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नीतीश और भाई वीरेंद्र ‘सरकार नहीं चलेगी’ पर आए आमने-सामने

पटना. बिहार विधानसभा का मंगलवार का सत्र हंगामेदार रहा। कार्यवाही शुरू होते ही राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने चौकीदारों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर बर्बरता की गई। राजद विधायकों ने कहा कि ऐसी सरकार नहीं चलेगी। सदन में विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी। माहौल कुछ ही मिनटों में पूरी तरह गरमा गया। हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी जवाब देने खड़े हुए। उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चलेगी तो चौकीदारों की सुनेगा कौन। इसी दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी अपनी सीट से उठे। उन्होंने राजद विधायक भाई वीरेंद्र से कहा, 'आप बैठिए, आपकी संख्या कितनी कम है।' सीएम ने यह भी कहा कि विपक्ष ने अपने कार्यकाल में कोई ठोस काम नहीं किया। इस पर विपक्षी विधायक और अधिक आक्रामक हो गए। सदन में तेज हुई नोकझोंक राजद विधायकों के हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी जवाब देने के लिए खड़े हुए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ही नहीं चलेगी तो चौकीदारों और आम लोगों की समस्याएं कौन सुनेगा। इसी दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी अपनी सीट से उठ गए और सीधे भाई वीरेंद्र की ओर मुखातिब होते हुए कहा, 'हमलोग 2002 हैं, आपलोग कितने हैं, बेकार का हो-हल्ला मत कीजिए। आप लोगों ने कभी कोई काम नहीं किया।' हालांकि एनडीए को इस बार 202 सीटें मिली हैं, लेकिन बोलते वक्त सीएम से 2002 कहने की जुबानी चूक हो गई, जिस पर सदन में हल्की हलचल भी हुई। वेल में पहुंचे विधायक, मार्शल तैनात सीएम के बयान के बाद राजद विधायक वेल की ओर बढ़ गए। ‘नीतीश होश में आओ’ के नारे लगाए गए। स्पीकर के बार-बार अनुरोध के बावजूद हंगामा जारी रहा। स्थिति बिगड़ती देख मार्शलों को बुलाया गया। विधायकों की तख्तियां हटवाई गईं। काफी देर बाद विपक्ष अपनी सीटों पर लौटा। सरकार का बचाव और विपक्ष का आरोप विजय चौधरी ने कहा कि सरकार ने प्रदर्शन को रोका नहीं। उन्होंने दावा किया कि मांगों पर विचार किया जाएगा। सत्ता पक्ष ने लाठीचार्ज को कानून-व्यवस्था से जुड़ा कदम बताया। वहीं विपक्ष ने इसे दमनात्मक कार्रवाई करार दिया। राजद ने न्यायिक जांच की मांग दोहराई। दोनों पक्षों के रुख से टकराव और गहरा गया। बजट सत्र में अन्य मुद्दे भी चर्चा में हंगामे के बीच शिक्षा और विकास से जुड़े मुद्दे भी उठे। राज्य में डिजास्टर मैनेजमेंट की पढ़ाई शुरू करने का प्रस्ताव आया। शिक्षा मंत्री ने संबंधित संस्थानों को निर्देश देने की बात कही। स्कूलों में 40 करोड़ रुपये से सेनेट्री वेंडिंग मशीन लगाने की घोषणा हुई। इन मुद्दों पर संक्षिप्त चर्चा के बाद फिर सियासी बयानबाजी हावी रही। सदन का फोकस विकास से ज्यादा टकराव पर रहा। अमित शाह के दौरे पर भी बयानबाजी सत्र से पहले पोर्टिको में भी विपक्ष ने प्रदर्शन किया। अमित शाह के बिहार दौरे को लेकर राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने तीखा बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि शाह सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने आ रहे हैं। पत्रकारों के सवाल पर वह भड़कते भी नजर आए। साफ है कि विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों जगह सियासत चरम पर है। आने वाले दिनों में यह टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

महिलाओं से लेकर किसानों तक पर मेहरबान झारखंड सरकार, 1.58 लाख करोड़ के बजट में क्या-क्या खास?

रांची झारखंड सरकार ने विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.58 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश कर दिया है। 24 फरवरी (मंगलवार) को झारखंड की हेमंत सरकार के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर विधानसभा में बजट पेश किया। राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर (Radhakrishna Kishore) ने विधानसभा में कहा, ‘‘ मैं सदन के पटल पर वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.58 लाख करोड़ रुपये का बजट रखता हूं। किशोर ने कहा कि यह बजट समाज के हर वर्ग.. गरीब, किसान, आदिवासी और महिलाओं की आकांक्षाओं को पूरा करेगा। यह बजट हेमंत सोरेन सरकार का बड़ा इकोनॉमिक रोडमैप है, जिसे ‘अबुआ दिशोम बजट’ भी कहा जाता है। बजट का मकसद राज्य के ओवरऑल डेवलपमेंट, सोशल वेलफेयर और इकोनॉमिक ट्रांसफॉर्मेशन को तेज़ करना है। राज्य सरकार ने खर्च की इफेक्टिवनेस और ट्रांसपेरेंसी बढ़ाने के लिए हाउस में एक आउटकम बजट, जेंडर बजट और चाइल्ड बजट भी पेश किया। जारी रहेगी मुख्‍यमंत्री मंईयां सम्मान योजना झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बजट में मुख्‍यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लिए भी बड़ी रकम का प्रावधान किया है। बता दें, मईंया सम्मान योजना के तहत महिलाओं को 2500 रुपये प्रति महीने मिलता है। सरकार ने मइया सम्मान के लिए 14 हज़ार 65 करोड़ 57 लाख का बजट दिया है। कैंसर के इलाज के लिए बजट में 200 करोड़ का अलग से प्रावधान राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने बताया कि झारखंड सरकार ने बजट में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए 200 करोड़ रुपये की अलग से व्यवस्था की है, जिससे राज्य में कैंसर के इलाज की सुविधाओं को और सुदृढ़ किया जा सके। झारखंड में कुल 5 बालिका आवासीय विद्यालय बनेंगे राधाकृष्ण किशोर ने बजट में ऐलान किया कि झारखंड में कुल 5 बालिका आवासीय विद्यालय बनेंगे। धनबाद में 2, पलामू, लातेहारलातेहार और गढ़वा में 1-1 बनेंगे। साथ ही शहीद के आश्रितों के लिए आदर्श विद्यालय, महिला किसानों के लिए ‘महिला किसान खुशहाली योजना’ शुरू की गई है। महिलाओं को इंटीग्रेटेड फार्मिंग से जोड़ने के लिए तकनीक की मदद दी जाएगी।  महिला एवं बाल विकास के लिए 22 हजार करोड़ का प्रावधान मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने बताया कि सरकार ने आधी आबादी और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सबसे बड़ा वित्तीय प्रावधान किया है। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, उनके पोषण और सर्वांगीण विकास के लिए बजट में 22,000 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। यह राशि महिला सशक्तिकरण और बाल कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में मील का पत्थर साबित होगी। पर्यटन कला और संस्कृति के लिए कितना बजट अनुसूचित जनजाति- अनुसूचित जाति अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा जनकल्याण के लिए 3 हज़ार 568 करोड़ 19 लाख, नगर विमानन के लिए 138 करोड़ 63 लाख प्रस्तावित है। वहीं ऊर्जा के लिए 5 हज़ार 405 करोड़, उद्योग विभाग के लिए 541 करोड़ 30 लाख, पर्यटन कला संस्कृति एवं खेलकूद के लिए 361 करोड़ 67 लाख, सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई गवरनेंस के लिए 328 करोड़ 99 लाख, गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन 11 हज़ार 38 करोड़ 53 लाख, योजना एवं विकास के लिए 539 करोड़ 94 लाख रुपये प्रस्तावित किये गए हैं। झारखंड में खोले जाएंगे 100 पीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा के लिए 16,251 करोड़ रुपये के बजट की घोषणा की है। बजट भाषण के दौरान एक महत्वपूर्ण ऐलान करते हुए उन्होंने कहा कि राज्यभर में 100 पीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस खोले जाएंगे।  किसानों को ऋण से मुक्त करने का लक्ष्य वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि अध्यक्ष महोदय, राज्य की आर्थिक-संस्कृति मुख्यतः खेती-किसानी पर आधारित होने के कारण हमारी सरकार की मुख्य प्राथमिकता किसानों को ऋण से मुक्त करना, कृषि में समग्र विकास को बढ़ावा देना और सबसे महत्वपूर्ण किसानों की आय में वृद्धि करना रही है। महोदय, इसका असर भी दिखने लगा है। अद्यतन आवधिक श्रमबल सर्वेक्षण के अनुसार कृषि प्रक्षेत्र में रोजगार का प्रतिशत गत तिमाही में 44.3 प्रतिशत से बढ़कर 50.4 प्रतिशत हो गया है।

जमशेदपुर में 100 करोड़ से बनने वाले श्री जगन्नाथ मंदिर का राष्ट्रपति 26 को करेंगी शिलान्यास

जमशेदपुर. श्री जगन्नाथ स्पिरिचुअल एंड कल्चर चैरिटेबल सेंटर की ओर से मरीन ड्राइव क्षेत्र में करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से भव्य श्री जगन्नाथ मंदिर का निर्माण किया जाएगा। इस मंदिर का शिलान्यास 26 फरवरी को देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा किया जाएगा। उक्त जानकारी ट्रस्ट के चेयरमैन सह आरसीबी ग्रुप इंटरनेशनल के प्रबंध निदेशक एसके बेहरा ने आयोजन स्थल पर मंगलवार दोपहर प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि यह भव्य मंदिर लगभग ढाई एकड़ भूमि पर बनेगा। इसमें डेढ़ एकड़ क्षेत्र में मुख्य मंदिर परिसर विकसित किया जाएगा, जबकि एक एकड़ भूमि पर आध्यात्मिक केंद्र का निर्माण होगा। मंदिर की संरचना उड़ीसा के श्री जगन्नाथ मंदिर, पुरी की तर्ज पर की जाएगी, जिसमें भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा सहित सभी देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित होंगी। उन्होंने बताया कि मंदिर निर्माण कार्य लगभग चार वर्षों में पूर्ण होगा, जबकि आध्यात्मिक केंद्र दो वर्षों में तैयार हो जाएगा। आध्यात्मिक केंद्र का मुख्य उद्देश्य युवाओं का सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास करना है। इसके तहत गीता और भागवत जैसे धार्मिक ग्रंथों के माध्यम से बच्चों और युवाओं को जीवन मूल्यों की शिक्षा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस मंदिर से 200 से 250 किलोमीटर के दायरे में स्थित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को यहां 25-15 दिनों मर आमंत्रित किया जाएगा, ताकि उनके भीतर नैतिकता, अनुशासन और आत्मबल का विकास हो सके। उद्देश्य यह है कि युवा जीवन में आने वाली कठिनाइयों का साहसपूर्वक सामना कर सकें और समाज के लिए जिम्मेदार नागरिक बनें। शिलान्यास समारोह में राष्ट्रपति के अलावा झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तथा झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति भी रहेगी। कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी देते हुए बताया गया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दोपहर 12:20 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगी और 1:20 बजे अपने संबोधन के पश्चात रवाना होंगी। इस अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए भोग-प्रसाद की भी विशेष व्यवस्था की गई है। ट्रस्ट पदाधिकारियों ने कहा कि यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि जमशेदपुर को एक नई आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान भी देगा। आने वाले समय में यह स्थल देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा।

झारखंड में 1.58 लाख करोड़ का बजट पेश, 100 एक्सीलेंस स्कूल खुलेंगे

रांची. झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने विधानसभा में साल 2026-27 के लिए राज्य का बजट पेश किया। इसका नाम अबुआ दिशोम बजट दिया गया है। इस बजट में युवा, महिला और किसानों पर फोकस किया गया है। सरकारी विद्यालयों के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण हेतु हेमन्त सरकार कृत संकल्पित है। इस सोच के साथ वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य सरकार ने धनबाद में 2 तथा पलामू, लातेहार एवं गढ़वा में 1-1 कुल 5 झारखण्ड बालिका आवासीय विद्यालय के निर्माण का निर्णय लिया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 100 नये उत्कृष्ट विद्यालय (CM School of Excellence) के संचालन का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार के विशेष पहल पर शहीद के आश्रितों के लिए एक आदर्श विद्यालय की स्थापना और संचालन की व्यवस्था की जाएगी। 17 पोलिटेकनिक संस्थान जे प्रगति योजना के तहत आइआइटी और एनआइटी के तहत विकसित होगा चतरा में आंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना होगी। लातेहार, साहेबगंज तथा सरायकेला सदर अस्पताल मेडिकल कॉलेज के रूप में होंगे विकसित किसानों के लिए एलान उन्होंने कहा, "हमारी सरकार की मुख्य प्राथमिकता किसानों को ऋण से मुक्त करना, कृषि में समग्र विकास को बढ़ावा देना और सबसे महत्वपूर्ण किसानों की आय में वृद्धि करना रही है।" उन्होंने बताया कि अद्यतन आवधिक श्रमबल सर्वेक्षण (पी०एल०एफ०एस०) के अनुसार कृषि प्रक्षेत्र में रोजगार का प्रतिशत गत तिमाही में 44.3 प्रतिशत से बढ़कर 50.4 प्रतिशत हो गया है।  वित्तीय वर्ष 2023-24 में लागू बिरसा बीज उत्पादन, विनिमय वितरण एवं फसल विस्तार योजना में वित्तीय वर्ष के 95 करोड़ रुपये से बढ़ाकर वित्तीय वर्ष 2026-27 में 145 करोड़ रुपये किए जाने का प्रस्ताव है। बंजर भूमि राईस फैलो उपयोजना एवं जलनिधि उपयोजना अन्तर्गत सरकारी/निजी तालाबों का गहरीकरण/जीर्णोद्धार कराया जा रहा है, जिसके माध्यम से कृषि कार्य हेतु अतिरिक्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इसके लिए इस बार कुल 475 करोड 50 लाख रुपये का बजट प्रस्ताव है। कृषि समृद्धि योजना के तहत सौर ऊर्जा चालित सिंचाई इकाईयों को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई। आगामी वित्तीय वर्ष में इस हेतु 75 करोड़ रुपये का बजटीय उपबंध किया गया है। बिरसा-प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। महिला के लिए एलान महिला किसान खुशहाली योजना: महिला किसानों को इंटीग्रेटेड फार्मिंग से जोड़कर अद्यतन तकनीक की मदद दी जाएगी और ऑफलाइन एवं ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। इस योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 25 करोड़ का बजटीय उपबंध किया है। महिला किसान खुशहाली योजना: महिला किसानों को तकनीक और मार्केटिंग से जोड़ने हेतु 25 करोड़ रुपये । झारखण्ड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना: 18 से 50 वर्ष की महिलाओं को 2,500 रुपये प्रति माह की सहायता हेतु 14,065.57 करोड़ रुपये का प्रावधान। जेन्डर बजट: महिलाओं से संबंधित 232 योजनाओं के लिए 34,211.27 करोड़ रुपये का प्रावधान । अन्य घोषणाएं 750 अबुआ दवाखाना खोलेगी सरकार, जहां सस्ती दवाएं मिलेंगी। 5 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में PET & CT Scan मशीनें और 24 जिला अस्पतालों में मैमोग्राफी मशीनें स्थापित की जाएंगी। अबुआ आवास योजना: गरीब परिवारों को तीन कमरों का पक्का मकान (2 लाख रुपये की सहायता)। इसके लिए 4,100 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। सर्वजन पेंशन योजना: लगभग 34 लाख लाभार्थियों के लिए 3,517.23 करोड़ रुपये आवंटित। पथ निर्माण: 785 कि॰मी॰ नए पथों का उन्नयन और 35 फ्लाईओवर्स/ROBs का निर्माण प्रस्तावित है। मुफ्त बिजली: घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट प्रतिमाह मुफ्त बिजली देना जारी रहेगा, जिसके लिए 5,405 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। केंद्र सरकार पर सहयोग न करने का आरोप बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि झारखंड का विकास अकेले राज्य के बस की बात नहीं है। इसमें केंद्र का आर्थिक सहयोग जरूरी है। वित्त मंत्री ने कहा कि अभी तक केंद्रीय करों में पांच हजार करोड़ और अनुदान का 11 हजार करोड़ अभी तक नहीं मिला। दूसरी ओर, केंद्र सरकार की अविवेकपूर्ण निर्णयों के कारण झारखण्ड के ऊपर घोर आर्थिक बोझ पड़ रहा है अथवा पड़ने वाला है। उन्होंने कहा कि माल एवं सेवा कर के कर दर युक्तिकरण से झारखण्ड राज्य को प्रतिवर्ष 4 हजार करोड़ रुपये की क्षति हो रही है। इसी तरह मनरेगा का परिवर्तित नाम VB-G RAM G योजना के लिए केंद्र और राज्य के बीच 60:40 राशि के बंटवारे से झारखण्ड को लगभग प्रतिवर्ष 5 हजार 640 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ने वाला है।

महिला किसानों को ‘डिजिटल दीदी’ दे रही खेती का ज्ञान

भागलपुर. खूबसूरत चेहरे की आभा, बोलने की दिलकश अदाएं और कर्णप्रिय मधुर आवाज, मानो कोई सजग ग्रामीण महिला किसान अपने ही आंगन से खेती का गुर सिखा रही हो। शब्दों की लय ऐसी कि सीधे दिल में उतर जाए और सलाह ऐसी कि खेतों में हरियाली ला दे। दरअसल, यह किसी वास्तविक महिला का प्रसारण नहीं, बल्कि एआई तकनीक का कमाल है। जिसके जरिये बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर किसानों तक अपनी पहुंच बढ़ा रही है। जी हां, विश्वविद्यालय परिसर में लगाए गए डिजिटल बोर्ड पर लगातार मौसम आधारित कृषि सलाह सरल और स्थानीय भाषा में प्रदर्शित की जा रही है। त्वरित मौसम के अनुसार प्रसारित यह संदेश बुवाई, सिंचाई, उर्वरक प्रबंधन, कीट नियंत्रण और फसल सुरक्षा जैसे विषयों पर व्यावहारिक सुझाव देता है। केवल दृश्य माध्यम ही नहीं, विश्वविद्यालय के सामुदायिक रेडियो के जरिए भी एआई तकनीक से तैयार महिला आवाज में कार्यक्रम प्रसारित हो रहा है। मधुर, आत्मीय और भरोसा जगाने वाले स्वर में दी जा रही सलाह ग्रामीण श्रोताओं को खूब भा रहा है। विशेष रूप से महिला किसानों में इसका सकारात्मक प्रभाव देखा जा रहा है, क्योंकि संदेश सरल भाषा और सहज लहजे में प्रस्तुत किया जाता है। इस तकनीक पर कार्य कर रहे ईश्वर चंद्रा बताते हैं कि एआई लगातार अपडेट हो रहा है। भविष्य में इसे और विकसित कर किसानों की स्थानीय बोलियों में भी सलाह उपलब्ध कराने की योजना है। मोबाइल आधारित वीडियो परामर्श प्रणाली पर भी काम चल रहा है, जिससे किसान सीधे अपने खेत से ही मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगे। कृषि विज्ञानियों का मानना है कि समय पर सटीक जानकारी मिलने से फसल हानि में कमी आएगी और उत्पादन लागत घटेगी। मौसम पूर्वानुमान, रोग पहचान और बाजार भाव की सूचना को एआई प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में भी तैयारी जारी है।

एयर एंबुलेंस हादसे पर स्वास्थ्य मंत्री ने दी कड़े एक्शन की चेतावनी

चतरा. झारखंड के चतरा में एयर एंबुलेंस क्रैश होने से 7 लोगों की मौत हो गई। इस घटना पर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डाक्टर इरफान अंसारी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि सभी पहलुओं की जांच होगी और दोषियों को किसी भी परिस्थिति में बक्सा नहीं जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री एयर एंबुलेंस क्रैश में मारे गए लोगों को स्वजनों से मिलने के लिए मंगलवार की सुबह चतरा आए हुए थे। स्थानीय सदर अस्पताल पहुंचते ही सबसे पहले मंत्री मृतकों के शवों को देखा और पोस्टमार्टम तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर ही उपायुक्त कीर्तिश्री जी एवं पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एयर एंबुलेंस क्रैश की झारखंड में अब तक की यह सबसे बड़ी घटना है। दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई  उन्होंने कहा कि मृतकों के स्वजनों के साथ सरकार की पूरी संवेदना है। आश्रितों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। घटना की सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जाएगी और जो कोई भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी। मंत्री ने कहा कि मौसम खराब होने के बावजूद किस परिस्थिति में उड़ान भर गया, यह भी जांच का विषय है। स्वास्थ्य मंत्री ने स्वीकार किया कि झारखंड में चिकित्सीय व्यवस्था बेहतर नहीं है। उन्होंने विपक्षी पार्टी पर विकास विरोधी का आरोप लगाया। इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड में भारत का उच्च तकनीक वाले अस्पताल बनाने की योजना है, लेकिन विपक्ष कहीं न कहीं से अवरूद्ध पहुंचाते रहता है। मौके पर स्थानीय सांसद कालीचरण सिंह, विधायक जनार्दन पासवान, अपार समाहर्ता अरविंद कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी जहूर आलम, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संदीप सुमन, सिविल सर्जन सहित अन्य अधिकारी और भारी संख्या में सहवासी उपस्थित थे।

इलाज के लिए उड़ान बनी आखिरी सफर: आग में झुलसे संजय और एयर एम्बुलेंस हादसे का सच

  रांची झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के केंदू कसारी स्थित करम टॉड़ के घने जंगल में रांची से दिल्ली जा रही एयर एम्बुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई. इस हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. ये एयर एम्बुलेंस एक हादसे में झुलसे मरीज संजय कुमार को बेहतर इलाज के लिए रांची से दिल्ली लेकर जा रही थी. परिवार के सदस्यों ने बताया कि डॉक्टरों की सलाह पर संतोष को दिल्ली ले जाने के लिए लोन लेकर 8 लाख रुपये में एयर एम्बुलेंस बुक की थी. जानकारी के अनुसार, संजय कुमार चंदवा कस्बे में एक छोटा-सा रेस्टोरेंट चलाते थे. सोमवार को होटल में शॉर्ट सर्किट से लगी आग में वे गंभीर रूप से झुलस गए थे (करीब 63-65 प्रतिशत). उनका इलाज पहले रांची के देवकमल अस्पताल में चल रहा था, लेकिन हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने परिवार के सदस्यों को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाने की सलाह दी और उन्हें दिल्ली के लिए रेफर कर दिया था. लोन लेकर बुक की एयर एम्बुलेंस इसके बाद बेहतर इलाज की आस में परिवार ने करीब 8 लाख रुपये खर्च कर एयर एम्बुलेंस बुक की थी. इसके लिए परिवार ने लोन और अपने रिश्तेदारों से कर्ज लिया, ताकि संजय को तुरंत दिल्ली पहुंचाया जा सके. लेकिन एयर एम्बुलेंस उड़ान के दौरान अचानक मौसम खराब हो गया. तेज हवाओं और खराब विजिबिलिटी के कारण विमान संतुलन खो बैठा और सिमरिया के घने जंगल में क्रैश हो गया. हादसा इतना भीषण था कि किसी को बचने का मौका नहीं मिला और सभी की मौके पर ही मौत हो गई. एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत इस हादसे ने एक ही परिवार के तीन लोगों की जान छीन ली. मृतकों में मरीज संजय कुमार, उनकी पत्नी बसंती देवी और उनका भांजा ध्रुव शामिल हैं. इनके अलावा विमान के पायलट स्वराज दीप सिंह, सह-पायलट विवेक, डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता और नर्सिंग स्टाफ सचिन कुमार मिश्रा ने भी अपनी जान गंवा दी. परिवार के सदस्यों की अचानक हुई इस मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और इलाके के लोग इस घटना से गहरे सदमे में हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि संजय का परिवार बेहद गरीब पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखता है और ये रकम कर्ज पर ली गई थी, जिसमें इलाज के लिए पहले से भी लाखों रुपये कर्ज में थे. खबर से मिली हादसे की जानकारी परिवार के एक सदस्य ने बताया कि उन्हें इस हादसे की जानकारी खबरों से मिली. उन्होंने बताया कि रांची एयरपोर्ट से एयर एम्बुलेंस के उड़ा भरने के बाद वो लोग अपने घर आ गए थे और थोड़ी देर बाद विमान में मौजूद अपने परिवार के सदस्यों को फोन किया तो उनका फोन नहीं मिला. इसके कुछ देर बाद ही उन लोगों को एक प्लेन के क्रैश होने की खबर मिली तो उनकी चिंताएं बढ़ गई. उन्होंने बताया कि बाद में हम लोगों ने प्रशासन से संपर्क किया तो पता चला कि हादसे में सभी लोगों की मौत हो गई.  ATC से टूटा संपर्क प्राप्त जानकारी के अनुसार, विमान ने शाम करीब 7:11 बजे रांची एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी, लेकिन खराब मौसम (तेज हवाएं और कम विजिबिलिटी) के कारण रूट डायवर्ट करने की कोशिश में 23 मिनट बाद ही ATC से संपर्क टूट गया. विमान चतरा के दुर्गम जंगल में क्रैश हो गया. हादसा इतना भीषण था कि किसी को बचने का मौका नहीं मिला. हादसे की जानकारी मिलते ही जिला पुलिस प्रशासन और एसएसबी 35वीं बटालियन के जवान तुरंत हरकत में आए. विमान सड़क से लगभग चार किलोमीटर अंदर घने और दुर्गम जंगल में गिरा था, जिससे राहत कार्य में भारी मुश्किलें आईं. जवानों को मलबे से शवों को निकालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. रेस्क्यू टीम ने सभी शवों को अपने कंधों पर उठाकर चार किलोमीटर पैदल दूरी तय की और फिर एंबुलेंस के जरिए उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया. 6000 फुट ऊंचाई पर जाते ही पायलट को हो गया था अंदेशा कोलकाता से संपर्क होने के बाद, विमान ने खराब मौसम की वजह से अपना रास्ता बदलने (deviation) का अनुरोध किया था. इसके बाद, शाम 7:34 बजे वाराणसी से लगभग 100 NM दक्षिण-पूर्व में विमान का कोलकाता कंट्रोल रूम से संपर्क टूट गया और वो रडार से भी गायब हो गया. जानकारी के मुताबिक, IMD ने इस इलाके में पहले ही बिजली गिरने और मौसम खराब रहने का अलर्ट जारी किया था. दुर्घटनास्थल का दौरा करेगी एविएशन मिनिस्ट्री डीसी कीर्तिश्री जी ने एयर एम्बुलेंस हादसे की वजह तूफान बताई. उन्होंने कहा, 'तूफान के कारण ये हादसा हुआ. डॉक्टरों की टीम ने मृतकों की संख्या 7 बताई. इनमें से दो क्रू मेंबर्स थे और बाकी पांच में एक मरीज और उसके परिवार के सदस्य थे. एविएशन मिनिस्ट्री की टीम कल दुर्घटनास्थल का दौरा करेगी ताकि ब्लैक बॉक्स की पहचान की जा सके और आगे की जांच शुरू की जा सके.' बता दें कि AAIB (एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो) की टीम आज दिल्ली स्थित रेडबर्ड एविएशन कार्यालय का दौरा करेगी. टीम यहां रेडबर्ड और क्रैश हुए प्लेन से जुड़े दस्तावेज हासिल कर सकती है. SSB के सेकंड इन कमांड ने सुनाया आंखों देखा हाल SSB के सेकंड इन कमांड रमेश कुमार ने हादसे की पूरी कहानी सुनाई है. उन्होंने बताया, 'हमें सूचना मिली थी कि एक प्लेन क्रैश हो गया है. ये इलाका काफी अंदरूनी है. यहां दो किलोमीटर तक कोई सड़क नहीं है. जब हम रात में यहां पहुंचे, तो हमने देखा कि कोई भी जिंदा नहीं है. शवों को निकालना बहुत मुश्किल था. हमें उन्हें यहां से दो किलोमीटर तक एक तरफ ले जाना पड़ा.' कुमार ने आगे बताया कि उनकी टीम के पास सिर्फ एक स्ट्रेचर था, जो वो एसएसबी से अपने साथ लाए थे. उन्होंने बताया कि प्लेन जंगल के बीचोंबीच क्रैश हुआ था और मेन सड़क यहां से दो किलोमीटर दूर थी. यहां रात में लोगों को निकालना और बचाना उनके लिए काफी मुश्किल रहा.

चेहरे की ढीलापन और झुर्रियां कर रही हैं परेशान? फ्रीजर का ये देसी नुस्खा देगा तुरंत कसावट

बढ़ती उम्र के साथ त्वचा में कई बदलाव आने लगते हैं, जैसे झुर्रियां, फाइन लाइन्स, त्वचा का ढीलापन और चमक की कमी। ऐसे लक्षण त्वचा की उम्र बढ़ने या एजिंग का संकेत होते हैं। मार्केट में इन समस्याओं से निपटने के लिए कई महंगे क्रीम और ट्रीटमेंट मौजूद हैं। हालांकि, अगर आप एक सस्ता, सुरक्षित और नेचुरल उपाय चाहते हैं, तो बर्फ के टुकड़ों का उपयोग एक बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है। बर्फ न केवल त्वचा को ताजगी देता है, बल्कि इसमें छिपे सौंदर्य लाभ एजिंग की प्रक्रिया को धीमा करने में मदद करते हैं। त्वचा को टाइट बनाता है बर्फ त्वचा की ऊपरी लेयर को ठंडक प्रदान करता है, जिससे स्किन की मांसपेशियां सिकुड़ती हैं और त्वचा टाइट महसूस होती है। इससे ढीलापन कम होता है और उम्र का प्रभाव धीरे-धीरे घटने लगता है। ब्लड सर्कुलेशन में सुधार जब बर्फ चेहरे पर लगाई जाती है, तो यह त्वचा के नीचे के ब्लड फ्लो को बढ़ावा देती है। इससे स्किन को ऑक्सीजन और पोषण बेहतर तरीके से मिलता है, जिससे चेहरा फ्रेश और यंगर दिखता है। झुर्रियों और फाइन लाइन्स को कम करता है नियमित रूप से बर्फ का उपयोग झुर्रियों की गहराई को कम करता है और नई लाइन्स बनने से रोकता है। इससे स्किन स्मूद दिखती है। ओपन पोर्स और पफीनेस में राहत उम्र के साथ स्किन के पोर्स बड़े हो जाते हैं। बर्फ़ इन्हें टाइट करता है और चेहरे की सूजन व थकावट को कम करता है। बर्फ के उपयोग का सही तरीका एक साफ मलमल के कपड़े में 1-2 बर्फ के टुकड़े लपेटें।हल्के हाथों से चेहरे और गर्दन पर सर्कुलर मोशन में 1-2 मिनट तक धीरे-धीरे रगड़ें। बर्फ को सीधे स्किन पर न लगाएं, इससे स्किन जल सकती है।दिन में एक बार, सप्ताह में 4-5 बार इसका उपयोग करें। ज्यादा असरदार बनाने के लिए बर्फ बनाने के लिए साधारण पानी की जगह गुलाब जल, एलोवेरा जूस, ग्रीन टी, खीरे का रस या चुकंदर का रस मिलाएं।इनसे बने बर्फ के टुकड़ों में एंटीऑक्सीडेंट्स और त्वचा को पोषण देने वाले तत्व होते हैं जो एजिंग के संकेतों को और भी प्रभावी ढंग से कम करते हैं। बर्फ के टुकड़ों का उपयोग एक सरल, किफायती और नेचुरल एंटी-एजिंग उपाय है। नियमित रूप से अपनाने से यह न केवल त्वचा को टाइट और फ्रेश बनाता है, बल्कि आपको उम्र से कई साल पीछे भी ले जा सकता है।

मौसम ने बदला मिजाज: फरवरी में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, दिन के साथ रातें भी तपने लगीं

रांची झारखंड में मौसम अब धीरे-धीरे बदलने लगा है। राज्य के कई हिस्सों में तापमान बढ़ रहा है, वहीं कुछ जिलों में हल्की बारिश की भी संभावना जताई गई है। दिन में तेज धूप लोगों को परेशान कर रही है, जबकि रात का तापमान भी पहले के मुकाबले बढ़ गया है। मौसम विभाग के अनुसार आज रांची, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम और सिमडेगा जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि बीते दिन भी बारिश की संभावना जताई गई थी, लेकिन रांची में बारिश नहीं हुई और तेज धूप देखने को मिली। अगर आज बारिश होती है तो दोपहर और शाम के समय ठंडी हवा चल सकती है, जिससे लोगों को राहत मिलेगी। पिछले 48 घंटे में झारखंड के न्यूनतम तापमान में करीब 2 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जहां पहले तापमान 14 डिग्री तक था, अब ज्यादातर जिलों में यह 15 से 16 डिग्री तक पहुंच गया है। कुछ जिलों में तो न्यूनतम तापमान 18 डिग्री तक रहने की संभावना है। पाकुड़, गोड्डा, कोडरमा, बोकारो, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जैसे जिलों में आज न्यूनतम तापमान 17 से 18 डिग्री के बीच रह सकता है। ऐसे में रात में ठंड पहले जैसी महसूस नहीं होगी। दिन में तेज धूप से बढ़ी परेशानी सिर्फ रात का ही नहीं, दिन का तापमान भी तेजी से बढ़ रहा है। दक्षिणी जिलों जैसे जमशेदपुर, सरायकेला-खरसावां और सिमडेगा में अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री तक पहुंच गया है। अभी मार्च चल रहा है और अप्रैल-मई की गर्मी बाकी है, ऐसे में आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है। राज्य के अन्य जिलों में भी अधिकतम तापमान 30 से 33 डिग्री के बीच बना हुआ है। दोपहर में तेज धूप और गर्मी के कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है। इस बार पहले कड़ाके की ठंड ने लोगों को परेशान किया और अब गर्मी भी अपना असर दिखाने लगी है।  

बिहार-झारखंड के बीच 4447 करोड़ के मोकामा-मुंगेर एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार

लखीसराय. मोकामा-मुंगेर फोरलेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे (Mokama Munger Four Lane Greenfield Expressway) परियोजना को प्रशासनिक स्तर पर तेज गति दी जा रही है। 4,447 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 82.4 किलोमीटर लंबी यह परियोजना क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को नई दिशा देगी। परियोजना के तहत दो बड़े पुलों का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम हो सके। यह परियोजना एनएचएआई के अधीन संचालित हो रही है। इस परियोजना के पूरी होने से पूर्व बिहार के साथ ही झारखंड की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। भूमि अधिग्रहण की स्थिति ग्रीनफील्ड सड़क निर्माण के लिए 60 मीटर चौड़ी भूमि अधिगृहित की जाएगी। लखीसराय जिले के पांच प्रखंडों के 48 मौजा में कुल 342.97 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण प्रस्तावित है। अब तक 46 मौजा की 270.71 हेक्टेयर भूमि की अधिसूचना प्रकाशित की जा चुकी है। शेष दो मौजा लखीसराय अंचल का दामोदरपुर और बड़हिया अंचल का इंगलिश का खतियान व जमाबंदी विवरण अंचल कार्यालय से प्राप्त नहीं होने के कारण अधिसूचना लंबित है। जिला प्रशासन ने 174.72 हेक्टेयर भूमि के गजट प्रकाशन का प्रस्ताव एनएचएआई को भेज दिया है। अधिघोषणा की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए सभी अंचल अधिकारियों को विभागीय फॉर्मेट-22 एवं नक्शा उपलब्ध करा दिया गया है। 28 फरवरी से पहले भूमि सत्यापन का कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अंचलवार भूमि का ब्यौरा बड़हिया : 8 मौजा, 78.71 हेक्टेयर लखीसराय : 9 मौजा, 76.29 हेक्टेयर चानन : 7 मौजा, 33.07 हेक्टेयर पिपरिया : 6 मौजा, 15.71 हेक्टेयर सूर्यगढ़ा : 18 मौजा, 139.97 हेक्टेयर यह ग्रीनफील्ड फोरलेन बक्सर-भागलपुर कॉरिडोर का हिस्सा होगा। इसके निर्माण से मुंगेर, मोकामा के रास्ते सीधे पटना से जुड़ जाएगा। परियोजना पूरी होने पर मोकामा और मुंगेर के बीच यात्रा समय लगभग डेढ़ घंटे कम होने का अनुमान है। प्रशासनिक स्तर पर जिलाधिकारी द्वारा नियमित समीक्षा की जा रही है, ताकि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी हो सके। भूमि अधिग्रहण पूर्ण होते ही निर्माण कार्य प्रारंभ होने की संभावना है। यह परियोजना पटना, लखीसराय, मुंगेर और भागलपुर जिलों के आर्थिक और औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित हो सकती है। – राहुल कुमार, डीसीएलआर, लखीसराय