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बिहार की लाखों महिलाओं को ‘मुफ्त गैस कनेक्शन’ का केंद्र सरकार ने दिया गिफ्ट

पूर्णिया. केंद्र सरकार ने बिहार की लाखों महिलाओं को खुशखबरी दी. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से गैस कनेक्शन देने को लेकर मंजूरी मिल गई है. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की तरफ से बिहार को 25 लाख उज्ज्वला कनेक्शन स्वीकृत किए हैं. दरअसल, यह मुफ्त गैस कनेक्शन बीपीएल परिवार को मिलना है जो कि अब तक पारंपरिक तरीके से खाना बनाने यानी कि लड़की या फिर कोयले के चूल्हे पर खाना बनाने के लिए निर्भर हैं. मंत्रालय ने दिया ये आदेश जानकारी के मुताबिक, 25 लाख कनेक्शन देने को लेकर राज्य सरकार के साथ-साथ गैस कंपनियों को भी मंत्रालय की ओर से आदेश जारी कर दिया गया है. केंद्र से आदेश मिलते ही खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के विशेष सचिव उपेंद्र कुमार ने राज्य के सभी जिलों में आदेश जारी किया. केंद्र सरकार के इस कदम से बिहार की लाखों महिलाओं को सहूलियत मिलेगी. विशेष सचिव ने और क्या कहा? विशेष सचिव की ओर से कहा गया कि गैस कनेक्शन देने की प्रक्रिया को जितना हो सके आसान बनाए. इसके साथ ही कोई भी लाभार्थी छूट ना जाएं, इसका खासकर ध्यान रखें. इसके अलावा लोगों के बीच जागरूकता भी बढ़ाई जा रही है. केंद्र सरकार की इस योजना से ना सिर्फ बिहार में लोगों का जीवन स्तर सुधरेगा बल्कि पर्यावरण को होने वाले नुकसान से भी बचाया जा सकेगा. मुफ्त गैस कनेक्शन मिलने से बड़ा फायदा जानकारी के मुताबिक, इस योजना को लेकर सभी जिलों में उज्ज्वला समिति गठित की गई है. इस योजना को इसलिए खास माना जा रहा है क्योंकि पारंपरिक तरीके से खाना बनाने के लिए लकड़ियों का इस्तेमाल किया जाता है. लड़कियों की कटाई के कारण पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा. मुफ्त गैस कनेक्शन मिलने की वजह से पर्यावरण को होने वाले नुकसान से बचा जा सकेगा.

गोड्डा-महागामा निकाय चुनाव का दोपहर तक जारी होगा रिजल्ट

गोड्डा. गोड्डा नगर परिषद और महागामा नगर पंचायत में चुनाव संपन्न होने के बाद अब सब की निगाह मतगणना पर टिकी है। निकाय चुनाव की मतगणना आगामी 27 फरवरी को निर्धारित है। चुनाव बैलेट पेपर से हुआ है, लिहाजा मतगणना में विलंब की आशंका है, लेकिन आयोग ने इसका पुख्ता इंतजाम किया है। सदर प्रखंड के सिकटिया पालिटेक्निक कॉलेज स्थित वज्रगृह परिसर में शुक्रवार को मतपेटियों का पिटारा खुल जाएगा। उसमें दर्ज जनता के वोटों की गिनती से तय होगा कि गोड्डा और महागामा निकाय में शहर की सरकार किसकी बनेगी। 8 बजे से शुरू होगी मतगणना राज्य निर्वाचन आयोग के सूत्रों के अनुसार गोड्डा के सिकटिया पालिटेक्निक कॉलेज परिसर में शुक्रवार की सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू होगी। आयोग ने गोड्डा और महागामा के कुल 64 बूथों के लिए अलग-अलग 64 टेबल बनाए हैं। यहां एक ही राउंड में सभी बूथों के मतों की गिनती पूरी कर ली जाएगी। लिहाजा दोपहर तक चुनाव परिणाम सामने आ जाएंगे। इसको लेकर मतगणना स्थल में आयोग की तैयारी पूरी की जा रही है। बुधवार को मतगणना कर्मियों को अंतिम दौर का प्रशिक्षण मिलेगा। पूर्व में ही उन्हें मास्टर ट्रेनर की ओर से प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण में कर्मियों को यह बताया गया है कि वोटों की गिनती कैसे होती है। काउंटिंग हाल में कौन-कौन मौजूद रह सकता है। गड़बड़ी होने पर इसकी शिकायत कहां की जा सकती है। मतगणना से जुड़ी जानकारी को गुप्त रखना जरूरी है। मतगणना से पहले कौन से अधिकारी किस निर्वाचन क्षेत्र की और कितने नंबर के टेबल पर गिनती करेंगे, ये सारी जानकारी पहले नहीं बताई जाएगी। आयोग के मापदंड के अनुसार वोटों की गिनती सुबह आठ बजे से शुरू होगी। किसी विशेष परिस्थिति में समय में बदलाव संभावित है। निकाय चुनाव में पोस्टल बैलेट से मतदान की सुविधा नहीं दी गई है। लिहाजा सभी टेबलों पर एक साथ सभी 64 बूथों में पड़े वोटों की काउंटिंग शुरू होगी। हर राउंड की बताई जाएगी गिनती मतगणना स्थल पर मौजूद रिटर्निंग ऑफिसर प्रत्येक राउंड की गिनती के बाद रिजल्ट बताएंगे। साथ ही इसे चुनाव आयोग की वेबसाइट पर भी अपडेट किया जाएगा। मतों की गिनती का रुझान सुबह 9 बजे से आना शुरू हो जाएगा। चुनाव आयोग के मुताबिक गोड्डा के दो निकायों में एक ही राउंड में गिनती पूरी होगी। मतगणना स्थल के प्रोटोकाल की जानकारी भी मतगणना कर्मियों को दी गई है। मतगणना स्थल पर शुक्रवार की सुबह छह बजे तक सभी अधिकारियों को पहुंचना होगा। इसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारी और मतगणना केंद्र के रिटर्निंग ऑफिसर रैंडम तरीके से सुपरवाइजर और कर्मचारी को हाल नंबर और टेबल नंबर अलॉट करेंगे। गोड्डा नगर परिषद के मतगणना हाल में काउंटिंग के लिए 37 टेबल लगेंगे। वहीं महागामा नगर पंचायत के मतगणना हाल में 27 टेबल होंगे। इसके अलावा दोनों निकायों में अध्यक्ष और वार्ड पार्षद के अलग-अलग रिटर्निंग अधिकारियों के लिए टेबल रहेगा। एक ही राउंड में मतों की गिनती पूरी – राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर गोड्डा और महागामा निकाय के कुल 64 बूथों के लिए अलग-अलग 64 टेबल बनाए जा रहे हैं। यहां एक ही राउंड में सभी बूथों के मतों की गिनती पूरी कर ली जाएगी। लिहाजा दोपहर तक चुनाव परिणाम सामने आ जाएंगे। – फैजान सरवर, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, गोड्डा।

पूर्ण शराबबंदी पर सरकार लेगी बड़ा फैसला

पूर्णिया. बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के बीच सदन की दहलीज पर शराबबंदी को लेकर जबरदस्त घमासान देखने को मिला. इस मुद्दे पर न केवल राजद और कांग्रेस जैसे विपक्षी दल हमलावर थे, बल्कि एनडीए के साथी दल रालोमो और लोजपा के सुर भी बदले-बदले नजर आए. जहां एक ओर विपक्ष ने इसे ‘कागजी शराबबंदी’ करार दिया, वहीं नीतीश सरकार के दिग्गज मंत्रियों ने मोर्चा संभालते हुए यह साफ कर दिया कि शराबबंदी केवल एक कानून नहीं, बल्कि जनता का अटूट जनादेश है. सदन से बाहर शराबबंदी पर सियासी संग्राम शराबबंदी से राज्य के राजस्व पर पड़ने वाले असर को लेकर जब सवाल उठे, तो संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि जब बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू की गई थी, उसी समय सरकार ने संभावित राजस्व हानि का पूरा आकलन कर लिया था. इस फैसले के बाद राज्य में कई चुनाव हुए और हर बार जनता ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नीति पर भरोसा जताया.जब जनता लगातार जनादेश दे रही है तो समीक्षा की मांग राजनीतिक बयानबाजी से अधिक कुछ नहीं, क्योंकि लोकतंत्र में जनता का भरोसा ही सबसे बड़ी कसौटी होता है. शराबबंदी पर जारी बहस के बीच ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के विधायकों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो नेता आज शराबबंदी पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें शायद अपनी ही पार्टी के सिद्धांतों की जानकारी नहीं है. चौधरी ने तंज कसते हुए याद दिलाया कि कांग्रेस की सदस्यता लेने की मूल शर्तों में ही शराब न पीने का संकल्प शामिल रहा है. सर्वदलीय निर्णय पर सवाल क्यों राजनीतिक गलियारों में हलचल तब बढ़ गई जब एनडीए के घटक दल रालोमो के विधायक माधव आनंद ने खुले तौर पर शराबबंदी की समीक्षा की मांग कर दी. उन्होंने इसे जनहित का मामला बताते हुए कानून में लचीलापन लाने की वकालत की. इस पर जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि शराबबंदी कोई एक दल का फैसला नहीं था, बल्कि सर्वदलीय सहमति से लिया गया निर्णय था. पुलिस की साठगांठ और कागज पर पाबंदी के आरोप विपक्ष की ओर से एआइएमआइएम के विधायक तौसीफ आलम और कांग्रेस के मनोज विश्वास ने सरकार को जमकर घेरा. तौसीफ आलम ने तो यहां तक चुनौती दे डाली कि पुलिस की मिलीभगत से घर-घर शराब बिक रही है और वे खुद सरकार को इसकी जगह दिखा सकते हैं. सत्ता पक्ष इसे सामाजिक सुधार का प्रतीक बता रहा है, जबकि विपक्ष और कुछ सहयोगी दल इसके क्रियान्वयन और प्रभावशीलता पर सवाल उठा रहे हैं. ऐसे में साफ है कि बिहार में शराबबंदी अब केवल कानून नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक विमर्श बन चुकी है.

जयमाला के वक्त दूल्हे के सामने दुल्हन पर गोली चलाने वाला सनकी आशिक, यूपी से आई बारात में मची अफरा-तफरी

बक्सर बक्सर के चौसा में खुशियों भरा शादी का माहौल उस वक्त मातम और दहशत में बदल गया, जब 'जयमाला' की रस्म के दौरान एक सिरफिरे आशिक ने दुल्हन को गोली मार दी. घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और वारदात का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. मुफस्सिल थाना क्षेत्र का यह मामला है. यहां चौसा नगर पंचायत में एक शादी समारोह रणक्षेत्र में तब्दील हो गया. दरअसल उत्तर प्रदेश के बलिया से आई बारात के बाद जब दूल्हा और दुल्हन स्टेज पर एक-दूसरे को वरमाला पहना चुके थे, तभी दुल्हन के प्रेमी ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी. गोली सीधे दुल्हन को लगी, जिसके बाद वह स्टेज पर ही गिर पड़ी. बारात यूपी के बलिया जिले से बक्सर के चौसा आई थी. द्वारपूजा के बाद जयमाला की रस्म शुरू हुई. दूल्हा और दुल्हन स्टेज पर खड़े थे, रिश्तेदार फोटो खिंचवा रहे थे और हंसी-खुशी का माहौल था. इसी बीच भीड़ में मौजूद प्रेमी अचानक करीब पहुंचा और पिस्टल निकालकर सीधे दुल्हन पर गोली चला दी. गोली चलते ही वहां भगदड़ मच गई. इस अफरा-तफरी का फायदा उठाकर आरोपी मौके से फरार हो गया.  अस्पताल में भर्ती, हालत गंभीर गोली लगने के बाद खून से लथपथ दुल्हन को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और शादी की रस्में बीच में ही रुक गई हैं. वायरल वीडियो और पुलिस की कार्रवाई वारदात का एक वीडियो सामने आया है जिसमें साफ देखा जा सकता है कि कैसे जयमाला के जश्न के बीच अचानक गोली चलती है और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगते हैं. मुफस्सिल थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है. शुरुआती जांच में मामला एकतरफा प्रेम का बताया जा रहा है. आरोपी युवक दुल्हन का परिचित बताया जा रहा है जो इस शादी से नाराज था.

सीमांचल दौरे पर अमित शाह बनाएंगे बंगाल चुनाव की रणनीति

पूर्णिया. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार को तीन दिवसीय सीमांचल दौरे पर पहुंच रहे हैं। 25 से 27 फरवरी तक के अपने इस दौरे में वे किशनगंज, अररिया व पूर्णिया जिले में सीमा सुरक्षा से संबंधित अलग-अलग बैठकों में भाग लेंगे और फिर कई कार्यक्रमों में भी शिरकत करेंगे। इस दौरान 25 फरवरी को किशनगंज तो 26 को पूर्णिया में रात्रि विश्राम होगा। नेपाल व बांग्लादेश की सीमा से सटे इस इलाके में उनकी यह यात्रा सामरिक दृष्टिकोण से काफी अहम है। उनके इस प्रवास के दौरान प्रदेश के कई दिग्गज पार्टी नेताओं के साथ-साथ पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के बड़े पार्टी नेताओं का जमावड़ा भी यहां लगेगा और व्यस्त शिडयूल के बीच इन नेताओं से भी उनकी बातचीत होनी तय है। बंगाल विधानसभा चुनाव की बनेगी रणनीति राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी है कि देश की राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले इस दौरे के दौरान पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति को आकार देंगे। बता दें कि पश्चिम बंगाल का बड़ा इलाका सीमांचल से जुड़ता है। कभी गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर चर्चित इस इलाके पर भाजपा की पहले से भी पैनी नजर रही है। पहले के चुनावों में उनका प्रदर्शन भी बेहतर रहा है। हालांकि गत विधानसभा चुनाव में अपेक्षित परिणाम भाजपा को नहीं मिल पाया था। ऐसे में केंद्रीय गृहमंत्री के तीन दिवसीय सीमांचल प्रवास को उस नजरिए से भी देखा जा रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार पश्चिम बंगाल के इस परिक्षेत्र के कई बड़े नेता की मुलाकात भी केंद्रीय गृहमंत्री से संभव है। ऐसे में यह माना जा रहा है कि उन नेताओं को चुनाव को लेकर गंभीर मंत्र भी मिलेंगे और फिर तय कार्ययोजना पर पार्टी काम करेगी। यह इसलिए भी अहम है कि गत बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह दो दिन इस इलाके में रहे और मुस्लिम बाहुल्य इस इलाके के 24 विधानसभा क्षेत्र में भी महागठबंधन हाशिए पर चला गया था। भारत-नेपाल के सीमावर्ती जिलों के संबंधित मुद्दों पर होगी बैठक पूर्णिया। तय कार्यक्रम के अनुसार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सात बजकर बीस मिनट पर अररिया से पूर्णिया पहुंचेंगे। यहां वे मे फेयर होटल में रात्रि विज्ञाम करेंगे। 27 फरवरी को वे दोपहर 12 बजे से एक घंटे के लंच ब्रेक के साथ शाम चार बजे तक होटल में ही भारत-नेपाल के सीमावर्ती जिलों से संबंधित मुद्दों पर अहम बैठक करेंगे। शाम चार बजे बीस मिनट पर वे पूर्णिया एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे। एक दिन पहले से ही बढ़ायी गई सुरक्षा केंद्रीय गृहमंत्री के आगमन को लेकर जिला एवं पुलिस प्रशासन अभी से अलर्ट मोड में है। मंगलवार से ही एयरपोर्ट जाने वाले विभिन्न रास्तों के साथ-साथ शहरी परिक्षेत्र में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

बिहार में पुलिस जवानों को हर रोज लगानी होगी दौड़

भागलपुर. बिहार पुलिस सुनते ही एक तस्वीर उभरती थी- थुलथुल काया और उस पर वर्दी। अब यह तस्वीर बदलने वाली है। अब बिहार पुलिस के जवान और पदाधिकारी स्मार्ट दिखेंगे। चुस्त-दुरुस्त काया और उस पर सलीके से पहनी हुई वर्दी। पुलिस मुख्यालय ने अब स्मार्ट पुलिसिंग के लिए पुलिस जवान और अधिकारियों को स्मार्ट बनाने का निर्णय लिया है। जी हां, अब पुलिस जवान और आफिसरों की प्रत्येक दिन सुबह में पुलिस केंद्र के मैदान पर हाजिरी लगेगी, जहां वे अपने बाडी को फिट रखने के लिए एक घंटे तक पसीना बहाएंगे। रेंज के भागलपुर, नवगछिया और बांका के पुलिस केंद्र में सिंथेटिक ट्रैक बनाया जाएगा। सिंथेटिक ट्रैक पर दौड़ लगा कर पुलिस जवान और अधिकारी थुलथुल काया से निजात पाकर खुद को फिट बनाएंगे। लापरवाह पुलिस कर्मियों पर होगी कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय मानकों वाले सिंथेटिक ट्रैक मुहैया कराने को हरी झंडी मिल गई है। बहुत जल्द सारी सुविधाएं पुलिस मुख्यालय पुलिस केंद्र में मुहैया करा दी जाएगी। पुलिस केंद्र में अब सिर्फ जिम खोलना ही मकसद नहीं है, बल्कि रोजाना जवानों को वहां उपस्थित हो वर्क-आउट भी करना है, जिसकी मानीटरिंग एसएसपी, एसपी, डीएसपी, सार्जेंट मेजर करेंगे। सुबह यदि पुलिसकर्मी बैरक या क्वार्टर में रहकर खर्राटे लेते रहेंगे या आराम तलबी दिखाएंगे तो उनका यह कृत्य लापरवाही की श्रेणी में लाया जाएगा और उनपर जांच के बाद दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। वरीय पुलिस पदाधिकारी भी पहुंचने लगे हैं अभ्यास में भागलपुर रेंज में जवानों की संख्या करीब चार हजार है। जिसमें हवलदार, सहायक अवर निरीक्षक, अवर निरीक्षक, इंस्पेक्टर को जोड़ दें तो यह संख्या पांच हजार के पार हो जाएगी। भागलपुर में जहां एसएसपी प्रमोद कुमार यादव, सिटी एसपी शैलेंद्र कुमार समेत कई पदाधिकारी भी नियमित अभ्यास में पुलिस जवानों के बीच पहुंच रहे हैं। नवगछिया और बांका जिले में भी कमोवेश सक्षम पुलिस अधिकारियों की ऐसी उपस्थिति जवानों को इस दिशा में प्रोत्साहित करेगी। वजन होगा कम, मांसपेशियों को मिलेगी मजबूती पालीयूरेथेन या लैटेक्स से तैयार की जाने वाली सिंथेटिक ट्रैक पर दौड़ने से कई फायदे होते हैं। इस पर दौड़कर पुलिसकर्मी न सिर्फ अपनी वजन कम कर सकेंगे बल्कि उनकी मांसपेशियां भी मजबूत बन जाएगी। बैड कालेस्ट्रोल से उन्हें मुक्ति मिलेगी। उच्च रक्तचाप, हृदय स्वास्थ्य में भी सुधार आएगा। सिंथेटिक ट्रैक पर दौड़ते समय यदि पुलिसकर्मी गिर जाएं तो भी उन्हें चोटें कम आएगी। पुलिस मुख्यालय की तरफ से अभिनव प्रयोग चुस्त-दुरुस्त शरीर स्मार्ट पुलिसिंग का सबसे प्रमुख हिस्सा है। पुलिसकर्मी-पदाधिकारियों की टीम तभी बेहतर प्रदर्शन कर सकती जब वो पूरी तरह फिट और चुस्त-दुरुस्त हों। पुलिस मुख्यालय की तरफ से यह अभिनव प्रयोग पुलिसिंग को और बेहतर बना देगा। – विवेक कुमार, रेंज आईजी, भागलपुर।

CSBC पुलिस कॉन्स्टेबल ऑपरेटर भर्ती के 1 मार्च से स्टार्ट होंगे आवेदन

पटना/नई दिल्ली. केंद्रीय चयन पर्षद सिपाही भर्ती (CSBC) की ओर से राज्य में पुलिस कॉन्स्टेबल ऑपरेटर के रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती निकाली गई है। अधिसूचना के मुताबिक इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 मार्च से स्टार्ट की जाएगी जो निर्धारित अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 तक जारी रहेगी। जो भी उम्मीदवार पुलिस विभाग में सरकारी नौकरी पाने का सपना देख रहे हैं और भर्ती के लिए पात्रता पूरी करते हैं वे इसमें शामिल होने के लिए ऑनलाइन माध्यम से फॉर्म भर सकेंगे। योग्यता एवं मापदंड इस भर्ती में भाग लेने के लिए उम्मीदवार ने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10+2 (इंटरमीडिएट/ विज्ञान) या इसके समकक्ष उत्तीर्ण किया है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों ने गणित, भौतिक विज्ञान एवं रसायन विज्ञान में न्यूनतम 50%, एससी/ एसटी ने न्यूनतम 45 फीसदी अंक प्राप्त किये हों। शारीरिक मापदंड एसआई पदों के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम लंबाई सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग की न्यूनतम लंबाई 165 सेमी और सीना बिना फुलाए 81 एवं फुलाकर 86 सेमी होना चाहिए। अत्यंत पिछड़ा वर्ग, एससी, एसटी वर्ग की न्यूनतम लंबाई 160 सेमी और सीना बिना फुलाए 81 एवं फुलाकर 86 सेमी होना चाहिए। एससी/ एसटी के लिए सीना बिना फुलाए 79 एवं फुलाकर 84 सेमी होना चाहिए। महिला उम्मीदवारों की न्यूनतम लंबाई 155 सेमी एवं न्यूनतम वजन 48 किलोग्राम होना आवश्यक है। चयन प्रक्रिया इस भर्ती में आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को प्रथम चरण में लिखित परीक्षा से होकर गुजरना होगा। रिटेन टेस्ट में निर्धारित कटऑफ अंक प्राप्त करने वाले उमीदवारो को द्वितीय चरण शारीरिक दक्षता परीक्षण (PET) से गुजरना होगा। इसके बाद तृतीय चरण में डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन किया जायेगा। सभी चरणों के संपन्न होने के बाद अभ्यर्थियों की फाइनल लिस्ट जारी की जाएगी। इस भर्ती के माध्यम से कुल 993 रिक्त पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। वेतन बिहार पुलिस कॉन्स्टेबल ऑपरेटर पदों पर चयनित होने वाले युवाओं को वेतनमान लेवल 3 के अनुसार 21,700— 69,100 रुपये प्रतिमाह सैलरी प्रदान की जाएगी भर्ती से जुड़ी विस्तृत डिटेल के लिए अभ्यर्थी ऑफिशियल नोटिफिकेशन का अवलोकन कर सकते हैं।

बिहार सरकार का दावा- खजाना खाली नहीं, होली से पहले मिलेगी तनख्वाह

पटना बिहार के सरकारी कर्मचारियों को फरवरी महीने की सैलरी होली से पहले ही खाते में मिल जाएगी। वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने मंगलवार को विधान परिषद में यह घोषणा की। उन्होंने बिहार का खजाना खाली होने के आरोप को भी पूरी तरह खारिज कर दिया। दरअसल, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) समेत अन्य विपक्षी दलों के नेता आरोप लगा रहे हैं कि बिहार का सरकारी खजाना खाली है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोमवार को कहा था कि आने समय में सरकार के पास कर्मचारियों को वेतन देने तक के पैसे नहीं होंगे। विधान परिषद के बजट सत्र की कार्यवाही के दौरान मंगलवार को दूसरी पाली में बिहार विनियोग विधेयक (संख्या 2) 2026 पर चर्चा हुई। विनियोग विधेयक सदन से पारित कर दिया गया। इस विधेयक पर बोलते हुए वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा, “विपक्ष के जो लोग कह रहे हैं कि खजाना खाली है, तो सरकार ने निर्णय लिया है कि फरवरी महीने का वेतन होली से पहले ही दे दिया जाएगा।” उन्होंने विपक्षी सदस्यों की चुटकी लेते हुए यह भी कहा, “हम कोशिश करेंगे कि फरवरी में विरोधी दल का तनख्वाह नहीं मिले।” वित्त मंत्री की इस बात पर सत्ता पक्ष के सदस्य ठहाके लगाने लगे। तेजस्वी ने क्या कहा था दरअसल, आरजेडी के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में कहा था कि बीते 21 साल से जनता ने एनडीए सरकार को मौका दिया। इस दौरान बिहार सबसे गरीब और बेरोजगार राज्य बन गया। उन्होंने आरोप लगाया कि 21 सालों में केवल अपराध, भ्रष्टाचार, तानाशाही का राज रहा। भ्रष्टाचारियों ने सरकार का खजाना खाली कर दिया। कुछ दिनों बाद कर्मचारियों को पैसा देने की भी स्थिति बिहार सरकार की नहीं रहेगी। तेजस्वी ने दावा किया कि सरकार में कोई कार्रवाई और सुनवाई नहीं हो रही है। आरजेडी ने पूछा- विशेष राज्य के दर्जे का क्या हुआ, मंत्री ने दिया जवाब आरजेडी के एमएलसी अब्दुल बारी सिद्दिकी ने मंगलवार को सदन में मुद्दा उठाया कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने का कोई उल्लेख बजट में नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि स्पेशल इकॉनोमिक जोन का पैसा गुजरात में चला जाता है, बिहार को नहीं मिलता है। इस पर, वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद देश की इकॉनमी दुनिया में तीसरे नंबर पर जा रही है। अब कोई स्पेशल कैटगरी का राज्य नहीं होता है। केंद्र सरकार की ओर से बिहार को नेशनल हाईवे समेत अन्य योजनाओं में बहुत अधिक राशि दी जा रही है। केंद्र की इस मदद से बिहार काफी विकास कर रहा है।  

झारखंड हादसा: ‘घर आकर खाना खाऊंगा’ कहने वाले पायलट की दर्दनाक मौत, आखिरी कॉल ने रुलाया

रांची झारखंड विमान हादसे को लेकर सामने आ रही पीड़ित परिवारों की आपबीती बेहद दर्दनाक है। इस हादसे ने 7 परिवारों की खुशियां हमेशा-हमेशा के लिए छीन ली। हादसे में मारे गए पायलट विकास भगत के पिता डीएस भगत ने बताया कि उसकी चाची उसका रात 11 बजे तक खाने पर इंतजार करती रहीं झारखंड विमान हादसे को लेकर सामने आ रही पीड़ित परिवारों की आपबीती बेहद दर्दनाक है। इस हादसे ने 7 परिवारों की खुशियां हमेशा-हमेशा के लिए छीन ली। हादसे में मारे गए पायलट विकास भगत के पिता डीएस भगत ने बताया कि उसकी चाची उसका रात 11 बजे तक खाने पर इंतजार करती रहीं क्योंकि उसने फोन कर खुद कहा था कि वह खाना घर पर ही खाएगा। अपने बेटे के बारे में बात करते-करते पिता की आंखें नम हो गई। उन्होंने बताया कि उनके बेटे ने कई लोगों की जिंदगी बचाई लेकिन आज खुद जिंदगी की जंग हार गया। उन्होंने रुंधे हुए गले से कहा, मेरे बेटा एयर एंबुलेंस चलाता था, कई लोगों की जान बचाई, आज खुद चला गया। मेरा एक ही बेटा था। आंसू पोंछते हुए उन्होंने कहा, विकास ने आखिरी बार अपनी मां से बात की थी और कहा था कि अगर हो सका तो रांची आऊंगा। दिल्ली में उसकी चाची रहती हैं। उसने चाची से कहा कि मैं रात 9 बजे तक दिल्ली पहुंच जाऊंगा और घर पर ही खाना खाऊंगा। उसकी चाची खाना बनाकर रात 11 बजे तक उसका इंतजार करती रही। तब तक बेटा गुजर चुका था। उन्होंने आगे कहा, कल रात हम चतरा में थे और मेरा फोन साइलेंट हो गया था। बहुत सारे लोगों ने फोन किया था लेकिन साइलेंट की वजह से देख नहीं पाए। रात को ढाई बजे बाथरूम जाने के लिए उठा तो देखा फोन की लाइट जल रही है। फोन चेक किया तो घटना के बारे में पता चला। इसके बाद घटनास्थल पर गया। मैंने बेटे की डेड बॉडी देखी। एक ही बेटा था मेरा कैसे हुआ हादसा 'रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड' द्वारा संचालित बीचक्राफ्ट सी90 एयर एम्बुलेंस रांची से दिल्ली जा रही थी, तभी सोमवार शाम को सिमरिया के जंगली इलाके में स्थित बरियातु पंचायत क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में दो पायलट सहित विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। एक अधिकारी ने बताया कि विमान ने रांची हवाई अड्डे से शाम सात बजकर 11 मिनट पर उड़ान भरी थी और लगभग साढ़े सात बजे लापता हो गया। उड़ान भरने के लगभग 20 मिनट बाद विमान का वायु यातायात नियंत्रण विभाग से संपर्क टूट गया। रांची हवाई अड्डे के निदेशक विनोद कुमार ने कहा कि खराब मौसम दुर्घटना का एक संभावित कारण हो सकता है, हालांकि सटीक कारण विस्तृत जांच के बाद ही पता चलेगा। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य सरकार इस बात की जांच करेगी कि खराब मौसम में विमान को उड़ान भरने की अनुमति कैसे दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। इस दुर्घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि खराब मौसम इसका एक कारण हो सकता है, जिसकी पुष्टि जांच के बाद होगी। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में मृतकों के परिजनों के प्रति शोक व्यक्त किया। गंगवार ने कहा, ''एयर एम्बुलेंस दुर्घटना की खबर बेहद दुखद है। इस त्रासदी में अपनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर उन्हें इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें। ओम शांति।''

डबल हादसे से दहला भागलपुर, बस से गिरने के बाद ट्रक की चपेट में आए मजदूर

बिहपुर (भागलपुर)  एनएच-31 पर झंडापुर थाना क्षेत्र के दयालपुर और बगड़ी ओवरब्रिज के बीच जुगाड़ गाड़ी से जा रहे मजदूरों को बस ने टक्कर मार दी। इसके बाद मजदूरों की गाड़ी से टकरा कर ऑटो भी पलट गया। फिर पीछे से आ रहे ट्रक ने मजदूरों को रौंद दिया। इस हादसे में 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस घटनास्थल पर पहुंच कर राहत और बचाव कार्य कर रही है। बताया जा रहा है कि सभी मजदूर समेली कटिहार के रहने वाले थे। वहीं, मृतकों में एक बच्चा खगड़िया जिले के मानसी का रहने वाला था। इस संबंध में अन्य विवरण की प्रतीक्षा है।