samacharsecretary.com

पंजाब सरकार की नई नीति से खुश लोग, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं सेहत और शिक्षा की सकारात्मक तस्वीरें

चंडीगढ़  पंजाब में एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है – आम नागरिक खुद अपने मोबाइल से सरकारी योजनाओं की तस्वीरें खींचकर सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे है। यह कोई सरकारी प्रचार नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत है। हाल ही में आम आदमी पार्टी के एक कार्यकर्ता ने इंस्टाग्राम पर “सेहत-शिक्षा हॉस्पिटल” की तस्वीर डाली, जो तेजी से वायरल हो गई। इस पोस्ट के कैप्शन में लिखा था- “मान सरकार, ये रही सिर्फ सुलतां खालदार!” यह सिर्फ एक तस्वीर नहीं, बल्कि उस बदलाव की गवाही है जो पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार जमीन पर ला रही है।  असली बात यह है कि पंजाब सरकार ने शुरू से ही एक बात साफ कर दी थी – विकास का मतलब सिर्फ बड़ी-बड़ी इमारतें या हाईवे नहीं, बल्कि आम आदमी की रोजमर्रा की ज़रूरतें है। सेहत और शिक्षा – ये दो ऐसे स्तंभ है जिन पर किसी भी इंसान का पूरा जीवन टिका होता है। मान सरकार ने इसी फॉर्मूले को अपनाया और पूरी ताकत से इन दोनों क्षेत्रों में काम शुरू किया। नतीजा यह है कि आज पंजाब के गांव-गांव, शहर-शहर में लोग महसूस कर रहे है कि सरकार उनके लिए काम कर रही है, उनकी परवाह कर रही है।  सोशल मीडिया पर आ रही प्रतिक्रियाएं इस बात का सबूत है। एक यूजर ने लिखा, “पहली बार लग रहा है कि सरकार हमारे लिए है, न कि हम सरकार के लिए।” दूसरे ने कहा, “मोहल्ला क्लीनिक में मुफ्त इलाज मिलता है, दवाइयां मिलती है। पहले तो सोच भी नहीं सकते थे।” ये टिप्पणियां दिखाती है कि जनता ने मान सरकार के इरादों को समझ लिया है। लोग जानते हैं कि यह सरकार दिखावे की नहीं, बल्कि हकीकत में बदलाव लाने वाली है। जब आम आदमी खुद सरकार के काम की तारीफ करने लगे, तो समझ जाइए कि नीतियां सही दिशा में जा रही है। पंजाब भर में फैले सैकड़ों मोहल्ला क्लीनिक इस बदलाव की पहली कड़ी है। गरीब से गरीब इंसान को अब इलाज के लिए प्राइवेट अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। बुखार हो, दर्द हो या कोई छोटी-मोटी बीमारी – मोहल्ले में ही सुविधा मिल जाती है। इसके साथ ही, सरकारी अस्पतालों का कायाकल्प किया जा रहा है। जर्जर इमारतों की मरम्मत, नई मशीनें, साफ-सफाई, डॉक्टरों की नियुक्ति – हर स्तर पर काम हो रहा है। यह सब इसलिए क्योंकि मान सरकार का मानना है कि स्वस्थ नागरिक ही मजबूत पंजाब बना सकते हैं। शिक्षा के मोर्चे पर भी यही कहानी है। सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ रही है क्योंकि अब वहां भी प्राइवेट स्कूलों जैसी सुविधाएं मिलने लगी हैं। कमरों की मरम्मत, स्मार्ट क्लासरूम, खेल के मैदान, शौचालय – सब कुछ दुरुस्त किया जा रहा है। शिक्षकों की कमी पूरी की जा रही है। ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ जैसी योजनाओं से गरीब बच्चों को भी अच्छी शिक्षा का मौका मिल रहा है। यह सब दिखाता है कि सरकार का फोकस क्लियर है – हर बच्चे को शिक्षा, हर इंसान को सेहत। राजनीतिक विश्लेषक मानते है कि मान सरकार की यह रणनीति गेम-चेंजर साबित हो रही है। दूसरी सरकारें अक्सर बड़े प्रोजेक्ट्स की घोषणाएं करती हैं जो जमीन पर कभी उतरते नहीं। लेकिन यहां उल्टा हो रहा है – छोटे-छोटे लेकिन जरूरी काम हो रहे है, और लोग महसूस कर रहे है। जब एक मां को अपने बच्चे के लिए मुफ्त दवाई मिलती है, जब एक गरीब किसान के बेटे को सरकारी स्कूल में अच्छी शिक्षा मिलती है – तब विश्वास बनता है। और यही विश्वास आज पंजाब में दिख रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि जनता सब देख रही है, समझ रही है। सोशल मीडिया के जमाने में कोई काम छिपा नहीं रह सकता। लोग खुद मॉनिटर कर रहे है कि उनके इलाके में क्या हो रहा है। जब अच्छा काम होता है तो तारीफ करते है, जब कमी दिखती है तो आवाज उठाते है। यह स्वस्थ लोकतंत्र की निशानी है। और पंजाब सरकार इस परीक्षा में खरी उतर रही है क्योंकि उसका एजेंडा साफ है – जनता की भलाई। आम आदमी पार्टी के नेताओं का कहना है कि यह तो बस शुरुआत है। आने वाले समय में सेहत और शिक्षा के क्षेत्र में और भी बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। लेकिन फिलहाल जो हो रहा है, वह काफी है लोगों को यकीन दिलाने के लिए कि यह सरकार उनकी है, उनके लिए है। जब एक आम कार्यकर्ता अपने इलाके के अस्पताल की तस्वीर गर्व से शेयर करता है, तो यह सिर्फ एक पोस्ट नहीं होती – यह उम्मीद का संदेश होता है। पंजाब की जनता ने मान सरकार को पहचान लिया है, और वह जानती है कि यह विकास हकीकत में हो रहा है।

शहीद सैनिकों के परिवारों को पंजाब सरकार से बड़ी राहत, 10 परिवारों को मिले सरकारी नौकरी के अवसर

चंडीगढ़   वर्ष 2025 के दौरान पंजाब का रक्षा सेवाएं कल्याण विभाग शहीद सैनिकों के परिवारों, पूर्व सैनिकों, विधवाओं तथा दिव्यांग सैनिकों के कल्याण के लिए पूरी तरह समर्पित रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार तथा कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत के निर्देशों के तहत इस वर्ष रक्षा सेवाएं कल्याण विभाग द्वारा पूर्व सैनिकों की भलाई के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। जिम्मेदारी निभा रही पंजाब सरकार इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए रक्षा सेवाएं कल्याण मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि पंजाब सरकार देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले राज्य के सैनिकों के परिवारों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को पूरी संवेदनशीलता और सम्मान के साथ निभा रही है। शहीद सैनिकों के आश्रितों को सरकारी नौकरी उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान 10 शहीद सैनिकों के आश्रितों को पंजाब सरकार के विभिन्न विभागों में सम्मान और कृतज्ञता की नीति के तहत सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। मंत्री ने कहा कि कारगिल दिवस के अवसर पर ऑपरेशन विजय के दौरान शहीद हुए 65 सैनिकों के परिजनों को सम्मानित कर उनकी शहादत और देश सेवा को स्मरण किया गया। राज्य सरकार के अहम कदम उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा शहीद सैनिकों के परिवारों और दिव्यांग सैनिकों को एक्स-ग्रेशिया अनुदान के रूप में 3.66 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। भगत ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष के दौरान शहीद सैनिकों के परिवारों, गैलेंट्री पुरस्कार विजेताओं तथा पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 63.22 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है। कार्यालयों में 15-दिवसीय सहायता शिविर मंत्री ने कहा कि पूर्व सैनिकों और विधवाओं की पेंशन ‘स्पर्श’ पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी ढंग से जारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि पेंशन से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए पंजाब के सभी जिला रक्षा सेवाएं कार्यालयों में 15-दिवसीय सहायता शिविर भी लगाए गए हैं। सैनिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध सरकार इसके अतिरिक्त उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने 10 दिव्यांग सैनिकों को इलेक्ट्रिक तीन-पहिया स्कूटर वितरित किए गए हैं, ताकि उनकी आवाजाही और जीवन को सरल बनाया जा सके। मंत्री भगत ने दोहराया कि पंजाब सरकार शहीदों के परिवारों और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में और भी नई योजनाएं लागू की जाएंगी।

पंजाब कैबिनेट का बड़ा फैसला: होशियारपुर में नई सब तहसील और बनूड़ को मिलेगा अपग्रेड status

 चंडीगढ़  सीएम भगवंत मान कैबिनेट में आज होशियारपुर को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। होशियारपुर में नई तहसील होशियारपुर बनाने का निर्णय लिया गया है।पंजाब सरकार की कैबिनेट मीटिंग मुख्यमंत्री भगवंत मान के सरकारी निवास पर हुई। मीटिंग में फैसला लिया गया कि बनूड़ सब तहसील को अपग्रेड किया जाएगा। जबकि होशियारपुर में नई तहसील होशियारपुर बनाई गई। इसके अलावा मेरा घर मेरे नाम स्कीम को तेजी से लागू किया जाएगा। यह जानकारी मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। उन्होंने बताया कि बनूड़ सब-तहसील मोहाली में आती है।बहुत लंबे समय से लोगों की मांग थी कि तहसील छोटी है और इसे अपग्रेड किया जाए। क्योंकि लोगों को अपने काम करवाने में दिक्कत आती थी। अब इसे अपग्रेड किया जाएगा। इसमें दो कानूनगो, 14 पटवार सर्किल और 40 गांव शामिल होंगे।इसके साथ ही होशियारपुर जिले में तहसील हरियाणा बनाने का फैसला लिया गया। इसमें 12 पटवार सर्किल, दो कानूनगो सर्किल और 50 गांव शामिल किए गए हैं। वहीं, भू-राजस्व एक्ट 1888 में संशोधन किया गया है। रिकॉर्ड कंप्यूटर में रखा जाएगा। मेरा घर, मेरा नाम को तेजी से लागू करने की मंजूरी दी गई है। इसमें संशोधन भी किया गया। कल मनरेगा स्कीम को लेकर होगा सेशन हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि मनरेगा स्कीम का नाम बदलने और उसमें लगाई गई शर्तों के खिलाफ कल विधानसभा का स्पेशल सेशन बुलाया गया है। केंद्र की बीजेपी सरकार और प्रधानमंत्री साहब की नीतियों से गरीब लोग उलझन में आ गए है। कल 30 तारीख को विधानसभा में केंद्र सरकार से मांग करेंगे कि जैसे स्कीम चलती थी, वैसे ही चलती रहे। बीजेपी सरकार पंजाब और राज्य के लोगों के साथ भेदभाव करती है। जो गरीब लोग मजदूरी कर अपना परिवार पाल रहे थे, उनका रोजगार छीनने की कोशिश की जा रही है। 20 दिसंबर की मीटिंग में हुए थे चार फैसले इससे 20 दिसंबर को पंजाब सरकार कैबिनेट मीटिंग हुई थी। इस मीटिंग में मुख्य फैसला लिया गया था कि केंद्र सरकार के VB-G RAM G Bill 2025 (जो MGNREGA को प्रभावित करने वाला प्रस्तावित बिल है) के खिलाफ विधानसभा का विशेष सत्र 30 दिसंबर 2025 को बुलाया जाए, ताकि इसके विरोध में प्रस्ताव पारित किया जा सके। यह मीटिंग मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई थी। इसके अलावा कैबिनेट की मीटिंग में 4 अहम फैसले और भी लिए गए । इनमें रिकार्ड ऑफ राइट्स एक्ट, लोकल बॉडी विभाग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस शामिल है। अब लोगों को इन तीनों मामलों से जुड़ी शिकायतों का जल्द निस्तारण और लाभ मिल सकेगा। इसके अलावा बठिंडा में थर्मल प्लांट की 30 एकड़ जमीन बस स्टैंड बनाने के लिए दी गई थी। वित्तमंत्री चीमा ने कहा कि अब यह बस स्टैंड 10 एकड़ में बनेगा।

पंजाब में सेहत विभाग के 4 सीनियर अधिकारियों के तबादले, सरकार ने लिया अहम कदम

चंडीगढ़ पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के 4 सीनियर अधिकारियों के तबादले किए हैं। सरकार ने कुछ समय पहले सीनियर मेडिकल अधिकारियों को डिप्टी डायरेक्टर कम सिविल सर्जन और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट के रूप में पदोन्नत किया था। अब सरकार ने इन चारों अधिकारियों के नए स्थानों पर तबादले और तैनातियां की हैं। जानकारी के अनुसार, रूपनगर के सिविल सर्जन डॉ. सुखविंदरजीत सिंह को पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन का डिप्टी डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। वहीं, डॉ. हरिपाल सिंह को बरनाला का सिविल सर्जन, डॉ. प्रभजोत रंधावा को रूपनगर का सिविल सर्जन और डॉ. राजीव पराशर को फिरोजपुर का सिविल सर्जन नियुक्त किया गया है।

पढ़ाई को मिलेगी नई रफ्तार: छात्रों के लिए पंजाब सरकार ने जारी की करोड़ों की फंडिंग

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य के वंचित और पिछड़े वर्गों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और शिक्षा के माध्यम से उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार ऐतिहासिक कदम उठा रही है। यह बात सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कही। इस संबंध में जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि अनुसूचित जातियों के विद्यार्थियों के लिए चल रही पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के तहत अब तक 4.77 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है, ताकि कोई भी विद्यार्थी केवल आर्थिक तंगी के कारण अपनी पढ़ाई से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में 2 लाख 62 हजार 373 विद्यार्थियों ने पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के तहत आवेदन किए हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि सरकार की शैक्षणिक कल्याण योजनाएं विद्यार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंच रही हैं। डॉ. बलजीत कौर ने आगे बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान इस योजना के लिए 245 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है, जो शिक्षा के प्रति सरकार की गंभीरता, संवेदनशीलता और दूरदर्शी सोच को दर्शाता है। कैबिनेट मंत्री ने यह भी जानकारी साझा की कि पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान 2 लाख 37 हजार 456 विद्यार्थियों को पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता प्रदान की गई थी। डॉ. बलजीत कौर ने जोर देकर कहा कि मान सरकार के लिए शिक्षा केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की मजबूत नींव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता है कि कोई भी गरीब या वंचित पृष्ठभूमि से आने वाला विद्यार्थी केवल आर्थिक कारणों से अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़े। उन्होंने कहा कि पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के माध्यम से राज्य सरकार उन विद्यार्थियों के सपनों को मजबूत सहारा दे रही है, जो शिक्षा को अपनी ताकत बनाकर अपने परिवारों और समाज का भविष्य बदलना चाहते हैं। सरकार हर उस बच्चे के साथ मजबूती से खड़ी है, जो आगे बढ़ने की इच्छा रखता है और शिक्षा के माध्यम से अपनी पहचान बनाना चाहता है। 

परियोजना को मिली हरी झंडी, पंजाब के कदम से तेज होगा विकास का पहिया

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने बहुप्रतीक्षित 1,878 करोड़ रुपये की जीरकपुर-पंचकूला बाइपास परियोजना के लिए आखिरकार बड़ा कदम उठा लिया है। वन सचिव ने लंबे समय से लंबित स्टेज-2 वन मंजूरी की सिफारिश करते हुए फाइल को औपचारिक स्वीकृति के लिए वन मंत्री के पास भेज दिया है। इसके बाद परियोजना के अगले चरण में आगे बढ़ने की राह साफ हो गई है। यह कदम उस समय उठाया गया, जब द ट्रिब्यून ने हाल ही में एक विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित कर पंजाब वन विभाग द्वारा परियोजना (Zirakpur-Panchkula Bypass Project) को लेकर हो रही देरी को उजागर किया था। रिपोर्ट में बताया गया था कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट समिति (CCEA) से आठ महीने पहले मंजूरी मिलने के बावजूद स्टेज-2 क्लीयरेंस अटका हुआ था। पंजाब सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि वन मंत्री की मंजूरी मिलते ही फाइल आगे बढ़ा दी जाएगी। इस देरी के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को बोली प्रक्रिया बार-बार टालनी पड़ी और हाल ही में छठी बार इसकी समय-सीमा बढ़ानी पड़ी थी। NHAI अधिकारियों के अनुसार, वन मंत्री की स्वीकृति के बाद फाइल पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के एकीकृत क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ भेजी जाएगी, जहां से अंतिम स्टेज-2 वन क्लीयरेंस प्रमाण पत्र जारी होगा। करीब 19.2 किलोमीटर लंबी छह लेन वाली यह बाइपास परियोजना ट्राइसिटी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसमें 6.195 किलोमीटर का एलिवेटेड सेक्शन, फ्लाईओवर, अंडरपास, पुल और रेलवे ओवरब्रिज शामिल हैं। यह परियोजना जीरकपुर और पंचकूला में NH-5 और NH-7 पर लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के साथ-साथ प्रस्तावित ट्राइसिटी रिंग रोड का अहम हिस्सा है।

फिटनेस को बढ़ावा: खिलाड़ियों और GYM यूज़र्स के लिए पंजाब सरकार का बड़ा फैसला

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने खेल और युवा सेवाएं विभाग के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पंजाब भर में 1350 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 3100 स्टेडियमों का निर्माण कार्य जून 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि समय-सीमा के साथ-साथ काम की गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने इस दौरान खेल और युवाओं के लिए एक बड़े पैकेज की भी घोषणा की। इसके तहत राज्य में करीब 3000 स्थानों पर अत्याधुनिक जिम स्थापित किए जाएंगे, 50 करोड़ रुपये की लागत से 17 हजार खेल किटें वितरित की जाएंगी, एक नया खेल पोर्टल शुरू किया जाएगा और 43 करोड़ रुपये की लागत से नया युवा भवन बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई खेल नीति 2023 के तहत गांवों में स्टेडियम बनाए जा रहे हैं, जिनमें बाड़, गेट, जॉगिंग ट्रैक, खेल मैदान, वॉलीबॉल कोर्ट, स्टोर और अन्य सुविधाएं शामिल होंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं की ऊर्जा को खेलों की ओर मोड़कर उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखना है। युवाओं की फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए पहले चरण में 1000 स्थानों पर 35 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक जिम बनाए जाएंगे। इन जिमों में वेट लिफ्टिंग सेट, डंबल, केटलबेल, रैक और अन्य आधुनिक उपकरण उपलब्ध होंगे। राज्य सरकार खिलाड़ियों को 17 हजार खेल किट भी देगी, जिनमें वॉलीबॉल, फुटबॉल और क्रिकेट से संबंधित सामान शामिल होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को 31 मार्च 2026 तक गांवों में 5600 खेल किट वितरित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सरकार एक आधुनिक खेल पोर्टल शुरू कर रही है, जहां खिलाड़ी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, ग्रेडेशन, डीबीटी, ग्राउंड बुकिंग, ई-सर्टिफिकेट, पेंशन और छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि 10 हजार युवाओं के लिए प्रदेश के 9 जंगल क्षेत्रों में ट्रैकिंग और एडवेंचर कैंप लगाए जाएंगे। वहीं चंडीगढ़ के सेक्टर 42-ए में 43 करोड़ रुपये की लागत से नया युवा भवन बनाया जाएगा, जिसमें हॉस्टल, ऑडिटोरियम, कॉन्फ्रेंस हॉल और सेमिनार रूम की सुविधा होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल बजट को 2023-24 में 350 करोड़ से बढ़ाकर 2024-25 में 1000 करोड़ रुपये कर दिया गया है। मोहाली, बठिंडा और लुधियाना में हॉकी टर्फ बदली जा रही हैं, जबकि मोहाली के सेक्टर-78 स्थित स्पोर्ट्स स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक का काम मार्च 2026 तक पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब देश का पहला राज्य है जहां स्पोर्ट्स मेडिसिन कैडर मौजूद है। इसके तहत 92 कर्मचारियों का चयन किया गया है, जो खिलाड़ियों की चोटों के इलाज और प्रदर्शन सुधार में मदद करेंगे। उन्होंने दोहराया कि सरकार का हर कदम युवाओं को नशे से दूर रखने और उन्हें स्वस्थ भविष्य देने की दिशा में है।

पंजाब सरकार का बड़ा फैसला: तीन शहर घोषित हुए पवित्र, नॉन-वेज और शराब की बिक्री पर रोक

चंडीगढ़  अमृतसर वॉलड सिटी (चारदीवारी वाला शहर), तलवंडी साबो और श्री आनंदपुर साहिब में मांस, शराब, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री अब बैन है. पंजाब सरकार ने इन तीनों शहरों को ‘पवित्र शहर’ का दर्जा दिया है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक वीडियो मैसेज में इसका ऐलान किया था. पिछले महीने श्री आनंदपुर साहिब में पंजाब विधानसभा का एक विशेष सत्र आयोजित किया गया था. इस दौरान सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया गया था. यह विशेष सत्र गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत वर्षगांठ के मौके पर बुलाया गया था. फिर 15 दिसंबर को, राज्य सरकार ने रूपनगर जिले में श्री आनंदपुर साहिब, बठिंडा में तलवंडी साबो और अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के आसपास के ‘गलियारा’ क्षेत्र को ‘पवित्र शहर’ का दर्जा की एक अधिसूचना जारी की गई थी. अपने वीडियो संदेश में, सीएम मान ने कहा कि सिखों के पांच ‘तख्त’ हैं. जिनमें से तीन – श्री अकाल तख्त साहिब (अमृतसर), श्री दमदमा साहिब (तलवंडी साबो, बठिंडा) और तख्त श्री केशगढ़ साहिब (श्री आनंदपुर साहिब) पंजाब में हैं. उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ई-रिक्शा, मिनी-बसें, शटल बसें और अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट सर्विस समेत सभी जरूरी व्यवस्थाएं करेगी और सुविधाओं का इंतजाम करेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि पवित्र शहरों में अब सख्त नियम लागू होंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि मांस, शराब, तंबाकू और किसी भी नशीले पदार्थ की बिक्री पूरी तरह से बैन है. उन्होंने आश्वासन दिया कि शहरों का उचित विकास होगा. सीएम मान ने कहा कि ये शहर न केवल धार्मिक केंद्र हैं बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत के एक बहुत अहम प्रतीक भी हैं.

पंजाब सरकार का बड़ा कदम: शहरी क्षेत्रों में नया कानून और 8 नए पार्क का विकास

जालंधर/चंडीगढ़ प्रदेश भर में वन क्षेत्र के अंतर्गत रकबे में वृद्धि के साथ-साथ आने वाली पीढय़िों के लिए स्वच्छ और हरित पर्यावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक के नेतृत्व में वन एवं वन्यजीव संरक्षण विभाग ने वर्ष 2025 के दौरान कई महत्वपूर्ण पहलें शुरू की हैं। इन महत्वपूर्ण पहलों में 8 वन एवं प्रकृति जागरूकता पार्कों का विकास शामिल है। इनमें से ग्रीनिंग पंजाब मिशन के तहत चार पार्क पठानकोट में, 2 पटियाला में तथा 1-1 अमृतसर और होशियारपुर में विकसित किए जा रहे हैं। कैबिनेट मंत्री श्री लाल चंद कटारूचक के नेतृत्व में वन एवं वन्यजीव संरक्षण विभाग इन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य कर रहा है। उल्लेखनीय है कि पठानकोट में गांव घरोटा में 0.50 हेक्टेयर, गांव कटारूचक में 0.75 हेक्टेयर, हैबत पिंडी में 0.60 हेक्टेयर क्षेत्र में पंचायत भूमि पर तथा आई.टी.आई. बमियाल में पर्यावरण पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इसी प्रकार पटियाला में बैरन माइनर सहित दो स्थानों पर पर्यावरण पार्क विकसित किए जा रहे हैं। अमृतसर में गांव जगदेव कलां में पर्यावरण पार्क बनाया जा रहा है, जबकि होशियारपुर के बसी पुरानी में एक वन चेतना प्रगति पर है। हैबत पिंडी में पार्क के संबंध में इंटरलॉकिंग टाइलों वाले नेचर ट्रेल का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि झूलों और ओपन एयर शेल्टर (गज़ेबो) की स्थापना इस समय चल रही है। राज्य सरकार का यह सदैव प्रयास रहा है कि अधिक से अधिक हरियाली सुनिश्चित की जाए और साथ ही आने वाली पीढय़िों के लिए पर्यावरण संरक्षण के उपाय किए जाएं। इसी क्रम में वन एवं वन्यजीव संरक्षण विभाग, पंजाब ने ‘पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज़ एक्ट, 2025’ का मसौदा तैयार किया है, जिसका उद्देश्य हरित आवरण बनाए रखना, पर्यावरणीय संतुलन सुनिश्चित करना तथा पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के साथ-साथ मिट्टी संरक्षण करना है। यह अधिनियम पंजाब के सभी शहरी क्षेत्रों में लागू होगा। 

पंजाब में ‘जी राम जी विधेयक’ पर सियासी हलचल तेज, सरकार बुलाएगी विधानसभा का विशेष सत्र

चंडीगढ़  मनरेगा के स्थान पर ‘विकसित भारत- जी राम जी विधेयक' लाए जाने के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शनों के बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार जनवरी के दूसरे सप्ताह में इस मुद्दे पर विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित करेगी। मान ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ‘मनरेगा' योजना में बदलाव करके गरीबों की आजीविका को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है… इस मनमानी के खिलाफ पंजाबियों की आवाज उठाने के लिए जनवरी के दूसरे सप्ताह में पंजाब विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाया जाएगा।'