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सीएम का दावा: 22 साल के युवा केंद्र ने पूर्व फौजी बनाए, पंजाब में बसों का बड़ा विस्तार

चंडीगढ़ पंजाब सीएम ने आज चंडीगढ़ में 505 मिनी बसों को परमिट दिए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार 1300 नई बसें ला रही है, जिससे पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम मजबूत होगा। वहीं, उन्होंने बादल परिवार पर जमकर बोले।  वहीं, प्रताप सिंह बाजवा को घेरते हुए कहा कि उन्होंने ट्रांसपोर्ट मंत्री रहते हुए, सबसे ज्यादा टोल प्लाजा लगाए। इसी तरह उन्होंने कहा कि मनरेगा स्कीम का नाम बदलकर केंद्र सरकार गरीब लोगों से धक्का कर रही है। इसके खिलाफ जनवरी के दूसरे हफ्ते में स्पेशल सेशन लेकर आ रहे हैं। इसी तरह अग्निवीर के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जहां भी पंजाब की बात होगी, उसे वह प्रमुखता से उठाएंगे। मिनी बस की परमिट की खुशी वह क्या जानेंगे इस मौके पर सीएम भगवंत मान ने कहा कि नए मिनी बस ऑपरेटर, जिन्हें पहली बार परमिट मिल रहा है, वहीं जिनके परमिट रिन्यू हो रहे हैं, उन्हें बधाई दी। अब तक 1100 से अधिक परमिट जारी कर चुके हैं। 505 आज जा रही हैं। इसमें रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी जालंधर, पटियाला, बठिंडा और फिरोजपुर के परमिट जारी किए गए हैं। जब मुझे अफसरों ने बताया कि 600 के करीब परमिट देने हैं, तो मैंने कहा कि एक अच्छे ऑडिटोरियम में प्रोग्राम रखो, सभी को बुलाओ। अफसरों ने कहा कि पहले तो ऐसे नहीं होता था। तो मैंने उनसे कहा कि पहले वाले अबोहर से पठानकोट और बठिंडा से जयपुर तक चलती थीं। उन्हें क्या पता कि मिनी बस की खुशी क्या होती है। उन्हें पता नहीं है। जिनके रूट पंजाब के एक कोने से दूसरे कोने तक हैं, पाकिस्तान के बॉर्डर तक हैं, उन्हें क्या पता कि मिनी बस क्या होती है। 450 लोग पहली बार परमिट लेकर जा रहे हैं। उनका नाम ट्रांसपोर्ट में लिखा गया है। एक मिनी बस 5 से 6 गांव कवर करेगी। 35 किलोमीटर का चक्कर है। 19 हजार किमी ग्रामीण सड़कें बना रहे हैं सीएम ने कहा कि मेरी कोशिश यही है कि पंजाब के युवाओं को नौकरी देने वाला बनाया जाए। लोगों की शिकायत रहती थी कि गांवों में बसों का आना-जाना बंद हो गया है। अब स्कूलों में बसें चलाई जा रही हैं। कई लोगों ने बताया कि इससे बच्चों को रोजगार मिल रहा है। लेकिन समस्या यह थी कि गांवों की सड़कें खराब थीं। अब 19 हजार किलोमीटर सड़कें बनाई जा रही हैं। कुल मिलाकर 43 हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। अब सड़कें केवल लीपापोती नहीं की जा रही हैं, बल्कि उनकी गुणवत्ता पर खास ध्यान दिया जा रहा है। ठेकेदार को 5 साल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, उन्होंने ऑपरेटरों से कहा कि बसों को तय समय पर लेकर आएं। यह भरोसा एक दिन में नहीं बनेगा, बल्कि धीरे-धीरे मजबूत होगा। इस बार कम मतों वाले भी चुनाव जीते हैं सीएम ने कहा कि अब तक 58 हजार लोगों को नौकरियां दी गई हैं। किसी का नंबर घटाकर या बढ़ाकर नौकरी नहीं दी गई। पहले जब ब्लॉक समिति या जिला परिषद के नतीजे आते थे, तो बाहर से ही ऐलान कर दिया जाता था कि घर जाओ, हम जीत गए। लेकिन इस बार एक वोट, तीन वोट, पांच या बीस वोट से भी विरोधी पार्टियों के उम्मीदवार जीते हैं। हम भी कभी सत्ता में नहीं थे। लोगों ने हमें मौका दिया और आज हम अनुभव हासिल कर रहे हैं। अगर हम दोबारा सही काम नहीं करेंगे तो तो लोग किसी और को मौका दे देंगे। पंजाब की धरती बहुत उपजाऊ है। बस स्टैंड पर टिकट के लिए स्पेशल मशीन दिल्ली के प्रदूषण पर सीएम ने कहा कि वहां पर अब 2018 से पहले की गाड़ियां एंट्री नहीं कर सकती हैं। कई शर्तें लगा रहे है। हम जालंधर, लुधियाना, पटियाला, संगरूर और बठिंडा का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। वहां लोगों के लिए हर तरह की सुविधाओं का इंतजाम किया जाएगा। वहीं, ऑनलाइन और बस स्टैंड पर टिकट लेने की स्पेशल मशीनें लगा रहे है। काम की गुणवत्ता पर जोर किसी की मोनोपॉली नहीं होनी चाहिए। सबको काम करने का हक होना चाहिए, क्योंकि नए लोगों को फील्ड में आने ही नहीं दिया जाता। हमने हर सेक्टर में एक-एक शर्त खत्म की है। चाहे सड़क हो, पुल हो या हेल्थ का ठेका। कैबिनेट में फैसला लिया गया था कि ठेके लेने के लिए इतने करोड़ की आमदनी और टर्नओवर जरूरी नहीं होगा। टेंडर में अनुभव और पैसे की शर्त हटा दी गई है। हम क्वालिटी पर काम करेंगे। जब नए लोग आएंगे तो टेंडरों में मुकाबला होगा। इस हिसाब से तो मैं पहली बार मंत्री बना हूं, तो क्या हम फैसले ही नहीं ले सकते? अनुभवी लोगों के अनुभव ने ही पंजाब को नुकसान पहुंचाया है। 17 टोल प्लाजा बंद किए अब तक 17 टोल प्लाजा बंद कर दिए गए हैं। इससे रोजाना 64 लाख रुपए की बचत हो रही है। पूरी दुनिया में टोल टैक्स है, लेकिन यह ऑप्शनल होना चाहिए। अगर तेज जाना है तो यह सड़क है, वरना दूसरी सड़क भी है। यह घेर-घेर कर लड़ते हैं। 400 दिन और बढ़ा दो, कोरोना आया था। मैंने पूछा क्यों बढ़ा दो? जवाब मिला कि पहले बढ़ा दिए थे, इसलिए अब भी बढ़ा रहे हैं। अच्छे काम करोगे तो लोग सड़कों पर तुम्हारी मूर्ति लगा देंगे, लेकिन अगर काम नहीं करोगे तो खेतों में लगानी पड़ेंगी। अंबानी को सब्सिडी, गरीबी से रोटी छीनी अब केंद्र सरकार ने मनरेगा स्कीम का नाम बदल दिया गया है। केंद्र ने नई शर्त लगा दी है कि 60 फीसदी खर्च केंद्र देगा और 40 फीसदी राज्य देगा। मजदूरी 125 दिन कर दिए है। लेकिन काम के लिए शर्तें लगा दी है। मनरेगा वालों के मुंह से निवाला छीन लिया गया है। गरीब से रोटी छीनी जी जा रही है, लेकिन सब्सिडी अंबानियों को दी जा रही है। अग्रवीर को शहीद का दर्जा क्यों नहीं देते 4 साल पहले अग्रवीर फौज में भर्ती हुए थे। पहला बैच अप्रैल में अब आ रहा है। उनके पास हथियारों की ट्रेनिंग है। 22 साल के जवान का पूर्व फौजी बनाकर घर भेज रहे है। चिंता लगी है, उन्हें कहा रखेंगे। कहते है कि पाकिस्तान से लड़ते … Read more

नई नीति से खुलेंगे अंतरराष्ट्रीय दरवाज़े: रिसर्च यात्रा और ठहरने का पूरा खर्च उठाएगी पंजाब सरकार

चंडीगढ़ पंजाब के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और मजबूत बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने एक क्रांतिकारी और ऐतिहासिक कदम उठाया है। "यंग साइंटिस्ट्स ट्रैवल असिस्टेंस स्कीम" की शुरुआत के साथ, सरकार ने राज्य के प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए वैश्विक मंच के दरवाजे खोल दिए हैं। यह दूरदर्शी पहल पंजाब में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नई ऊर्जा भरने का काम कर रही है, जिससे राज्य के युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की स्पष्ट इच्छा दिखाई देती है। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि पंजाब स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी (PSCST) द्वारा STEM आउटरीच प्रोग्राम के तहत संचालित यह स्कीम, इस बुनियादी चुनौती को संबोधित करती है कि कई प्रतिभाशाली शोधकर्ता केवल आर्थिक सीमाओं के कारण विश्व की सर्वश्रेष्ठ कॉन्फ्रेंसेज़ और रिसर्च प्लेटफॉर्म तक नहीं पहुँच पाते। मान सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है: पंजाब का कोई भी युवा वैज्ञानिक सिर्फ पैसों की कमी के कारण पीछे न रह जाए। यह योजना विशेष रूप से राज्य के कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों में कार्यरत 45 वर्ष से कम आयु के योग्य वैज्ञानिकों, प्रौद्योगिकीविदों और शिक्षकों के लिए है, जिनके पास पीयर-रिव्यू वाली पत्रिकाओं (Scopus/SCI/Web of Science) में न्यूनतम दो प्रकाशन होना अनिवार्य है। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि यह सहायता युवा वैज्ञानिकों को देश और विदेश में आयोजित होने वाले महत्वपूर्ण शैक्षणिक और वैज्ञानिक आयोजनों, जैसे कि कॉन्फ्रेंस, सेमिनार, सिम्पोज़िया, कार्यशालाओं, अल्पकालिक स्कूल/पाठ्यक्रम/प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने या अपने शोध पत्र प्रस्तुत करने में सक्षम बनाएगी। योजना के अंतर्गत, प्रतिभागियों को अधिकतम ₹15,000 तक की ट्रैवल असिस्टेंस प्रदान की जाएगी, जिसमें हवाई किराए या रखरखाव भत्ते का 50 प्रतिशत और पंजीकरण फीस शामिल है। यह सहयोग युवा वैज्ञानिकों को दुनिया भर में हो रहे नवीनतम वैज्ञानिक विकास और तकनीकी रुझानों से परिचित होने, ज्ञान का आदान-प्रदान करने और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग स्थापित करने का अवसर देगा। यह कदम पंजाब की वैज्ञानिक और तकनीकी प्राथमिकताओं के अनुरूप अनुसंधान को बढ़ावा देगा। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस योजना को पंजाब की प्रगतिशील सोच का प्रतीक बताया है। उनके अनुसार, अब समय आ गया है कि पंजाब के युवा भी विश्वस्तरीय वैज्ञानिक चर्चा का हिस्सा बनें और अपनी शोध को दुनिया के सामने रखें। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार युवा शक्ति और वैज्ञानिक प्रगति में दृढ़ विश्वास रखती है। यह स्कीम केवल एक वित्तीय मदद नहीं है, बल्कि हमारे युवा शोधकर्ताओं के सपनों को उड़ान देने का माध्यम है।" मान सरकार लगातार यह साबित कर रही है कि विकास का अर्थ सिर्फ सड़कें और इमारतें नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और मजबूत बनाना भी है। पहले जहां सरकारी योजनाएँ अक्सर कागज़ों तक सीमित रहती थीं, वहीं अब पंजाब में वास्तविक और दृश्यमान परिवर्तन दिखाई दे रहा है। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि यह योजना स्पष्ट संदेश देती है कि पंजाब का युवा अब पीछे नहीं रहने वाला। यह पहल न केवल रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देगी, बल्कि पंजाब की नई पीढ़ी को उच्च स्तर पर सोचने, सीखने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने का मौका भी देगी। पंजाब के मतदाता यह महसूस कर रहे हैं कि राज्य में एक ऐसी सरकार कार्यरत है जो सिर्फ वादे नहीं करती, बल्कि उन पर अमल भी करती है, और यह योजना उसी दिशा में उठाया गया एक मजबूत कदम है जो अवसर, सम्मान और एक उज्ज्वल भविष्य देने के मान सरकार के लक्ष्य को दर्शाती है।

पंजाब सरकार: 2026 में इतने दिन बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज और दफ्तर, छुट्टियों की List हुई जारी

पंजाब  पंजाब सरकार ने वर्ष 2026 के लिए छुट्टियों का आधिकारिक कैलेंडर जारी कर दिया है। इसे कार्मिक विभाग द्वारा तैयार किया गया है। इसमें वर्ष 2026 में आने वाली गजटिड और आरकक्षित छुट्टियों की जानकारी दी गई है। राज्य के सभी सरकारी दफ्तर, नगर निगम, स्कूल, कॉलेज और विभिन्न प्रशासनिक शाखाएं इस कैलेंडर में बताई गई छुट्टियों पर बंद रहेंगे।

सीएम भगवंत मान का बड़ा ऐलान: बेरोजगार युवाओं को मिलेगी नौकरी, खुलेंगे नए अवसर

पंजाब  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी सरकार युवाओं को नौकरी मांगने वालों की बजाय नौकरी देने वाला बनाकर उनकी तकदीर बदलने के लिए ठोस प्रयास कर रही है। यहां शहीद सूबेदार मेवा सिंह स्कूल ऑफ एमिनेंस के विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पंजाब में शैक्षिक क्रांति के एक नए युग की शुरुआत की है। उन्होंने एक बयान में कहा कि यह क्रांति छात्रों को प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार करके और उन्हें जीवन में उत्कृष्टता प्राप्त करने में सक्षम बनाकर वांछित परिणाम दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने 2022 में ‘‘शिक्षा क्रांति'' शुरू की है ताकि पंजाब के बच्चों को अपने सपनों को हकीकत में बदलने और जीवन में नई ऊंचाइयों तक पहुंचने में मदद मिल सके। मान ने दावा किया कि अतीत पर नजर डालने पर यह देखना वास्तव में निराशाजनक है कि कैसे दोषपूर्ण नीतियों के कारण गरीब बच्चों को शिक्षा के उनके अधिकार से वंचित किया गया। हालांकि, मुख्यमंत्री ने कहा कि अब राज्य सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में ‘‘क्रांतिकारी'' कदम उठाए हैं, जिनकी देशभर में व्यापक सराहना हो रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में 231.74 करोड़ रुपये के निवेश से 118 'स्कूल ऑफ एमिनेंस' स्थापित किए जा रहे हैं। मान ने कहा कि इन स्कूलों को वंचित बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक उल्लेखनीय शुरुआत माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों में विद्यार्थियों को निःशुल्क वर्दी उपलब्ध कराई जा रही है तथा विशेषकर लड़कियों के लिए निःशुल्क बस सेवा की व्यवस्था की गई है, ताकि एक भी लड़की शिक्षा प्राप्त करने से वंचित न रह जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों को नीट, जेईई और एनआईएफटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग दी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत गर्व की बात है कि 'स्कूल ऑफ एमिनेंस' और अन्य सरकारी स्कूलों से 265 छात्रों ने जेईई मेन्स, 44 ने जेईई एडवांस और 848 छात्रों ने नीट में सफलता प्राप्त की।

सरकारी कर्मचारी खुश होंगे! पंजाब सरकार से 21 अक्टूबर की छुट्टी की उम्मीद बढ़ी

बरेटा  अध्यापक दल पंजाब के सूबा सीनियर मीत प्रधान राजदीप सिंह बरेटा ने पंजाब सरकार से मांग की है कि इस बार दीवाली के अवकाश को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाए। उन्होंने कहा कि दीवाली हिंदू और सिख दोनों समुदायों का पवित्र त्योहार है, लेकिन इस बार यह साफ नहीं है कि दीवाली 20 अक्टूबर को है या 21 अक्टूबर को। पंजाब सरकार ने अभी तक 20 अक्टूबर को दीवाली की छुट्टी घोषित की है। वहीं, हर साल दीवाली के अगले दिन विश्वकर्मा दिवस की छुट्टी होती है, जो इस बार 22 अक्टूबर को पड़ रही है। राजदीप सिंह बरेटा ने कहा कि सरकारी कर्मचारी, खासकर जो दूर-दराज के इलाकों में नौकरी करते हैं, वे इस उलझन में हैं कि 21 अक्टूबर को छुट्टी होगी या नहीं। उन्होंने पंजाब सरकार से अपील की है कि जल्द से जल्द 21 अक्टूबर को भी अवकाश घोषित किया जाए, ताकि कर्मचारियों में फैली भ्रम की स्थिति को दूर किया जा सके और उन्हें राहत मिल सके।  

बस इतना करें और जीतें लाखों! पंजाब सरकार ने शुरू की जबरदस्त इनामी योजना

चंडीगढ़ कर अनुपालन में पारदर्शिता और नागरिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में, पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी और कराधान मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां राज्य की लोकप्रिय “बिल लाओ इनाम पाओ” योजना में बड़े विस्तार की घोषणा की। उन्होंने बताया कि अब इस योजना में एक तिमाही बंपर ड्रा जोड़ा जाएगा, जिसके माध्यम से जनता को बड़े नकद इनाम दिए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें भाग ले सकें। यह जानकारी सांझा करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि हर तिमाही में योजना में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को 1,00,000 रुपये का पहला इनाम, 50,000 रुपये का दूसरा इनाम और 25,000 रुपये का तीसरा इनाम जीतने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि कर अनुपालन को और सरल बनाने के लिए “मेरा बिल” ऐप में सेवा क्षेत्र जैसे रेस्तरां, सैलून और बुटीक , से संबंधित बिल अपलोड करने और इनाम वितरण की एक समर्पित प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। वित्त मंत्री ने बताया, “इसके अतिरिक्त, उपभोक्ताओं की पूछताछ का तत्काल समाधान देने के लिए एक रीयल-टाइम चैटबॉट भी लॉन्च किया जाएगा, और अब ऐप अंग्रेज़ी के साथ-साथ पंजाबी और हिंदी भाषाओं में भी उपलब्ध होगा, ताकि आम नागरिकों के लिए इसकी पहुंच को व्यापक बनाया जा सके।” “बिल लाओ इनाम पाओ” योजना की सफलता को रेखांकित करते हुए, वित्त मंत्री चीमा ने बताया कि अप्रैल से अगस्त 2025 के बीच कुल 30,769 बिल अपलोड किए गए, जिनमें से 1,263 विजेताओं ने कुल 78,13,715 रुपये की इनामी राशि जीती। उन्होंने कहा कि अपलोड किए गए सभी बिलों की कर विभाग द्वारा सख्ती से जांच की जाती है, और अब तक योजना की शुरुआत से कुल 9.07 करोड़ रुपये के जुर्माने लगाए गए हैं, जिनमें से 7.31 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा सितंबर 2023 में शुरू की गई “बिल लाओ इनाम पाओ” योजना और इससे संबंधित “मेरा बिल” ऐप का उद्देश्य जिम्मेदार उपभोक्ताओं और कर अनुपालन की संस्कृति को प्रोत्साहित करना है। इस योजना में कच्चा तेल, पेट्रोल, डीज़ल, विमानन ईंधन, प्राकृतिक गैस, शराब, राज्य से बाहर की खरीदारी तथा बिज़नेस-टू-बिज़नेस लेन-देन से जुड़े बिल शामिल नहीं किए जाते। निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए केवल पिछले महीने के दौरान किए गए लेन-देन के बिल ही ड्रा के लिए पात्र होते हैं। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने नवाचार, पारदर्शिता और सहभागितापूर्ण शासन के माध्यम से नागरिकों को सशक्त बनाने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए पंजाबवासियों से इस योजना में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया। 

इतिहास रचा पंजाब में: 30 दिन में भगवंत मान ने किया ये बड़ा काम

गुरदासपुर  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बाढ़ पीड़ितों को मुआवज़ा देने का वादा 45 दिनों में पूरा करने की घोषणा की थी, लेकिन सरकार ने सिर्फ 30 दिनों में ही राहत पहुंचा दी। आज कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने गुरदासपुर के कई गांवों में करीब 83 लाख रुपये के चेक बाढ़ पीड़ितों को बांटे। इस मौके पर विधायक, डिप्टी कमिश्नर और कई अधिकारी मौजूद रहे। हरभजन सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने दिवाली से पहले ही राहत बांटकर ईमानदारी और पारदर्शिता की मिसाल कायम की है। उन्होंने बताया कि मुआवज़ा अब ऑनलाइन पोर्टल के जरिए दिया जा रहा है ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो। मंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार ने किसानों को 20,000 रुपये प्रति एकड़ का मुआवज़ा, गेहूं के मुफ्त बीज, फ्री हेल्थ कैंप और पशुओं के लिए वैक्सीनेशन कैंप जैसी सुविधाएं दी हैं। 

इतिहास रचने वाली पहल: पंजाब सरकार ने शुरू की नई Policy, जानें पूरा विवरण

पंजाब  पंजाब सरकार लगातार नागरिकों की भलाई और कल्याण के लिए नई पहलें कर रही है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पंजाब में स्टेट मेंटल हेल्थ पॉलिसी की शुरुआत की गई है। यह घोषणा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर की। इस पहल को मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करने और मानसिक विकारों, विशेषकर डिप्रेशन, से निपटने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। नई नीति का मुख्य उद्देश्य लोगों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सभी नागरिकों को उच्च गुणवत्ता वाली मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित करना है। डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि इस नीति के माध्यम से पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि हर व्यक्ति को मानसिक रूप से स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने का अधिकार मिले। उन्होंने कहा कि पंजाब राज्य मानसिक स्वास्थ्य नीति सरकार की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसमें नागरिकों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक कल्याण को प्राथमिकता दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी बताया कि अक्सर मानसिक रूप से प्रभावित व्यक्ति अपनी समस्याओं को अकेले झेलते हैं, जिससे उनकी स्थिति और बिगड़ सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में शामिल किया जाएगा, ताकि जरूरतमंदों को तुरंत और प्रभावी इलाज मिल सके। 

कृषि क्षेत्र में बदलाव: पंजाब सरकार ने जारी किए अहम निर्देश

जालंधर/चंडीगढ़ पंजाब के खाद्य व आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने कहा है कि मंडियों में आ रही धान की फसल की क्वालिटी अच्छी है और मंडियों में धान की खरीद के 24 घंटों के अंदर किसानों को भुगतान किया जा रहा है। आज विभिन्न मंडियों में धान की खरीद का जायजा लेने के बाद लालचंद कटारूचक्क ने कहा कि किसानों को कहा गया है कि वह अपनी फसल को पूरी तरह से सुखा कर मंडियों में लाए। उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण चाहे फसल को नुकसान पहुंचा था परन्तु उसके बावजूद किसानोंका मनोबल काफी ऊंचा है। अभी तक मंडियों में 11 लाख मीट्रिक टन धान की फसल पहुंची थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जो दिशा-निर्देश फसल की खरीद को लेकर दिए हैं उन पर खरीद एजैंसियों द्वारा पूरा अमल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसान चाहे एक दिन लेट धान की फसल मंडियों में लेकर आए परन्तु वह पूरी तरह से सूखी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक से फसल की खरीद के लिए साथ-साथ लिमिट जारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के दिशा-निर्देशों की उल्लंघना करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।उन्होंने इस अवसर पर स्वयं धान की क्वालिटी देखी और उस पर तसल्ली व्यक्त की। 

शिक्षा विभाग एक्शन में, प्राइवेट स्कूलों को नोटिस भेजकर दी अंतिम चेतावनी

लुधियाना लुधियाना जिला शिक्षा अधिकारी (डी.ई.ओ.) ने 393 प्राइवेट स्कूलों को सख्त नोटिस जारी किया है। स्कूलों को कहा गया है कि वे SHVR(स्वच्छ और हरित विद्यालय ) पोर्टल पर आज दोपहर 2 बजे तक अपना डाटा भरें, अन्यथा उनकी एन.ओ.सी. रद्द कर दी जाएगी। शिक्षा अधिकारी डिंपल मदान ने स्पष्ट किया कि बिना एन.ओ.सी. के कोई स्कूल संचालित नहीं हो सकता। स्कूल प्रिंसिपल डाटा भरने के बाद कम्प्लीशन सर्टिफिकेट ब्लॉक नोडल अधिकारी को जमा करेंगे। SHVR पोर्टल भारत सरकार की पहल है, जिसका उद्देश्य स्कूलों का वातावरण साफ-सुथरा और हरित बनाना है। स्कूलों को पोर्टल पर अपने प्रांगण, क्लासरूम, लड़कियों के टॉयलेट और पेड़-पौधों की जानकारी के साथ फोटो और वीडियो भी अपलोड करनी होगी।