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सीएम भगवंत मान का बड़ा ऐलान: बेरोजगार युवाओं को मिलेगी नौकरी, खुलेंगे नए अवसर

पंजाब  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी सरकार युवाओं को नौकरी मांगने वालों की बजाय नौकरी देने वाला बनाकर उनकी तकदीर बदलने के लिए ठोस प्रयास कर रही है। यहां शहीद सूबेदार मेवा सिंह स्कूल ऑफ एमिनेंस के विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पंजाब में शैक्षिक क्रांति के एक नए युग की शुरुआत की है। उन्होंने एक बयान में कहा कि यह क्रांति छात्रों को प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार करके और उन्हें जीवन में उत्कृष्टता प्राप्त करने में सक्षम बनाकर वांछित परिणाम दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने 2022 में ‘‘शिक्षा क्रांति'' शुरू की है ताकि पंजाब के बच्चों को अपने सपनों को हकीकत में बदलने और जीवन में नई ऊंचाइयों तक पहुंचने में मदद मिल सके। मान ने दावा किया कि अतीत पर नजर डालने पर यह देखना वास्तव में निराशाजनक है कि कैसे दोषपूर्ण नीतियों के कारण गरीब बच्चों को शिक्षा के उनके अधिकार से वंचित किया गया। हालांकि, मुख्यमंत्री ने कहा कि अब राज्य सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में ‘‘क्रांतिकारी'' कदम उठाए हैं, जिनकी देशभर में व्यापक सराहना हो रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में 231.74 करोड़ रुपये के निवेश से 118 'स्कूल ऑफ एमिनेंस' स्थापित किए जा रहे हैं। मान ने कहा कि इन स्कूलों को वंचित बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक उल्लेखनीय शुरुआत माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों में विद्यार्थियों को निःशुल्क वर्दी उपलब्ध कराई जा रही है तथा विशेषकर लड़कियों के लिए निःशुल्क बस सेवा की व्यवस्था की गई है, ताकि एक भी लड़की शिक्षा प्राप्त करने से वंचित न रह जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों को नीट, जेईई और एनआईएफटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग दी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत गर्व की बात है कि 'स्कूल ऑफ एमिनेंस' और अन्य सरकारी स्कूलों से 265 छात्रों ने जेईई मेन्स, 44 ने जेईई एडवांस और 848 छात्रों ने नीट में सफलता प्राप्त की।

रोबोटिक खच्चर से बदलेंगे रणक्षेत्र के नियम, ग्राउंड रोबोटिक म्यूल आतंकी सर्च और फायरिंग में सक्षम

चंडीगढ़   आतंक ग्रस्त व संवेदनशील सीमा क्षेत्रों में ग्राउंड रोबोटिक म्यूल (खच्चर) के जरिये अब सर्च ऑपरेशन और आसान हो जाएंगे। चार कैमरों से लैस यह ऐसा उपकरण है जो न केवल इलाकों की रेकी करेगा बल्कि इमरजेंसी में दुश्मन व आतंकियों पर फायरिंग भी कर सकता है। खड्ग-2 कोर की एक रेजिमेंट के अधीनस्थ यह उपकरण तैयार किया गया है जो अभी अंडर ट्रायल है लेकिन जल्द ही यह सेना की ताकत बनेगा। घाटी के विभिन्न आतंकी व सीमा क्षेत्रों मे कई बार विभिन्न सैन्य ऑपरेशनों के दाैरान सेना को ऐसे इलाकों की रेकी करनी पड़ती है जहां जोखिम बहुत ज्यादा होता है। भवनों, खंडहरों व घरों में आतंकियों के छिपे रहने की सूचना पर वहां बिना क्लीयरेंस सैन्य कार्रवाई में जोखिम और बढ़ जाता है। इस स्थिति में इन क्षेत्रों में जवानों की ओर से रेकी करने पर उनकी जान को ज्यादा खतरा रहता है। अब यह काम सेना का ग्राउंड रोबोटिक खच्चर करेगा ताकि जवानों की जान पर खतरे और जोखिम को कम किया जा सके। इसके अलावा युद्ध की स्थिति में जवानों तक मेडिकल सामग्री और गोला-बारूद के बक्से पहुंचाने में भी इस उपकरण का इस्तेमाल किया जा सकेगा। संबंधित रेजिमेंट के एक अधिकारी ने बताया कि बतौर ट्रायल इसे सेना की कुछ यूनिटों को उपलब्ध करवाया गया है और इसके अच्छे परिणाम भी सामने आ रहे हैं। उपकरण की खासियत     इस मानवरहित जमीनी उपकरण से सेना को खुफिया, निगरानी व टोही अभियानों में मदद मिलेगी।     यह रोबोटिक खच्चर सीढ़ी भी चढ़ सकेगा जबकि ऊंचाई व ढलान पर भी चढ़ने में कोई दिक्कत नहीं होगी।     यह उपकरण चार यूएचडी और एचडी फ्रंट कैमरों से लैस है। वीडियो और ऑडियो सिस्टम भी इंस्टाॅल है।     इसमें वाई-फाई, एलटीई, मैनेट नेटवर्क व रेडियो कनेक्टिविटी की सुविधा भी रहेगी।     इसका वजन 52 किलोग्राम है जबकि इसका ऑपरेशनल समय तीन घंटे है।     इसकी स्पीड 10 किलोमीटर प्रति घंटा होगी और यह -20 डिग्री सेल्सियस व +45 डिग्री सेल्सियस में काम कर सकेगा।     इसकी पेलोड क्षमता 10 किलोग्राम है। इसमें चार सेंसर लगाए गए हैं।     रोबोटिक खच्चर 25 सेंटीमीटर का एक पग रखकर आगे-पीछे चल सकेगा। इसमें 1 किलो का डी-मोट कंट्रोलर भी इंस्टॉल होगा।     50 मीटर वाई-फाई सुविधा के चलते इसे मोबाइल से भी कनेक्ट कर ऑपरेट किया जा सकता है।  

पंजाब की फसल कटाई में धीमी रफ्तार, 67% प्रमुख एरिया में अभी बाकी है धान की कटाई

चंडीगढ़ पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की  जारी रिपोर्ट के अनुसार अभी फिलहाल सिर्फ 33 प्रतिशत एरिया में धान की फसल कटाई हुई इसलिए फसल के 67 प्रतिशत प्रमुख एरिया की कटाई बाकी है। फसल में नमी की समस्या भी अब पहले से कम हो गई है जिस कारण अगले दो सप्ताह के दौरान किसानों कटाई पर जोर रहेगा। बाढ़ व बारिश के कारण पहले ही धान की कटाई में देरी हुई है। इसका असर पराली जलाने के मामलों पर भी देखने को मिलेगा। पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) और पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआई) चंडीगढ़ की संयुक्त टीम की रिपोर्ट के अनुसार पंजाब में दिवाली से पहले 17 अक्तूबर को पराली जलाने के 37 मामले सामने आए थे लेकिन 21 अक्तूबर को यह केस बढ़कर 109 तक पहुंच गए। इस तरह मामलों में पहले से ही बढ़ोतरी हुई है।  हरियाणा में पराली के 6 मामले पकड़ में आए थे जो 21 अक्तूबर को बढ़कर 18 एक हो गए। पीयू-पीजीआई की टीम सैटेलाइट से पराली जलाने के मामले पर नजर रख रही है। अगर कुल मामलों की बात की जाए तो 1 सितंबर से लेकर 21 अक्तूबर तक पंजाब में पराली के 583, हरियाणा में 301 और पंजाब पाकिस्तान में 3935 केस अब तक रिपोर्ट किए गए हैं। पंजाब के चार जिलों में अब तक सबसे अधिक कटाई प्रदेश के चार जिलों में ही धान की अब तक सबसे अधिक कटाई हुई है। अमृतसर में 1.80 लाख एरिया में धान की रोपाई हुई थी और अब तक 70 प्रतिशत एरिया में फसल की कटाई हो चुकी है। इसी तरह गुरदासपुर में 1.55 लाख हेक्टेयर एरिया में फसल की रोपाई हुई थी, जबकि 62.74 प्रतिशत एरिया में फसल की कटाई की जा चुकी है। इसी तरह रोपड़ में 72 प्रतिशत और तरनतारन में 67.95 प्रतिशत कटाई का काम पूरा हो चुका है। अब इन जिलों में कटाई पकड़ेगी जोर लुधियाना में सबसे अधिक 2.57 लाख हेक्टेयर एरिया में धान की फसल लगाई गई थी लेकिन अभी तक जिले में सिर्फ 26% एरिया में ही फसल कटाई हो पाई है। इसके अलावा बठिंडा में 2.14 लाख हेक्टेयर में धान की खेती हुई जबकि सिर्फ 13% एरिया में कटाई हो पाई है। श्री मुक्तसर साहिब 31%, संगरुर 17%, मोगा में 8%, फिरोजपुर 37% और जालंधर में 23% फसल की कटाई हो सकी है। आने वाले दिनों में इन जिलों में कटाई रफ्तार पकड़ेगी जिससे पराली जलाने के मामले भी बढ़ सकते हैं। 175 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य सरकार ने इस बार 175 लाख मीट्रिक टन खरीद धान की खरीद का लक्ष्य तय किया है। बाढ़ के कारण प्रदेश में फसल का काफी नुकसान हुआ है। अब तक 5 लाख एकड़ एरिया में फसल खराब हो चुकी है जिस कारण इस लक्ष्य को भी कम किया गया है। पहले सरकार ने 180 लाख मीट्रिक टन निर्धारित किया था। धान की खरीद के लिए इस बार 1822 नियमित केंद्र स्थापित किए गए हैं।

Registry कराने वालों के लिए जरूरी खबर, पंजाब सरकार ने किया ऐलान

मोहाली पंजाब सरकार ने मोहाली जिले के विभिन्न कस्बों और गांवों में जमीन के कलेक्टर रेट्स में वृद्धि कर दी है, जिसके बाद आम जनता, किसानों और रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े हज़ारों लोग चिंतित हैं। अब रजिस्ट्री कराने की प्रक्रिया महंगी हो जाएगी। इस मामले पर ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष रणजीत सिंह जीती पटियाला ने कहा कि मोहाली, खरड़, डेराबस्सी और अन्य क्षेत्रों में कलेक्टर रेट्स में कई बार बढ़ोतरी की जा चुकी है, जिसका असर संपत्ति की खरीद और बिक्री पर प्रतिकूल पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह फैसला न केवल आम लोगों पर बोझ डालेगा, बल्कि रियल एस्टेट उद्योग और छोटे निवेशकों के लिए भी नुकसानदायक साबित होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनहित की बजाय कुछ बड़े पूंजीपतियों के पक्ष में काम कर रही है। कांग्रेस पार्टी इस मामले को गंभीरता से उठाएगी और सरकार से मांग करेगी कि वह कलेक्टर रेट्स की वृद्धि को तुरंत रद्द करे। उन्होंने कहा कि सरकार को छोटे व्यापारियों और आम लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर रेट्स पर पुनर्विचार करना चाहिए।

बदलियों को लेकर शिक्षा विभाग के आदेशों ने मचाई हलचल

लुधियाना डायरेक्टोरेट ऑफ स्कूल एजुकेशन (सैकेंडरी), पंजाब द्वारा जारी एक आधिकारिक पत्र ने शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह पत्र सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और सभी स्कूल प्रमुखों को जारी किया गया है जिसमें अध्यापक, कम्प्यूटर फेकल्टीज और नॉन-टीचिंग स्टाफ के ट्रांसफर आवेदनों की वेरिफिकेशन को लेकर निर्देश जारी किए गए हैं। पत्र के अनुसार, टीचर ट्रान्सफर पॉलिसी-2019 के तहत तबादलों की प्रक्रिया चल रही है और समय-समय पर इसमें संशोधन किए गए हैं। इसी तरह पंजाब आई.सी.टी. एजुकेशन सोसाइटी (पी.आई.सी.टी.ई.एस.) के अधीन कार्यरत कम्प्यूटर फैकल्टीज के लिए भी अलग ट्रांसफर पॉलिसी लागू की गई है। शिक्षा विभाग की अधिसूचना के अनुसार छूट प्राप्त श्रेणी के अंतर्गत आने वाले अध्यापक, कम्प्यूटर फेकल्टीज और नॉन-टीचिंग स्टाफ को अपनी जनरल डिटेल्स, रिजल्ट्स और सर्विस रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी भरने के लिए 8 अक्तूबर से 17 अक्तूबर तक का समय दिया गया था। तारीख की गलती ने करवाई किरकिरी हालांकि पत्र में वैरिफिकेशन की तारीख 21 अक्तूबर 2024 से 24 अक्तूबर 2024 लिखी गई है जबकि वर्तमान वर्ष 2025 चल रहा है। यह गलती इस बात का संकेत देती है कि विभाग अपने आधिकारिक दस्तावेजों की जांच और प्रूफ रीडिंग को लेकर कितना लापरवाह है। पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि स्कूल प्रमुखों/ डी.डी.ओज को ईपंजाब पोर्टल पर स्टाफ मेन्यू में दिए गए ट्रांसफर एंड वैरिफिकेशन लिंक पर जाकर आवेदक द्वारा भरे गए डाटा की जांच करनी होगी। किसी भी त्रुटि की स्थिति में डाटा को सही कर एप्रूव बटन दबाना आवश्यक है। जिन स्कूलों या दफ्तरों में स्कूल प्रमुख/डी.डी.ओ. नहीं हैं, वहां कार्यरत सीनियर अध्यापक या कर्मचारी केवल ट्रांसफर प्रक्रिया के उद्देश्य से आवेदक का डाटा वैरिफाई करेंगे, ताकि समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा हो सके।

भाखड़ा बांध सुरक्षा अब CISF के हाथ में, जल आपूर्ति पर पूरी निगरानी

पंजाब  नंगल में भाखड़ा डैम प्रोजेक्ट की सुरक्षा अब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) संभालेगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मई में इस काम के लिए CISF के 296 सशस्त्र सुरक्षा कर्मचारियों को तैनात करने की मंजूरी दी थी। इसके तहत नंगल टाउनशिप में CISF को प्रोजेक्ट में शामिल करने के लिए एक समारोह का आयोजन किया गया। भाखड़ा डैम सतलुज नदी पर स्थित है और 261 मीटर की ऊंचाई वाले टीहरी डैम के बाद 225.55 मीटर ऊंचाई के साथ एशिया का दूसरा सबसे ऊंचा डैम है। जल संग्रहण क्षमता के मामले में यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा डैम है, पहला इंदिरा सागर डैम, मध्य प्रदेश में स्थित है। ध्यान देने योग्य है कि केंद्रीय सरकार के इस फैसले के विरोध में पंजाब विधानसभा ने जुलाई में भाखड़ा-नंगल डैम प्रोजेक्ट पर CISF कर्मचारियों की तैनाती के खिलाफ सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया था। इससे पहले डैम की सुरक्षा पंजाब पुलिस द्वारा की जा रही थी। इस कदम का उद्देश्य डैम के सुरक्षा मानकों को और मजबूत करना और किसी भी अप्रिय घटना से बचाव सुनिश्चित करना बताया गया है। 

महिला आयोग ने SI भूषण कुमार के खिलाफ की जांच शुरू, थाने में महिला से बातचीत का CCTV मांगा

जालंधर जालंधर के थाना फिल्लौर के निलंबित सब इंस्पेक्टर भूषण कुमार को पंजाब महिला आयोग की चेयरपर्सन राज लाली गिल ने जमकर फटकार लगाई है। उन्होंने कहा… शर्म आनी चाहिए आपको। जिस बच्ची से दुष्कर्म हुआ, वह आपकी पोती की उम्र की है।  महिला आयोग की चेयरपर्सन ने सब इंस्पेक्टर भूषण कुमार को फटकार लगाई और कहा कि जो वीडियो आपने सोशल मीडिया पर अपलोड किया है उस मामले में मैं इन्क्वायरी मार्क कर रही हूं। थाने में महिला के साथ हुई बातचीत का सीसीटीवी फुटेज भी चाहिए। महिला आयोग की चेयरपर्सन ने पूर्व थानेदार भूषण को कहा कि पीड़िता 14 साल की है और आप इससे किस तरह की शब्दावली में बात कर रहे हो। इसका क्या मतलब है। यह तुम्हारी पोती की उम्र की है। क्या इस तरीके से बात होती है। सब इंस्पेक्टर भूषण ने बात को घुमाने की कोशिश की लेकिन चेयरपर्सन राज लाली गिल ने कहा कि मैंने आपकी पूरी रिकॉर्डिंग सुनी है। आप जिस तरह से महिला को बुला रहे हैं… आपको ऐसी बातें शोभा देती हैं? आप हंस-हंसकर बातें कर रहे हो। क्या आपका यह हक बनता है। यूनिफॉर्म में हो आप। रिस्पांसिबल हो। वीडियो और ऑडियो में आपकी आवाज है। एक तो बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ और उसकी मां का शोषण कर रहे हो।  महिला आयोग की चेयरपर्सन ने पूछा कि जब महिला को पूछताछ के लिए बुलाया गया तो वहां पर अन्य लोग क्यों नहीं थे? महिला पुलिस क्यों नहीं थी? परिवार के दूसरे लोगों को कमरे में क्यों नहीं बुलाया गया। कमरे में क्या बातें हुईं हैं, मैं उनको भी सुनूंगी। इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सरकार के बस टेंडर रोकने के बाद रोडवेज यूनियन ने टाला चक्का जाम, हड़ताल 31 अक्टूबर तक स्थगित

चंडीगढ़  पंजाब और चंडीगढ़ में रोडवेज, पनबस और PRTC कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन का चक्का जाम प्रदर्शन फिलहाल टाल दिया गया है। कर्मचारियों ने डिपो परिसर में हुई मीटिंग के बाद फैसला लिया कि सरकार द्वारा बस टेंडर प्रक्रिया को फिलहाल पोस्टपोन किए जाने के बाद वे भी 31अक्टूबर तक किया स्थगित।  यूनियन नेताओं ने कहा कि अगर 31 तारीख तक सरकार ने कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला तो गुप्त तरीके से एक्शन शुरू किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगली बार बिना पूर्व सूचना के जहां बसें होंगी, वहीं रोक दी जाएंगी और अचानक हाईवे जाम कर दिए जाएंगे। इससे पहले अमृतसर में चक्का जाम के दौरान कर्मचारियों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की हुई थी। कर्मचारी हाईवे पर उतरकर नारेबाजी कर रहे थे और कई प्रदर्शनकारियों ने बसों के नीचे लेटकर विरोध जताया था। वहीं जालंधर में आंदोलन शुरू होने से पहले ही पुलिस ने डिपो को घेरकर कर्मचारियों को बाहर जाने से रोक दिया था। इसके विरोध में कर्मचारियों ने अंदर ही धरना शुरू कर दिया था। चंडीगढ़ में सरकार और यूनियन प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के बाद स्थिति सामान्य हो गई है। जबकि लुधियाना और अमृतसर में भी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई है ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।

सड़कें बंद, हाईवे जाम: पंजाब में लोगों को आएगा घर-से-कार्यालय तक सफर मुश्किल

चंडीगढ़/जालंधर भाई दूज के दिन पंजाब में एक बार फिर सरकार और कर्मचारियों के बीच टकराव के हालात बन गए हैं। दरअसल, पंजाब रोडवेज कर्मचारियों ने आज सरकार के खिलाफ प्रदर्शन के रूप में दोपहर 12 बजे नेशनल हाईवे जाम करने का ऐलान किया है। सूत्रों के मुताबिक, जाम की चेतावनी को देखते हुए पंजाब पुलिस ने रोडवेज डिपो नंबर 1 समेत कई स्थानों पर भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी है, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो सके। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि चंडीगढ़ में इस मुद्दे को लेकर उच्च स्तरीय बैठक जारी है, और कर्मचारियों से अपील की गई है कि वे बैठक के नतीजे तक इंतजार करें। वहीं, दूसरी ओर रोडवेज कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि यदि दोपहर 12 बजे तक सरकार की तरफ से कोई ठोस फैसला या मीटिंग का परिणाम सामने नहीं आया, तो वे अपने ऐलान के मुताबिक नेशनल हाईवे जाम करके जोरदार प्रदर्शन करेंगे। इस बीच, प्रशासन को आशंका है कि हाईवे जाम होने से ट्रैफिक प्रभावित होगा और आम लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, व्यापारिक गतिविधियों पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

पूर्व DGP मुस्तफा का बयान, SIT को जवाब देने का आश्वासन; 25 तारीख को बेटे के लिए अंतिम दुआ

चंडीगढ़   सहारनपुर के चिलकाना के गांव हरड़ाखेड़ी निवासी पंजाब पुलिस के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा ने अपने बेटे की मौत के बाद कहा कि उन्हें एक साजिश के तहत बदनाम किया जा रहा है। उनका बेटा मानसिक रूप से बीमार था, जिसे उनके विरोधी ढाल बनाकर उनके खिलाफ साजिश कर रहे हैं, लेकिन वह कामयाब नहीं होंगे।  पूर्व डीजीपी ने गांव में मीडिया से बातचीत के दौरान यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनके बेटे अकील अख्तर ने आत्महत्या से पहले जारी एक वीडियो में जो आरोप लगाए हैं वह गलत है। उन्होंने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। कहा कि उनका बेटा पिछले 18 वर्ष से नशे की लत और मानसिक अस्थिरता से जूझ रहा था। उसे कई बार कॉलेजों से निकाला गया था। कई बार वह अपनी पत्नी से भी मारपीट कर चुका था। इस बीच मोहम्मद मुस्तफा ने  बातचीत में कहा कि 25 अक्टूबर को पंजाब में मलेरकोटला स्थित उनके आवास पर कलेक्टिव प्रेयर होगी। इसके बाद वह SIT के हर सवाल का जवाब देंगे। जांच में पूरा सहयोग करेंगे। 26 अक्टूबर को वह पंचकूला आवास पर पहुंचेंगे। हरियाणा पुलिस की SIT जब चाहे घर की तलाशी ले सकती है। जांच के लिए जो चीजें जरूरी हैं, मुहैया करवाई जाएंगी। उधर, इस मामले में शिकायत देने वाले शमशुद्दीन चौधरी ने कहा कि उन्हें पंचकूला SIT की जांच पर भरोसा नहीं है। CBI जांच होनी चाहिए। खुद को अकील का दोस्त बताने वाले शमशुद्दीन ने कहा कि पंचकूला पुलिस घटना के 5 दिन बाद भी जरूरी दस्तावेज अपने कब्जे में नहीं ले पाई। आरोपी परिवार अपने घर में है और वह सबूत नष्ट कर सकता है, पुलिस इसकी चिंता नहीं कर रही। 'बेटे ने नशे की हालत में ही वीडियो बनाया था' इतना ही नहीं उसने नशे की हालत में घर में आग भी लगा दी थी, जिसे बुझाने में कुछ लोग झुलस भी गए थे। उन्होंने कहा कि बेटे ने नशे की हालत में ही वीडियो बनाया था। इसमें उसने परिजनों पर अनेक आरोप लगाए थे, हालांकि वह सभी आरोप गलत थे।     'बेटा साइको था, उसका इलाज चल रहा था' बेटे ने कुछ दिन बाद एक और वीडियो बनाया था, जिसमें उसने पहले की वीडियो को गलत बताया था। उन्होंने कहा कि उनका बेटा साइको था, जिसका इलाज चल रहा था। परिवार को बदनाम करने का प्रयास पूर्व डीजीपी ने इस घटना को राजनीतिक साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग परिवार को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह हमेशा देश के दुश्मनों से मुकाबला करते रहे हैं और इस बार भी वह इस मुकाबले में अवश्य जीतेंगे।  एसआईटी की जांच में सब साफ होगा षड्यंत्र रचने वालों को उनके किए की सजा अवश्य मिलेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस ने इस घटना की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। एसआईटी की जांच में सब साफ हो जाएगा। सभी को प्यारा होता है अपना बच्चा पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा ने कहा कि अपना बच्चा सभी को को प्यारा होता है। अगर वह कोई गलत काम भी कर देता है, तब भी मां-बाप उसे प्यार ही करते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनके कॅरिअर को तबाह करना चाहते हैं। उनका बेटा पिछले 18 साल से बाइकोटिक था।  किन बिंदुओं पर जांच कर रही SIT…     लैब में होगी मोबाइल की जांच: SIT अकील अख्तर के उस मोबाइल को अपने कब्जे में लेगी, जिससे दोनों वीडियो बनाए गए। इसे जांच के लिए लैब भेजकर पता लगवाया जाएगा कि मोबाइल फोन का कितना डाटा कब-कब डिलीट हुआ?     विसरा रिपोर्ट के लिए सवाल तैयार: अकील अख्तर की प्रिलिमनरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आ चुकी है, लेकिन विसरा रिपोर्ट अभी नहीं आई। SIT ने सवालों की लंबी लिस्ट तैयार की है, इन पर विसरा जांच करने वाले टॉक्सिकोलॉजी विभाग के एक्सपर्ट से जवाब लिए जांएगे।     सोशल मीडिया अकाउंट की जांच: SIT अकील अख्तर के सोशल मीडिया अकाउंट्स को खंगाल रही है। इस दौरान अकील का बिहेवियर समझने के साथ दूसरी चीजें नोट करने का काम चल रहा है। अकील के सोशल मीडिया अकाउंट पर ऐसी वीडियो की तलाश की जा रही है, जिसमें पारिवारिक विवाद का कहीं कोई जिक्र आया हो। शमशुद्दीन चौधरी ने 3 प्वाइंट में दिया जवाब… 1. वोटर लिस्ट दिखाई, जिसमें वह मुस्तफा के पड़ोसी पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा ने इस केस के शिकायतकर्ता शमशुद्दीन चौधरी की नीयत पर कई सवाल उठाए थे। मुस्तफा ने कहा था कि शमशुद्दीन मलेरकोटला में उनका पड़ोसी भी नहीं है। इन आरोपों का जवाब देते हुए शमशुद्दीन ने कहा- वह कहते हैं कि मैं उनका पड़ोसी नहीं रहा और वह खुद को अमरगढ़ का रहने वाला बताते हैं। तो फिर उनका वोट हमारे पुराने मोहल्ले खडिगा में अब तक कैसे है? इसके साथ शमशुद्दीन ने वोटर लिस्ट का एक पेज भी मीडिया से शेयर किया। 2. किसी केस में सिफारिश के लिए नहीं मिला शमशुद्दीन ने कहा- मेरे बारे में कहा गया कि मैं किसी केस में सिफारिश के लिए उनसे (मुस्तफा से) मिला था। मैं दावे से कह रहा हूं कि मुझ पर कहीं कोई केस दर्ज नहीं है। अगर है तो मुस्तफा उस FIR की कॉपी पेश करें। मेरी मोहम्मद मुस्तफा से जानकारी 2017 में हुई थी, जब उन्होंने मुझसे चुनाव में मदद मांगी थी। मैंने खराब व्यवहार के कारण उनकी मदद करने से इनकार कर दिया था। 3. अकील के दिमागी इलाज के दावे पर संदेह शिकायतकर्ता ने कहा- मुस्तफा कह रहे हैं कि उनके बेटे अकील की दिमागी हालात ठीक नहीं थी और उसका इलाज चल रहा था। सच ये है कि एक कोर्ट केस में इनका (मुस्तफा का) समन 2022 में बेटे अकील ने ही रिसीव किया है। तो फिर क्या कोर्ट के सामने इन्होंने गुमराह करने वाला काम किया ? शमशुद्दीन चौधरी की 2 नई मांगें…     शमशुद्दीन चौधरी ने कहा– मुझे अब पंचकूला पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है। केस के आरोपी सरेआम टीवी डिबेट में बैठकर मुझे धमकी दे रहे हैं और कत्ल का इल्जाम होने के बावजूद खुले घूम रहे हैं। ऐसे में अब केस की जांच सीबीआई से करवानी चाहिए।     उन्होंने … Read more