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मान सरकार का ऐतिहासिक कदम: ठेका प्रथा पर रोक, अब सीधे कॉन्ट्रैक्ट पर मिलेंगी नौकरियां

मोहाली. पंजाब की AAP सरकार ने अलग-अलग डिपार्टमेंट में खाली पदों को भरने और सरकारी डिपार्टमेंट में सीधे कॉन्ट्रैक्ट पर कर्मचारियों को रखने के लिए कदम उठाए हैं। महंगाई को देखते हुए नए भर्ती हुए कर्मचारियों की सैलरी भी पहले से बढ़ाई जा रही है। गौरतलब है कि 30 मई को मुख्यमंत्री भगवंत मान की लीडरशिप में हुई पंजाब कैबिनेट मीटिंग में राज्य सरकार ने कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम खत्म करने का अहम फैसला लिया था। इससे प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टरों की मनमानी खत्म हो गई है और नई भर्ती के तहत सरकार अपने लेवल पर सीधे कॉन्ट्रैक्ट पर कर्मचारियों को रखेगी। इस तरह बिचौलियों का रैकेट भी खत्म हो गया है। सरकार के इस फैसले की हर तरफ तारीफ हो रही है। जानकारी के मुताबिक, पंजाब स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी ने 14 खाली पोस्ट भरने के लिए 11 मेडिकल लैब टेक्नीशियन और तीन काउंसलर की कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्ति के लिए एप्लीकेंट्स से एप्लीकेशन मंगाई हैं। डॉ. विशाल गर्ग ने बताया कि मेडिकल लैब, टेक्नीशियन और काउंसलर को हर एक को 21,000 रुपये महीने की सैलरी दी जाएगी, जबकि पहले इन पोस्ट के लिए सिर्फ़ 14,000 रुपये दिए जाते थे। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों को सैलरी देने का पूरा फंड केंद्र सरकार देगी। जो लोग इच्छुक हैं, वे 15 जून तक अप्लाई कर सकते हैं। इसी तरह, डायरेक्टर जनरल ने मोहाली के इंडस्ट्रियल एरिया फेज़-1 में मौजूद नॉर्दर्न इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ़ फ़ैशन टेक्नोलॉजी में प्रिंसिपल की नियुक्ति के लिए इच्छुक लोगों से एप्लीकेशन मंगाई हैं। यह पोस्ट कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर भरी जाएगी और प्रिंसिपल को हर महीने 1,44,000 रुपये की फिक्स्ड सैलरी दी जाएगी। इस पोस्ट के लिए अप्लाई करने वाले लोग 25 जून तक डायरेक्टर के ऑफिस में अपनी एप्लीकेशन जमा कर सकते हैं। पंजाब सरकार का यह इंस्टिट्यूशन आईके गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी, जालंधर से एफिलिएटेड है। इसी तरह, पंजाब स्पोर्ट्स मेडिकल सर्विसेज़ में तीन साल के कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर स्पोर्ट्स मेडिसिन स्पेशलिस्ट 8, एक्यूप्रेशरिस्ट 1, स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपिस्ट 2, बायोमैकेनिक असिस्टेंट 13 और नर्सिंग असिस्टेंट/क्लिनिकल असिस्टेंट 1 के पद के लिए आवेदकों से आवेदन मांगे गए हैं। उम्मीदवार एजुकेशनल क्वालिफिकेशन और एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट के साथ 22 जून तक फॉर्म भर सकते हैं। शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों की लिस्ट और इंटरव्यू शेड्यूल और दूसरी संबंधित डिटेल्स 25 जून तक डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएंगी। जानकारी के मुताबिक, स्पोर्ट्स मेडिसिन स्पेशलिस्ट को 1 लाख 15 हजार रुपये, एक्यूप्रेशर स्पेशलिस्ट को 45 हजार रुपये, स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपिस्ट को 45 हजार रुपये, बायोमैकेनिक असिस्टेंट को 40 हजार रुपये और नर्सिंग असिस्टेंट/क्लिनिकल असिस्टेंट को 40 हजार रुपये एकमुश्त महीने की सैलरी दी जाएगी। गवर्नमेंट इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट मानकपुर शरीफ (जिला मोहाली) को सेशन 2025-26 तक या रेगुलर इंस्ट्रक्टर का अरेंजमेंट होने तक गेस्ट फैकल्टी उम्मीदवारों को रखना है। इन कैंडिडेट्स को इलेक्ट्रीशियन 2, मैकेनिक डीज़ल 2, प्लंबर 2, फिटर 2, रेफ्रिजरेशन और एयर कंडीशन 1, कंप्यूटर हार्डवेयर और नोट 2 वगैरह ट्रेड्स के लिए इंस्ट्रक्टर कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर रखा जाएगा और उन्हें 15 हज़ार रुपये महीने का फिक्स्ड मानदेय दिया जाएगा। ये पोस्ट टेम्पररी गेस्ट फैकल्टी बेसिस पर होंगी। इंटरेस्टेड कैंडिडेट्स अपनी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन के ओरिजिनल सर्टिफिकेट और एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट 11 जून को सुबह 11 बजे गवर्नमेंट इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट, मानकपुर शरीफ में खुद जाकर जमा कर सकते हैं।

कई मौके मिले, फिर भी नहीं पास कर सके परीक्षा; दो PCS अफसरों को मूल विभाग में भेजा गया

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने अनिवार्य विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाने पर दो पीसीएस अफसरों प्रोमिला और अमरदीप सिंह को पदोन्नति के बाद पदावनत कर दिया है।  सामान्य प्रशासन विभाग में निजी सचिव रह चुकीं प्रोमिला को फरवरी 2021 में पीसीएस पद पर प्रमोट किया गया था, जबकि जिला राजस्व अधिकारी रहे अमरदीप सिंह को सितंबर 2022 में यह पदोन्नति मिली थी। अब उन्हें अपने मूल विभागों में पुराने पदों पर सेवाएं देनी होंगी। मुख्य सचिव की ओर से जारी पत्र में दोनों अफसरों को अपने पुराने पदों पर सेवाएं देने के आदेश दिए गए हैं। पंजाब के कार्मिक विभाग ने अफसरों समेत अन्य संबंधित विभागों को भी आदेशों की प्रतियां भेज दी हैं। सामान्य प्रशासन विभाग में बताैर निजी सचिव कार्यरत प्रोमिला को फरवरी 2021 में पीसीएस के पद पर प्रमोशन दी गई थी। संबंधित विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करना था जरूरी नियमानुसार महिला अफसर को अपनी सेवाओं के एक से डेढ़ वर्ष के भीतर सिविल सेवा (विभागीय परीक्षा) नियम, पंजाब- 2014 के नियम 4(4) के तहत संबंधित विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करना जरूरी था। इसके लिए उन्हें अगस्त 2021, फरवरी 2022, अक्तूबर 2022 और मई 2023 में चार माैके दिए गए मगर चारों परीक्षाओं में वे उत्तीर्ण नहीं हो पाईं।  इतना ही नहीं महिला अफसर को परीक्षा पास करने के लिए दिसंबर 2023 और जून 2024 में दो मर्सी चांस भी दिए गए। इस दौरान उन्हें यह भी स्पष्ट कर दिया गया था कि इसके बाद उन्हें अन्य अवसर नहीं मिलेगा मगर दोनों मर्सी चांस में भी महिला अफसर उत्तीर्ण नहीं हो पाईं। लिहाजा महिला अफसर को अब तत्काल प्रभाव से अपने मूल सामान्य प्रशासन विभाग में रिपोर्ट करने का निर्देश दे दिया गया है। चार बार परीक्षा देने ही नहीं पहुंचे अफसर अन्य अफसर अमरदीप सिंह को सितंबर 2022 में बतौर पीसीएस पदोन्नत किया गया था। उन्हें भी नियुक्ति के एक से डेढ़ साल के भीतर इसके लिए अनिवार्य परीक्षा पास करनी थी। इसके लिए उन्हें अक्तूबर 2022, मई 2023, दिसंबर 2023 और जुलाई 2024 में चार मौके दिए गए मगर हैरत की बात यह कि इन चारों मौकों पर संबंधित अफसर परीक्षा देने ही नहीं पहुंचे। पीसीएस पद पर प्रमोट होने से पहले वे राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन विभाग में बतौर जिला राजस्व अधिकारी के पद पर तैनात थे। लिहाजा उन्हें भी अब अपने मूल विभाग में रिपोर्ट करने के आदेश दिए गए हैं। उनके आदेश पत्र में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि साल 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी ड्यूटी में लापरवाही करने पर उन्हें मुअत्तल (निलंबित) भी किया गया था।  

नगर निगम चुनाव की तैयारियां तेज, पंजाब सरकार ने 23 IAS और PCS अधिकारियों को सौंपी कमान

चंडीगढ़/जालंधर. पंजाब के स्टेट इलेक्शन कमीशन ने राज्य में 8 नगर निगमों, 76 नगर परिषदों और 21 नगर पंचायतों (कुल 105) के आम चुनावों की घोषणा कर दी है। वोटिंग 26 मई को होगी। इन चुनावों को आज़ाद, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए कमीशन ने 23 ज़िलों में IAS/सीनियर PCS अधिकारियों को जनरल ऑब्ज़र्वर नियुक्त किया है। नियुक्त किए गए जनरल ऑब्ज़र्वर की डिटेल्स इस तरह हैं। जानकारी के मुताबिक, परमदीप सिंह PCS को अमृतसर, परनीत शेरगिल IAS को बरनाला, हरसुहिंदर पाल सिंह बराड़ IAS को बठिंडा, सुखप्रीत सिंह सिद्धू PCS को जनरल ऑब्ज़र्वर नियुक्त किया गया है। फिरोजपुर, रुबिंदरजीत सिंह बराड़ IAS फरीदकोट, ऋषभ बंसल PCS फाजिल्का और हरगुनजीत कौर IAS फतेहगढ़ साहिब को ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया है। इसी तरह, राकेश कुमार पोपली PCS गुरदासपुर, हरजोत कौर PCS होशियारपुर, परमवीर सिंह IAS जालंधर, कानू थिंड PCS कपूरथला और सेनू दुग्गल IAS कपूरथला), बलदीप कौर (IAS, लुधियाना), मिस नयन (PCS, मोगा), अमित सरीन (PCS, मानसा), प्रमोद सिंगला (PCS, मलेरकोटला), अमरबीर सिंह (PCS, श्री मुक्तसर साहिब), अपनीत रयात (IAS, पटियाला) और ऋषि पाल सिंह (IAS, पटियाला), अमरिंदर सिंह टिवाना (PCS, पठानकोट), जगजीत सिंह (PCS, रूपनगर), अमनदीप कौर (IAS, एस. बी. एस. नगर), अभिजीत कपलिश (IAS, मोहाली), कमल कुमार गर्ग (IAS, संगरूर), विकास हीरा (P. C. S, तरनतारन).

पंजाब सरकार ने लिया वापस फैसला, एफआईआर डाउनलोड पर 80 रुपये का शुल्क अब नहीं होगा

चंडीगढ़ पंजाब सांझ पोर्टल से एफआईआर डाउनलोड करने के लिए अब लोगों को कोई शुल्क नहीं देना होगा। पंजाब सरकार ने अपना फैसला वापिस ले लिया है। पहले एफआईआर डाउनलोड करने के लिए सरकार ने 80 रुपये शुल्क लगाने का फैसला लिया था। इसके बाद यह मामले हाईकोर्ट भी चला गया था।   काउंसिल ऑफ लॉयर्स के चेयरमैन एडवोकेट वासु रंजन शांडिल्य एवं नेशनल कोऑर्डिनेटर एडवोकेट अभिषेक मल्होत्रा ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करते हुए सांझ पोर्टल से एफआईआर डाउनलोड पर शुल्क लगाने को चुनौती दी थी। याचिका में नीति को रद्द करने, एफआईआर व डीडीआर की मुफ्त डिजिटल पहुंच बहाल करने और याचिकाकर्ता से अवैध रूप से वसूली गई राशि को ब्याज सहित वापस करने की मांग की गई थी। याचिका में कहा गया है कि इस प्रकार शुल्क लगाना भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 173(2) का स्पष्ट उल्लंघन है जिसमें एफआईआर की प्रति नि:शुल्क प्रदान करने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त यह पंजाब पुलिस नियम एफआईआर की कॉपी बिना किसी शुल्क के देने की व्यवस्था करता है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण निर्णय का भी हवाला दिया है, जिसमें एफआईआर की मुफ्त और आसान उपलब्धता पर जोर दिया गया था ताकि आपराधिक न्याय प्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया है कि एफआईआर तक पहुंच के लिए शुल्क लेना आम जनता के लिए एक अनुचित बाधा है और यह संविधान के तहत प्राप्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। याचिका में नीति को रद्द करने, एफआईआर व डीडीआर की मुफ्त डिजिटल पहुंच बहाल करने और याचिकाकर्ता से अवैध रूप से वसूली गई राशि को ब्याज सहित वापस करने की मांग की गई थी।

LPG संकट के बीच पंजाब सरकार का निर्णय, नीले कार्ड धारकों को मिलेगा फायदा

लुधियाना केंद्र की मोदी सरकार द्वारा केंद्र शासित प्रदेशों, देश के विभिन्न राज्यों सहित पंजाब में करीब 14 वर्षों के बाद कैरोसिन ऑयल (मिट्टी का तेल) का कोटा एक बार फिर से जारी कर दिया गया है। मोदी सरकार द्वारा जारी किए गए पत्र के मुताबिक पंजाबभर के राशन कार्ड होल्डरों को आने वाले दिनों में कैरोसिन ऑयल का कोटा जारी कर दिया जाएगा। ऑल इंडिया फेयर प्राइस डीलर्स फैडरेशन यूनियन के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव करमजीत सिंह अड़ेचा ने बताया कि पंजाब में वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अकाली-भाजपा सरकार के कार्यकाल दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व. प्रकाश सिंह बादल द्वारा केंद्र सरकार को लिखे गए पत्र में राज्य की जनता को एल.पी.जी, सिलैंडर की सुविधा मिलने के कारण कैरोसिन ऑयल की कोई जरूरत नहीं होने संबंधी सिफारिश की गई थी जिसके चलते साल 2012 में केंद्र सरकार द्वारा पंजाबभर में चलने वाले करीब 22,000 से अधिक राशन डिपुओं पर जरूरतमंद परिवारों को मिलने वाले कैरोसिन ऑयल की सप्लाई पूर्ण तौर पर बंद कर दी गई थी। वहीं मौजूदा समय दौरान पंजाब में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अमरीका और इसराईल द्वारा ईरान सहित दर्जनों खाड़ी देशों पर किए गए हमलों के कारण कमर्शियल एवं घरेलू गैस सिलैंडरों के छाए गंभीर संकट को देखते हुए केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लिए गए एक अहम फैसले के दौरान केंद्र सरकार द्वारा कैरोसिन ऑयल का कोटा फिर से जारी कर दिया गया है जिससे पंजाबभर के राशन डिपो होल्डरों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है। उन्होंने कहा आने वाले दिनों में पंजाब भर के राशन डिपुओ पर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना से जुड़े करीब 38 लाख परिवारों से संबंधित 1.57 करोड़ लोगों को फिर से कैरोसिन ऑयल का कोटा मिलने की संभावना बन गई है। राशन कार्ड में दर्ज प्रत्येक मैंबर को प्रति 3 महीने के बाद 5 लीटर मिट्टी का तेल मिल सकता है।

पंजाब सरकार ने की भारत-अमेरिका व्यापार पर केंद्र की आलोचना

चंडीगढ़. भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ पंजाब विधानसभा में कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां द्वारा लाए गए निंदा प्रस्ताव पर कांग्रेस व शिअद भी साथ दिखे। नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने निंदा प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि पंजाब सरकार को समझौते के खिलाफ मजबूती के साथ खड़ा होना चाहिए। कांग्रेस समर्थन करेगी। उन्होंने कहा कि हमारे यहां छोटे किसान है, जबकि अमेरिका में एक किसान के पास 50 से लेकर 200 एकड़ जमीन है। अमेरिका साढ़े चार से पांच लाख करोड़ रुपये तक किसानों को सब्सिडी देता है। वहां पर फसलों का 100 प्रतिशत बीमा है, जबकि हमारे ऐसा कुछ नहीं। कांग्रेस के विधायक राणा गुरजीत सिंह ने भी निंदा प्रस्ताव का समर्थन तो किया लेकिन साथ ही कहा कि सरकार का काम इलाज करना होता है। समझौते का असर कैटल फीड बनाने वाली इंडस्ट्री पर भी पड़ेगा। अभी पंजाब में बने कैटल फीड की मांग दक्षिण भारत में भी है, लेकिन इस समझौते से नुकसान होगा। समझौते से किसानों का भविष्य दांव पर: चीमा वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने बजट बहस में हिस्सा लेते हुए कहा कि व्यापार समझौते से किसानों का भविष्य दांव पर लग जाएगा। इससे भारतीय कृषि को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ देश के किसानों को अनुचित वैश्विक प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि 2024 में भारत के साथ अमेरिका के कृषि व्यापार में 1.3 बिलियन डॉलर का घाटा हुआ था। भारत की बढ़ती आबादी अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है और आज का समझौता इस घाटे को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा। वित्त मंत्री ने भाजपा नेतृत्व के रुख पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह भारत के लोगों के हितों से अधिक विदेशी कॉरपोरेट के हितों को प्राथमिकता दे रही है।" कृषि अर्थव्यवस्था कमजोर हो सकती है: भुल्लर कैबिनेट मंत्री लालजीत भुल्लर ने प्रस्तावित समझौता पंजाब की कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका से सब्सिडी वाले कृषि उत्पादों के बड़े पैमाने पर आयात की अनुमति दी गई तो इससे राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था कमजोर हो सकती है।

एग्जाम टाइम में टीचर्स की मुश्किलें बढ़ीं: पंजाब सरकार के नए आदेश से बढ़ी जिम्मेदारी

लुधियाना आम आदमी पार्टी की राज्य सरकार 2022 में मुख्य रूप से तीन गारंटी – शिक्षा, स्वास्थ्य और नशा खत्म करने के वादों के साथ सत्ता में आई थी, जिसमें से सरकार चार साल बाद भी फेल रही है। पहले, भारत के चुनाव आयोग द्वारा निर्देशित स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की तैयारी ने शिक्षक BLO को स्कूली शिक्षा से दूर रखा और अब राज्य सरकार द्वारा घोषित मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना ने हदें पार कर दी हैं और स्कूलों में चल रही परीक्षाओं के बीच लुधियाना जिले में कई शिक्षकों को इस योजना के तहत ड्यूटी पर लगा दिया गया है। इस बारे में जानकारी देते हुए संगठन के जिला अध्यक्ष रमनजीत सिंह संधू और महासचिव रूपिंदर पाल सिंह जंडियाली ने कहा कि पिछले महीने, पंजाब के मुख्यमंत्री ने राज्य के हर निवासी को 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा देने के लिए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना शुरू की और अपने राजनीतिक मकसद को पूरा करने के लिए लोगों से इकट्ठा किए गए टैक्स को विज्ञापनों के रूप में बर्बाद करने के अलावा, उन्होंने स्कूली शिक्षा को भी भगवान भरोसे छोड़ दिया है। मौजूदा सरकार और शिक्षा मंत्री की कई बार स्टेज से टीचरों से सिर्फ़ पढ़ाई से जुड़े काम लेने की बात एक बड़ा झूठ साबित हुई है। सरकारी स्कूलों में पिछड़े और मेहनती लोगों के बच्चे पढ़ाई के लिए टीचरों का इंतजार करते रहते हैं, लेकिन प्रशासन टीचरों को गैर-पढ़ाई वाले काम सौंप देता है। अब स्कूलों में नॉन-बोर्ड क्लास और बोर्ड क्लास के एग्जाम चल रहे हैं, इसी बीच जिला प्रशासन ने लुधियाना जिले के टीचरों की ड्यूटी मुख्यमंत्री सेहत योजना में लगा दी है। इससे पहले, पंजाब भर में लगभग 20,000 टीचर पहले से ही BLO ड्यूटी पर थे और एग्जाम की तैयारियों के दौरान लगभग डेढ़ महीने तक स्कूल से बाहर रखे गए थे। संगठन ने इन गैर-पढ़ाई वाले कामों की कड़ी निंदा की है और जोर देकर मांग की है कि पंजाब सरकार और जिला प्रशासन ऐसे कामों के लिए नई भर्तियां करें और टीचरों को छूट देने की पुरजोर मांग की है। जिला उपाध्यक्ष बलबीर सिंह बासियां, जंगपाल सिंह रायकोट, राजिंदर जंडियाली, प्रभजोत सिंह तलवंडी, नरिंदर सिंह रायकोट, अवतार सिंह खालसा, राकेश पुहीड़, 4161 मास्टर कैडर यूनियन पंजाब राज्य वित्त सचिव जसविंदर सिंह ऐतियाना, 6635 ई.टी.टी. टीचर्स यूनियन पंजाब जिला लुधियाना के अध्यक्ष परमिंदर सिंह मलौद, जिला सचिव बलजिंदर सिंह, अमरिंदर सिंह आदि ने राज्य सरकार से जोरदार अपील की कि स्कूलों में पढ़ाने के लिए भर्ती किए गए टीचरों से सिर्फ पढ़ाई का काम लिया जाए और परीक्षा के दिन लगाई गई गैर-पढ़ाई ड्यूटी से तुरंत छूट दी जाए। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना और अन्य प्रशासनिक ड्यूटी के लिए बेरोजगारों को रोजगार देने का प्रबंध किया जाए।

जनता से किया हर वादा निभाया: सीएम भगवंत मान ने पंजाब सरकार की उपलब्धियां बताईं

चंडीगढ़   पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज घोषणा की कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने अपना सबसे बड़ा चुनावी वादा पूरा कर दिया है, जिसके तहत पूरे पंजाब की महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ शुरू की गई है। इस योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये मिलेंगे, जबकि अनुसूचित जाति समुदाय से संबंधित महिलाओं को 1,500 रुपये मिलेंगे। इसके लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसे महिलाओं की वित्तीय स्वतंत्रता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आप’ सरकार का ‘सारी गारंटियां पूरी’ बजट चुनावी वादों को पूरा करने के प्रति आम आदमी पार्टी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके साथ ही बजट में राज्य भर की महिलाओं को सशक्त बनाने और हर पंजाबी परिवार को समर्थन देने के लिए मुफ्त बस यात्रा, मुफ्त बिजली और नकद रहित स्वास्थ्य सुविधाओं जैसी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। मीडिया से बातचीत में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब की माताओं, बेटियों और बहनों को बधाई देते हुए प्रार्थना की कि वे हमेशा हर क्षेत्र में सफलता की नई कहानियां लिखती रहें। उन्होंने कहा कि आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं की भलाई को केंद्र में रखकर यह बजट पेश किया गया है, जो ‘आप’ सरकार द्वारा उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के मुख्य वादे को पूरा करता है। बजट को लोक-केंद्रित बताते हुए उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करता है कि महिलाओं और समाज के अन्य वर्गों को कल्याणकारी उपायों और सार्वजनिक सेवाओं के माध्यम से निरंतर सहायता मिलती रहे। उन्होंने कहा कि ‘आप’ सरकार ने लोगों से किया सबसे बड़ा चुनावी वादा पूरा किया है और राज्य की महिलाओं को अब ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत प्रतिमाह 1,000 रुपये मिलेंगे, जबकि अनुसूचित जाति समुदाय से संबंधित महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि महिलाओं को इस योजना के तहत आसानी से रजिस्ट्रेशन की सुविधा प्रदान करने के लिए राज्य भर में विशेष कैंप लगाए जाएंगे। पंजाब के मुख्यमंत्री ने साझा किया कि इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया इस बैसाखी से शुरू होगी और इसे युद्ध स्तर पर लागू किया जाएगा ताकि सभी योग्य लाभार्थियों को जल्द से जल्द कवर किया जा सके। 18 वर्ष से अधिक उम्र की हर लड़की और महिला इस योजना के तहत लाभ प्राप्त करने की हकदार होगी, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य की अधिकांश महिलाएं इस योजना के दायरे में आएं। बजट को एक मील का पत्थर करार देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह लोगों की भलाई और राज्य की प्रगति के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। समाज के हर वर्ग का ध्यान रखने वाले बजट पेश करने के लिए पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक बजट नहीं है बल्कि राज्य की प्रगति और इसके लोगों की खुशहाली का हलफनामा है। पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने आगे कहा कि पहले के बजट अक्सर कागजी घोषणाओं तक सीमित रहते थे, जबकि लोगों को वास्तविक अर्थों में इनका कोई खास लाभ नहीं होता था। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल के दौरान पेश किए गए बजट नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए ठोस नीतियां लाने की बजाय हमेशा बयानबाजी और काव्यात्मक हवाले तक सीमित रहे। ‘आप’ सरकार की व्यापक कल्याणकारी पहलों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं लागू की जा रही हैं, जिनमें मुफ्त बस यात्रा, मुफ्त बिजली और मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत नकद रहित इलाज शामिल है। उन्होंने कहा कि नकद रहित इलाज, मुफ्त बस यात्रा, मुफ्त बिजली, प्रतिमाह 1,000 रुपये और ऐसी कई अन्य पहलें महिलाओं को सशक्त बनाते हुए समाज में उनकी भूमिका को और मजबूत करेंगी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि सरकार के पास अपने कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए उचित वित्तीय संसाधन हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पास पैसे की कोई कमी नहीं है क्योंकि हमारे इरादे स्पष्ट और ईमानदार हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वित्तीय प्रबंधन में सुधार करते हुए यह सुनिश्चित किया है कि सार्वजनिक फंड का उपयोग लोगों की भलाई और विकास के लिए हो। पंजाब के मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार ईमानदारी से काम कर रही है, जिसके कारण शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में बड़े सुधार देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम ईमानदारी से काम कर रहे हैं जिसके चलते पूरे राज्य में स्कूल, अस्पताल, सड़कें और आम आदमी क्लिनिक बन रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि सरकार ने बिजली आपूर्ति में सुधार, सिंचाई प्रणालियों को मजबूत करने और किसानों को निर्बाध और आवश्यक बिजली प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इन उद्देश्यों के लिए थर्मल पावर प्लांट खरीदे जा रहे हैं, नहरी पानी टेलों पर बसे किसानों तक पहुंच रहा है और उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाने के लिए बिजली दरों को तर्कसंगत बनाया जा रहा है।  

Salary को लेकर पंजाब सरकार का बड़ा ऐलान, जानें किसे मिलेगा फायदा

बुढलाडा माननीय हाई कोर्ट का ऑर्डर जारी होने के 1 महीने बाद भी ETT 6635 टीचरों की सैलरी तय न होने की वजह से लगातार लेट हो रही है। सैलरी में देरी की मुख्य वजहें ब्लॉक ऑफिसों द्वारा जिला ऑफिसों के ऑर्डर को नज़रअंदाज़ करना, सही समय पर जिला ऑफिस से कोऑर्डिनेट करके सही रिपोर्ट जमा न करना भी हैं। ETT 6635 टीचर यूनियन के नेता बार-बार ब्लॉक और जिला ऑफिसों के चक्कर लगा चुके हैं। इससे पहले इस बारे में दो बार एजुकेशन डिपार्टमेंट के डायरेक्टर एलिमेंट्री एजुकेशन को मेमोरेंडम दिया जा चुका है, लेकिन 1 महीना बीत जाने के बाद भी कोई सही हल नहीं निकला है जिससे सैलरी को लेकर हलचल मच गई है। उन्होंने कहा कि छठे कमीशन के लिए लड़ाई लगातार जारी रहेगी और वह संघर्ष करते रहेंगे। इसलिए अब ईटीटी 6635 टीचर्स यूनियन स्टेट कमेटी ने ऑनलाइन मीटिंग में फैसला लिया है कि अगर 3 मार्च 2026 तक कोई सार्थक हल नहीं निकला तो 5 मार्च को डायरेक्टर एजुकेशन डिपार्टमेंट के ऑफिस के सामने बड़े लेवल पर रोष प्रदर्शन किया जाएगा। इस ऑनलाइन मीटिंग में स्टेट प्रेसिडेंट दीपक कंबोज, शलिंद्र कंबोज, कुलदीप खोखर, निर्मल जीरा, रविंदर कंबोज, राज सुखविंदर सिंह, जग्गा बोहा, मंदीप बटाला, बूटा मानसा, देस राज, सुमित कंबोज, दानिश भट्टी और दीप बनारसी नेता मौजूद थे।

ड्यूटी पर शहीद हुए 2 जवान, पंजाब सरकार ने दिया सम्मान—परिजनों के लिए 1-1 करोड़ की आर्थिक मदद

चंडीगढ़  भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के पास बीते दिन आदी चेक पोस्ट पर तैनात दो पुलिसवालों की लाशें मिलीं। बता दें कि दोनों पुलिसवालों के शरीर पर गोलियां लगीं थी। पंजाब सरकार ने इन दोनों पुलिसवालों के परिवारों को एक्स-ग्रेसिया देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुद X पर पोस्ट किया और लिखा कि “शहीद ASI गुरनाम सिंह और PHG अशोक कुमार की बहादुरी और सबसे बड़े बलिदान को सलाम, जिन्होंने ड्यूटी करते हुए अपनी जान दे दी। पंजाब सरकार उनके परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये की एक्स-ग्रेसिया देगी, जबकि HDFC बैंक 1-1 करोड़ रुपये की एक्स्ट्रा इंश्योरेंस रकम देगा। हम अपने शहीदों और उनके परिवारों के साथ मजबूती से खड़े हैं। उनकी कुर्बानी हम सभी को सम्मान और बहादुरी के साथ अपनी ड्यूटी करने की प्रेरणा देती है। तहरीक-ए-हिंदोस्तान संगठन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में दो पुलिसवालों की हत्या की ज़िम्मेदारी ली है; हालांकि, पुलिस ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है।