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धमकी भरे संदेशों के बाद एक्शन मोड में प्रशासन, स्कूलों की सुरक्षा को लेकर शिक्षा विभाग सतर्क

अमृतसर  जिले के सरकारी, प्राइवेट और एडिड स्कूलों में संदिग्ध व्यक्तियों की एंट्री बैन लगा दिया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी सैकेंडरी राजेश शर्मा द्वारा स्कूल में आने वाले हरेक व्यक्ति का काम्पलैक्स के मुख्य गेट पर रिकार्ड मुकम्मल दर्ज होने के आदेश दिए हैं। अधिकारी द्वारा स्कूल प्रमुखों को स्पष्ट किया है कि यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति स्कूल काम्पलैक्स में आता है तो इसकी सूचना तुरंत शिक्षा विभाग और पुलिस प्रशासन को दी जाए। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी राजेश शर्मा ने कहा कि स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों की सुरक्षा को लेकर शिक्षा विभाग पूरी तरह से तैयार है और प्रशासन भी इस दिशा में गंभीरता से काम कर रहा है। राजेश शर्मा ने कहा कि स्कूल के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को स्कूल परिसर में प्रवेश न करने दें व छात्रों के माता-पिता और स्कूल परिसर में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति से मुख्य द्वार पर पूछताछ की जाए और उनका डेटा रजिस्टर में दर्ज किया जाए। इसके साथ ही स्कूल के प्रिंसीपलों को निर्देश दिया गया है कि वे स्कूल आने वाले प्रत्येक अध्यापक को स्कूल शुरू होने से पहले अपनी कक्षाओं का गंभीरता से निरीक्षण करने के लिए कहें व यदि कुछ भी संदिग्ध पाया जाता है तो इसकी सूचना तुरंत स्कूल के प्रिंसीपल को दी जाए। इसके साथ ही, यदि छात्रों को स्कूल में कुछ भी संदिग्ध दिखाई दे तो उन्हें स्कूल के प्रमुखो को सूचित करना चाहिए। जल्द ही स्कूल प्रमुखों को पत्र होंगे जारी राजेश शर्मा ने बताया कि उपरोक्त निर्देशों से संबंधी जल्द ही स्कूल प्रमुखों को पत्र जारी किए जा रहे है। इसके साथ ही स्कूल प्रमुखो को निर्देश दिया गया है कि वे रात के समय भी स्कूलों में सुरक्षाकर्मी तैनात करें और स्कूल काम्पलैक्स की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि छात्रों और उनके अभिभावकों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन पूरी तत्परता से काम कर रहे हैं। स्कूलों में छात्रों को अच्छा शैक्षणिक वातावरण प्रदान किया जा रहा है। गौरतलब है कि पिछले समय में अमृतसर जिले के कुछ निजी स्कूलों को धमकी भरे ईमेल मिले थे, जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए स्कूलों में जांच की और ईमेल झूठे साबित हुए। फिलहाल पुलिस प्रशासन भी पूरी तत्परता से काम कर रहा है व फर्जी ईमेल भेजने वाले शरारती तत्वों की तलाश जारी है।

कोहरे ने ली कई जानें: पंजाब में दर्दनाक सड़क हादसा, मौके पर मची चीख-पुकार

चंडीगढ़  पंजाब में कोहरे की वजह से बड़ा हादसा हो गया, जिस दौरान 2 सगे भाईयों को मौत हो गई। घने कोहरे की वजह से बठिंडा-अमृतसर नेशनल हाईवे पर तलवंडी भाई और कोट कारो कलां के बीच एक भयानक हादसा हुआ, जिसमें 2 भाइयों की मौत हो गई। जानकारी देते हुए तलवंडी भाई थाने के SHO जसविंदर सिंह बराड़ और केस के जांच अधिकारी बलदेव सिंह ने बताया कि कल देर रात फरीदकोट से बकरियां लादकर अमृतसर जा रहा एक ट्रक गांव कोट कारो कलां के टोल बैरियर के पास खड़े ट्रक से टकरा गया।  इस भयानक और दर्दनाक हादसे में ट्रक ड्राइवर जगसीर राम पुत्र राम चंदर, निवासी मिर्जे वाला, श्री गंगानगर, राजस्थान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके साथ बैठे उसके भाई सुरिंदर की भी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। उन्होंने बताया कि ट्रक ड्राइवर ट्रक समेत मौके से फरार हो गया। टोल अधिकारियों ने क्रेन की मदद से मृतकों और घायलों को बाहर निकाला। पुलिस ने आरोपी ट्रक ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश कर रही है। 

शिमला के सेब व्यापारी से लुधियाना में 4 लुटेरों ने हथियार की नोक पर 45 हजार रुपए लूटे

लुधियाना  घंटा-घर सुख सागर होटल के निकट गली के बाहर एक शिमला के सेब व्यापारी से 4 लुटेरों ने हथियार की नोक पर 45 हजार रुपए लूट लिए। व्यापारी काफी दहशत में है जिस कारण वह पुलिस कंपलेन करने से भी कतरा रहा है। पंजाब केसरी से बातचीत दौरान शिमला के रहने वाले चिरंजी लाल ने बताया कि उसका सेब का कारोबार है। वह 2 दिन पहने महानगर की सब्जी मंडी में पैमेंट लेने के लिए आया था।  सोमवार रात्रि वह होटल के निकट एक ढाबे से खाना खाकर करीब 10 बजे होटल की तरफ जा रहा था। गली की नुक्कड़ पर 4 बदमाशों ने उसे घेर लिया ओर हथियार की नोक पर धमकाने लगे। बदमाशों ने उसे जान से माने की धमकियां दी उससे 45 हजार रुपए लुट लिए। पीड़ित के अनुसार लुटेरों की यह वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। पीड़ित चिरंजी लाल का कहना है कि वह व्यापारी है। लुटेरों ने वारदात को अंजाम दिया है जिस कारण वह काफी दहशत में है। अगर पुलिस उससे संपर्क करती है तो वह सारी जानकारी पुलिस को देने के लिए तैयार है। 

पंजाब रजिस्ट्री सिस्टम में बड़ा एक्शन तय, इन वर्गों पर लटकी तलवार

लुधियाना  ट्रांसपोर्ट नगर स्थित पूर्वी तहसील में जाली एन.ओ.सी. लगाकर रजिस्ट्रियां करवाने वाले एजैंटों पर भी किसी समय पुलिस की बड़ी कार्रवाई हो सकती है और इस गिरोह का पुलिस द्वारा पर्दाफाश किया जा सकता है। गौरतलब है कि ट्रांसपोर्ट नगर स्थित पूर्वी तहसील में पिछले लंबे समय से कुछ खासमखास एजैंटों द्वारा सब रजिस्ट्रार दफ्तर में काम करने वाले कुछ कर्मचारियों की मदद से जाली एन.ओ.सी. लगाकर प्लाटों की रजिस्ट्रियां करवाई जा रही हैं जिसके चलते कई लोगों द्वारा इस गोरखधंधे की शिकायतें पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और डिप्टी कमिश्नर लुधियाना को की जा चुकी है।  गौरतलब है कि पूर्वी तहसील में जाली एन.ओ.सी. द्वारा करवाई गई एक रजिस्ट्री के चलते ज्वाइंट सब रजिस्ट्रार की शिकायत पर 2 आरोपियों के खिलाफ थाना मोती नगर में साजिश तहत धोखाधड़ी करने और जाली दस्तावेज लगाकर रजिस्ट्री करवाने का मामला 1 दिसम्बर, 2025 को दर्ज हो चुका है। पुलिस द्वारा उक्त मामले में प्लाट बेचने वाले आरोपी जोगा सिंह पुत्र निरंजन सिंह वासी अमन नगर और प्लाट खरीदने वाली महिला बलजिंदर कौर पत्नी अवतार सिंह वासी न्यू बसंत विहार काकोवाल रोड के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं थाना मोती नगर की पुलिस द्वारा उक्त मामले में शामिल बाकी आरोपियों की जांच की जा रही है कि इस रजिस्ट्री करवाने में किन-किन आरोपियों द्वारा साथ दिया गया है। मुख्यमंत्री को की जा चुकी है शिकायत जिला रैवेन्यू एडवोकेट एसोसिएशन के प्रधान एडवोकेट डेविड गिल द्वारा ट्रांसपोर्ट नगर स्थित पूर्वी तहसील में फर्जी एन.ओ.सी. लगाकर प्लाट की रजिस्ट्री करवाने में शामिल कर्मचारियों और एजैंटों की शिकायत पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को की गई है। उन्होंने बताया कि उक्त गोरख धंधे को चलाने वाले लोगों द्वारा रिश्वतखोरी करके कई करोड़ रुपए की बेनामी संपत्ति बनाई जा चुकी है। जाली एन.ओ.सी. बनवाने वालों पर हो सख्त कार्रवाई : बस्सी न्यू एकता वैल्फेयर सोसाइटी वर्धमान कॉलोनी के प्रधान दिनेश कुमार बस्सी ने बताया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को जाली एन.ओ.सी. लगाकर रजिस्ट्रियां करवाने वाले और बेचने वाले एजैंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। ताकि आगे से कोई भी व्यक्ति सरकार को धोखा देकर जाली एन.ओ.सी. लगाकर रजिस्ट्री न करवा सके।    

सिद्धू मूसेवाला के बदले की आग में कबड्डी प्लेयर की हत्या, मोहाली में घटी खौफनाक वारदात

मोहाली  मोहाली के गांव सोहाना में कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान प्रमोटर व खिलाड़ी दिग्विजय सिंह उर्फ राणा बलाचौरिया की सिर में गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। पंजाब के कुख्यात बंबीहा गैंग ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर हत्या की जिम्मेदारी ली है और कहा है कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या का बदला लेने के लिए यह मर्डर किया गया है। राणा बलाचौरिया मूलरूप से वह पंजाब के बलाचौर के रहने वाले थे, लेकिन कुछ समय से मोहाली में ही रह रहे थे। दस दिन पहले ही उनकी शादी हुई थी। आज उनके शव का पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा। सेल्फी लेने के बहाने आए और सिर में गोलियां मार दीं सोमवार शाम को सोहाना में सेक्टर-82 के मैदान में कबड्डी टूर्नामेंट चल रहा था। राणा बलाचौरिया जालंधर के शकरपुर की टीम के मैनेजर थे। वह टूर्नामेंट में दो टीमें लेकर आए थे। वह ग्राउंड में सेमीफाइनल मैच की टाई डलवाने के बाद बाहर आ रहे थे। इसी दौरान हमलावर ने उनके साथ सेल्फी लेने के बहाने नजदीक आए और सिर में गोलियां मार दीं। हमलावर 3 से 4 थे। हमले के बाद बाइक से कुछ लोगों को फरार होते देखा गया वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि हमलावर बोलेरो गाड़ी से आए थे। मोहाली के एसपी हरमनदीप सिंह हंस ने बताया कि इसकी बंबीहा गैंग के साथ रंजिश थी। इसकी बंबीहा गैंग के लक्की पटियाल से कोई झगड़ा था। हालांकि, अभी सारे एंगल से पूरे मामले की जांच की जा रही है। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स, सीआईए की टीमें और मोहाली पुलिस की टीमें जांच कर रही हैं। पुलिस सोहाना के आसपास के एरिया में सीसीटीवी कैमरे चेक कर रही है। साइबर सेल इंटरनेट पर डाली गई पोस्ट के जरिए आईपी एड्रेस ट्रेस करने के प्रयास में है। हमने अपने भाई सिद्धू मूसेवाला की हत्या का बदला लिया बंबीहा गैंग ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर हत्या की जिम्मेदारी ली है। पोस्ट में लिखा है कि आज जो मोहाली में कबड्डी कप में राणा बलाचौरिया का कत्ल हुआ है, उसकी जिम्मेदारी मैं डोनीबल, शगनप्रीत, मोहब्बत रंधावा, अमर खब्बे, प्रभदासुवाल और कौशल चौधरी लेते हैं। राणा हमारे एंटी जग्गू और लॉरेंस के साथ दोस्ती रखता था। इसने सिद्धू मूसेवाला के कातिल को रहने के लिए जगह दिलवाई थी और खुद उन्हें संभाला था। आज राणा को मारकर हमने अपने भाई सिद्धू मूसेवाला की हत्या का बदला लिया। यह काम हमारे भाई मक्खन अमृतसर और डिफॉल्टर करण ने किया है। बाकी आज से सभी प्लेयरों और उनके माता-पिता को एक विनती है कि कोई भी जग्गू और हैरी की टीम में न खेले। वर्ना रिजल्ट ऐसे ही मिलेगा। हमें कबड्‌डी से कोई एलर्जी नहीं। बस जग्गू और हैरी की कबड्‌डी में कोई दखल अंदाजी नहीं चाहिए। वेट एंड वॉच। पोस्ट के लास्ट में गोपी घनश्यामपुरिया ग्रुप, मंघनश्यामपुर, दविंदर बंबीहा ग्रुप, पवन शकील, राणा बाई, आफरीदी तूत, मनजोत सिद्धू एचआर और राणा कंदोवाल के नाम लिखे हैं।

जेब पर नहीं पड़ेगा बोझ! रॉक गार्डन में सैलानियों को मिलेगी मुफ्त एंट्री

चंडीगढ़  रॉक गार्डन बनाने वाले पद्मश्री नेकचंद का 101वां जन्मदिन सोमवार को मनाया जाएगा। इस मौके पर रॉक गार्डन में टूरिस्ट के लिए फ्री एंट्री होगी। दिन का पहला प्रोग्राम सुबह 11 बजे पद्मश्री नेकचंद सैनी को उनके जन्मदिन पर फूल चढ़ाकर याद करने का होगा। इसके बाद टूरिस्ट के एंटरटेनमेंट के लिए दूसरे प्रोग्राम शुरू होंगे। शाम 4 बजे पंजाबी सिंगर फिरोज खान गानों के साथ परफॉर्म करेंगे। सबसे कीमती धरोहर, रॉक गार्डन के पीछे नेकचंद का घर, टूरिस्ट अनजान रॉक गार्डन सिर्फ अपनी कलाकृतियों, मूर्तियों और गुड़ियों के लिए ही मशहूर नहीं है, बल्कि यह जगह उस महान कलाकार नेकचंद सैनी की सोच, सादगी और जीवन के दर्शन का भी गवाह है। रॉक गार्डन में उनके ऑफिस में रखी मूर्तियां, कलाकृतियां और सामान टूरिस्ट के लिए आकर्षण का केंद्र हैं, लेकिन इन सबसे कीमती धरोहर वह घर है जिसे नेकचंद ने रॉक गार्डन के ठीक पीछे अपने हाथों से बनाया था। हैरानी की बात है कि आज भी कई टूरिस्ट को यह पता नहीं है कि नेकचंद अपनी ज़िंदगी के आखिरी सालों में वहीं रहते थे। नेकचंद का ऑफिस: यादों से भरा एक कमरा रॉक गार्डन में नेकचंद के ऑफिस में आज भी पुरानी अलमारियां, बक्से, टीवी, पंखे, तस्वीरें, साइकिलें, एसी, कुर्सियां ​​और टेबल और उनके इस्तेमाल की हाथ से बनी गुड़िया रखी हैं। यहां नेकचंद का पुतला उनके सामान के साथ रखा गया है, जो टूरिस्ट को उस महान कलाकार के बहुत करीब ले जाता है। 1982 से गवाह हैं धर्मा रॉक गार्डन में 1982 से काम कर रहे धर्मा ने घर के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने नेकचंद के साथ लंबे समय तक काम किया और डेली अलाउंस पर काम करते थे। उन्होंने कहा कि नेकचंद ने यह घर बहुत लगन और सोच-समझकर बनाया था। धर्मा के मुताबिक, 2015 में अपनी मौत से पहले नेकचंद अपनी पत्नी के साथ इसी घर में रहते थे। यह घर उनके लिए सिर्फ़ रहने की जगह नहीं थी, बल्कि एक ऐसी जगह थी जहां वे अपनी कला और सादगी के साथ जीते रहे।   विदेश से आए आर्किटेक्ट और मेहमान भी इस घर में रुकते थे नेकचंद सैनी के बेटे अनुज सैनी ने बताया कि यह घर 2000 से पहले बना था। उन्होंने कहा कि बाऊजी ने इस घर के बारे में बहुत सोचा था और 2013 से यहां रहने लगे थे। वे अपनी मौत से पहले तीन साल तक इस घर में रहे। घर का स्ट्रक्चर बहुत सिंपल है, इसमें कोई फ्लोर नहीं है, लेकिन दो बड़े कमरे और एक बड़ा हॉल है। सैनी ने बताया कि 2013 से पहले नेकचंद फाउंडेशन के आर्किटेक्ट और विदेश से आने वाले मेहमानों को भी यहां ठहराया जाता था। नेकचंद के जन्मदिन (2015 के बाद) पर होने वाले सेलिब्रेशन के दौरान, जो एंटरटेनर और आर्टिस्ट ज़्यादा दूर नहीं जा सकते, उन्हें भी इस घर में ठहराया जाता है। भावनाओं से जुड़ा घर अनुज सैनी ने बताया कि उन्हें इस घर में आकर हमेशा शांति मिलती है। पिता नेकचंद सैनी की हर याद, हर काम की चीज़ आज भी इस घर में संभालकर रखी गई है, जो इस जगह को सिर्फ़ एक इमारत नहीं, बल्कि एक जीती-जागती धरोहर बनाती है।

Kangana Ranaut का पंजाब विवाद: बुजुर्ग महिला केस में नया मोड़, जानें ताज़ा जानकारी!

बठिंडा  दिल्ली किसान आंदोलन के दौरान बुजुर्ग महिला महिंदर कौर को लेकर ट्विटर पर की गई टिप्पणी के मामले में सांसद कंगना रनौत के खिलाफ जिला अदालत में चल रहे प्रकरण की सोमवार को सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत में दोनों पक्षों के वकील उपस्थित रहे, जबकि बुजुर्ग महिला की तबीयत ठीक न होने के कारण वह अदालत में पेश नहीं हो सकीं। अदालत ने कंगना रनौत के वकील को निर्देश देते हुए कहा कि आगामी 5 जनवरी 2026 को सांसद कंगना रनौत स्वयं अदालत में उपस्थित होकर गवाहों की शिनाखत करें। अब इस मामले की अगली सुनवाई उक्त तिथि को होगी। इस संबंध में जानकारी देते हुए बुजुर्ग महिला महिंदर कौर के वकील बहनीवाल ने बताया कि पिछली सुनवाई के दौरान अदालत में महिंदर कौर और एक अन्य गवाह के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। सोमवार को मामले की अगली पेशी थी, लेकिन बुजुर्ग महिला की तबीयत खराब होने के चलते वह अदालत नहीं आ सकीं। वहीं, सांसद कंगना रनौत की ओर से उनके वकील अदालत में पेश हुए। वकील बहनीवाल ने बताया कि अब मामले में गवाही की प्रक्रिया होनी है, जिसको लेकर अदालत ने निर्देश जारी किए हैं। अगली पेशी पर गवाहों के बयान दर्ज किए जाए। क्या है मामला  यह मामला वर्ष 2021 का है, जब किसान आंदोलन चरम पर था। उस समय कंगना ने सोशल मीडिया पर एक ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने बठिंडा के गांव बहादुरगढ़ जंडिया की रहने वाली 81 वर्षीय बुजुर्ग किसान महिला महिंदर कौर की फोटो के साथ लिख दिया था कि ऐसी महिलाएं 100 रुपए में धरने में शामिल हो जाती हैं। इसके बाद माता महिंदर कौर ने अदालत में केस दायर किया था। अदालत में पेशी के दौरान  महिंदर कौर ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि वह कंगना को किसी भी हालत में माफ़ नहीं करेंगी। उन्होंने कहा कि वह इंसाफ मिलने तक लड़ाई जारी रखेंगी, ताकि भविष्य में कोई बुज़ुर्ग महिला के बारे में ऐसी टिप्पणी न करे।  

पंजाब की इन जगहों पर फिर जाएंगे मतदाता, Election Commission ने घोषित किया री-पोल

चंडीगढ़  आयोग के तय प्रोग्राम के मुताबिक, राज्य भर में 22 ज़िला परिषदों के 347 ज़ोन और 153 पंचायत समितियों के 2838 ज़ोन के सदस्यों के चुनाव के लिए आम चुनाव तसल्लीबख्श और शांतिपूर्ण ढंग से पूरे हो गए हैं। कुछ घटनाओं को छोड़कर, चुनाव के दौरान किसी जानी नुकसान या टकराव की कोई खबर नहीं है। आयोग ने इन जगहों पर फिर से चुनाव कराने के दिए आदेश 1. ब्लॉक समिति अटारी, ज़ोन नंबर 08 (खासा) (बूथ नंबर 52, 53, 54, 55) और ज़ोन नंबर 17 (वरपाल कलां) (बूथ नंबर 90, 91, 93, 94, 95)-अमृतसर ज़िला। 2. ब्लॉक समिति चन्नणवाल (ज़ोन नंबर 04), गांव रायसर पटियाला (बूथ नंबर 20)- ज़िला बरनाला। 3. ब्लॉक कोट भाई, गिद्दड़बाहा जिला श्री मुक्तसर साहिब में गांव बबानिया (बूथ नंबर 63 और 64) और गांव मधीर (बूथ नंबर 21 और 22)  4. गांव चन्नियां (पोलिंग स्टेशन 124)- जिला गुरदासपुर 5. पोलिंग बूथ 72, पंचायत समिति भोगपुर (ज़ोन चीन 4)– जिला जालंधर वहीं जानकारी के लिए बता दें कि दोबारा चुनाव 16.12.2025 को सुबह 8:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक होंगे और इन वोटों की गिनती 17.12.2025 को आम गिनती के साथ की जाएगी। 

कोहरे की चादर में ढकी ट्राईसिटी, अगले दो दिनों तक येलो अलर्ट लागू

चंडीगढ़  दिसंबर का आधा महीना लगभग खत्म हो चुका है और अब ट्राईसिटी में सर्दी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। पिछले कुछ दिनों से सुबह-शाम शहर में कोहरे की मोटी चादर छाई हुई है और ठंडी हवाएं चल रही हैं। रविवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं। इससे लोगों को सर्दी का एहसास हो रहा है। दिन में हल्के बादल भी छाए रहे, लेकिन बाद में तेज धूप खिली, जिससे लोगों को राहत मिली और छुट्टी के दिन लोग सड़कों और छतों पर धूप का मजा लेते दिखे। दिन का पारा अभी भी 26 डिग्री, रात में कड़ाके की ठंड रविवार को दिन का तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था, लेकिन रात होते-होते पारा तेजी से गिरकर 7.4 डिग्री पर आ गया। तापमान में यह गिरावट सिर्फ आंकड़ों तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि लोगों को खुद भी ठंड का एहसास हुआ। इस वजह से दिन में अभी भी लोग राहत महसूस कर रहे हैं।  कोहरे से सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार हुई धीमी कोहरे की वजह से सुबह और रात में सड़कों पर गाड़ियों की स्पीड अपने आप धीमी हो जाती है। आगे की सड़क ठीक से न दिख पाने की वजह से ड्राइवर फॉग लाइट का सहारा ले रहे हैं और ज़्यादा सावधानी बरत रहे हैं। ट्रैफिक डिपार्टमेंट ने लोगों से अपील की है कि कोहरे के दौरान धीरे गाड़ी चलाएं और सुरक्षित दूरी बनाए रखें। आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है ठंड मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। डिपार्टमेंट के मुताबिक, इस दौरान ट्राइसिटी के कई इलाकों में घना कोहरा गिरने की संभावना है। इससे विजिबिलिटी काफी कम हो सकती है। इसकी वजह से गाड़ी चलाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। डिपार्टमेंट के मुताबिक, आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है। आने वाले चार दिनों में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है और तापमान 22 डिग्री तक आ सकता है। हालांकि, अभी रात में पारा गिरने की कोई संभावना नहीं है।

20 दिसंबर को बदलेगी सरकारी स्कूलों की तस्वीर, शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने जारी किए नए निर्देश

रूपनगर पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग 20 दिसंबर को स्कूल प्रबंधन समितियों (एस.एम.सी.) के सहयोग से शिक्षा क्षेत्र में क्रांति लाने के उद्देश्य से प्रदेश भर के सभी स्कूलों में अभिभावकों की भागीदारी पर वर्कशॉप और मेगा पी.टी.एम. नामक वर्कशाप की एक व्यापक श्रृंखला का आयोजन कर रहा है। रयात बाहरा विश्वविद्यालय में स्कूल अध्यापकों की बैठक को संबोधित करते हुए बैंस ने कहा कि इस श्रृंखला की पहली  वर्कशॉप 20 दिसंबर को आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन कार्यशालाओं का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों को सशक्त बनाना है। सरकार चाहती है कि प्रत्येक अभिभावक को बच्चे की शैक्षणिक प्रगति, सरकारी स्कूलों के योगदान और स्कूल विकास में उनकी भूमिका के बारे में स्पष्ट जानकारी हो। यह प्रयास बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए घर और स्कूल के बीच एक मजबूत सेतु का काम करेगा। रयात बाहरा विश्वविद्यालय पहुंचने पर हरजोत बैंस का स्वागत विश्वविद्यालय के चांसलर गुरविंदर सिंह बाहरा और ग्रुप वाइस-चांसलर प्रोफेसर (डॉ.) संजय कुमार ने किया। शिक्षा मंत्री ने शिक्षा क्रांति के महत्व को उजागर करते हुए कहा कि इस पहल के तहत बड़े स्तर पर बुनियादी ढांचे के नवीनीकरण, स्कूल ऑफ एमिनेंस की स्थापना और सरकारी स्कूलों में सुविधाओं को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इसमें स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान प्रयोगशालाएं और चारदीवारी शामिल हैं। बैंस ने बताया कि 12,000 सरकारी स्कूलों को नई/मरम्मत की गई चारदीवारियों, कक्षाओं, शौचालयों और खेल मैदानों से उन्नत करने के लिए 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है। इसके अलावा, 118 मौजूदा सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को उन्नत सहकर्मी शिक्षण (एडवांस्ड पीयर लर्निंग) के लिए हाई-टेक “स्कूल ऑफ एमिनेंस” में परिवर्तित किया गया है। मंत्री ने कहा कि शिक्षा क्रांति का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों को प्रतिस्पर्धी बनाना और पंजाब के हर बच्चे के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है, जिसमें मजबूत बुनियादी ढांचे के विकास और तकनीकी प्रगति पर विशेष जोर दिया गया है। उन्होंने इस अभियान को सफल बनाने के लिए सरकारी स्कूलों के स्टाफ सदस्यों से सहयोग की अपील की।