मीर की सीटों की बात करें तो पुनर्गठन के बाद जिन सांसदों का इस्तीफा हुआ था, उनके स्थान पर नए सांसदों का चुनाव नहीं हो सका था। इसकी वजह थी कि पहले विधानसभा के चुनाव कराए गए। उसके बाद अब कई मसले आने के चलते चुनाव टलते रहे। रिटायर होने वाले सांसदों में कांग्रेस के सीनियर नेता रहे गुलाम नबी आजाद भी शामिल थे। अब चुनाव की घोषणा के बाद यह देखना होगा कि भाजपा और नेशनल कॉन्फ्रेंस की ओर से किन नेताओं को उम्मीदवार बनाया जा सकता है। केजरीवाल के इनकार के बाद पार्टी के पास 3 ऑप्शन…     मनीष सिसोदिया: AAP में केजरीवाल के इनकार के बाद मनीष सिसोदिया राज्यसभा जा सकते हैं। सिसोदिया इसी साल हुए दिल्ली चुनाव में पार्टी की ओर से डिप्टी CM के उम्मीदवार घोषित थे, लेकिन वह अपनी ही सीट पर हार गए। इस समय वह पार्टी के पंजाब प्रभारी हैं। राघव चड्डा को भी AAP ने तब राज्यसभा भेजा था, जब वह पंजाब के प्रभारी थे।     सत्येंद्र जैन: दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन भी राज्यसभा जा सकते हैं। वह 2015 से 2023 तक केजरीवाल सरकार में मंत्री रहे। उनकी गिनती केजरीवाल के करीबियों में होती है। सत्येंद्र भी विधानसभा में अपनी सीट पर हार का सामना कर चुके हैं।     पंजाब का ही कोई नेता संभव: AAP पंजाब के ही किसी नेता को राज्यसभा भेज सकती है। लोकल लेवल पर पार्टी के कई नेताओं को लगता है कि दिल्ली के किसी नेता को राज्यसभा भेजने से पार्टी को पंजाब में नुकसान उठाना पड़ सकता है। विधानसभा चुनाव में अब 2 साल से भी कम समय बाकी है। ऐसे में पार्टी पंजाबी अस्मिता की सियासत का ध्यान रखते हुए किसी लोकल चेहरे पर भी दांव लगा सकती है।

पंजाबियों के लिए खुशखबरी: अब इस रूट पर दौड़ेगी वंदे भारत ट्रेन

पंजाब  पंजाब वासियों को रेलवे ने बड़ी सौगात दी है। अब फिरोजपुर से दिल्ली के किए वंदे भारत चलाई जाएगी। जानकारी के अनुसार ये ट्रेन बुधवार को छोड़कर हफ्ते में 6 दिन फिरोजपुर से दिल्ली के बीच चलेगी। इससे यात्रियों को खूब फायदा होगा।  इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है और प्रधानमंत्री मोदी इसे जल्द ही मंजूरी देंगे। इसे लेकर रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने जानकारी दी है। आपको बता दें कि फिरोजपुर के लोगों द्वारा दिल्ली के लिए वंदे भारत चलाने की लंबे समय से मांग की जा रही थी।  केंद्र के इस ऐलान के बाद अब लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है। ट्रेन फिरोजपुर कैंट से चलकर बठिंडा, धूरी, पटियाला, अंबाला कैंट, कुरुक्षेत्र और पानीपत होते हुए दिल्ली पहुंचेगी। इसके साथ ही चंडीगढ़-राजपुरा रेलवे लाइन को भी मंजूरी मिल गई है और इससे मालवा क्षेत्र के लोगों को खूब फायदा होगा। यह ट्रैक 18 किलोमीटर लंबा होगा जो मोहाली, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला से गुजरेगा।   

पराली जलाने के मामले बढ़े, पंजाब में 14 FIR, जानें कौन सा जिला सबसे अधिक प्रभावित

पंजाब  पंजाब में धान की कटाई शुरू होते ही पराली जलाने के मामले एक बार फिर से सामने आने लगे हैं। पंजाब सरकार द्वारा सैटेलाइट मॉनिटरिंग के बाद पराली जलाने की संख्या 62 हो गई है। सोमवार को अमृतसर जिले में पराली जलाने के तीन मामले, कपूरथला में एक और तरनतारन में दो मामले सामने आए हैं। किस जिले में कितने मामले? पंजाब में 15 सितंबर से लेकर अब तक पराली जलाने के कुल 62 मामले सामने आए हैं। इनमें से सबसे अधिक 38 मामले अमृतसर जिले से सामने आए हैं। वहीं बरनाला में दो, बठिंडा में एक, फिरोजपुर, होशियारपुर, जालंधर, कपूरथला, संगरूर, एसएएस नगर व मालेरकोटला में एक-एक, पटियाला में सात और तरनतारन में भी सात मामले हुए हैं। प्रशासन ने क्या कार्रवाई की? पंजाब में अधिकारियों की ओर से पराली जलाने के 27 मामलों में 1 लाख 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस जुर्माना राशि में से 50 हजार रुपये की वसूली भी कर ली गई है। वहीं, पुलिस की ओर से ऐसे 14 मामलों में बीएनएस की धारा 223 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। किसान क्यों जलाते हैं पराली? दरअसल, धान की कटाई के बाद रबी की फसल- गेहूं के बुआई के लिए किसानों के पास में काफी कम समय होता है। इसी कारण से कुछ किसान अगली फसल को बोने के लिए पराली को जल्दी से साफ करने के लिए अपने खेतों में आग लगा देते हैं। अक्टूबर और नवंबर महीने में धान की कटाई के बाद दिल्ली में वायु प्रदूषण काफी बढ़ जाता है। ऐसा होने के लिए अक्सर पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं को जिम्मेदार बताया जाता है। बीते साल पराली जलाने के कितने मामले आए? साल 2024 में, पंजाब में पराली जलाने की कुल 10,909 घटनाएं सामने आई थीं। वहीं, साल 2023 में पराली जलाने की घटनाएं 36,663 थीं। इस हिसाब से पराली जलाने की घटनाओं में 70 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई थी।

बिक्स-मुलाकात: गुरिंदर ढिल्लों से 35 मिनट की बातचीत के बाद मची चर्चा

चंडीगढ़  पंजाब की राजनीति और धार्मिक जगत का संगम मंगलवार को नाभा जेल में देखने को मिला। आय से अधिक संपत्ति मामले में बंद शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया से मुलाकात करने राधा स्वामी सत्संग ब्यास डेरा प्रमुख गुरिंदर सिंह ढिल्लों पहुंचे। यह मुलाकात जेल परिसर में करीब 35 मिनट तक चली। सुबह करीब 11 बजे डेरा प्रमुख अपनी निजी कार से जेल पहुंचे। सुरक्षा जांच औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद उन्हें मजीठिया से मिलने की इजाजत दी गई। मुलाकात को परिवारिक रिश्तेदारी की श्रेणी में रखा गया है। उल्लेखनीय है कि मजीठिया की पत्नी गनीव कौर की रिश्तेदारी डेरा प्रमुख ढिल्लों से जुड़ी हुई है। हालांकि मंगलवार की मुलाकात को केवल पारिवारिक बताया जा रहा है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं भी उठ खड़ी हुई हैं। अकाली राजनीति के दिग्गज माने जाने वाले मजीठिया और धार्मिक दुनिया में अहम स्थान रखने वाले डेरा प्रमुख की यह भेंट कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। करीब आधे घंटे से अधिक चली इस मुलाकात के बाद डेरा प्रमुख बिना किसी सार्वजनिक बयान के जेल से रवाना हो गए। वहीं जेल सूत्रों का कहना है कि मुलाकात शांतिपूर्ण माहौल में हुई और इसे सिर्फ पारिवारिक रिश्ता मानकर अनुमति दी गई थी। चार्जशीट में 40 हजार पन्ने, 200 गवाह और 400 बैंक खाते विजिलेंस ब्यूरो ने बीते जून में मजीठिया को गिरफ्तार किया था। उन पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का गंभीर आरोप है। जांच एजेंसी ने 22 अगस्त को अदालत में 40 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें 200 से ज्यादा गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं, जबकि 400 से अधिक बैंक खातों की लेन-देन जांची गई। मजीठिया द्वारा जेल प्रशासन को दिए गए 10 मुलाकातियों की सूची में डेरा प्रमुख गुरिंद्र ढिल्लों का नाम भी दर्ज था। इसी सूची के आधार पर यह मुलाकात संभव हो पाई। पहले भी पहुंचे परिवार के सदस्य मजीठिया की गिरफ्तारी के बाद से उनके परिवारजन समय-समय पर उनसे मुलाकात करते रहे हैं। हाल ही में उनकी पत्नी गनीव कौर और बहन सांसद हरसिमरत कौर बादल नाभा जेल पहुंची थीं। राखी के त्योहार पर हरसिमरत कौर ने अपने भाई को जेल में राखी भी बांधी थी।

यात्रियों के लिए खुशखबरी: पंजाब में नए हाईस्पीड ट्रेन कनेक्शन पर जल्द ही हरी झंडी

चंडीगढ़  पंजाब के लिए केंद्र दो प्रमुख रेल परियोजनाओं की घोषणा करने जा रहा है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और उनके उप-मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू मोहाली-राजपुरा रेल लिंक के शुरू होने की घोषणा करेंगे, जो 50 वर्षों से लंबित एक मांग है।  वह फिरोजपुर-नयी दिल्ली वंदे भारत ट्रेन के शुरू होने की भी घोषणा करेंगे, जिसे इसी सप्ताह हरी झंडी दिखाई जाएगी। यह ट्रेन बुधवार को छोड़कर पूरे सप्ताह चलेगी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मोहाली-राजपुरा रेल लिंक आखिरकार शुरू होने जा रहा है। यह चंडीगढ़ को मालवा क्षेत्र- राजपुरा, पटियाला, संगरूर आदि से जोड़ेगा। फिरोजपुर से नयी दिल्ली तक वंदे भारत ट्रेन पूरे मालवा क्षेत्र को दिल्ली से भी जोड़ेगी। यह ट्रेन फिरोजपुर से बठिंडा, धुरी, पटियाला, अंबाला होते हुए नयी दिल्ली तक चलेगी।

सेहत का तोहफा! पंजाब में अब 10 लाख तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि राज्य की योजना के तहत 10 लाख रुपये तक के कैशलेस चिकित्सा उपचार के लिए पंजीकरण 23 सितंबर से तरनतारन और बरनाला में शुरू होगा। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना का उद्देश्य पंजाब के सभी परिवारों को स्वास्थ्य लाभ देना है। मान ने यहां एक प्रेस वार्ता में कहा, "हमारी प्राथमिकताएं स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचा है। तीन साल में हमने 881 आम आदमी क्लीनिक खोले हैं, जिनकी संख्या आने वाले समय में बढ़कर 1,000 हो जाएगी।" उन्होंने कहा कि इन क्लिनिकों में अब तक 1.80 करोड़ लोगों ने स्वास्थ्य जांच और उपचार कराया है। मान ने कुछ सप्ताह पहले राज्य के निवासियों के लिए 10 लाख रुपये का 'सेहत बीमा' देने की घोषणा की थी। बीमा योजना के लिए पंजीकरण हेतु तरनतारन में 128 स्थानों तथा बरनाला में भी कई स्थानों पर शिविर लगाए जाएंगे। मान ने कहा, "हमने प्रक्रिया सरल रखी है। लोग केवल आधार कार्ड और वोटर आईडी जैसे दस्तावेज लेकर पंजीकरण के लिए आएं।" मान ने बताया कि दोनों जिलों में पंजीकरण 10-12 दिनों में पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों की प्रतिक्रिया के आधार पर यह कैंप अन्य जिलों में भी विस्तारित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना को 10 जुलाई को कैबिनेट की मंजूरी मिली थी। योजना के तहत राज्य के सभी 65 लाख परिवारों को सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में 10 लाख रुपये तक के स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलेगा।

26 सितंबर से विधानसभा सत्र शुरू, पंजाब कैबिनेट जल्द करेगी बाढ़ राहत पैकेज की घोषणा

पंजाब  पंजाब सरकार ने विधानसभा सत्र से पहले मंत्रिमंडल की बैठक बुला ली है। यह बैठक बुधवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान के निवास पर दोपहर 12 बजे होगी। इसमें बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई और राहत पैकेज से जुड़े नियमों को मंजूरी दिए जाने की संभावना है। इसके बाद ये प्रस्ताव विधानसभा में पेश किए जाएंगे। बाढ़ राहत पैकेज पर फैसला न केवल प्रभावित परिवारों के लिए बड़ी राहत होगा, बल्कि इसका सीधा असर सियासत पर भी पड़ेगा। सरकार चाहती है कि विधानसभा सत्र से पहले कैबिनेट बैठक में सभी प्रस्तावों को पुख्ता कर लिया जाए, ताकि सदन में कोई रुकावट न आए। पंजाब के कई जिलों में आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। हजारों एकड़ फसल बर्बाद हुई, लोगों के घर-बार उजड़ गए। अब सरकार राहत व पुनर्वास पैकेज को अंतिम रूप देने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट की इस बैठक में किसानों, व्यापारियों और प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता से जुड़ी योजनाओं पर चर्चा होगी। सीएम भगवंत मान पहले ही संकेत दे चुके हैं कि बाढ़ पीड़ितों को किसी भी हाल में राहत मिलनी चाहिए। अब मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद इन प्रस्तावों को विधानसभा में रखा जाएगा। 26 सितंबर से शुरू होगा विधानसभा सत्र पंजाब विधानसभा सत्र की अधिसूचना जारी कर दी गई है। सत्र 26 सितंबर को सुबह 11 बजे से शुरू होगा। हालांकि यह सत्र छोटा रहेगा और सिर्फ दो दिन तक चलेगा। 27 और 28 सितंबर को शनिवार और रविवार का अवकाश होने के कारण कार्यवाही नहीं होगी। ऐसे में सरकार 26 सितंबर के सत्र में बाढ़ राहत पर चर्चा और आवश्यक विधेयकों को पारित करने की कोशिश करेगी। कैबिनेट में सभी मंत्री मौजूद रहेंगे सूत्रों का कहना है कि कैबिनेट बैठक में सभी मंत्री और वरिष्ठ विधायक मौजूद रहेंगे। बैठक में विपक्ष की संभावित रणनीति पर भी चर्चा हो सकती है, क्योंकि विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष बाढ़ राहत के अलावा अन्य मुद्दों पर भी सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है।

IMD ने दी बारिश की अपडेट, जानिए पंजाब-हरियाणा से मानसून के जाने के बाद कौन से राज्य होंगे प्रभावित

देहरादून/शिमला  बीते कुछ दिन भारी बारिश और भू्स्खलन ने पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में जमकर तबाही मचाई। तबाही के ऐसे-ऐसे खौफनाक मंजर देखने को मिले, जो शायद पहले देखे गए हों। हिमाचल को आपदाग्रस्त घोषित किया गया तो उत्तराखंड में देहरादून के लोगों ने पहली बार जल प्रलय देखी। कई मकान और लोग मलबे में दब गए या जल के तेज बहाव में लापता हो गए। इस बीच मौसम विभाग ने गुड न्यूज दी है। आईएमडी ने बताया है कि पंजाब और हरियाणा से मानसून की विदाई हो चुकी है। उत्तराखंड में भी अब बारिश का दौर कमजोर पड़ गया है और अगले एक हफ्ते में यहां से भी मानसून की विदाई संभव है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल राज्य में सिर्फ हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी। एक सप्ताह बाद मौसम की विदाई उत्तराखंड में मानसून अब कमजोर पड़ गया है। पिछले तीन दिनों से बारिश नहीं हो रही है और धूप खिलने से तापमान में भी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग की ओर से प्रदेश में एक सप्ताह बाद मानसून की विदाई की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने कहा कि राजस्थान, गुजरात, पंजाब, हरियाणा के कुछ हिस्सों से मानसून की विदाई हो गई है। अगले दो से तीन दिन में हिमाचल और जम्मू कश्मीर के कुछ हिस्सों से मानसून विदा होने का पूर्वानुमान जारी किया गया है। उत्तराखंड में अभी हल्की बारिश की संभावनाएं बनी है। आज हल्की बारिश संभव मौसम निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने कहा कि मंगलवार को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ एवं नैनीताल जिलों में कहीं-कहीं पर हल्की से हल्की बारिश के आसार हैं। वहीं, उत्तराखंड की राजधानी देहरादून समेत प्रदेश के अधिकांश इलाकों में सोमवार को धूप खिली रही और तापमान में सामान्य से चार डिग्री तक की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। दून में ही तापमान सामान्य से चार डिग्री अधिक 33.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हिमाचल पर मौसम का क्या अपडेट मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश में 23 सितंबर को ज्यादातर इलाकों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। विभाग ने बताया कि 24 और 25 सितंबर को राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। आईएमडी के मुताबिक, अगले दो से तीन दिनों में तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। 29 सितंबर तक मौसम से जुड़ी किसी भी तरह की चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि उसके बाद न्यूनतम और अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है।  

आम आदमी के लिए राहत! पंजाब सरकार ने डेयरी उत्पादों के दाम घटाए

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उसकी प्राथमिकता आम आदमी का हित और रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाना है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने वेरका के दूध और अन्य दुग्ध उत्पादों की कीमतों में बड़ी कटौती का फैसला लिया है, वह न केवल उपभोक्ताओं को राहत देता है बल्कि राज्य की सहकारी व्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान करेगा. यह कदम पंजाब के हर घर की जरूरतों को ध्यान में रखकर उठाया गया है. वेरका, जो पंजाब की किसान सहकारी संस्था मिल्कफेड का एक भरोसेमंद ब्रांड है, अब और भी अधिक सुलभ होगा. दूध, घी, मक्खन, पनीर और आइसक्रीम जैसे रोजाना इस्तेमाल होने वाले उत्पादों की कीमतों में की गई कमी सीधे उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाएगी. उदाहरण के लिए, घी 30-35 रुपये प्रति लीटर/किलोग्राम सस्ता हो जाएगा, पनीर की कीमत 15 रुपये प्रति किलोग्राम कम होगी और टेबल बटर व अनसाल्टेड बटर की कीमतें भी घटा दी गई हैं. इस तरह का सीधा आर्थिक लाभ हर घर की थाली तक पहुंचेगा.   महंगाई के इस दौर में जब आम आदमी का बजट लगातार दबाव में है, यह निर्णय जीवनयापन की लागत को कम करने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा. गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए यह राहत बड़ी अहमियत रखती है. अब उपभोक्ता सस्ते और शुद्ध डेयरी उत्पादों तक आसानी से पहुंच सकेंगे, जिससे उनका पोषण स्तर भी बेहतर होगा. इसके साथ ही, इससे उपभोक्ताओं की मांग और बिक्री में बढ़ोतरी होगी, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को और मजबूत करेगी. यह पहल सिर्फ उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं है. वेरका उत्पादों की बिक्री में बढ़ोतरी का सीधा लाभ पंजाब के डेयरी किसानों तक पहुंचेगा. किसानों की आमदनी बढ़ेगी और सहकारी संस्थाएं मजबूत होंगी. यह कदम किसानों और उपभोक्ताओं के बीच एक संतुलन बनाने का बेहतरीन उदाहरण है. पंजाब सरकार का यह निर्णय किसानों और जनता दोनों के हितों की रक्षा करता है, जिससे सहकारी मॉडल और अधिक सशक्त होगा. मुख्यमंत्री मान ने यह भी स्पष्ट किया कि इस पहल से राज्य की वित्तीय स्थिति को भी मजबूती मिलेगी. उत्पादों की कीमतें घटने से मांग और खपत में वृद्धि होगी, जिससे कर वसूली बढ़ेगी. इसका उपयोग राज्य के विकास, गुणवत्तापूर्ण सेवाओं और बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने में होगा. इस प्रकार, यह कदम एक व्यापक और दूरदर्शी नीति का हिस्सा है जो उपभोक्ताओं, किसानों और राज्य की अर्थव्यवस्था, सभी को लाभ पहुंचाता है. पंजाब सरकार की यह पहल महज कीमतों में कटौती नहीं है, बल्कि आम आदमी को केंद्र में रखकर बनाई गई एक ठोस नीति है. यह पंजाब को उपभोक्ता-हितैषी और किसान-हितैषी राज्य के रूप में और मजबूत करेगी. वेरका जैसे ब्रांड की कीमतों में की गई कमी आने वाले समय में “रंगला पंजाब” की नींव को और मजबूत बनाएगी. इससे न केवल हर घर तक राहत पहु.चेगी, बल्कि पंजाब के लोगों के चेहरे पर मुस्कान भी आएगी.