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जमीन अधिग्रहण पर बिहार सरकार की राहत, जरूरतमंद परिवारों को चार गुना तक मिलेगा भुगतान

सोनपुर. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को कहा कि यदि किसी की जमीन टाउनशिप के लिए अधिग्रहित होती है और संबंधित परिवार किसी परेशानी में है या घर में बेटी की शादी के लिए जमीन बेचने की जरूरत हो, तो वह जिलाधिकारी को आवेदन देगा। जांच के बाद संबंधित व्यक्ति को जमीन के बदले चार गुना मुआवजा दिया जाएगा, जो सीधे उनके खाते में भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री सोनपुर प्रखंड की डुमरी बुजुर्ग पंचायत में सबका सम्मान-जीवन आसान कार्यक्रम के तहत आयोजित सहयोग शिविर को संबोधित कर रहे थे।  30 दिनों के भीतर समस्या का समाधान उन्होंने कहा कि प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय मंगलवार को बिहार के सभी जिलों में पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर लगाए जाएंगे। 30 दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने सहयोग पोर्टल एवं हेल्पलाइन नंबर 1100 भी शुरू किया है, जिसके माध्यम से लोग अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं। आवेदन मिलने के 10 दिन बाद संबंधित अधिकारी को पहला नोटिस, 20वें दिन दूसरा और 25वें दिन तीसरा नोटिस जारी किया जाएगा। 30 दिनों के भीतर समाधान नहीं होने पर संबंधित अधिकारी स्वत: निलंबित माने जाएंगे।  नोएडा की तर्ज पर सोनपुर का विकास विकास योजनाओं पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने सोनपुर को गोद लिया है। यहां ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, नई टाउनशिप और हरिहरनाथ कारिडोर परियोजना प्रस्तावित है। सोनपुर को नोएडा की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी सेतु और जेपी सेतु के समानांतर नए पुलों का निर्माण हो रहा है। अगले माह कच्ची दरगाह-बिदुपुर तक पुल चालू हो जाएगा। सोनपुर में गंगा-अंबिका पथ का निर्माण कराया जाएगा।  बिहार में बढ़ेंगे उद्योग-धंधे मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में उद्योग-धंधों का विस्तार किया जाएगा, ताकि रोजगार के लिए लोगों को बाहर न जाना पड़े। उन्होंने महिला सशक्तीकरण का जिक्र करते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं 20 हजार करोड़ रुपये का कारोबार कर रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रयासों से बिहार में बिजली, पानी और सड़क की समस्या का समाधान हुआ है। अब लक्ष्य बिहार को विकास की पहली पंक्ति में खड़ा करना है। कार्यक्रम में महाराजगंज सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, विधायक विनय कुमार सिंह, कृष्ण कुमार मंटू, जनक सिंह, मनोरंजन सिंह उर्फ धूमल सिंह, रंधीर सिंह, छोटी कुमारी तथा एमएलसी सच्चिदानंद राय व भाजपा नेता उदय कुमार सिंह ने मंच पर मुख्यमंत्री को सम्मानित किया। समस्याओं का समाधान सीधे प्रशासन से प्राप्त करें सोनपुर विधायक विनय कुमार सिंह ने सम्राट सरकार के जनहित को लेकर शुरू किए गए सहयोग शिविर में लोगों से अधिक से अधिक संख्या में शिविर में भाग लेकर अपनी समस्याओं का समाधान सीधे प्रशासन से प्राप्त करें और सरकार के इस पहल का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोनपुर के धरती से सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद एवं विश्वास के निर्माण का इस शिविर से शुभारंभ किया है। जिससे मै और सोनपुर की समस्त जनता की तरफ से मुख्यमंत्री को बहुत धन्यवाद व आभार व्यक्त करता हूं। विधायक सिंह ने कहा कि सम्राट सरकार ने लोक शिकायतों पर संवेदनशीलता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस शिविर के माध्यम से सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद एवं विश्वास का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि सोनपुर का विकास सम्राट सरकार की प्राथमिकता में है। इस दौरान तरैया विधायक जनक सिंह, अमनौर विधायक कृष्ण कुमार ऊर्फ मंटू सिंह, छपरा विधायक प्रतिनिधि धर्मेंद्र कुमार समेत दर्जनों एनडीए कार्यकर्ता उपस्थित थे।

ग्राहक को मिला इंसाफ, पार्सल खोने पर DTDC एक्सप्रेस पर लगा जुर्माना

जालंधर. पार्सल गुम होने के मामले में उपभोक्ता को आखिरकार न्याय मिल ही गया। उपभोक्ता फोरम में दायर एक केस में फैसला उपभोक्ता के पक्ष में सुनाया, जिसके बाद डी.टी.डी.सी. एक्सप्रैस कंपनी को उपभोक्ता को कुल 28,915 रुपए का भुगतान करना पड़ा। यह राशि कंपनी ने ड्राफ्ट के माध्यम से अदा की है। प्रीत नगर, सोढल रोड निवासी रजत शर्मा ने बताया कि 22 अक्तूबर 2022 को उन्हें एक पार्सल डिलीवर किया जाना था। लेकिन निर्धारित तिथि पर पार्सल उन्हें प्राप्त नहीं हुआ। इसके बाद जब उन्होंने कंपनी से संपर्क किया, तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उपभोक्ता का आरोप है कि कंपनी की लापरवाही के चलते उनका पार्सल रास्ते में ही गुम हो गया। कंपनी अपनी जिम्मेदारी निभाने में रही असफल  रजत शर्मा ने कई बार डी.टी.डी.सी. एक्सप्रैस के अधिकारियों से संपर्क कर पार्सल की जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन उन्हें हर बार टालमटोल का सामना करना पड़ा। लगातार निराशा हाथ लगने के बाद उन्होंने उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया और न्याय की मांग की। फोरम में सुनवाई के दौरान उपभोक्ता द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और तथ्यों को ध्यान में रखते हुए यह स्पष्ट हुआ कि कंपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल रही है। फोरम ने इसे सेवा में कमी मानते हुए कंपनी को उपभोक्ता को मुआवजा देने का आदेश दिया। कंपनी ने ड्राफ्ट के जरिए किया भुगतान फोरम के आदेश के बाद कंपनी ने उपभोक्ता को 28,915 का ड्राफ्ट भेजकर भुगतान कर दिया। इस मामले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि यदि उपभोक्ता अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और सही मंच का सहारा लें, तो उन्हें न्याय अवश्य मिल सकता है। साथ ही, यह फैसला कुरियर कंपनियों के लिए भी एक चेतावनी है कि वे अपनी सेवाओं में पारदर्शिता और जिम्मेदारी बनाए रखें, अन्यथा उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

निकायों को कर्मचारियों के वेतन के चुंगी क्षतिपूर्ति के 51.71 करोड़ आवंटित

रायपुर. प्रदेश के नगरीय निकायों में कार्यरत कर्मचारियों को होली के पहले वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने आज चुंगी क्षतिपूर्ति मद से कुल 62.85 करोड़ रुपये का आबंटन जारी किया। इसमें वेतन भुगतान के लिए 51.71 करोड़ रुपये और नियमित मासिक चुंगी क्षतिपूर्ति के रूप में 11.14 करोड़ रुपये शामिल हैं। फरवरी 2026 की स्थिति के अनुसार लंबित वेतन और देयकों को ध्यान में रखते हुए यह आबंटन किया गया है ताकि नगरीय निकायों में वित्तीय संतुलन कायम रहे और कर्मचारियों को समय पर वेतन मिल सके। प्रदेश के 11 नगर निगमों को वेतन भुगतान के लिए कुल 25.05 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं। इसमें प्रमुख नगर निगमों का विवरण इस प्रकार है:     नगर निगम भिलाई – 4 करोड़     नगर निगम बिलासपुर – 5 करोड़     नगर निगम दुर्ग – 1.65 करोड़     नगर निगम राजनांदगांव – 3 करोड़     नगर निगम जगदलपुर – 1.50 करोड़     नगर निगम अंबिकापुर – 3 करोड़     नगर निगम चिरमिरी – 2 करोड़     नगर निगम रिसाली – 2 करोड़     नगर निगम बीरगांव – 0.54 करोड़     नगर निगम धमतरी – 1.07 करोड़     नगर निगम भिलाई-चरोदा – 1.27 करोड़ इस राशि का उपयोग मुख्य रूप से नियमित कर्मचारियों, स्वच्छता कर्मियों और संविदा कर्मचारियों के वेतन भुगतान तथा चुंगी समाप्त होने से उत्पन्न राजस्व अंतर की भरपाई के लिए किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सभी 14 नगर निगमों को चुंगी क्षतिपूर्ति के अंतर्गत 7.51 करोड़ रुपये और आबंटित किए गए हैं। वेतन के लिए नगर पालिकाओं को 16.48 करोड़ व नगर पंचायतों को 10.17 करोड़ नगरीय प्रशासन विभाग ने प्रदेश के 38 नगर पालिका परिषदों में 16 करोड़ 48 लाख की राशि और 85 नगर पंचायतों को कुल 10 करोड़ 17 लाख रुपये से अधिक की राशि होली के पूर्व निकाय कर्मियों को वेतन भुगतान के लिए आबंटित की है। छोटे एवं मध्यम नगरीय निकायों के लिए यह वित्तीय सहायता अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रदेश के सभी 54 नगर पालिकाओं को भी चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि दी गई है। इसके लिए 2 करोड़ 8 लाख 52 हजार 17 रुपए का आबंटन जारी किया गया है। इसके अलावा सभी 124 नगर पंचायतों को एक करोड़ 54 लाख 31 हजार 55 रुपए की मासिक चुंगी क्षतिपूर्ति राशि दी गई है। गौरतलब है कि है कि राज्य में चुंगी समाप्त होने के बाद नगरीय निकायों को राजस्व में कमी का सामना करना पड़ा था। इस स्थिति में राज्य सरकार द्वारा चुंगी क्षतिपूर्ति मद के माध्यम से निकायों को नियमित अंतराल पर राशि प्रदान की जाती है, ताकि वे अपने प्रशासनिक एवं सेवा संबंधी दायित्वों का निर्वहन सुचारू रूप से कर सकें। यह मद विशेष रूप से वेतन भुगतान, स्वच्छता व्यवस्था, जल प्रदाय सेवाओं एवं दैनिक संचालन व्यय को संतुलित करने में सहायक होती है। विभाग द्वारा आज आबंटित राशि से नगरीय निकायों में कार्यरत हजारों कर्मचारियों को होली के पूर्व वेतन प्राप्त होगा। इससे निकायों में स्वच्छता, पेयजल आपूर्ति, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य शहरी सेवाओं में निरंतरता बनी रहेगी। नगरीय प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि आबंटित राशि का उपयोग निर्धारित मदों में ही किया जाएगा। सभी निकायों को वित्तीय नियमों का पालन करते हुए व्यय विवरण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। चुंगी क्षतिपूर्ति मद से वेतन के लिए 51.71 करोड़ एवं नियमित चुंगी क्षतिपूर्ति के रूप में 11.14 करोड़, इस प्रकार कुल 62.85 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का होली के पहले आबंटन नगरीय निकायों के लिए बड़ी राहत है। चुंगी क्षतिपूर्ति मद के माध्यम से निकायों को समस्त कर्मचारियों के वेतन भुगतान करने में स्थिरता आएगी और शहरी प्रशासन को मजबूती मिलेगी। राज्य सरकार की यह पहल शहरी सेवाओं को निरंतर और प्रभावी बनाए रखने की दिशा में एक सशक्त कदम है।

पंजाब में सीमावर्ती किसानों को सरकारी जमीन पर मुआवजे का मिलेगा हक

चंडीगढ़/फाजिल्का. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने किसानों के लिए एक और ऐतिहासिक फैसला लिया है। पंजाब कैबिनेट ने सरकारी जमीनों पर खेती करने वाले किसानों को मुआवजा देने पर मुहर लगाई है। विधायक जगदीप कंबोज गोल्डी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि अब बॉर्डर पट्टी की कच्ची जमीनों वाले किसान भी खुशहाल होंगे। विधायक जगदीप कंबोज गोल्डी ने कहा कि कच्ची जमीनों वाले किसान पिछले कई वर्षों से इन जमीनों पर खेती कर अपना गुजारा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र जिला फाजिल्का में जब भी बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा आती थी, तो अन्य किसानों को तो सरकार से मुआवजा मिल जाता था, लेकिन जमीनें ''कच्ची'' होने के कारण इन क्षेत्रों के किसानों को मुआवजा नहीं मिल पाता था। अब पंजाब सरकार ने पहल करते हुए इन किसानों को भी मुआवजे के दायरे में लाने का फैसला किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और पूरी कैबिनेट का आभार व्यक्त किया है, जिन्होंने बॉर्डर पट्टी के किसानों के लिए यह सराहनीय निर्णय लिया है। किसानों को मुबारकबाद देते हुए विधायक ने कहा कि वर्तमान सरकार किसानों के हितों के लिए लगातार कार्यशील है। उन्होंने कहा कि किसान भाइयों को अब घबराने की जरूरत नहीं है, वे मेहनत और लगन से इन जमीनों पर खेती करें और अपनी आर्थिक स्थिति बेहतर बनाएं। उन्होंने आश्वस्त किया कि अगर भविष्य में कोई प्राकृतिक आपदा आती है, तो ये किसान सरकार द्वारा घोषित मुआवजे के दायरे में आएंगे और उन्हें उनका बनता हक दिया जाएगा।

ड्यूटी पर शहीद हुए 2 जवान, पंजाब सरकार ने दिया सम्मान—परिजनों के लिए 1-1 करोड़ की आर्थिक मदद

चंडीगढ़  भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के पास बीते दिन आदी चेक पोस्ट पर तैनात दो पुलिसवालों की लाशें मिलीं। बता दें कि दोनों पुलिसवालों के शरीर पर गोलियां लगीं थी। पंजाब सरकार ने इन दोनों पुलिसवालों के परिवारों को एक्स-ग्रेसिया देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुद X पर पोस्ट किया और लिखा कि “शहीद ASI गुरनाम सिंह और PHG अशोक कुमार की बहादुरी और सबसे बड़े बलिदान को सलाम, जिन्होंने ड्यूटी करते हुए अपनी जान दे दी। पंजाब सरकार उनके परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये की एक्स-ग्रेसिया देगी, जबकि HDFC बैंक 1-1 करोड़ रुपये की एक्स्ट्रा इंश्योरेंस रकम देगा। हम अपने शहीदों और उनके परिवारों के साथ मजबूती से खड़े हैं। उनकी कुर्बानी हम सभी को सम्मान और बहादुरी के साथ अपनी ड्यूटी करने की प्रेरणा देती है। तहरीक-ए-हिंदोस्तान संगठन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में दो पुलिसवालों की हत्या की ज़िम्मेदारी ली है; हालांकि, पुलिस ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है।