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मुख्यमंत्री भगवंत मान की हेल्थ अपडेट: डॉक्टरों ने क्या दी हिदायत?

पंजाब  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की हालत में अब सुधार है। मेडिकल टीम ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है। पिछले साल भी इन्हीं दिनों में मुख्यमंत्री भगवंत मान को एक संक्रामक बीमारी ने घेर लिया था। मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में नियमित जांच के दौरान लेप्टोस्पायरोसिस की पुष्टि हुई थी। यह बीमारी गंदे पानी की वजह से फैलती है। गौरतलब है कि पंजाब के 23 जिलों में इन दिनों बारिश और बाढ़ के कारण तबाही फैली है। मुख्यमंत्री भगवंत मान आज अरविंद केजरीवाल के साथ बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा करने वाले थे, तबीयत को देखते हुए मुख्यमंत्री मान ने आज का दौरा रद्द कर दिया है। अरविंद केजरीवाल सुलतानपुर लोधी के दौरे पर रहेंगे। बीते दिन प्रधानमंत्री मोदी ने भी पंजाब की बाढ़ को देखते हुए केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया था।   बाढ़ पीड़ितों के लिए सीएम मान ने मांगा था सहयोग बीते दिन 3 सितंबर को मुख्यमंत्री मान ने एक्स अकाउंट पर ट्वीट शेयर कर पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के लिए सहयोग मांगा था। मुख्यमंत्री मान ने लिखा था कि हर मुश्किल घड़ी में पंजाब हमेशा दूसरों के साथ खड़ा रहा है। आज पंजाब में आई प्राकृतिक आपदा को देखते हुए सभी को इसके साथ खड़े होने की जरूरत है। आइए एक-दूसरे का सहारा बनें। बाढ़ पीड़ित परिवारों के लिए चल रहे राहत कार्यों में अपना योगदान दें। आप इसके लिए तस्वीर में दिए गए मुख्यमंत्री राहत कोष के QR कोड को स्कैन करके या फिर दिए बैंक खाते में राशि भेज सकते हैं। समय कठिन ज़रूर है, लेकिन एक-दूसरे के साथ से यह भी बीत जाएगा। पंजाब में पोंग ओर भाखड़ा डैम में बढ़ा जलस्तर गौरतलब है कि पंजाब के मैदानी इलाके और हिमाचल के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते पोंग ओर भाखड़ा डैम में पानी का जलस्तर कम होने का नाम नहीं ले रहा।जिस कारण पंजाब के कई जिले बाढ़ से पूर्ण रूप से प्रभावित है।वही लगातार डैमो से हजारों लाखों क्यूसेक पानी लगातार छोड़ा जा रहा है। डैमो से छोड़े जा रहे पानी से पंजाब के मैदानी इलाकों में बाढ़ की स्थिति ज्यों की त्यों ही है।आज पोंग डैम से 99 हजार 673 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा तो दूसरी ओर भाखड़ा डैम से 80 से 85 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। पोंग ओर भाखड़ा डैम से लगातार पानी छोड़ने के कारण सतलुज ओर ब्यास दरिया का पानी ओर उफान पर चढ़ जाएगा।जिसे लेकर प्रशासन ने दरिया के किनारों से लोगों को दूर रहने के निर्देश दिए है।

हर साल की तबाही नहीं, चाहिए स्थायी उपाय : डॉ. बलबीर सिंह

राजपुरा पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बुधवार को सराला हेड और कम्युनिटी हेल्थ सेंटर घनौर का दौरा कर घग्गर नदी के बहाव और स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ की मार केवल पंजाब तक सीमित नहीं है, बल्कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में भी हालात गंभीर हैं। इसलिए केंद्र सरकार को सभी राज्यों को साथ लेकर इसका स्थाई समाधान निकालना चाहिए। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रभावित इलाकों में पंजाब सरकार हर समय लोगों के साथ खड़ी है। घनौर समेत आसपास के अस्पतालों में 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। आपातकालीन हालात से निपटने के लिए अतिरिक्त डॉक्टर और स्टाफ तैनात किए गए हैं। पीने के पानी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्लोरीन की गोलियां बांटी जा रही हैं, वहीं मोबाइल मेडिकल टीमें और रैपिड रिस्पांस टीमें भी सक्रिय हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से अपील की कि वे घबराएं नहीं, बल्कि सतर्क रहें। प्रशासन लगातार हालात की निगरानी कर रहा है और जरूरी दिशा-निर्देश समय-समय पर जारी कर रहा है। इस मौके पर पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉर्पोरेशन के वाइस चेयरमैन मनिंदरजीत विक्की घनौर, एसडीएम राजपुरा अविकेश गुप्ता, ड्रेनेज विभाग के एसई रजिंदर घई और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

बाढ़ पर रिपोर्ट सौंपने के बाद राज्यपाल संग बैठक, शिवराज सिंह चौहान पहुंचे पंजाब

पंजाब  केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुंच गए हैं। वह आज अमृतसर और गुरदासपुर जिलों सहित विभिन्न इलाकों का निरीक्षण करेंगे और हालात की समीक्षा करेंगे। इससे पहले पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने अमृतसर स्थित श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की और उन्हें पंजाब के पांच सरहदी जिलों — अमृतसर, पठानकोट, गुरदासपुर, तरनतारन और फिरोजपुर में आई बाढ़ संबंधी विस्तृत रिपोर्ट सौंपी।   राज्यपाल कटारिया ने 1 से 4 सितंबर तक इन पांच जिलों का दौरा किया था। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को मानव जीवन, संपत्ति, फसलों और बुनियादी ढांचे को हुए बड़े पैमाने पर नुकसान के बारे में जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने पंजाब सरकार, जिला प्रशासन, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियों द्वारा संयुक्त रूप से चलाए जा रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों की प्रगति की भी जानकारी दी। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उनका यह दौरा बाढ़ प्रभावित लोगों से मिलकर उनकी तात्कालिक जरूरतों को समझने के लिए है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार पंजाब को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी, ताकि राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाई जा सके। मंत्री पूरे दिन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहकर लोगों से मुलाकात करेंगे और शाम को पंजाब के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद वे दिल्ली रवाना हो जाएंगे।

पंजाब त्रासदी: तबाही मचाती बाढ़ से अब तक 37 की जान गई, लाखों लोग बेघर

गुरदासपुर पंजाब इस समय 1988 के बाद की सबसे भयावह बाढ़ का सामना कर रहा है. भारी बारिश और हिमाचल प्रदेश व जम्मू-कश्मीर से छोड़े गए पानी के कारण राज्य की प्रमुख नदियां सतलुज, ब्यास और रावी उफान पर हैं. मौसमी नाले भी खतरे के स्तर से ऊपर बह रहे हैं. अब तक बाढ़ में 37 लोगों की मौत हो चुकी है और साढ़े 3 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं. राज्य के सभी 23 जिले बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं, जबकि 1,655 गांव पानी से डूब गए हैं. बाढ़ के कारण पंजाब में 1.48 लाख हेक्टेयर से ज्यादा खड़ी फसलें तबाह हो चुकी हैं. किसानों को पशुधन के नुकसान की भी मार झेलनी पड़ रही है. कई घर जमींदोज हो गए हैं या पानी में बह गए हैं. कई इलाकों में खेत तालाब और झील में तब्दील हो गए हैं, जिनकी गहराई 8 से 10 फीट तक पहुंच गई है. ग्रामीण नावों के सहारे इधर-उधर जा रहे हैं. सबसे ज्यादा प्रभावित जिले गुरदासपुर, पठानकोट, फाजिल्का, कपूरथला, तरनतारन, फिरोजपुर, होशियारपुर और अमृतसर सबसे प्रभावित जिलों में शामिल हैं. प्रशासन ने कई राहत शिविर स्थापित किए हैं, लेकिन बहुत से लोग अब भी अपने मवेशियों और घरों के पास ही छतों या ऊंचे प्लेटफार्मों पर डटे हुए हैं. सरकार और नेताओं की अपील मुख्यमंत्री भगवंत मान ने फिरोजपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और कहा कि सरकार ने विशेष गिरदावरी (नुकसान आकलन सर्वे) शुरू कर दी है. उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रभावित परिवारों को मुआवजा मिलेगा. मान ने कहा, “जब भी देश संकट में आया, पंजाब ने साथ दिया. आज पंजाब संकट में है, देश को हमारे साथ खड़ा होना चाहिए.” आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल गुरुवार को बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा करेंगे और राहत कार्यों की समीक्षा करेंगे. इससे पहले मनीष सिसोदिया ने तरनतारन में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया था, जबकि राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने अपनी स्थानीय क्षेत्र विकास निधि से 3.25 करोड़ रुपये राहत कार्यों के लिए दिए हैं. जनसहयोग भी जारी पंजाब के कलाकारों और सामाजिक संगठनों ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है. सोनू सूद, दिलजीत दोसांझ, गिप्पी ग्रेवाल, करण औजला, अम्मी विर्क और रंजीत बावा जैसे कलाकार लोगों की मदद के लिए आगे आए हैं. सरकारी एजेंसियों के साथ कई एनजीओ और सिख संस्थाएं राहत व बचाव कार्य में जुटी हैं. राज्य के सभी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय 7 सितंबर तक बंद कर दिए गए हैं. वहीं, भाखड़ा डैम में पानी का स्तर 1677.84 फीट तक पहुंच चुका है, जो अधिकतम क्षमता 1680 फीट के बेहद करीब है.

मारवाड़ी सम्मेलन का भव्य अधिवेशन: 6-7 सितंबर को पवन गोयनका संभालेंगे राष्ट्रीय अध्यक्ष पद

नई दिल्ली दिल्ली प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन के आतिथ्य में अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन का 28वां राष्ट्रीय अधिवेशन 6 और 7 सितम्बर, 2025 को अध्यात्म साधना केंद्र, छतरपुर में आयोजित किया जाएगा। इस भव्य आयोजन में देशभर के मारवाड़ी समुदाय के शीर्ष उद्योगपति और सामाजिक क्षेत्रों में विशेष उपलब्धि हासिल करने वाले लोग भाग लेंगे। अधिवेशन के पहले दिन दिल्ली के प्रसिद्ध उद्योगपति श्री पवन कुमार गोयनका अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन के निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करेंगे। श्री गोयनका को कोलकाता में आयोजित चुनावों में वर्ष 2025-2027 सत्र के लिए निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया है। इस राष्ट्रीय अधिवेशन में 25 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की 400 शाखाओं से लगभग 600 प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम में मिल्ककोज के चेयरमैन डॉ. श्याम सुन्दर अग्रवाल (स्वागताध्यक्ष), बीकानेरवाला ग्रुप के डायरेक्टर संजय अग्रवाल, रूपा गारमेंट्स के प्रमोटर पद्मश्री प्रहलाद राय अग्रवाल, टी टी बनियान समूह के प्रमोटर रिखब चंद जैन, गंगा रियलिटी होम्स के प्रमोटर्स अशोक गर्ग एवं सतीश गर्ग, के एल जे ग्रुप के चेयरमैन के एल जैन, रूंगटा माइंस-रुंगटा स्टील ग्रुप के चेयरमैन नन्दलाल रुंगटा, बोथरा फाउंडेशन के चेयरमैन शुभकरण बोथरा, जेकेजे ज्वेलर्स के प्रमोटर संजय मोसून, जीएन हॉस्टल के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रकाश अग्रवाल, त्रिवेणी इम्पेक्स ग्रुप के चेयरमैन अरुण पंसारी सहित देश के चोटी के उद्योगपति भाग लेंगे। अधिवेशन की पूर्व संध्या पर 5 सितम्बर की शाम को प्रसिद्ध गायक संजय मित्तल और शुभम रूपम द्वारा भजन संध्या का आयोजन होगा। 6 सितम्बर को दोपहर 1 बजे से सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले मारवाड़ी समाज के बंधुओं को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम संयोजक राज कुमार मिश्रा एवं प्रांतीय महामंत्री बसंत कुमार पोद्दार ने बताया कि राष्ट्रीय अधिवेशन की विधिवत शुरुआत 6 सितम्बर 2025 को दोपहर 2 बजे से की जाएगी। अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन देश में समाज की एकमात्र प्रतिनिधि संस्था है, जो 90 वर्षों से समाज सुधार, समाज कल्याण एवं राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में कार्य कर रही है।

डैम से बढ़ा खतरा: पंजाब बेहाल, हरियाणा-UP को भी अलर्ट जारी

नई दिल्ली सतलुज, रावी और ब्यास नदियों में आई बाढ़ से जूझ रहे पंजाब की चिंता बुधवार को और बढ़ गई। इसकी वजह है कि बड़े पैमाने पर भाखड़ा नांगल डैम और पौंग डैम से पानी छोड़ा गया है। भाखड़ा नांगल बांध से 75 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जो आमतौर पर 65 हजार रहा करता है। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के चलते बांधों में बड़े पैमाने पर पानी जमा है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि इस पानी के छोड़े जाने से आसपास के कई गांव प्रभावित हो सकते हैं। इसके अलावा पौंग डैम से भी बड़े पैमाने पर पानी छोड़ा गया है। सतलुज नदी का जलस्तर लगातार बढ़ ही रहा है और अब तक राहत के कोई संकेत नहीं मिले हैं। पंजाब के रूप नगर जिले के प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अलर्ट रहने को कहा है। इसके अलावा भाखड़ा नांगल से निकले पानी ने भी समस्या को बढ़ाया है। घग्गर नदी का जलस्तर बढ़ने से पटिलाया का जिला प्रशासन भी ऐक्टिव है। दरअसल पंजाब, हरियाणा, दिल्ली से लेकर पश्चिम यूपी तक मुसीबत यह है कि बारिश का दौर लगातार जारी है। इसके चलते बाढ़ से प्रभावित लोगों के बचाव या फिर जल निकासी का काम भी देरी से हो रहा है। घग्गर नदी के तट पर ही बसे मोहाली के भी कई इलाकों में प्रशासन सतर्क है। सतलुज, रावी और ब्यास नदी में आई बाढ़ इतनी भीषण है कि भारतीय हिस्से के पंजाब के साथ ही पाकिस्तान में भी भारी बाढ़ आई है। पाकिस्तानी पंजाब में तो लाखों लोगों का पलायन हुआ है और करीब ढाई हजार गांव डूब गए हैं। अब तक मिली जानकारी के अनुसार भारत के पंजाब में सूबे में 30 लोग बाढ़ के चलते मारे गए हैं, जबकि 3.50 लाख लोग प्रभावित हुए हैं और उन्हें पलायन तक करना पड़ा है। इस बीच मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर के कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तरी पंजाब, उत्तरी हरियाणा, पूर्वी राजस्थान, पश्चिम यूपी तक के लिए अलर्ट जारी हुआ है। मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ, मीरपुर, राजौरी, रियासी, जम्मू, रामबन, उधमपुर, सांबा, कठुआ, डोडा के लिए अलर्ट जारी किया है। भगवंत मान बोले- मदद में लापरवाही कर रही है केंद्र सरकार वहीं पंजाब के सीएम भगवंत मान ने आपदा के वक्त सहयोग न करने का आरोप केंद्र सरकार पर लगाया है। मान ने केंद्र पर बाढ़ प्रभावितों को राहत देने में लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री औऱ केंद्रीय गृहमंत्री से एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सरकार द्वारा दिए जाने वाले मुआवज़े के मौजूदा मानकों को बदलने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इसकी जरूरत है ताकि पंजाब में बाढ़ से प्रभावित लोगों को ज्यादा मुआवजा दिया जा सके। मंगलवार को फिरोज़पुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का नाव से दौरा करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि किसानों की बढ़ी हुई लागत और बाढ़ से हुए नुकसान को देखते हुए मुआवज़े की राशि बढ़ाना अब जरूरी हो गया है। अरविंद केजरीवाल भी जा रहे दौरा करने, पहुंच रहे सौरभ भारद्वाज इस बीच आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पंजाब का गुरुवार को दौरा करने वाले हैं। वह बाढ़ प्रभावित इलाकों में जाएंगे और प्रभावितों से बात भी करेंगे। केजरीवाल के साथ सीएम भगवंत मान भी रहेंगे। आम आदमी पार्टी की ओर से बताया गया कि अरविंद केजरीवाल प्रभावितों से मुलाकात करेंगे और उनसे बात करेंगे। इससे पहले केजरीवाल ने ऐलान किया कि आप की दिल्ली यूनिट के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज राहत सामग्री लेकर पहुंचेंगे। केजरीवाल ने कहा कि इस मुश्किल वक्त में पूरा देश पंजाब के साथ खड़ा होगा।

राज मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने कहा- पंजाब के साथ केंद्र कर रहा सौतेला व्यवहार

पंजाब  लगातार भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति के संबंध में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने खन्ना में पुली पर पानी की निकासी का जायज़ा लिया। इस मौके पर उनके साथ अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर खन्ना शिखा भगत, उपमंडल मजिस्ट्रेट खन्ना डॉ. बलजिंदर सिंह ढिल्लों, ड्रेनेज विभाग से एसडीओ जसकरण सिंह सेखों सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिए कि पानी की निकासी के लिए पुली की सफाई करवाई जाए। तरुणप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया लोगों से करोड़ों रुपये टोल टैक्स के रूप में वसूलने के बावजूद टूटी सड़कों की मरम्मत नहीं करवाती। कैबिनेट मंत्री सौंद ने कहा कि पंजाब का सीमावर्ती इलाका बाढ़ की मार झेल रहा है। इंसान प्रकृति के साथ की गई छेड़छाड़ का खामियाजा भुगत रहा है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के सभी मंत्री, विधायक और नेता बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार नेपंजाब के साथ हमेशा ही सौतेली मां जैसा व्यवहार किया है।

पंजाब में बाढ़ से हाहाकार, शिक्षा ठप, राहत-बचाव में जुटा प्रशासन

पंजाब  पंजाब में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। हालात इतने बिगड़े कि राज्य सरकार को सभी सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और पॉलिटेक्निक संस्थान 7 सितंबर तक बंद करने का आदेश जारी करना पड़ा। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने भी सक्रियता दिखाते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पंजाब भेजने का फैसला किया है। चौहान गुरुवार को प्रभावित जिलों का दौरा करेंगे और किसानों की स्थिति का जायजा लेंगे। प्रदेश में अब तक 30 लोगों की मौत और चार लोगों के लापता होने की पुष्टि हो चुकी है। साढ़े तीन लाख से अधिक लोग इस आपदा की चपेट में हैं। भारी बारिश और नदियों के उफान ने राज्य के कई हिस्सों को जलमग्न कर दिया है। पंजाब सरकार ने हालात की गंभीरता को देखते हुए पूरे राज्य को प्राकृतिक आपदा ग्रस्त क्षेत्र घोषित कर दिया है।   मुख्यमंत्री-राज्यपाल का दौरा मुख्यमंत्री भगवंत मान और राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया बुधवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा शुरू कर दिया है। दोनों नेता राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं और पीड़ित परिवारों से सीधे संवाद भी उन्होंने किया। सरकार ने स्पष्ट किया है कि राहत कार्यों में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। केंद्र सरकार का भरोसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री भगवंत मान से बात कर ताजा हालात की जानकारी ली है। इसके बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कहा कि पंजाब के लोगों को इस आपदा में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। चौहान ने बताया कि उन्होंने पंजाब के राज्यपाल और कृषि मंत्री से फोन पर बातचीत कर विस्तृत रिपोर्ट ली है। वे बृहस्पतिवार को पंजाब आकर हालात देखेंगे। उनका कहना है कि केंद्र सरकार की ओर से जो भी मदद ज़रूरी होगी, उसे तुरंत उपलब्ध कराया जाएगा। शिक्षा संस्थान 7 सितंबर तक बंद शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने कहा कि पहले तीन सितंबर तक छुट्टियां घोषित की गई थीं, लेकिन हालात बिगड़ने पर इन्हें 7 सितंबर तक बढ़ाना पड़ा। उन्होंने सभी संस्थानों को आदेश का सख्ती से पालन करने को कहा है। हालांकि, परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और कॉलेज स्तर पर दाखिला लेने वाले युवाओं में इसे लेकर चिंता है। सरकार ने आश्वासन दिया है कि अकादमिक कैलेंडर प्रभावित न हो, इसके लिए विकल्प तैयार किए जा रहे हैं। फसल और पशुधन को बड़ा नुकसान राज्य सरकार ने माना है कि बाढ़ से लगभग 3.75 लाख एकड़ कृषि भूमि प्रभावित हुई है, जिनमें से अधिकांश धान की खड़ी फसल थी। कटाई से पहले ही फसल का जलमग्न होना किसानों पर दोहरी मार साबित हो रहा है। साथ ही पशुधन के नुकसान से ग्रामीण परिवारों की आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पंजाब जैसे कृषि प्रधान राज्य में यह आपदा लंबे समय तक आर्थिक असर छोड़ सकती है। सरकार ने केंद्र से विशेष राहत पैकेज की मांग करने की तैयारी भी शुरू कर दी है।   आगे और बिगड़ सकते हैं हालात मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे में राज्य सरकार को राहत और बचाव कार्यों को और तेज करना होगा। अधिकारियों का कहना है कि यदि नदियों का जलस्तर और बढ़ता है तो अधिक गाँवों के डूबने का खतरा है। कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द, वार फुटिंग पर सेवाएं मुख्य सचिव केएपी सिन्हा की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द की जाती हैं। सभी विभागीय कर्मचारी सातों दिन और चौबीसों घंटे ड्यूटी पर रहेंगे। किसी को भी अनुपस्थित रहने की छूट नहीं होगी। डीसी को आपदा कानून के तहत अधिकार जिला उपायुक्तों को आपदा प्रबंधन अधिनियम 2025 की धारा 34 के तहत अधिकार दिया गया है कि वे तत्काल ज़रूरी आदेश जारी कर सकें। इसका मकसद यह है कि राहत और बचाव कार्यों में कोई देरी न हो और फैसले सीधे ज़मीनी स्तर पर लागू किए जा सकें। सभी विभागों पर कड़ी निगरानी आदेश में कहा गया है कि सभी विभागीय अधिकारी अपने-अपने आपातकालीन कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करें। पीडब्ल्यूडी, जल संसाधन विभाग और पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड को तुरंत सेवाएं बहाल करने का निर्देश दिया गया है। वहीं टेलीकॉम कंपनियों को मोबाइल और लैंडलाइन नेटवर्क सुचारु बनाए रखने को कहा गया है। पंचायतों और शहरी निकायों की भूमिका पंचायत राज संस्थान और शहरी निकायों को बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने का दायित्व सौंपा गया है। सरकार ने साफ कहा है कि स्थानीय निकाय ही सबसे पहले प्रभावित लोगों तक पहुँचेंगे और उन्हें जिला प्रशासन तथा राज्य सरकार से पूरा सहयोग मिलेगा।

भगोड़े AAP विधायक के गंभीर आरोप, कहा- दिल्ली टीम है ‘अब्दाली’

चंडीगढ़  पंजाब पुलिस से फरार घूम रहे AAP के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने अपनी ही सरकार पर आरोप लगाया है कि उनका एनकाउंटर भी हो सकता है। उन्होंने बुधवार को एक वीडियो जारी कर रहा है कि पंजाब सरकार ने मेरे पीछे 500 पुलिस वाले लगा रखे हैं। उन्हें पूर्व पत्नी से रेप के मामले में पुलिस खोज रही है। उनकी तलाश में पुलिस करनाल भी पहुंची थी, जहां वह अपने एक रिश्तेदार के यहां ठहरे थे। पुलिस पहुंची तो वह दीवार फांदकर भाग निकले। पुलिस ने उनका पीछा भी किया, लेकिन वह स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार होकर निकल गए। उन्हें पुलिस पकड़ नहीं सकी। अब उन्होंने एक वीडियो जारी किया है और कहा कि उन्हें एनकाउंटर का डर सता रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस मुझे एक गैंगस्टर घोषित करना चाहती है और एनकाउंटर दिखाकर मेरी हत्या की जा सकती है। विधायक ने कहा कि पुलिस के साथ मेरी कोई झड़प नहीं हुई। उन्होंने कहा कि पुलिस ने जब मेरी गाड़ी पर फायरिंग की तो मैं दूसरे दरवाजे से निकल रहा था। पुलिस के साथ मेरी कोई भिड़ंत या झड़प जैसी स्थिति नहीं बनी। यही नहीं विधायक ने कहा कि भगवान का शुक्र है कि मैं बाल-बाल बच गया। इससे पहले भी एक वीडियो विधायक ने जारी किया था। उनका कहना था कि आम आदमी पार्टी की दिल्ली लॉबी मुझे परेशान कर रही है। उन्होंने कहा था कि मेरी पंजाब के अपने साथी विधायकों और मंत्रियों से अपील है कि खड़े हों और अपनी बात रखें। पठानमाजरा ने कहा कि बाहरी शक्तियां पंजाब पर कब्जा जमाना चाहती हैं। पठानमाजरा ने कहा कि वह पुलिस का सम्मान करते हैं, लेकिन वे फिलहाल दिल्ली के आदेश पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैंने कुछ गलत नहीं किया है, लेकिन पूर्व पत्नी से जुड़े एक पुराने केस में मुझे फंसाया जा रहा है। हरमीत सिंह पठानमाजरा ने कहा कि मैंने कभी पुलिस से विवाद नहीं किया। उनकी तरफ से जब मुझे पर फायर हुआ तो मैं भागा। आज भगवान की कृपा से मैं जिंदा बैठा हूं। यही नहीं विधायक ने AAP की दिल्ली टीम की तुलना अहमद शाह अब्दाली से की। पठानमाजरा ने कहा कि जब अब्दाली पंजाब को झुका नहीं पाया तो फिर दिल्ली लॉबी के नेताओं की इतनी हिम्मत कहां है। विधायक ने कहा कि मेरी पंजाब के नेताओं से अपील है कि एकजुट हों और इस अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाएं। उन्होंने कहा कि मुझे तो पंजाब पुलिस गैंगस्टर ही घोषित करना चाहती है। मेरे पीछे 8 से 10 एसपी भेजे गए। 5 डीएसपी और एक दर्जन एसएचओ आए। कुल 500 पुलिसकर्मियों को मेरे पीछे भेजा गया था।  

बाढ़ से जूझ रहे लोगों के बीच पहुंचे मंत्री, किया नुकसान का आकलन

पंजाब  कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और बरिंदर कुमार गोयल ने आज संगरूर जिले में घग्गर प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया । मीडिया को संबोधित करते हुए मंत्री अरोड़ा और गोयल ने कहा कि पंजाब सरकार संकट को कम करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। 15,688 से ज़्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, और हज़ारों प्रभावित निवासी वर्तमान में राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। 12 ज़िलों के 1,000 से ज़्यादा गांव या तो जलमग्न हैं या बुरी तरह प्रभावित हैं, और लगभग 94,000 हेक्टेयर कृषि भूमि, जिसमें कटाई के करीब पहुंच चुके धान के खेत भी शामिल हैं, जलमग्न हो गई है। घग्गर नदी का वर्तमान जल प्रवाह 12,000 क्यूसेक है, जबकि नदी की क्षमता 12,200 क्यूसेक है। जल स्तर 747.7 फीट पर है, जो खतरे के निशान 748 फीट से थोड़ा नीचे है। इसके अतिरिक्त, उपायुक्त ने रात में नदी के किनारों पर पुलिस गश्त का निर्देश दिया है। घग्गर का जलस्तर खतरे के निशान पर : मूनक-खनौरी क्षेत्र से गुज़रने वाली घग्गर नदी का जलस्तर दो साल बाद एक बार फिर खतरे के निशान के पर पहुंच गया है। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से आसपास के गांवों के लोगों की सांसें फूल रही हैं, क्योंकि हरियाणा की ओर बढ़ते हुए घग्गर नदी की चौड़ाई कम होती जा रही है, जिससे घग्गर उफान पर आकर तबाही मचा रही है। सोमवार देर शाम तक पानी खतरे के निशान 748 से बस तीन इंच ही दूर रह गया था जो कि आज दोपहर बाद खतरे के निशान पर‌ पहुंच गया है। घग्गर की स्थिति कभी भी गंभीर हो सकती है। दूसरी ओर घग्गर नदी के किनारों में बड़ी बड़ी दरारें आनाखतरे की घंटी है।