पूर्व DGP मुस्तफा का बयान, SIT को जवाब देने का आश्वासन; 25 तारीख को बेटे के लिए अंतिम दुआ
चंडीगढ़ सहारनपुर के चिलकाना के गांव हरड़ाखेड़ी निवासी पंजाब पुलिस के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा ने अपने बेटे की मौत के बाद कहा कि उन्हें एक साजिश के तहत बदनाम किया जा रहा है। उनका बेटा मानसिक रूप से बीमार था, जिसे उनके विरोधी ढाल बनाकर उनके खिलाफ साजिश कर रहे हैं, लेकिन वह कामयाब नहीं होंगे। पूर्व डीजीपी ने गांव में मीडिया से बातचीत के दौरान यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनके बेटे अकील अख्तर ने आत्महत्या से पहले जारी एक वीडियो में जो आरोप लगाए हैं वह गलत है। उन्होंने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। कहा कि उनका बेटा पिछले 18 वर्ष से नशे की लत और मानसिक अस्थिरता से जूझ रहा था। उसे कई बार कॉलेजों से निकाला गया था। कई बार वह अपनी पत्नी से भी मारपीट कर चुका था। इस बीच मोहम्मद मुस्तफा ने बातचीत में कहा कि 25 अक्टूबर को पंजाब में मलेरकोटला स्थित उनके आवास पर कलेक्टिव प्रेयर होगी। इसके बाद वह SIT के हर सवाल का जवाब देंगे। जांच में पूरा सहयोग करेंगे। 26 अक्टूबर को वह पंचकूला आवास पर पहुंचेंगे। हरियाणा पुलिस की SIT जब चाहे घर की तलाशी ले सकती है। जांच के लिए जो चीजें जरूरी हैं, मुहैया करवाई जाएंगी। उधर, इस मामले में शिकायत देने वाले शमशुद्दीन चौधरी ने कहा कि उन्हें पंचकूला SIT की जांच पर भरोसा नहीं है। CBI जांच होनी चाहिए। खुद को अकील का दोस्त बताने वाले शमशुद्दीन ने कहा कि पंचकूला पुलिस घटना के 5 दिन बाद भी जरूरी दस्तावेज अपने कब्जे में नहीं ले पाई। आरोपी परिवार अपने घर में है और वह सबूत नष्ट कर सकता है, पुलिस इसकी चिंता नहीं कर रही। 'बेटे ने नशे की हालत में ही वीडियो बनाया था' इतना ही नहीं उसने नशे की हालत में घर में आग भी लगा दी थी, जिसे बुझाने में कुछ लोग झुलस भी गए थे। उन्होंने कहा कि बेटे ने नशे की हालत में ही वीडियो बनाया था। इसमें उसने परिजनों पर अनेक आरोप लगाए थे, हालांकि वह सभी आरोप गलत थे। 'बेटा साइको था, उसका इलाज चल रहा था' बेटे ने कुछ दिन बाद एक और वीडियो बनाया था, जिसमें उसने पहले की वीडियो को गलत बताया था। उन्होंने कहा कि उनका बेटा साइको था, जिसका इलाज चल रहा था। परिवार को बदनाम करने का प्रयास पूर्व डीजीपी ने इस घटना को राजनीतिक साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग परिवार को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह हमेशा देश के दुश्मनों से मुकाबला करते रहे हैं और इस बार भी वह इस मुकाबले में अवश्य जीतेंगे। एसआईटी की जांच में सब साफ होगा षड्यंत्र रचने वालों को उनके किए की सजा अवश्य मिलेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस ने इस घटना की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। एसआईटी की जांच में सब साफ हो जाएगा। सभी को प्यारा होता है अपना बच्चा पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा ने कहा कि अपना बच्चा सभी को को प्यारा होता है। अगर वह कोई गलत काम भी कर देता है, तब भी मां-बाप उसे प्यार ही करते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनके कॅरिअर को तबाह करना चाहते हैं। उनका बेटा पिछले 18 साल से बाइकोटिक था। किन बिंदुओं पर जांच कर रही SIT… लैब में होगी मोबाइल की जांच: SIT अकील अख्तर के उस मोबाइल को अपने कब्जे में लेगी, जिससे दोनों वीडियो बनाए गए। इसे जांच के लिए लैब भेजकर पता लगवाया जाएगा कि मोबाइल फोन का कितना डाटा कब-कब डिलीट हुआ? विसरा रिपोर्ट के लिए सवाल तैयार: अकील अख्तर की प्रिलिमनरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आ चुकी है, लेकिन विसरा रिपोर्ट अभी नहीं आई। SIT ने सवालों की लंबी लिस्ट तैयार की है, इन पर विसरा जांच करने वाले टॉक्सिकोलॉजी विभाग के एक्सपर्ट से जवाब लिए जांएगे। सोशल मीडिया अकाउंट की जांच: SIT अकील अख्तर के सोशल मीडिया अकाउंट्स को खंगाल रही है। इस दौरान अकील का बिहेवियर समझने के साथ दूसरी चीजें नोट करने का काम चल रहा है। अकील के सोशल मीडिया अकाउंट पर ऐसी वीडियो की तलाश की जा रही है, जिसमें पारिवारिक विवाद का कहीं कोई जिक्र आया हो। शमशुद्दीन चौधरी ने 3 प्वाइंट में दिया जवाब… 1. वोटर लिस्ट दिखाई, जिसमें वह मुस्तफा के पड़ोसी पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा ने इस केस के शिकायतकर्ता शमशुद्दीन चौधरी की नीयत पर कई सवाल उठाए थे। मुस्तफा ने कहा था कि शमशुद्दीन मलेरकोटला में उनका पड़ोसी भी नहीं है। इन आरोपों का जवाब देते हुए शमशुद्दीन ने कहा- वह कहते हैं कि मैं उनका पड़ोसी नहीं रहा और वह खुद को अमरगढ़ का रहने वाला बताते हैं। तो फिर उनका वोट हमारे पुराने मोहल्ले खडिगा में अब तक कैसे है? इसके साथ शमशुद्दीन ने वोटर लिस्ट का एक पेज भी मीडिया से शेयर किया। 2. किसी केस में सिफारिश के लिए नहीं मिला शमशुद्दीन ने कहा- मेरे बारे में कहा गया कि मैं किसी केस में सिफारिश के लिए उनसे (मुस्तफा से) मिला था। मैं दावे से कह रहा हूं कि मुझ पर कहीं कोई केस दर्ज नहीं है। अगर है तो मुस्तफा उस FIR की कॉपी पेश करें। मेरी मोहम्मद मुस्तफा से जानकारी 2017 में हुई थी, जब उन्होंने मुझसे चुनाव में मदद मांगी थी। मैंने खराब व्यवहार के कारण उनकी मदद करने से इनकार कर दिया था। 3. अकील के दिमागी इलाज के दावे पर संदेह शिकायतकर्ता ने कहा- मुस्तफा कह रहे हैं कि उनके बेटे अकील की दिमागी हालात ठीक नहीं थी और उसका इलाज चल रहा था। सच ये है कि एक कोर्ट केस में इनका (मुस्तफा का) समन 2022 में बेटे अकील ने ही रिसीव किया है। तो फिर क्या कोर्ट के सामने इन्होंने गुमराह करने वाला काम किया ? शमशुद्दीन चौधरी की 2 नई मांगें… शमशुद्दीन चौधरी ने कहा– मुझे अब पंचकूला पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है। केस के आरोपी सरेआम टीवी डिबेट में बैठकर मुझे धमकी दे रहे हैं और कत्ल का इल्जाम होने के बावजूद खुले घूम रहे हैं। ऐसे में अब केस की जांच सीबीआई से करवानी चाहिए। उन्होंने … Read more