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जालंधर डॉक्टर डेथ केस: करोड़ों का लोन, रिश्तों में दरार और कई अनसुलझे सवाल, सामने आई पूरी कहानी

 जालंधर  पंजाब के जालंधर में सरकारी लेडी डॉक्टर डॉ. मीनाक्षी सूद की मौत के बाद उनके पति और नेशनल आई केयर हॉस्पिटल से जुड़े डॉक्टर पीयूष सूद पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. लेडी डॉक्टर के परिजनों का दावा है कि डॉ. मीनाक्षी लंबे समय से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना कर रही थीं. परिवार ने पति पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर, मारपीट और उनकी जानकारी के बिना उनके नाम पर करोड़ों रुपये का लोन लेने के आरोप लगाए हैं. वहीं पुलिस ने परिजनों के बयानों के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।  मृतका के पिता प्रमोद कुमार के मुताबिक उनकी बेटी की शादी अक्टूबर 2018 में डॉक्टर पीयूष सूद के साथ हुई थी. परिवार का आरोप है कि शादी के बाद खरीदी गई थार गाड़ी का लोन डॉ. मीनाक्षी के नाम पर लिया गया था और उसकी किश्तें भी वही भर रही थीं. परिजनों का दावा है कि बाद में अस्पताल और अन्य कामों से जुड़े लोन भी उनके नाम पर लिए गए।  पति से रह रही थीं अलग  पिता का कहना है कि जुलाई 2025 से उनकी बेटी पति से अलग रह रही थी. परिवार के अनुसार कुछ दिन पहले जब डॉ. मीनाक्षी बैंक में मकान खरीदने से संबंधित प्रक्रिया के लिए पहुंचीं तो उन्हें पता चला कि उनके नाम पर करीब 2.5 करोड़ रुपये का लोन चल रहा है. परिजनों का आरोप है कि संबंधित दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर भी नहीं थे. इसके बाद वह काफी परेशान रहने लगी थीं. मृतका की मां ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी के साथ कई बार मारपीट की गई. परिवार का दावा है कि डॉक्टर पीयूष सूद कई मौकों पर खुद फोन कर मारपीट की बात स्वीकार करते थे और बाद में माफी मांगते थे. पिता ने यह भी आरोप लगाया कि पहले भी उनकी बेटी का गला घोंटकर जान लेने की कोशिश की गई थी. हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।  नर्स के साथ अफेयर का भी आरोप  परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि डॉक्टर पीयूष सूद का अस्पताल में काम करने वाली एक महिला के साथ कथित संबंध था. पिता के अनुसार जब डॉ. मीनाक्षी को इस बात का संदेह हुआ तो उन्होंने अस्पताल के CCTV फुटेज की जांच की. परिवार का दावा है कि फुटेज में दोनों को साथ देखा गया. परिजनों का कहना है कि संबंधित फुटेज पुलिस को भी उपलब्ध कराए गए हैं. थाना नंबर 6 के प्रभारी सुशील कुमार ने बताया कि महिला डॉक्टर की मौत के मामले में परिजनों के बयानों के आधार पर BNS की धारा 106 के तहत मामला दर्ज किया गया है।  उन्होंने कहा कि आरोपी पति से अभी पूछताछ नहीं हो पाई है और कानूनी प्रक्रिया जारी है. एएसआई सतपाल के अनुसार सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी. घर के दरवाजे बंद थे. लोगों की मौजूदगी में घर का शीशा तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया, जहां डॉक्टर मीनाक्षी का शव जमीन पर पड़ा मिला. इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।  पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार  मृतका की मां का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि उनकी बेटी की मौत किन परिस्थितियों में हुई. परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. वहीं पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. मृतका के पिता के अनुसार बेटी मार पिटाई से तंग थी, इसलिए वह डॉक्टर पीयूष से अलग रहने लगी थी।  नया मकान बनाना चाह रही थी  पिता का कहना है कि जून 2026 में वह अपना मकान लेने का प्लान बना रही थी. मकान लेने के लिए कुछ दिन पहले जब बैंक में गई तो पता चला कि उसने नाम पर 2.5 करोड़ का लोन चल रहा है. जबकि कागजों पर उसके साइन भी नहीं थे. पिता प्रमोद ने बताया कि अब बेटी तलाक लेना चाहती थी. मैंने बेटी को कहा था कि तुम्हारा कोर्ट से तलाक करवा देते हैं. तुम कुछ देर रुक जाओ. इस बीच लोन की बात पता चल गई जिससे बेटी परेशान हो गई. उन्होंने बताया कि मीनाक्षी कपूरथला के सरकारी अस्पताल में डॉक्टर थी. पिता ने कहा कि डॉक्टर पीयूष ने ही बेटी को मरने के लिए मजबूर किया है. परिवार की मांग है कि पुलिस डॉक्टर पीयूष को अरेस्ट करे और इंसाफ दिलाए। 

ड्रग नेटवर्क की आर्थिक कमर तोड़ने की तैयारी, पंजाब पुलिस ने 73 हवाला संचालकों को दबोचा

 चंडीगढ़  पंजाब पुलिस ने 'युद्ध नशों विरुद्ध' अभियान के अगले चरण के तहत नशे के कारोबार से जुड़े अवैध हवाला नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए राज्यव्यापी तीन दिवसीय विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन अवैध हवाला संचालकों पर कार्रवाई करना है, जो नशा तस्करी से अर्जित धन के लेन-देन में मदद कर तस्करी नेटवर्क को आर्थिक मजबूती प्रदान करते हैं। पंजाब पुलिस के अनुसार, 'युद्ध नशों विरुद्ध' अभियान के तहत अब तक 73 हवाला संचालकों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 10 करोड़ रुपये की हवाला राशि बरामद की गई है। इसके अलावा वर्ष 2022 से अब तक एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ के तहत 830 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां फ्रीज की जा चुकी हैं। 1727 प्रस्ताव कार्रवाई के लिए भेजे गए पुलिस ने बताया कि एक मार्च 2025 से अब तक नशा तस्करी से अर्जित 20 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई बरामद की गई है। वहीं, अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने के लिए भेजे गए 1,727 प्रस्तावों की सक्षम प्राधिकरण द्वारा पुष्टि की जा चुकी है। पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के खिलाफ उसकी जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी और नशा तस्करी की आर्थिक रीढ़ को तोड़ने के लिए सख्त कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। पुलिस का कहना है कि नशा तस्करों, हवाला संचालकों, नशे की कमाई और अवैध तरीके से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर संगठित नशा कारोबार के वित्तीय नेटवर्क को ध्वस्त करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि नशा मुक्त पंजाब के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।  

Punjab News: नगर निगम कार्यालय में हंगामा, अकाली पार्षद और SE के बीच विवाद ने पकड़ा तूल

लुधियाना. नगर निगम लुधियाना जोन बी कार्यालय में बुधवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब विकास कार्यों से जुड़ी एक फाइल को लेकर पार्षद और नगर निगम अधिकारी के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि मामला हाथापाई तक पहुंच गया। आरोप है कि वार्ड नंबर 20 से पार्षद कमल अरोड़ा ने सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर प्रवीण सिंगला को उनके कार्यालय में थप्पड़ जड़ दिया। घटना के बाद निगम कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कर्मचारी भी हैरान रह गए। जानकारी के अनुसार पार्षद कमल अरोड़ा अपने वार्ड में चल रहे विकास कार्यों और उनसे संबंधित लंबित फाइलों के मामले को लेकर नगर निगम कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी लंबे समय से विकास कार्यों की फाइलों को लंबित रख रहे हैं, जिससे क्षेत्र के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दोनों पक्षों में बहस के बाद बिगड़ा माहौल पार्षद का कहना है कि वह कई बार अधिकारियों से विकास कार्यों को गति देने और फाइलों को मंजूरी देने की मांग कर चुके हैं, लेकिन उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा था। इसी मुद्दे को लेकर वह सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर से मिलने पहुंचे थे। बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते तीखी नोकझोंक में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद इतना बढ़ गया कि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। आरोप है कि इसी दौरान पार्षद ने अधिकारी को थप्पड़ मार दिया। कुछ लोगों का यह भी दावा है कि विवाद के दौरान कार्यालय में रखी एक कुर्सी को भी नुकसान पहुंचा। हालांकि घटना को लेकर अलग-अलग पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। घटना के बाद सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर प्रवीण सिंगला कार्यालय से बाहर निकल गए।

84 घंटे तक उग्रवादियों से लोहा लेने वाले मेजर अर्शदीप गिल को मिला कीर्ति चक्र सम्मान

 मोहाली  सेक्टर 79 मोहाली के भारतीय सेना के जांबाज अधिकारी मेजर अर्शदीप सिंह गिल को उनकी असाधारण वीरता और कर्तव्यनिष्ठा के लिए देश के दूसरे सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह में प्रदान किया। मेजर अर्शदीप सिंह गिल, जो द आर्मर्ड कोर और 1 असम राइफल्स से संबद्ध हैं, ने मणिपुर में एक चुनौतीपूर्ण और जोखिमपूर्ण सैन्य अभियान के दौरान अद्वितीय साहस, नेतृत्व क्षमता और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया। करीब 84 घंटे तक चले ऑपरेशन में उन्होंने अपनी टीम का नेतृत्व करते हुए आतंकवादियों के खिलाफ सफल कार्रवाई को अंजाम दिया और मिशन को सफलता पूर्वक पूरा किया। सेना के सूत्रों के अनुसार, अभियान के दौरान मेजर गिल ने विपरीत परिस्थितियों में भी असाधारण वीरता का प्रदर्शन किया, जिसके लिए उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया। उनकी बहादुरी और समर्पण की देशभर में सराहना हो रही है। मेजर अर्शदीप सिंह गिल की इस उपलब्धि से पंजाब सहित पूरे देश को गौरव की अनुभूति हुई है। उनके सम्मानित होने पर परिवार, मित्रों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। सेना और सुरक्षा बलों से जुड़े अधिकारियों ने इसे युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बताया है। मेजर गिल की यह उपलब्धि देश सेवा, साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण की एक मिसाल के रूप में देखी जा रही है। ऑपरेशन की बड़ी बातें मणिपुर में उग्रवादियों के खिलाफ यह काउंटर-इंसरजेंसी ऑपरेशन करीब 84 घंटे (साढ़े तीन दिन) तक चला था। खतरनाक और प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद मेजर अर्शदीप ने अपनी टीम को आगे रहकर लीड किया और मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। मेजर गिल 'द आर्मर्ड कॉर्प्स' के अधिकारी हैं और फिलहाल '1 असम राइफल्स' के साथ तैनात हैं। पूरे पंजाब में गर्व का माहौल, युवाओं के लिए बने रोल मॉडल सेना के सूत्रों के मुताबिक, मेजर गिल ने बेहद खतरनाक हालातों में भी अद्वितीय पेशेवर कौशल और वीरता दिखाई। उनकी इस बहादुरी से न सिर्फ मोहाली बल्कि पूरे पंजाब और देश का नाम रोशन हुआ है। सम्मान की खबर मिलते ही मेजर अर्शदीप के मोहाली स्थित घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। रक्षा विशेषज्ञों और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने इसे देश के युवाओं के लिए एक प्रेरक मिसाल बताया है। क्या है कीर्ति चक्र? यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है। यह सम्मान सेना, नौसेना और वायु सेना के जवानों के अलावा आम नागरिकों को भी असाधारण वीरता या आत्म बलिदान के लिए दिया जाता है। वरीयता में यह 'अशोक चक्र' के बाद आता है।  

Punjab Police Action: ड्रग माफिया की आर्थिक कमर तोड़ने की तैयारी, 73 हवाला ऑपरेटर दबोचे, 830 करोड़ की संपत्ति जब्त

चंडीगढ़. पंजाब पुलिस ने 'युद्ध नशों विरुद्ध' अभियान के अगले चरण के तहत नशे के कारोबार से जुड़े अवैध हवाला नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए राज्यव्यापी तीन दिवसीय विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन अवैध हवाला संचालकों पर कार्रवाई करना है, जो नशा तस्करी से अर्जित धन के लेन-देन में मदद कर तस्करी नेटवर्क को आर्थिक मजबूती प्रदान करते हैं। पंजाब पुलिस के अनुसार, 'युद्ध नशों विरुद्ध' अभियान के तहत अब तक 73 हवाला संचालकों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 10 करोड़ रुपये की हवाला राशि बरामद की गई है। इसके अलावा वर्ष 2022 से अब तक एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ के तहत 830 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां फ्रीज की जा चुकी हैं। 1727 प्रस्ताव कार्रवाई के लिए भेजे गए पुलिस ने बताया कि एक मार्च 2025 से अब तक नशा तस्करी से अर्जित 20 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई बरामद की गई है। वहीं, अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने के लिए भेजे गए 1,727 प्रस्तावों की सक्षम प्राधिकरण द्वारा पुष्टि की जा चुकी है। पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के खिलाफ उसकी जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी और नशा तस्करी की आर्थिक रीढ़ को तोड़ने के लिए सख्त कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। पुलिस का कहना है कि नशा तस्करों, हवाला संचालकों, नशे की कमाई और अवैध तरीके से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर संगठित नशा कारोबार के वित्तीय नेटवर्क को ध्वस्त करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि नशा मुक्त पंजाब के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।

विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का पंजाब दौरा तय

चंडीगढ़ पंजाब में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अभी से संगठनात्मक गतिविधियां तेज करनी शुरू कर दी हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का 19 से 22 जून के बीच पंजाब दौरे पर आ रहे है। यह दौरा दो दिवसीय होगा हालांकि इस का शेड्यूल फाइनल नहीं हुआ है। नितिन नबीन का अध्यक्ष बनने के बाद यह पंजाब का पहला दौरा होगा, जिसे आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार नितिन नबीन अपने दौरे की शुरुआत अमृतसर से करेंगे। अमृतसर पहुंचने के बाद वह सबसे पहले श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेककर आशीर्वाद लेंगे। इसके बाद उनके दुर्गयाना मंदिर और जलियांवाला बाग जाने का भी कार्यक्रम प्रस्तावित है, जहां वह शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकते हैं। धार्मिक स्थलों के दर्शन के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष पार्टी के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर संगठन की जमीनी स्थिति का फीडबैक लेंगे। तीन दिन पंजाब में रुकेंगे बताया जा रहा है कि तीन दिवसीय दौरे के दौरान वह प्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में भी हिस्सा ले सकते हैं। नितिन नबीन पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, कोर ग्रुप के सदस्यों और जिला अध्यक्षों के साथ अलग-अलग दौर की रणनीतिक बैठकें करेंगे। इन बैठकों में संगठन विस्तार और 2027 विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर चर्चा होगी। इसके अलावा पार्टी के जनाधार को मजबूत करने के लिए स्थानीय व्यापारियों, किसानों और प्रबुद्ध वर्ग के प्रतिनिधियों से संवाद का कार्यक्रम भी रखा जा सकता है। ध्यान रहे की हाल ही में पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की थी। गोल्डन टेंपल, दुर्ग्याणा मंदिर, जलियांवाला बाग भी जाएंगे जानकारी के मुताबिक, नितिन नबीन अपने पंजाब दौरे की शुरुआत गुरु नगरी अमृतसर से करेंगे। 20 जून को अमृतसर पहुंचने के बाद वे सबसे पहले गोल्डन टेंपल (दरबार साहिब) में नतमस्तक होंगे और गुरु घर का आशीर्वाद लेंगे। इसके बाद वे दुर्ग्याणा मंदिर और जलियांवाला बाग जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि भी अर्पित कर सकते हैं। धार्मिक स्थलों पर माथा टेकने के बाद वे पार्टी के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर जमीनी हकीकत का जायजा लेंगे। अलग-अलग शहरों में होंगे बड़े कार्यक्रम राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन पंजाब चुनावों की तैयारी के लिए अलग-अलग जिलों में कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। वह पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, कोर ग्रुप के सदस्यों और जिला अध्यक्षों के साथ रणनीति बैठकें होंगी। पार्टी के वोट बैंक को मजबूत करने के लिए वे स्थानीय व्यापारियों, किसानों और प्रबुद्ध नागरिकों से भी संवाद कर सकते हैं। केवल सिंह ढिल्लों की रणनीति आई काम दरअसल, हाल ही में पंजाब भाजपा के प्रदेश प्रधान केवल सिंह ढिल्लों ने दिल्ली का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद ढिल्लों ने संकेत दिए थे कि पंजाब में भाजपा को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए केंद्रीय आलाकमान पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने दावा किया था कि जल्द ही केंद्रीय नेताओं और राष्ट्रीय पदाधिकारियों के पंजाब दौरे शुरू होंगे, जो 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों का शंखनाद करेंगे। नितिन नबीन का यह दौरा इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। दौरा प्रस्तावित है, कार्यक्रम आएगा तो करेंगे शेयर भाजपा के मीडिया प्रभारी विनीत जोशी ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का दौरा प्रस्तावित है। अभी दौरा फाइनल नहीं हुआ है। जैसे ही पूरा शेड्यूल और कार्यक्रम फाइनल हो जाएगा, उसकी आधिकारिक जानकारी मीडिया के साथ साझा कर दी जाएगी।" संगठन को पंजाब में मजबूत करने की तैयारी मुलाकात के बाद ढिल्लों ने संकेत दिए थे कि पंजाब में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए केंद्रीय नेतृत्व पूरी तरह गंभीर है और जल्द ही केंद्रीय नेताओं व राष्ट्रीय पदाधिकारियों के पंजाब दौरे शुरू होंगे। माना जा रहा है कि नितिन नबीन का प्रस्तावित दौरा इसी रणनीति का हिस्सा है। भाजपा के मीडिया प्रभारी विनीत जोशी ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का पंजाब दौरा फिलहाल प्रस्तावित है और अभी कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे ही पूरा शेड्यूल तय हो जाएगा, उसकी आधिकारिक जानकारी मीडिया के साथ साझा कर दी जाएगी।

मोहाली में आम आदमी पार्टी की ऐतिहासिक जीत, मेयर पद पर सरबजीत समाना, डिप्टी मेयर पदों पर भी कब्जा

मोहाली  मोहाली नगर निगम पर पहली बार आम आदमी पार्टी (आप) ने पूर्ण नियंत्रण स्थापित करते हुए मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के तीनों प्रमुख पदों पर जीत हासिल कर ली है। नगर निगम के नवनिर्वाचित सदन की पहली बैठक में आप के सरबजीत सिंह समाना को मेयर, आरपी शर्मा को सीनियर डिप्टी मेयर तथा हरपाल सिंह चन्ना को डिप्टी मेयर चुना गया। चुनाव प्रक्रिया से पहले 50 नवनिर्वाचित पार्षदों को शपथ दिलाई गई, जिसके बाद मतदान कराया गया। आम आदमी पार्टी पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद रहे, जबकि कांग्रेस ने चुनाव का बहिष्कार किया। मेयर पद के लिए सरबजीत समाना को 35 वोट मिले। इसी तरह आरपी शर्मा और हरपाल सिंह चन्ना को भी 35-35 वोट प्राप्त हुए। उल्लेखनीय है कि नगर निगम चुनाव में आप के 27 पार्षद ही निर्वाचित हुए थे, लेकिन विधायक कुलवंत सिंह की वोट सहित पार्टी उम्मीदवारों को 35 वोट मिले, जो चर्चा का विषय बना रहा। नतीजों के बाद निगम कार्यालय में जश्न का माहौल रहा। अमन अरोड़ा ने कहा कि पार्षदों ने सरबजीत समाना पर भरोसा जताया है और पंजाब सरकार शहर के विकास के लिए पूरा सहयोग देगी। चुनाव के बाद नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने गुरुद्वारा अंब साहिब में माथा टेका।

2027 चुनाव से पहले पंजाब सरकार का बड़ा दांव, विभिन्न समुदायों के लिए बनेंगे कल्याण बोर्ड

चंडीगढ़. पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी सरकार ने समाज के विभिन्न वर्गों तक अपनी पहुंच मजबूत करने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने हर जिले और विधानसभा क्षेत्र स्तर पर कल्याण बोर्ड गठित करने का फैसला किया है, जिसके जरिए विभिन्न समुदायों से सीधे संवाद और योजनाओं को लेकर फीडबैक लेने की व्यवस्था बनाई जाएगी। सरकार पहले ही 21 राज्य स्तरीय कल्याण बोर्ड बना चुकी है। अब इन्हीं बोर्डों का विस्तार जिला और विधानसभा स्तर तक किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत राज्य की 117 विधानसभा सीटों और सभी जिलों में अलग-अलग समुदायों के लिए बोर्ड गठित होंगे, जिनमें बड़ी संख्या में पदाधिकारियों और सदस्यों को शामिल किया जाएगा। समुदायों से सीधे संवाद की तैयारी राजनीतिक हलकों में इस कदम को चुनावी तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि बोर्डों के माध्यम से सरकार विभिन्न जातियों और समुदायों के प्रभावशाली लोगों को संगठनात्मक ढांचे से जोड़ने का प्रयास करेगी, ताकि चुनाव से पहले जमीनी स्तर पर संपर्क मजबूत किया जा सके। जनसंपर्क मजबूत करने में मदद मिलेगी हालांकि सरकार का कहना है कि इन बोर्डों का उद्देश्य विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करना और समुदायों की समस्याओं व सुझावों को सरकार तक पहुंचाना है। सभी पद मानद होंगे और इन पर नियुक्त व्यक्तियों को वेतन या अन्य वित्तीय सुविधाएं नहीं मिलेंगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस पहल से सरकार को अलग-अलग सामाजिक समूहों के बीच अपनी मौजूदगी बढ़ाने और चुनावी माहौल में जनसंपर्क मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

Punjab Politics: BJP-अकाली गठबंधन को लेकर केजरीवाल का तंज, पोस्ट के बाद सियासी घमासान तेज

चंडीगढ़. आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भारतीय जनता पार्टी व शिरोमणि अकाली दल के संभावित गठबंधन को लेकर तीखा हमला बोला है। केजरीवाल ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए एक व्यंग्यात्मक ट्वीट में भाजपा को 'ईडी पार्टी' और अकाली दल को 'बेअदबी पार्टी/चिट्टा पार्टी' बताते हुए दोनों दलों के बीच गठबंधन की अटकलों पर निशाना साधा। अरविंद केजरीवाल व आम आदमी पार्टी कई दिनों से भाजपा को 'ईडी पार्टी' कहकर संबोधित कर रही है। विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दुरुपयोग के आरोप लगाता रहा है। वहीं, पंजाब की प्रमुख क्षेत्रीय पार्टी शिरोमणि अकाली दल को 'बेअदबी पार्टी' और 'चिट्टा पार्टी' (नशा/ड्रग्स) कहकर संबोधित किया गया है। यह तंज अकाली दल के पिछले कार्यकाल के दौरान हुए गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामलों और राज्य में फैले 'चिट्टे' के विवादित मुद्दे को लेकर किया गया है। ट्वीट में केजरीवाल ने क्या कहा- मैंने कल ही कहा था। ईडी पार्टी बेअदबी पार्टी/चिट्टा पार्टी से गठबंधन करने को बेचैन है पर बेअदबी पार्टी/चिट्टा पार्टी घास नहीं डाल रही है। सबसे गजब की बात ये है कि ईडी पार्टी चिट्टा पार्टी के साथ गठबंधन करके चिट्टे के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी। तंज में ईडी-चिट्‌टा पार्टी कहा केजरीवाल ने अपने ट्वीट के जरिए कहा कि 'ईडी पार्टी' पंजाब में दोबारा पैर जमाने के लिए 'चिट्टा पार्टी' के साथ गठबंधन करने को लेकर बेहद उतावली और बेचैन है, लेकिन दूसरी तरफ से उसे कोई भाव नहीं मिल रहा। उन्होंने इसे राजनीति का बड़ा विरोधाभास भी बताया। पंजाब में पिछले कुछ समय से भाजपा और अकाली दल के पुराने गठबंधन को फिर से बहाल किए जाने की अटकलें तेज हैं। हालांकि, अभी तक दोनों दलों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और केंद्रीय गृह मंत्री पंजाब में अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके हैं। पंजाब भाजपा अध्यक्ष भी स्पष्ट कर चुके हैं कि पार्टी 117 विधानसभा सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। राज्य की राजनीति में हलचल शुरू केजरीवाल के इस बयान के बाद पंजाब की राजनीति में बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी के स्थानीय नेताओं का कहना है कि यह ट्वीट पंजाब की जनता को आगाह करने के लिए है कि किस तरह विरोधी दल राजनीतिक लाभ के लिए अपने सिद्धांतों से समझौता करने को तैयार हैं। पार्टी का आरोप है कि जो दल पहले एक-दूसरे की नीतियों का विरोध करते थे, वे अब सत्ता के लालच में एक मंच पर आने की कोशिश कर रहे हैं। गौरतलब है कि पंजाब में ड्रग्स (चिट्टा) और बेअदबी के मुद्दे हमेशा से बेहद संवेदनशील और बड़े चुनावी मुद्दे रहे हैं। आम आदमी पार्टी ने 2022 के विधानसभा चुनाव में भी इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था और प्रचंड बहुमत हासिल किया था। अब एक बार फिर अरविंद केजरीवाल ने इंटरनेट मीडिया के जरिए इन मुद्दों को नया राजनीतिक रंग दे दिया है, जिससे आने वाले दिनों में भाजपा और अकाली दल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

पंजाब में 2027 चुनाव की तैयारी तेज, कांग्रेस युवा मतदाताओं पर फोकस कर चलाएगी रीरूट कैंपेन

चंडीगढ़. पंजाब में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अभी से चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी इस बार पूरी रणनीति और संगठनात्मक मजबूती के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। इसी दिशा में कांग्रेस बुधवार से प्रदेश में एक विशेष जनसंपर्क और संवाद अभियान ‘पंजाब रीरूट अभियान’ शुरू करने जा रही है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को पार्टी के साथ जोड़ना, विभिन्न वर्गों से संवाद स्थापित करना और पंजाब के भविष्य को लेकर पार्टी की सोच को लोगों तक पहुंचाना है। चंडीगढ़ स्थित सेक्टर-37 के ला भवन में इस अभियान की औपचारिक शुरुआत की जाएगी। कार्यक्रम को लेकर पार्टी की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि विधानसभा चुनाव 2027 में युवाओं की भूमिका बेहद अहम रहने वाली है और इसी वर्ग तक प्रभावी पहुंच बनाना पार्टी की प्राथमिकता है। गुटबाजी समाप्त करने की कोशिश पार्टी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती संगठन के भीतर मौजूद गुटबाजी को समाप्त कर सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाना है। पिछले कुछ वर्षों में आंतरिक मतभेदों ने पार्टी को राजनीतिक नुकसान पहुंचाया है। ऐसे में यह अभियान केवल जनसंपर्क तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि संगठनात्मक एकजुटता को भी मजबूत करने का माध्यम बनेगा। ‘पंजाब रीरूट अभियान’ के तहत युवाओं के अलावा किसानों, कर्मचारियों, व्यापारियों, महिलाओं और अन्य सामाजिक वर्गों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों की राय, सुझाव और समस्याओं को जानने की कोशिश की जाएगी। प्रदेश से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर पार्टी का दृष्टिकोण भी साझा किया जाएगा। पहली बार मतदान करने वालों पर फोकस राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में पहली बार मतदान करने वाले युवा मतदाताओं की संख्या काफी महत्वपूर्ण होगी। यही कारण है कि कांग्रेस ने इस वर्ग तक पहुंच बनाने की रणनीति पर विशेष जोर दिया है। पार्टी का लक्ष्य ऐसे मतदाताओं के बीच अपनी उपस्थिति मजबूत करना है जो पिछले चुनाव के बाद मतदाता सूची में शामिल हुए हैं। कार्यक्रम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना है। पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि यह अभियान आने वाले समय में संगठन को नई ऊर्जा देने के साथ-साथ चुनावी तैयारियों को भी मजबूती प्रदान करेगा। कांग्रेस का प्रयास है कि प्रदेशभर में लगातार जनसंपर्क गतिविधियां चलाकर लोगों के बीच अपनी पकड़ मजबूत की जाए और 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए मजबूत आधार तैयार किया जा सके।