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भक्ति का बड़ा चमत्कार: नवरात्रों में माता रानी ने बरसाई अपार कृपा, चमकी किस्मत

फाजिल्का   नवरात्रों के पवित्र दिनों के दौरान माता रानी की अपार कृपा फाजिल्का के एक परिवार पर हुई। शहर की मशहूर रूप चंद लॉटरी की दुकान से खरीदी गई टिकट ने एक व्यक्ति की जिंदगी खुशियों से भर दी। यह खुशकिस्मत व्यक्ति हैं गुरविंदर सिंह, जिन्हें कम नंबर 56062 के साथ दूसरा इनाम 45 हजार रुपये का मिला। गुरविंदर सिंह अपने बेटे की शादी के लिए सामान खरीदने फाजिल्का शहर आए थे। वापसी के दौरान वह रूप चंद लॉटरी की दुकान पर रुके और एक टिकट खरीदी। किसी ने भी नहीं सोचा था कि यह टिकट उनकी किस्मत के दरवाजे खोल देगी। दुकान के संचालक बोबी बवेजा ने बताया कि अभी उनकी दुकान पर माता रानी के चरण भी नहीं पड़े थे कि माता ने गुरविंदर सिंह को अपनी कृपा से नवाज दिया। यह खबर मिलते ही गुरविंदर सिंह के चेहरे पर खुशी स्पष्ट थी। परिवार के सदस्यों ने इस खुशी को साझा करते हुए नवरात्रों के पकौड़ों के साथ सोस लगाकर मुंह मीठा करवाया। मौके पर मौजूद लोगों ने भी गुरविंदर सिंह को बधाई दी और माता रानी का धन्यवाद किया। रूप चंद लॉटरी के संचालक बोबी बवेजा ने बताया कि उनकी दुकान का पुराना इतिहास भी इनामों से भरपूर रहा है। शरादों के दौरान केवल 13 दिनों में उनकी दुकान से 14 इनाम निकले थे, जिसने इलाके में चर्चा पैदा कर दी थी। इसके अलावा, एक ही दिन में चार इनाम निकलने का रिकॉर्ड भी उनकी दुकान के नाम है, जिसे अब तक किसी और लॉटरी संचालक ने नहीं तोड़ा।

मंगलवार है डेडलाइन: पंजाबियों, आज ही पूरा करें ये अहम काम वरना होगा नुकसान

जालंधर नगर निगम के प्रॉपर्टी टैक्स विभाग के सुपरिटेंडेंट महीप सरीन, भूपेंद्र सिंह, बठिंडा और राजीव ऋषि ने बताया कि जो लोग मंगलवार 30 सितंबर तक अपना प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाएंगे, उन्हें 10 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इसके पश्चात टैक्स की पूरी राशि अदा करनी होगी। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वर्षों के प्रॉपर्टी टैक्स पर लगने वाले ब्यास और पेनल्टी में 50 प्रतिशत की छूट की अंतिम तिथि भी 30 सितंबर ही है। अतः इस तिथि तक टैक्स भरने वालों को दोनों प्रकार की छूट का लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि टैक्स वसूली के लिए निगम ने शनिवार और रविवार को सरकारी छुट्टी के बावजूद अपने कलेक्शन सेंटर खुले रखे जिस दौरान 2 करोड़ रुपए तक का प्रॉपर्टी टैक्स प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि अब घरों और दुकानों के आगे लगाई गई यूआईडी नंबर प्लेटों के कारण विभाग के पास प्रत्येक संपत्ति का टैक्स विवरण उपलब्ध है। निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स न चुकाने वालों की सूची तैयार कर ली है और 1 अक्तूबर से बकायेदारों के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। असिस्टेंट कमिश्नर विक्रांत वर्मा ने नागरिकों से अपील की है कि वे घरों के आगे लगी नंबर प्लेट से यूआईडी नंबर लेकर अपना प्रॉपर्टी टैक्स मंगलवार तक जमा करवा दें और छूट का लाभ प्राप्त करें।

त्योहारों पर खुशखबरी: पंजाब सरकार ने दिया दिवाली का खास तोहफ़ा

लुधियाना  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब मंत्रिमंडल ने राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने और व्यापारिक माहौल को प्रोत्साहित करने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। इसे दिवाली से पहले व्यापारिक वर्ग के लिए बड़ा तोहफा माना जा रहा है। इस संबंध में जानकारी व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव साहिल अग्रवाल ने स्थानीय सर्किट हाऊस दी। व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव धर्मेंद्र सिंह रूपराय ने बताया कि बकाया मामलों के निपटारे और उद्योगों को राहत देने के लिए वन टाइम सैटलमैंट स्कीम (ओ.टी.एस.) को मंजूरी दी गई है। यह योजना 1 अक्तूबर से 31 दिसम्बर तक लागू रहेगी।  योजना के तहत 1 करोड़ रुपये तक के मामलों में कर राशि पर 50 प्रतिशत छूट और ब्याज व जुर्माने पर 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। 25 करोड़ रुपए तक के बकाया पर अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार राहत दी जाएगी, जबकि 25 करोड़ से अधिक मामलों में कर राशि पर 10 प्रतिशत छूट और ब्याज व जुर्माने पर 100 प्रतिशत छूट लागू होगी। व्यापार विंग के ग्रामीण अध्यक्ष परमपाल सिंह बावा ने बताया कि चावल मिल मालिकों के लिए भी ओ.टी.एस .योजना मंजूर की गई है जिससे ‘बीमार’ मिलों को फिर से सक्रिय कर रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकेंगे और किसानों को खरीफ सीजन के दौरान समय पर लाभ मिलेगा।   शहर व्यापार विंग के अध्यक्ष रोहित वर्मा ने कहा कि पंजाब मंत्रिमंडल ने जीएसटी संशोधन विधेयक को भी मंजूरी दे दी है ताकि करदाताओं को सुविधा मिल सके और अनुपालन आसान हो। इस मौके पर आप लुधियाना शहरी जिला अध्यक्ष व योजना बोर्ड चेयरमैन जतिंदर खंगूडा, जिला मीडिया इंचार्ज पुनीत साहनी, सचिव शेखर ग्रोवर, चिराग थापर, राज कुमार अग्रवाल, वरुण शर्मा, तजिंदर सिंह, गुरपाल सिंह, अमन थापर, गोल्डी सिंह, कमलप्रीत सिंह, इंद्रप्रीत सिंह, मोहित मित्तल, अनुज चौधरी, रोशन लाल, फतेह चंद खोसला, हरमीत सिंह भाटिया, जतिंदर सिंह हुड्डा सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

हरपाल चीमा vs बाजवा: पंजाब विधानसभा में शुरू हुआ जोरदार हंगामा

चंडीगढ़ पंजाब विधानसभा में उस समय हंगामा हो गया जब कैबिनेट मंत्री हरपाल चीमा ने विधायक प्रताप सिंह बाजवा द्वारा खरीदी गई जमीन को लेकर बयान दिया। चीमा ने कहा कि बाजवा ने डेढ़ महीने पहले पिंड फुलड़ा में ब्यास दरिया के पास लगभग 2 एकड़ जमीन खरीदी थी क्योंकि उन्हें पता था कि वहां रेत आएगी और माइनिंग होगी। इसके अलावा, गांव पसवाल में भी बाजवा ने 10 एकड़ ज़मीन खरीदी।  हरपाल चीमा ने आरोप लगाया कि बाजवा हर समय हाउस कमेटी बनाने और मंत्री गोयल के इस्तीफे की मांग करने में लगे रहते हैं और भाजपा के प्रवक्ता बनकर घूमते हैं। उन्होंने कहा कि बाजवा चाहते हैं कि सरकार किसानों की मदद करने के बजाय उनकी जमीनें बचाए। इस पर प्रताप सिंह बाजवा भड़क गए और कहा कि यह जमीन उनकी सरकार के समय के लिए खरीदी गई है और इसकी रजिस्ट्री सरकार के पास करवाई गई, किसी चोर से नहीं।

अमन अरोड़ा का पलटवार: बाजवा के बंबूकाट बयान पर करारा जवाब

चंडीगढ़ पंजाब विधानसभा सत्र के आखिरी दिन 'पंजाब पुनर्वास' प्रस्ताव पर बोलते हुए कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब में बाढ़ से जो तबाही मची है, वह पहले कभी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि बाढ़ से पहले ही पंजाब सरकार ने ड्रेनों और नालियों की सफाई करवाई थी। उन्होंने कहा कि बाढ़ से पहले ही पंजाब सरकार ने मंत्रियों की ड्यूटी उन जगहों पर लगा दी थी जहां थोड़ा-बहुत पानी आया था। अमन अरोड़ा ने कहा कि बाढ़ के दौरान लोगों ने जिस तरह सरकारी नुमाइंदों को प्यार दिया, वह देखने लायक था। उन्होंने प्रताप सिंह बाजवा के बंबूकाट वाले बयान पर तंज कसते हुए कहा कि हम सिर्फ बंबूकाट पर चढ़कर फोटो खिंचवाने नहीं गए थे। वह ग्राउंड पर काम करने वाले लोग हैं। अमन अरोड़ा ने कहा कि पिछले एक महीने से गाद निकालने की बात चल रही है। उन्होंने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि ब्यास नदी ने बहुत तबाही मचाई है। कांग्रेस की तुलना में उनकी सरकार ने गाद निकालने पर ज्यादा पैसा खर्च किया है। 

मान सरकार के एक्शन का इंतज़ार, सामने आया कारोबारियों से जुड़ा चौंकाने वाला राज़

लुधियाना  नोएडा के कॉल सैंटर से 3 कारोबारियों को फर्जी रेड के माध्यम से किडनैप कर 10 करोड़ की फिरौती मांगने के मामले में हर रोज नए नए खुलासे हो रहे है। जो किसी फिल्म की स्टोरी से कम नही लग रहे। चाहे पुलिस इस मामले में अभी तक एक ही बदमाश को गिरफ्तार कर पाई है।  लेकिन जिस प्रकार से फिरौती की योजना बनाई गई थी,वो इस तरफ इशारा करती है कि यह खेल काफी समय से चल रहा है और सारे खिलाड़ी सीनियर बन चुके है। पंजाब केसरी टीम की इन्वैस्टीगेशन में सामने आया है कि पकड़ा गया आरोपी लुधियाना का एक ज्वैलर है,जिस पर थाना शिमलापुरी में साला 2023 में चोरी की ज्वैलरी खरीदने की एफ.आई.आर. है। एस.पी. का गंनमैन इसी पर्चे से बरी करवाने के सपने दिखा रहा था। इसी के चलते ज्वैलर पर उसका पुरा दवाब था। जब एफ.आई.आर. हुई थी,उस समय एस.पी. की लुधियाना में तैनाती थी। नोएड़ा रेड़ करने से एक दिन पहले गंनमैन ने ज्वैलर से उसकी एक कार एस.पी. के नाम से मंगवाई। जिसके बाद अगले दिन शेरपुर चौक पर अपनी दूसरी कार लेकर आने को कहा। वहां पहुंचने पर अपने साथ नोएड़ा ले गए। ज्वैलर पहली बार आप नेता को मिला,जिसे डी.एस.पी. कहकर मिलवाया गया। गंनमैन और जी.आर.पी. का ए.एस.आई. का पुराना रिश्ता एस.पी. का गंनमैन और जी.आर.पी. का ए.एस.आई. पहली बार एक दुसरे को नही मिले है,दोनों का पुराना रिश्ता है। दोनों ही पठानकोट के रहने वाले है। जिस कारण एक साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। खन्ना पुलिस ने पठानकोट में भी दोनों के घर पर दबिश दी है। साहनेवाल और खन्ना साइबर सैल में जाकर की वीडियो कॉल पंजाब केसरी इन्वैस्टीगेशन के दौरान सामने आया है कि गनमैंन इतना शातिर है कि पकड़े गए कारोबारियों के परिवार वालो से पैसे लेने के लिए डराते समय उन्हें किसी बात का शक न हो,इसलिए जब साहनेवाल पुलिस स्टेशन और बाद में खन्ना के साइबर सैल थाने में गया तो वहां से कारोबारियों के परिवारवालों को वीडियो कॉल करता था,ताकि उन्हें विश्वास दिलवा सके कि पैसे ने देने पर इन पर बड़ा मामला दर्ज हो सकता है। मान सरकार के एक्शन का लुधियानवियों को इंतजार इस फिरौती के मामले में फरार चल रहे आप नेता और उसको आर्शीवाद देने वाले विधायक पर मान सरकार कोई एक्शन लेगी या भष्ट्राचार के  खिलाफ दिए जाने वाले बयान आम जन के लिए है। इस बात की पुष्टि चंद दिनों में हो जाएगी। वहीं आप विधायक के तार जुड़ते देख सरकार की बदनामी के डर से मामले को गोल मोल कर दिया जाएगा। लेकिन जो भी एक्शन होगा,लुधियानवियों को उसका इंतजार है।  

आखिरी दिन की कार्यवाही शुरू, पंजाब विधानसभा में गर्मा सकते हैं हालात

चंडीगढ़ पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र की कार्यवाही का आज आखिरी दिन है। सदन में आज पंजाब पुनर्वास से जुड़े प्रस्ताव पर चर्चा होगी। इसके साथ ही विधानसभा में कुछ महत्वपूर्ण विधेयक भी पेश किए जा सकते हैं। आज विधानसभा सत्र हंगामेदार रहने की संभावना है। गौरतलब है कि बाढ़ आपदा के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार से कम से कम 20,000 करोड़ रुपये के पैकेज की मांग की थी, लेकिन केंद्र सरकार ने 1,600 करोड़ रुपये देने की बात कही थी, हालांकि पंजाब को अभी तक केंद्र सरकार से एक पैसा भी नहीं मिला है। भाजपा ने खोला सीधा मोर्चा भारतीय जनता पार्टी ने पंजाब सरकार के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। आज सत्र का आखिरी दिन होने के बावजूद, भाजपा ने सोमवार सुबह 11 बजे चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित पार्टी कार्यालय में 'जनता की विधानसभा' बुलाई है। 

केंद्र के राहत पैकेज पर पंजाब सरकार का विरोध, विधानसभा में जोरदार प्रदर्शन

चंडीगढ़  पंजाब को बाढ़ राहत के नाम पर केंद्र सरकार से मिला वादा एक बार फिर खोखला साबित हुआ है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाढ़ प्रभावित पंजाब के लिए ₹1600 करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा की थी, लेकिन यह वादा अभी तक अधूरा है. पंजाब के खजाने में एक भी रुपया नहीं पहुंचा है, जिसके खिलाफ शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों ने विधानसभा में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया.हाथों में प्लेकार्ड और नारेबाजी करते हुए विधायकों ने इसे पंजाब के साथ ‘धोखा’ बताया. विधायकों ने कहा, ‘हमें ₹20,000 करोड़ की जरूरत थी, लेकिन मिला ₹1600 करोड़ का ‘जुमला’, और उसमें से भी एक रुपया नहीं आया’.   AAP ने केंद्र सरकार को दी चेतावनी! पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में एक ऐतिहासिक नजारा देखने को मिला, जहां मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली AAP सरकार ने केंद्र की भाजपा सरकार को कड़ी चेतावनी दी. सरकार ने साफ किया कि पंजाब अब केवल वादों से संतुष्ट नहीं होगा, बल्कि उसे वास्तविक राहत चाहिए. उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री उस परिवार को सांत्वना तक नहीं दे पाए जिसने बाढ़ में अपने तीन सदस्यों को खो दिया’. चीमा ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि संकट के समय कांग्रेस नेतृत्व ने पंजाब का साथ देने के बजाय भाजपा का ही समर्थन किया. पंजबा को केंद्र ने 1600 करोड़ का झुनझुना दिया जल संसाधन मंत्री ब्रिंदर कुमार गोयल ने भी विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश करते हुए कहा, ‘पंजाब ने ₹20,000 करोड़ की राहत मांगी थी, लेकिन केंद्र ने केवल ₹1,600 करोड़ का ‘झुनझुना’ थमा दिया. यह पंजाब के किसानों और बाढ़ पीड़ितों के साथ एक क्रूर मजाक है.’ उन्होंने बताया कि यह पैकेज प्रधानमंत्री ने 9 सितंबर को अपने दौरे के दौरान घोषित किया था, लेकिन अभी तक इसका कोई भी अंश जारी नहीं किया गया है. गोयल ने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार को पंजाब में हुई तबाही के असली पैमाने को समझना चाहिए और तुरंत कम से कम ₹20,000 करोड़ का विशेष पैकेज मंजूर करना चाहिए. साथ ही, यह भी मांग की गई कि प्रधानमंत्री द्वारा घोषित ₹1,600 करोड़ को तुरंत पंजाब आपदा राहत कोष में जारी किया जाए. पंजाब अब खैरात नहीं मांगेगा… ₹1600 करोड़ ‘अपमान’ और ‘नाकाफी’,राज्य के राजस्व मंत्री हरदीप सिंह मुंडियन ने इस वादे को “पंजाब का अपमान” बताया. उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री को नुकसान का विस्तृत ब्यौरा दिया था, जिसमें टूटी सड़कें, बर्बाद हुई फसलें (1.91 लाख हेक्टेयर), उजड़े घर और जमीनें शामिल थीं. इसके बावजूद, केंद्र ने केवल ₹1600 करोड़ का वादा किया, जो अभी तक सिर्फ कागजों में ही है. सरकार ने स्पष्ट किया कि पंजाब की बर्बादी इतनी बड़ी है कि ₹1600 करोड़ बहुत मामूली है. किसानों को मुआवजा देने, बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण और लोगों के जीवन को पटरी पर लाने के लिए राज्य को कम से कम ₹60,000 करोड़ की आवश्यकता है. मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में विधानसभा से एक मजबूत संदेश गया है, ‘पंजाब अब खैरात नहीं मांगेगा, बल्कि अपने हक की लड़ाई लड़ेगा। यह केवल राहत का मामला नहीं, बल्कि पंजाब की इज्जत का सवाल है’.  

बाढ़ ने लील लिया जीवन: पंजाब में हजारों पक्षियों और सैकड़ों मवेशियों की मौत, CM मान का मुआवजा ऐलान आज

चंडीगढ़  पंजाब में आई बाढ़ ने जहां इंसानी जिंदगी पर गहरी चोट की, वहीं पशु-पक्षियों का भी भारी नुकसान हुआ है। आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 59 लोगों की जान जा चुकी है। इसके साथ ही 6,515 पक्षियों और 502 मवेशियों की मौत दर्ज की गई है। राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। सोमवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान सदन में बाढ़ से हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट पेश करेंगे और प्रभावित लोगों व पशुपालकों के लिए मुआवजे की घोषणा करेंगे। पशुपालन विभाग ने 23 सितंबर तक के नुकसान को आधार बनाकर रिपोर्ट तैयार की है। आंकड़ों के मुताबिक, 6,515 पक्षियों की मौत हुई, जिनमें सबसे ज्यादा 5,015 अमृतसर में दर्ज की गईं। पोल्ट्री फार्म सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। वहीं, होशियारपुर में करीब 1,500 पोल्ट्री बर्ड्स की मौत हुई।   मवेशियों पर भी भारी असर पूरे राज्य में अब तक 502 मवेशी बाढ़ में मारे गए या बह गए। सबसे ज्यादा मार अमृतसर जिले पर पड़ी, जहां अकेले 218 मवेशियों की मौत हुई। इनमें 172 सूअर, सात बैल, 18 बछड़े, 22 बछिया और एक घोड़े की मौत शामिल है। अजनाला सेक्टर में अचानक आई बाढ़ से लोग अपने पशुओं को भी नहीं बचा पाए। गुरदासपुर में 151 मवेशियों की मौत हुई, जो राज्य में दूसरा सबसे ज्यादा नुकसान है। वहीं फिरोजपुर में एक बछड़े और एक हीफर की मौत की पुष्टि हुई है। महामारी रोकने को टीकाकरण अभियान बाढ़ प्रभावित इलाकों में महामारी फैलने का खतरा देखते हुए पशुपालन विभाग ने बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान शुरू किया है। विभाग के अनुसार शुक्रवार तक पूरे पंजाब में 2.33 लाख से ज्यादा पशुओं को हैमरेजिक सेप्टीसीमिया वैक्सीन की बूस्टर डोज दी जा चुकी है। पशुपालन विकास एवं मत्स्य विभाग के प्रमुख सचिव राहुल भंडारी ने बताया कि लगभग सभी मवेशियों का टीकाकरण कर दिया गया है। अब तक किसी बड़े स्तर पर महामारी जैसी स्थिति सामने नहीं आई है, लेकिन सतर्कता बरती जा रही है। बीमारियों ने दी दस्तक रिपोर्ट में कहा गया है कि बाढ़ के बाद पशुओं में कई तरह की बीमारियों के लक्षण सामने आए हैं। इनमें खुरपका, थनों में सूजन, टिक-बॉर्न संक्रमण, त्वचा रोग, गैस्ट्रोएंटेराइटिस और पोषण की कमी शामिल हैं। हरे चारे की कमी से पाचन संबंधी समस्याएं भी बढ़ रही हैं, जिसका सीधा असर दुग्ध उत्पादन पर पड़ा है।   विधानसभा सत्र में सरकार का जवाब विशेष सत्र के दौरान विपक्ष राहत कार्यों और मुआवजे पर सवाल उठा सकता है। ऐसे में पशुपालन विभाग की रिपोर्ट सरकार के जवाब का आधार बनेगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान सदन में बाढ़ से हुए नुकसान का ब्योरा देने के साथ-साथ प्रभावित लोगों और पशुपालकों के लिए राहत नीति स्पष्ट करेंगे। बाढ़ ने किसानों और डेयरी कारोबारियों को गहरा आर्थिक झटका दिया है। पोल्ट्री मालिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। अब उनकी नजर विधानसभा सत्र पर टिकी है, जहां सरकार की राहत और मुआवजा नीति साफ होगी।

रिसॉर्ट मालिक का बेटा बन गया विवाद का केंद्र, जालंधर में हुई हिट एंड रन घटना

जालंधर  जालंधर में मोहिंदर सिंह के पी के जवान बेटे रिची केपी की मौत के मामले में अभी तक आरोपी पकड़ा नहीं गया कि शहर में एक और हिट एंड रन का मामला सामने आया है। आरोप है कि फगवाड़ा के एक रिसॉर्ट मालिक का बेटा नशे की हालत में गाड़ी चलाते हुए रॉन्ग साइड पर तेज रफ्तार से आया और कपड़ा व्यापारी की कार को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद आरोपी मौके से भाग निकला। पीड़ित कपड़ा व्यापारी डाबर का कहना है कि हादसे के बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते उन पर ही केस कर दिया गया। व्यापारी के मुताबिक आरोपी पक्ष ने झूठी खबरें छपवाकर पुलिस और प्रशासन को गुमराह करने की कोशिश की है। घटना के दौरान टक्कर इतनी जोरदार थी कि पीड़ित परिवार के लोग दहशत में आ गए। आरोप है कि बाद में रिसॉर्ट मालिक और उसके साथियों ने पीड़ित से मारपीट भी की। इस पूरे मामले की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है, जिसमें आरोपी की कार को रॉन्ग साइड भागते देखा जा सकता है। डाबर ने कहा कि अगर उन्हें जालंधर पुलिस से इंसाफ नहीं मिला तो वह हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक जाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी मांग की है कि घटना की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।