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सीमा सुरक्षा में बड़ी सफलता, घुसपैठिया ने अवनीत कौर से मिलने की वजह बताई

ऑक्ट्रोई सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने जम्मू के आरएस पुरा सेक्टर में अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि आरएस पुरा सेक्टर में अंतर्राष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को गिरफ्तार किया गया. घुसपैठिए की पहचान पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सरगोधा निवासी सिराज खान के रूप में हुई है. BSF की शुरुआती जांच और पूछताछ में पता चला है कि सिराज खान पंजाबी एक्ट्रेस अवनीत कौर से मिलने आया था. हालांकि अभी भी BSF सहित दूसरी एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं. सिराज को  रात 9.20 बजे ऑक्ट्रोई चौकी पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने देखा. जिसके बाद उसे सीमा बाड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया गया. अधिकारी ने बताया कि सिराज के पास से कुछ पाकिस्तानी करेंसी नोट बरामद हुए हैं. फिलहाल भारतीय सीमा में घुसपैठ करने की उसकी कोशिश के पीछे के असली मकसद का पता लगाने के लिए पूछताछ की जा रही है. पाकिस्तान के सरगोधा का रहने वाला है आरोपी  घुसपैठिए की गिरफ्तारी के संबंध में बीएसएफ की तरफ से एक प्रेस रिलीज भी जारी की गई है. जिसमें कहा गया है कि 7 सितंबर 2025 को लगभग 21:10 बजे बीएसएफ के जवानों ने एक संदिग्ध गतिविधि देखी. जिसमें एक पाकिस्तानी नागरिक अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर जम्मू के सुचेतगढ़ तहसील में सीमा बाड़ की ओर आक्रामक रूप से बढ़ रहा था. सतर्क जवानों ने उसे चेतावनी दी, लेकिन उसने कोई ध्यान नहीं दिया. ऐसे में खतरा भांपकर बीएसएफ के जवानों ने उस पर गोलीबारी की. फिर उसे बीएसएफ की हिरासत में ले लिया गया. बाद में पूछताछ के दौरान उसने अपनी पहचान सिराज खान, पुत्र जाहिद खान, गांव 27 चक, तहसील भलवाल, जिला सरगोधा, पंजाब, पाकिस्तान के रूप में बताई. साथ ही उसने यह भी बताया है कि वह पंजाबी एक्ट्रेस अवनीत कौर से मिलने आया था.

पंजाब में PM मोदी की यात्रा से पहले सख्त पाबंदियां, प्रशासन ने जारी किए निर्देश

गुरदासपुर  भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 सितम्बर, 2025 को गुरदासपुर जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने आ रहे हैं। डॉ. हरजिंदर सिंह बेदी, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, गुरदासपुर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा अधिनियम, 2023 की धारा 163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, माननीय प्रधानमंत्री की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 9 सितम्बर 2025 तक गुरदासपुर जिले की सीमा के भीतर सभी प्रकार के ड्रोन उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए यह आदेश एकतरफा पारित किया गया।

स्टूडेंट्स के लिए बड़ी खबर: कल से फिर शुरू होंगी कक्षाएं, जानें मंत्री का बयान

चंडीगढ़ पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने कहा कि राज्य में बाढ़ के कारण हाल में बंद किये गए स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय नौ सितंबर से फिर से खुल जाएंगे। मंत्री ने कहा कि यदि कोई स्कूल या कॉलेज बाढ़ से प्रभावित होता है, तो उसे बंद करने का निर्णय संबंधित उपायुक्त द्वारा लिया जाएगा। पंजाब सरकार ने राज्य में दशकों की सबसे भीषण बाढ़ के मद्देनजर हाल में सभी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों को सात सितंबर तक बंद करने का आदेश दिया था। रविवार को ‘एक्स' पर एक पोस्ट में, बैंस ने कहा कि राज्य के सभी सरकारी, निजी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल, कॉलेज एवं विश्वविद्यालय फिर से खुलेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘आठ सितंबर को राज्य के सभी सरकारी स्कूल छात्रों के लिए बंद रहेंगे। शिक्षक विद्यालयों में मौजूद रहेंगे और पंचायतों, नगर परिषदों और नगर निगमों के सहयोग से स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा।'' बैंस ने कहा, "शिक्षक स्कूल भवनों का गहन निरीक्षण करेंगे। यदि कोई समस्या पाई जाती है, तो इसकी सूचना तुरंत जिले के उपायुक्त और इंजीनियरिंग विभाग को दी जानी चाहिए।" उन्होंने कहा कि नौ सितंबर से सभी सरकारी स्कूल सामान्य रूप से फिर से खुलेंगे। बैंस ने कहा कि निजी विद्यालयों के प्रबंधन को यह सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा कि स्कूल भवन और कक्षाएं पूरी तरह सुरक्षित हों। हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद सतलुज, व्यास और रावी नदियों और मौसमी जलधाराओं में उफान के कारण पंजाब के बड़े हिस्से में बाढ़ आ गई है। इसके अलावा, हाल के दिनों में पंजाब में हुई भारी बारिश ने बाढ़ की स्थिति और विकराल कर दी है।

PM मोदी 9 सितंबर को गुरदासपुर पहुंचेंगे, बाढ़ प्रभावित इलाकों का करेंगे निरीक्षण

गुरदासपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार 9 सितंबर को पंजाब का दौरा करने वाले हैं. इस दौरान वह बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे. पंजाब में अब तक लगभग 2 हजार गांव पानी में डूबे हैं और 2 लाख हेक्टेयर की फसल पूरी तरह खत्म हो चुकी है. देश के कई राज्यों में इस भारी बारिश के कारण हालात खराब बने हुए हैं. खासतौर पर पंजाब में स्थिति बेहद खराब है. अब तक प्रदेश में बाढ़ के कारण ही 46 लोगों की जान जा चुकी है. इसके अलावा लाखों लोग प्रभावित हुए हैं. लगभग 2 हजार गांव बाढ़ की चपेट में हैं और 2 लाख हेक्टेयर फसल खराब हो चुकी है.  पीएम नरेंद्र मोदी 9 सितंबर को पंजाब जाएंगे और बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे. वह गुरदासपुर पहुंचकर हालात देखेंगे. इस दौरे को हर पंजाबवासी आश की नजर से देख रहा है. ऐसा इसलिए क्योंकि पीएम मोदी पंजाब दौरे के दौरान किसी बड़े पैकेज की घोषणा कर सकते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाढ़ पीड़ितों के लिए आर्थिक पैकेज या मुआवजे की घोषणा कर सकते हैं. बाढ़ की चपेट में 2 हजार गांव पंजाब में 17 अगस्त के बाद से ही बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं. पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण प्रदेश के लगभग 2 हजार से ज्यादा गांव पूरी तरह जलमग्न हैं. गांवों के लोगों को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है. बाढ़ के कारण प्रदेश भर की 2 लाख हेक्टेयर से ज्यादा की फसल पूरी तरह खत्म हो चुकी है. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो अब तक प्रदेश को 10 हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो चुका है. पीएम मोदी कर सकते हैं पैकेज का ऐलान पंजाब सरकार ने पहले ही राज्य को आपदाग्रस्त घोषित कर दिया है. इसके साथ ही सरकार की तरफ से केंद्र से 60 हजार करोड़ के फंड की मांग की गई है. पीएम मोदी के इस दौरे में ऐसा माना जा रहा है कि उनकी तरफ से किसी पैकेज की घोषणा की जा सकती है. पंजाब के कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं. आर्मी इन क्षेत्रों में लगातार बचाव और राहत कार्यों में जुटी हुई है. पंजाब में बाढ़ की मार झेल रहे लोगों की मदद के लिए बॉलीवुड एक्टर सलमान खान आगे आए हैं. उनके अलावा भी कई एक्टर्स ने गांवों को गोद लिया है.  

बारिश/बाढ़ के हालात पर बड़ा फैसला, पंजाब के इस जिले में स्कूल रहेंगे बंद

अमृतसर  अमृतसर जिले के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूल कल 8 सितंबर को बंद रहेंगे। डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। उन्होंने स्कूलों के प्रधानाचार्यों और प्रबंधक कमेटियों को निर्देश दिया है कि वे स्वयं इमारतों का निरीक्षण करें और जिला शिक्षा अधिकारी को लिखित रिपोर्ट भेजें। इमारतें सुरक्षित पाई जाने पर 9 सितंबर से स्कूल खोल दिए जाएंगे। हालांकि, बाढ़ प्रभावित इलाकों रमदास, अजनाला और लोपोके के स्कूल अगली सूचना तक बंद रहेंगे। इन इलाकों की इमारतों के साथ-साथ स्कूलों तक जाने वाली सड़क का भी निरीक्षण करना होगा। रिपोर्ट मिलने के बाद ही अगला फैसला लिया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी राजेश शर्मा ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों के जो बच्चे अस्थायी रूप से दूसरे इलाकों में रह रहे हैं, वे पास के स्कूलों में दाखिला ले सकते हैं। इस संबंध में स्कूलों को आदेश भेज दिए गए हैं ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि ज्यादातर स्कूल सुरक्षित हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर इन्हें पूरी तरह से सफाई, सैनिटाइजेशन और सुरक्षा निरीक्षण के बाद ही खोला जाएगा। जिले के और स्कूल 9 सितंबर से खुलेंगे, लेकिन अजनाला-1, अजनाला-2, चोगावां-1 और चोगावां-2 ब्लॉक के स्कूल अभी बंद रहेंगे। स्कूलों को यह प्रमाण पत्र जारी करना अनिवार्य होगा कि इमारत सुरक्षित है और परिसर में कोई खतरा नहीं है। माध्यमिक, उच्च और मिडल स्कूलों को यह प्रमाण पत्र ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को और प्राथमिक स्कूलों द्वारा ब्लॉक प्राइमरी शिक्षा अधिकारी को भेजना होगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना प्रमाण पत्र के किसी भी स्कूल को खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी और अगर कोई समस्या आती है, तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित स्कूल प्रशासक की होगी। प्रशासन बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।  

BJP की मदद से बाढ़ पीड़ितों तक पहुँची राहत, धनखड़ ने किया ट्रकों का उद्घाटन

पंजाब  पंजाब में आई भीषण बाढ़ के पीड़ितों की सहायता के लिए भारतीय जनता पार्टी ने राहत कार्यों की शुरुआत कर दी है। इसी क्रम में भाजपा के राष्ट्रीय सचिव सुमेधानंद धनखड़ ने झज्जर से राहत सामग्री से भरे ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। धनखड़ ने इस अवसर पर कहा कि "आपदा की घड़ी में देश एकजुट होता है, यही हमारी संस्कृति और सभ्यता की पहचान है।" उन्होंने बताया कि देशवासियों ने पहले भी बिहार, गुजरात और उत्तराखंड जैसी आपदाओं में बढ़-चढ़कर सहायता पहुंचाई है। धनखड़ ने झज्जर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने नहरों की क्षमता को देखते हुए समय रहते उचित कदम उठाए हैं। बादली और बहादुरगढ़ से गुजरने वाली नहरों पर मिट्टी के कट्टे डालकर पानी को नियंत्रित किया गया, वहीं जल निकासी के लिए पंप सेट लगाए गए हैं। बिजली विभाग भी इस कार्य में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। धनखड़ ने कहा कि मकान, सड़कों और गलियों का निर्माण करते समय प्राकृतिक जल प्रवाह (नेचुरल फ्लो) का ध्यान रखा जाना चाहिए, ताकि भविष्य में जलभराव की स्थिति से बचा जा सके। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे इस दिशा में जागरूकता दिखाएं।धनखड़ ने विपक्षी दलों से भी आग्रह किया कि "यह समय राजनीति करने का नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की मदद का है।" उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद बाद में भी सुलझाए जा सकते हैं, लेकिन संकट के समय सहयोग ही सबसे बड़ा धर्म होता है। धनखड़ ने कहा कि भाजपा सदैव समाज के साथ खड़ी रही है और आगे भी हर आपदा में जनसेवा करती रहेगी। इस मौके पर उनके साथ भाजपा के झज्जर जिलाध्यक्ष विकास बाल्मीकि,जिला परिषद अध्यक्ष कप्तान बिरधाना,भाजपा नेता संजय कबलाना भी मौजूद थे।

जानें: पंजाब में कल कौन-कौन से शिक्षण संस्थान रहेंगे बंद और कौन खुलेंगे

पंजाब  पंजाब में बाढ़ की मार के कारण 8 सितंबर (सोमवार) को प्रदेश के सभी सरकारी स्कूल छात्रों के लिए बंद रहेंगे। हालांकि सरकारी, निजी और एडेड कॉलेज व विश्वविद्यालय सामान्य रूप से खुले रहेंगे। इसकी जानकारी पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने अपने X अकाउंट के माध्यम से दी। शिक्षा मंत्री द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, प्रदेश के सभी सरकारी, निजी और एडेड स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय 8 सितंबर से सामान्य रूप से खुलेंगे। लेकिन यदि कोई कॉलेज बाढ़ से प्रभावित है, तो उसे बंद करने का निर्णय संबंधित जिले का डिप्टी कमिश्नर लेंगे।   शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि 8 सितंबर को सभी सरकारी स्कूल छात्रों के लिए बंद रहेंगे, लेकिन शिक्षक स्कूलों में मौजूद रहेंगे और साफ-सफाई सुनिश्चित करेंगे। इसके लिए पंचायतों, नगर परिषदों और नगर निगमों की मदद ली जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी सरकारी स्कूल की इमारत में कोई नुकसान या दिक्कत पाई जाती है, तो उसकी जानकारी तुरंत डिप्टी कमिश्नर और इंजीनियरिंग विभाग को दी जाए। सभी सरकारी स्कूल 9 सितंबर (मंगलवार) से सामान्य रूप से खुल जाएंगे। प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधकों को भी निर्देश दिया गया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि स्कूल की इमारत और कक्षाएं पूरी तरह सुरक्षित हों। गौरतलब है कि बाढ़ की वजह से पंजाब सरकार ने प्रदेश के सभी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों में छुट्टियां घोषित कर दी थीं। लेकिन अब हालात में सुधार देखते हुए डिप्टी कमिश्नरों को अपने स्तर पर निर्णय लेने के अधिकार दिए गए हैं।

त्राहिमाम पंजाब! बाढ़ ने ली 46 जानें, डूबे हजारों गांव, लाखों किसानों की फसल तबाह

लुधियाना  पंजाब में इस समय भारी तबाही का मंजर है. लोग बेघर हो गए हैं. उनके आशियाने उजड़ गए हैं. विनाशकारी बाढ़ में कई लोगों की मौत हो गई. मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है. अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 46 हो गई है, जबकि 1.75 लाख हेक्टेयर जमीन पर खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं. NDRF, BSF, सेना, पंजाब पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें लगातार राहत बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं. जहां पंजाब दशकों में आई सबसे ज्यादा भीषण बाढ़ का सामना कर रहा है. वहीं हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में कम तबाही नहीं मची हुई है. भारी बारिश के कारण सतलुज, ब्यास और रावी नदियों और मौसमी नालों के उफान के चलते यह स्थिति बनी हुई है. इसके अलावा पंजाब में हुई भारी बारिश ने हालात को और गंभीर कर दिया, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. बांधों पर पानी का जलस्तर अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार को पोंग बांध के जलस्तर में मामूली कमी 1,394.19 फुट दर्ज की गई. हालांकि, यह अब भी अधिकतम सीमा 1,390 फुट से चार फुट ऊपर है. शुक्रवार को बांध में पानी का प्रवाह 99,673 क्यूसेक था, जो घटकर 47,162 क्यूसेक रह गया. वहीं भाखड़ा बांध में शनिवार को जलस्तर 1,678.14 फुट दर्ज किया गया, जो शुक्रवार को 1,678.47 फुट था. सतलुज नदी पर बने इस बांध में पानी का प्रवाह 62,481 क्यूसेक और निकासी 52,000 क्यूसेक रही. पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने राज्य में बाढ़ को पांच दशकों में आई सबसे ज्यादा भीषण बताया. उन्होंने कहा कि पंजाब और पड़ोसी पहाड़ी राज्यों में लगातार हुई बारिश ने भारी तबाही मचाई हुई है, जिससे सभी जिलों के लगभग 2,000 गांव प्रभावित हुए हैं. 3.87 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं और 46 मौतों की जानकारी अभी तक सामने आई है. 1 अगस्त से 5 सितंबर के बीच 14 जिलों से 43 मौतें दर्ज की गई थीं और 23 जिलों के 1,996 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. कहां हुई सबसे ज्यादा मौतें? सबसे ज्यादा मौतें होशियारपुर और अमृतसर में 7-7 हुईं. पठानकोट में 6, बरनाला में 5, लुधियाना और बठिंडा में 4-4, मानसा में 3, गुरदासपुर, रूपनगर और एसएएस नगर में 2-2 और पटियाला, संगरूर, फाजिल्का और फिरोजपुर से 1-1 मौतें दर्ज की गईं. पठानकोट में 3 लोग लापता हैं. अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से जिले में पानी खतरनाक स्तर पर है और लगातार बाढ़ से गांवों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं. अधिकारियों के मुताबिक अब तक 22,854 लोगों को प्रभावित इलाकों से निकाला जा चुका है. वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा चीमा ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कृषि क्षेत्र को 18 जिलों में भारी नुकसान हुआ है. इसके अलावा बुनियादी ढांचे मकानों और पशुओं को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है. उन्होंने बताया कि घग्गर नदी का जलस्तर भी 750 फुट के खतरे के निशान को पार कर गया है. रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने ये भी बताया कि पूरे राज्य में लगभग 200 राहत शिविर लगाए गए हैं, जहां 7,000 से ज्यादा विस्थापित लोगों को रखा गया है. NDRF की 24 और SDRF की दो टीमें, 144 बोट की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं. वहीं होशियारपुर में टांडा और मुकेरियां उप-विभागों के निचले इलाकों में भारी नुकसान हुआ है, जहां धान, गन्ना और मक्का जैसी फसलों को भारी क्षति हुई है. डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने कहा कि नुकसान का आकलन करने के लिए डिटेल्ड सर्वे कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा और समय पर राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए सभी विभाग अच्छे से काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हालात काबू में हैं. इस बीच, कपूरथला जिले के डिप्टी कमिश्नर अमित कुमार पंचाल ने बताया कि ब्यास नदी में पानी का प्रवाह 1.72 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया है.

आपदा पीड़ितों के लिए राहत सामग्री हुई रवाना, मनोहर लाल ने किया शुभारंभ

पंजाब  पंजाब में आई भीषण बाढ़ ने जन-जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। प्रदेश के 23 जिलों के सैकड़ों गांव पानी में डूबे हुए हैं। खासकर फिरोजपुर, तरनतारन, मोगा, गुरदासपुर और जालंधर जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। खेत-खलिहान, घर और सड़कें पानी में डूबने से लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं। इस त्रासदी की घड़ी में केंद्र सरकार पूरी संवेदनशीलता और दृढ़ता के साथ पंजाब सरकार और बाढ़ पीड़ितों के साथ खड़ी है। इसी क्रम में रविवार को केंद्रीय शहरी विकास, आवास एवं ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सोनीपत भाजपा कार्यालय से राहत सामग्री से भरे ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन ट्रकों में कपड़े, खाद्य सामग्री, पानी की बोतलें, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान शामिल है, जिन्हें सीधे बाढ़ प्रभावित जिलों में भेजा जाएगा। मनोहर लाल ने कहा कि संकट की इस घड़ी में हरियाणा के लोग पंजाब के साथ खड़े हैं। भाजपा संगठन और कार्यकर्ता लगातार प्रभावित गांवों में पहुंचकर मदद पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया और सहयोग जारी रखने का आह्वान किया। इस अवसर पर सोनीपत के मेयर राजीव जैन, विधायक निखिल मदान, राई से विधायक कृष्णा गहलोत सहित कई वरिष्ठ भाजपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने मिलकर राहत सामग्री चढ़ाने और उसके वितरण की तैयारी में हिस्सा लिया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने हमेशा प्राकृतिक आपदाओं में देशवासियों की चिंता की है। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से पंजाब के प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत मिलेगी और हालात सामान्य होंगे।

भयावह बाढ़ पंजाब में: 13,000 करोड़ से अधिक का आर्थिक और मानविक संकट

पंजाब पंजाब में बाढ़ ने तबाही मचा दी है। राज्य के 23 जिलों के 1960 गांव बाढ़ की मार झेल रहे हैं, जहां 1.74 लाख हेक्टेयर फसलें प्रभावित हुई हैं और 46 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा, लाखों लोगों के घर और सामान का नुकसान हुआ है। पंजाब सरकार के शुरुआती अनुमानों के अनुसार, राज्य को बाढ़ से अब तक 13,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है। पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा के नेतृत्व में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने शनिवार को चंडीगढ़ में केंद्रीय टीम के सदस्यों के साथ बैठक में यह आंकड़े साझा करते हुए राज्य के लिए विशेष राहत पैकेज की मांग की। केंद्रीय टीम को बताया गया कि किसानों के पशुधन का भी काफी नुकसान हुआ है। लगभग एक दर्जन जिलों की सड़कें, पुल, बिजली ट्रांसफार्मर, स्कूल, स्वास्थ्य संस्थान और कई अन्य बुनियादी ढांचे क्षतिग्रस्त हुए हैं। सबसे ज्यादा नुकसान गुरदासपुर और अमृतसर में हुआ है। अधिकारियों ने राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष के मुआवजा नियमों में संशोधन की मांग भी की, ताकि पीड़ितों को उचित मुआवजा दिया जा सके। उन्होंने कहा कि किसानों को फसल क्षति के लिए 6800 रुपये प्रति एकड़ के बजाय 50 हजार रुपये प्रति एकड़ दिए जाने चाहिए। जनहानि के लिए 4 लाख रुपये के बजाय 8 लाख रुपये दिए जाने चाहिए। इसके अलावा, विकलांगता के लिए 1.5 लाख रुपये और दुधारू पशु की मौत पर 75 हजार रुपये दिए जाएं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की छतें गिर गई हैं, उनके मुआवजे में भी वृद्धि की जानी चाहिए। हालांकि, पंजाब सरकार के विभिन्न विभाग बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन कर रहे हैं और अंतिम रिपोर्ट बाढ़ खत्म होने के बाद ही तैयार की जाएगी। गौरतलब है कि केंद्रीय अधिकारियों की एक टीम 4 सितंबर को पंजाब पहुंची थी और उसने दो दिनों तक विभिन्न बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा किया।