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पंजाब के कर्मचारियों की मांगों पर CM मान आज करेंगे बैठक, बकाया DA को लेकर होगी बातचीत

चंडीगढ़ पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों की लंबित मांगों के संदर्भ में सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच जारी गतिरोध के बीच शुक्रवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में बैठक होगी। सामान्य प्रशासन विभाग की कोऑर्डिनेशन ब्रांच ने  पत्र जारी कर कर्मचारी, पेंशनर और संयुक्त कार्रवाई समिति के 12 प्रतिनिधियों को बैठक के लिए बुलाया है।  बैठक मुख्यमंत्री आवास में होगी। पत्र के मुताबिक बैठक में कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसमें गुरनाम सिंह विर्क, भजन सिंह गिल, सुखचैन सिंह खैरा, रणजीत सिंह रणवा, तरसेम सिंह भट्ठल, करम सिंह धनोआ, हरजिंदर सिंह पन्नू, जरमनजीत सिंह, मनप्रीत सिंह, धनवंत भट्ठल, साहिल शर्मा और कुलविंदर सिंह ढिल्लों को बुलाया गया है।  कर्मचारी संगठन लंबे समय से लंबित 18 प्रतिशत डीए, डीए बकाया, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस), छठे वेतन आयोग के बकाये और अन्य सेवा संबंधी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। 27 अगस्त को कर्मचारियों ने डीए बकाये को लेकर राज्यव्यापी हड़ताल की थी।  

पंजाब में PAU किसान मेले की शुरुआत, CM करेंगे उद्घाटन; वैज्ञानिक खेती और बढ़ेगी किसान आय पर जोर

चंडीगढ़  पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी में आज से दो दिन का बड़ा किसान मेला शुरू हो रहा है। 18 और 19 सितंबर को लगने वाले इस मेले में पंजाब और आसपास के राज्यों से हजारों किसानों के पहुंचने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री भगवंत मान आज दोपहर 12 बजे मेले का उद्घाटन करेंगे।  इस दौरान सीएम राज्य के आगे बढ़कर खेती करने वाले (प्रोग्रेसिव) किसानों को सम्मानित करेंगे। इसके साथ ही वे किसानों को सरकार की नई योजनाओं और नीतियों की जानकारी भी देंगे। उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री PAU में लगाए गए अलग-अलग स्टॉलों को भी देखने जाएंगे। PAU प्रशासन ने इस बार मेले का मुख्य संदेश ‘वैज्ञानिक खेती अपनाएं, कृषि आय बढ़ाएं’ रखा है। इसका मकसद किसानों को पुरानी और पारंपरिक खेती से निकालकर नई तकनीकों की तरफ ले जाना है, जिससे खेती की लागत कम हो और कमाई बढ़ सके। मेले में यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक सीधे किसानों से बात करेंगे। वे फसलों की नई किस्मों, सही बीजों और खेती के नए तरीकों के बारे में जानकारी देंगे। एग्रीवोल्टिक्स तकनीक से कम जमीन में ज्यादा फायदा रिसर्च डायरेक्टर डॉ. ए.एस. ढट्ट ने बताया कि पंजाब में फसलों की पैदावार बहुत अच्छी है। उन्होंने बताया कि एग्रीवोल्टिक्स तकनीक के तहत एक ही जमीन पर सोलर पैनल (सौर ऊर्जा) लगाकर बिजली भी बनाई जा सकती है और नीचे खेती भी की जा सकती है। इससे जमीन का बेहतर इस्तेमाल होगा। मिट्टी की सेहत और पराली का इस्तेमाल डॉ. एम.एस. भुल्लर ने कहा कि पंजाब की मिट्टी ने सालों से पूरे देश का पेट भरा है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे पहले मिट्टी की जांच करवाएं, खाद और पानी का सही इस्तेमाल करें, पराली को जलाने के बजाय काम में लाएं और केवल एक फसल पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग तरह की खेती करें। किसान और PAU का रिश्ता PAU के रजिस्ट्रार सुखजीत पाल सिंह ने कहा कि यह मेला किसानों के फायदे के लिए ही बनाया गया है। उन्होंने सभी किसानों, ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को परिवार के साथ मेले में आने का न्योता दिया।  

क्रिकेट के मैदान से संसद-विधानसभा तक पहुंचे दिग्गज, पंजाब में क्यों बढ़ा राजनीतिक रुझान?

जालंधर  पंजाब में खेल और राजनीति का रिश्ता आजादी के बाद से ही गहरा रहा है। राज्य ने ऐसे खिलाड़ी दिए हैं जिन्होंने खेल के बाद सार्वजनिक जीवन और राजनीति में भी पहचान बनाई। पिछले एक दशक में खिलाड़ियों की राजनीतिक भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह बदलाव पंजाब की सियासत को एक नया आयाम दे रहा है। खिलाड़ियों का राजनीति से जुड़ाव हमेशा सीधे चुनाव लड़ने तक सीमित नहीं रहा है। अनेक खिलाड़ी पहले पुलिस, प्रशासन या खेल विभाग में जिम्मेदारियां संभालते थे। यह पृष्ठभूमि बाद में उनके चुनावी राजनीति में प्रवेश का आधार बनी। आजादी के बाद के शुरुआती चुनावों में भी खेल पृष्ठभूमि वाले जनप्रतिनिधि सामने आए। हॉकी, फुटबॉल और कबड्डी जैसे खेलों से जुड़े लोग सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे। यह सिलसिला अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के सीधे चुनावी राजनीति में आने तक पहुंचा। परगट सिंह, सुरिंदर सिंह सोढ़ी, सज्जन सिंह चीमा, राजबीर कौर, नवजोत सिंह सिद्धू, हरभजन सिंह, करतार सिंह, गुरलाल सिंह घनौर और जस्सा पट्टी इसके प्रमुख उदाहरण हैं। ये खिलाड़ी अब विधानसभा, संसद और राजनीतिक संगठनों तक पहुंच रहे हैं। उनकी मौजूदगी अब केवल प्रतीकात्मक नहीं रह गई है। पंजाब की ग्रामीण खेल संस्कृति से निकले चेहरे भी विधानसभा तक पहुंच रहे हैं।  हॉकी और बास्केटबॉल के दिग्गज भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान और पद्मश्री परगट सिंह ने लंबी राजनीतिक पारी खेली है। वह जालंधर छावनी से लगातार विधानसभा चुनाव जीतकर मंत्री भी रहे हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में जालंधर छावनी में परगट सिंह और सुरिंदर सिंह सोढ़ी के बीच टक्कर हुई। सुरिंदर सिंह सोढ़ी 1980 मॉस्को ओलंपिक की स्वर्ण पदक विजेता टीम के सदस्य थे। वह आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार थे और पंजाब पुलिस में वरिष्ठ अधिकारी भी रहे। बास्केटबॉल खिलाड़ी सज्जन सिंह चीमा ने भी आम आदमी पार्टी से सुल्तानपुर लोधी से चुनाव लड़ा। राजबीर कौर, भारतीय महिला हॉकी की पूर्व कप्तान और ‘गोल्डन गर्ल’, भी आम आदमी पार्टी से जुड़ीं। क्रिकेट और कुश्ती के सितारे क्रिकेट में नवजोत सिंह सिद्धू का नाम सबसे चर्चित रहा है। वह अमृतसर से लोकसभा चुनाव जीतकर संसद पहुंचे और पंजाब सरकार में मंत्री भी रहे। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व गेंदबाज हरभजन सिंह को 2022 में आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा भेजा। पद्मश्री और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित पहलवान करतार सिंह ने भी राजनीति में कदम रखा। उन्होंने आम आदमी पार्टी के साथ राजनीतिक सफर शुरू किया और विधानसभा चुनाव लड़ा। अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी गुरलाल सिंह घनौर 2022 में घनौर से विधायक बने। वह पंजाब की ग्रामीण खेल संस्कृति से विधानसभा तक पहुंचे हैं। खिलाड़ियों के राजनीति में आने के कारण पहलवान जसकंवर सिंह उर्फ जस्सा पट्टी को जुलाई 2026 में आम आदमी पार्टी ने पट्टी विधानसभा हलके का प्रभारी नियुक्त किया। यह खिलाड़ियों के राजनीति में आने की नई कड़ी है। पंजाब में खेलों की सामाजिक प्रतिष्ठा बहुत मजबूत है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर चुके खिलाड़ियों की सार्वजनिक पहचान पहले से बनी होती है। खेलों से जुड़े अनुशासन और प्रतिस्पर्धा की पृष्ठभूमि उन्हें सार्वजनिक जीवन में अलग पहचान देती है। खिलाड़ियों की लोकप्रियता राजनीतिक दलों के लिए युवा पीढ़ी से जुड़ने का माध्यम बन सकती है। हालांकि खेल की लोकप्रियता चुनावी सफलता की गारंटी नहीं होती, कई खिलाड़ी चुनाव हार भी चुके हैं। 

बिजली बिल बकाया रखने वालों पर शिकंजा, जालंधर में 25,257 कनेक्शन काटने की तैयारी

 जालंधर  पावरकाम अब 20 हजार से एक लाख तक बिजली बिल बकाया वाले 25,257 उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काटेगा। एक साल से उपभोक्ताओं ने बिल जमा नहीं करवाया है। तीन दिनों के भीतर कार्रवाई शुरू हो जाएगी। पहले अस्थायी तौर पर कनेक्शन काटे जाएंगे। अगर उपभोक्ता दो सप्ताह में बिल जमा नहीं करवाता है तो स्थायी तौर पर कनेक्शन काट दिया जाएगा। 20 से 50 हजार तक बकाया बिल वाले 18,281 उपभोक्ता हैं, जिनसे 58.28 करोड़ व 50 हजार से एक लाख रुपये तक बकाया वाले 6,976 उपभोक्ता हैं, जिनसे 47.69 करोड़ रुपये पावरकाम ने वसूलने हैं। पिछले दो सप्ताह में पावरकाम ने एक से ढाई लाख रुपये तक बकाया वाले 5,085 उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काटे थे। इनसे 12.51 करोड़ रुपये बिल की रिकवरी की गई। पावरकाम के डिप्टी चीफ इंजीनियर गुलशन चुटानी ने कहा कि कार्रवाई जारी रहेगी।     20 से 50 हजार तक बकाया बिल वाले हैं 18,281 उपभोक्ता     50 हजार से एक लाख 50 रुपये का बकाय वाले हैं 6,976 उपभोक्ता     25 हजार से ज्यादा लोगों कनेक्शन काटेगा पावरकाम।     25 करोड़ का बिजली बिल बकाया घरेलू व कमर्शियल उपभोक्ताओं का ईस्ट कैंट मॉडल टाउन वेस्ट फगवाड़ा     डिफॉल्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। लिस्ट तैयार हो चुकी है। घरेलू व कमर्शियल उपभोक्ताओं का 25 करोड़ का बिल बकाया है। गुलशन चुटानी, डिप्टी चीफ इंजीनियर  

NDPS सैंपल फेल मामले में बड़ा अपडेट, बर्खास्त AIG राजजीत सिंह ने सरेंडर की जताई इच्छा

 चंडीगढ़  पंजाब पुलिस के बर्खास्त सहायक पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) राजजीत सिंह हुंदल ने करीब साढ़े तीन साल से फरार रहने के बाद सुप्रीम कोर्ट में सरेंडर करने की पेशकश की है। राजजीत अप्रैल 2023 से फरार चल रहे हैं और उनके खिलाफ मामला पुलिस-ड्रग तस्कर गठजोड़ के आरोपों से जुड़ा है। उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के 20 जुलाई के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। साथ ही मामले की जांच पंजाब पुलिस से किसी दूसरी जांच एजेंसी को सौंपने की मांग की है। उनका तर्क है कि राज्य पुलिस के रहते उन्हें निष्पक्ष जांच नहीं मिल सकेगी। 10 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान राजजीत की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अमित रावल ने पीठ को बताया कि उनका मुवक्किल सरेंडर करने के लिए तैयार है। न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने मामले को आगे के लिए स्थगित करते हुए राजजीत को इस बीच सरेंडर करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सरेंडर के बाद वह उचित आवेदन दाखिल कर सकते हैं। मामले की अगली सुनवाई अब एक अक्टूबर को होगी। 2018 की एफआइआर से शुरू हुआ मामला राजजीत सिंह हुंदल का नाम बर्खास्त पुलिस इंस्पेक्टर इंदरजीत सिंह से जुड़े मामले में सामने आया था। विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने 12 जून 2018 को इंदरजीत सिंह के खिलाफ एफआइआर दर्ज की थी। इसमें भारतीय दंड संहिता की धाराएं 120-बी, 218 और 384 तथा एनडीपीएस एक्ट की धाराएं 59 और 39 लगाई गई थीं। जांच आगे बढ़ने पर राजजीत को भी इस मामले में सह-आरोपित बनाया गया। मामला इंदरजीत सिंह की ओर से ड्रग से जुड़े मामलों की जांच और पुलिस सेवा के दौरान उसकी भूमिका से संबंधित आरोपों से जुड़ा था। राजजीत पर आरोप लगाया गया कि तरनतारन के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रहते उन्होंने इंदरजीत को संरक्षण दिया। उस समय इंदरजीत सीआइए प्रभारी के रूप में तैनात था। तीन SITकी रिपोर्ट के आधार पर हुई बर्खास्तगी पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में मामले की जांच के लिए तीन विशेष जांच टीमों (एसआइटी) का गठन किया गया था। पंजाब सरकार ने इन एसआइटी की रिपोर्ट के आधार पर अप्रैल 2023 में राजजीत को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया। बर्खास्तगी आदेश में राजजीत और इंदरजीत के बीच कथित मिलीभगत तथा ड्रग तस्करों को संरक्षण देने के आरोपों का उल्लेख किया गया। सरकारी आदेश के अनुसार, राजजीत के तरनतारन एसएसपी रहने और इंदरजीत के सीआइए प्रभारी के रूप में तैनात रहने के दौरान एनडीपीएस के मामलों में 50 से अधिक सैंपल फेल हुए थे। आदेश में एसआइटी की रिपोर्ट के हवाले से कहा गया कि दोनों ने कथित तौर पर अपने हितों के लिए सरकारी तंत्र का इस्तेमाल किया और इंदरजीत के खिलाफ दर्ज एफआइआर की जांच को प्रभावित किया। निर्दोषों को फंसाने और तस्करों को बचाने के आरोप बर्खास्तगी आदेश में राजजीत पर अपने पद का दुरुपयोग कर ड्रग तस्करों को कानून की पकड़ से बचाने और निर्दोष लोगों को झूठे ड्रग मामलों में फंसाने के आरोप भी लगाए गए थे। सरकार के आदेश में कहा गया था कि पुलिस विभाग न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और ऐसे अधिकारी को विभाग में बनाए रखना उचित नहीं होगा। अब राजजीत की सुप्रीम कोर्ट में सरेंडर की पेशकश के बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया फिर महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें सरेंडर करने का निर्देश दिया है और अगली सुनवाई के लिए एक अक्टूबर की तारीख तय की है।  

लोक मिलनी कार्यक्रम में भगवंत मान ने गिनाईं योजनाएं, बोले- पंजाबियों की भलाई सबसे जरूरी

अमृतसर   मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक बार फिर साफ किया कि आम आदमी पार्टी सरकार की प्राथमिकता पंजाब और इसके लोग हैं, जबकि कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल कुर्सी की लड़ाई में उलझे हुए हैं. जिंदवड़ी गांव में आयोजित लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दावा किया कि आप सरकार से पहले केवल 22 फीसदी के मुकाबले अब पंजाब के 80 फीसदी खेतों तक नहरी पानी पहुंच चुका है और इसे 100 फीसदी तक ले जाने का लक्ष्य है।  मुख्यमंत्री ने यह भी ऐलान किया कि पंजाब को अपने पानी, चंडीगढ़ और पंजाब विश्वविद्यालय की रक्षा के लिए भाजपा और अकाली दल से दूर रहने की जरूरत है, उन्होंने सरकार के 14,000 किलोमीटर नहरी पानी की पाइपलाइन नेटवर्क, मुफ्त बिजली, मैरिट आधारित नौकरियों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार एक खुशहाल और रंगला पंजाब बनाने के लिए काम कर रही है।  इस लोक मिलनी के कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक्स पर लिखा, “श्री आनंदपुर साहिब के गांव जिंदवड़ी में लोगों के साथ दिल की बातें साझा कीं. पारंपरिक पार्टियों ने हमेशा कुर्सी और परिवारवाद की राजनीति की है, लेकिन हमारी सरकार आम लोगों के लिए काम कर रही है. हमने युवाओं को मैरिट पर नौकरियां, बेहतरीन शिक्षा, खेतों तक नहरी पानी पहुंचाने के लिए 14,000 किलोमीटर पाइपलाइन और मुफ्त बिजली दी है. गांवों के विकास को तेज करने के लिए हमने छह पंचायतों को 20-20 लाख रुपये के चेक भी सौंपे. हमारा एकमात्र उद्देश्य खुशहाल और प्रगतिशील ‘रंगला पंजाब’ बनाना है। इंकलाब जिंदाबाद।  विपक्षी पार्टियों पर बरसे मान लोक मिलनी के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "हमारी सरकार के पिछले साढ़े चार साल से अधिक के कार्यकाल के दौरान हमने राज्य के लोगों की भलाई और पंजाब की तरक्की के लिए पूरी लगन से काम किया है. दूसरी ओर विपक्षी पार्टियों ने हमेशा राज्य को बेरहमी से लूटा है और लोगों के संसाधनों की लूट कर उनका शोषण किया है. ये लोग किसी रहम के हकदार नहीं हैं और उन्हें उनके पापों का सबक सिखाया जाना चाहिए।  उन्होंने कहा, "कुछ दिन पहले तक अकाली नेता सुखबीर बादल भाजपा के खिलाफ झंडा उठाए घूम रहे थे, लेकिन अब वह राज्य में सत्ता हासिल करने के लिए भाजपा के साथ गठबंधन करने के लिए पबों के बल आ गए हैं. उनका एकमात्र उद्देश्य बिना किसी वैचारिक समानता के सत्ता हासिल करके राज्य को तबाह करना है, जो पंजाब के लिए बेहद घातक होगा. ये लोग अवसरवादी हैं, जिनका राज्य से कोई सरोकार नहीं है. मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे इन पार्टियों के गुमराह करने वाले हथकंडों में कभी न आएं, जिन्हें पंजाब की कोई चिंता नहीं है।  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आगे कहा, "इन पार्टियों का राज्य और इसके लोगों के खिलाफ काम करने का रिकॉर्ड दागी रहा है और इन्हें कभी माफ नहीं किया जा सकता, भाजपा पंजाब विरोधी मानसिकता की शिकार है और इसने हमेशा पंजाब के साथ अन्याय किया है, चाहे वह पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़, भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बी.बी.एम.बी.), सतलुज यमुना लिंक (एस.वाई.एल.) नहर, हरिके नहर, गणतंत्र दिवस की झांकियां, ग्रामीण विकास फंड (आर.डी.एफ.) या सीमावर्ती क्षेत्र के फंडों का मुद्दा हो।  बीजेपी पर हमला बोलते हुए मान ने कहा- "काले कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान शहीद हुए पंजाब के 700 से अधिक किसानों की हत्या से भाजपा के हाथ रंगे हुए हैं।  मुख्यमंत्री ने कहा, "आप अपनी जनहितैषी और विकासोन्मुखी नीतियों के कारण देशभर में अपने पंख फैला रही है. राजस्थान में स्थानीय निकायों के चुनावों में पार्टी की जीत इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है. पारंपरिक पार्टियों ने अपने बेबुनियाद और विभाजनकारी हथकंडों से हमेशा आम आदमी को मूर्ख बनाया है।  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "वास्तव में इन पार्टियों ने अपने सत्ता के दिनों में एक-दूसरे के हितों की रक्षा की, जिसके कारण इनके कुकर्म कभी सामने नहीं आए. आज लोग ‘आप’ को चुन रहे हैं और इस पार्टी का चुनाव चिन्ह ‘झाड़ू’ राज्य और देश की राजनीतिक व्यवस्था की सफाई कर रहा है, इसलिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी।  अकाली दल को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "अपने लंबे कुशासन के दौरान अकालियों ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी का पाप किया, इस घिनौने अपराध के दोषियों को संरक्षण दिया और निर्दोष लोगों पर गोलीबारी की अनुमति दी. अकालियों ने पंजाबियों की मानसिकता को भावनात्मक ठेस पहुंचाने और राज्य में कई तरह के माफिया को संरक्षण देने के अलावा राज्य को बेरहमी से लूटा, अकालियों को दिया गया हर वोट बेअदबी के पक्ष में होगा।  उन्होंने कहा, "अकाली नेतृत्व को कभी माफ नहीं किया जा सकता क्योंकि वह राज्य की कई पीढ़ियों की नस्लकुशी के लिए जिम्मेदार था, क्योंकि उनके लंबे कुशासन के दौरान नशे के कारोबार को संरक्षण दिया गया और यह फलता-फूलता रहा. लोग इन पार्टियों के गुमराह करने वाले प्रचार में नहीं आएंगे और आने वाले दिनों में इन्हें उचित सबक सिखाएंगे।  अकाली नेता सुखबीर बादल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "सुखबीर बादल जमीनी हकीकतों से अनजान हैं क्योंकि उन्होंने पूरी जिंदगी सुख-सुविधाओं और आलीशान माहौल में बिताई है. सुखबीर बादल कॉन्वेंट के पढ़े हुए हैं, जिन्हें राज्य की बुनियादी भौगोलिक स्थिति का भी ज्ञान नहीं है, लेकिन वह पंजाब में सत्ता हासिल करना चाहते हैं. बाकी सब छोड़िए, पूर्व उपमुख्यमंत्री राज्य की बुनियादी फसलों में भी अंतर नहीं कर सकते क्योंकि उन्हें बुनियादी मुद्दों के बारे में बहुत कम ज्ञान है।  मुख्यमंत्री ने दावा करते हुए कहा, "मैं राज्य का बेमिसाल विकास सुनिश्चित करने के लिए अपना खून-पसीना बहा रहा हूं और हर गुजरते दिन के साथ हम लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए कई नई जनहितैषी पहल कर रहे हैं. पुराने नेताओं के विपरीत मैंने सरकारी खजाने से एक पैसा भी नहीं मांगा, बल्कि यह सुनिश्चित किया है कि करदाताओं का एक-एक रुपया जनकल्याण के लिए समझदारी से खर्च किया जाए।  उन्होंने कहा, "लोगों का बेटा और भाई होने के नाते मैंने पुराने नेताओं की तरह आलीशान जिंदगी जीने के बजाय लोगों के दुख-दर्द और मुश्किलों को साझा करने पर ध्यान केंद्रित किया है, पहले किसी … Read more

‘हमारे पास 5 हजार से ज्यादा शूटर’, लॉरेंस गैंग की धमकी भरी चिट्ठी सामने आई

चंडीगढ़  गैंगस्टर लॉरेंस गैंग ने कनाडा सरकार को उनके देश पर राज करने की धमकी दी। इसके लिए भारत से लेटर भेजा गया। दावा किया जा रहा है कि यह लेटर साल 2025 में कनाडा सरकार को भेजा गया। अब इस लेटर को कनाडा के मीडिया हाउस CBC न्यूज ने हासिल कर पूरे मामले का खुलासा हुआ।  लेटर के हवाले से दावा किया गया कि लॉरेंस ने कनाडा सरकार के साथ सेना और पुलिस के नाम धमकी दी थी। इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड की कार्यवाही के रिकॉर्ड से भी इस बात का खुलासा हुआ है। इस लेटर को लेकर अभी जांच जारी है। कनाडा की एडमॉन्टन पुलिस सर्विस की ऑर्गनाइज्ड क्राइम ब्रांच ने इसे रिकॉर्ड का हिस्सा बनाया और इसे एबॉट्सफोर्ड पुलिस को भेजा है। लेटर में लिखा है- हम भारतीय गैंग हैं। कनाडा में हमें रोकने की हिम्मत नहीं है। अब हम कनाडा पर राज करेंगे। हमारे पास कनाडा में 5 हजार से ज्यादा गैंग सदस्य हैं। वे केवल 1000 डॉलर के लिए शूटिंग कर सकते हैं। यह आप सभी को चेतावनी है। हमारी गतिविधियों से दूर रहें, वरना अगले दिन आप पुलिस स्टेशन पर शूटिंग की खबर देख सकते हैं।     हम कनाडा पर राज करेंगे, पुलिस स्टेशन पर होगी फायरिंग: लेटर में सीधे तौर पर कनाडा के रक्षा मंत्री, सेना और पुलिस को चुनौती दी गई है। लेटर की शुरुआत में लिखा है- पूरे कनाडा को जय श्री राम। गोल्डी बराड़ गैंग की तरफ से चेतावनी। कनाडा में हमारे सभी भाइयों को लॉरेंस गैंग, गोल्डी बराड़ की जय श्री राम।     हमारे पर 5 हजार शूटरों का ग्रुप: चिट्‌ठी में गैंग ने दावा किया गया है कि कनाडा में उनके 5 हजार से ज्यादा मेंबर्स मौजूद हैं, जो महज 1000 डॉलर के लिए किसी पर भी गोलियां चला सकते हैं।     कनाडा पर राज से हमें कोई नहीं रोक सकता: चिट्‌ठी में लिखा है- हम कनाडा पर राज करेंगे, कोई हमें नहीं रोक सकता। हम बहुत शक्तिशाली हैं। आपके हेल एंजेल्स (व्हाइट पिग्स) भी हमारे सामने कुछ नहीं हैं।     हमसे दूर रहें, नहीं तो पुलिस स्टेशनों पर चलेंगी गोलियां: कानून प्रवर्तन एजेंसियों को चेतावनी देते हुए लिखा गया- हमारी गतिविधियों से दूर रहें, वरना अगले दिन आप किसी पुलिस स्टेशन पर फायरिंग की खबर सुनेंगे। हमारे पास कनाडा पुलिस से भी ज्यादा हथियार हैं।     गोरे लोगों को जल्दी देश छोड़ देना चाहिए: चिट्‌ठी में नस्लीय टिप्पणी करते हुए कहा गया है कि व्हाइट पिग्स समुदाय को जल्द से जल्द देश छोड़ देना चाहिए। यह कोई मजाक नहीं, बल्कि लॉरेंस का सीधा आदेश है।     हर बिजनेसमैन को देना होगा टैक्स: गैंग ने कनाडा के व्यापारिक जगत को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा है कि अब से हर उद्योगपति को उन्हें प्रोटेक्शन मनी (रंगदारी) देनी होगी। यह टैक्स की तरह है और किसी भी बिजनेसमैन के पास इससे बचने का कोई रास्ता नहीं है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कारोबारी भारतीय है, गोरा है या काला। भुगतान सभी को करना ही पड़ेगा। कनाडाई एजेंसियों में मचा हड़कंप लॉरेंस 2015 से भारत की जेल में बंद है, लेकिन कनाडाई अधिकारियों का कहना है कि उसके सिंडिकेट ने विदेशों में एक खतरनाक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क खड़ा कर लिया है। एबॉट्सफोर्ड पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है कि उन्हें लॉरेंस गैंग से जुड़ा यह लेटर मिला था, जिसकी जानकारी देश में चल रहे जबरन वसूली संकट की जांच कर रही अन्य कनाडाई लॉ-एन्फोर्समेंट एजेंसियों के साथ शेयर की गई है। कनाडा के कई सूबों में हाल के दिनों में हुई गोलीबारी और रंगदारी के मामलों को कनाडाई जांच एजेंसियों ने लॉरेंस गैंग के नेटवर्क से जोड़कर देखा है। अब इस लेटर के सामने आने के बाद कनाडा के सुरक्षा हलकों में हड़कंप मच गया है। 2025 से अब तक कनाडा में लॉरेंस और गोल्डी बराड़ गैंग ने इन वारदातों की जिम्मेदारी ली     अक्टूबर 2025 में रेस्टोरेंट और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर फायरिंग: कनाडा के सरे शहर में एक भारतीय रेस्टोरेंट मालिक के 3-4 ठिकानों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। सोशल मीडिया पर लॉरेंस गैंग के गुर्गे गोल्डी ढिल्लों ने पोस्ट साझा कर इस हमले की जिम्मेदारी ली थी।     कपिल शर्मा के कैफे पर सिलसिलेवार हमले: सरे स्थित कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैप्स कैफे पर जुलाई से अक्टूबर 2025 के बीच तीन बार फायरिंग की गई, जिसकी जिम्मेदारी इस सिंडिकेट से जुड़े शूटरों ने ली।     नवंबर 2025 में कनाडा-अल्बर्टा में आपसी गुर्गों की हत्या: गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा ने संयुक्त रूप से दुबई में लॉरेंस के करीबी सहयोगी जोरा सिद्धू की चाकू मारकर हत्या करने की जिम्मेदारी ली। पुलिस फाइलों के अनुसार, जोरा सिद्धू कनाडा में गैंग के लिए वॉट्सऐप के जरिए जबरन वसूली का नेटवर्क चला रहा था।     साउथ एशियन कम्युनिटी के घरों और संपत्तियों पर आगजनी व फायरिंग: एडमॉन्टन, कैलगरी और ओंटारियो में रहने वाले अमीर दक्षिण एशियाई मूल के लोगों, राजनेताओं और सांस्कृतिक लीडर्स को रंगदारी के लिए निशाना बनाया गया। कनाडा पुलिस की प्रोजेक्ट गार्टर जांच के मुताबिक, पैसे न देने पर दर्जनों घरों पर पेट्रोल बम फेंकने और गोलीबारी की घटनाओं की जिम्मेदारी सोशल मीडिया पर इस गैंग के हैंडलर्स ने ली।

नशे के खिलाफ भगवंत मान सरकार का अभियान तेज, AAP ने गैंगस्टरों को दी चेतावनी

चंडीगढ़  पंजाब की भगवंत मान सरकार नशे के खिलाफ अभियान चला रही है. आम आदमी पार्टी (AAP) के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने कहा कि भगवंत मान सरकार द्वारा राज्य में तेजी से नशे और गैंगस्टर्स के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. बलतेज पन्नू के मुताबिक पंजाब पुलिस दुनिया भर से एक दर्जन से ज्यादा गैंगस्टर्स को वापस ला चुकी है. उनका कहना है कि इसमें लॉरेंस बिश्नोई का करीबी करमवीर देव भी शामिल हैं. इन्हें हाल ही में कनाडा से डिपोर्ट किए जाने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर पकड़ा गया था।  बलतेज पन्नू का कहना है कि अमेरिका, दुबई, मलेशिया से लेकर मोल्दोवा तक, भगवंत मान सरकार ने पंजाब पुलिस को हाई टेक बनाया है. उनके मुताबिक,  अपराध रोकने और गैंगस्टरों का पीछा करने के लिए पंजाब पुलिस को बेहतर इक्विपमेंट से लैस किया गया है. यह साफ संदेश दिया गया है कि पंजाब में अपराध में शामिल कोई भी गैंगस्टर दुनिया के किसी भी कोने को सुरक्षित जगह नहीं मान सकता।  एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, AAP पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा, “सत्ता में आने के बाद, भगवंत मान सरकार ने नशों और गैंगस्टरों के खिलाफ तेजी से अभियान चलाया है. हमने पंजाब में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क को खत्म करने के लिए निर्णायक कार्रवाई की हैं और विदेश भागे गैंगस्टरों  का भी पीछा किया है।  पंजाब AAP मीडिया इंचार्ज का विपक्ष पर निशाना AAP पंजाब मीडिया इंचार्ज ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के पास पंजाब के लोगों को देने के लिए कुछ नहीं है, इसलिए वह बार-बार मुद्दे उठाकर पंजाब सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है. उनका कहना है कि विपक्ष संगठित अपराध के खिलाफ हो रही कार्रवाई को नज़रअंदाज़ कर रहा है।  AAP पंजाब मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा कि पंजाब का इतिहास बताता है कि 2007-2017 के समय में गैंगस्टरवाद में बहुत ज़्यादा बढ़ोतरी हुई थी. उन्होंने कहा, "अगर हम पंजाब में गैंगस्टरवाद के इतिहास को देखें, तो 2007-2017 के समय में गैंगस्टरवाद की घटनाएं काफ़ी बढ़ी थी. यह वह समय था जब 'गैंगस्टर' शब्द पंजाब की पहचान और पब्लिक डिस्कोर्स का हिस्सा बना था।  बलतेज पन्नू का कांग्रेस पर निशाना उन्होंने कांग्रेस के सरकार पर भी निशाना साधा है. उनका कहना है कि 2017-2022 के बीच कांग्रेस की सरकार के समय पंजाब का यही हाल था. उनका आरोप है कि कांग्रेस ने इस नेटवर्क को खत्म करने की बजाय उत्तर प्रदेश से एक गैंगस्टर को पंजाब में जेल में लाकर उसे VIP सुविधाएं दी. उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार को उसकी वापसी के लिए सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा।  बलतेज पन्नू ने कांग्रेस और भगवंत मान सरकार के कार्यकाल की तुलना की है. उनका कहना है कि भगवंत मान सरकार ने इस तरीके को बदला है. उन्होंने बताया कि भगवंत मान सरकार के कार्यकाल में पंजाब पुलिस ने गैंगस्टरों के खिलाफ लगातार कार्रवाई शुरू की और उनके विदेश भागने के बाद भी उनका पीछा करती रही. उन्होंने कहा, "पंजाब पुलिस की लगातार कोशिशों की वजह से अब तक 10 से ज़्यादा गैंगस्टर विदेश से वापस लाए जा चुके हैं।  उन्होंने बताया कि वापस लाए गए गैंगस्टरों में सचिन बिश्नोई, मनप्रीत सिंह उर्फ पीता, रमनजीत सिंह उर्फ रोमी, परमिंदर सिंह उर्फ पिंडी, अनमोल बिश्नोई, अमृतपाल उर्फ मेहरो, गुरविंदर सिंह और जोबनदीप सिंह उर्फ जोबन बिल्ला शामिल हैं।  लॉरेस बिश्नोई के साथी को वापस लाया गया: बलतेज पन्नू बलतेज पन्नू ने बताया कि लॉरेंस बिश्नोई के साथी अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से वापस लाया गया. उन्होंने कहा, "अमृतपाल उर्फ मेहरो, जिस पर विदेश भागने से पहले एक इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर की हत्या का आरोप है, उसे दुबई से लाया गया. गुरविंदर सिंह को मलेशिया से लाया गया था." पन्नू ने बताया कि दो दिन पहले, एजीटीएफ टीम गैंगस्टर अमृतपाल उर्फ अमृत ढल्लम को मोल्डोवा से वापस लाई है।  पन्नू ने बताया कि एक और बड़े गैंगस्टर करमवीर सिंह उर्फ करमवीर देव (देव) को भी पंजाब वापस लाने की प्रक्रिया पूरी हो गई है. उन्होंने कहा, "करमवीर सिंह उर्फ करमवीर देव, जिसे देव के नाम से भी जाना जाता है, लॉरेंस बिश्नोई का करीबी साथी है. उसे कनाडा से डिपोर्ट किया गया है और दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तारी के बाद एजीटीएफ टीम उसे पंजाब ला रही है।  AAP पंजाब मीडिया इंचार्ज के मुताबिक, पंजाब सरकार ने पंजाब पुलिस को बहुत मजबूत और मॉडर्न बनाया है. उनका कहना है कि पंजाब सरकार ने अपने जवानों को एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और इक्विपमेंट से लैस किया है. लुधियाना में हाल ही में हुए एनकाउंटर का ज़िक्र करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा, "पुलिस को ब्लड डोनेशन कैंप पर हमले की पहले से जानकारी थी. इस जानकारी की वजह से पुलिस अपराधियों के अपने प्लान को अंजाम देने से पहले ही एक्शन ले पाई। 

पाकिस्तान से आया हथियारों का जखीरा बरामद, फरीदकोट में 3 तस्कर गिरफ्तार

फरीदकोट फरीदकोट जिला पुलिस के सीआईए स्टाफ ने अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी गिरोह से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 10 पिस्टल बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमृतसर निवासी राजबीर सिंह उर्फ अमित, अमर सिंह उर्फ अमर और दीप सिंह उर्फ दीपक के रूप में हुई है।  पुलिस के अनुसार, गिरोह पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार मंगवाने की गतिविधियों में शामिल है। पुलिस टीम ने सूचना के आधार पर केंद्रीय मॉडर्न जेल के आसपास कार्रवाई कर आरोपियों को काबू किया। थाना सिटी फरीदकोट में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरोह के अन्य सदस्यों और हथियारों की सप्लाई नेटवर्क की जांच की जा रही है। पुलिस को बड़ी वारदात की साजिश से जुड़े अहम सुराग मिलने की संभावना है।  पुलिस को सूचना मिली कि तीन व्यक्ति भारी मात्रा में हथियार लेकर मॉडर्न केंद्रीय जेल फरीदकोट के आसपास के क्षेत्र में पैदल घूम रहे हैं। ये लोग कथित तौर पर हथियारों का इस्तेमाल किसी आपराधिक वारदात को अंजाम देने अथवा आगे सप्लाई करने की फिराक में थे। सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपितों को काबू कर उनके कब्जे से 10 पिस्टल बरामद किए। इसके बाद थाना सिटी फरीदकोट में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। आरोपितों की पहचान श्री अमृतसर साहिब निवासी राजबीर सिंह उर्फ अमित पुत्र भूपेंद्र सिंह, अमर सिंह उर्फ अमर पुत्र अमरीक सिंह तथा दीप सिंह उर्फ दीपक के रूप में हुई है। पुलिस द्वारा अब आरोपितों से पूछताछ कर हथियारों के स्रोत, सीमा पार से हथियार मंगवाने के तरीके तथा इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि बरामद हथियारों की सप्लाई कहां की जानी थी और गिरोह में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। पिस्टल लेकर घूम रहे थे पुलिस ने सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए उक्त तीनों आरोपियों को काबू कर लिया। उनसे 10 पिस्टल बरामद किए गए। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार किस वारदात के लिए इस्तेमाल किए जाने थे और गिरोह के पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं। पुलिस की जांच जारी है। मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना है।  

अमृतपाल के समर्थन में बोले द ग्रेट खली, कहा- पंजाब को वही नशामुक्त करवा सकते हैं

जालंधर जालंधर में रह रहे पूर्व WWE चैंपियन और भाजपा नेता दलीप सिंह राणा उर्फ द ग्रेट खली ने पंजाब की राजनीति में नया पंच मारा है। कल (18 सिंतबर) से शुरू होने वाली भाजपा की नशा मुक्त यात्रा से पहले खली ने बयान दिया है।  खली ने कहा कि सांसद अमृतपाल को जेल से छोड़ा जाना चाहिए। पंजाब के मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक हालात पर खली ने कहा कि अमृतपाल को निगेटिव नजर से नहीं देखा जाना चाहिए। खली ने अमृतपाल सिंह का खुलकर समर्थन भी किया। उन्होंने कहा कि पंजाब में लगातार फैल रहे नशे के जाल को तोड़ने के लिए अमृतपाल सिंह का जेल से बाहर आना बेहद जरूरी है, क्योंकि उन्होंने हमेशा नशे के खिलाफ आवाज उठाई है और नौजवानों को सही राह दिखाई है। इसके अलावा, उन्होंने आम आदमी पार्टी सरकार की फ्री सुविधाओं पर भी हमला बोला। खली ने कहा, ‘CM भगवंत मान अपने खेत बेचकर लोगों को फ्री सुविधाएं दें तो फ्री का मतलब बनता है। एक से लेकर दूसरे को दे देना, क्या फ्री हुआ?’ खली के इंटरव्यू ने पंजाब के राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। भाजपा नेता खली ने अमृतपाल पर ये बातें कहीं…     युवाओं को अमृत छकाया, पगड़ी बांधने को प्रेरित किया: एक चैनल को दिए इंटरव्यू में खली ने कहा कि खडूर साहिब से सांसद और NSA के तहत डिब्रूगढ़ (असम) जेल में बंद अमृतपाल ने पंजाब के युवाओं को अमृत छकाया। इतना ही नहीं उन्हें सिर पर पगड़ी बांधना सिखाया और नशे की लत से दूर किया। उसके योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जनता को भी अब सिर्फ फ्री की योजनाओं के लालच में रहने के बजाय सरकार से काम मांगने के लिए आगे आना होगा।     पंजाब को सुधारने के लिए ट्रेनिंग की जरूरत नहीं: खली ने अमृतपाल के राजनीतिक अनुभव और बैकग्राउंड पर उठे सवालों का जवाब देते हुए कहा कि सच बोलने और पंजाब का सुधार करने के लिए किसी तरह की ट्रेनिंग या राजनीतिक तजुर्बे की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर इंसान की नीयत साफ है तो उसे पैसा देकर एडवर्टाइज करने की जरूरत नहीं पड़ती। खली ने कहा- मुझे भरोसा है कि अमृतपाल के पास पंजाब को संभालने और सुधारने की पूरी काबिलियत है। अगर वह जेल से बाहर आते हैं, तो पंजाब की स्थिति में सुधार हो सकता है।     अमृतपाल को राजनीति में काम का मौका मिलना चाहिए: खली ने कहा कि अमृतपाल के बारे में बार-बार नकारात्मक बातें ही क्यों सामने लाई जाती हैं? उन्होंने कहा कि यह भी देखना चाहिए कि आज अमृतपाल किस स्थिति में हैं और क्या वह पंजाब का नेतृत्व कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब बॉर्डर स्टेट है। ऐसे में लीडरशिप का मुद्दा महत्वपूर्ण है। खली ने इस बात पर भी टिप्पणी की कि अमृतपाल को राजनीति में खुलकर काम करने का पूरा अवसर नहीं मिला और वह सीधे जेल चले गए। उन्हें मौका मिलना चाहिए। जालंधर से टिकट की इच्छा नहीं, पंजाब में भाजपा की सरकार बने तो अच्छा खली ने भाजपा के बारे में कहा कि अगर पंजाब में भाजपा की सरकार बनती है, तो पंजाब की स्थिति बेहतर हो सकती है। उन्होंने भाजपा के कामकाज को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ भी की और कहा कि मोदी देश के लिए अच्छा काम कर रहे हैं। राजनीति में आने के सवाल पर खली ने कहा कि उनकी खुद मुख्य धारा की राजनीति में आने की कोई खास इच्छा नहीं है। जालंधर से टिकट और चुनाव की भी इच्छा नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की है, लेकिन उन्होंने किसी पार्टी में शामिल होने या चुनाव लड़ने की इच्छा नहीं जताई। बोले- CM मान अपना खेत बेचकर फ्री सुविधा दें, तब फ्री ठीक है खली ने महिलाओं को 1 हजार से 1500 रुपए देने, फ्री बस सेवा देने और फ्री बिजली देने पर कहा कि फ्री सिस्टम के हक में वह नहीं हैं। उन्होंने कहा- पंजाब की AAP सरकार के CM भगवंत मान लोगों को फ्री में बहुत कुछ दे रहे हैं, लेकिन दे कहां से रहे हैं? एक से ले रहे हैं, दूसरे को दे रहे हैं। इसका क्या मतलब है? अगर मान साहब अपना खेत बेचकर फ्री देंगे, तब तो फ्री का कोई मतलब है। विदेश के बहुत से मुल्क आगे क्यों निकले, क्योंकि वहां शराब बांटकर चुनाव नहीं जीता जाता।